बिहार में सियासी भूचाल: Nitish Kumar ने MLC पद से दिया इस्तीफा, नए CM पर सस्पेंस

नई दिल्ली। बिहार की राजनीति में अचानक हलचल तेज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधान परिषद यानी एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया। सोमवार की सुबह उन्होंने निर्वाची विधान परिषद के उपाध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह को निर्वासित कर दिया, जिसके बाद विपक्ष की गैलरियों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। असल में, हाल ही में, उन्हें 14 दिनों के भीतर संवैधानिक संविधान के तहत चुने जाने के लिए कहा गया था। ऐसे में उनके इस कदम को प्रभावी तो माना ही जा रहा है, लेकिन इसके पीछे बड़े राजनीतिक बदलावों के संकेत भी नजर आ रहे हैं। इस बंदी के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि नीतीश कुमार अब मुख्यमंत्री भी क्या छोड़ेंगे। बहुमत के अनुसार, मुख्यमंत्री को विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य होना जरूरी है। ऐसे में समाजवादी समाजवादी बनने के बाद उनका सीएम पद बनना मुश्किल हो जाता है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, वह 30 अप्रैल तक मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो बिहार में एक बार फिर से सत्ता परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इधर, इस घटना के बीच राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है, क्योंकि नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर कोई स्पष्टता सामने नहीं आई है। कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन अभी तक कोई भी आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। पार्टी और सहयोगी शास्त्र के बीच मठ जारी है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा रिवर्सफर देखने को मिल सकता है। इस बीच एक और बड़ी घटना सामने आई है। बांकीपुर सीट से विधायक रहे नितिन नबीन ने भी अपना पद छोड़ दिया है, क्योंकि वे भी राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। उनकी बर्खास्तगी के बाद यह सीट खाली हो गई और यहां नए अभ्यर्थियों की चर्चा तेजी से हुई। इस सीट के लिए संजय मयूख का नाम सबसे पहले बताया जा रहा है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। राजनीतिक सिद्धांतों का मानना है कि नीतीश कुमार का यह कदम सिर्फ संवैधानिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि एक बड़े राजनीतिक बदलाव की भी भूमिका हो सकती है। बिहार में गठबंधन की राजनीति और आगामी गठबंधन को देखते हुए इस फैसले से कई नए समीकरण पैदा हो सकते हैं। देखें, पूरे राज्य की नजर इस पर टिकी है कि अगले मुख्यमंत्री की बात कौन होगी और सत्ता की कमान उनके हाथों में होगी।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल: मायावती का बयान, बंटवारे की बात से बढ़ी गर्मी

नई दिल्ली उत्तर प्रदेश की नागरिकता में इन दिनों हलचल तेज है। अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के पहले चरण के उद्घाटन के बाद शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब राज्य के गरीबों तक पहुंच गई है। इसी के बीच मुस्लिम समाज के प्रमुखों में से एक ने बड़ा प्रतिबंध लगा दिया। सत्ता में आने पर पश्चिमी यूपी अलग राज्य बनाने की बातबसपा ने साफ कहा कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आ गई तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दावा किया कि एयरपोर्ट की योजना और शुरुआती काम उनके कार्यकाल में ही शुरू हुए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय केंद्र में रही कांग्रेस और राज्य की समाजवादी पार्टी सरकार ने इस परियोजना में देरी की। हाई कोर्ट बेंच की मांग भी दोगुनीपश्चिमी यूपी में अलग हाई कोर्ट बेंच की मांग को लेकर भी बैस्ट ने अपना बयान जारी किया। उनका कहना है कि इस क्षेत्र के लोगों को न्याय मिलना आसान होगा और व्यवस्था व्यवस्था बेहतर होगी। सबसे पहले भी उठी थी कारोबार की मांगयह पहला मौका नहीं है जब यूपी के रिश्तों की बात सामने आई हो। वर्ष 2011 में मायावती सरकार ने राज्य को चार विचारधाराओं में ग्लासगो का प्रस्ताव पास कर केंद्र को भेजा था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। बीजेपी और एसपी के बीच बयानबाजी तेजइस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच भी जंग तेज हो गई है। दोनों दल एक-दूसरे पर विकास और को-सेल को लेकर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। क्या असर होगायदि उत्तर प्रदेश का बंटवारा होता है, तो इसमें आधारभूत संरचना, विकास की परिभाषा और राजनीतिक पहलू शामिल हैं। हालाँकि, किसी भी नए राज्य के गठन के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है, इसलिए यह प्रक्रिया आसान नहीं है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज पलक मुच्छल, जानें सिंगर से जुड़ा दिलचस्प टूरिज्म किस्सा

नई दिल्ली बॉलीवुड की मशहूर सिंगर पलक मुच्छल (पलक मुच्छल) हमेशा घर में रहती हैं, कभी अपने शो की वजह से तो कभी अपने शो की चैरिटी के कारण। आज सिंगर पाल मुछल अपना जन्मदिन मना रही हैं तो आज इस खास दिन पर उनके करियर और उनके अनुयायियों से जुड़ी कुछ ऐसी बातें हैं जो उनके परदा कलाकार हैं, रैना आज भी कई लोग आनंदित हैं। पलक मुच्छल (पलक मुच्छल) का प्रसिद्ध गायकअपने करियर की शुरुआत पला मुचल ने बचपन से ही कर ली थी। उन्होंने 4 साल की उम्र में भजन और देशभक्त गीत गाना शुरू कर दिया था। 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान उन्होंने स्टेज शो करके मृतकों के परिजनों को धन मुहैया कराया, जिससे उन्हें पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने जर्नलिस्ट में कई चैरिटी कॉन्सर्ट किए। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें बॉलीवुड में गानों का मौका मिला और उन्होंने फिल्मों में अपनी सुरीली आवाज से खास पहचान बनाई। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें एक सफल गायक बना दिया। पला मुच्छल के गानेसिंगर ने कई बेहतरीन गाने बनाए हैं। जैसे चाहूं मैं या ना, कौन हूं, मेरी आशिकी, ‘सनम तेरी कलम’, ‘इक मुलाकात’, ‘देखा हजारों दफा’ और ‘प्रेम रत्न धन पायो’ जैसे सुपरहिट गाने गाए हैं। इन प्यारे ने उन्हें बॉलीवुड के टॉप सिंगर्स में शामिल किया। उनकी आवाज में एक खास संरचना और समानता गहराई है, जो सीधे दिल को छू जाती है। इस एक पल ने बदल दी लाइफपाल बहुत कम उम्र से ही सुपरमार्केट में ही मंदों की मदद करती है। उन्होंने कहा, बचपन में ट्रेन से यात्रा के दौरान उनकी बातचीत बच्चों से हुई। ये वो पल था, जब उनकी जिंदगी बदल गई। उसी दिन उन्होंने खुद से वादा किया कि वो एक दिन उनकी मदद जरूर करेंगे। अब वो अपनी कमाई का काफी हिस्सा जिंदगी को बचाने में लगाती हैं। चैरिटी के लिए शो करते हैंपला मुच्छल ने भारत और फिल्म जगत में कई लाइव शोज किए हैं। उनके कॉन्सर्ट में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं और उनके प्रशंसकों का आनंद लेते हैं। खास बात यह है कि उनके कई शो चैरिटी के लिए होते हैं, जिससे वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं। पलक मुच्छल ने भारत और अपने बाहरी उद्यम बच्चों की मदद के लिए ‘पलक पलाश चैरिटेबल फाउंडेशन’ की स्थापना की। करीब 3800 हार्ट सर्जरी के लिए उन्हें पैसे से संबंधित विशेषज्ञ हैं। उनकी प्रतिभा और समाज सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उन्हें गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी जगह मिली है, क्योंकि उन्होंने सबसे ज्यादा चैरिटी कॉन्सर्ट करने का रिकॉर्ड बनाया है।
राजधानी में युवा विधायकों का मंथन: 2047 के विकसित भारत का रोडमैप, अनुशासन-लोकतंत्र और जनसेवा पर जोर

भोपाल । राजधानी भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन में सोमवार को मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कुल 45 युवा जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह दो दिवसीय सम्मेलन न केवल अनुभव साझा करने का मंच बना, बल्कि लोकतंत्र, विकास और राजनीतिक मूल्यों पर गंभीर मंथन का अवसर भी साबित हुआ। सम्मेलन के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए राजनीति में अनुशासन, संवाद, पारदर्शिता और जनसेवा की अहमियत पर जोर दिया। युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में युवा विधायकों को जिम्मेदार नेतृत्व का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सफलता केवल पद पाने से नहीं, बल्कि जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहने और उनके विश्वास को बनाए रखने से मिलती है। उन्होंने विनम्रता को जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा गुण बताते हुए कहा कि अपने क्षेत्र की अच्छाइयों के साथ उसकी कमियों को समझना भी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है, क्योंकि देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने पर जोर देते हुए छात्र संघ चुनावों की बहाली की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की असली शुरुआत कॉलेज जीवन से होती है, जहां युवाओं में सिस्टम को समझने और उससे सवाल करने की ऊर्जा होती है। उनके अनुसार, यदि छात्र राजनीति को प्रोत्साहन मिलेगा तो देश में लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि जनता के साथ दिल से जुड़ाव बनाना ज्यादा जरूरी है। आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिकामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आधुनिक राजनीति में सोशल मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक शक्तिशाली माध्यम है, जो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से प्रभाव डाल सकता है। इसलिए जनप्रतिनिधियों को अपनी सोशल मीडिया टीम को जिम्मेदार और सकारात्मक बनाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि आलोचनाओं से घबराने के बजाय सकारात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, क्योंकि अंततः जनता सच्चाई को पहचानती है। अन्य विधायकों का संबोधनसम्मेलन में राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने संसदीय परंपराओं और संवाद की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध होना स्वाभाविक है, लेकिन वह तार्किक और रचनात्मक होना चाहिए। उन्होंने युवा विधायकों को सलाह दी कि वे सदन में अधिक समय बिताएं, अनुभवी नेताओं के विचार सुनें और अध्ययन के आधार पर अपनी पहचान बनाएं। विभिन्न विधायकों ने अपने-अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। राजस्थान के विधायक गुरवीर सिंह ने खेलों के विकास पर जोर देते हुए कहा कि हर राज्य को कम से कम एक खेल को प्राथमिकता देनी चाहिए, जैसे ओडिशा ने हॉकी को अपनाया है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में कई पुस्तकालय स्थापित किए हैं, जिससे युवाओं को पढ़ाई के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। सतना के विधायक सिद्धार्थ कुशवाह ने लोकतंत्र की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता का विश्वास आज भी राजनीतिक व्यवस्था में बना हुआ है। उन्होंने कहा कि चुनावों में बढ़ते खर्च और अनैतिक तरीकों से लोकतंत्र की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, 2047 तक देश को मजबूत बनाने के लिए राजनीतिक व्यवस्था में सुधार जरूरी है। नेपानगर की विधायक मंजू दादू ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में ऐसे लोगों की पहचान करनी चाहिए, जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है, और उनके साथ संवाद बढ़ाना चाहिए। इसी तरह, चाचौड़ा की विधायक प्रियंका मीणा ने कहा कि विधायक जनता और सरकार के बीच एक सेतु का काम करता है, इसलिए उसे दोनों के बीच प्रभावी संवाद सुनिश्चित करना चाहिए। भोपाल उत्तर के विधायक आतिफ अकील ने प्रशासनिक स्तर पर आने वाली चुनौतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कई बार अधिकारी जनप्रतिनिधियों को अपेक्षित सहयोग नहीं देते, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ की विधायक हर्षिता स्वामी बघेल ने नक्सल समस्या को लेकर कहा कि अभी इसे पूरी तरह समाप्त घोषित करना जल्दबाजी होगी। सम्मेलन का समापन पारंपरिक लोक नृत्य और समूह फोटो के साथ हुआ। दो दिन तक चलने वाले इस कार्यक्रम में कुल पांच सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में युवा विधायकों की भूमिका पर चर्चा हो रही है। 31 मार्च को दूसरे दिन ‘विकसित भारत 2047: युवा विधायकों के दायित्व एवं चुनौतियां’ विषय पर मंथन होगा।
अब नहीं होगी बैटरी की टेंशन! 20000mAh के ये 5 दमदार Power Bank रखेंगे फोन फुल चार्ज

नई दिल्ली आज के डिजिटल दौर में टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गई है, लेकिन बैटरी खत्म हो जाना सबसे बड़ी मुसीबत बन गई है। ऐसे में 20000mAh पावर बैंक एक शानदार सॉल्यूशन है, जो आपके फोन को कई बार चार्ज कर सकता है और स्टोर के दौरान भी आप चिंता मुक्त हो जाते हैं। 1. Xiaomi Power Bank 4iXiaomi पावर बैंक 4i 20000mAh 33Wयह पावर बैंक 33W फास्ट चार्जिंग के साथ आता है और एक बार फुल चार्ज करने पर 4-5 बार तक चार्ज किया जा सकता है। इसमें मल्टी-लेयर हाउसिंग और ट्रिपल पोर्ट सपोर्ट मिलता है, जिससे एक साथ कई चार्ज चार्ज किए जा सकते हैं। 2. एम्ब्रेन 20000mAh पावर बैंकएम्ब्रेन 20000mAh पावर बैंकयह बजट फ्रेंडली प्लेसमेंट है, जो 22.5W फास्ट रिजर्वेशन और स्ट्रांग बिल्डिंग के साथ आता है। लंबे समय तक चलने वाला यह पावर बैंक स्टोर के लिए पसंदीदा माना जाता है। 3. boAt एनर्जीशूरूम PB400 प्रोboAt एनर्जीशूरूम PB400 प्रोस्टाइलिश डिजाइन और मल्टी-डिवाइस रिजर्व के साथ यह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। फ़ास्ट बंधक सपोर्ट इसे बेहतरीन निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 4. पोर्ट्रोनिक्स पावर बैंकपोर्ट्रोनिक्स 20000mAh पावर बैंकइसमें अलग-अलग आकृतियाँ और एलईडी डिस्प्ले जैसे फीचर्स मौजूद हैं। कुछ मॉडलों में बिल्ट-इन केबल भी होता है, जिससे इसका उपयोग करना और आसान हो जाता है। 5. URBN 20000mAh पावर बैंकURBN 20000mAh फास्ट चार्जिंग पावर बैंकयह चित्र और संयोजित है, जिससे इसे आसानी से कैरी किया जा सकता है। कम कीमत में आदर्श आइडिया वाला यह स्टोर के लिए शानदार विकल्प है।स्टोर के लिए सर्वश्रेष्ठ क्यों हैं एक बार चार्ज करने पर फोन पर कई बार चार्ज किया जा सकता हैफ़्लाइट में ले जाने की मात्रा (सामान्य सीमा के अंदर)मल्टी-डिवाइस डेटाबेस सपोर्टओवरचार्ज और ओवरहीट प्रोटेक्शन जैसे कि आशियामी फीचर्स ⚠समय-समय पर ध्यान फास्ट डिजायन (पीडी/क्यूसी) सपोर्ट जरूर देखेंओरिजिनल और ब्रांडेड उत्पाद ही प्रस्तुतिकरणबाज़ार और बैटरी समीक्षा की जाँच करेंपोर्ट और वज़न अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुनें
IPL 2026 में रोहित शर्मा का बड़ा धमाका, विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़कर बने नंबर 1

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रोहित शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। मुंबई इंडियंस के इस स्टार सुपरस्टार ने विराट कोहली को पीछे छोड़ नया कीर्तिमान बनाया है। एक टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनेरोहित शर्मा अब आईपीएल इतिहास में एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 1161 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम था, पंजाब किंग्स के खिलाफ 1159 रन बनाए थे। इतना ही नहीं, रोहित ने इस मामले में डेविड वॉर्नर के खिलाफ भी पीछे छोड़ दिया, जहां नाम केकेआर के 1093 रन दर्ज हैं। 78 रेस्तरां की पारी से असावधान जीतइस गुट में रोहित शर्मा का शानदार फॉर्म देखने को मिला। उन्होंने 38 ऑटोमोबाइल्स में 78 रेलवे की अंतिम फिल्में बनाईं, जिनमें 6 कंपनियां और 6 कंपनियां शामिल थीं। उनके साथ रयान रिकेल्टन ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 43 गेंदों में 81 रन बनाए। दोनों ने पहले विकेट के लिए 148 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी। मुंबई इंडियंस ने ऐतिहासिक रन चेज़ बनाया221 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने 19.1 ओवर में 4 विकेट खोकर मैच अपने नाम किया। यह आईपीएल इतिहास में मुंबई का सबसे बड़ा सफल रन चेज भी बन गया है। केकेआर की भी रही दमदार बैटलइससे पहले कोलकाता नाइट राइडर्स ने 20 ओवर में 220 रन बनाए थे। टीम की ओर से अजिंक्य लेफ्ट ने 67 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं फिन एलन ने 37 रन बनाये और अंग्रक्ष रघुवंशी ने 51 विकेट का योगदान दिया। अंत में रिंकू सिंह ने 33 रन बनाए।
पीएम मोदी की पहल से उत्साहित किसान, ‘मन की बात’ में मिला मछली पालन को बढ़ावा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की में मछली पालन का जिक्र होने की बात के बाद कर्नाटक के बेलगावी जिले के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। कार्यक्रम में एक स्थानीय किसान के उद्यम के संचालक ने ग्रामीण उद्यमों को नई पहचान दी है। छोटे किसानों को मिली राष्ट्रीय पहचानबेलगावी तालुक के बोडाक्यतनट्टी गांव के युवा किसान राजेश लिंग हुद्दार ने इस उल्लेख को अपने लिए गौरव का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उनके काम को राष्ट्रीय मंच पर पहचान मिलना न सिर्फ उनके लिए है, बल्कि स्टार्स के छोटे किसानों के लिए भी प्रेरणा है। मछली पालन को बढ़ावाहुद्दार पिछले तीन वर्षों से मछली पालन का काम कर रहे हैं। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री इस क्षेत्र का जिक्र करने से मछली पालन को एक मुर्गी और मछली के रूप में पहचानते हैं। इस क्षेत्र में इस क्षेत्र में उत्साह का स्तर ऊंचा है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता कदमप्रधानमंत्री मोदी ने अपने माध्यम से मत्स्य पालन में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का अहम संदेश दिया। उन्होंने किसानों को आत्मनिर्भर बनने और आय के नए स्रोत तलाशने के लिए प्रेरित किया। युवाओं के लिए नये अवसरहुद्दार का कहना है कि इस तरह के निर्देशक गांव के युवाओं को भी मछली पालन की ओर आकर्षित कर सकते हैं। सरकारी मान्यता और बचपन जागरूकता के साथ यह क्षेत्र रोजगार का बड़ा साधन बन सकता है। स्थानीय समुदाय में गौरव का राक्षस‘मन की बात’ में हुद्दार का जिक्र होने के बाद पूरे इलाके में घमंड का माहौल है। स्थानीय लोग इसे अपने क्षेत्र की उपलब्धि मान रहे हैं और इसे खेती के पारंपरिक विकास के साथ नए विचारों के रूप में शामिल करते हुए देख रहे हैं।
गर्मियों में एलोवेरा जूस का कमाल: ठंडक, ग्लोइंग स्किन और डिटॉक्स का आसान उपाय

नई दिल्ली गर्मी का मौसम शुरू हो गया है जिससे शरीर में थकान, थकान और त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। ऐसे में प्राकृतिक संरचनाओं की संरचना और वृद्धि होती है। एलोवेरा समुद्र में शरीर को ठंडक देने और अंदर से रखने का एक प्रभावशाली तरीका माना जाता है। आयुष मंत्रालय सेवन की सलाह भी देता हैआयुष मंत्रालय ने भी गर्मियों में एलोवेरा साबुत खाद्य पदार्थों का सेवन को महत्व दिया है। एलोवेरा, जिसे घृतकुमारी भी कहा जाता है, अपने शीतल और औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है। इसके शरीर को ठंडा रखने से मदद मिलती है और गर्मी का प्रभाव कम होता है। शरीर को ठंडक और ऊर्जा मिलती हैगर्मी में शरीर का तापमान बढ़ता है, जिससे चक्कर आना, मोटापा और थकान जैसी समस्याएं होती हैं। एलोवेरा का नियमित सेवन शरीर को अंदर से ठंडक देता है और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। त्वचा का निर्माण ग्लोइंग हैगर्मियों में त्वचा रूखी, तैलीय या मुँहासों से प्रभावित हो सकती है। एलोवेरा कंपनी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं। यह दाग-धब्बों और पिंपल्स को कम करने में भी सहायक होता है। पाचन तंत्र के लिए हानिकारकगर्मी में कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। एलोवेरा पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट को साफ रखने में मदद करता है। यह शरीर से टॉक्सिन निकालने में भी सहायक होता है। शरीर को स्टॉक किया गया हैपौष्टिक आहार के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। एलोवेरा साबुत शरीर को रेफ्रिजरेटर में रखा जाता है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। इम्युनिटी मजबूत होती हैएलोवेरा में विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं। इससे समरलैण्ड में होने वाली बेरोजगारी से मुक्ति होती है। ऐसे करें सेवनफ्रेशलोव एलेरा के जेल में उसे पानी में पकड़ा गया। स्वाद के लिए इसमें नींबू का रस, शहद या काला नमक मिलाया जा सकता है। सुबह खाली पेट इसका सेवन सबसे ज्यादा हानिकारक माना जाता है। बाजार में मिलने वाले फलों की जगह ताजा और बिना चीनी वाला भोजन बेहतर होता है। आवश्यक सावधानीहालाँकि एलोवेरा साबूत बढ़िया है, लेकिन हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किसी भी गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों को इसका सेवन डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।
इम्युनिटी बढ़ाने के 5 आसान तरीके, रोज अपनाएं और रहें स्वस्थ

नई दिल्ली मौसमी मौसम में गर्मी और शुरुआत के साथ बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में आपके रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को मजबूत बनाए रखना बेहद जरूरी है। आयुर्वेद के अनुसार हर व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता अलग-अलग होती है, इसलिए इसे बढ़ाने के लिए कुछ आसान से उपाय अपनाना चाहिए। भारत सरकार का आयुष मंत्रालय इम्युनिटी बढ़ाने के लिए पांच आसान और प्रभावी सलाह देता है, जिसके अनुसार प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए इन पांच इम्यूनिटी को मजबूत बनाया जा सकता है। पाठ्यपुस्तक के अनुसार इन पांच प्रयोगों में समानता से न सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है बल्कि स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। ये सुझाव कोई भी उम्र के लोग आसानी से अपना सकते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार इन प्रयोगों को लंबे समय तक जारी रखने से बीमारियां कम होती हैं और शरीर स्वस्थ और ऊर्जावान रहता है। गहरी नींद लेना : अच्छी और गहरी नींद रोग प्रतिरोधक क्षमता का आधार है। रात में कम से कम 7 से 8 घंटे की मीठी नींद लेनी चाहिए। नींद पूरी न होने से शरीर का रक्षा तंत्र ख़राब हो जाता है। सोने से पहले मोबाइल और टीवी से दूर रहें और रात का खाना देखें। अच्छा और प्रोफेशनल: बिजनेसमैन और प्लास्टिक आहार इम्युनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। साधारण फल, हरे पत्तेदार मसाला, दालें, अनाज और मेवे रोजमर्रा। आयुर्वेद में हल्दी दूध, अदरक, तुलसी, मिलावट और गिलोय जैसे घरेलू नुस्खों को इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। जंक फूड और अधिकांश ताला-भुना भोजन से जिम्मेदारी लें। व्यायाम करें : नियमित व्यायाम या योगासन से शरीर मजबूत होता है और प्रतिरक्षा प्रणाली सक्रिय रहती है। प्रतिदिन 30 से 45 मिनट व्यायाम, योग, प्राणायाम या व्यायाम करें। व्यायाम से रक्त संचार अच्छा होता है और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए फायदेमंद होता है। तनाव का प्रबंधन करें: तनाव लगातार प्रतिरक्षा को ख़राब करता है। ध्यान, प्राणायाम, संगीत सिद्धांत या हॉबी रखें तनाव कम करने के अच्छे तरीके। आयुर्वेद में तनाव मुक्त जीवन को स्वस्थ जीवन का आधार माना गया है। क्लिनिकल लाइव: शरीर में पानी की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। समरस्लैम में एक दिन में पर्याप्त पानी सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही पानी, छाछ, नारियल पानी या प्लांट टी जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थ। साबुत पानी शरीर के टॉक्सिन को बाहर निकालने और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।
परवल का कमाल: गर्मी में ठंडक और सेहत दोनों के लिए फायदेमंद

नई दिल्ली। कर्मचारियों के मौसम में सही बदलाव बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि इस समय पाचन से जुड़े विकार जैसे कब्ज, गैस और गैस आम हो जाते हैं। ऐसे में परवल में एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आया है। पोषक तत्वों से भरपूर यह सब्जी न केवल पेट को मापती है, बल्कि शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ भी देती है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाता हैपरवल में प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है। नियमित उपभोग से उपभोग और गैस जारीकर्ताओं से राहत मिलती है। यह पेट को साफ रखने में मदद करता है और गर्मियों में होने वाली अपच की परेशानी को दूर करता है। ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करने वाले चिकित्सकपरवल में मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर लेवल को स्टॉक में बनाए रखने में सहायक होते हैं। यही कारण है कि अमेरिकियों के लिए इसे खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा यह ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है, जिससे दिल की सेहत बेहतर बनी रहती है। शरीर को डिटॉक्स करना पड़ता हैपरवल में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। यह खून को शुद्ध करता है और शरीर को अंदर से साफ रखने में सहायक होता है। त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए बढ़ियागर्मियों में त्वचा से जुड़ी चीजें बढ़ती रहती हैं, लेकिन परवल का सेवन त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा में नयापन लाते हैं। साथ ही, यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी को भी मजबूत करता है। वजन में सहायककम कैलोरी और अधिक मात्रा में मोटापा कम करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है। यह लंबे समय तक पेट भरने का एहसास कराता है, जिससे ज्यादातर खाने की आदतों पर नियंत्रण रहता है। आयुर्वेद में ये भी खास जरूरीआयुर्वेद में परवल को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। यह कफ और पित्त दोष को बनाए रखने में मदद करता है। प्राचीन ग्रंथों में इसका उपयोग पीलिया सहित कई दुकानदारों के इलाज के बारे में बताया गया है। कई प्रवेशार्थी से कर सकते हैं सेवनपरवल को अलग-अलग सम्मिलित रूप से सम्मिलित किया जा सकता है। इसे सब्जी, भुजिया, चोखा, सूप, अचार या मिठाई के रूप में खाया जा सकता है. समरसाइल में फ्लैक्स बैकपैक या सब्जी बनी हुई परवल की सब्जी सबसे अच्छी मानी जाती है। ध्यान रखने योग्य बातें हालाँकि परवल जादुई है, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की प्रकृति अलग होती है। इसलिए कुछ लोगों को इसका सेवन से लेकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए। बेहतर होगा कि इसे नियमित आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लें।