Travel Tips: पार्टनर के साथ घूमने की बेस्ट जगहें, आज ही बनाएं रोमांटिक प्लान

नई दिल्ली। अगर आप अपने राजभवन के साथ सार्वभौम के साथ कुछ पल का मौका ढूंढ रहे हैं तो आपके लिए ये खास समय है। अपने तेलंगाना के साथ कहीं भी घूमने जाना न सिर्फ मूड को तरोताजा करता है, बल्कि दूसरे में फिर से प्यार की नई शिंगरी भी जगा देता है। इसके लिए आपको इन जगहों पर एक बार जरूर जाना चाहिए। मनालीरोमांटिक ट्रिप की बात हो और मनाली का नाम ना आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। घने चीड़ों के जंगल, नदियाँ, हरे-भरे मैदान और घने जंगल यहाँ के घने जंगलों को बेहद खास बनाते हैं। इस समय भी यहां पर काफी लेयर्ड हो रही है। इसके लिए इस बार भी यहां जाने के लिए फ़ार्फैक्ट है। यहां कपल्स को ऐसा लगता है जैसे वे किसी खूबसूरत कहानी का हिस्सा हों। तिब्बती मठों की सैर, नदी किनारे कैंपिंग और भृगु झील तक ट्रेक करना ये सब काफी अच्छा अनुभव कराती है। लैंडौर हिमालय के विकाश में बसा लैंडौर एक छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। कोहरे से बूढ़ी पहाड़ियाँ जैसे, देवदार के जंगल और बुरेंश के लाल फूल यहाँ के स्मारक को किसी पुराने ब्रिटिश गाँव में बनाए जाते हैं। मसूरी के ऊपर स्थित इस शांत जगह पर लाल टिब्बा, सेंट पॉल चर्च, फोर शॉप और केलॉग मेमोरियल चर्च जैसे कई आकर्षण हैं। यहां का भी मौसम इस समय काफी अच्छा है। तो आप यहां बिना देरी किए जाने का बी प्लान बनवा सकते हैं। शिमलाइस समय पद पर नियुक्ति हो सकती है। अद्वितीय-ठंडी हवाएं, हरे-भरे जंगल, खूबसूरत और पहाड़ियां आपको सर्वोच्च और साहसिक दोनों का अनुभव। मॉल रोड पर स्वादिष्ट और स्वादिष्ट व्यंजन का मजा भी अलग है। रिज, कुफरी और चैल जैसी जगहों पर आप एडवेंचर और कॉमेडी का आनंद ले सकते हैं। इस सीजन में स्वाद का मौसम सुहाना और नज़ारे अद्भुत होते हैं।
इस दिन से खुलेगा केदारनाथ का कपाट, जानिए 6 महीने क्यों बंद रहता है मंदिर

नई दिल्ली। केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Dham) जो भगवान शिव का एक प्राचीन और प्रमुख तीर्थस्थल है, हर साल लगभग यहां लाखों लोग आते हैं और पूजा अर्चना करते हैं। अब मंदिर की यात्रा शुरू होने वाली है यानि इसका कपाट खुलने जा रहा है। आपको बता दें कि, ये मंदिर हर 6 महीने बंद रहता है। इस दौरान भक्तगण बाबा केदारनाथ के दर्शन ऊखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में कर सकते हैं। इस कारण बंद रहता हैं मंदिरकेदारनाथ मंदिर के बंद होने का मुख्य कारण है भारी बर्फबारी और मौसम की कठिनाइयाँ, जो नवंबर से मई तक रहती हैं। इस दौरान मंदिर और आसपास के क्षेत्र में भारी बर्फबारी हो जाती है और रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं, जिससे तीर्थयात्रियों का पहुंचना असंभव हो जाता है। मौसम की यह चुनौती न केवल यात्रियों के लिए जोखिमपूर्ण होती है, बल्कि मंदिर प्रशासन के लिए भी सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बनाए रखना मुश्किल कर देती है। उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, शीतकालीन महीनों में रास्तों पर हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा सबसे अधिक होता है। इसलिए मंदिर को बंद करना अनिवार्य हो जाता है। भाई दूज के दिन ही बंद होते हैं केदारनाथ मंदिर के कपाटकेदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने और बंद होने की एक तिथि भी तय होती है। इसी तिथि में मंदिर के कपाट खोले और बंद किए जाते हैं। बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भी हर भाई दूज यानी दिवाली के दो दिन बाद बंद कर दिए जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपनी पत्नी द्रौपदी के साथ हिमालय पहुंचे जहां उन्होंने भगवान शिव के मंदिर का निर्माण किया। इसके बाद उन्होंने यहीं पर अपने पितरों का तर्पण किया है। इसके बाद ही उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति हुई। कहते हैं कि जिस दिन पांडवों ने अपने पूर्वजों का तर्पण किया था वो भाई दूज का ही दिन था, इसलिए तब से इसी दिन केदारनाथ के कपाट बंद होने लगे। एक और वजहदूसरी वजह यह है कि भैया दूज के दिन से ही शीतकाल का आरंभ होता है। इस दौरान हिमालय क्षेत्र में रहना बहुत मुश्किल होता है। दरअसल, शीतकाल के समय हिमालय में जबरदस्त बर्फबारी होती है। इन कारणों से भी भैया दूज के बाद बाबा केदारनाथ के दर्शन रोक दिए जाते हैं और मंदिर के कपाट अगले 6 महीनों के लिए बंद कर दिए जाते हैं। इस दिन खुलेगा कपाटकेदारनाथ मंदिर के कपाट खुलने ही वाले हैं। उत्तराखंड में इस समय सरकार चार धाम यात्रा की तैयारियों में जुटी हुई है। इस वर्ष केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे। हालांकि, गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को खुलने के साथ ही प्रदेश की पवित्र चार धाम यात्रा की शुरुआत हो जाएगी। बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलने हैं। केदारनाथ धाम पहुंचने के लिएKedarnath Temple तक पहुंचना अपने आप में एक आध्यात्मिक और रोमांचक यात्रा है। इस पवित्र धाम के दर्शन के लिए सबसे पहले श्रद्धालुओं कोहरिद्वार/ऋषिकेश पहुंचना होता है। यहां से सड़क मार्ग द्वारा बस या टैक्सी के जरिए सोनप्रयाग तक सफर किया जाता है। सोनप्रयाग से आगे का रास्ता और भी दिलचस्प हो जाता है। यहां से छोटी गाड़ियों के माध्यम से यात्रियों को गौरीकुंड पहुंचाया जाता है, जो केदारनाथ यात्रा का मुख्य बेस कैंप है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक लगभग 16-18 किलोमीटर का ट्रेक शुरू होता है। यह रास्ता पहाड़ों, झरनों और हरियाली से भरपूर होता है, जो यात्रा को और भी यादगार बना देता है। गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तकइस ट्रेक को पैदल तय कर सकते हैं या फिर घोड़ा, खच्चर और पालकी का सहारा ले सकते हैं। वहीं, जो लोग कम समय में यात्रा करना चाहते हैं, उनके लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी उपलब्ध है, जिससे वे सीधे मंदिर के पास पहुंच सकते हैं। केदारनाथ धाम जाने की प्रमुख तिथियाअक्षय तृतीया: इसी दिन केदारनाथ के कपाट खोले जाते हैं।श्रावण मास: भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ समय होता है ।भैया दूज: इस दिन मंदिर के कपाट बंद किए जाते हैं।
Dowry Harassment case : जेवर लेकर घर से निकाला, दहेज के लिए परेशान करता था लोको पायलेट पति; सास ससुर पर भी लगे आरोप

HIGHLIGHTS : दहेज के लिए महिला से मारपीट का आरोप लोको पायलट पति, सास-ससुर पर केस दर्ज 10 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग का आरोप जेवर लेकर महिला को मायके छोड़ने का दावा पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच Dowry Harassment case : दतिया। जिले में दहेज प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। महोनाजाट गांव की रहने वाली 32 वर्षीय महिला ने अपने पति, सास और ससुर पर दहेज के लिए मारपीट और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। PRIEST ARREST FOR RAPE : पूजा कराने घर आया पुजारी, शादी का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म! शादी के बाद शुरू हुई प्रताड़ना पीड़िता के अनुसार, उसकी शादी 16 फरवरी 2020 को भोपाल निवासी आशीष दीक्षित से हुई थी, जो लोको पायलट है। शादी में पर्याप्त दहेज देने के बावजूद कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने कम दहेज का ताना देना शुरू कर दिया। FASTag: 1 अप्रैल से महंगा होगा नेशनल हाईवे सफर, देशभर में टोल दरों में होगी बढ़ोतरी 10 लाख रुपए की मांग और मारपीट के आरोप महिला का कहना है कि पति, सास और ससुर ने कई बार उसके साथ मारपीट की और लगातार 10 लाख रुपए की मांग करते रहे। 2021 में बेटी के जन्म के बाद भी प्रताड़ना जारी रही। Gwalior Road Protest : गड्ढे में बैठी पार्षद, सरकार के खिलाफ किया विरोध बोली – 10 दिन बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी ! जेवर लेकर घर से निकालने का आरोप पीड़िता ने बताया कि 16 अप्रैल 2024 को उसका पति महोनाजाट आया, जहां उसने मारपीट की और जेवर लेकर चला गया। इसके बाद से महिला को मायके में छोड़ दिया गया और पैसे लाने की शर्त रखी गई। IPL 2026: गुजरात के लिए खतरा, पंजाब किंग्स के ये 5 खिलाड़ी करेंगे मैच पर दबदबा समझाइश के प्रयास भी रहे विफल महिला के परिजनों और रिश्तेदारों ने कई बार ससुराल पक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। आखिरकार पीड़िता ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Bloating relief home remedy : भूख नहीं लगती या अपच परेशान कर रहा है? दही के साथ भूना जीरा खाएं, मिलेगा राहत

Bloating relief home remedy : नई। दिल्ली की कंपनियों में बार-बार भूख न लगना, पेट फूलना, अपच और कमजोरी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में घरेलू नुस्खों में दही और अन्य जीरा का पाचन के लिए मिश्रण बेहद खतरनाक माना जाता है। आयुर्वेद में पाचन शक्ति बढ़ाने वाला रामबाण इलाज बताया गया है। दही और जीरे का अनोखा संयोजन दही प्राकृतिक रूप से ठंडक देने वाला और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है, जबकि जीरा पाचन शक्ति को बढ़ाता है और गैस की समस्या को दूर करने में बेहद प्रभावशाली होता है। दोनों को भोजन में गर्मी होने वाली पेट एसोसिएटेड अधिकांश सहयोगियों से राहत मिलती है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, दही और भुने जीरे का सेवन न केवल पेट को स्वस्थ रखता है, बल्कि पूरे दिन टैरोताजा और ऊर्जा से परिपूर्णता का अनुभव करने में भी मदद करता है। यह मिक्स कंपनी और केमिकल वाले ड्रिंक्स का प्राकृतिक विकल्प है। अपच और गैस की समस्या से राहत इसके अलावा पेट की गैस, ब्लोटिंग और अपच को दूर करने में भी मदद मिलती है। दही के साथ सेवन से यह असर करता है और बढ़ता है। नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और भोजन आसानी से पचता है। गर्मियों में बार-बार भूख नहीं लगती, लेकिन इसके विपरीत जीरा भूख बढ़ाने में सहायक है। दही के साथ इसका सेवन भूख बढ़ाने के तरीके से बेहतर है और भोजन का स्वाद भी बेहतर है। मेटाबोलिज्म और इम्यूनिटी में मदद जीरा मेटाबोलिज्म को पुनर्प्राप्त किया जाता है, जिससे केट्री बर्निंग तेजी से होती है और वजन नियंत्रण में मदद मिलती है। इसके अलावा दही और जीरे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन समर में सूखे से प्रभावित इमिअम सिस्टम को मजबूत बनाया गया है। इससे क्लॉथ-जुकाम और छाती की जिल्दनी जैसे प्रोटोटाइप से डिफ्रेंस भी होता है। दही शरीर को ठंडक देता है, जबकि जीरा पोटेशियम के साथ-साथ खनिज पदार्थों का उत्पादन करता है, जिससे मधुमेह की समस्या कम होती है। सेवन का उपाय इसे बनाने के लिए:- एक छोटे आकार के भुने जीरे को अच्छी तरह पीस लें। एक कप दही में पूरे स्वाद वाला काला नमक डाला हुआ। सुबह के भोजन के साथ या दोपहर के भोजन के बाद इसका सेवन करें। गर्मियों में एक बार का सेवन बेहद जादुई रहता है। विशेषज्ञ की सलाह विशेषज्ञ के अनुसार, यह मिश्रण न केवल पाचन सुधार करता है, बल्कि गर्मी से होने वाली थकान और कमजोरी को भी दूर करता है। हालाँकि, जिन लोगों को जीरा से एलर्जी हो या कोई गंभीर बीमारी हो, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए। वहीं, किसी भी बच्चे के लिए दही का सेवन करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
PRIEST ARREST FOR RAPE : पूजा कराने घर आया पुजारी, शादी का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म!

HIGHLIGHTS: • पूजा के बहाने महिला के मोहल्ले पहुंचा आरोपी पुजारी • फोन पर प्रेम जाल बिछाया, शादी का झांसा दिया • 20 फरवरी को घर में अकेली पाकर किया दुष्कर्म • पति को बात पता चलने पर घर से निकाला • SP के निर्देश पर टीम ने मुखबिर की मदद से गिरफ्तार किया PRIEST ARREST FOR RAPE : गुना। गुना शहर के कैंट थाना क्षेत्र में पूजा पाठ करने वाले युवक का विवाहित महिला के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है । बता दें कि मामले में पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। कोटक महिंद्रा प्राइम में बड़ा बदलाव: सूरज राजप्पन बने नए CEO, शाहरुख टोडीवाला को हटायापूजा के बहाने हुई दोस्ती महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि मार्च 2025 में भुवनेश्वर शर्मा, निवासी बांसखेड़ी, पूजा कराने उसके मोहल्ले में आया था। इसी दौरान दोनों की जान-पहचान हुई और फोन पर लगातार बातचीत शुरू हो गई। FASTag: 1 अप्रैल से महंगा होगा नेशनल हाईवे सफर, देशभर में टोल दरों में होगी बढ़ोतरी शादी का दिया झांसा भुवनेश्वर ने महिला को बार-बार कहा कि अपने पति को छोड़ दो, मैं तुमसे शादी कर लूंगा। प्रेम संबंध बढ़ने के बाद 20 फरवरी 2026 को शाम 7:30 बजे आरोपी महिला के घर आया। उस समय घर में कोई नहीं था। आरोपी ने शादी का झांसा देकर महिला के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। IPL 2026: गुजरात के लिए खतरा, पंजाब किंग्स के ये 5 खिलाड़ी करेंगे मैच पर दबदबा मुकर गया आरोपी जब महिला ने शादी की बात की तो भुवनेश्वर शर्मा मुकर गया और अपना मोबाइल बंद करके फरार हो गया। महिला के पति को पूरी बात पता चलने के बाद उन्होंने उसे घर रखने से इनकार कर दिया। LPG संकट के बीच कनेक्शन सरेंडर करने के लिए सरकार ने लॉन्च किया MyPNG-D पोर्टल पुलिस की तेज कार्रवाई कैंट थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। जिसके बाद मुखबिर तंत्र की मदद से रविवार को आरोपी भुवनेश्वर शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। पुरे मामले में पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। इस घटना ने इलाके में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।
forex market India : डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 95 पार, करेंसी मार्केट में बड़ा बदलाव

forex market India : नई दिल्ली।भारतीय रुपए ने सोमवार को डॉलर के मुकाबले पहली बार 95 के स्तर को पार किया और 95.2 का नया निचला स्तर देखा। हालांकि दिन के अंत में रुपया 94.83 पर बंद हुआ, जो कि शुक्रवार के 94.81 के बंद से 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। मध्य पूर्व तनाव और तेल की कीमतों का असर विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के चलते रुपए में कमजोरी लगातार बढ़ रही है। अकेले मार्च महीने में भारतीय मुद्रा ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में भी सोमवार को गिरावट देखी गई। सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,947.55 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत कमजोर होकर 22,331.40 पर बंद हुआ। मार्च 2026 में निफ्टी में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई, जो कि मार्च 2020 के बाद मासिक आधार पर सबसे बड़ी गिरावट है। आरबीआई की नई दिशा, ओवरनाइट नेट ओपन लिमिट भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हाल ही में बैंकों के लिए ओवरनाइट नेट ओपन पोजिशन लिमिट को 100 मिलियन डॉलर करने का निर्णय लिया। इसके बाद रुपया शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ खुला, लेकिन सत्र के दौरान 160 पैसे गिरावट के साथ शुरुआती स्तर खो दिया। केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार को कहा था कि बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि 10 अप्रैल तक हर कारोबारी दिन के अंत में उनकी नेट ओपन रुपया पोजिशन 100 मिलियन डॉलर से अधिक न हो। अनुमान है कि इन निवेशों का आकार 25 अरब डॉलर से लेकर 50 अरब डॉलर तक हो सकता है। तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के चलते वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 115 डॉलर प्रति बैरल पर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 101.4 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की बढ़ती कीमतों और मुद्रा कमजोर होने के कारण भारतीय शेयर बाजार पर भी दबाव बढ़ा है। निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख किया, जिससे बाजार में गिरावट और तेज हुई। मार्च 2026 का आखिरी कारोबारी सप्ताह भारतीय निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। रुपए ने पहली बार 95 का स्तर पार कर नई चुनौतियों का संकेत दिया, वहीं शेयर बाजार में गिरावट ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व तनाव, तेल की ऊंची कीमतें और आरबीआई की नई दिशा रुपए और शेयर बाजार दोनों पर असर डाल रही हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा और निवेशकों की प्रतिक्रिया इस समय की आर्थिक नीतियों और वैश्विक घटनाओं पर निर्भर करेगी।
Black Box preferential issue : ब्लैक बॉक्स ने प्रेफरेंशियल इश्यू पूरा किया, वारंट कन्वर्जन से मिले 386 करोड़ रुपए

Black Box preferential issue : नई दिल्ली। ग्लोबल डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी ब्लैक बॉक्स लिमिटेड ने सोमवार को बताया कि 27 सितंबर, 2024 को जारी किए गए वारंटों के कन्वर्जन के माध्यम से 386.36 करोड़ रुपए सफलतापूर्वक प्राप्त किए गए हैं। इस कदम से कंपनी की वित्तीय मजबूती और निवेशकों के प्रति विश्वास को और बढ़ावा मिला है। वारंट कन्वर्जन का पूरा लाभ कंपनी ने 92,65,215 वारंट को 417 रुपए प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर इक्विटी शेयरों में बदल दिया। सभी वारंट धारकों ने अपने अधिकारों का पूर्ण रूप से उपयोग किया, और किसी ने भी अपने अधिकार नहीं गंवाए। इस पूरी प्रक्रिया के समय पर और सफलतापूर्वक होने से ब्लैक बॉक्स के व्यापारिक सिद्धांत, विकास रणनीति और क्रियान्वयन क्षमता में निवेशकों और प्रमोटरों का मजबूत विश्वास दिखाई देता है। प्रमोटरों ने किया बड़ा योगदान इस प्रेफरेंशियल इश्यू में प्रमोटरों का योगदान भी अहम रहा, जिन्होंने कुल निवेश का 51.76 प्रतिशत यानी लगभग 200 करोड़ रुपए जुटाए। हस्तांतरण के बाद प्रमोटरों की कुल शेयरधारिता 69.99 प्रतिशत हो गई है। यह कंपनी के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और शेयरधारकों के साथ एकजुटता को दर्शाता है। विकास और रणनीतिक उपयोग ब्लैक बॉक्स के सीईओ संजीव वर्मा ने कहा”हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि प्रमोटरों और निवेशकों दोनों की पूर्ण भागीदारी के साथ यह पूंजी जुटाना सफल रहा। 386 करोड़ रुपए के इस निवेश से हमारी बैलेंस शीट मजबूत हुई है और विकास लक्ष्यों को गति देने के लिए हमें अतिरिक्त लचीलापन मिला है।उन्होंने आगे कहा कि यह राशि कंपनी को डिजिटल अवसंरचना क्षमताओं को बढ़ाने, बाजार में उपस्थिति का विस्तार करने और ग्राहकों एवं शेयरधारकों को लगातार मूल्य प्रदान करने में मदद करेगी। वित्तीय दृष्टिकोण और निवेशकों का विश्वास ब्लैक बॉक्स के मुख्य वित्तीय अधिकारी दीपक बंसल ने कहा,”हम अपने निवेशकों के निरंतर विश्वास और समर्थन के लिए आभारी हैं। यह पूंजी हमें प्राथमिकता वाले विकास क्षेत्रों में निवेश करने की क्षमता देती है और पूंजी आवंटन, परिचालन दक्षता और प्रतिफल के प्रति अनुशासित दृष्टिकोण बनाए रखने में भी सहायक है।उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी अब सभी बाजारों में उभरते अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। ब्लैक बॉक्स का यह प्रेफरेंशियल इश्यू न केवल 386 करोड़ रुपए की पूंजी जुटाने में सफल रहा, बल्कि प्रमोटरों और निवेशकों के बीच विश्वास और सहयोग को भी स्पष्ट रूप से दर्शाता है। कंपनी अब डिजिटल अवसंरचना क्षेत्र में विस्तार और मजबूत वित्तीय स्थिति के साथ अपने अगले विकास चरण की ओर बढ़ रही है।
CEO OF KOTAK MAHINDRA : कोटक महिंद्रा प्राइम में बड़ा बदलाव: सूरज राजप्पन बने नए CEO, शाहरुख टोडीवाला को हटाया

CEO OF KOTAK MAHINDRA : नई दिल्ली।वाहन फाइनेंस कंपनी कोटक महिंद्रा प्राइम लिमिटेड (केएमपीएल) ने सोमवार को अपने नेतृत्व में बड़ा बदलाव किया। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने सूरज राजप्पन को मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 1 जून 2026 से शुरू होगा और तीन साल के लिए होगा, हालांकि इसके लिए शेयरधारकों की मंजूरी आवश्यक है। शाहरुख टोडीवाला का संन्यास, तीन दशक का योगदान कंपनी ने यह भी बताया कि मौजूदा एमडी और सीईओ शाहरुख टोडीवाला 31 मई 2026 को रिटायर होंगे। शाहरुख टोडीवाला ने कोटक ग्रुप के साथ तीन दशक से अधिक समय तक काम किया और कंपनी को मजबूत और संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया। सूरज राजप्पन का अनुभव और कंपनी में योगदान सूरज राजप्पन ने अपने करियर की शुरुआत ही केएमपीएल से की थी और उनके पास कंपनी में 24 साल का अनुभव है। केएमपीएल, कोटक महिंद्रा बैंक की एक सहायक कंपनी है। कोटक महिंद्रा बैंक के एमडी और सीईओ अशोक वासवानी ने कहा,सूरज राजप्पन का अनुभव और कार्यकुशलता कंपनी को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। सूरज राजप्पन ने भी कहा कि केएमपीएल आगे संतुलित विकास, नवाचार और बेहतर ग्राहक अनुभव पर ध्यान देगा। साथ ही कंपनी अपने ओईएम और डीलर पार्टनर्स के साथ रिश्तों को और मजबूत करेगी। केएमपीएल का तीन दशक का सफर केएमपीएल की स्थापना 1996 में कोटक महिंद्रा फाइनेंस और फोर्ड क्रेडिट इंटरनेशनल के बीच 60:40 के जॉइंट वेंचर के रूप में हुई थी। बाद में 2005 में कोटक महिंद्रा बैंक ने फोर्ड क्रेडिट की हिस्सेदारी खरीद ली और कंपनी को पूरी तरह अपनी सहायक कंपनी बना लिया। इसके बाद इसका नाम बदलकर कोटक महिंद्रा प्राइम लिमिटेड कर दिया गया। कंपनी ने पिछले तीन दशकों में भारत के ऑटोमोबाइल और कंज्यूमर क्रेडिट मार्केट में खुद को मजबूत किया। साथ ही, जोखिम प्रबंधन, बेहतर गवर्नेंस और मजबूत सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया। स्टार्टअप इकोसिस्टम में योगदान केएमपीएल ने 2025 में डीपीआईआईटी के साथ समझौता (एमओयू) भी किया था। इसका उद्देश्य देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना है। इस साझेदारी के तहत स्टार्टअप्स को बैंकिंग सेवाएं, लोन, फंडिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह कदम भारत में स्टार्टअप्स के विकास और वित्तीय सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है। सूरज राजप्पन के सीईओ बनने से केएमपीएल की संतुलित विकास नीति, नवाचार और ग्राहक-केंद्रित रणनीति और मजबूत होगी। वहीं, शाहरुख टोडीवाला के योगदान ने कंपनी को तीन दशकों से स्थिर और विकसित संगठन बनाने में अहम भूमिका निभाई है। अब केएमपीएल की नजर ऑटो फाइनेंस और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर खोलने पर होगी।
Indian stock market crash : मध्य पूर्व तनाव का असर: वित्त वर्ष के आखिरी सत्र में सेंसेक्स 1,635 अंक लुढ़का

Indian stock market crash : नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष (2025-26) के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,947.55 और निफ्टी 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,331.40 पर था। बाजार में चौतरफा गिरावट देखी गई। करीब सभी सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी पीएसयू बैंक (4.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (3.49 प्रतिशत), निफ्टी प्राइवेट बैंक (3.37 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.84 प्रतिशत), निफ्टी इंडिया डिफेंस (2.80 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (2.72 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ( 2.58 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (2.50 प्रतिशत) और निफ्टी ऑटो (2.39 प्रतिशत) की कमजोरी के साथ बंद हुआ। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,447.80 अंक या 2.68 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 52,650 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 416.20 अंक या 2.66 प्रतिशत की गिरावट के साथ 15,203.80 पर था।सेंसेक्स पैक में 30 में केवल दो शेयर हरे निशान में बंद हुए। बजाज फाइनेंस, एसबीआई, इंडिगो, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एचडीएफसी बैंक, ट्रेंट, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमएंडएम, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा और एशियन पेंट्स लूजर्स थे। केवल टेक महिंद्रा और पावर ग्रिड ही हरे निशान में बंद हुए। PRIEST ARREST FOR RAPE : पूजा कराने घर आया पुजारी, शादी का झांसा देकर महिला से किया दुष्कर्म! शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप करीब 10 लाख करोड़ रुपए कम होकर 412 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि शुक्रवार को 422 लाख करोड़ रुपए था। बाजार में गिरावट की वजह मध्य पूर्व में तनाव का बढ़ना है, जिसके समाप्त होने के कोई संकेत नहीं मिल रहे हैं। इससे बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोरी हुई है। एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि वित्त वर्ष 26 के आखिरी दिन बाजार की शुरुआत गैप डाउन के साथ हुई है और हालांकि, बाद में हल्की रिकवरी हुई, लेकिन ऊपरी स्तर से लगातार बिकवाली ने बाजार में गिरावट को बढ़ावा दिया। इससे दिन के अंत में निफ्टी 2.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए सपोर्ट 22,200 से लेकर 22,150 के आसपास है और अगर यहां से गिरावट बढ़ती है तो निफ्टी 22,000 और फिर 21,800 तक जा सकता है। हालांकि, 22,450-22,500 रुकावट का स्तर है।
अश्विनी वैष्णव का ऐलान: भारत में प्रोडक्ट डिज़ाइन न करने वाली इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को नहीं मिलेगा सरकारी लाभ

नई दिल्ली केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी सचिव अश्विनी वैष्णव ने साफ कर दिया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी स्कॉबी (ईएमएस) के तहत सरकारी प्रोत्साहन केवल तभी आवश्यक है, जब वे भारत में निवेश पोर्टफोलियो से उत्पाद डिजाइन करेंगे। सरकार का फोकस: डिजाइन, गुणवत्ता और इंजीनियरिंगवैष्णव ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि अब सरकारी सहायता और प्रोत्साहन इस बात पर निर्भर है कि देश में डिजाइन, गुणवत्ता और इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग को कितना विकसित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एंटरप्राइज़ सरकार की चार प्रमुख पार्टियों पर काम नहीं किया गया, तो अगली असेंबली असेंबली में उन्हें भी शामिल नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा,अगर एंटरप्राइज़ कंपनियों के कहे अनुसार कदम नहीं उठाया जाता है, तो हम आगे की मंजूरी और फंडिंग रोक सकते हैं।” असेंबली नहीं, संपूर्ण डिज़ाइन क्षमता आवश्यकमंत्री ने स्पष्ट किया कि कंपनी को केवल असेंबली या फैक्ट्री मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें कॉन्सेप्चुअल डिज़ाइन, इंजीनियरिंग डिज़ाइन और विनिर्माण डिज़ाइन तक अपनी क्षमता में सुधार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले से स्वीकृत प्राप्त प्रोजेक्ट्स में भी अगर रिज़र्वेशन पूरी तरह से नहीं था, तो फंड जारी नहीं किया जाएगा।“जिन एप्लायंस को मंजूरी दे दी गई है, उन्हें भी हमने पैसा नहीं दिया अगर हमारी मांग पूरी नहीं हुई।” ईसीएमएस में निवेश और मंजूरी का अपडेटमंत्रालय ने ईसीएमएस के चौथे चरण में 29 आवेदनों को मंजूरी दी है, जिसमें कुल 7,104 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।ईसीएमएस के तहत कुल निवेश का लक्ष्य 59,350 करोड़ रुपये था, जबकि अब तक 61,671 करोड़ रुपये के प्रस्ताव रखे जा चुके हैं।वैष्णव ने कहा कि असली उत्पाद समान दिखते हैं, जब उत्पाद डिजाइन भारत में किया जाता है। मैन्युफैक्चरिंग करना जरूरी है, लेकिन अधिक कॉम्प्लेक्स और डिजाइन प्रक्रिया के कारण डिजाइन करना भी महत्वपूर्ण है। ग्लोबल क्वालिटी और मॉडल मैनपावर पर जोरमंत्री ने वैश्वीकरण मानक पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर की गुणवत्ता के लिए सिक्स सिग्मा जैसी सोया का पालन जरूरी है।उन्होंने कहा, ”इसके बिना उत्पाद पूरे नहीं माने जाएंगे।’ इसके अलावा, उन्होंने सरकार के फोकस को भी स्थापित, स्थिर और तटस्थ रखा। वैष्णव ने इंडस्ट्री से यह भी अपील की कि वे स्टोल्ड मैनपावर तैयार करने पर ध्यान दें। सरकार पूरे इकोसिस्टम को सहयोग प्रदान करती है, लेकिन सरकार खुद आगे डिजाइन और इंजीनियरिंग में कुशल प्रतिभा तैयार करना चाहती है।