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Gwalior employee promotion : मृतक कर्मचारी को 18 साल बाद मिली न्याय की जीत, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिया पदोन्नति का आदेश

MP HIGH COURT

HIGHLIGHTS: डॉ. राधाकृष्ण शर्मा की 18 साल लंबी कानूनी लड़ाई का न्यायपूर्ण अंत कोर्ट ने परिवार को 2002 से पदोन्नति और एरियर का पूरा लाभ देने का आदेश दिया “अधिकार मृत्यु के साथ समाप्त नहीं होते” – हाईकोर्ट का सशक्त संदेश विभाग की लापरवाही को न्यायालय ने माना मुख्य कारण नो वर्क-नो पे का सिद्धांत ऐसे मामलों में लागू नहीं होगा Gwalior employee promotion : ग्वालियर। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने न्याय की नई मिसाल पेश की है। बता दें कि डॉ. राधाकृष्ण शर्मा सीनियर एग्रीकल्चर डेवलपमेंट ऑफिसर थे। साल 2002 में उनके जूनियर अधिकारियों को प्रमोशन मिल गया, लेकिन उन्हें नहीं। MI vs KKR: रोहित-रिकेल्टन की धुआंधार बल्लेबाजी, बुमराह-शार्दुल का कमाल-मुंबई की जीत के 5 कारण बरी होने के बाद भी नहीं हुई पदोन्नति मामले में विभाग ने लंबित आपराधिक मामले और खराब एसीआर को वजह बताया। लेकिन बाद में डॉ. शर्मा उस मामले में बरी हो गए, फिर भी उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई। Chardham Yatra : वाहनों के लिए आज से बनेंगे ग्रीन कार्ड…. 19 अप्रैल को खुलेंगे मंदिरों के पट 18 साल चली कानूनी लड़ाई 2008 में डॉ. शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। लेकिन लंबी लड़ाई के दौरान उनका निधन हो गया। जिसके बाद उनके बेटे रमन शर्मा ने केस को आगे बढ़ाया और अंत में न्याय मिला। IPL कमेंट्री पर ट्रोल हुए Harbhajan Singh, ट्रोलर को दिया करारा जवाब- ‘एक को पापा चुन लो’ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला कोर्ट ने साफ कहा कि अगर विभाग की गलती से किसी कर्मचारी की पदोन्नति रोकी जाती है, तो उसे पूरा लाभ मिलना चाहिए। कोर्ट ने “नो वर्क-नो पे” सिद्धांत को लागू करने से इनकार कर दिया। साथ ही बिना बताए गए एसीआर को प्रमोशन रोकने का आधार मानना संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन बताया। बॉक्स ऑफिस का अनोखा खेल: एक नाम, 4 फिल्में-3 सुपरहिट, एक बनी फ्लॉप परिवार को मिलेगा पूरा लाभ हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि डॉ. राधाकृष्ण शर्मा को 28 अक्टूबर 2002 से पदोन्नत माना जाए। उसी तारीख से वेतन अंतर, एरियर, वरिष्ठता और अन्य सभी लाभ उनके परिवार को दिए जाएंगे।  

पाकिस्तान की फिर उड़ी खिल्ली… युद्ध पर चर्चा के लिए जुटे नेताओं के सामने औंधे मुंह गिरे विदेश मंत्री डार

इस्लामाबाद। पाकिस्तान (Pakistan) कुछ बड़ा करने की कोशिश करे, और पूरी दुनिया के सामने उसकी खिल्ली ना उड़े, ऐसा शायद संभव नहीं। अब बीते कुछ दिनों से ईरान (Iran) पाकिस्तान को चौधरी बनने की पड़ी है और वह पश्चिम एशिया (West Asia) में ईरान और अमेरिका (Iran and America) के बीच जारी युद्ध में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है। इसे लेकर रविवार को इस्लामाबाद में बड़े-बड़े नेता भी जुटे थे। हालांकि इस बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार का बैलेंस बिगड़ गया और सबके सामने बुरी तरह गिर पड़े। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह घटना विदेश मंत्रालय के दफ्तर में हुई। इशाक डार तब इस्लामाबाद में मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलअती से मिल रहे थे। चलते-चलते अचानक वह लड़खड़ा गए। हालांकि वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें सहारा दिया और उठाने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर उड़ा मजाकअधिकारियों ने बाद में बताया कि डार को कोई चोट नहीं आई है और बैठक बिना किसी रुकावट के तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रही। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल रहा है और लोग इस वीडियो को लेकर मजेदार रिएक्शन दे रहे हैं। बैठक में क्या हुई चर्चा?इससे पहले पाकिस्तान में रविवार को एक अहम चार-पक्षीय बैठक का आयोजन किया गया जिसमें मिस्र, तुर्की और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान पश्चिम एशिया संघर्ष पर चर्चा हुई है ताकि तनाव कम करने का रास्ता खोजा जा सके। एक अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की और सुरक्षा मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हुए क्षेत्र में व्यापक शांति के विकल्पों पर मंथन किया। यह शिखर सम्मेलन अमेरिका और ईरान के बीच सीधी वार्ता में देरी के बीच हुई है। हालांकि बैठक के बाद कोई बयान जारी नहीं किया गया। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के अनुसार, मिस्र और तुर्किये के विदेश मंत्री शनिवार को इस्लामाबाद पहुंच चुके थे, जबकि सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद रविवार को पहुंचे। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने शनिवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा था कि दौरे पर आए विदेश मंत्री ‘क्षेत्र में तनाव कम करने के प्रयासों सहित कई मुद्दों पर गहन चर्चा’ करेंगे।

MI vs KKR: रोहित-रिकेल्टन की धुआंधार बल्लेबाजी, बुमराह-शार्दुल का कमाल-मुंबई की जीत के 5 कारण

नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में रविवार को खेले गए मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हराकर शानदार जीत दर्ज की। 221 रन जैसे बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई ने बेहतरीन बल्लेबाजी और सूझबूझ भरे प्रदर्शन के दम पर मैच अपने नाम किया। खास बात यह रही कि 2012 के बाद यह पहला मौका है जब मुंबई ने अपने सीजन के पहले मैच में जीत हासिल की है। रोहित शर्मा की तूफानी पारी बनी जीत की नींवमुंबई की इस जीत के सबसे बड़े हीरो रोहित शर्मा रहे। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और केकेआर के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। रोहित ने महज 23 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और 38 गेंदों पर 78 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 6 चौके और 6 छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने टीम को मजबूत शुरुआत दी और लक्ष्य को आसान बना दिया। रिकेल्टन ने निभाया बेहतरीन साथरोहित के साथ ओपनिंग करने उतरे रयान रिकेल्टन ने भी शानदार बल्लेबाजी की। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 148 रनों की बड़ी साझेदारी हुई। रोहित के आउट होने के बाद भी रिकेल्टन ने पारी को संभाले रखा और 43 गेंदों में 81 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। उनकी पारी में 8 छक्के शामिल रहे। बुमराह की कसी हुई गेंदबाजीकेकेआर की पारी के दौरान एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 250 के पार पहुंच जाएगी, लेकिन जसप्रीत बुमराह ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए रन गति पर लगाम लगाई। उन्होंने 4 ओवर में सिर्फ 35 रन खर्च किए और विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। शार्दुल ठाकुर का ‘गोल्डन आर्म’ कमालमुंबई के लिए शार्दुल ठाकुर ने अहम मौकों पर विकेट लेकर मैच का रुख पलट दिया। जब केकेआर के बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे, तब शार्दुल ने साझेदारी तोड़ी और 3 विकेट लेकर टीम को बड़ी बढ़त दिलाई। उन्होंने अपने स्पेल में 39 रन देकर केकेआर की कमर तोड़ दी। सही रणनीति और पॉजिटिव इंटेंटमुंबई इंडियंस के खिलाड़ियों ने पिच को बेहतर तरीके से समझा और शुरुआत से ही पॉजिटिव इंटेंट दिखाया। टीम को यह भरोसा था कि 221 रन का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यही आत्मविश्वास मैदान पर भी नजर आया और हर बल्लेबाज ने जिम्मेदारी के साथ शॉट्स खेले।

ईरान के मिसाइल हमले से इजरायल के केमिकल प्लांट में लगी भीषण… जहरीली गैस के रिसाव का खतरा

येरुशलम। युद्ध को बातचीत के जरिए खत्म करने की कोशिशों के बीच ईरान और इजरायल (Iran and Israel War) ने एक दूसरे पर भीषण हमले जारी रखे हैं। ईरान ने दक्षिणी इजरायल (Southern Israel.) में रविवार को एक केमिकल प्लांट पर मिसाइल से हमला (Missile attack Chemical plant) किया। इस हमले के बाद प्लांट में भीषण आग लग गई है। इससे इलाके में जहरीले रिसाव का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, इजरायल ने रविवार तड़के तेहरान पर बमबारी की। चीनी कंपनी का हिस्सा है प्लांटचीनी स्वामित्व वाले सिनजेंटा ग्रुप का हिस्सा एडीएएमए ने कहा कि संयंत्र को हुए नुकसान की सीमा का अभी पता नहीं चल पाया है। कृषि रसायनों और फसल सुरक्षा सामग्री बनाने वाली कंपनी एडीएएमए ने कहा कि उसके ‘मख्तेशिम प्लांट’ पर हमला किया गया है। फिलहाल जांच कर रहे हैं कि सीधे मिसाइल गिरी है या इंटरसेप्ट की गई मिसाइल का मलबा गिरा है। हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इजरायल की ‘अग्नि शमन एवं बचाव सेवा’ ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमले के बाद दक्षिणी इजरायल के एक औद्योगिक क्षेत्र में आग लग गई, जहां कई रासायनिक और औद्योगिक संयंत्र स्थित हैं। संभावना जताई जा रही है कि यह आग हवा में मार गिराई गई मिसाइल के मलबे से लगी है। लोगों से दूर रहने का आग्रहविभाग ने जनता से नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र से दूर रहने का आग्रह किया है क्योंकि वहां जहरीले रसायन मौजूद हैं। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की 34 टीमें काम कर रही हैं। विभाग ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र से 800 मीटर की दूरी के बाहर जनता के लिए कोई खतरा नहीं है। बयान में कहा गया, आस-पास के निवासियों को घरों के अंदर रहने, खिड़कियां और वेंटिलेशन बंद रखने और सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है, जब तक कि घटना पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पा लिया जाता। हमले के बाद दिखा आग और काला धुआंदमकल सेवा द्वारा जारी वीडियो और तस्वीरों में आग का बड़ा गोला और भारी काला धुआं दिखाई दे रहा है, जबकि अग्निशमन कर्मी आग को फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। इससे पहले, इजरायली सेना ने कहा था कि उसने ईरान से दागी गई मिसाइलों का पता लगाया है। नियोत होवाव क्षेत्र दक्षिणी इजरायल के सबसे बड़े शहर बीयर शेवा से लगभग 13 किमी दूर स्थित है। इस क्षेत्र में कई इजरायली सैन्य ठिकाने भी मौजूद हैं। पिछले सप्ताहांत, ईरानी मिसाइलों ने अराद और डिमोना के दक्षिणी शहरों पर हमला किया था, जिसमें दर्जनों लोग घायल हुए थे। यह अब तक इजरायली धरती पर अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के सबसे भीषण हमलों में से एक था। कुवैत में सैन्य शिविर पर हमला, 10 सैनिक घायलउधर ईरान ने कुवैत में भी सैन्य शिविर पर हमला किया है। जिसमें 10 सैनिक घायल हुए हैं। कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कुवैत के हवाई क्षेत्र में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन दागे गए हैं। हमले में शिविर में काफी नुकसान हुआ है। ईरान के इस्फहान के विश्वविद्यालय पर हमलाइजरायल ने ईरान के बीच शहर इस्फहान में स्थित इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर रविवार को हवाई हमले किए। यह दूसरी बार है जब इस विश्वविद्यालय पर हमला हुआ। यूनिवर्सिटी ने फार्स न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा कि दोपहर करीब 2 बजे(स्थानीय समय) विश्वविद्यालय को दूसरी बार निशाना बनाया गया। यूनिवर्सिटी के एक रिसर्च इंस्टीट्यूट पर हुए इस हमले से कई दूसरी इमारतों को भी नुकसान पहुंचा और यूनिवर्सिटी के चार कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं। ईरान जवाबी हमले की धमकी दीईरान ने विश्वविद्यालय पर हमले के जवाब में इजरायल और अमेरिका की यूनिवर्सिटी पर हमले की धमकी दी है। रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के विश्वविद्यालय की सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई, तो ईरान इस इलाके में मौजूद इजरायली और अमेरिकी विश्वविद्यालयों को निशाना बनाएगा। अमेरिका के कई कॉलेजों, जिनमें जॉर्जटाउन, न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी और नॉर्थवेस्टर्न के कैंपस कतर और संयुक्त अरब अमीरात में हैं। गार्ड ने कहा, अगर अमेरिकी सरकार चाहती है कि इस इलाके में मौजूद उसकी यूनिवर्सिटीज सुरक्षित रहें, तो उसे सोमवार(30 मार्च) को दोपहर 12 बजे तक ईरानी यूनिवर्सिटीज पर हुई बमबारी की निंदा करनी चाहिए। उसने यह भी मांग की कि अमेरिका, इजरायल को ईरानी यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमला करने से रोके। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने शनिवार को बताया था कि दर्जनों यूनिवर्सिटीज और रिसर्च सेंटर्स पर हमले हुए हैं। यूएई पर दागी गई 16 बैलिस्टिक मिसाइलेंसंयुक्त अरब अमीरात पर रविवार को ईरान ने 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दांगी, जबकि 42 ड्रोन ने भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।हालांकि इन सभी एयर डिफेंस सिस्टम ने रोक दिया। रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार कोई भी नुकसान नहीं हुआ है। बंदर ए खमीर बंदरगाह पर हमला, पांच मारे गएईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर-ए-खमीर पर हुए हमले में पांच लोग मारे गए और दो पोत भी नष्ट हो गए। इजरायल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के खिलाफ अपने अभियान के तहत लेबनान में भी ठिकानों पर हमला किया। रविवार की सुबह सेना ने बताया कि लेबनान में लड़ाई के दौरान उसका एक सैनिक मारा गया। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के एल्युमीनियम संयंत्र पर हमले किए, आठ घायलईरानी सेना ने बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात में दुनिया के दो सबसे बड़े एल्युमीनियम उत्पादकों के संयंत्रों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। ईरान ने इन उद्योगों को अमेरिकी सेना से जुड़ा हुआ बताया। एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमीनियम (ईजीए) ने कहा कि ईरान के हमले में छह लोग घायल हो गए और उसके संयंत्र को काफी नुकसान पहुंचा, जबकि बहरीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि दूसरे हमले में एल्युमीनियम बहरीन के दो कर्मचारी घायल हो गए।

स्कूलों, HC, सरकारी दफ्तरों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला गिरफ्तार… 1100 ईमेल भेजे, फैलाई दशहत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) समेत देश के कई राज्यों में स्कूलों (Schools), हाईकोर्ट (High Court) और सरकारी दफ्तरों (Government offices.) में बम की धमकी (Bomb threat) देकर दहशत फैलाने वाला शातिर श्रीनिवास लुईस (47) मैसूर से पकड़ा गया। आरोपी ने धमकी के 1,100 से ज्यादा ई-मेल किए थे। दिल्ली पुलिस ने उसे कर्नाटक पुलिस के सहयोग से दबोचा। ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस उसे दिल्ली लेकर आ रही है। उसके पास से एक लैपटॉप और कई सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, श्रीनिवास को बृहस्पतिवार को मैसूर के वृंदावन लेआउट में मकान से दबोचा गया। वह पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग जगहों से धमकी भरे ईमेल और मैसेज भेजता था। दिल्ली हाईकोर्ट के जज को भी धमकी भरा ई-मेल भेजा गया था। उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने बताया, कई हफ्तों तक चली तकनीकी पड़ताल के बाद संदिग्ध की पहचान हो पाई। आरोपी ने धमकी भरे मैसेज भेजने की बात कबूली है। पोस्टग्रेजुएट, लेकिन बेरोजगार है आरोपीबंगलूरू का रहने वाला श्रीनिवास पोस्टग्रेजुएट है। फिलहाल बेरोजगार है और अपनी मां के साथ रहता है। उसकी मां रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं। शुरुआती जांच से लगता है कि वह शायद मानसिक तनाव से जूझ रहा था। अधिकारियों ने कहा कि उसने जान-बूझकर अदालतों और स्कूलों, कॉलेजों को निशाना बनाया, ताकि ज्यादा दहशत फैलाई जा सके। श्रीनिवास की इन झूठी धमकियों की वजह से सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े, कई जगहों से लोगों को बाहर निकालना पड़ा और कई संस्थानों का कामकाज भी ठप हो गया।

पहाड़ों पर भारी बर्फबारी… जम्मू-कश्मीर में दो हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। उत्तरी ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर (Caspian Sea) के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम के मिजाज में बदलाव आया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और घाटी व मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। पंजाब और हरियाणा समेत मैदानी राज्यों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ छिटपुठ बारिश दर्ज की गई है। संभावना है कि आने वाले हफ्ते में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मंडी में सोमवार को आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर तेज चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। 2 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद में रविवार को हल्की बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हुई और कुछ स्थानों पर ओले गिरे। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम?आईएमडी के अनुसार, 30 मार्च और 2-3 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बर्फबारी होने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 अप्रैल को भी यही स्थिति रहेगी। उत्तराखंड में 30 मार्च को ओलावृष्टि की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30-31 मार्च के दौरान छिटपुट से मध्यम वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत और इससे सटे पूर्वी भारत में इस सप्ताह छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा के साथ गरज, चमक और तेज हवा चलने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में 30 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान छिटपुट भारी वर्षा भी हो सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में इस सप्ताह छिटपुट वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश: रोहतांग में बर्फबारीहिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा समेत ऊंचाई वाले अन्य क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी हुई। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में रविवार सुबह से दोपहर तक ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। रोहतांग दर्रा में 20, कोकसर में 3, शिकुंला में 15, कुंजुम पास में 15 और बारालाचा में 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। हिमपात के कारण शिंकुला टॉप से वाहनों की आवाजाही बंद रही। पर्यटन नगरी मनाली से दोपहर तक अटल टनल रोहतांग की तरफ वाहनों की आवाजाही बाधित रही। शिमला, धर्मशाला समेत मध्यम और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। श्रीनगर-लेह और बांदीपोरा-गुरेज हाईवे बंदजम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह मैदानी इलाकों में बारिश तो पहाड़ों पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी से श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। वहीं कुछ इलाकों में हिमस्खलन और भूस्खलन की भी आशंका जताई जा रही है। पंजाब-हरियाणा में भी गिरा पारापंजाब और हरियाणा में रविवार को हल्की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में हल्की बारिश हुई, जिससे वहां तापमान में गिरावट आई। हालांकि, बारिश के इस दौर ने क्षेत्र के किसानों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि उन्हें डर है कि तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।

IPL कमेंट्री पर ट्रोल हुए Harbhajan Singh, ट्रोलर को दिया करारा जवाब- ‘एक को पापा चुन लो’

नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन में पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह अपनी कमेंट्री को लेकर विवादों में आ गए हैं। मामला तब बढ़ा जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मीम अकाउंट ने उनकी कमेंट्री के साथ-साथ वीरेंद्र सहवाग और नवजोत सिंह सिद्धू की शैली पर सवाल उठाए। यह टिप्पणी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए मैच के दौरान की गई थी, जिसके बाद यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ गया। इयान बिशप से तुलना ने बढ़ाया विवादमीम अकाउंट ने भारतीय कमेंटेटरों की तुलना वेस्टइंडीज के मशहूर कमेंटेटर इयान बिशप से करते हुए कहा कि हिंदी कमेंट्री में गहराई और तकनीकी समझ की कमी है। इस तुलना पर हरभजन सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब बाजार में हाथी चलता है तो कुत्ते भौंकते हैं, साथ ही उन्होंने आलोचक को चुप रहने की नसीहत भी दी। सोशल मीडिया पर बढ़ी जुबानी जंगहरभजन के इस जवाब के बाद विवाद और भड़क गया। मीम अकाउंट ने पलटवार करते हुए रविचंद्रन अश्विन के साथ उनकी पुरानी प्रतिद्वंद्विता का जिक्र किया और आरोप लगाया कि जलन की वजह से उनका करियर प्रभावित हुआ। इसके साथ ही यूजर ने उकसाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे बहस और तीखी हो गई। इस पर हरभजन सिंह ने भी कड़े शब्दों में जवाब देते हुए आलोचकों पर निशाना साधा और विवादित टिप्पणियां कीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सहवाग और आकाश चोपड़ा भी आए निशाने परविवाद यहीं नहीं रुका। कुछ यूजर्स ने आकाश चोपड़ा, वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह की तस्वीर शेयर करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। इस पर हरभजन ने भी तीखे अंदाज में जवाब दिया, जिससे मामला और गरमा गया। पहले भी उठ चुके हैं कमेंट्री पर सवालगौरतलब है कि इससे पहले भी टी20 विश्व कप के दौरान आकाश चोपड़ा की कमेंट्री को लेकर विवाद सामने आ चुका है। अब उसी कड़ी में हरभजन सिंह का नाम भी जुड़ गया है और यह बहस लगातार सोशल मीडिया पर फैलती जा रही है। आईपीएल जैसे बड़े मंच पर कमेंट्री को लेकर उठे इस विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना कितना जरूरी है। साथ ही, सोशल मीडिया पर बढ़ती तीखी प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि अब दर्शक अपनी राय खुलकर रखने लगे हैं।

इस्राइल के हमले से खोंडाब हेवी वाटर प्लांट बुरी तरह से क्षतिग्रस्त, ईरान को भारी नुकसान

विएना। पश्चिम एशिया (West Asia War) में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल (Israel) ने ईरान (Iran) के खोंडाब (अराक) हेवी वाटर प्लांट पर हवाई हमला किया। अब अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी (आईएईए) (International Atomic Energy Agency – IAEA) ने पुष्टि की है कि यह प्लांट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब काम नहीं कर रहा है। आईएईए के अनुसार, यह जानकारी सैटेलाइट तस्वीरों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दी गई है। खोंडाब प्लांट क्यों है इतना अहम?यह प्लांट ईरान के अराक शहर के पास स्थित है और इसे अराक न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स भी कहा जाता है। यहां ‘हेवी वाटर’ बनाया जाता है, जो खास तरह के परमाणु रिएक्टर में इस्तेमाल होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे रिएक्टर से प्लूटोनियम भी बनाया जा सकता है, जिसका उपयोग परमाणु हथियारों में किया जा सकता है। यही वजह है कि यह प्लांट लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय रहा है। IAEA की रिपोर्ट में क्या कहा गया?आईएईए ने साफ कहा है कि प्लांट को गंभीर नुकसान हुआ है, यह अब ऑपरेशनल नहीं है और यहां कोई घोषित परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी। इसका मतलब है कि रेडिएशन या तत्काल परमाणु खतरे की संभावना नहीं बताई गई है। इस्राइल ने क्यों किया हमला?इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने दावा किया कि यह हमला खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया। उनका कहना है कि यह प्लांट ईरान के परमाणु कार्यक्रम का अहम हिस्सा था। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के बावजूद इसे पूरी तरह सुरक्षित नहीं बनाया और यहां से भविष्य में हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम बनने का खतरा था। इस्राइल सेना ने इस ऑपरेशन को ‘राइजिंग लॉयन’ नाम दिया है। बढ़ता तनाव और आगे का खतराइस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। ईरान और इस्राइल के बीच पहले से ही तनाव चरम पर है, और अब इस तरह की कार्रवाई से हालात और बिगड़ सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और कूटनीतिक हलचल तेज हो सकती है।

Chardham Yatra : वाहनों के लिए आज से बनेंगे ग्रीन कार्ड…. 19 अप्रैल को खुलेंगे मंदिरों के पट

देहरादून। चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) पर जाने वाले वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड (Green Card.) सोमवार से बनने शुरू हो जाएंगे। हरिद्वार (Haridwar) के रोशनाबाद स्थित आरटीओ कार्यालय (RTO office) में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा इसका शुभारंभ करेंगे। परिवहन विभाग ने चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के लिए वाहनों को ग्रीन कार्ड जारी करने को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। यात्रा पर जाने वाले वाहनों की सुविधा के लिए विभाग ने शुरुआती चरण में तीन जगह ग्रीन कार्ड केंद्र बनाए हैं। इसके तहत हरिद्वार के रोशनाबाद में आरटीओ कार्यालय, ऋषिकेश और नारसन बॉर्डर पर ग्रीन कार्ड बनवाने की सुविधा दी जा रही है। वाहन के फिटनेस सर्टिफिकेट, बीमा, परमिट और संबंधित चालक के दस्तावेजों की गहन जांच करने के बाद ही ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे। कॉमर्शियल वाहन बिना ग्रीन कार्ड के यात्रा मार्ग पर नहीं पाएंगे। मालूम हो कि चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस बार 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। केदारनाथ में खराब मौसम के बीच बर्फ हटाना चुनौतीबाबा केदारनाथ के दर्शनों के लिए आगामी 22 अप्रैल से शुरू होने जा रही यात्रा को देखते हुए शासन-प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। केदारनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखते हुए लोक निर्माण विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कर्मचारी पैदल मार्ग से बर्फ हटाने में लगे हुए हैं। चारधाम और पर्यटन सीजन में बढ़ेगी दून में गैस की मांगदून में पहले से जारी गैस संकट आने वाले दिनों में और गहरा सकता है। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन में रसोई गैस की खपत में भारी इजाफा होने की उम्मीद है। गर्मी शुरू होते ही उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटक स्थलों जैसे मसूरी, ऋषिकेश, सहस्रधारा और चकराता में पर्यटकों की आमद बढ़ गई है। इन क्षेत्रों के होटलों, होम-स्टे और ढाबों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों के साथ-साथ घरेलू गैस की मांग भी बढ़ी है। ऋषिकेश और चकराता जैसे क्षेत्रों में यात्रियों के पड़ाव के कारण गैस की खपत सामान्य दिनों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।विभाग और गैस एजेंसियों के लिए आने वाले दो महीने आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिहाज से बड़ी चुनौती साबित होंगे। यात्रा से बढ़ेगा दबावचारधाम यात्रा के मुख्य पड़ाव के रूप में ऋषिकेश और देहरादून से होकर ही हजारों यात्री पहाड़ की ओर रुख करते हैं। यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों और लंगर व्यवस्था के कारण सिलेंडरों की मांग में अचानक तेजी आएगी। यदि वर्तमान बैकलॉग समय पर खत्म नहीं हुआ तो यात्रा सीजन के दौरान आम उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।

बॉक्स ऑफिस का अनोखा खेल: एक नाम, 4 फिल्में-3 सुपरहिट, एक बनी फ्लॉप

नई दिल्ली।बॉलीवुड में कई बार एक ही नाम से फिल्में बनती हैं, लेकिन बहुत कम ऐसा होता है कि एक ही टाइटल बार-बार बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाए। आज हम बात कर रहे हैं फिल्म डॉन की, जो पिछले कई दशकों में चार बार अलग-अलग रूप में दर्शकों के सामने आई। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से तीन फिल्मों ने शानदार सफलता हासिल की, जबकि एक फिल्म पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई। 1978 की ‘डॉन’ बनी कल्ट क्लासिकसबसे पहले साल 1978 में रिलीज हुई डॉन में अमिताभ बच्चन ने डॉन का आइकॉनिक किरदार निभाया था। उनके साथ जीनत अमान नजर आई थीं। करीब 70 लाख के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 7 करोड़ रुपये की कमाई कर उस दौर में तहलका मचा दिया था। शानदार कहानी, दमदार डायलॉग और यादगार गानों की वजह से यह फिल्म आज भी कल्ट क्लासिक मानी जाती है। 1995 की ‘एक डॉन’ बनी सबसे बड़ी फ्लॉपइसके बाद साल 1995 में एक डॉन रिलीज हुई, जिसमें मिथुन चक्रवर्ती, सोनाली बेंद्रे और जुगल हंसराज नजर आए। हालांकि, यह फिल्म दर्शकों को बिल्कुल पसंद नहीं आई और बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह पिट गई। फिल्म को लेकर विवाद भी हुआ था, क्योंकि इसमें एक सीन में तिरंगे को गलत तरीके से दिखाया गया था, जिससे दर्शकों की नाराजगी और बढ़ गई। 2006 में शाहरुख खान ने ‘डॉन’ को दिया नया अंदाजसाल 2006 में निर्देशक फरहान अख्तर ने डॉन का रीमेक बनाया। इस बार लीड रोल में शाहरुख खान नजर आए, जबकि उनके साथ प्रियंका चोपड़ा और ईशा कोप्पिकर भी थीं। फिल्म में पुरानी कहानी को नए ट्विस्ट के साथ पेश किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। करीब 40 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर सुपरहिट का दर्जा हासिल किया।‘डॉन 2’ ने भी दोहराई सफलताइसके बाद साल 2011 में डॉन 2 रिलीज हुई, जिसमें एक बार फिर शाहरुख खान डॉन के किरदार में नजर आए। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा, बोमन ईरानी, कुणाल कपूर और लारा दत्ता ने भी अहम भूमिकाएं निभाईं। करीब 76 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने 200 करोड़ के आसपास कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए।