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2 अप्रैल से बनेगा त्रिग्रही योग: मंगल, शनि-सूर्य की युति से इन राशियों के खुलेंगे उन्‍नति के रास्‍ते

नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में जब किसी एक राशि में एक से अधिक ग्रह एक साथ स्थित होते हैं, तो उसे ग्रह युति कहा जाता है। इस तरह की युति का प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर शुभ या चुनौतीपूर्ण दोनों रूपों में पड़ सकता है। कुछ युतियां राजयोग बनाकर सफलता और लाभ देती हैं, जबकि कुछ सामान्य परिणाम देती हैं। वर्तमान समय में मीन राशि में शनि देव पहले से ही विराजमान हैं और उनकी युति सूर्य के साथ बनी हुई है। मीन राशि में बनेगा त्रिग्रही योगअब इस युति में तीसरे ग्रह के रूप में मंगल का प्रवेश होने जा रहा है। मंगल को ग्रहों का सेनापति माना जाता है और यह ऊर्जा, साहस तथा क्रियाशीलता का कारक होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को मंगल कुंभ राशि से मीन राशि में गोचर करेगा। इस गोचर के साथ मीन राशि में त्रिग्रही योग का निर्माण होगा, जिसका असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से देखने को मिलेगा। मेष राशि: करियर में मिलेगी मजबूतीमेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और अवसर लेकर आएगा। यह समय आपकी नेतृत्व क्षमता और साहस को बढ़ाने वाला रहेगा। पुराने प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने के संकेत हैं और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। स्वास्थ्य को लेकर हल्की सावधानी जरूरी रहेगी, लेकिन मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और घर का माहौल सुखद रहेगा। साथ ही निवेश और वित्तीय योजनाओं में भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं। धनु राशि: आर्थिक स्थिति होगी मजबूतधनु राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक स्थिरता और करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है। पारिवारिक और सामाजिक जीवन में संतुलन बना रहेगा। धन और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। नए अवसर और संपर्क आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। स्वास्थ्य के लिहाज से हल्की थकान या तनाव महसूस हो सकता है, लेकिन योग और ध्यान से राहत मिलेगी। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति भी प्राप्त होगी। मीन राशि: नई शुरुआत के बनेंगे योगमीन राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर उत्साह और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं और सफलता के योग बनेंगे। स्वास्थ्य और फिटनेस में सुधार होगा, जिससे आप खुद को अधिक सक्रिय और प्रेरित महसूस करेंगे। यह समय नए लक्ष्य तय करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए अनुकूल है। परिवार का सहयोग मिलेगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। साथ ही धन और करियर में उन्नति के भी संकेत मिल रहे हैं।

1 अप्रैल से क्रेडिट कार्ड निययों में होगा बदलाव, हाई ट्रांजैक्शन पर रहेगी नजर, जानें 5 बड़े बदलाव

नई दिल्ली । अगर आप भी क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, तो आने वाली 1 अप्रैल 2026 की तारीख आपके लिए अहम हो सकती है। इस दिन से क्रेडिट कार्ड से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। ये बदलाव इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत प्रस्तावित हैं। नए नियमों के लागू होने के बाद क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल पर निगरानी और सख्त हो जाएगी। खासतौर पर पैन कार्ड लिंकिंग और हाई वैल्यू ट्रांजैक्शंस पर नजर बढ़ेगी। हालांकि आम उपभोक्ताओं के रोजमर्रा के खर्च पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन ज्यादा खर्च करने वाले या विदेश यात्रा करने वालों के लिए ये बदलाव महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। हाई वैल्यू ट्रांजैक्शंस पर कड़ी निगरानी1 अप्रैल 2026 से सबसे बड़ा बदलाव ज्यादा खर्च करने वाले यूजर्स के लिए होगा। नए नियमों के अनुसार, यदि किसी वित्त वर्ष में आपके क्रेडिट कार्ड से 10 लाख रुपये या उससे अधिक का भुगतान होता है, तो बैंक इसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को दे सकता है। इसके अलावा, एक तय सीमा से अधिक विदेशी खर्चों पर भी नजर रखी जाएगी। यदि आपका खर्च आपकी घोषित आय से ज्यादा पाया जाता है, तो आपको स्पष्टीकरण के लिए नोटिस मिल सकता है। PAN कार्ड लिंकिंग होगी जरूरीअगले महीने से क्रेडिट कार्ड के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 के बाद बिना पैन नंबर के नया क्रेडिट कार्ड जारी नहीं होगा। साथ ही मौजूदा कार्डधारकों को भी अपना कार्ड पैन से लिंक कराना होगा। इससे क्रेडिट कार्ड आपकी टैक्स पहचान का अहम हिस्सा बन जाएगा। कंपनी के कार्ड के इस्तेमाल पर टैक्सयदि आपको आपकी कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड मिला है, तो यह बदलाव आपके लिए महत्वपूर्ण है। नए नियमों के तहत कंपनी के कार्ड से किए गए व्यक्तिगत खर्च को टैक्स योग्य लाभ माना जा सकता है। यानी यदि आप निजी खर्च, यात्रा या मनोरंजन के लिए इस कार्ड का उपयोग करते हैं, तो वह राशि आपकी आय में जोड़ी जा सकती है और उस पर टैक्स देना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में खर्च से जुड़े बिल या प्रमाण रखना जरूरी होगा। क्रेडिट कार्ड से टैक्स पेमेंट का विकल्पनए नियमों के तहत क्रेडिट कार्ड से इनकम टैक्स भुगतान करने का विकल्प भी मिल सकता है। यानी अब आप नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड के अलावा क्रेडिट कार्ड से भी टैक्स जमा कर सकेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए मददगार हो सकती है, जिनके पास भुगतान के समय पर्याप्त नकदी नहीं होती। हालांकि, इस पर बैंक प्रोसेसिंग फीस ले सकता है और समय पर भुगतान न करने पर ब्याज भी देना पड़ सकता है। क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट बनेगा एड्रेस प्रूफएक और अहम बदलाव के तहत क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा। यदि स्टेटमेंट हाल का है और उसमें सही पता दर्ज है, तो इसे वैध दस्तावेज माना जाएगा। इससे पैन कार्ड बनवाने या उसमें बदलाव करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी। साथ ही, क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय पैन कार्ड देना भी अनिवार्य होगा।

एमपी में आज से बदलेगा मौसम, आंधी-बारिश की संभावना, 30-31 मार्च को रहेगा ज्‍यादा प्रभाव

मध्य प्रदेश में रविवार से मौसम करवट लेने जा रहा है। अगले चार दिनों तक प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर बना रहेगा। इसकी वजह वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और टर्फ सिस्टम की सक्रियता है। मौसम केंद्र के मुताबिक 30 और 31 मार्च को यह सिस्टम ज्यादा प्रभावी रहेगा, जिससे कई इलाकों में तेज गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इस दौरान ग्वालियर और चंबल संभाग में ओले गिरने की भी आशंका है। सिस्टम की सक्रियता से बढ़ेगा असरशनिवार को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में दोनों सिस्टम सक्रिय रहे, जो रविवार को आगे बढ़ेंगे। इसके चलते प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू होगा। अगले 24 घंटों में ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। 30-31 मार्च को तेज रहेगा मौसम का मिजाजमौसम विभाग के अनुसार 30 मार्च से सिस्टम का असर और बढ़ेगा। ग्वालियर, भिंड और दतिया में ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा। 31 मार्च को भी यही स्थिति रहने का अनुमान है। 1 अप्रैल से सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। गर्मी से मिलेगी राहतआंधी और बारिश के चलते दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होगी। फिलहाल प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बना हुआ है। नर्मदापुरम सबसे गर्म बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आ सकती है। तापमान में उतार-चढ़ाव जारीशनिवार को भी प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली। नर्मदापुरम में 1.5 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 38.5 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि खंडवा में भी इतना ही तापमान रहा। रतलाम में 38.2 डिग्री, खरगोन में 38 डिग्री, बैतूल में 37.7 डिग्री, नरसिंहपुर और खजुराहो में 37.6 डिग्री, मंडला में 37.5 डिग्री, धार और सिवनी में 37.2 डिग्री, जबकि श्योपुर और सागर में तापमान 37 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों का हालबड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री रहा। भोपाल में 36.2 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 35.3 डिग्री और उज्जैन में 36.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

भूमि पेडनेकर के वॉटर ब्रांड की कीमतों पर चर्चा, एक्ट्रेस ने किया खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने हाल ही में अपना प्रीमियम लेबल वॉटर ब्रांड लॉन्च किया है, जिसे स्टॉक में लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया है। 500ml की बोतल 150 रुपये और 750ml की बोतल 200 रुपये में उपलब्ध है। लैंड ने एक पॉडकास्ट में खुलासा किया कि उनका पानी महंगा है क्योंकि यह प्रीमियम श्रेणी का उत्पाद है, और भारत में कई अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के पानी की कीमत इससे कहीं ज्यादा है, जो 400-500 रुपये तक है। भूमि का कहना है कि उनका ब्रांड आम जनता के लिए नहीं, बल्कि प्रीमियम ग्रेड के लिए बनाया गया है। ज़मीन का पानी महंगा क्यों है?लैंड ने कहा, “हां, मेरा पानी महंगा है, लेकिन मैं जिस प्रीमियम क्लास में हूं, वहां दूसरे बड़े ब्रांड और भी बहुत ज्यादा कीमत हैं। मेरे पानी की गुणवत्ता और बाजार मूल्य से कम है।” उन्होंने बताया कि यह सिर्फ पानी बेचने का उत्पाद नहीं है बल्कि उनकी कंपनी अब बेवरिज ब्रांड के रूप में विकसित हो रही है। 17 साल की उम्र से निवेश का सफरलैंड ने यह भी बताया कि उनकी कंपनी स्व-वित्तपोषित है, यानी किसी भी बाहरी निवेश की मदद नहीं ली गई। उन्होंने 17 साल की उम्र में ही निवेश करना शुरू कर दिया था। पहली कीमत यशराज फिल्म्स से मिली 7,000 रुपये की थी, और तब से लेकर अब तक की बचत और निवेश के दम पर वे आज अपने वॉटर ब्रांड तक पहुंच गए हैं।सिर्फ पानी तक सीमित नहीं रहेगी कंपनीलैंड ने साफ़ किया कि उनकी कंपनी केवल पानी की सप्लाई तक सीमित नहीं रहेगी। वे रिसर्च और प्रोडक्ट में काम कर रही हैं ताकि ‘क्लीन ब्रांड’ तैयार हो सके। उनका उद्देश्य है कि कंपनी एक प्रीमियम और स्टैक्ड बेवरेज़ ब्रांड के रूप में पहचान बनाये। लैंड ने कहा कि शुरुआत में लोगों ने उन्हें बड़े ब्रांडों से प्रतिस्पर्धा करने के लिए प्रेरित किया, लेकिन उन्होंने अपने उत्पादों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा और आज इसे हासिल कर लिया है। कार्यस्थल मोर्चावर्कफ्रंट की बात करें तो लैंड की पिछली फिल्म ‘मेरे पति की बीवी’ ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई थी, लेकिन अब वह ‘अधूरे हम फिल्म तुम’ में नजर आने वाली हैं। लैंड ने साबित कर दिया है कि फिल्म उद्योग के साथ-साथ बिजनेस में भी सफलता हासिल की जा सकती है।

Chaitra Purnima 2026: शुभ योगों के साथ खास पूर्णिमा, जानें पूजा और व्रत का सही समय

नई दिल्ली । हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली पूर्णिमा को चैत्र पूर्णिमा कहा जाता है। यह तिथि धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र मानी जाती है। इस दिन स्नान, दान, जप और तप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा 1 और 2 अप्रैल को पड़ रही है, जिससे लोगों के मन में यह सवाल है कि व्रत और अनुष्ठान के लिए कौन सा दिन श्रेष्ठ रहेगा। चैत्र पूर्णिमा तिथि का समय द्रिक पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 1 अप्रैल सुबह 7:06 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त: 2 अप्रैल सुबह 7:41 बजे कब करें स्नान और दानहिंदू धर्म में उदयतिथि का विशेष महत्व होता है। 1 अप्रैल को पूर्णिमा सूर्योदय के बाद शुरू हो रही है 2 अप्रैल को सूर्योदय के समय पूर्णिमा विद्यमान रहेगी इसी कारण 2 अप्रैल को स्नान और दान करना अधिक शुभ माना गया है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान, जरूरतमंदों को दान और धार्मिक कार्य करना विशेष फलदायी होता है। कब रखें व्रत पूर्णिमा व्रत आमतौर पर चंद्रोदय के आधार पर रखा जाता है। 1 अप्रैल को चंद्रोदय शाम 6:11 बजे होगा 2 अप्रैल को चंद्रोदय प्रतिपदा तिथि में होगा इसलिए चैत्र पूर्णिमा का व्रत 1 अप्रैल 2026 को रखा जाएगा। शुभ मुहूर्त और पूजा का समय 1 अप्रैल (व्रत और पूजा के लिए) भगवान सत्यनारायण पूजा समय: सुबह 6:11 से 9:18 बजे शाम को सूर्यास्त (6:39 बजे) के बाद प्रदोष काल में मां लक्ष्मी की पूजा करें रात में चंद्रमा को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है 2 अप्रैल (स्नान और दान के लिए) ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:38 से 5:24 अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:50 शुभ योगों का संयोग 1 अप्रैल को कई शुभ योग बन रहे हैं: रवि योग: सुबह 6:11 से शाम 4:17 सर्वार्थ सिद्धि योग: शाम 4:17 से अगले दिन सुबह 6:10 तक वृद्धि योग: दोपहर 2:51 तक इसके बाद ध्रुव योग शुरू होगा ये सभी योग पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। चैत्र पूर्णिमा का महत्व चैत्र पूर्णिमा के दिन व्रत रखने, स्नान और दान करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। साथ ही सत्यनारायण कथा करने का भी विशेष महत्व होता है।

गले की खराश से मुंह के छाले तक, इलायची बनाएं गर्मियों का दोस्त…

नई दिल्ली:  गर्मियों का मौसम शुरू होते ही पेट, गला और मुंह की कई छोटी-बड़ी समस्याएं आम हो जाती हैं ऐसे में भारतीय रसोई में मौजूद छोटी सी इलायची सेहत के लिए रामबाण साबित हो सकती है आयुर्वेद में इलायची को औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है यह न सिर्फ खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ाती है बल्कि गर्मी से होने वाली परेशानियों से भी राहत देती है गर्मियों में अपच, एसिडिटी और मुंह के छालों की समस्या बढ़ जाती है खाने के बाद एक इलायची चबाने से पेट की हाइपर एसिडिटी कंट्रोल हो जाती है खट्टी डकारें, सीने में जलन और भारीपन जैसी शिकायतें कम होती हैं। गले में खराश, खांसी या आवाज बैठ जाना आम है ऐसे में 1-2 इलायची धीरे-धीरे चबाकर उसका रस गले से नीचे जाने दें कुछ ही देर में गले को आराम महसूस होगा मुंह के छालों में इलायची को मिश्री के साथ चबाने से जलन और दर्द कम होता है और छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं इलायची हिचकी रोकने में भी मददगार है एक इलायची चबाने या इसका पाउडर पानी के साथ लेने से हिचकी तुरंत बंद हो जाती है। इसके अलावा इलायची मुंह के बैक्टीरिया और संक्रमण को भी दूर करती है। रोज भोजन के बाद इलायची चबाने से मुंह से दुर्गंध नहीं आती और दांत स्वस्थ रहते हैं इलायची में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद हैं जो सूजन को कम करते हैं और संक्रमण से बचाव करते हैं। इलायची का सेवन चाय में डालकर, दूध में उबालकर या सीधे चबाकर किया जा सकता है गर्मियों में इलायची वाली चाय या दूध पीने से शरीर को ठंडक मिलती है पाचन तंत्र मजबूत रहता है और तनाव भी दूर होता है एक्सपर्ट्स की सलाह है कि गर्मियों में रोजाना 1-2 इलायची का सेवन जरूर करें यह छोटी-सी आदत पेट, गला और मुंह की कई परेशानियों को जड़ से दूर रख सकती है हालांकि गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है

भगवान विष्णु की कृपा के लिए अप्रैल एकादशी 2026: पूरी जानकारी

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में एकादशी व्रत भगवान विष्णु की भक्ति और कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर माना जाता है। एकादशी का पालन करने से जीवन की परेशानियां कम होती हैं और पाप नष्ट होते हैं। अप्रैल 2026 में दो विशेष एकादशी पड़ रही हैं – वरुथिनी एकादशी और मोहिनी एकादशी, और खास बात यह है कि दोनों सोमवार को पड़ रही हैं। इस कारण भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा का भी शुभ संयोग बन रहा है। वरुथिनी एकादशी 2026 तारीख: 13 अप्रैल 2026 समय: 13 अप्रैल सुबह 1:16 स 14 अप्रैल सुबह 1:08 तक पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 5:58 से 7:34 राहुकाल: सुबह 7:34 से 9:10 शुभ चौघड़िया: सुबह 9:10 से 10:46 व्रत पारण: 14 अप्रैल सुबह 6:54 से 8:31 महत्व वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने से हजारों साल की तपस्या का फल प्राप्त होता है। यह व्रत पापों को दूर करके जीवन में सुख-समृद्धि लाता है। विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे सौभाग्य और परिवार में शांति बनी रहती है। मोहिनी एकादशी 2026 तारीख: 27 अप्रैल 2026 समय: 26 अप्रैल शाम 6:06 से 27 अप्रैल शाम 6:15 तक पूजा का शुभ मुहूर्त: सुबह 9:02 से 10:40 राहुकाल: सुबह 7:23 से 9:02 व्रत पारण: 28 अप्रैल सुबह 5:43 से 8:21 महत्व: मोहिनी एकादशी का व्रत रखने से मन के दुख और परेशानियां दूर होती हैं। यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाता है और जीवन में शांति और सुख की प्राप्ति कराता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान राम ने भी कठिन समय में इस व्रत का पालन किया था। अप्रैल 2026 की ये दोनों एकादशियां विशेष रूप से भगवान विष्णु की भक्ति के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन व्रतों का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति, और जीवन में समृद्धि प्राप्त होती है।

मौली बांधने का सही नियम: कितने दिन बाद उतारना जरूरी और क्या करें बाद में

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में कलावा जिसे मौली या रक्षासूत्र भी कहा जाता है, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह लाल और पीले रंग का पवित्र धागा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि इसे सुरक्षा, सकारात्मक ऊर्जा और ग्रहों के संतुलन से भी जोड़ा जाता है। कलावा का महत्व ज्योतिष शास्त्र के अनुसार: लाल रंग मंगल ग्रह से जुड़ा होता है, जो ऊर्जा और साहस का प्रतीक है पीला रंग गुरु ग्रह से संबंधित है, जो ज्ञान और शुभता का प्रतिनिधित्व करता है कलावा बांधने से व्यक्ति को नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर और ग्रह दोषों से सुरक्षा मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है। कितने दिन बाद उतारना चाहिए कलावा? धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिष के अनुसार, कलावा का प्रभाव लगभग 21 दिनों तक रहता है। इसके बाद इसकी ऊर्जा कम होने लगती है। इसलिए: 21 दिन बाद कलावा उतार देना चाहिए लंबे समय तक एक ही कलावा बांधे रखना अशुभ माना जाता है पुराने कलावे के ऊपर नया बांधना भी गलत माना गया है अगर कलावा टूटा, गंदा या खराब हो जाए, तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए। कलावा उतारने के बाद क्या करें?कलावा को उतारने के बाद उसे कहीं भी फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि यह पवित्र होता है। सही तरीका: इसे गमले की मिट्टी में दबा दें या किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें उतारते समय आप ॐ नमो भगवते वासुदेवाय या ॐ शांति मंत्र का जाप कर सकते हैं। इसके बाद हाथ को गंगाजल से शुद्ध करना शुभ माना जाता है। नया कलावा कब और कैसे बांधेंपुरुष दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में कलावा बांधें हमेशा शुभ मुहूर्त और शांत मन से बांधें नया कलावा बांधने से पहले पुराना अवश्य उतारेंकलावा बांधने के फायदे सही नियम से कलावा बांधने से: मंगल और गुरु ग्रह मजबूत होते हैं बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाव होता है आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है ध्यान रखने वाली बातें कलावा को कभी भी गंदे स्थान पर न रखें जूते-चप्पल या शौचालय के पास इसे रखना अशुभ माना जाता है बांधते समय नकारात्मक विचार या गुस्सा न रखें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सही नियमों के साथ कलावा बांधना और समय पर उतारना ही इसके शुभ प्रभाव को बनाए रखता है।

आज का राशिफल 29 मार्च 2026: मेष से मीन तक हर राशि की दैनिक स्थिति

नई दिल्ली 29 मार्च 2026 का दिन साइन की चाल के अनुसार कुछ के लिए शुभ और कुछ के लिए सामान्य परिणाम लेकर आया है। जानें मेष राशि से लेकर मीन राशि तक का पूरा हाल और किन राशि वालों को लाभ और किन्हें सख्त रहने की जरूरत है। मेष राशिमेष राशि वालों के लिए दिन ठीक-ठाक रहेगा। सुबह से काम का दबाव रह सकता है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति आपके पक्ष में आ जाएगी। नौकरी में किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट या फ़ाइल में प्रगति हो सकती है। घर का भी सांकेतिक रहना। मेट्रिक्स को लेकर रिलीफ मीटिंग की संभावना है। वृषभ राशिवृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। काम में लैपटॉप से ​​लेकर ऑफिस में किसी भी चर्चा में संयम रखना। बिजनेस में छोटा लेकिन जरूरी फायदा मिल सकता है। परिवार में किसी भी सदस्य की बात को एकल से सर्वोत्तम बने रहें। खर्च में थोड़ी वृद्धि हो सकती है, इसलिए डॉक्टरों के डॉक्टर। मिथुन राशिमिथुन राशि के लोग दिन अच्छा पाएंगे। नौकरी और बिजनेस दोनों में नए अवसर सामने आ सकते हैं। पुराने इन्वेंट्री वाले से संपर्क करें मॅवी रहेंगे। परिवार में प्रभावशाली और सामान्य जीवन। नई योजना शुरू करने का दिन ठीक है। कर्क राशिकर्क राशि वालों के लिए दिन थोड़ा उदास रह सकता है। घर और परिवार के अवशेषों में समय अधिक होगा। ऑफिस में काम बढ़ सकता है, लेकिन आप उसे बनाए रखेंगे। आर्थिक मामलों में बड़ा फैसला लेना बेहतर रहेगा। शाम तक मन प्रभाव महसूस होगा। सिंह राशिसिंह राशि वालों के लिए दिन अच्छा है। नौकरी में मेहनत का असर दिख सकता है और वरिष्ठ अधिकारी आपकी बात सुन सकते हैं। बिज़नेस में लाभ के अवसर हैं। परिवार में खुशियों का महोबाँ रहता है। किसी भी शुभ समाचार से दिन बेहतर हो सकता है। कन्या राशिकन्या राशि वालों को मेहनत का फल मिल सकता है। लम्बे समय से रिकार्ड किये गए काम में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों के लिए दिन उपयुक्त है। परिवार में महत्वपूर्ण बातचीत संभव है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन थोड़ी थकान हो सकती है। तुला राशि तुला राशि के लिए दिन का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। ऑफिस में पब्लिश करने का मौका मिलेगा। परिवार और साथी का सहयोग रहेगा। दवाइयों में राहत मिल सकती है, लेकिन रोजमर्रा का खर्चा छूट जाता है। वृश्चिक राशिवृश्चिक राशि वालों का दिन साथ रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी मीटिंग के संकेत हैं। बिजनेस में पुराने निवेश से हो सकता है फायदा। परिवार में किसी भी सदस्य की निर्धारित नौकरी हो सकती है। शाम के समय थोड़ा आराम की आवश्यकता है। धनु राशिधनु राशि वालों के लिए भाग्य का साथ है। नया काम शुरू करने या किसी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए दिन शुभ रहेगा। यात्रा का योग भी बन रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार के साथ समय अच्छा लगेगा। मकर राशिमकर राशि वालों के लिए दिन में कार्यभार के साथ अच्छा जीवन रहेगा। ऑफिस में काम का असरदार। बिज़नेस में लाभ मिलने की संभावना है। घर का सामान्य सामान्य जीवन। पुरानी फिल्मों को पूरा करने का मौका मिल सकता है। कुम्भ राशिकुंभ राशि वालों के लिए दिन नया अवसर लेकर आएं। नौकरी में बदलाव या नई ज़िम्मेदारी की संभावना। कारोबार में स्थिति बेहतर रहेगी। परिवार के साथ समय अच्छा लगेगा। खर्च पर थोड़ा नियंत्रण रखना जरूरी है। मीन राशिमीन राशि वालों के लिए दिन राहत भरा रहेगा। लंबे समय तक रुका काम पूरा हो सकता है। नौकरी और व्यवसाय दोनों में लाभ के संकेत हैं। परिवार में शांति बनी रहे। मन पहले से बेहतर जीवन।

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में रखें ये चीजें, बढ़ेगा समृद्धि और सुख-शांति

नई दिल्ली । वास्तु शास्त्र में घर की ऊर्जा को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। हमारे आस-पास हर वस्तु अपनी खास ऊर्जा रखती है, जिसका असर हमारे जीवन पर पड़ता है। जहां सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। सही वास्तु वाला घर सुख-समृद्धि और शांति लेकर आता है, जबकि वास्तु दोष होने पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। घर में कुछ विशेष शुभ वस्तुएं रखने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और करियर तथा व्यवसाय में उन्नति के मार्ग खुलते हैं। आइए जानते हैं उन 5 चीजों के बारे में। श्रीमद् भगवद् गीता भगवद् गीता को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र ग्रंथ माना जाता है। घर में गीता रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नियमित पाठ से मानसिक शांति मिलती है और जीवन की परेशानियां कम होती हैं। चांदी का सिक्का चांदी का सिक्का वास्तु में शुभ माना जाता है। चांदी का संबंध चंद्र ग्रह से है, जो मन को शांत और स्थिर रखने में मदद करता है। इसे तिजोरी या धन स्थान पर रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।  पांच कौड़ियां कौड़ियों को मां लक्ष्मी से जोड़ा गया है और इन्हें धन का प्रतीक माना जाता है। वास्तु के अनुसार शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन 5 साबुत कौड़ियों को हल्दी लगाकर पूजा स्थान या धन स्थान पर रखने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। हल्दी की गांठ हल्दी का संबंध भगवान विष्णु से है। जहां भगवान विष्णु का वास होता है, वहां मां लक्ष्मी भी निवास करती हैं। तिजोरी या धन स्थान पर हल्दी की गांठ रखने से आर्थिक समृद्धि बढ़ती है और घर में धन-धान्य में वृद्धि होती है। गुलाब का पौधा गुलाब का फूल मां लक्ष्मी को प्रिय माना जाता है। वास्तु के अनुसार सही दिशा में गुलाब का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे घर का वातावरण सुखद बनता है, मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और वास्तु दोष दूर होते हैं। इन 5 वास्तु उपायों को अपनाकर घर में सकारात्मक ऊर्जा, धन-संपन्नता और शांति बनी रहती है। नियमित रूप से इन वस्तुओं की देखभाल और सही दिशा में रखकर आप मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।