बाल झड़ना से हो रही हैं परेशान, बस सप्ताह में 2 बार करें ये काम

नई दिल्ली हेयर फॉल (बाल झड़ना) आजकल की आम समस्या बन गई है, देखिए उनके साथ ऐसा हो रहा है। अगर आप भी चिंतित हैं और अपने बालों को मजबूत और शानदार दिखने की चाहत रखते हैं तो ये ट्रिक अपनाएं। ताकि आप बाल झड़ने की समस्या से दूर रहें। बाल झड़ने का मुख्य कारणसबसे पहले, बालों के झड़ने के मुख्य लक्षणों की बात करें तो इसमें खान-पान, तनाव, बालों में बदलाव, प्रदूषण और गलत बालों की देखभाल की दिनचर्या शामिल हैं। शरीर में पोषक तत्वों की कमी, विशेष रूप से आयरन, प्रोटीन और विटामिन की कमी, बालों को कमज़ोर बना देती है। इसके अलावा ज्यादातर केमिकल वाले शैंपू और हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल भी बालों को नुकसान पहुंचाता है। बालों के लिए तेल बनाने वालाक्या आप अपने बालों को लंबा, घना और मजबूत बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो तेल लगाने की आदत को अपनाना शुरू कर दें। एक सप्ताह में 2 बार तेल जरूर लगाएं। बेहतर परिणाम पाने के लिए रात में तेल लगाएं और रात भर तेल में बने रहें। तेल लगाने से आपके बालों के स्वास्थ्य में काफी हद तक सुधार हो सकता है। बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए ये आदतें अपनाई जा सकती हैं। बालों में मौजूद पोषण की कमी, रूखापन, डैंड्रफ जैसे प्रश्नों से बचने के लिए तेल की सलाह दी जाती है। स्वस्थ स्वस्थ बालों के लिए ये जरूरीइसके अलावा, बालों को बहुत ज्यादा हीट (जैसे स्ट्रेटनर, स्पेशलिटी) से बचाया जाता है, क्योंकि इससे बालों को नुकसान पहुंचता है। बेकार बालों में चॉकलेट खाने से भी बचना चाहिए। तनाव को कम करने के लिए योग और ध्यान (मेडिटेशन) अपनाएं। रोजाना 7-8 घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। इस तरह सही खान-पान, अच्छी देखभाल और स्वस्थ स्वभाव अपनाकर आप बालों के झड़ने की समस्या को काफी हद तक कम कर सकते हैं और अपने बालों को मजबूत, घना और स्वस्थ बना सकते हैं।
जस्सी की एंट्री पर मस्ती का तड़का बुमराह को ट्रेंट बोल्ट ने यूं छेड़ा फैंस हुए खुश

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 से पहले जिस नाम को लेकर सबसे ज्यादा चिंता और चर्चा हो रही थी वह आखिरकार राहत की खबर बनकर सामने आया है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब पूरी तरह फिट होकर मुंबई इंडियंस के साथ जुड़ चुके हैं और उनकी वापसी ने टीम के साथ साथ फैंस को भी बड़ी राहत दी है। हालांकि इस वापसी के साथ एक मजेदार पल भी जुड़ गया जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। उत्साहित जब बुमराह टीम से जुड़े तो उनके साथी और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने उन्हें फिल्मी अंदाज में छेड़ दिया। उन्होंने मशहूर डायलॉग घर की याद नहीं आई तुम्हें जस्सी बोलकर बुमराह का स्वागत किया। यह डायलॉग हाल ही में चर्चा में आई फिल्म धुरंधर से जुड़ी है जिसमें रणवीर सिंह के किरदार को इसी नाम से पुकारा जाता है। बुमराह को भी टीम में जस्सी के नाम से जाना जाता है इसलिए यह मजाक तुरंत वायरल हो गया। मुंबई इंडियंस ने इस पूरे पल का वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया और कैप्शन में लिखा कि आगया हमारा धुरंधर। इसके बाद फैंस ने भी इस वीडियो को जमकर शेयर किया और बुमराह की वापसी पर खुशी जाहिर की। लंबे समय से चोटों से जूझ रहे बुमराह को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं खासकर तब जब वह बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंचे थे। इससे यह कयास लगाए जा रहे थे कि शायद वह पूरी तरह फिट नहीं हैं। लेकिन अब टीम मैनेजमेंट की ओर से साफ कर दिया गया है कि बुमराह पूरी तरह तैयार हैं। टीम के कोच महेला जयवर्धने ने भी उनकी फिटनेस को लेकर पॉजिटिव संकेत दिए हैं। बुमराह हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन कर चुके हैं और उनकी लय को देखते हुए उम्मीद की जा रही है कि वह आईपीएल में भी अपना जलवा दिखाएंगे। आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस का पहला मुकाबला 29 मार्च को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैच में बुमराह के खेलने की पूरी संभावना जा रही है जिससे मुकाबला और भी रोमांचक हो सकता है। बुमराह की वापसी सिर्फ एक खिलाड़ी की वापसी नहीं बल्कि टीम के आत्मविश्वास की वापसी भी मानी जा रही है। उनकी सटीक यॉर्कर और डेथ ओवर की घातक गेंदबाजी हमेशा से मुंबई इंडियंस की ताकत रही है। ऐसे में जब वह फिर से मैदान पर उतरेंगे तो विरोधी टीमों के लिए चुनौती और भी कठिन हो जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि क्रिकेट सिर्फ प्रतिस्पर्धा ही नहीं बल्कि दोस्ती और हल्के फुल्के पलों का भी खेल है जहां खिलाड़ी एक दूसरे के साथ ऐसे मजेदार लम्हे साझा करते हैं जो फैंस के लिए यादगार बन जाते हैं।
बैन हुए आईपीएल खिलाड़ी: इन 5 स्टार खिलाड़ियों पर लगा बैन, बटलर ने लगाया ब्रेक

नई दिल्ली दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए सिर्फ ग्लैमर और रोमांच ही नहीं, बल्कि सख्त निर्देश भी दिए जाते हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस मामले में बिल्कुल भी सहमति नहीं जताई है। यही वजह है कि कई बड़े खिलाड़ी मशगूल में फंसकर बैन झेल गए हैं, जिससे उनकी रुचि पर गहरा असर पड़ा है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 खिलाड़ियों के बारे में— 1. प्रवीण तांबे – नियम तोड़ने वालों का भारी खजानाबैशियल की कहानी काफी प्रेरणादायक रही, लेकिन उन्होंने बीसीसीआई के डिजाइन का उल्लंघन करते हुए विदेशी टी10 लीग में हिस्सा लिया। बोर्ड के आधिकारिक कथन के बिना ऐसी लीग में खेलना प्रतिबंधित है। इसी वजह से उन पर आईपीएल में प्रतिबंध लगाया गया। 2. स्टीव स्मिथ – बॉल टेंपरिंग विवाद का असर2018 के कुख्यात बॉल टैम्परिंग स्कैंडल 2018 में फंसने के बाद स्टीव स्मिथ पर एक साल का बैन लगा। इसका असर आईपीएल पर भी पड़ा और वे पूरे सीजन से बाहर हो गए। यह विवाद उनके करियर का सबसे बड़ा झटका साबित हुआ। 3. रवींद्र जड़ेजा – पुरानी फिल्म का उल्लंघनआईपीएल 2010 में रियलिटी शो बैन झेलना पड़ा। उन्होंने प्रदर्शन से पहले अन्य टीमों के खिलाफ बातचीत की थी, जो पता चला था। बीसीसीआई ने उन्हें एक सीजन के लिए टिकट दिए जाने का संकेत दिया। 4. हैरी ब्रुक – अंतिम वक्ता का नाम रिटर्न का नुकसानइंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज हैरी ब्रूक ने हाल ही में आईपीएल से अपना नाम वापस ले लिया है। नए मानक के तहत ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की गई और उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया गया। यह निर्णय लीग के प्रति रेस्तराओं को बनाए रखने के लिए लिया गया। 5. हरभजन सिंह – ‘स्लैपगेट’ कांडआईपीएल 2008 में हरभजन सिंह और एस श्रीसंत के बीच हुआ विवाद ‘स्लैपगेट’ के नाम से मशहूर है। हरभजन ने मैच के बाद श्रीसंत को पिछड़ी मार दी थी, जिसके बाद उन्हें पूरे सीज़न के लिए उलट दिया गया था। आईपीएल में निर्देश क्यों है सबसे अहम?आईपीएल सिर्फ एक क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि एक ब्रांड है। इसकी साख बनाए रखने के लिए बीसीसीआई समय-समय पर निर्णय लेती है। चाहे भारतीय खिलाड़ी हों या विदेशी—नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं। इन खिलाड़ियों के उदाहरण हैं कि प्रतिभा के साथ-साथ निर्देशन भी जरूरी है। एक छोटी सी गलती भी बड़े करियर पर भारी पड़ सकती है।
एक मंडप तीन दुल्हनें अनोखी शादी ने मचाया तहलका मध्यप्रदेश से आई चौंकाने वाली कहानी

अलीराजपुर । मध्यप्रदेश के अलीराजपुर जिले के नानपुर गांव से सामने आई एक अनोखी शादी इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है जहां एक शख्स ने अपनी एक नहीं बल्कि तीन प्रेमिकाओं के साथ एक ही मंडप में सात फेरे लेकर सबको हैरान कर दिया। यह शादी सिर्फ एक निजी समारोह नहीं रही बल्कि सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होती हुई एक ऐसी कहानी बन गई जिसने परंपरा समाज और रिश्तों को लेकर नई बहस छेड़ दी है। समरथ मौर्य नाम के इस व्यक्ति ने अपनी तीनों प्रेमिकाओं के साथ जनजातीय रीति रिवाजों के अनुसार विवाह किया। यह विवाह एक दिन का नहीं बल्कि पूरे तीन दिनों तक चलने वाला आयोजन था जिसमें गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए और इस अनोखे पल के गवाह बने। सबसे दिलचस्प बात यह रही कि इस शादी में उनके छह बच्चे भी शामिल हुए जिन्होंने अपने पिता की बारात में जमकर नृत्य किया और इस आयोजन को एक अलग ही रंग दे दिया। बताया जाता है कि समरथ मौर्य का अपनी पहली प्रेमिका के साथ रिश्ता साल 2003 से जुड़ा हुआ था और समय के साथ बाकी दो महिलाएं भी उनके जीवन का हिस्सा बन गईं। पिछले करीब 15 वर्षों से ये सभी एक साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे थे और एक परिवार की तरह जीवन बिता रहे थे। लंबे समय तक बिना शादी के साथ रहने के बाद आखिरकार उन्होंने सामाजिक मान्यता और पारिवारिक पहचान के लिए विवाह करने का निर्णय लिया। इस फैसले के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए हैं। पहला यह कि उनके बच्चों को समाज में किसी तरह की असहज स्थिति का सामना न करना पड़े और उन्हें एक स्पष्ट पहचान मिल सके। दूसरा कारण जनजातीय परंपराओं से जुड़ा हुआ है जहां किसी भी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए विवाहित होना आवश्यक माना जाता है। ऐसे में इस परिवार ने अपने रिश्ते को औपचारिक रूप देने का रास्ता चुना। इस अनोखी शादी को लेकर कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा तेज हो गई है। सामान्य परिस्थितियों में एक से अधिक विवाह भारतीय कानून के तहत मान्य नहीं होते लेकिन जनजातीय समुदायों को उनके पारंपरिक रीति रिवाजों के अनुसार कुछ विशेष छूट दी गई है। इसी वजह से यह विवाह उस समाज की परंपराओं के अंतर्गत वैध माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस शादी की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कोई इसे प्रेम और जिम्मेदारी का उदाहरण बता रहा है तो कोई इसे सामाजिक मान्यताओं के खिलाफ मानकर सवाल उठा रहा है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने एक बात साफ कर दी है कि भारत के अलग अलग हिस्सों में परंपराएं और सामाजिक संरचनाएं आज भी विविधता से भरी हुई हैं जहां रिश्तों को देखने का नजरिया भी अलग अलग हो सकता है। यह शादी अब सिर्फ एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं रही बल्कि एक ऐसी कहानी बन गई है जो यह दिखाती है कि बदलते समय के बीच भी परंपराएं किस तरह लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं और कैसे लोग अपने हालात और सामाजिक जरूरतों के अनुसार फैसले लेते हैं।
गुजरात का माधवपुर मेला, पूर्व और पश्चिम की संस्कृतियों का संगम: प्रधानमंत्री मोदी की अपील..

नई दिल्ली:प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के पोरबंदर में आयोजित माधवपुर मेले के लिए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल एक उत्सव नहीं बल्कि भारत की विविध संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक है। माधवपुर मेला पूर्व और पश्चिम की सांस्कृतिक धरोहरों को एक साथ लाता है और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को जीवंत करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, गुजरात के पोरबंदर में चल रहे माधवपुर मेले के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। यह जीवंत उत्सव हमारी गौरवशाली संस्कृति को उजागर करता है और गुजरात और पूर्वोत्तर के बीच शाश्वत सांस्कृतिक बंधन को और मजबूत बनाता है। यह मेला विविध परंपराओं को एक साथ लाता है, जो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सच्ची भावना को दर्शाता है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि इस मेले में पधारें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने 27 मार्च 2022 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने माधवपुर मेले का महत्व और इसकी सांस्कृतिक भूमिका पर प्रकाश डाला था। उन्होंने कहा कि इस मेले के जरिए भारत की विविधता और सांस्कृतिक एकता को सीधे तौर पर महसूस किया जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि माधवपुर मेला पोरबंदर के माधवपुर गांव में समुद्र के किनारे लगता है, लेकिन इसका संबंध भारत के पूर्वी छोर से भी जुड़ा है। इसका कारण एक पौराणिक कथा है। कहा जाता है कि हजारों वर्ष पहले भगवान श्री कृष्ण का विवाह नार्थ ईस्ट की राजकुमारी रुक्मणि से हुआ था और यह विवाह पोरबंदर के माधवपुर में संपन्न हुआ। यही कारण है कि आज भी माधवपुर मेला वहां मनाया जाता है और यह पूर्व और पश्चिम के सांस्कृतिक बंधन का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि समय के साथ इस मेले में नई चीजें भी जुड़ रही हैं। खासतौर पर कन्या पक्ष और नार्थ ईस्ट से आने वाले कलाकार अब मेले की शोभा बढ़ाते हैं। एक सप्ताह तक चलने वाले इस मेले में नार्थ ईस्ट के आर्टिस्ट, हेंडीक्राफ्ट से जुड़े कलाकार और सांस्कृतिक कलाकार शामिल होते हैं। यह मेले की रौनक को चार चांद लगाते हैं और भारत के पूरब और पश्चिम की संस्कृतियों का अद्भुत मेल प्रस्तुत करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से आग्रह किया कि वे इस मेले के बारे में पढ़ें, जानें और भारत की सांस्कृतिक विविधता का अनुभव करें। उनका कहना था कि इस तरह के उत्सव न केवल हमारी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं बल्कि समाज में एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं। बता दें कि भगवान कृष्ण और रुक्मिणी जी के विवाह की स्मृति में आयोजित माधवपुर मेले का उद्घाटन 27 मार्च को हुआ था और यह पांच दिन तक चलता है। यह मेला गुजरात और नार्थ ईस्ट के बीच शाश्वत सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बनकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सजीव उदाहरण प्रस्तुत करता है।
वसंत में खिला कश्मीर लाखों ट्यूलिप के बीच उमड़ी भीड़ ने तोड़े सारे रिकॉर्ड

नई दिल्ली । जम्मू कश्मीर का मशहूर ट्यूलिप गार्डन इस साल वसंत के मौसम में आकर्षण का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है जहां पर्यटकों की रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ रही है। 16 मार्च को तय समय से पहले खोले गए इस गार्डन ने महज दो हफ्तों में 1.4 लाख से अधिक विजिटर्स का आंकड़ा पार कर लिया है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। हर दिन हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंचकर रंग बिरंगे फूलों की खूबसूरती का आनंद ले रहे हैं और कश्मीर घाटी को मानो एक जादुई फूलों की दुनिया में बदलते देख रहे हैं। इस साल गार्डन में लगभग 18 लाख ट्यूलिप के फूल लगाए गए हैं जिनमें 70 से 75 अलग अलग किस्में शामिल हैं। इन फूलों के रंग और उनकी विविधता पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है। सुबह और शाम के समय जब सूरज की किरणें इन फूलों पर पड़ती हैं तो पूरा गार्डन सुनहरे रंगों में नहाया हुआ दिखाई देता है जिसे देखने के लिए लोग खास तौर पर गोल्डन आवर का इंतजार करते हैं। गार्डन प्रशासन के अनुसार पहले यह गार्डन अप्रैल के शुरुआती हफ्ते में खोला जाता था लेकिन इस बार पर्यटकों की बढ़ती मांग और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इसे दो हफ्ते पहले ही खोल दिया गया। इसका असर साफ तौर पर देखने को मिला और शुरुआत से ही यहां भारी भीड़ जुटने लगी। रमजान के दौरान जहां रोजाना 4 से 5 हजार लोग आते थे वहीं ईद के बाद यह संख्या बढ़कर 10 से 12 हजार तक पहुंच गई जिसमें बड़ी संख्या स्थानीय लोगों की भी रही। पर्यटकों के बीच इस गार्डन को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। देश के अलग अलग हिस्सों के साथ साथ विदेशी सैलानी भी यहां पहुंच रहे हैं। लोग इसकी तुलना यूरोप के प्रसिद्ध फूलों के बागानों से कर रहे हैं और इसे धरती पर स्वर्ग जैसा अनुभव बता रहे हैं। ज़बरवान पर्वतमाला और डल झील की पृष्ठभूमि में खिले ये ट्यूलिप फूल पर्यटकों के लिए एक यादगार अनुभव बन रहे हैं। वाराणसी से आए एक पर्यटक ने बताया कि उन्होंने इस जगह के बारे में बहुत सुना था लेकिन यहां आकर उन्हें इसकी असली खूबसूरती का एहसास हुआ जो उम्मीद से कहीं ज्यादा शानदार है। वहीं एक अन्य पर्यटक ने कहा कि कई दिन बाद आने के बावजूद फूल पूरी तरह खिले और ताजगी से भरे हुए थे जो इस गार्डन की खासियत को दर्शाता है। इस गार्डन को तैयार करने में सैकड़ों माली और कर्मचारी महीनों तक मेहनत करते हैं। करीब छह महीने की योजना और देखभाल के बाद यह बाग जनता के लिए खोला जाता है। इसकी इसी भव्यता और विशालता के कारण इसे एशिया के सबसे बड़े ट्यूलिप गार्डन के रूप में अंतरराष्ट्रीय पहचान भी मिल चुकी है। लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या यह संकेत देती है कि आने वाले दिनों में यह गार्डन न केवल कश्मीर बल्कि पूरे देश के पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।
केरल विधानसभा चुनाव 2026: प्रधानमंत्री मोदी करेंगे रोड शो और रैली, राज्य में त्रिकोणीय मुकाबला

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम। केरल में विधानसभा चुनाव प्रचार अपने चरम पर है और राजनीतिक हलकों में चुनावी गतिविधियों का शोर हर तरफ सुनाई दे रहा है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केरल के पलक्कड़ और त्रिशूर में चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उन्होंने इस मौके पर कहा कि केरल के लोगों के बीच रहने का उन्हें बेसब्री से इंतजार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि आज शाम वह पलक्कड़ में एक रैली को संबोधित करेंगे और उसके बाद त्रिशूर में रोड शो में हिस्सा लेंगे। मोदी ने कहा कि केरल में आम माहौल एनडीए के पक्ष में है और लोग एलडीएफ और यूडीएफ के कुशासन से नाखुश हैं। यह स्पष्ट संदेश है कि भाजपा इस बार केरल में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। केरल चुनाव में राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य भर में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता सक्रिय रूप से रैलियों और चुनावी कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी रविवार को पलक्कड़ जिले की चार विधानसभा सीटों पर चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। यह दिखाता है कि चुनावी माहौल तेज और प्रतिस्पर्धात्मक है। इस बार केरल विधानसभा चुनाव में कुल 140 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। वोटिंग 9 अप्रैल 2026 को होगी और मतों की गिनती और परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। केरल विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 23 मई को समाप्त होने वाला है। भारतीय निर्वाचन आयोग की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, इस चुनाव में 2.71 करोड़ मतदाता अपने मत का इस्तेमाल करने के पात्र हैं। राजनीतिक विश्लेषक बता रहे हैं कि इस बार केरल में त्रिकोणीय मुकाबला है, जिसमें माकपा के नेतृत्व वाले एलडीएफ, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए आमने-सामने हैं। एलडीएफ सत्ता बनाए रखने की चुनौती का सामना कर रहा है, यूडीएफ वापसी की कोशिश में है और भाजपा को पहली बार बड़ी सफलता की उम्मीद है। पिछले चुनावों की बात करें तो 2021 में एलडीएफ ने 99 सीटें जीतीं, कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ को 41 सीटें मिलीं और भाजपा को कोई सीट नहीं मिली थी। 2016 में भाजपा ने पहली बार केवल एक सीट जीती थी। इस बार भाजपा की रणनीति और प्रधानमंत्री मोदी की सक्रिय भागीदारी एनडीए की स्थिति मजबूत करने के लिए अहम मानी जा रही है। चुनावी माहौल हर तरफ उत्साही है। प्रधानमंत्री मोदी की पलक्कड़ और त्रिशूर की रैलियां राज्य में एनडीए के प्रचार अभियान को और गति देंगी। राजनीतिक दल हर क्षेत्र में मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और जनता के बीच चुनावी मुद्दों पर बहस चल रही है। राज्य में त्रिकोणीय मुकाबले और जनता की बढ़ती भागीदारी के बीच आगामी चुनावों के परिणाम पर सभी की नजर है।
कामदा एकादशी व्रत कथा: पति-पत्नी की खुशहाली और पापों का नाश केवल आज

नई दिल्ली । आज 29 मार्च 2026 को कामदा एकादशी का व्रत रखा जा रहा है जो चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पर पड़ता है और हिन्दू नववर्ष का पहला एकादशी माना जाता है इसे हिन्दू धर्म की सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक माना जाता है और इस दिन व्रत रखने वालों के लिए कथा का पाठ करना बेहद शुभ होता है क्योंकि बिना कथा का पाठ किए पूजा अधूरी रह सकती है कथा के अनुसार प्राचीन काल में भोगीपुर नामक नगर में पुण्डरीक नामक राजा राज्य करता था वहां ललित और ललिता नामक पति-पत्न रहते थे जिनके बीच गहरा प्रेम था ललित राजा पुण्डरीक के दरबार में संगीत सुनाता था और एक बार गंधर्वों के साथ संगीत प्रस्तुत करते समय उसका ध्यान अपनी पत्नी पर गया और उसका सुर बिगड़ गया राजा ने इसे अपमान माना और क्रोध में आकर ललित को राक्षस बनने का श्राप दे दिया श्राप के प्रभाव से ललित मांस खाने लगा और उसका चेहरा भी भयानक हो गया लेकिन ललिता ने पति का साथ निभाना जारी रखा और लोगों से उपाय पूछने लगी दिन-ब-दिन ललित का स्वरूप और विकराल होता गया एक दिन वह जंगल की ओर गया और उसकी पत्नी भी पीछे-पीछे चली जंगल में ललिता को एक सुंदर आश्रम दिखाई दिया वहां उसने ऋषियों का प्रणाम किया ऋषि ने पूछा कि तुम कौन हो और ललिता ने अपना नाम बताया और अपने पति को मिले श्राप के बारे में बताया ऋषि ने ललिता को बताया कि इस समय चैत्र माह की एकादशी का व्रत रखने और इसका पुण्य अपने पति को देने से ललित ठीक हो सकता है विधि-विधान से ललिता ने कामदा एकादशी का व्रत रखा और द्वादशी तिथि को व्रत का पारण ऋषि के सामने किया और पुण्यफल अपने पति को दिया इसके परिणामस्वरूप ललित धीरे-धीरे ठीक होने लगा इसके बाद पति-पत्नी ने निरंतर एकादशी व्रत का पालन करना शुरू किया और उनके जीवन में खुशहाली लौट आई कामदा एकादशी का व्रत रखने वालों के सभी पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है आज के दिन व्रत का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं यह व्रत माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित है व्रत रखने वाले को शारीरिक और मानसिक सुख की प्राप्ति होती है पितरों और पूर्वजों की कृपा मिलती है और परिवार में खुशहाली कायम होती है इस दिन कथा का पाठ करने से व्रत पूर्ण फल देता है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं इस अवसर पर भक्तों को चाहिए कि वे व्रत के दिन विधि-विधान से निर्जला या अन्न जल का व्रत करें और भगवान विष्णु की पूजा अर्चना के साथ कथा का पाठ अवश्य करें ताकि उनके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आए व्रत का पालन केवल आध्यात्मिक लाभ ही नहीं बल्कि पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भी शांति और सौभाग्य लेकर आता है कामदा एकादशी का महत्व सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि जीवन में नैतिक और आध्यात्मिक दिशा देने वाला है व्रत और कथा का पालन करने से व्यक्ति का मन शुद्ध होता है उसका जीवन धर्म और भक्ति में समर्पित होता है और सभी पापों से मुक्ति मिलती है इस प्रकार आज कामदा एकादशी का व्रत रखने से जीवन में खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि सुनिश्चित होती है और पूजा अधूरी नहीं रहती
Bank Holidays Alert: अप्रैल में कई दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें कब-कब रहेंगी छुट्टियां

नई दिल्ली। अप्रैल 2026 में बैंक से जुड़े काम करने वालों के लिए जरूरी खबर है। इस महीने कई ऐसे दिन हैं जब देशभर में अलग-अलग कारणों से बैंक बंद रहेंगे। अगर आप बैंक से जुड़े जरूरी काम करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले इन छुट्टियों की लिस्ट जान लेना बेहद जरूरी है। इतने दिन बैंकों में बंद रहेगा कामकाजअप्रैल महीने की शुरुआत ही बैंकिंग छुट्टी से होती है। 1 अप्रैल को कई राज्यों में बैंकों का सालाना क्लोजिंग डे होता है, जिसके चलते बैंक बंद रहते हैं। इसके अलावा 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के अवसर पर देश के कई हिस्सों में बैंक बंद रहेंगे। महीने में नियमित छुट्टियों की बात करें तो 11 अप्रैल को दूसरा शनिवार और 25 अप्रैल को चौथा शनिवार पड़ रहा है, जिस दिन पूरे देश में बैंक बंद रहते हैं। इसके अलावा सभी रविवार को भी बैंकिंग सेवाएं बंद रहती हैं। 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती और कई राज्यों में बैसाखी जैसे त्योहारों के कारण बैंक बंद रह सकते हैं। यह छुट्टी कई राज्यों में लागू होती है, इसलिए अपने राज्य की छुट्टी जरूर चेक कर लें। इसके अलावा कुछ राज्यों में स्थानीय त्योहारों और विशेष अवसरों के कारण अलग-अलग तारीखों पर बैंक बंद रह सकते हैं। यानी यह जरूरी नहीं है कि सभी छुट्टियां पूरे देश में एक जैसी हों। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर साल राज्यवार बैंक छुट्टियों की सूची जारी करता है। हालांकि, बैंक बंद रहने के बावजूद ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहती हैं, जिससे आप अपने जरूरी काम आसानी से निपटा सकते हैं। कुल मिलाकर, अप्रैल 2026 में कई छुट्टियां होने वाली हैं, ऐसे में बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक करें ताकि आपको किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
पीएम मोदी ने टीम इंडिया की विश्व कप जीत को बताया ऐतिहासिक पल, जम्मू-कश्मीर टीम को भी दी बधाई

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री रेंद्र मोदी ने मन की बात के 132वें एपिसोड में भारतीय टीम के टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतने को लेकर बात की। इसके साथ ही पीएम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली जम्मू-कश्मीर टीम की भी जमकर सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पारस डोगरा की कप्तानी में किया गया टीम का प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रेरित करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मार्च का महीना देश के सभी क्रिकेट फैंस के लिए जोश और उत्साह से भर देने वाला रहा। पीएम मोदी ने कहा कि जब भारतीय टीम ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब जीतकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, तो पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने कहा कि अपनी टीम की इस सफलता पर हम सभी को गर्व है। पीएम मोदी ने कर्नाटक को फाइनल में हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली जम्मू-कश्मीर टीम के प्रदर्शन की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा खुशी की बात यह है कि टीम ने लगभग सात दशकों का लंबा इंतजार खत्म करते हुए खिताब को अपने नाम किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि टीम की यह सफलता खिलाड़ियों के कई वर्षों के निरंतर प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा की कप्तानी को भी सराहा। पीएम ने कहा कि पारस ने बतौर कप्तान शानदार कौशल दिखाया और अपनी कप्तानी से टीम की जीत में अहम योगदान दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार के नाम की भी खूब चर्चा हो रही है, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में 60 विकेट चटकाए। पीएम ने कहा कि फाइनल में मिली ऐतिहासिक जीत से टीम के खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और जम्मू-कश्मीर के लोग बहुत रोमांचित हैं और क्रिकेट में मिली यह सफलता वहां के लोगों को खेलों के प्रति और आकर्षित करेगी। पीएम मोदी ने गुलमर्ग में आयोजित हुए विंटर ओलंपिक का भी जिक्र किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों का जीत का यह सिलसिला इसी तरह से जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क में पुरुषों की हाफ मैराथन में नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने वाले दूरी के धावक गुलवीर सिंह की भी तारीफ की। गुलवीर ने इस मैराथन में तीसरा स्थान हासिल किया और वह एक घंटे से कम समय में हाफ मैराथन को पूरा करने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने। स्क्वैश ऑन फायर ओपन का खिताब जीतने वालीं स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह के प्रदर्शन की भी प्रधानमंत्री ने सराहना की।