सपनों का रहस्य: ये 4 प्रकार के सपने कभी न बताएं, वरना बिगड़ सकता है काम

नई दिल्ली । स्वप्न शास्त्र के अनुसार नींद में आने वाले सपनों का हमारे जीवन पर गहरा असर होता है। हर सपना किसी न किसी रूप में हमारी भावनाओं भविष्य या जीवन की परिस्थितियों का संकेत देता है। कुछ सपने हमें खुशी और सुकून देते हैं तो कुछ चिंता और डर भी पैदा कर सकते हैं। हालांकि सभी सपनों को दूसरों के साथ साझा करना शुभ नहीं माना जाता। कुछ खास प्रकार के सपनों को गुप्त रखना आवश्यक है क्योंकि इन्हें दूसरों के साथ बताने से उनके सकारात्मक प्रभाव कम हो सकते हैं। आध्यात्मिक अनुभव वाले सपने यदि सपनों में आप किसी तीर्थ स्थान पूजा-अर्चना या देवी-देवताओं के दर्शन करते हैं तो यह आपके जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक बदलाव का संकेत है। ये सपने आपके करियर और मानसिक शांति के लिए शुभ माने जाते हैं। लेकिन इन्हें दूसरों को बताने से उनकी शक्ति कमजोर हो सकती है जिससे तरक्की में रुकावट आ सकती है। ऐसे सपनों को अपने तक ही सीमित रखना सर्वोत्तम होता है। प्रकृति से जुड़े सपने हरे-भरे जंगल पहाड़ बहती नदियां झरने या बाग-बगीचे देखने वाले सपने सुख शांति और शुभ समाचार का संकेत होते हैं। ये भविष्य में सकारात्मक बदलाव और नए अवसरों की ओर इशारा करते हैं। हालांकि यदि इन सपनों को दूसरों के साथ साझा किया जाए तो उनका शुभ प्रभाव धीरे-धीरे कम हो सकता है। इसलिए इन्हें निजी रखना ही बुद्धिमानी मानी जाती है। मृत्यु से जुड़े सपने सपनों में किसी की मृत्यु देखना अक्सर डरावना लगता है लेकिन स्वप्न शास्त्र में इसे नकारात्मक नहीं बल्कि सकारात्मक संकेत माना गया है। यह दर्शाता है कि आपकी जीवन की परेशानियां समाप्त होने वाली हैं और नई शुरुआत होने जा रही है। हालांकि ऐसे सपनों को दूसरों के साथ साझा करना अशुभ हो सकता है क्योंकि इससे सकारात्मक परिणाम प्रभावित हो सकते हैं और परिवार में अनावश्यक तनाव बढ़ सकता है। धन और संपत्ति से जुड़े सपने यदि सपनों में आप धन प्राप्त करते हुए खजाना पाते हुए या नई संपत्ति खरीदते हुए दिखाई देते हैं तो यह आर्थिक प्रगति और समृद्धि का संकेत है। ये सपने बताते हैं कि आने वाले समय में आपकी वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है। लेकिन इन्हें किसी के साथ साझा करने से धन लाभ के योग कमजोर पड़ सकते हैं और आर्थिक उन्नति में बाधा आ सकती है। इसलिए इन्हें गुप्त रखना ही सही माना जाता है। स्वप्न शास्त्र में इन 4 प्रकार के सपनों को निजी रखने की सलाह इसलिए दी गई है ताकि उनके शुभ प्रभाव पूरे रूप में आपके जीवन में बने रहें। यह न केवल भविष्य की परिस्थितियों को सकारात्मक बनाए रखता है बल्कि मानसिक शांति और व्यक्तिगत उन्नति में भी मदद करता है।
हेल्दी बनने की जल्दी पड़ सकती है भारी, डॉक्टर ने बताए मॉर्निंग रूटीन के सही नियम

भोपाल । आजकल परफेक्ट मॉर्निंग रूटीन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जहां लोग सुबह जल्दी उठकर वर्कआउट, ईमेल चेक करना और कॉफी पीने जैसी आदतों को अपनाते हैं। पहली नजर में ये आदतें हेल्दी और प्रोडक्टिव लगती हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार इन्हें गलत तरीके से अपनाने पर ये शरीर पर उल्टा असर डाल सकती हैं। असली समस्या इन आदतों में नहीं, बल्कि उन्हें जल्दबाजी और बिना तैयारी के करने में है। विशेषज्ञों का कहना है कि इंसान का शरीर नींद से जागने के बाद तुरंत एक्टिव मोड में नहीं आता। उसे एक ट्रांजिशन समय यानी एक ब्रिज की जरूरत होती है। अगर यह समय नहीं दिया जाता, तो शरीर अचानक हाई अलर्ट स्थिति में पहुंच जाता है, जिससे तनाव बढ़ सकता है। रिसर्च के अनुसार, अचानक एक्टिव होने से शरीर में कॉर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिसका असर मूड, फोकस और मानसिक स्थिति पर पड़ता है। सबसे आम गलती जो लगभग 99 प्रतिशत लोग करते हैं, वह है सुबह उठते ही मोबाइल फोन देखना। अलार्म बंद करते ही लोग नोटिफिकेशन, सोशल मीडिया या ईमेल चेक करने लगते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इससे दिमाग तुरंत अलर्ट मोड में चला जाता है और तनाव बढ़ने लगता है। इससे चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और मानसिक थकान जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। इसके अलावा, आजकल प्रोडक्टिव दिखने का दबाव भी लोगों पर हावी हो गया है। लोग मानते हैं कि जितना ज्यादा काम सुबह में कर लिया जाए, दिन उतना बेहतर होगा। लेकिन शरीर इस तरह काम नहीं करता। बिना तैयारी के तुरंत वर्कआउट शुरू करना या लगातार डिजिटल गतिविधियों में लग जाना शरीर के लिए तनाव का कारण बन सकता है। एक और बड़ी गलती है खराब नींद के बावजूद जल्दी उठना। अगर रात में पर्याप्त नींद नहीं ली गई या देर तक फोन इस्तेमाल किया गया, तो सुबह की शुरुआत खराब हो जाती है। नींद की कमी का असर याददाश्त, मूड और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। इसलिए अच्छी सुबह की शुरुआत के लिए अच्छी नींद बेहद जरूरी है। कई लोग सुबह उठते ही कॉफी पीना शुरू कर देते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार 6 से 8 घंटे की नींद के बाद शरीर हल्का डिहाइड्रेट हो जाता है। ऐसे में सबसे पहले पानी पीना ज्यादा जरूरी होता है। पानी पीने से शरीर हाइड्रेट होता है, दिमाग बेहतर तरीके से काम करता है और थकान कम होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सुबह उठने के बाद का पहला एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी समय शरीर का सर्केडियन रिदम सेट होता है, जो पूरे दिन की ऊर्जा और मूड को प्रभावित करता है। अगर इस समय जल्दबाजी की जाए, तो दिनभर थकान और फोकस की कमी बनी रह सकती है। एक सही और संतुलित मॉर्निंग रूटीन के लिए डॉक्टर कुछ आसान आदतें अपनाने की सलाह देते हैं। सुबह उठकर तुरंत भागदौड़ करने के बजाय कुछ मिनट शांत बैठें, गहरी सांस लें और शरीर को धीरे-धीरे एक्टिव करें। सबसे पहले पानी पिएं, हल्की धूप लें और हल्की स्ट्रेचिंग से शुरुआत करें। इसके बाद ही वर्कआउट करें। साथ ही, सुबह उठते ही फोन इस्तेमाल करने से बचें और दिन की शुरुआत शांत और सकारात्मक गतिविधियों से करें। अगर इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो न केवल दिन की शुरुआत बेहतर होगी बल्कि पूरे दिन की ऊर्जा, फोकस और मानसिक स्थिति भी संतुलित बनी रहेगी।
रविवार का पंचांग अपडेट: कामदा एकादशी, मुहूर्त और राहुकाल की पूरी जानकारी

नई दिल्ली:29 मार्च 2026, रविवार का दिन सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। इसे कामदा एकादशी या अमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है और यह दिन नारायण भगवान की आराधना और व्रत करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस वर्ष रविवार को एकादशी तिथि सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगी और उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। हालांकि, सूर्य उदय के समय के अनुसार पूरे दिन एकादशी का ही महत्व रहेगा। सूर्योदय इस दिन 6 बजकर 14 मिनट पर होगा और सूर्यास्त 6 बजकर 37 मिनट पर होगा। पंचांग के अनुसार नक्षत्र अश्लेषा दोपहर 2 बजकर 38 मिनट तक रहेगा और उसके बाद मघा नक्षत्र शुरू होगा। योग धृति शाम 6 बजकर 20 मिनट तक रहेगा और करण विष्टि सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। 29 मार्च को कई शुभ मुहूर्त भी निर्धारित हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 42 मिनट से 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा और इस दौरान पूजा-अर्चना करना अत्यंत फलदायी माना गया है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा जबकि विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 6 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 59 मिनट तक रहेगा और सायाह्न संध्या 6 बजकर 37 मिनट से 7 बजकर 47 मिनट तक होगी। इसके अलावा अमृत काल दोपहर 1 बजकर 2 मिनट से 2 बजकर 38 मिनट तक रहेगा और इसे किसी भी शुभ कार्य के लिए अत्यंत शुभ समय माना जाता है। अशुभ समय की जानकारी भी महत्वपूर्ण है ताकि इस दौरान कोई महत्वपूर्ण कार्य न किया जाए। राहुकाल शाम 5 बजकर 4 मिनट से 6 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 12 बजकर 26 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल शाम 3 बजकर 32 मिनट से 5 बजकर 4 मिनट तक रहेगा और दुर्मुहूर्त शाम 4 बजकर 58 मिनट से 5 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। भद्रा सुबह 6 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगा जबकि गंड मूल पूरे दिन प्रभाव में रहेगा। भक्त इस दिन कामदा एकादशी व्रत कर सकते हैं और शुभ मुहूर्त के अनुसार पूजा-अर्चना या धार्मिक कार्य संपन्न कर सकते हैं। राहुकाल, यमगंड, गुलिक काल और दुर्मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल का लाभ उठाकर दिन को विशेष बनाया जा सकता है। इस प्रकार रविवार का यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और फलदायी माना जाता है।
मप्रः खरगोन में पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में लगी आग, टला बड़ा हादसा

खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन शहर में शनिवार देर शाम डायवर्सन रोड पर एक पेट्रोल पंप के पास खड़े ट्रक में अचानक आग लग गई। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते वाहन को करीब 300 मीटर दूर ले जाकर खड़ा किया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के अनुसार, ट्रक श्रीजी ऑटो सेंटर स्थित पेट्रोल पंप के पास खड़ा था, तभी उसमें आग लग गई। एक तांगा चालक ने पंप कर्मचारियों को सूचना दी। कर्मचारियों ने तुरंत इमरजेंसी स्विच बंद कर दिया और फायर बॉटल से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। साथ ही दमकल विभाग को सूचना दी गई। ट्रक चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए जलते वाहन को पेट्रोल पंप से दूर करीब 300 मीटर आगे खाली चावला मार्केट परिसर में ले जाकर रोका, जिससे संभावित बड़ा नुकसान टल गया। सूचना मिलते ही नगरपालिका की दमकल टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक ट्रक में रखा सामान काफी हद तक जल चुका था। ट्रक एक ट्रांसपोर्ट कंपनी का था, जिसमें स्टेशनरी और कॉस्मेटिक सहित विभिन्न प्रकार का सामान रखा था। आग से पूरा माल जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।
मप्र हाईकोर्ट के न्यायाधीश भोजशाला पहुंचे, 53 मिनट तक किया परिसर का गोपनीय निरीक्षण

इंदौर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश शनिवार को केंद्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन धार जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचे। उन्होंने करीब 53 मिनट तक भोजशाला परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। आगामी 2 अप्रैल को भोजशाला मामले की सुनवाई से पहले इस दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मप्र उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और आलोक अवस्थी शनिवार दोपहर एक बजकर 52 मिनट पर भोजशाला परिसर पहुंचे। उनके साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी मौजूद रहे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच उन्होंने करीब 53 मिनट तक परिसर में रहकर हर हिस्से का बारीकी से मुआयना किया। इस दौरान पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने संरचना के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की जानकारी दी। गौरतलब है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा लगभग 98 दिनों तक भोजशाला परिसर में किए गए सर्वे की रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जा चुकी है और इसकी प्रतियां सभी पक्षकारों को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। भोजशाला के कानूनी विवाद को लेकर गत 16 मार्च को इंदौर उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई के दौरान पक्षकारों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं, उसी दौरान न्यायमूर्ति ने स्वयं भोजशाला का निरीक्षण करने की इच्छा जताई थी। साथ ही दो अप्रैल की तारीख सुनवाई के लिए निर्धारित की थी। मामले की सुनवाई से पहले न्यायाधीश शनिवार को धार पहुंचे। न्यायाधीशों के आगमन की सूचना मिलते ही सुबह से ही जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया था। न्यायमूर्ति के दौरे को देखते हुए भोजशाला के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति शुक्ला ने भोजशाला परिसर के भीतर स्तंभों की नक्काशी, प्राचीन खंभों पर उकेरी गई आकृतियों और ऐतिहासिक शिलालेखों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने दीवारों पर अंकित लिपियों को भी ध्यानपूर्वक देखा। साथ ही एएसआई द्वारा किए गए सर्वे के निशानों और चिन्हित स्थलों की जानकारी ली। प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा किए गए कार्यों और वर्तमान व्यवस्थाओं से भी अवगत कराया। भोजशाला को लेकर चल रहे कानूनी विवाद और वैज्ञानिक सर्वेक्षण की मांगों के बीच अब इस दौरे के बाद सभी की निगाहें आगामी 2 अप्रैल को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई हैं, जहां मामले में महत्वपूर्ण दिशा मिल सकती है।
मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध

भोपाल। मध्य प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा इनके वितरण में किसी प्रकार की कमी या बाधा नहीं है। यह जानकारी शनिवार को प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है, जिससे ईंधन आपूर्ति में किसी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की स्थिति सामान्य है और सभी ऑयल कंपनियों के पास पेट्रोल (एमएस) और डीजल (एचएसडी) का पर्याप्त भंडार मौजूद है। पेट्रोल पंपों पर भी ईंधन की किसी प्रकार की कमी नहीं है तथा कंपनी के डिपो से पेट्रोल और डीजल की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। रसोई गैस की उपलब्धता पर्याप्तमंत्री राजपूत ने बताया कि एलपीजी बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा गया है। उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय तक कार्य कर रहे हैं, जिससे किसी भी स्थिति में रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विशेष व्यवस्थाराजपूत ने बताया कि प्रदेश में ईंधन की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए सभी सप्लाई लोकेशन को अधिक समय तक संचालित किया जा रहा है, जिससे आपूर्ति को सुचारु बनाए रखते हुए स्थिति को सामान्य रखा जा सके। कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाईमंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है। अब तक 2050 स्थानों पर जांच की गई है, जिसमें 2912 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 9 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में तेजीउन्होंने बताया कि प्रदेश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। लंबित अनुमतियों को शीघ्र प्रदान करने और नई अनुज्ञप्तियां 24 कार्यकारी घंटों में जारी करने के लिए संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई की जा रही है। मंत्री राजपूत ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में सीजीडी (City Gas Distribution) संस्थाओं द्वारा 2,14,980 घरेलू, 535 औद्योगिक और 661 वाणिज्यिक पीएनजी कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। विभिन्न प्रकार की अनुमतियां प्रदान करने के लिए सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। ऑयल कंपनियों आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) तथा सीजीडी संस्थाओं के बीच आवश्यक समन्वय स्थापित कर भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री राजपूत ने आम नागरिकों से अपील की है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है, इसलिए किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि नागरिक आवश्यकतानुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदें तथा अनावश्यक संग्रह न करें। सरकार द्वारा प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आवेदन कर पीएनजी कनेक्शन लेने की भी अपील की गई है।
उज्जैनः पंचक्रोशी यात्रा 12 अप्रैल से, अधिकारियों ने मार्ग का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन में पंचक्रोशी यात्रा 12 अप्रैल से प्रारंभ होगी। इसी के मद्देनजर शनिवार को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पंचक्रोशी यात्रा मार्ग का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सर्वप्रथम संभागायुक्त आशीष सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने पटनी बाजार स्थित नागचंद्रेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजन अर्चन किया और मंदिर परिसर में पानी की टंकी की सफाई, परिसर की साफ-सफाई , सीसीटीवी कैमरे, लाइट तथा एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इसके बाद अधिकारियों द्वारा बस से यात्रा कर उंडासा, पिंगलेश्वर, शनि मंदिर त्रिवेणी, करोहन, नलवा, अंबोदिया, पड़ाव व उप पड़ाव स्थलों का निरीक्षण किया गया। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि पड़ाव स्थलों के बीच भी कुछ-कुछ स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था की जाए तथा जो भी बड़े खुले कुएं रास्ते में आ रहे हैं अथवा जहां नवीन पुल-पुलियाओं का निर्माण चल रहा है वहां सुरक्षा की दृष्टि से बैरिकेडिंग की जाए। साथ ही रात में अतिरिक्त रोशनी की व्यवस्था की जाए। पिंगलेश्वर में रेलवे ओवरब्रिज के नीचे सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। अस्थाई शौचालयों, लाइट , पेयजल के लिए टैंकर की व्यवस्था पर्याप्त संख्या में की जाए। त्रिवेणी में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए शावर्स लगाए जाएं। अंबोदिया में व्यवस्थाओं के संबंध में ली गई बैठक में कलेक्टर सिंह ने निर्देश दिए कि वर्तमान में सिंहस्थ महापर्व के अंतर्गत निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं। पंचक्रोशी यात्रा के दौरान नये कार्य प्रारंभ न किये जाएं, वर्तमान में चल रहे कार्यों के तेज गति से पूर्ण करें। पंचक्रोशी यात्रा मार्ग में श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा मार्ग में कुछ स्थानों पर मुरम डाल कर समतलीकरण किया जाए। इसके अलावा जिन विभागों को यात्रा के संबंध में जो दायित्व सौंपे गए हैं, वे आगामी 05 अप्रैल तक सभी व्यवस्थाएं पूर्ण कर लें। पुलिस अधीक्षक शर्मा ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। ड्यूटीरत अधिकारी व कर्मचारी अपनी शिफ्ट समाप्त होने पर रिलिवर के आने के पश्चात ही कर्तव्य स्थल छोड़ें, निर्धारित समय पर अपने कर्तव्य स्थल पर पहुंचे। श्रद्धालुओं के लिए यात्रा के सुखद अनुभव के लिए सभी मिलकर प्रयास करें।
पूर्वोत्तर भारत का ग्रोथ इंजन, ग्लोबल साउथ का प्रवेश द्वार : सिंधिया

नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्वोत्तर सांस्कृतिक महोत्सव में कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र भारत का ग्रोथ इंजन है और यह ग्लोबल साउथ के लिए देश का प्रवेश द्वार बन सकता है। आठ राज्यों में असाधारण क्षमता है और करीब 93 प्रतिशत साक्षरता के साथ यह क्षेत्र देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यहां दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में आयोजित पूर्वोत्तर सांस्कृतिक महोत्सव (एनईटिम) 2026 के 15वें संस्करण को संबोधित करते हुए पूर्वोत्तर की प्रतिभा, ऊर्जा और सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाने वाला सशक्त मंच बताया। उन्होंने पूर्वोत्तर को ‘अष्टलक्ष्मी’ बताते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल ने इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को और गहराई से समझने का अवसर दिया है। यह क्षेत्र न केवल भारत के लिए बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया और वैश्विक परिदृश्य के लिए भी एक रणनीतिक सेतु है। सिंधिया ने पूर्वोत्तर के मानव संसाधन की सराहना करते हुए कहा कि यहां की साक्षरता दर लगभग 93 प्रतिशत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करें। उन्होंने पूर्वोत्तर से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का भी उल्लेख किया और कहा कि आठों राज्यों की यात्राओं ने उनके दृष्टिकोण को नई ऊर्जा दी है। उन्होंने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए भूपेन हजारिका और जुबिन गर्ग जैसे कलाकारों को याद किया। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की कला और संस्कृति अद्वितीय है और हर प्रस्तुति में परंपरा की गहराई दिखाई देती है। मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर के आठ राज्य भारत और ग्लोबल साउथ के बीच प्राकृतिक सेतु हैं, जो आर्थिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को नई दिशा दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं को सशक्त बनाने के लिए मंत्रालय की प्रमुख पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एडवांसिंग एनईआर पोर्टल अप्रैल 2026 में शुरू किया जाएगा। यह एकीकृत डिजिटल मंच होगा, जो 1000 से अधिक रोजगार अवसर, 300 से अधिक करियर विकल्प, 200 से अधिक प्रवेश परीक्षाएं और 3000 से अधिक पाठ्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध कराएगा। सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर के विकास का दृष्टिकोण इरादों से आगे बढ़कर क्रियान्वयन तक पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अब अवसरों को पहुंच और समावेशन के आधार पर परिभाषित किया जा रहा है। कार्यक्रम में छात्रों, कलाकारों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता और संभावनाओं का प्रदर्शन किया। उल्लेखनीय है कि एनई स्पार्क्स कार्यक्रम के तहत इसरो के सहयोग से हर वर्ष 800 छात्रों को अंतरिक्ष विज्ञान और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अष्टलक्ष्मी दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के छात्रों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें अब तक 1280 छात्र शामिल हो चुके हैं और 2030 तक इसे 8000 छात्रों तक ले जाने का लक्ष्य है।