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‘मटका’ का कमाल: गर्मियों में सेहत के लिए क्यों है मिट्टी के बर्तन वरदान

नई दिल्ली तेज गर्मी, लू और उमस के बीच ठंडा पानी हर किसी की ज़रूरत बन जाता है। ज़्यादातर लोग राहत के लिए फ्रिज का पानी पीते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि यह आदत कई बार गले और पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकती है। ऐसे में पारंपरिक तरीका यानी मिट्टी के मटके का पानी आज भी सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है। न सिर्फ़ यह पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, बल्कि शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद भी साबित होता है। प्राकृतिक ठंडक के साथ बेहतर स्वादमिट्टी के बर्तन में रखा पानी बिना किसी बिजली या केमिकल के अपने आप ठंडा हो जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह ज़रूरत से ज़्यादा ठंडा नहीं होता, जिससे गले पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। साथ ही, इसमें मिट्टी की हल्की खुशबू और स्वाद होता है, जो इसे और भी ताजगी भरा बनाता है। आयुर्वेद और विज्ञान दोनों का समर्थनआयुष मंत्रालय के अनुसार पारंपरिक बर्तनों में रखा पानी शरीर के लिए ज़्यादा फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में मटके के पानी को ‘अमृत’ के समान बताया गया है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से ठंडा रखते हुए पाचन तंत्र को संतुलित करता है। आधुनिक डॉक्टर भी मानते हैं कि यह पानी गले, पेट और आंतों के लिए सुरक्षित और लाभकारी है। डिटॉक्स और इम्यूनिटी में अधिकतममिट्टी के घड़े की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक फिल्टरिंग क्षमता है। यह पानी की विकृतियों को सोख लेता है, जिससे शरीर में विषैले तत्वों का असर कम होता है। नियमित रूप से मटके का पानी पीने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर की बीमारियों से लड़ने के लिए तैयार रहता है। पाचन और पीएच बैलेंस में सुधारमिट्टी में मौजूद फास्फोरस गुण (क्षारीय गुण) पानी के पीएच लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं। इससे एसिडिटी, गैस और अपच जैसी समस्याएं कम होती हैं। यही कारण है कि गर्मियों में मटके का पानी पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। फ्रिज के पानी से क्यों बेहतर?फ्रिज का बहुत ठंडा पानी अचानक शरीर के तापमान को प्रभावित करता है, जिससे गले में खराश, सर्दी-जुकाम या पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके उलट, मटके का पानी शरीर के अनुकूल तापमान पर होता है, जिससे यह बिना किसी साइड इफेक्ट के राहत देता है। सस्ता, सुरक्षित और असरदार उपायमहंगे कूलिंग सिस्टम और फिल्टर के मुकाबले मटका एक सस्ता और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है। इसमें रखा पानी पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त होता है। गर्मियों में हाइड्रेट रहने के लिए यह सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका माना जाता है।

बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत जोड़ी की दर्दभरी कहानी, कोर्ट रूम में बिखर गया मधुबाला का सप

नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा की एक आइकॉनिक अभिनेत्री Madhubala ने अपने करियर और खूबसूरती से दर्शकों के दिलों पर राज किया। 14 फरवरी 1933 को जन्मी मधुबाला का असली नाम मुमताज जहां देहलवी था। फिल्मों में रोमांटिक किरदार निभाने वाली मधुबाला असल जिंदगी में भी प्यार की तलाश में थीं। उनके जीवन की सबसे चर्चित लव स्टोरी Dilip Kumar के साथ जुड़ी रही, लेकिन इसका अंत बेहद दुखद और अप्रत्याशित रहा। मधुबाला और दिलीप कुमार की कहानी 1951 में आई फिल्म ‘तराना’ के सेट से शुरू हुई। इस रोमांस की शुरुआत उन्होंने ही की। मधुबाला ने अपने पर्सनल हेयरड्रेसर के माध्यम से दिलीप कुमार के कमरे में एक उर्दू खत और गुलाब का फूल भेजा। खत में लिखा था कि अगर दिलीप के दिल में भी वही भावनाएं हैं जो उनके अंदर हैं तो यह फूल स्वीकार कर लें। दिलीप कुमार ने भी यह फूल स्वीकार किया और दोनों के बीच प्यार की शुरुआत हुई। इनका रिश्ता सार्वजनिक तौर पर भी कई बार देखा गया। पहली बार दोनों को हाथ पकड़कर एक प्रीमियर में एंट्री करते देखा गया। एक पत्रकार ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में लिखा कि यह दृश्य उनकी यादों से कभी धुंधला नहीं होगा। इस प्रकार उनका प्यार धीरे-धीरे सार्वजनिक भी हुआ। लेकिन साल 1956 में मधुबाला की जिंदगी में तूफान आया। बीआर चोपड़ा ने फिल्म ‘नया दौर’ लॉन्च की और मधुबाला को लीड रोल में लिया। दस दिन की शूटिंग के बाद आउटडोर शूट होना था, लेकिन मधुबाला के पिता ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने पैसे लौटाने से भी मना कर दिया और मामला कोर्ट तक पहुँच गया। इस विवाद में दिलीप कुमार ने मधुबाला का साथ न देकर बीआर चोपड़ा के पक्ष में गवाही दी। माना जाता है कि दिलीप कुमार और मधुबाला के पिता के बीच तालमेल बिल्कुल नहीं था। कोर्ट में जो हुआ उसने मधुबाला को तोड़कर रख दिया। वह अपने प्यार को न्यायिक बहस के बीच देख रही थीं। दिलीप कुमार ने कहा कि वह हमेशा मधुबाला को प्यार करते रहेंगे लेकिन पिता और केस के बीच उनका रिश्ता बिखर गया। मधुबाला ने बाद में कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा कि वही व्यक्ति है जिसे उन्होंने इतना प्यार किया। उनकी बहन ने बताया कि मधुबाला की मौत दो बार हुई, पहली बार कोर्ट रूम में और दूसरी बार वास्तविक जीवन में। मधुबाला और दिलीप कुमार की कहानी केवल बॉलीवुड की एक रोमांटिक कहानी नहीं बल्कि यह उस दौर की सामाजिक और पारिवारिक बाधाओं की झलक भी है। पिता की रोकथाम, फिल्म इंडस्ट्री के दबाव और कोर्ट ड्रामे ने उनके नौ साल के प्यार को अधूरा छोड़ दिया। आज भी मधुबाला की खूबसूरती और दिलीप कुमार संग उनका प्यार दर्शकों के दिलों में अमिट है। इस लव स्टोरी से यह साफ होता है कि सिनेमा की दुनिया में सिर्फ ऑन-स्क्रीन रोमांस ही नहीं बल्कि असल जिंदगी में भी प्यार को कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मधुबाला और दिलीप कुमार की अधूरी मोहब्बत आज भी बॉलीवुड प्रेम कहानियों में सबसे दुखद और यादगार कहानी मानी जाती है।

घर से निकला फिर नहीं लौटा युवक 4 दिन बाद नदी में मिला शव डिप्रेशन एंगल की जांच

डबरा मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश के डबरा क्षेत्र से एक दुखद और रहस्यमयी मामला सामने आया है जहां चार दिन से लापता युवक का शव सिंध नदी के स्टॉप डैम के पास तैरता हुआ मिला है। इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और परिवार में गहरा मातम पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार आरुषि गांव निवासी 21 वर्षीय सूर्यभान रावत 23 मार्च की सुबह अचानक घर से लापता हो गया था। बताया जा रहा है कि वह अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़कर निकला था जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई थी। जब देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। अगले दिन 24 मार्च को उसकी बाइक सिंध नदी के पुल पर खड़ी मिली जिसके बाद मामला और गंभीर हो गया। इस सूचना के बाद पुलिस और बचाव टीम सक्रिय हो गई और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल की टीम ने नदी में युवक की तलाश शुरू की। बोट और अन्य संसाधनों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिली। इसी बीच इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई जिसमें सूर्यभान करीब चार घंटे तक इधर उधर घूमता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उसका कोई सुराग नहीं मिला जिससे परिजनों की चिंता और गहरी होती चली गई। आखिरकार चार दिन बाद युवक का शव सिंध नदी के स्टॉप डैम के पास तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक तौर पर यह मामला आत्महत्या से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है लेकिन पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। परिजनों के अनुसार सूर्यभान लंबे समय से मानसिक तनाव में था और डिप्रेशन से जूझ रहा था। बताया गया है कि करीब छह महीने पहले भी उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था लेकिन समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई थी। इस बार हालांकि वह बच नहीं सका और परिवार को गहरा सदमा देकर चला गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मामले की हर एंगल से जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और समय पर मदद कितनी जरूरी है। एक युवा जिंदगी का इस तरह खत्म हो जाना न केवल परिवार बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

IPL 2026 में रन बरसे: ईशान किशन के दम पर SRH ने खड़ा किया 202 का पहाड़

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के सामने 202 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा कर दिया। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में आरसीबी ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया, लेकिन कप्तान ईशान किशन की विस्फोटक पारी ने मैच का रुख ही बदल दिया। शुरुआत में लड़खड़ाई SRH, टॉप ऑर्डर फ्लॉप रहासनराइजर्स हैदराबाद की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 29 रन के स्कोर पर अपने तीन बड़े विकेट गंवा दिए। ट्रैविस हेड (11), अभिषेक शर्मा (7) और नीतीश कुमार रेड्डी (1) सस्ते में पवेलियन लौट गए। ऐसे में टीम दबाव में नजर आ रही थी और बड़ा स्कोर बनाना मुश्किल लग रहा था। कप्तान किशन और क्लासन ने संभाली पारीमुश्किल हालात में कप्तान ईशान किशन ने मोर्चा संभाला और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए टीम को संकट से बाहर निकाला। उन्होंने हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर चौथे विकेट के लिए 97 विकेट की अहम साझेदारी की। क्लासन ने 22 गेंद में 31 रन बनाकर अच्छा साथ निभाया। 38 गेंद में 80 रन, शतक से चूके लेकिन दिल जीत लियाकिशन ने अपनी कप्तानी पारी में 38 गेंद पर 80 रन ठोके, जिसमें 8 चौके और 5 कारनामे शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 200 के पार रहा। उन्होंने गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और पारी को तेजी से आगे बढ़ाया। भले ही वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस विस्फोटक पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। अनिकेत वर्मा का फिनिशिंग टचमिडिल ऑर्डर के बाद अंत में अनिकेत वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने महज 18 गेंद में 43 रन बनाकर टीम के स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। उनकी पारी में 3 चौके और 4 कारनामे शामिल रहे, जिन्होंने SRH को बड़ा स्कोर दिलाने में अहम भूमिका निभाई। RCB की ओर से डेब्यूटेंट डफी का कमालआरसीबी के लिए डेब्यू कर रहे जैकब डफी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 22 रन देकर 3 विकेट झटके और सबसे सफल गेंदबाज रहे। वहीं रोमारियो शेफर्ड ने 3 विकेट तो लिए, लेकिन काफी महंगे साबित हुए और 4 ओवर में 54 रन लुटा दिए। भुवनेश्वर कुमार, अभिनंदन सिंह और सुयश शर्मा को 1-1 विकेट मिला। 201/9 का स्कोर, RCB के सामने 202 रन की चुनौतीकप्तान किशन की शानदार पारी और अनिकेत के दमदार फिनिश की बदकिस्मती सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 201 रन बनाए और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को जीतने के लिए 202 रन का लक्ष्य दिया।

IPL 2026: कप्तानी डेब्यू पर ईशान किशन का जलवा, रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन

नई दिल्ली आईपीएल 2026 के पहले मैच में सनराइजर्स हैदराबाद के नए कप्तान ईशान किशन ने अपने पहले ही मैच में तूफानी बल्लेबाजी कर इतिहास रच दिया। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ खेले गए इस मैच में किशन ने सिर्फ 38 गेंदों में 80 रनों की धमाकेदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया और कप्तान ने डेब्यू में नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। डेब्यू कप्तानी में सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्डईशान किशन ने अपनी इस शानदार पारी के साथ मनीष पांडे और डेविड वार्नर जैसे दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। मनीष पांडे ने 2021 में 69* रन और डेविड वार्नर ने 2015 में 53 रन बनाए थे, लेकिन किशन ने 80 रन ठोककर सनराइजर्स के कप्तान के रूप में डेब्यू में सबसे बड़ी पारी खेलने का कारनामा कर दिखाया। लड़खड़ाती पारी को संभालें, क्लासन के साथ अहम साझेदारीजब टीम ने शुरुआती झटके के रूप में अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड के विकेट जल्दी गंवा दिए, तब किशन ने जिम्मेदारी संभाली। नंबर तीन पर उतरकर उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की और हेनरिक क्लासेन के साथ मिलकर 97 धूप की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई, जिसने टीम की पारी को स्थिरता दी। 210 के स्ट्राइक रेट से खेली विस्फोटक पारीईशान किशन ने अपनी 80 धूप की पारी में 8 चौके और 5 विकेट जड़े। उनका स्ट्राइक रेट 210 से भी ज्यादा रहा, जो बताता है कि उन्होंने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनके बल्लेबाजी के सामने आरसीबी का गेंदबाजी आक्रमण पूरी तरह बेबस नजर आया। आईपीएल में 3000 रन भी किए पूरेइस मैच में किशन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की। ​​उन्होंने आईपीएल में अपने 3000 रन भी पूरे कर लिए और गेंदबाजी के हिसाब से सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले छठे बल्लेबाज बन गए। इस दौरान उन्होंने केएल राहुल को पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने यह मुकाम 2203 गेंद में हासिल किया था, जबकि किशन ने 2180 गेंद में ही यह आंकड़ा छू लिया। अन्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे, अंत में अनिकेत का धमालजहां एक तरफ किशन और क्लासन ने टीम को संभाला, वहीं बाकी बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। नीतीश कुमार रेड्डी सिर्फ 1 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, अंत में अनिकेत वर्मा ने 18 गेंदों में 43 रन ठोककर टीम को 200 के पार पहुंचा दिया। 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ाईशान किशन की कप्तानी पारी की बदकिस्मती सनराइजर्स हैदराबाद ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 201 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हालांकि मुकाबले का नतीजा बाद में जो भी रहा हो, लेकिन किशन की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।

उज्जैन के नागदा में बेखौफ चोर दोपहर में घर में घुसकर सिलेंडर ले उड़े पूरी घटना कैमरे में कैद

नागदा । मध्यप्रदेश के नागदा क्षेत्र में इन दिनों गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और किल्लत के बीच अब चोरी की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं जिससे लोगों में चिंता का माहौल बन गया है। ताजा मामला उज्जैन जिले के नागदा स्थित राजीव कॉलोनी का है जहां दिनदहाड़े एक घर से गैस सिलेंडर चोरी कर लिया गया और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जानकारी के अनुसार घटना उस समय की है जब दोपहर में घर पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी हुई थी। सिलेंडर को कमरे में रख दिया गया था और परिवार के सदस्य उस वक्त मकान की पहली मंजिल पर मौजूद थे। इसी बीच मौके का फायदा उठाकर दो युवक घर में घुसे और बड़ी ही चालाकी से सिलेंडर उठाकर बाहर ले गए। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक युवक सिलेंडर को उठाकर बाहर लाता है जहां पहले से उसका एक साथी बाइक लेकर इंतजार कर रहा था। दोनों ने मिलकर सिलेंडर को बाइक पर रखा और कुछ ही सेकंड में वहां से फरार हो गए। यह पूरी वारदात इतनी तेजी से अंजाम दी गई कि आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी। करीब दो घंटे बाद जब परिवार के लोग नीचे आए तो उन्हें सिलेंडर गायब मिला। पहले तो उन्हें लगा कि शायद कहीं और रखा हो लेकिन काफी तलाश के बाद जब सिलेंडर नहीं मिला तो उन्होंने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। फुटेज देखने के बाद चोरी की पूरी घटना सामने आई जिससे परिवार के लोग भी हैरान रह गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई जिसके बाद मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है और आसपास के इलाकों में उनकी तलाश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और बाजार में मांग के चलते इस तरह की घटनाएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अपने घरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है। दिनदहाड़े हुई इस चोरी ने यह साफ कर दिया है कि अब चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे किसी भी समय वारदात को अंजाम देने से नहीं हिचक रहे हैं।फिलहाल पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा लेकिन इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

ईशान किशन की कप्तानी में पहला मुकाबला हार के बाद भी आत्मविश्वास से भरा बयान

नई दिल्ली:आईपीएल 2026 में Ishan Kishan ने अपने कप्तानी डेब्यू का अनुभव शानदार बैटिंग के बावजूद हार के रूप में झेला सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच पहले मुकाबले में SRH को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा ईशान किशन ने हालांकि बल्लेबाजी में कोई कमी नहीं रखी उन्होंने केवल 38 गेंदों में 8 चौके और 5 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 80 रन बनाए और टीम को निर्धारित 20 ओवर में 201 के स्कोर तक पहुँचाने में अहम योगदान दिया हालांकि SRH के गेंदबाज इस लक्ष्य को रोकने में सफल नहीं हो पाए और Virat Kohli के नाबाद अर्धशतक की मदद से आरसीबी ने महज 15.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। मैच के बाद ईशान किशन ने अपने अनुभव और सीख को साझा करते हुए कहा कि पहले 3-4 ओवरों में विकेट ने बल्लेबाजों को अच्छा साथ दिया लेकिन शुरुआती विकेट गंवाने के कारण टीम को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा उन्होंने बताया कि अगली बार उन्हें शॉट चयन में और समझदारी दिखानी होगी ईशान किशन ने बल्लेबाजों की तारीफ भी की और कहा कि पटरी से उतरने के बाद भी टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया जिससे आत्मविश्वास मिला। खासकर विराट कोहली की बल्लेबाजी ने मैच का रुख बदल दिया और ऐसे खिलाड़ी को जल्दी आउट करना जरूरी होता है नहीं तो वह टीम के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। उन्होंने यह भी माना कि यह पहला मैच है और शुरुआती गलतियां स्वीकार्य हैं बॉलिंग रणनीति में सुधार की जरूरत है ताकि टीम अगले मैच में और मजबूत होकर उतर सके कप्तानी अनुभव पर ईशान किशन ने कहा कि इस हार के बावजूद उन्होंने हर पल का आनंद लिया और यह IPL है इसलिए कभी-कभी घबराहट होना सामान्य है। उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि टीम के रूप में अनुभव और मेहनत से वे आने वाले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे और टूर्नामेंट में आगे बढ़ना आसान होगा ईशान किशन की यह प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि वह हार को केवल एक सीख के रूप में लेते हैं और टीम के साथ मिलकर सुधार करने का उत्साह रखते हैं यह रवैया कप्तान के रूप में उनके आत्मविश्वास और लीडरशिप की झलक दिखाता है। उनके इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि टीम हार से निराश नहीं होगी बल्कि प्रत्येक मैच से सीखकर मजबूत बनकर निकलेगी आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में अनुभव और सीखना बहुत महत्वपूर्ण होता है ईशान किशन ने अपने डेब्यू मैच में कप्तानी की जिम्मेदारी को भलीभांति निभाते हुए अपनी टीम के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया और व्यक्तिगत प्रदर्शन के साथ टीम भावना को बनाए रखा उनकी सकारात्मकता और आत्मविश्वास भविष्य में टीम के लिए लाभकारी साबित होंगे और आगामी मैचों में बेहतर रणनीति अपनाने में मदद करेंगे

गोल्फ की स्टार अदिति अशोक: ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन से जीता देश का दिल

नई दिल्ली भारत में जहां क्रिकेट की स्टडीज हमेशा बनी रहती हैं, वहीं गोल्फ जैसे खेलों को पहचानना आसान नहीं होता। लेकिन अदिति अशोक ने इस धारणा को बदलते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। कम उम्र में शुरू हुई उनकी यात्रा में आज भारत की सबसे सफल महिला गोल्फर शामिल हैं। खासकर टोक्यो ओलंपिक 2020 में उनका प्रदर्शन आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है. बचपन से ही दिखा था गोल्फ का जुनून29 मार्च 1998 को बेंगलुरु में जन्मे अजित अशोक ने बहुत कम उम्र में ही गोल्फ को अपना लक्ष्य बना लिया था। ऐसे खेलों को सूचीबद्ध करें, जो भारत में सबसे लोकप्रिय नहीं है, आप में बड़ा निर्णय था। लेकिन उनके माता-पिता ने उनके साथ हर कदम उठाया। 12 साल की उम्र में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और 13 साल की उम्र में पहला खिताब जीता, अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। जूनियर से प्रोफेशनल तक का शानदार सफरएडिट ने 2012, 2013 और 2014 में कॉन्स्टेंटाइन थ्री बार नेशनल जूनियर चैंपियनशिप का इतिहास रचा। 2015 में लेडीज ब्रिटिश एमेच्योर स्ट्रॉक प्ले चैंपियनशिप के बाद उन्होंने 2016 में प्रोफेशनल प्रोफेशनल्स की शुरुआत की। इसी साल उन्होंने वीमेंस इंडियन ओपन मेमोरियल लेडीज यूरोपियन टूर खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनने का गौरव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने कतर लेडीज ओपन में भी जीत दर्ज कर अपनी पहचान और मजबूती की। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर लगातार डेमोक्रेटिक प्रदर्शनएडिथ अशोक ने लेडीज़ यूरोपियन टूर और रेस्टॉरेंट टूर में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। 2017 में उन्होंने चैलेंज वाली भारत की दूसरी खिलाड़ी बनीं और ‘रूकी ऑफ द ईयर’ रैंकिंग में भी शानदार स्थान हासिल किया। 2018 और 2019 में भी उन्होंने कई टूर्नामेंटों में लगातार कट हासिल करते हुए अपनी स्थिरता साबित की। टोक्यो ओलिंपिक में इतिहास रचने से चूक गई, लेकिन दिल जीत गईटोक्यो ओलंपिक 2020 मेंआदित्य अशोक ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वह पदक जीतने के बेहद करीब पहुंच गया, लेकिन अंत में चौथे स्थान पर पहुंच गया। हालाँकि पदक नहीं मिला, लेकिन उनके प्रदर्शन ने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया और उन्हें नई पहचान दिलाई। भारत में गोल्फ को लक्जरी नई पहचानएडल्ट की यात्रा केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। वे भारत में गोल्फ जैसे खेल को नई पहचान देते हैं। आज कई युवा खिलाड़ी अपने आदर्श आदर्श इस खेल में रुचि पैदा करने की सोच रहे हैं। क्रिकेट के बीच गोल्फ को जगह देना उनकी सबसे बड़ी पेशकश में से एक है। निरंतर आगे तेज़ प्रेरणादायक कहानीअदिति अशोक आज भी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश में हैं। उनकी यात्रा यह बताती है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी खेल में दुनिया के मंच पर पहचान बना सकता है।

मौत बनकर दौड़ी कार पलटते ही लगी आग तीन जिंदगियां राख दो जिंदगी मौत से जूझती

बालाघाट । मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। शनिवार रात एक कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी और देखते ही देखते आग का गोला बन गई। इस भयावह दुर्घटना में एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए हैं और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार यह हादसा मलाजखंड मार्ग पर केवलारी चौराहे के पास हुआ। बताया जा रहा है कि सीतम केलकर अपनी पत्नी सविता और तीन साल के बेटे अभि के साथ दो दिन पहले अपने गृहग्राम गए हुए थे। शनिवार रात खाना खाने के बाद वे अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ वापस लौट रहे थे। कार में कुल छह लोग सवार थे और माहौल सामान्य था लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह सफर एक भयानक त्रासदी में बदल जाएगा। रास्ते में केवलारी चौराहे के पास अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने छोटे नाले में जा गिरी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार पलट गई और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर बैठे लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। देखते ही देखते कार धू धू कर जलने लगी और चीख पुकार के बीच तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे में नगारची केलकर सविता केलकर और मासूम अभि केलकर जिंदा जल गए। वहीं कार चला रहे सीतम केलकर और उनकी मां नाना बाई गंभीर रूप से झुलस गए हैं। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोंदिया रेफर किया गया है जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। इस भयावह हादसे में आठ साल की बच्ची पूर्वी रहांगडाले किसी तरह बच निकली जो इस त्रासदी की प्रत्यक्षदर्शी बन गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जब तक आग बुझाई गई तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी और अंदर फंसे लोगों को बचाने की कोई संभावना नहीं बची थी। घटनास्थल का मंजर इतना भयावह था कि देखने वालों के रोंगटे खड़े हो गए। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया है। एक ही पल में तीन जिंदगियां खत्म हो गईं और एक खुशहाल परिवार बिखर गया। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन चलाते समय सतर्कता की जरूरत को उजागर किया है। इस तरह की घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि सड़क पर एक छोटी सी चूक भी कितना बड़ा नुकसान कर सकती है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

IPL 2026 में बड़ा पल: विराट कोहली और अनिल कुंबले के रिश्ते हुए सामान्य, गले मिले दोनों

नई दिल्ली आईपीएल 2026 के शोरूम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच जहां रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला, वहीं मैदान पर एक ऐसा अनोखा पल भी देखने को मिला जिसने प्रेमी का दिल जीत लिया। भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच सागर से चली आ रही दूरी खत्म होती नजर आई। गले मिले ही खत्म हुआ पुराना विवादएम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सबसे पहले विराट कोहली और अनिल कुंबले जब रिव्यु-प्रमुख आए, तो दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर गले से लगा लिया। यह पल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। दोनों के बीच कुछ देर तक हंसी-मजाक की बातचीत भी हुई, जिसने साफ संकेत दिया था कि अब पुराना सोफा पीछे छूट गया है। 2016 के विवाद में शामिल थी दूरियाँसाल 2016 में जब अनिल कुंबले भारतीय टीम के हेड कोच बने थे, तब विराट कोहली कैप्टन थे। उस दौरान दोनों के बीच सही तालमेल नहीं मिल पाया। पचास प्रतिशत वृद्धि हुई थी कि कुंबले को अपना पूरा पूरा होने से पहले ही त्याग दिया गया था। उस समय यह भी चर्चा चल रही थी कि टीम के अंदर उनके स्ट्रेटगेट को लेकर खिलाड़ी सहज नहीं थे। बंदी के बाद लंबे समय तक दोनों के रिश्तों में ठंडापन बना रहा, लेकिन अब आईपीएल 2026 के इस क्लब में जो तस्वीर सामने आई, उसने प्रेमियों को राहत दे दी। डेल स्टेन से भी खास मुलाकातमैच के दौरान विराट कोहली की मुलाकात दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन से भी हुई। स्टेन अपने साथ एक पुराना इंडिया जर्सी लेकर आए थे, जिस पर कोहली का नाम लिखा था। उन्होंने कोहली से उस जर्सी पर ऑटोग्राफ देने की पेशकश की। कोहली इस खास पल से काफी खुश नजर आए और जर्सी पर हस्ताक्षर किए। यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और शौकीनों ने इसे बेहद पसंद किया। चैंपियन टीम के इरादे मजबूतसिद्धांत है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने आईपीएल 2025 का खिताब अपने नाम किया था और इस सीजन में टीम ने अपना खिताब अपने नाम करने का इरादा जताया है। पहले ही मैच में शानदार जीत के साथ टीम ने अपने इरादे साफ कर दिए। आईपीएल 2026 के पहले मैच में विराट कोहली और अनिल कुंबले के बीच गले मिलने का दृश्य क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास रहा। इस पल इस बात का संकेत है कि दोनों दिग्गज अब पुरानी चीजों को खोदकर आगे बढ़े हुए हैं।