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सीएम डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन: ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन को मिलेगी नई गति

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वाराणसी में 31 मार्च को एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है यह सम्मेलन निवेश, निर्यात, ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन के क्षेत्र में नई दिशा और गति प्रदान करेगा इस सम्मेलन के माध्यम से अंतरराज्यीय सहयोग का नया मॉडल गढ़ने की दिशा में निर्णायक पहल की जा रही है सम्मेलन में ओडीओपी, जीआई टैग उत्पाद, पारंपरिक शिल्प, कृषि एवं फूड उत्पादों को ब्रांडिंग, मार्केटिंग और निर्यात से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा साथ ही निवेश और पर्यटन को एकीकृत करते हुए एक व्यापक आर्थिक इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के अध्ययन भ्रमण से करेंगे इस दौरान क्राउड फ्लो डिजाइन, अधोसंरचना लेआउट और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणालियों का गहन अवलोकन किया जाएगा इसके बाद सम्मेलन में विभिन्न विषयों पर विस्तृत संवाद और कार्यशालाओं के माध्यम से राज्यों के सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होगी एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन से दोनों राज्यों के व्यवसायिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है इसके तहत पारंपरिक शिल्प और कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने के लिए रणनीतियां बनाई जाएंगी निवेशकों को आकर्षित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष पहल की जाएगी इस तरह यह सम्मेलन दोनों राज्यों के लिए आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती लाने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा

‘हम लोग’ और ‘बुनियाद’ का जादू: मनोहर श्याम जोशी की कलम की ताकत

नई दिल्ली :1980 के दशक में जब भारतीय टेलीविजन अपने शुरुआती दौर में था, तब एक शो ने हर घर की दुनिया बदल दी। उसका नाम था ‘हम लोग’। झल्लाहट भरे बसेसर राम से लेकर भगवंती का त्याग और अंत में दादामुनि यानी अशोक कुमार की सूत्रधार वाली भूमिका तक, इस धारावाहिक ने दर्शकों के दिलों में घर कर लिया। इस जादू को संभव बनाने वाले लेखक कोई और नहीं बल्कि मनोहर श्याम जोशी थे। 9 अगस्त 1933 को अजमेर में जन्मे जोशी की जड़ें उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सुसंस्कृत कुमाऊंनी ब्राह्मण परिवार में थीं। दिलचस्प बात यह है कि इस हिंदी साहित्य के पुरोधा ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञान से की। लखनऊ विश्वविद्यालय से बीएससी करने वाले जोशी की सोच में तार्किकता और विश्लेषण का वो दम था जो बाद में उनके साहित्य में नजर आया। उनका लेखन भावनाओं का रुदन नहीं बल्कि समाज का सर्जिकल विश्लेषण पेश करता था। लखनऊ में उनकी मुलाकात हिंदी साहित्य के दिग्गज अमृतलाल नागर से हुई। नागर के मार्गदर्शन में उन्होंने सीखा कि महान साहित्य वह है जो सीधे आम आदमी के दिल तक पहुंचे। यहीं से मनोहर श्याम जोशी के भीतर ‘किस्सागो’ की आत्मा जन्मी। लेखक बनने से पहले वे पत्रकार थे। ऑल इंडिया रेडियो में काम करते हुए उन्होंने आवाज की शक्ति को महसूस किया और फिल्म्स डिवीजन में वृत्तचित्र लिखते हुए सिनेमाई दृष्टि पाई। साहित्यकार अज्ञेय ने उन्हें ‘दिनमान’ पत्रिका का सहायक संपादक बनाया। इसके बाद जब वे ‘साप्ताहिक हिंदुस्तान’ के संपादक बने, तो हिंदी पट्टी के हर घर में उनकी लेखनी की मौजूदगी महसूस होने लगी। 1984 में आए 154 एपिसोड तक चलने वाले ‘हम लोग’ ने उन्हें भारतीय सोप ओपेरा का जनक बना दिया। अगर ‘हम लोग’ टीवी का रामायण था, तो 1986 में आई ‘बुनियाद’ उसका महाभारत थी। भारत-पाकिस्तान विभाजन की पीड़ा और विस्थापन को उन्होंने मास्टर हवेलीराम और लाजो की कहानी के माध्यम से जिस शिद्दत से पेश किया, उसने पूरे देश को रुला दिया। निर्देशक रमेश सिप्पी ने भी माना कि ‘बुनियाद’ की सफलता की असली बुनियाद मनोहर श्याम जोशी की कलम ही थी। इसके बाद उन्होंने ‘कक्काजी कहिन’, ‘मुंगेरीलाल के हसीन सपने’ और कई अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से टीवी पर व्यंग्य, हास्य और मनोवैज्ञानिक गहराई का अनोखा मिश्रण पेश किया। उनकी शैली हमेशा पारंपरिक व्याकरण और शब्दों की सीमाओं को चुनौती देती रही। उनका पहला उपन्यास ‘कुरु कुरु स्वाहा’ (1980) साहित्य जगत में तहलका मचा गया। ‘कसप’ और ‘क्याप’ जैसे उपन्यासों ने उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार दिलाया। उनके उपन्यासों में सिनेमा का असर भी साफ दिखाई देता है; कैमरा, साइलेंट शॉट और म्यूट फेस जैसे शब्दों से पाठक मानो फिल्म देख रहे हों। कमल हासन की फिल्म ‘हे राम’ के हिंदी संवाद भी उनकी ही देन हैं। 30 मार्च 2006 को 72 वर्ष की आयु में नई दिल्ली में मनोहर श्याम जोशी ने अंतिम सांस ली। लेकिन उनके साहित्य और टीवी के योगदान ने हिंदी सिनेमा और टेलीविजन को एक नई दिशा दी, और उन्हें ‘किस्सागोई’ का उस्ताद बना दिया।

मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: हायर सेकेंडरी स्कूल से हटाए गए अतिथि स्पेशल एजुकेटर

भोपाल। मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ अतिथि स्पेशल एजुकेटर को हटाने का बड़ा फैसला किया है ये स्पेशल एजुकेटर अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाते थे और प्रदेश भर में हजारों ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति के संबंध में भारत सरकार से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ इस स्थिति में अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 31 मार्च तक ही ली जाएंगी पहले आदेश के अनुसार इनकी सेवाएं 30 अप्रैल 2026 तक लेने का निर्देश था, लेकिन इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है आदेश में स्पष्ट किया गया कि 31 मार्च के बाद यदि कोई स्पेशल एजुकेटर पदस्थ पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संस्था प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी इस फैसले के बाद स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा संचालन पर असर पड़ सकता है, क्योंकि स्पेशल एजुकेटर बच्चों को विशेष रूप से पढ़ाने और उनकी जरूरतों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं शिक्षा विभाग के इस कदम को लेकर शिक्षा जगत और अभिभावकों में चिंता का माहौल है प्रदेश में अतिथि शिक्षक लंबे समय से सामाजिक और विशेष शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनकी सेवाओं का अचानक समाप्त होना स्कूलों के संचालन में व्यवधान पैदा कर सकता है इस फैसले के बाद संबंधित स्कूलों और जिला प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि पढ़ाई प्रभावित न हो और बच्चों को आवश्यक शिक्षा समय पर मिलती रहे

‘जेलर 2’ अपडेट: रजनीकांत, शाहरुख खान, मोहनलाल और मिथुन चक्रवर्ती की जबरदस्त स्टारकास्ट

नई दिल्ली: रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर’ का सीक्वल यानी ‘जेलर 2’ रिलीज से पहले ही जबरदस्त चर्चा में है. इस अपकमिंग फिल्म को लेकर अब बड़ा अपडेट सामने आया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ‘जेलर 2’ में रजनीकांत का आमना-सामना बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान से होने वाला है. दोनों दिग्गज एक हाई-ऑक्टेन एक्शन सीन में साथ नजर आ सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है. फिल्म में रजनीकांत अपने आइकॉनिक किरदार मुथुवेल पांडियन यानी ‘टाइगर मुथुवेल पांडियन’ के रूप में लौटेंगे, वहीं शाहरुख खान को एक्सटेंडेड कैमियो के लिए अप्रोच किया गया है. कहा जा रहा है कि यह सीन चंडीगढ़ की एक फैक्ट्री में बड़े स्तर पर फिल्माया जाएगा. फैंस के बीच इस खबर ने उत्साह की लहर दौड़ा दी है, क्योंकि यह पहली बार होगा जब रजनीकांत और शाहरुख खान एक ही फ्रेम में नजर आएंगे. फिल्म की स्टारकास्ट को और भी भव्य बनाया गया है. मोहनलाल, मिथुन चक्रवर्ती, शिवा राजकुमार और रम्या कृष्णन जैसी बड़ी हस्तियां भी फिल्म में अहम भूमिका निभाने वाली हैं. इसके अलावा एसजे सूर्या, योगी बाबू और मिर्ना भी फिल्म में नजर आएंगे, जबकि विजय सेतुपति एक खास कैमियो कर सकते हैं. ‘जेलर 2’ के निर्माता कलानिधि मारन हैं और यह सन पिक्चर्स के बैनर तले बन रही है. तकनीकी टीम में पहले की तरह अनिरुद्ध रविचंदर संगीत के लिए, विजय कार्तिक कन्नन सिनेमैटोग्राफर के तौर पर और आर निर्मल एडिटर के रूप में शामिल हैं. फिल्म की टीम ने इस साल की शुरुआत में कोच्चि में एक अहम शूटिंग शेड्यूल पूरा किया, जिसमें कई बड़े एक्शन सीक्वेंस फिल्माए गए. रजनीकांत की मौजूदगी ने सेट पर सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं. फिल्म की पैन-इंडिया अपील बढ़ाने के लिए शाहरुख खान का कैमियो और मोहनलाल सहित अन्य दिग्गज कलाकारों का होना ‘जेलर 2’ को साल की सबसे बड़े ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. Jailer 2, Rajinikanth, Shah Rukh Khan, Mohanlal, Mithun Chakraborty, Pan-India Film, High-Octane Action, Tamil Cinema, Bollywood Cameo, Sun Pictures

विजय देवरकोंडा के कमेंट ने बदल दी जीवन की किस्मत, ‘राणाबाली’ में रोल मिलने का मौका

नई दिल्ली : कभी-कभी एक छोटा सा सोशल मीडिया पोस्ट ही किसी की पूरी जिंदगी बदल देता है. ऐसा ही हुआ तेलुगू डांसिंग रियलिटी शो ‘धी सीजन 15’ के कंटेस्टेंट जीवन के साथ. जीवन ने हाल ही में फिल्म ‘राणाबाली’ के एक सीन को रिक्रिएट किया और इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया. वीडियो में जीवन पारंपरिक पंछे यानी धोती पहने नजर आए और खून से सना लुक दिखाते हुए इंटेंस परफॉर्मेंस दे रहे थे. वीडियो के कैप्शन में उन्होंने फॉलोवर्स से कहा कि अगर यह परफॉर्मेंस पसंद आए तो फिल्म की टीम को टैग करें. जीवन का यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब विजय देवरकोंडा ने इस पर कमेंट किया. स्टार ने लिखा, “राणाबाली फिल्म्स कृपया संपर्क करें और तुरंत कास्ट करें. जबरदस्त टैलेंट है.” इसके अलावा फिल्म के ऑफिशियल हैंडल ने भी जीवन की तारीफ करते हुए लिखा, “शानदार! आपको परफॉर्म करते देखना खुशी की बात है.” विजय और फिल्म टीम का यह रिएक्शन जीवन के लिए किसी सपने के सच होने जैसा था. खुशियों से फूले नहीं समाए जीवन ने विजय के कमेंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “विजय अन्ना, बहुत धन्यवाद अन्ना. आपने जवाब दिया, इससे मैं बहुत खुश हूं, इसे मैं जिंदगी भर याद रखूंगा अन्ना. बहुत-बहुत धन्यवाद अन्ना.” इसके बाद जीवन ने एक और इमोशनल वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने सपोर्ट करने वालों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि उनके ऑडिशन वीडियो को नोटिस करने के पीछे फॉलोवर्स का योगदान भी है. जीवन ने सोशल मीडिया की ताकत पर भी जोर दिया और कहा, “बहुत-बहुत धन्यवाद विजय अन्ना. आप जैसे लोगों का सपोर्ट करना बहुत बड़ी बात है. राणाबाली टीम को भी मेरा ऑडिशन वीडियो पसंद आया. विजय अन्ना के कमेंट के बाद उनकी टीम ने मुझसे संपर्क किया और मेरा कॉन्टैक्ट नंबर लिया. इससे साबित होता है कि सोशल मीडिया में जीरो को हीरो और हीरो को जीरो बनाने की ताकत है. उम्मीद है इससे और भी मौके मिलेंगे.” इस घटना ने यह भी साबित किया कि कभी-कभी सही समय पर सही पोस्ट और सही लोगों की नजर एक कलाकार की किस्मत बदल सकती है. जीवन की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है कि सोशल मीडिया और मेहनत से सपने सच हो सकते हैं.

ईरान ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों पर हमले की दी चेतावनी, स्टूडेंट्स और प्रोफेसर से कैंपस खाली करने की अपील

नई दिल्ली । ईरान ने मिडिल ईस्ट में स्थित अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है ईरानी सरकार का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल जानबूझकर ईरान के विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को टारगेट कर रहे हैं इसी संदर्भ में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स आईआरजीसी ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों को हमला करने की खुली धमकी दी है आईआरजीसी ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान की दो प्रमुख यूनिवर्सिटी पहले ही तबाह हो चुकी हैं और अमेरिकी सरकार को 30 मार्च को तेहरान टाइम के अनुसार दोपहर 12 बजे तक एक आधिकारिक बयान में ईरानी यूनिवर्सिटी पर बमबारी की निंदा करनी चाहिए इसके साथ ही आईआरजीसी ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों, प्रोफेसरों और छात्रों से अपील की कि वे कैंपस से कम से कम एक किलोमीटर दूर रहें ईरानी मीडिया के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के कई विश्वविद्यालय संचालित हैं इनमें कतर में टेक्सास एएंडएम यूनिवर्सिटी और यूएई में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी शामिल हैं हाल ही में तेहरान और इस्फहान की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर हमले हुए जिनमें भवनों को नुकसान पहुंचा लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के दौरान जानबूझकर विश्वविद्यालयों और रिसर्च सेंटर पर हमला किया ताकि ईरान की वैज्ञानिक नींव और सांस्कृतिक विरासत को कमजोर किया जा सके उन्होंने बताया कि इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान की यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी उन कई संस्थानों में से दो हैं जिन पर पिछले 30 दिनों में हमले हुए बघाई ने यह भी कहा कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम और अन्य संभावित खतरे सिर्फ बहाने हैं और असली मकसद देश की शिक्षा और शोध क्षमता को नुकसान पहुंचाना है ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार युद्ध की वजह से कम से कम 600 शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान हुआ है या वे पूरी तरह नष्ट हो गई हैं आईआरजीसी की चेतावनी के बाद मिडिल ईस्ट में अमेरिकी विश्वविद्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्टूडेंट्स तथा प्रोफेसरों को सलाह दी गई है कि वे कैंपस से दूरी बनाए रखें ताकि किसी भी अप्रत्याशित हमले से बचा जा सके इस स्थिति ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और खाड़ी देशों में अमेरिकी शैक्षणिक संस्थानों के संचालन को चुनौतीपूर्ण बना दिया है

धुरंधर’ के बलोच चीफ बिमल ओबेरॉय की फिल्मी शुरुआत का 27 साल पुराना किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल

नई दिल्ली:  आदित्य धर की फिल्म धुरंधर ने बॉक्स-ऑफिस पर धमाल मचा रखा है। फिल्म में बलोच चीफ का किरदार निभाने वाले बिमल ओबेरॉय ने दर्शकों का ध्यान खींचा और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए। लेकिन अब उनका 27 साल पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने फैंस को चौंका दिया। दरअसल, बिमल ओबेरॉय ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी सिंगर दलेर मेहंदी के म्यूजिक वीडियो से की थी। उन्होंने बताया कि उनकी दोस्ती दलेर मेहंदी से साल 1990 में हुई थी। सिंगर ने उन्हें वादा किया कि वे उन्हें मुंबई ले जाएंगे और अपने पहले म्यूजिक वीडियो बोलो तारा रा रा में हिस्सा देंगे। दलेर मेहंदी ने बिमल को एक साल तक आर्थिक सहायता भी दी और उन्हें 10,000 रुपये का चेक दिया। बिमल ने बताया कि जब दलेर मेहंदी अपने हिट गाने हो जाएगी बल्ले बल्ले की शूटिंग कर रहे थे, तो उन्होंने बिमल को उसमें कास्ट करने का फैसला किया। बिमल केवल शूटिंग के लिए गए थे, लेकिन डायरेक्टर्स ने सुझाव दिया कि इस गाने में मुख्य भूमिका बिमल को दी जाए। इसके बाद बिमल ने वीडियो में अहम भूमिका निभाई और गाना बहुत बड़ा हिट बन गया। इसके अलावा, बिमल ओबेरॉय ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत अनुभव सिन्हा की फिल्म तुम बिन से भी बताई, जहां उन्होंने प्रोडक्शन की बारीकियां सीखी। अब 27 साल बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तथ्य को खोज निकाला और ट्विटर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर इसपर मजेदार प्रतिक्रियाएं दी हैं। फैंस इस पुराने वीडियो के बारे में जानकर बहुत उत्साहित हैं और बिमल के सफर पर तारीफें कर रहे हैं। बिमल का यह खुलासा यह दर्शाता है कि कैसे छोटे-मोटे अवसर और सही मेंटरशिप फिल्मी करियर में बड़ा मोड़ ला सकती है। दलेर मेहंदी के साथ उनका जुड़ाव न केवल दोस्ती में मजबूत रहा बल्कि उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मददगार साबित हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खुलासे ने बिमल ओबेरॉय की लोकप्रियता को और बढ़ा दिया है। फैंस इस बात पर हैरान हैं कि किस तरह एक म्यूजिक वीडियो ने उनके करियर की दिशा बदल दी।

अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा का विवादित बयान, ‘धुरंधर’ को बताया प्रोपेगेंडा, ट्रोलिंग के बाद अकाउंट डिलीट

नई दिल्ली:   पिछले साल फिल्म सैयारा से बॉलीवुड में कदम रखने वाली एक्ट्रेस अनीत पड्डा की बहन रीत पड्डा इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में रीत ने आदित्य धर की फिल्मधुरंधर की आलोचना करते हुए इसे प्रोपेगेंडा फिल्म करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह फिल्म पूरी तरह से सरकार के पक्ष में नैरेटिव पेश करती है और राजनीतिक भाषणों के जरिए छोटे मुद्दों को सही ठहराती है। रीत ने सवाल उठाया कि क्या इसे प्रोपेगेंडा कहा जाए या नहीं, और इसे लेकर खुलकर अपनी राय रखी। रीत पड्डा नेधुरंधर के अलावाद कश्मीर फाइल्स औरद केरल स्टोरी जैसी फिल्मों की भी आलोचना की। उनका कहना था कि इन फिल्मों में आंकड़ों और तथ्यों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया और यह पूरे समुदाय के खिलाफ नैरेटिव तैयार करने का तरीका है। रीत ने बताया कि ऐसे मामलों में फिल्में सत्ताधारी पार्टी की लाइन के अनुसार जनता की सोच पर असर डालती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इसी तरह राजनीतिक मुद्दों पर अलग राय वाली फिल्में बनाई जातीं, जैसे किपंजाब 95, तो उन्हें रिलीज नहीं होने दिया जाता। रीत पड्डा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ ट्रोलिंग शुरू हो गई। कई नेटिज़न्स ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया और लगातार आलोचना की। इस ट्रोलिंग के दबाव के चलते रीत ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट कर दिया और इसके साथ ही अपना लिंक्डइन अकाउंट भी हटा दिया। इस विवाद ने दर्शकों के बीचधुरंधर को लेकर बहस को और तेज कर दिया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन राजनीतिक संदेश और नैरेटिव को लेकर दर्शकों में मतभेद नजर आए। आदित्य धर के निर्देशन वाली इस फिल्म ने दर्शकों को दो हिस्सों में बाँट दिया और फिल्म के राजनीतिक संदर्भों को लेकर सोशल मीडिया पर गर्म बहस छिड़ गई। इस पूरी घटना ने यह भी दिखाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी राय साझा करना कभी-कभी व्यक्तिगत हमलों और ट्रोलिंग का कारण बन सकता है। रीत पड्डा ने अपनी राय स्पष्ट रूप से रखी, लेकिन प्रतिक्रिया इतनी तीव्र हुई कि उन्हें अपनी ऑनलाइन उपस्थिति पूरी तरह से बंद करनी पड़ी।

पाकिस्तान की मध्यस्थता: मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्री मिडिल ईस्ट शांति चर्चा में शामिल

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के चलते तनाव बढ़ता जा रहा है इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की पहल की है और इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए इस्लामाबाद में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है इस बैठक में मिस्र और तुर्किए के विदेश मंत्री शामिल होने के लिए 29 मार्च को पाकिस्तान पहुँचे मिस्र के विदेश मंत्री डॉ. बद्र अब्देलत्ती और तुर्किए के विदेश मंत्री हकन फिदान इस्लामाबाद में बैठक में भाग लेने के लिए आए हैं बैठक 20 और 30 मार्च के बीच आयोजित होगी और इसमें सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद भी शामिल होंगे पाकिस्तान के विदेश मंत्री और डिप्टी पीएम इशाक डार ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से हालात और क्षेत्रीय विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की डार ने डी-एस्केलेशन की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि स्थायी शांति के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी ही सही रास्ता है उन्होंने सभी हमलों और दुश्मनी को समाप्त करने के महत्व को भी रेखांकित किया और कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और स्थिरता लौटाने के प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है इसके अलावा विदेश मंत्री इशाक डार ने यह जानकारी दी कि ईरान ने पाकिस्तानी झंडे वाले 20 और जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति दी है इस मार्ग के माध्यम से रोजाना दो जहाज गुजरेंगे यह कदम इलाके में शांति और स्थिरता लाने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है डार ने कहा कि यह घोषणा शांति की ओर एक सार्थक कदम है और इसे आगे बढ़ाने के लिए बातचीत, डिप्लोमेसी और कॉन्फिडेंस-बिल्डिंग उपाय ही एकमात्र तरीका हैं बैठक में शामिल सभी देशों के प्रतिनिधि मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष को नियंत्रित करने और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करेंगे इस पहल से उम्मीद की जा रही है कि इलाके में स्थिरता और सुरक्षा की स्थिति में सुधार आएगा

ईरान पर इजरायल की नजर: पूरे मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सैन्य ठिकानों को निशाना

नई दिल्ली । यरूशलम से आई ताजा जानकारी के अनुसार इजरायल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने एक लाइव प्रसारण में दावा किया है कि आने वाले कुछ ही दिनों में इजरायली सेना ईरान की सैन्य इंडस्ट्री के सभी महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले पूरी तरह से कर लेगी डेफ्रिन ने कहा कि इसका मतलब यह है कि ईरान की अधिकांश सैन्य उत्पादन क्षमता नष्ट हो जाएगी और उसे उसे ठीक करने में काफी समय लगेगा प्रवक्ता ने बताया कि IDF के पास एक व्यवस्थित प्लान है जो बड़े हमले के लिए पहले से तैयार किया गया है और स्थिति के अनुसार इसे लगातार अपडेट किया जा रहा है डेफ्रिन ने कहा कि इजरायली सेना के पास स्थिति को पूरी तरह से बदलने का अवसर है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि कोई भी ईरायली नागरिकों को नुकसान न पहुंचे सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार यमन से इजरायल पर मिसाइल लॉन्च किए जाने की घटना पर डेफ्रिन ने कहा कि इजरायल हूतियों समेत कई मोर्चों पर लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है उन्होंने चेतावनी दी कि जो कोई भी इजरायली नागरिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी लेबनानी मोर्चे पर भी इजरायली सेना ने अब तक 850 से अधिक हिज्बुल्लाह मिलिटेंट्स को मार गिराया है और उत्तरी इजरायली बस्तियों पर सीधे फायरिंग रोकने के लिए दक्षिणी लेबनान में नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है इस बीच, तेल अवीव में शुक्रवार को ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल हमले में लगभग 60 वर्षीय कंस्ट्रक्शन वर्कर की मौत हो गई पुलिस के अनुसार यह घटना डिस्पर्सिंग क्लस्टर म्यूनिशन मिसाइल से जुड़ी थी जिसने मेट्रोपॉलिटन एरिया के कई हिस्सों में हमला किया इस हमले में दो लोग मामूली रूप से घायल भी हुए ईरान से मिसाइल लॉन्च के बाद सेंट्रल इजरायल के बड़े इलाकों में एयर डिफेंस सायरन बज गए और लोग शेल्टर में चले गए इससे पहले दक्षिणी इजरायल में भी मिसाइल लॉन्च हुई थी जिसमें दो लोग हल्की चोटें आई हैं यह घटनाक्रम 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच हुआ है उस समय ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसकी बारीकी से निगरानी कर रहा है