क्या ‘हमजा’ का किरदार असली है? धुरंधर 2 से जुड़े कर्नल ने सुनाई रियल जासूस की कहानी

मुंबई। धुरंधर 2 की रिलीज के बाद दर्शकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि फिल्म में दिखाया गया जासूसी किरदार कितना वास्तविक है। इसी बीच फिल्म से जुड़े सैन्य सलाहकार कर्नल भूपेंद्र शाही ने दावा किया है कि कहानी में कई पहलू वास्तविक घटनाओं से प्रेरित हैं। उन्होंने एक ऐसे जासूस का किस्सा भी साझा किया, जिसने सीमा पार जाकर महीनों तक गुप्त मिशन पूरा किया। विजय विक्रम सिंह के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कर्नल शाही ने कहा कि जासूसी गतिविधियां हर देश में होती हैं और फिल्म में दिखाया गया अंदाज काफी हद तक वास्तविक है। उन्होंने बताया कि उनके पास एक ऐसा युवक था, जिसे सीमा पार भेजा गया था और उसने महत्वपूर्ण जानकारी जुटाकर वापसी की। कर्नल शाही के मुताबिक, वह जासूस पीओके में करीब तीन-चार महीने तक रहा। वहां उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए स्थानीय माहौल में खुद को ढाल लिया, यहां तक कि निकाह भी किया और मदरसे में रहकर गूंगे व्यक्ति का अभिनय करता रहा। मिशन के दौरान एक बार उसकी पहचान उजागर होने का खतरा भी पैदा हुआ, लेकिन स्थानीय महिला की मदद से वह बच निकला। उन्होंने बताया कि जासूस को एक तय तारीख तक एलओसी पार कर वापस लौटना था, लेकिन परिस्थितियों के कारण देरी हो गई। इसके बावजूद वह किसी तरह भारतीय सीमा में दाखिल हो गया। बाद में सेना ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसके पास मौजूद जानकारी को सुरक्षित तरीके से निकाला गया। कर्नल शाही ने कहा कि मिशन के दौरान जासूस को पर्याप्त नकद राशि भी दी गई थी, जिसे उसने स्थानीय लोगों के बीच विश्वास बनाने में इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, फिल्म में दिखाए गए कई तत्व ऐसे वास्तविक अभियानों से प्रेरित हैं, हालांकि सिनेमा में उन्हें थोड़ा नाटकीय रूप दिया जाता है। बताया जाता है कि कर्नल शाही इससे पहले भी कई फिल्मों में सैन्य सलाहकार की भूमिका निभा चुके हैं। उनका काम फिल्मों को यथार्थ के करीब लाना और सैन्य प्रक्रियाओं की प्रामाणिकता सुनिश्चित करना होता है।
LPG संकट के बीच PNG कनेक्शन को बढ़ावा… जानें युद्ध में भी इस पर क्यों नहीं पड़ रहा कोई असर?

नई दिल्ली। ईरान (Iran) पर अमेरिका और इजरायल के हमले (America and Israeli attacks) ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सप्लाई की चेन खराब कर दी है। तेल भंडार से भरे, गल्फ क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइलों की बारिश ने तबाही ला दी है। इसका असर भारत समेत दुनिया के कई अन्य देशों पर भी पड़ा है और सभी देश दशकों की सबसे बड़ी फ्यूल क्राइसिस (Biggest Fuel Crisis) से जूझ रहे हैं। भारत (India) में, सरकार लोगों को पीएनजी कनेक्शन (PNG connection) के लिए उत्साहित कर रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि अगर उनके घरों तक पीएनजी लाइन पहुंच गई है तो वह एलपीजी सिलिंडर सरेंडर करके पीएनजी में शिफ्ट हो जाएं। बता दें कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के चलते एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ा है। आइए समझते हैं कि आखिर क्या है पीएनजी? साथ ही यह भी जानेंगे कि क्या इसकी सप्लाई, एलपीजी सप्लाई की तरह प्रभावित नहीं हुई है। क्या है पीएनजीपीएनजी यानी पाइपलाइन गैस या पाइप्ड नैचुरल गैस, मुख्य रूप से नैचुरल गैस (अधिकतर मीथेन) है। इसे अंडरग्राउंड पाइपलाइनों के जरिए सीधे घरों तक पहुंचाया जाता है। भारत में पीएनजी को गैस वाले क्षेत्रों से प्राकृतिक ढंग से निकाला जाता है और तरल रूप में, लिक्विफाइड नैचुरल गैस (एलएनजी) के रूप में सप्लाई किया जाता है। वहीं, दूसरी तरफ एलपीजी रिफाइनरियों में तैयार की जाती है। वहां पर इसे क्रूड ऑयल से बनाया जाता है। पीएनजी लगातार फ्लो में रहती है और इसे रिफिलिंग की जरूरत नहीं होती। यह सिटी गैस नेटवर्क के जरिए लो प्रेशर में सप्लाई की जाती है। पीएनजी आती कहां से हैभारत में घरेलू स्तर पर पीएनजी, गैस क्षेत्रों, जैसे-कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन, आसाम और त्रिपुरा से आती है। उत्तरी तट पर गहरे पानी में स्थित केजी बेसिन, सबसे बड़ा उत्पादक है। केजी बेसिन में तीन क्षेत्र, आर क्लस्टर, सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे हैं। यह साल 2024 में भारत में पैदा हुई, कुल 36 बीसीएम पीएनजी का 25 फीसदी है। अनुमान है कि पूरे जीवन में यहां से 85 बीसीएम पीएनजी का उत्पादन होगा। असम और त्रिपुरा के बेसिन रिजर्व से देश के उत्पादन की 47 फीसदी पीएनजी आती है। वहीं, इंपोर्टेड नैचुरल गैस (एलएनजी) भारत में मध्य पूर्व, मुख्य रूप से कतर से आती है। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी भारत को एलएनजी सप्लाई करते हैं। क्यों प्रभावित हो रही एलपीजी सप्लाईएलपीजी प्रोपेन और ब्यूटेन का एक मिश्रण है, जिसे सिलेंडरों में दबाव के तहत तरल रूप में संग्रहित किया जाता है। यह क्रूड ऑयल को प्रोसेस करके निकाला जाता है। इसके लिए दुनिया, मुख्य रूप से मध्य पूर्व पर निर्भर करती है। भारत अपनी एलपीजी खपत का लगभग 60 फीसदी आयात करता है। इसमें से करीब 90 फीसदी होर्मुज से आता है। मिडिल ईस्ट से आयात पर निर्भर होने के चलते एलपीजी की सप्लाई पर असर पड़ रहा है। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर रखा है। वहां से गिने-चुने टैंकर ही पास हो पा रहे हैं। इसके लिए भी काफी ज्यादा कवायद करनी पड़ रही है। हाल ही में अलग-अलग शहरों में एलपीजी सिलिंडरों के लिए लगने वाली लाइन, इसी डिस्टर्बेंस का नतीजा है। पीएनजी सप्लाई पर असर क्यों नहींभारत सरकार लगातार लोगों से अपील कर रही है कि विकल्प होने पर वह एलपीजी सिलिंडरों को छोड़ पाइप से सप्लाई होने वाली पीएनजी पर शिफ्ट हो जाएं। इसकी वजह यह है कि ईरान में चल रहे युद्ध के हालात में भी पीएनजी की सप्लाई प्रभावित नहीं होने वाली है। पीएनजी फिक्स पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए डिलिवर होती है। चूंकि इसके वितरण का तरीका जमीन के नीचे बिछी पाइपों से होता है, ऐसे में इसे सिलिंडरों में भरने की जरूरत नहीं होती। इसलिए अगर वैश्विक स्तर पर किसी तरह का डिस्टर्बेंस भी होता है तो इसकी सप्लाई पर असर नहीं पड़ने वाला है। लोगों को बिना किसी बाधा के गैस मिलनी जारी रहती है और घरों का चूल्हा जलता रहता है। एलएनजी का आयातभारत हर साल करीब 25-26 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी का आयात करता है। उदाहरण के लिए, एस एंड पी ग्लोबल के अनुसार, भारत ने 2025 में करीब 25.5 मिलियन टन एलएनजी आयात की थी। भविष्य में यह बढ़कर सालाना 28–29 मिलियन टन तक होने का अनुमान है। भारत का आधिकारिक सरकारी आंकड़ा, पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल द्वारा प्रकाशित किया जाता है। यह एलएनजी आयात को ट्रैक करता है और पुष्टि करता है कि भारत की प्राकृतिक गैस की मांग का लगभग 50 फीसदी आयात से पूरा होता है, जो मुख्य रूप से एलएनजी के रूप में होता है। मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते एलएनजी पूरी तरह अप्रभावित नहीं है। बता दें कि वित्त वर्ष 25 में कतर से 41 फीसदी आयात हुआ। वहीं, अमेरिका से भारत के एलएनजी आयात का 19 प्रतिशत रहा। एलपीजी बनाम पीएनजी कनेक्शनों की संख्याभारत के पास वर्तमान में 16.2 मिलियन घरेलू पीएनजी कनेक्शन हैं। इसके मुकाबले 332 मिलियन से अधिक एलपीजी उपभोक्ता हैं। साल 2014 में यह संख्या 140 मिलियन थी। इसमें 105.6 मिलियन बीपीएल परिवार भी हैं, जिनके पास पीएम उज्ज्वला योजना के अंतर्गत सब्सिडी वाले कनेक्शन हैं।
IPL 2026 हाइलाइट: मुंबई इंडियंस के बिना इन सितारों के, KKR को कर सकते हैं परेशान

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में आज यानी रविवार को क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक रोमांचक मुकाबला होने जा रहा है। 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) और 3 बार ट्रॉफी जीत चुकी कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) अपना पहला मैच खेलने उतरेगी। यह मुकाबला वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। IPL 2026 के पहले दिन डिफेंडिंग चैंपियन आरसीबी ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत की थी। अब MI और KKR के बीच मुकाबला दर्शकों के लिए उत्साह और चुनौती दोनों लेकर आया है। मुंबई इंडियंस की प्लेइंग 11 में दो बड़े नाम नहींमुंबई इंडियंस इस बार भी खिताब की प्रबल दावेदार है। टीम में रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पांड्या, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा जैसे धुरंधर मौजूद हैं। लेकिन पहले मुकाबले में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर और इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स टीम से जुड़ नहीं पाए हैं। इनके बिना टीम की प्लेइंग 11 में शेरफेन रदरफोर्ड और अफगान स्पिनर अल्लाह गजनफर को मौका मिल सकता है। इस बदलाव के बावजूद मुंबई की बल्लेबाजी और गेंदबाजी का संतुलन अच्छा दिखता है। मुंबई इंडियंस संभावित प्लेइंग 11:रोहित शर्मा, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, नमन धीर, हार्दिक पांड्या (कप्तान), शेरफेन रदरफोर्ड, दीपक चाहर, अल्लाह गजनफर/मिचेल सैंटनर, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट। KKR के लिए फिन एलन होंगे चुनौतीकोलकाता नाइट राइडर्स की टीम भी खतरनाक खिलाड़ियों से भरी है। टीम में फिन एलन, जिन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में सिर्फ 33 गेंदों में शतक जड़कर न्यूजीलैंड को फाइनल में पहुंचाया था, शामिल हैं। इस पारी में उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के लगाए थे। इस खिलाड़ी की मौजूदगी KKR के लिए बड़ी ताकत है और मुंबई के गेंदबाजों को संभलकर खेलना होगा। KKR की टीम में कैमरून ग्रीन और ब्लेसिंग मुजरबानी जैसे विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो अकेले मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। KKR संभावित प्लेइंग 11:अंगकृष रघुवंशी, फिन एलन (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, सुनील नरेन, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती, उमरान मलिक, ब्लेसिंग मुजरबानी। हेड टू हेड रिकॉर्डIPL इतिहास में अब तक MI और KKR के बीच 35 मुकाबले खेले गए हैं। जिसमें MI ने 24 और KKR ने 11 मैच जीते हैं। वानखेड़े स्टेडियम में दोनों टीमों के बीच 12 मैच हुए, जिसमें MI ने 10 और KKR ने सिर्फ 2 जीत हासिल की है। ये आंकड़े मुंबई के पक्ष में भारी हैं, लेकिन KKR के विदेशी धुरंधर मैच में बदलाव ला सकते हैं। आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस मिचेल सैंटनर और विल जैक्स के बिना उतरेगी, जबकि KKR के फिन एलन और विदेशी खिलाड़ियों से लैस टीम के सामने मुंबई को कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। यह मुकाबला दोनों टीमों की ताकत और रणनीति की परीक्षा लेने वाला है और क्रिकेट फैंस के लिए रोमांचक शाम लेकर आएगा।
1361 करोड़ की बंपर फिल्म: राजामौली ने बनारस को हैदराबाद में फिर से जीवंत किया

नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा के मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए मशहूर एस एस राजामौली की अगली फिल्म ‘वाराणसी’ चर्चा का केंद्र बन चुकी है। नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में बनारस के घाट, मंदिर और गलियां तैरने लगती हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि फिल्म की शूटिंग असली बनारस में नहीं, बल्कि हैदराबाद की फिल्म सिटी में की जा रही है। हैदराबाद में तैयार किया गया असली बनारस जैसा सेटफिल्म के लिए हैदराबाद में बड़े और भव्य सेट तैयार किए गए हैं, जिनमें घाटों की सीढ़ियां, पुराने महल, मंदिर और छोटी-छोटी गलियां पूरी तरह असली बनारस जैसी दिखाई देंगी। पत्थरों की बनावट और हर छोटी-छोटी चीज़ पर खास ध्यान रखा गया है। मकसद यह है कि पर्दे पर सब कुछ बिल्कुल असली लगे और दर्शक पूरी तरह फिल्म में खो जाएं। दमदार सिनेमैटिक एक्सपीरियंस सूत्रों के मुताबिक, राजामौली चाहते हैं कि दर्शकों को शानदार सिनेमैटिक अनुभव मिले। उन्होंने और उनकी टीम ने बनारस की असली जगहों की तस्वीरों के आधार पर सेट तैयार किया है। फिल्म का टाइटल लॉन्च भी बड़े धूमधाम के साथ किया गया और पूरी टीम दिन-रात मेहनत कर रही है, ताकि हर फ्रेम शानदार और प्रीमियम लगे। 1361 करोड़ का मेगा बजट‘वाराणसी’ को भारतीय सिनेमा की सबसे महंगी फिल्मों में से एक माना जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का बजट लगभग 1361 करोड़ रुपये है। इतनी बड़ी लागत के पीछे वजहें हैं: इंटरनेशनल लोकेशंस पर शूटिंग, हाई‑एंड VFX और विशाल सेट। यह फिल्म एक्शन-एडवेंचर जॉनर में तैयार की जा रही है और बड़े पर्दे पर अविश्वसनीय अनुभव देने का वादा करती है। स्टार कास्ट और रिलीजफिल्म में लीड रोल में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन होंगे। प्रियंका चोपड़ा फिल्म में ‘मंदाकिनी’ के रोल में नजर आएंगी और लंबे समय बाद भारतीय सिनेमा में वापसी करेंगी। पृथ्वीराज का किरदार ‘कुंभ’ फिल्म में थ्रिल और सस्पेंस जोड़ता दिखेगा। फिल्म का बॉक्स ऑफिस धमाका 7 अप्रैल, 2027 को होगा।
नुमान जन्मोत्सव 2026 में महिलाओं के लिए खास नियम जानें पूजा में छोटी गलती भी पड़ सकती है भारी

नई दिल्ली: हनुमान जन्मोत्सव का पर्व भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और पावन अवसर माना जाता है इस दिन श्रद्धालु पूरी आस्था और भक्ति के साथ बजरंगबली की पूजा अर्चना करते हैं मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से पूजा करने पर जीवन के बड़े से बड़े संकट दूर हो जाते हैं और सुख समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था और वर्ष 2026 में यह पर्व 2 अप्रैल को मनाया जाएगा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हनुमान जी की पूजा में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं खासकर महिलाओं के लिए कुछ अलग सावधानियां रखने की परंपरा रही है इन नियमों का पालन श्रद्धा और मर्यादा के साथ करना शुभ माना जाता है सबसे पहले यह ध्यान रखना जरूरी है कि महिलाएं हनुमान जी की मूर्ति को स्पर्श न करें मान्यता के अनुसार हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं इसलिए उनकी प्रतिमा को बिना छुए ही फूल और प्रसाद अर्पित करना उचित माना जाता है भक्तिभाव से दूर से ही प्रणाम करना भी उतना ही फलदायी माना गया है इसी प्रकार पूजा के दौरान पंचामृत स्नान कराने से भी महिलाओं को बचना चाहिए हालांकि हनुमान जी की पूजा में पंचामृत का विशेष महत्व है लेकिन परंपरा के अनुसार महिलाओं द्वारा यह क्रिया करना उचित नहीं माना गया है इसे मर्यादा का पालन समझा जाता है हनुमान जयंती के दिन महिलाओं को हनुमान जी के चरण स्पर्श करने से भी बचना चाहिए धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी सभी महिलाओं को माता सीता के रूप में देखते हैं ऐसे में उनके चरण स्पर्श करना उचित नहीं माना गया है महिलाएं हाथ जोड़कर विनम्रता से आशीर्वाद प्राप्त कर सकती हैं सिंदूर चढ़ाने को लेकर भी विशेष नियम बताए गए हैं हनुमान जी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है लेकिन महिलाओं को स्वयं सिंदूर अर्पित करने से बचना चाहिए इसके बजाय वे दीप जलाकर और भोग अर्पित करके अपनी श्रद्धा व्यक्त कर सकती हैं पाठ और मंत्रों के संदर्भ में भी कुछ सावधानियां रखनी चाहिए परंपरानुसार महिलाओं को बजरंग बाण का पाठ नहीं करना चाहिए हालांकि वे हनुमान चालीसा और आरती का पाठ कर सकती हैं जिससे उन्हें समान रूप से पुण्य फल प्राप्त होता है शुद्धता का विशेष ध्यान रखना भी आवश्यक है यदि महिलाएं मासिक धर्म के दौरान हों तो उन्हें पूजा से दूरी बनानी चाहिए इसके अलावा यदि घर में सूतक की स्थिति हो तो भी पूजा करना वर्जित माना जाता है ऐसे समय में मानसिक रूप से स्मरण करना अधिक उचित होता है अंत में यह भी ध्यान रखें कि हनुमान जन्मोत्सव पर चोला और जनेऊ अर्पित करने की परंपरा है लेकिन महिलाओं को यह कार्य नहीं करना चाहिए इन सभी नियमों का उद्देश्य केवल परंपरा और आस्था की मर्यादा को बनाए रखना है हनुमान जी की सच्ची भक्ति मन की पवित्रता और श्रद्धा में होती है यदि कोई भक्त सच्चे मन से उनका स्मरण करता है तो उसे अवश्य ही बजरंगबली की कृपा प्राप्त होती है
जब दिया मिर्जा को 'पनौती' कहने लगे लोग, राजकुमार हिरानी की इस फिल्म ने बदली किस्मत

नई दिल्ली।बॉलीवुड की बहुमुखी और प्रतिभाशाली एक्ट्रेस दिया मिर्जा ने हाल ही में अपने 25 साल के करियर के अनुभव साझा किए। उनकी पहली फिल्म ‘रहना है तेरे दिल में’ आज कल्ट क्लासिक मानी जाती है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। दिया ने बताया कि इस फ्लॉप के बाद इंडस्ट्री में उन्हें ‘पनौती’ कहने लगे। जो लोग पहले उनके साथ काम करना चाहते थे, वे अचानक उनसे दूरी बना लेते थे। मुश्किल दौर और व्यक्तिगत झटकेदिया ने बताया कि उनके करियर के शुरुआती साल काफी चुनौतीपूर्ण रहे। उन्हें ऐश्वर्या राय के साथ तुलना का सामना करना पड़ा और सिर्फ 24 साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता को खो दिया। इस भावनात्मक चोट और लगातार फ्लॉप फिल्मों के कारण दिया ने थोड़े समय के लिए ब्रेक लेने का निर्णय लिया। ब्रेक के दौरान उन्होंने प्रोडक्शन में हाथ आजमाया और ‘लव ब्रेकअप्स जिंदगी’ और ‘बॉबी जासूस’ जैसी फिल्में बनाई। राजकुमार हिरानी और करियर का टर्निंग पॉइंटदिया मिर्जा के करियर में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने डायरेक्टर राजकुमार हिरानी को खुद कॉल कर मदद मांगी। दिया ने कहा, “मुझे याद है, जब ‘संजू’ की कास्टिंग चल रही थी, मैंने राजू सर से कहा कि प्लीज मुझे काम दीजिए, मेरे पास कोई प्रोजेक्ट नहीं है और मैं स्ट्रगल कर रही हूं। मैं स्क्रीन टेस्ट देने के लिए भी तैयार हूं।” राजकुमार हिरानी ने दिया की बात सुनकर रणबीर कपूर और अपनी टीम से संपर्क किया और दिया को ‘संजू’ में संजय दत्त की पत्नी मान्यता दत्त का रोल ऑफर किया। दिया इसे अपने करियर का ‘लाइफसेवर’ मानती हैं। ब्लॉकबस्टर सफलता और नए अवसर‘संजू’ की ब्लॉकबस्टर सक्सेस ने दिया मिर्जा के करियर को नई दिशा दी। इसके बाद उन्हें वेब सीरीज ‘काफिर’ का ऑफर मिला, जिसे दिया अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा बदलाव मानती हैं। हाल ही में दिया को वेब सीरीज ‘IC 814: द कंधार हाईजैक’ और फिल्म ‘नादानियां’ में देखा गया। उनका कहना है कि एक सही रोल और कहानी कैसे किसी भी कलाकार की जिंदगी और करियर को पूरी तरह बदल सकती है।
नहीं रहे रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया, 87 वर्ष की उम्र में निधन

मुंबई । रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और पद्म भूषण से सम्मानित विजयपत सिंघानिया का 87 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। उनके बेटे और वर्तमान चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने X पर इस खबर की पुष्टि की। रेमंड ग्रुप के प्रवक्ता ने कहा, “पद्म भूषण से सम्मानित, रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और बॉम्बे के पूर्व शेरिफ, एयर कमोडोर विजयपत सिंघानिया का आज शाम मुंबई में निधन हो गया। हम सभी गहरे शोक में हैं और उनकी सद्गति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।” अंतिम संस्कार 29 मार्च कोपरिवार के अनुसार, विजयपत सिंघानिया की अंतिम श्रद्धांजलि सभा रविवार, 29 मार्च 2026 को दोपहर 1:30 बजे मुंबई के हवेली, एलडी रुपारेल मार्ग पर आयोजित होगी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार चंदनवाड़ी श्मशान घाट में दोपहर 3:00 बजे किया जाएगा। परिवार ने रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों से अंतिम दर्शन के लिए आने की अपील की है। दूरदर्शी नेता और उद्योग जगत के दिग्गजसिंघानिया परिवार ने शोक संदेश में उन्हें एक दूरदर्शी नेता, परोपकारी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। परिवार ने भागवद गीता के श्लोक ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते…’ का उल्लेख करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। विजयपत सिंघानिया ने रेमंड समूह को वैश्विक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने उल्लेखनीय विकास किया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती से कदम रखा। उनके निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर है। कौन थे विजयपत सिंघानिया?1930 के दशक के अंत में जन्मे विजयपत सिंघानिया देश के प्रमुख उद्योगपतियों में गिने जाते थे। उन्होंने रेमंड को एक वैश्विक ब्रांड बनाया और कपड़ा कारोबार में नई पहचान दिलाई। वह बॉम्बे के Sheriff भी रह चुके थे, जो उनके सामाजिक योगदान को दर्शाता है। इसके अलावा, वह ट्रेंड पायलट और हॉट एयर बैलूनिंग में रिकॉर्ड बनाने वाले रोमांचक शौक़ीन भी थे।
गर्मियों में होंठ फट रहे हैं? जानें 5 कारण और घर बैठे सॉफ्ट लिप्स पाने के उपाय..

नई दिल्ली: गर्मियों का मौसम शुरू होते ही कई लोगों को होंठ फटने और ड्राई होने की समस्या होने लगती है, अक्सर इसे लोग केवल ठंड से जोड़कर देखते हैं, लेकिन दरअसल ये किसी भी मौसम में हो सकती है, होंठ की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है और इसमें ऑयल ग्लैंड्स नहीं होते, इसलिए यह मॉइश्चराइज नहीं रह पाती, तेज धूप, गर्म या शुष्क हवा में लिप्स डैमेज होने लगते हैं, अगर आपके होंठ भी गर्मी में ड्राई हो रहे हैं या फट रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके कारणों को समझना और समय रहते उपाय करना बेहद जरूरी है सबसे आम कारण डिहाइड्रेशन है, यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं, तो लिप्स सूखने लगते हैं, इसके अलावा विटामिन की कमी भी फटे होंठों का कारण बन सकती है, खासकर विटामिन बी9, बी2, बी6 और बी12, अगर शरीर में इनका लेवल कम हो तो होंठ जल्दी फटते हैं, वहीं थायरॉइड की समस्या होने पर भी लिप्स फटने लगते हैं, लगातार ड्राई लिप्स या फटने की समस्या हो तो थायरॉइड चेकअप कराना जरूरी है, इसी तरह आयरन की कमी से भी होंठ फट सकते हैं, आमतौर पर लोग इसे थकान और कमजोरी से जोड़ देते हैं, लेकिन ध्यान दें कि फटे होंठ भी एक संकेत हो सकते हैं इसके अलावा एलर्जी या इंफेक्शन की वजह से भी होंठ फट सकते हैं, इस स्थिति में पपड़ी जमना, जलन या दर्द जैसी समस्याएं भी दिखाई देती हैं, ऐसे में होंठों की सही देखभाल और नेचुरल उपाय अपनाना बेहद जरूरी है, सबसे पहला और जरूरी उपाय है पर्याप्त पानी पीना, गर्मियों में पसीना और उच्च तापमान के कारण शरीर में पानी की मात्रा तेजी से घटती है, इसलिए दिनभर नियमित रूप से पानी पीते रहें इसके बाद लिप्स को हफ्ते में एक से दो बार एक्सफोलिएट करना चाहिए, इससे डेड स्किन निकल जाती है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, इसके लिए एक चम्मच चीनी को शहद में मिलाकर लिप्स पर 1-2 मिनट तक हल्के हाथों से रगड़ें, इसके बाद नारियल तेल से मसाज करें, नारियल तेल में नेचुरल औषधीय गुण होते हैं, जो होंठों को मॉइश्चराइज और सॉफ्ट बनाते हैं, रोजाना मसाज करना फटे होंठों को जल्दी ठीक करता है अगर लिप बाम या पेट्रोलियम जेली पर्याप्त असर नहीं कर रहे हैं, तो एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें, इसे सीधे या नारियल तेल के साथ मिलाकर होंठों पर लगा सकते हैं, खासकर रात में सोने से पहले लगाने पर यह बेहद फायदेमंद होता है, एलोवेरा होंठों को गहराई से मॉइश्चराइज करता है और उन्हें सॉफ्ट और हेल्दी बनाए रखता है गर्मी में फटे और ड्राई होंठ आम समस्या हैं, लेकिन सही देखभाल, पर्याप्त पानी पीना, एक्सफोलिएशन, नारियल तेल और एलोवेरा जेल जैसे प्राकृतिक उपाय अपनाकर आप होंठों को सॉफ्ट और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं, इससे न केवल दिखने में सुधार होगा बल्कि होंठों की संवेदनशील स्किन भी सुरक्षित रहेगी
दक्षिण लेबनान में इजरायली हमले में 3 पत्रकार मारे गए, लेबनान राष्ट्रपति ने बताया जघन्य अपराध

नई दिल्ली । दक्षिण लेबनान में शनिवार को हुए इजरायली हवाई हमले में तीन पत्रकारों की मौत हो गई। यह हमला उस समय हुआ जब वे इजरायल-हिजबुल्लाह युद्ध की रिपोर्टिंग कर रहे थे। शोएब और फतौनी सहित तीन पत्रकार शहीदहिजबुल्लाह के अल-मनार टीवी के वरिष्ठ संवाददाता अली शोएब दक्षिण लेबनान में लगभग तीन दशकों से रिपोर्टिंग कर रहे थे। इजरायली सेना ने आरोप लगाया कि शोएब हिजबुल्लाह के खुफिया ऑपरेटिव थे और इजराइली सैनिकों की लोकेशन उजागर कर रहे थे, हालांकि इस दावे के कोई सबूत पेश नहीं किए गए। अल-मनार टीवी ने अपने पत्रकार को पेशेवर और विश्वसनीय बताया। बेरूत स्थित अल-मयादीन टीवी की रिपोर्टर फातिमा फतौनी और उनके भाई मोहम्मद, जो वीडियो जर्नलिस्ट थे, जेजीन जिले में इसी हमले में मारे गए। हमले से ठीक पहले फातिमा लाइव रिपोर्ट दे रही थीं। लेबनान में आक्रोश और प्रतिक्रियालेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इस हमले की कड़ी निंदा की और इसे “एक जघन्य अपराध” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पत्रकारों की सुरक्षा के लिए बने सभी कानूनों और समझौतों का स्पष्ट उल्लंघन है। पहले भी हमले हो चुके हैंयह हमला पहली बार नहीं है। कुछ दिन पहले मध्य बेरूत में अल-मनार टीवी के प्रमुख मोहम्मद शेरी और उनकी पत्नी की हत्या हो चुकी है। इजरायल पहले भी अल-मनार टीवी के मुख्यालय और हिजबुल्लाह के अल-नूर रेडियो स्टेशन पर हमले कर चुका है। इस साल अब तक लेबनान में पांच पत्रकार और मीडियाकर्मी मारे जा चुके हैं। युद्ध में नुकसान बढ़ता जा रहा हैबेरूत के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 47 लोग मारे गए और 112 घायल हुए। 2 मार्च से अब तक कुल 1,189 लोग मारे जा चुके हैं। शनिवार को हुए हमलों में 9 पैरामेडिक्स भी मारे गए, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों की कुल मौतें 51 हो गई हैं। वहीं, इजरायली सेना के 9 जवान दक्षिण लेबनान में दो हमलों में घायल हुए। इजरायली सेना के अनुसार, हिजबुल्लाह ने पिछले 24 घंटों में लगभग 250 हमले किए, जिनमें अधिकतर दक्षिण लेबनान में इजरायली सैनिकों को निशाना बनाने के लिए थे, और केवल 23 हमले इजरायल की सीमा के अंदर गिरे।
IPL 2026: विराट, देवदत्त और जैकब का दमदार प्रदर्शन, RCB ने SRH को 6 विकेट से हराया

नई दिल्ली । बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के पहले मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को 6 विकेट से हराकर धमाकेदार शुरुआत की। 28 मार्च को हुए इस मैच में SRH ने RCB के लिए 202 रन का लक्ष्य रखा था, जिसे RCB ने महज 15.4 ओवरों में हासिल कर लिया। RCB की इस जीत के हीरो रहे विराट कोहली, देवदत्त पडिक्कल और जैकब डफी। जैकब डफी ने पावरप्ले में दी टीम को बढ़तRCB के तेज गेंदबाज जैकब डफी ने पावरप्ले में अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड और नीतीश कुमार रेड्डी के विकेट लेकर SRH की शुरुआत को धीमा किया। डेब्यूटेंट डफी की सटीक गेंदबाजी के कारण SRH अपेक्षित बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। 22 रन देकर तीन विकेट लेने पर डफी को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। विराट कोहली ने संभाली पारीलक्ष्य का पीछा करने उतरी RCB ने मजबूत शुरुआत की। विराट कोहली ने अनुभव का परिचय देते हुए पारी को धीरे-धीरे संभाला और रन गति बढ़ाई। उन्होंने कप्तान रजत पाटीदार (31) के साथ तीसरे विकेट के लिए 53 रन की साझेदारी निभाई। कोहली ने 38 गेंदों में नाबाद 69 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 छक्के शामिल थे। यह उनके आईपीएल करियर का 64वां अर्धशतक रहा। देवदत्त पडिक्कल का तूफानी अंदाजफिल साल्ट के जल्दी आउट होने के बाद मैदान पर उतरे देवदत्त पडिक्कल ने 26 गेंदों में 61 रन ठोक दिए, जिसमें 7 चौके और 4 छक्के शामिल थे। पडिक्कल और कोहली ने दूसरे विकेट के लिए 101 रन की साझेदारी कर मैच को एकतरफा बना दिया। पडिक्कल के आउट होने के बाद भी कोहली ने टीम को जीत दिलाई। SRH की पारी और ईशान किशन की दमदार पारीSRH ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी की और 9 विकेट पर 201 रन बनाए। कप्तान ईशान किशन ने 38 गेंदों में 80 रन की धमाकेदार पारी खेली। अनिकेत वर्मा (43) और हेनरिक क्लासेन (31) ने भी योगदान दिया। क्लासेन और ईशान की चौथे विकेट के लिए 97 रन की साझेदारी ने SRH का स्कोर चुनौतीपूर्ण बनाया। RCB ने जताई खिताब की दावेदारीRCB ने लक्ष्य का पीछा कर जीत के साथ आईपीएल 2026 में आगाज किया। इस मैच में विराट कोहली के अनुभव, देवदत्त पडिक्कल की आक्रामक बल्लेबाजी और जैकब डफी की गेंदबाजी शानदार रही। वहीं, फिल साल्ट की फील्डिंग ने भी मैच में अहम भूमिका निभाई। इस हाई-वोल्टेज ओपनर में RCB ने साफ कर दिया कि वह इस सीजन भी खिताब के प्रबल दावेदार हैं।