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IPL 2026 की आज से शुरुआत, लंबे समय बाद मैदान में उतरेंगे कोहली, SRH की कमान संभालेंगे ईशान किशन

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन का आगाज शनिवार (28 मार्च) से होने जा रहा है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाला यह मैच भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे शुरू होगा, जहां दर्शकों को चौके-छक्कों की बरसात देखने को मिल सकती है। इस मुकाबले में सबसे ज्यादा फोकस RCB के स्टार बल्लेबाज और पूर्व कप्तान विराट कोहली पर रहेगा, जो लंबे समय बाद मैदान पर उतरेंगे। वहीं युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के लिए कप्तानी की बड़ी चुनौती होगी। नियमित कप्तान पैट कमिंस के चोटिल होने के कारण शुरुआती मैचों में SRH की जिम्मेदारी ईशान किशन के कंधों पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद की ओपनिंग जोड़ी ट्रेविस हेड और अभिषेक शर्मा बेहद आक्रामक मानी जाती है। ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तिकड़ी ने पिछले दो सीजन में अपनी तेज बल्लेबाजी से हर टीम के लिए मुश्किलें खड़ी की हैं। पावरप्ले में तेज रन बनाना और बड़े लक्ष्य को आसान बनाना इनकी खासियत रही है। RCB बदला चुकाने के इरादे में 2024 सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद ने कई रिकॉर्ड बनाए थे। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ टीम ने सिर्फ 30 गेंदों में 100 रन पूरे कर लिए थे। पिछले सीजन में जब SRH और RCB आमने-सामने हुए थे, तब हैदराबाद ने 231 रन बनाए थे। उस मैच में ईशान किशन ने 48 गेंदों पर नाबाद 94 रन ठोके थे। RCB को 42 रन से हार झेलनी पड़ी थी, हालांकि टीम ने बाद में शानदार वापसी करते हुए पहली बार IPL खिताब अपने नाम किया। इस बार रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और भी मजबूत नजर आ रही है। विराट कोहली के अलावा फिल साल्ट, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, वेंकटेश अय्यर, जैकब डफी और जॉर्डन कॉक्स जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देते हैं। कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में टीम लगातार दूसरा खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। हालांकि तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड की गैरमौजूदगी टीम को खल सकती है, जो अभी पूरी तरह फिट नहीं हैं। दोनों टीमों के बीच मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। अब तक IPL में RCB और SRH के बीच 26 मैच खेले गए हैं, जिसमें SRH ने 14 और RCB ने 11 मैच जीते हैं, जबकि एक मुकाबला बेनतीजा रहा। संभावित प्लेइंग-12 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: फिल साल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), टिम डेविड, क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेफर्ड, भुवनेश्वर कुमार, सुयश शर्मा, जैकब डफी, रसिक सलाम डार। सनराइजर्स हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, नीतीश कुमार रेड्डी, लियाम लिविंगस्टोन, अनिकेत वर्मा, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, ब्रायडन कार्स, शिवम मावी, जीशान अंसारी। स्क्वॉड रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार, विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल, फिल साल्ट, जितेश शर्मा, जॉर्डन कॉक्स, क्रुणाल पंड्या, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, जैकब बेथेल, वेंकटेश अय्यर, सात्विक देसवाल, मंगेश यादव, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा, कनिष्क चौहान, जोश हेजलवुड (चोटिल), रसिक सलाम डार, सुयश शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, नुवान तुषारा (चोटिल), अभिनंदन सिंह, जैकब डफी। सनराइजर्स हैदराबाद: पैट कमिंस (चोटिल), ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, हेनरिक क्लासेन, ईशान किशन (कप्तान/विकेटकीपर), नीतीश कुमार रेड्डी, लियाम लिविंगस्टोन, हर्षल पटेल, कामिंदु मेंडिस, ब्रायडन कार्स, हर्ष दुबे, अनिकेत वर्मा, स्मरण रविचंद्रन, सलिल अरोड़ा, जयदेव उनादकट, शिवम मावी, जीशान अंसारी, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, डेविड पायने। एक ओर SRH का विस्फोटक टॉप ऑर्डर है, तो दूसरी तरफ चैंपियन RCB की संतुलित टीम। ऐसे में यह मुकाबला हाई स्कोरिंग और रोमांच से भरपूर होने की पूरी उम्मीद है।

MINOR GIRL SUICIDE ATTEMPT : नाबालिग किशोरी ने घर में गला काटकर की आत्महत्या की कोशिश, समय रहते बची जान

SUICIDE ATTEMPT

HIGHLIGHTS: 17 वर्षीय किशोरी ने घर में धारदार हथियार से गले पर वार किया छोटे भाई ने खून से लथपथ हालत में देखा, मां को दी सूचना परिजनों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जान बच गई किशोरी की हालत स्थिर, लेकिन बोलने में असमर्थ पुलिस ने शुरू की जांच, अज्ञात कारणों से सुसाइड अटेम्प्ट MINOR GIRL SUICIDE ATTEMPT : ग्वालियर। भिंड जिले के देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत दशरथ नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां 17 वर्षीय नाबालिग किशोरी ने शुक्रवार शाम घर के अंदर धारदार हथियार से अपने गले पर वार कर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि परिजनों की तत्काल सूझ-बूझ से उसकी जान बच ली गई। बार-बार सिर दर्द से हैं परेशान? इसकी वजह हो सकती है आपकी डाइजेशन प्रॉब्लम जिला अस्पताल में करवाया भर्ती बताया जा रहा है कि उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना शुक्रवार शाम की बताई जा रही है। उस समय किशोरी घर पर अकेली थी, अज्ञात कारणों से उसने अचानक यह कदम उठा लिया। कुछ देर बाद उसके छोटे भाई ने उसे खून से लथपथ हालत में देखा और तुरंत अपनी मां संध्या को सूचना दी। जुलाई से नया नियम लागू: मिस-सेलिंग पर RBI का शिकंजा, ग्राहकों को मिलेगा फायदा तत्काल उपचार से बची जान जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका तत्काल उपचार शुरू किया, फिलहाल किशोरी की स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वह बोलने की स्थिति में नहीं है। सूचना कि माने तो ज़्यादा गंभीर हालत के कारण किशोरी अभी बोलने में असमर्थ है। तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल से राहत के आसान उपाय, अपनाएं ये प्राकृतिक तरीके परिजनों और पुलिस की प्रतिक्रिया परिजनों ने बताया कि उन्हें घटना के पीछे के कारणों की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि किशोरी पहले भी किसी मानसिक तनाव की शिकायत नहीं करती थी। देहात थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। KKR vs MI: 35 मुकाबलों में किस टीम का रहा दबदबा? जानिए पूरा रिकॉर्ड पुलिस का कहना है कि किशोरी के स्वस्थ होने और बोलने लायक होने के बाद ही असली वजह सामने आएगी, फिलहाल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है।  

बीजेपी पार्षद पर हमला करने का आरोपः बिजली कर्मचारियों से मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ से हड़कंप

सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर जनप्रतिनिधि की दबंगई का मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोतवाली थाना क्षेत्र के कचनी मोड़ पर हुई इस घटना ने बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोप है कि बीजेपी पार्षद संतोष शाह ने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम पर हमला करवा दिया, जिसमें न केवल कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई बल्कि विभागीय वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया। बताया जा रहा है कि बिजली विभाग की टीम नियमित मेंटेनेंस कार्य के लिए क्षेत्र में पहुंची थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। आरोप है कि पार्षद के इशारे पर मौजूद लोगों ने टीम को घेर लिया और उनके साथ अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान विभाग की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद किसी तरह कर्मचारी वहां से अपनी जान बचाकर निकले और सीधे कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे, लेकिन उनके साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया वह बेहद निंदनीय और अस्वीकार्य है। उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है। कर्मचारियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे काम बंद आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इससे न केवल सिंगरौली जिले की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, बल्कि आम जनता को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही कानून को हाथ में लेंगे तो आम कर्मचारियों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी कामकाज में लगे कर्मचारियों को कई बार किस तरह के दबाव और जोखिम का सामना करना पड़ता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि कर्मचारियों में विश्वास बहाल हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

दिल्ली का Indira Gandhi International Airport: तकनीकी गड़बड़ी के बीच विमान सुरक्षित उतरा

नई दिल्ली: Indira Gandhi International Airport पर शनिवार सुबह हड़कंप मच गया जब विशाखापत्तनम से आ रही IndiGo फ्लाइट के लिए फुल इमरजेंसी घोषित कर दी गई। विमान के इंजन में खराबी की आशंका के चलते एयरपोर्ट प्रशासन ने तुरंत मानक संचालन प्रक्रिया के तहत रनवे 28 पर इमरजेंसी लागू कर दी। रनवे के आसपास दमकल की गाड़ियां, एम्बुलेंस और आपातकालीन बचाव दल तैनात कर दिए गए। इसके साथ ही, अन्य उड़ानों के मार्ग में बदलाव कर इस विमान को प्राथमिकता दी गई और कुछ फ्लाइट्स को होल्ड पर रखा गया। पूरी सुरक्षा तैयारियों के बीच, सुबह 10 बजकर 54 मिनट पर विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की। विमान में कुल 161 यात्री सवार थे। लैंडिंग के तुरंत बाद सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि किसी यात्री के घायल होने की कोई सूचना नहीं है। मेडिकल जांच के बाद यात्रियों को उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। IndiGo प्रशासन ने कहा कि विमान में तकनीकी खराबी के कारण यह इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। प्रारंभिक जांच में इसे इंजन में आई तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। यह घटना एक बार फिर हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर चेतावनी है। हालांकि, समय रहते उठाए गए कदमों से बड़ी अनहोनी टल गई। विमान के सुरक्षित उतरने से यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ दोनों ने राहत की सांस ली। शॉर्ट डिस्क्रिप्शन दिल्ली एयरपोर्ट पर IndiGo विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, 161 यात्री सुरक्षित बाहर निकाले गए, इंजन खराबी की आशंका, विमान के सुरक्षित उतरने से बड़ा हादसा टला English Tags IndiGo Emergency Landing, IGI Airport Delhi, Flight Engine Failure, Air Travel Safety, Passenger Rescue

खाड़ी देश कोई युद्ध रोकने के पक्ष में तो कोई ईरान पर हमले तेज करने की मांग में

तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी ईरान युद्ध का 28वां दिन और तनावपूर्ण हो गया है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के कई अहम ठिकानों पर फिर हमले किए हैं, जिससे संकट और गहरा गया है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर संभावित हमलों को आगे बढ़ाते हुए तेहरान को चेतावनी दी है कि वह को खोले, अन्यथा उसके ऊर्जा संयंत्र निशाने पर आ सकते हैं। खाड़ी देश दो फाड़ ईरान को लेकर खाड़ी के मुस्लिम देश अलग-अलग रुख अपनाते दिख रहे हैं। कतर, ओमान और कुवैत आर्थिक नुकसान और जवाबी हमलों के डर से युद्ध जल्द खत्म करने की वकालत कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, खाड़ी देश कतर, ओमान और कुवैत और Bahrain का मानना है कि जब तक ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता खत्म नहीं होती, तब तक उस पर हमले जारी रहने चाहिए। इन देशों का कहना है कि अधूरा समझौता भविष्य में फिर संकट पैदा कर सकता है। अमेरिका से सख्त समझौते की मांग खाड़ी देशों ने निजी बातचीत में अमेरिका से कहा है कि किसी भी समझौते में ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं पर स्थायी रोक, ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उनका जोर इस बात पर है कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को भविष्य में हथियार की तरह इस्तेमाल न किया जा सके। बार-बार हमलों से बढ़ी चिंता खाड़ी देशों का कहना है कि ईरान ने युद्ध के दौरान उनके ऊर्जा और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इसलिए वे ऐसे व्यापक समझौते की मांग कर रहे हैं जिसमें प्रॉक्सी युद्ध, तेल मार्गों की सुरक्षा और समुद्री यातायात की गारंटी शामिल हो। एमिरेट्स पॉलिसी सेंटर की प्रमुख Ebtesam Al-Ketbi ने कहा कि असली चुनौती सिर्फ युद्ध रोकना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसे संकट से बचाव सुनिश्चित करना है। वहीं अमेरिका में यूएई के राजदूत Yousef Al Otaiba ने इसे क्षेत्रीय स्थिरता की परीक्षा बताया। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी खुफिया आकलन में ईरान के मिसाइल भंडार का करीब एक-तिहाई हिस्सा नष्ट होने का अनुमान है, लेकिन उसकी क्षमताएं अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। ऐसे में खाड़ी देश 2015 के परमाणु समझौते से अधिक व्यापक नए समझौते की मांग कर रहे हैं, ताकि पूरे क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

मध्यप्रदेश में आग का कहरः खेतों से शहर तक भड़की लपटें, किसानों की मेहनत राख

मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में तापमान बढ़ने के साथ ही आगजनी की घटनाओं ने भयावह रूप लेना शुरू कर दिया है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सामने आई घटनाओं ने न केवल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं बल्कि आमजन और खासकर किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। भोपाल से लेकर बैतूल, ग्वालियर, झाबुआ, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम तक आग ने ऐसा तांडव मचाया कि देखते ही देखते लाखों की संपत्ति जलकर खाक हो गई। भोपाल जिले के ग्राम कुठार में खड़ी गेहूं की फसल में अचानक आग भड़क उठी। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली और करीब 15 एकड़ में खड़ी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पानी और ट्रैक्टर ट्रॉली की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। किसानों की सालभर की मेहनत कुछ ही पलों में खत्म हो गई और वे अब मुआवजे की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं। उधर ग्वालियर में एक इलेक्ट्रिक वाहन चलते-चलते आग की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की बैटरी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और कुछ ही देर में पूरा वाहन धू-धू कर जलने लगा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने EV सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। झाबुआ जिले के रायपुरिया में एक खेत में लगे मोबाइल टावर में आग लगने से हड़कंप मच गया। टावर से उठती लपटों को देखकर आसपास के ग्रामीण और दुकानदार मौके पर इकट्ठा हो गए। आग में टावर पर लगे महंगे उपकरण और केबल जलकर नष्ट हो गए। पेटलावद से फायर ब्रिगेड पहुंची, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। क्षेत्र में स्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था न होने से लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला। छिंदवाड़ा में छोटा तालाब क्षेत्र स्थित तिलक मार्केट में एक मशीनरी टूल्स की दुकान में देर रात आग लग गई। धुएं के गुबार से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही तीन दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। नर्मदापुरम के इटारसी में रेलवे स्टेशन के सामने स्थित एक भोजनालय में भी आग लगने की घटना सामने आई। स्थानीय लोगों की सतर्कता से तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, जिसके बाद आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है और पुलिस जांच कर रही है। सबसे भयावह स्थिति बैतूल जिले में देखने को मिली, जहां आग ने कई गांवों में तबाही मचा दी। शाहपुर ब्लॉक के सांगवानी गांव में 13 किसानों की करीब 20 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। लगभग 300 क्विंटल गेहूं आग की भेंट चढ़ गया। सिलपटी गांव में भी 5 एकड़ फसल नष्ट हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसान अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हो गए। जिले के आठ गांवों में फैली इस आग ने किसानों को आर्थिक रूप से तोड़कर रख दिया है। लगातार बढ़ती इन घटनाओं ने साफ कर दिया है कि गर्मी के मौसम में आगजनी की रोकथाम के लिए ठोस और त्वरित उपायों की आवश्यकता है। प्रशासन द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है, लेकिन प्रभावित लोग जल्द से जल्द राहत और मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

होर्मुज पर ट्रंप की नीति से भड़के अमेरिकी सांसद, युद्ध खर्च पर भी उठाए सवाल

वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने ही देश में आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। डेमोक्रेटिक सांसद क्रिस मर्फी ने ट्रंप की रणनीति पर तीखा हमला करते हुए इसे “पागलपन” करार दिया है। मर्फी ने कहा कि युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज स्ट्रेट खुला हुआ था, लेकिन अब अमेरिका उस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रहा है जिसे उसने खुद पैदा किया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान के साथ संघर्ष पर अमेरिका प्रतिदिन करीब दो अरब डॉलर खर्च कर रहा है, जो बेहद बड़ी राशि है। सांसद ने यह भी कहा कि युद्ध में अमेरिकी नागरिकों की जान जा रही है और देश में कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संघर्ष जारी रहा तो ऐसी संख्या और बढ़ सकती है। साथ ही वैश्विक स्तर पर ईंधन और अन्य वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल का भी जिक्र किया। होर्मुज पर बढ़ा तनाव अमेरिका और Israel के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्ती बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान कुछ मित्र देशों के जहाजों को ही गुजरने दे रहा है और अन्य टैंकरों पर हमले या शुल्क लगाने की चेतावनी दे रहा है। इस बीच ट्रंप ने ईरान को जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई समयसीमा बढ़ाते हुए कहा कि फिलहाल ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी टाली जाएगी। हालांकि दोनों देशों के बीच युद्धविराम वार्ता अभी भी गतिरोध में बताई जा रही है। ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया कि उसने होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहे तीन जहाजों को चेतावनी देकर वापस भेज दिया। गार्ड्स के अनुसार यह मार्ग “दुश्मन देशों” से जुड़े जहाजों के लिए बंद है। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य जमावड़े के बीच अमेरिका ने अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं, जबकि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में Hezbollah के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए और सैनिक भेजे हैं। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

गोल्ड की कीमतों में जोरदार तेजी, चांदी रही सुस्त—जानिए बाजार का हाल

नई दिल्ली विश्वव्यापी और कच्चे तेल की सीमा में गिरावट के बीच इस सप्ताह सोने ने शानदार वापसी की। सोने की कीमत में करीब 5.77% की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी में हल्की गिरावट देखने को मिली। बाजार में रिलीज- विज्ञापन के बावजूद सोने का टिकाऊ मजबूत बना हुआ है। बाबक्स पर क्या चल रहा है?शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) पर गोल्ड अप्रैल फ्यूचर्स में 0.15% की बढ़ोतरी हुई और यह करीब 1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं मई सिल्वर फ्यूचर्स 0.09% ग्रुप करीब 2,27,750 रुपए प्रति किराए पर कारोबार करता है। लैपटॉपजे के आंकड़े में भी तेजी से साफइंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 999 करोड़ रुपये वाले सोने का भाव शुक्रवार को 1,42,942 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो सप्ताह की शुरुआत में 1,35,141 रुपये था। यानी पूरे सप्ताह में मजबूत उछाल देखने को मिला। क्यों टूटे सोने के दाम? समझें कारणवैश्विक तनाव और अनिश्चितता के सुरक्षित निवेश के विशेष रूप से सोने की मांग की गारंटीकॉन्स्टेबल सोने की दुकान सेंट्रल द्वाराकच्चे तेल की उपज से उपज का दबाव कुछ कम हुआ हालाँकि, मजबूत अमेरिकी डॉलर और बोल्ड बॉन्ड यील्ड ने बीच-बीच में सोने की तेजी को तोड़ने की भी कोशिश की। कच्चे तेल की गिरावट का असरब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत इस सप्ताह करीब 120 डॉलर से बढ़कर 93 डॉलर प्रति शेयर तक बढ़ गई। इसी तरह की संगति को लेकर चिंता कुछ कम हुई और सोने को गुड़िया स्तर से शुरू करने में मदद मिली। आगे क्या ट्रेंड?विशेषज्ञ के अनुसार, प्रमाणन गोल्ड के लिए 1,36,000-1,40,000 रुपये का स्तर मजबूत समर्थन माना जाता है, जबकि 1,55,000-1,60,000 रुपये के बीच मजबूत समर्थन है। आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति, कच्चे तेल के बांध और केंद्रीय बैंकों के न्याय बाजार की दिशा तय होगी। रिलीज़- अपलोड जारी रह सकता है, लेकिन लॉन्ग स्टार में सोने की स्टोरेज जारी रह सकती है। सुरक्षित निवेश वास्तव में विश्वसनीय बना हुआ हैविश्वसनीयता के बीच गोल्ड एक बार फिर से अन्नू की पहली पसंद बनी दिख रही है, जबकि सिल्वर इंडिकेटेड आइटम में बिजनेस कर रही है।

आयुर्वेद के अनुसार नहाने का सही तरीका: दोष के हिसाब से चुनें पानी का तापमान

नई दिल्ली स्नान सिर्फ शरीर की सफाई नहीं है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य से शरीर का अहम हिस्सा है। आयुर्वेद के अनुसार सही तरीकों से स्नान करने से शरीर के दोष वात, पित्त और कफ बने रहते हैं। हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है, संस्थान के पानी का तापमान भी एक जैसा होना चाहिए। गुनगुना पानी सबसे अच्छा हैयदि आपके शरीर में रूखापन, ठंडे हाथ-पैर, जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, तो यह वात दोष का संकेत हो सकता है। गुनगुने पानी से स्नान करेंसंस्थान के बाद तेल से अभ्यंग (मालिश) जरूर करेंइससे शरीर का रूखापन कम होगा और त्वचा को पोषण मिलेगा गुनगुना पानी वात को शांति देता है और शरीर को आराम का अनुभव कराता है। कफ प्रकृति: गर्म पानी से मिलेगा फायदायदि शरीर में भारीपन, सुस्ती, बार-बार सर्दी या बलगम की समस्या रहती है, तो यह कफ दोष बढ़ने का संकेत है। गर्म पानी से स्नान करेंसुबह का समय नहाना बहुत खतरनाक हैठंडा पानी से परहेज़, क्योंकि इससे कफ और बढ़ सकता है गर्म पानी शरीर को सक्रिय करता है और कफ को कम करने में मदद करता है। पित्त प्रकृति: सामान्य या ठंडा पानी सहीयदि आपको गर्मी अधिक लगती है, पसीना अधिक आता है, मुंहासे या जलन की समस्या रहती है, तो यह पित्त दोष का संकेत है। सामान्य या साधारण ठंडे पानी से स्नान करेंबहुत ज्यादा ठंडा पानी का उपयोग न करेंइससे शरीर का सबसे अच्छा स्टॉक रहता है यह विधि शरीर की गर्मी को शांत करती है और पित्त को नियंत्रित करती है। स्नान से जुड़े कुछ जरूरी नियमबहुत ज्यादा ठंडा या बहुत ज्यादा गर्म पानी रोज न लेंभोजन के तुरंत बाद स्नान न करेंसुबह स्नान करना सबसे अच्छा माना जाता हैमौसम और शरीर की स्थिति के अनुसार पानी की तापमान में गिरावट शरीर की प्रकृति की प्रशंसा, संभवतः पूरा लाभआयुर्वेद के अनुसार अगर आप अपनी प्रकृति के अनुसार स्नान करते हैं, तो यह सिर्फ शरीर को साफ नहीं करता है, बल्कि कई शर्तों से भी सिखाता है।

बार-बार सिर दर्द से हैं परेशान? इसकी वजह हो सकती है आपकी डाइजेशन प्रॉब्लम

नई दिल्ली हम अक्सर सिर दर्द को लेकर तनाव, थकान या अधिक काम का नतीजा मान लेते हैं, लेकिन अगर समस्या बार-बार हो रही है तो इसका एक बड़ा कारण खराब पाचन भी हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में पाचन तंत्र और मस्तिष्क का गहरा संबंध होता है। जब पेट सही तरीकों से काम नहीं करता तो इसका असर सिर पर भी दिखने लगता है। पाचन क्रिया तो सिर दर्द क्यों होता है?जब पाचन क्रिया खराब होती है तो शरीर में गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। इससे शरीर के दोष-वात, पित्त और कफ-असंतुलित हो जाते हैं, जो धीरे-धीरे मस्तिष्क के तंत्रिकाओं को प्रभावित करते हैं। इसके परिणामस्वरूप बार-बार सिर दर्द, भारीपन या चक्कर जैसे चित्र सामने आते हैं। आयुर्वेद में यह सिर्फ सिर की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे शरीर का संकेत है कि अंदर कुछ समानता है। पेन किलर नहीं, जड़ पर काम करोअक्सर लोगों को सिर दर्द होता ही है, पेनकिलर लेकर तुरंत राहत पा लेते हैं, लेकिन यह सिर्फ अस्थायी समाधान है। अगर वास्तविक वसा पाचन है, तो दवा से दर्द दब जाएगा, लेकिन समस्या बार-बार खत्म हो जाएगी। इसलिए जरूरी है कि पेट को ठीक किया जाए। आयुर्वेदिक उपाय जो दिला सकता है राहतनासिका क्रिया: नाक में औषधीय तेल की कुछ बूंदें गिराने से मस्तिष्क पर दबाव कम होता है और पित्त की मात्रा होती है।धनिया-मिश्री का पानी: रात में रात भर पीने से कब्ज में आराम मिलता है और पाचन सुदृढ होता है।सोंठ का लेप: सोंठ (सुखी अदरक) को पानी में वृद्धावस्था में लगाने से सिर दर्द में आराम मिल सकता है। खान-पान से क्या है कनेक्शन?ग़लत खान-पान जैसे अधिकतर ताल-भुना, क्षार या देर रात का खाना पाचन को ख़राब करता है। इससे गैस और कोष्ठबद्धता होती है, जो सिर दर्द का कारण बन सकती है। इसलिए— प्रभाव और सुपाच्य भोजन करेंसमय पर खाना बनानाअधिक पानी पियेदेर रात भारी भोजन से गोद लेना कब किराया लेना जरूरी है?यदि सिर दर्द लगातार बना रहता है, बहुत तेज होता है या अन्य लक्षण (जैसे उल्टी, चक्कर आना, नजरें धुंधली होना) भी साथ में हैं, तो इसे दांतों में न लें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें। यह किसी अन्य गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। पेट ठीक है तो सिर भी ठीक हैसिर दर्द को केवल सिर तक सीमित सीमा तक गलत माना जा सकता है। सही पाचन, संतुलित आहार और कठिनाइयों से इस समस्या को काफी हद तक बचाया जा सकता है।