हनुमान जयंती 2026: कौन हैं 7 चिरंजीवी? क्या आज भी धरती पर मौजूद हैं ये अमर योद्धा

नई दिल्ली । हनुमान जयंती का पावन पर्व 2026 में 2 अप्रैल को मनाया जाएगा। यह दिन केवल भगवान हनुमान की भक्ति का ही नहीं, बल्कि उनकी अमरता और चिरंजीवी होने की मान्यता को भी स्मरण करने का अवसर होता है। हिंदू धर्म ग्रंथों में ऐसे सात महापुरुषों का उल्लेख मिलता है, जिन्हें चिरंजीवी यानी अमर माना गया है और जिनके बारे में विश्वास है कि वे आज भी किसी न किसी रूप में धरती पर मौजूद हैं। कौन हैं 7 चिरंजीवी धार्मिक ग्रंथों जैसे रामायण, महाभारत और विष्णु पुराण में जिन सात चिरंजीवियों का उल्लेख मिलता है, वे हैं हनुमान, अश्वत्थामा, विभीषण, कृपाचार्य, राजा महाबली, वेद व्यास और परशुराम। इन सभी को अलग-अलग कारणों से अमरत्व का वरदान मिला और माना जाता है कि ये धर्म की रक्षा और संतुलन बनाए रखने के लिए आज भी सक्रिय हैं। हनुमान जी: भक्ति और शक्ति का प्रतीक हनुमान को भगवान राम का परम भक्त माना जाता है। उनकी निष्ठा, शक्ति और सेवा भाव से प्रसन्न होकर उन्हें अमरत्व का आशीर्वाद मिला। मान्यता है कि वे आज भी अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और संकट में उनकी मदद करते हैं। अश्वत्थामा: अमरता जो बन गई श्राप अश्वत्थामा महाभारत के एक शक्तिशाली योद्धा थे, लेकिन उन्हें मिला अमरत्व एक श्राप बन गया। भगवान कृष्ण के श्राप के अनुसार वे कलियुग के अंत तक पृथ्वी पर भटकते रहेंगे। राजा महाबली: दान और भक्ति का प्रतीक राजा महाबली को उनकी दानशीलता के लिए जाना जाता है। भगवान विष्णु के वामन अवतार ने उनकी परीक्षा ली और प्रसन्न होकर उन्हें अमरत्व का वरदान दिया। केरल का ओणम पर्व उन्हीं की स्मृति में मनाया जाता है।वेद व्यास: ज्ञान के अमर स्रोत वेद व्यास को महाभारत का रचयिता माना जाता है। उन्होंने वेदों को व्यवस्थित किया और उन्हें अमर ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। विभीषण: धर्म का साथ चुनने वाला विभीषण ने अपने भाई रावण के खिलाफ जाकर धर्म का साथ दिया। भगवान राम ने उन्हें लंका का राजा बनाकर अमरत्व का आशीर्वाद दिया। कृपाचार्य: ज्ञान और निष्ठा के प्रतीक कृपाचार्य महाभारत काल के महान गुरु थे, जिन्हें उनकी विद्वता और निष्ठा के कारण चिरंजीवी माना जाता है। परशुराम: विष्णु के अवतार परशुराम भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। कहा जाता है कि वे कलियुग में कल्कि के गुरु बनेंगे और धर्म की स्थापना में मदद करेंगे। क्या आज भी मौजूद हैं ये चिरंजीवी? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ये सभी चिरंजीवी आज भी किसी न किसी रूप में धरती पर मौजूद हैं। हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन आस्था के स्तर पर लोग इन्हें धर्म और सत्य की रक्षा करने वाला मानते हैं। कहा जाता है कि कलियुग के अंत में ये सभी एक साथ प्रकट होंगे और भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि के साथ मिलकर अधर्म का नाश करेंगे। कुल मिलाकर, 7 चिरंजीवियों की ये कथाएं केवल रहस्य ही नहीं, बल्कि भक्ति, सत्य, ज्ञान और धर्म के मार्ग पर चलने का गहरा संदेश भी देती हैं।
वैशाख मास 2026: पुण्य कमाने का सुनहरा अवसर, क्या करें और क्या न करें

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में वैशाख का महीना अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है। यह महीना धार्मिक, आध्यात्मिक और स्वास्थ्य की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में वैशाख मास की शुरुआत 3 अप्रैल से हो रही है और यह 1 मई तक रहेगा। वैशाख मास का प्रारंभ चैत्र पूर्णिमा के अगले दिन यानी प्रतिपदा तिथि से होता है। मान्यता है कि इस पूरे महीने में किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि वैशाख में प्रातःकाल स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल मिलता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दौरान सूर्य का मेष राशि में प्रवेश भी होता है, जिससे मौसम में गर्मी बढ़ती है और इसी कारण इस माह के नियम स्वास्थ्य से भी जुड़े हुए हैं। वैशाख माह में क्या करें वैशाख मास में जल दान का विशेष महत्व है। इस दौरान घड़े में पानी भरकर दान करना या सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगवाना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इसके साथ ही अन्न दान भी श्रेष्ठ माना गया है, जिसमें सत्तू, खरबूजा और अन्य खाद्य सामग्री का दान किया जाता है। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पंखा, छाता और चप्पल दान करने की भी परंपरा है। इस महीने भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। प्रतिदिन ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। साथ ही माता लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वैशाख में तुलसी की पूजा करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है, क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है। इसके अलावा रोजाना सूर्य देव को जल अर्पित करना और संभव हो तो गंगा नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यदि गंगा स्नान संभव न हो, तो घर पर स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है। वैशाख माह में क्या न करें इस पवित्र महीने में तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। मांस, मदिरा और भारी भोजन से दूरी बनाना बेहतर माना जाता है। इसके साथ ही दिन में सोने से बचना चाहिए, क्योंकि इसे स्वास्थ्य और भाग्य दोनों के लिए अशुभ माना गया है। जल की बर्बादी से भी विशेष रूप से बचना चाहिए, क्योंकि वैशाख में जल का महत्व और बढ़ जाता है। इसके अलावा इस महीने तेल की मालिश करना भी वर्जित माना गया है। कुल मिलाकर, वैशाख मास आध्यात्मिक उन्नति, पुण्य अर्जन और आत्मशुद्धि का श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दौरान किए गए छोटे-छोटे धार्मिक कार्य भी जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
बिहार: नालंदा के शीतला माता मंदिर में हुई भगदड़ हादसे में 9 की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

नालंदा । बिहार के नालंदा जिले में मंगलवार सुबह शीतला माता मंदिर में भगदड़ मचने से बड़ा हादसा हो गया। इस घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं की मौके पर ही भीड़ में दबने से मौत हो गई, जबकि एक पुरुष ने अस्पताल में दम तोड़ा। चैत्र के आखिरी मंगलवार पर उमड़ी भारी भीड़ चैत्र महीने के आखिरी मंगलवार के अवसर पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे थे। मंदिर परिसर में मेला भी लगा हुआ था, जिससे भीड़ और अधिक बढ़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ को संभालने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। दर्शन की जल्दी में लोगों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिससे अफरातफरी मच गई और कई लोग भीड़ में दब गए। हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं। सुरक्षा इंतजामों की भारी कमी हादसे के समय मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था न के बराबर थी। बताया गया कि लगभग 25 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद वहां पुलिस की पर्याप्त तैनाती नहीं थी। इसी दिन नालंदा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति के दौरे को लेकर 8 जिलों के करीब 2500 जवान तैनात किए गए थे, जबकि मंदिर परिसर में सुरक्षा के इंतजाम बेहद कमजोर रहे। हादसे के बाद प्रशासनिक कार्रवाई घटना के बाद मंदिर और मेले को बंद करा दिया गया है। पटना कमिश्नर को बिहार शरीफ भेजा गया है और मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। दीपनगर थाने के SHO राजमणि को निलंबित कर दिया गया है।मुआवजे की घोषणा राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 6 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं केंद्र सरकार ने भी 2 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है। DGP ने मानी व्यवस्था में कमी नालंदा पहुंचे DGP विनय कुमार ने स्वीकार किया कि मंदिर परिसर में कई कमियां थीं। उन्होंने कहा कि वहां पुलिस बल की तैनाती जरूरी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। भीड़ अधिक होने, मंदिर परिसर छोटा होने और लोगों में पहले दर्शन करने की होड़ के कारण हालात बिगड़ गए। लोग कतार में लगने के बजाय आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जिससे भगदड़ मच गई।प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई पूरी घटना महिला श्रद्धालुओं के अनुसार, चैत्र के आखिरी मंगलवार के कारण भीड़ काफी अधिक थी। मंदिर का गर्भगृह छोटा होने के चलते लोग जल्दी दर्शन के लिए एक-दूसरे से आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। एक अन्य श्रद्धालु ने बताया कि मंदिर में सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न तो पुलिस मौजूद थी और न ही कोई उचित व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान एक महिला को चक्कर आया और वह गिर पड़ी, जिसके बाद भगदड़ की स्थिति बन गई। हादसे के पीछे तीन बड़ी लापरवाहियां 1. प्रबंधन की तैयारी नहीं हर साल इस दिन भारी भीड़ उमड़ती है, इसके बावजूद मंदिर प्रबंधन ने भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए। बैरिकेडिंग तक नहीं की गई थी। 2. पीछे के रास्ते से दर्शन कुछ लोगों को पैसे लेकर पीछे के दरवाजे से दर्शन कराए जा रहे थे, जिससे अव्यवस्था और नाराजगी बढ़ी। 3. पुलिस-प्रशासन की गैरमौजूदगी करीब 25 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद पुलिस या प्रशासन की पर्याप्त मौजूदगी नहीं थी। मेले की पूर्व जानकारी के बावजूद कोई मजिस्ट्रेट तैनात नहीं किया गया था।
OTT से लेकर सिनेमाघर तक, इस हफ्ते रिलीज होगी कई फिल्में और सीरीज

नई दिल्ली साल की शुरुआत से ही सिनेमाघर और OTT पर कई फ़िल्में और सीरीज दस्तक दे चुकी है, जिन्होंने दर्शकों के बीच अपनी एक अलग पहचान बना ली है। वहीं अब अप्रैल की शुरुआत में भी कई फ़िल्में और सीरीज आने को तैयार हैं। तो चलिए उनके बारे में बात करते हैं कि इस हफ्ते क्या-क्या देखने को मिलेगा उसकी लिस्ट जानते हैं। ईट प्रे बार्कहॉलीवुड सिनेमा का प्रतिनिधित्व करते हुए, फ़िल्म ईट प्रे बार्क इस हफ़्ते OTT प्लेटफ़ॉर्म पर एक नई पेशकश के तौर पर रिलीज़ होने वाली है। इस डार्क कॉमेडी को आप 1 अप्रैल से OTT प्लेटफ़ॉर्म Netflix पर अपने घर बैठे आराम से देख सकते हैं। चिरंजीवी हनुमानपिछले साल की एनिमेटेड फ़िल्म नरसिम्हा ने सिनेमाघरों में काफी अच्छा खासा कलेक्शन किया था। उसकी सफलता के बाद, फ़िल्म इंडस्ट्री में इस जॉनर की फ़िल्मों का चलन काफ़ी बढ़ गया है। अब, AI टेक्नोलॉजी की मदद से, चिरंजीववी हनुमान नाम की एक एनिमेटेड फ़िल्म बनाई गई है; यह इस हफ़्ते सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली एकमात्र फ़िल्म है, जो 2 अप्रैल, 2026 को आ रही है। भाबीजी घर पर हैं: फ़न ऑन द रनTV सीरियल के तौर पर चलने के बाद, भाबीजी घर पर हैं हाल ही में सिनेमाघरों में फ़ीचर-फ़िल्म के रूप में रिलीज़ हुई थी। हालाँकि, यह फ़िल्म बॉक्स ऑफ़िस पर ज़्यादा सफल नहीं रही। अब ये फिल्म OTT पर दस्तक देने को तैयार हैं।फ़िल्म 3 अप्रैल, 2026 को OTT प्लेटफ़ॉर्म ZEE5 पर स्ट्रीम होने के लिए तैयार है। वध 2अपराध थ्रिलर फ़िल्म वध-जिसमें अभिनेता संजय मिश्रा और नीना गुप्ता ने अभिनय किया था-की सफलता के बाद, इसका सीक्वल, वध 2, पिछले फ़रवरी में बड़े पर्दे पर रिलीज़ हुआ था। अब, यह फ़िल्म OTT प्लेटफ़ॉर्म पर अपनी शुरुआत करने के लिए तैयार है। यह फ़िल्म 3 अप्रैल को Netflix पर स्ट्रीम होगी।
जनता की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई: कलेक्टर बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निराकरण में ढिलाई पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें निलंबन जैसे कदम भी शामिल हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर ने स्वयं सभी आवेदनों को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। जिन प्रकरणों का तत्काल निराकरण संभव नहीं था, उनके लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की गई, ताकि शिकायतों का जल्द निपटारा हो सके। इस जनसुनवाई में कुल 83 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सबसे अधिक मामले राजस्व, अतिक्रमण, रास्ते के विवाद और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े थे। कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्राथमिकता के आधार पर इन मामलों का समाधान सुनिश्चित करें और लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें। जनसुनवाई के दौरान कुछ मामलों में लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और संबंधित पटवारी के निलंबन के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं को नजरअंदाज करना गंभीर लापरवाही है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे क्षेत्र में सक्रिय रहकर समस्याओं का समाधान करें, ताकि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। कुल मिलाकर, बैतूल में आयोजित इस जनसुनवाई ने प्रशासन की जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने का संदेश दिया है, जहां लापरवाही पर सख्ती और त्वरित समाधान को प्राथमिकता दी जा रही है।
बालों में डैंड्रफ? जानें कारण और बचाव के आसान तरीके

नई दिल्ली। अगर आपको बार-बार डैंड्रफ का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण काफी आप परेशान हो गई हैं तब हम आपके लिए कुछ खास टिप्स लेकर आए हैं जिसे अपनाकर आप इसे ठीक कर सकती हैं। इसके साथ ही आपको कुछ बातों पर विशेष ध्यान रखना होगा उसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना होगा वरना यह काफी बढ़ सकता है।कई लोग इससे छुटकारा पाने के लिए महंगे शैंपू, हेयर प्रोडक्ट्स और घरेलू नुस्खों का सहारा लेते हैं जबकि आपको इससे जुड़ी सारी बातों पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। क्यों बढ़ता है डैंड्रफबार-बार होने वाला डैंड्रफ शरीर या स्कैल्प में किसी अंदरूनी गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। अगर आपको ऐसी बार-बार समस्या हो रही है तब आपको इस पर बहुत अच्छे से विचार करना चाहिए इसे बिल्कुल भी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। वरना आगे जाकर यह समस्या काफी ज्यादा आपको परेशान कर सकती है। स्कैल्प का ड्राई होनाडैंड्रफ का सबसे कॉमन कारण होता है जब आपका स्कैल्प सूखा होता है। जब सिर की स्किन में नमी की कमी हो जाती है, तो ऊपरी परत सूखकर झड़ने लगती है और सफेद परत के रूप में दिखाई देती है। स्कैल्प में ऑयल और गंदगी का जमा होनाअगर बालों की रेगुलर सफाई नहीं की जाती, तो स्कैल्प पर तेल, धूल और गंदगी जमा होने लगती है। यह स्थिति बैक्टीरिया और फंगस के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाती है, जिससे डैंड्रफ तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए आपको इन सब चीजों पर ध्यान रखना चाहिए। गलत हेयर प्रोडक्ट्सऐसे शैंपू या हेयर प्रोडक्ट्स जो आपके स्कैल्प के अनुकूल नहीं होते, वे समस्या को और बढ़ा सकते हैं। ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए आपको बार-बार अपने शैंपू को नहीं बदलना चाहिए। इन सबका अगर आप अच्छे से ध्यान रखेंगी तो आपको काफी फायदा होगा।
घर पर ही पार्लर जैसा Pedicure, पैर होंगे मुलायम और चमकदार

नई दिल्ली आज के समय में पार्लर जाना सबसे बड़ा खर्च समझ में आता है। पार्लर जाने का मतलब आप घर से बाहर निकलो फिर धूप हो या ठंड। फिर पार्लर में बैठकर काफी टाइम बिताओ और ऊपर से पार्लर के इतने सारे खर्चे होते हैं कि आपको काफी ज्यादा सेविंग करना पड़ता है तब जाकर वह सारी चीजें हो पाती है। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगर आप अपने पैरों को खूबसूरत बनाना चाहती हैं और टैनिंग को दूर करना चाहती हैं। तो किसी भी वीकेंड पर आप घर पर पार्लर जैसा पेडिक्योर कर सकती हैं। बस करें ये काममहिलाएं अपने पैरों को खूबसूरत बनाने के लिए पार्लर में जाकर पेडिक्योर करवाती हैं। इसका जेब खर्च पर भी असर दिखने लगता है। अगर आप भी घर पर पेडिक्योर करने की सोच रही हैं। तो चलिए इसके बारे में सारी जानकारी आपको देते हैं। इस प्रकार पैरों को बनाए खूबसूरतघर पर पेडिक्योर करने के लिए एक टब में हल्का गर्म पानी लें।जब तक पानी गर्म हो, तब तक अगर आपके पैरों में नेलपेंट लगी है, तो इसको रिमूव कर दें।फिर हल्के गुनगुने पानी में थोड़ा बेकिंग सोडा, शैंपू, आधा चम्मच नमक और थोड़ा सा नींबू का रस मिक्स करें।इसमें एप्पल साइडर विनेगर भी मिला लें।फिर पैरों को 30 मिनट तक पानी में रखें।अब हल्के हाथों से पैरों की मसाज करें।स्क्रब का इस्तेमाल करके पैरों की मसाज कर सकती हैं। मसाज के दौरान नाखून, एड़ी और तलवों की सफाई करें।अच्छे से सफाई के बाद अपने पैरों को दूसरे टब में रखें औऱ साफ पानी से पैरों को धो लें। पैरों को साफ पानी से धो लें और इनको साफ कपड़े से पोंछकर सुखा लें।आप चाहें तो किसी खास तेल की मदद से पैरों की मसाज भी कर सकती हैं।इसके बाद नाखूनों को शेप में काटकर नेलपेंट लगाएं।नेलपेंट लगने के बाद आप पैरों पर अच्छी फुट क्रीम या लोशन लगा सकती हैं।
Hemant Katare statement: युवा विधायक सम्मेलन में गरजे हेमंत कटारे: खाते में पैसे डालना नहीं, रोजगार देना ही सशक्तिकरण

Hemant Katare statement: भोपाल । भोपाल में आयोजित युवा विधायक सम्मेलन के दौरान मध्यप्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने फ्रीबीज यानी मुफ्त योजनाओं को लेकर बड़ा और विवादित बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं के खातों में सीधे पैसे डालना सशक्तिकरण नहीं है बल्कि यह विकसित भारत के लक्ष्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कटारे ने मंच से कहा कि आज जनप्रतिनिधि सच बोलने से डरते हैं। वे इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि उनके बयान से कोई वर्ग नाराज न हो जाए लेकिन इस डर के कारण देशहित के मुद्दों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि अगर हम नाराजगी के डर से ही घबराते रहेंगे तो देश की सेवा कैसे करेंगे। महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल खातों में 10 हजार रुपये डाल देने से महिलाएं सशक्त नहीं हो जातीं। हर महिला में अपनी क्षमता और कौशल होता है जिसे विकसित कर उसे आत्मनिर्भर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यदि युवाओं को सशक्त बनाना है तो उन्हें रोजगार देना होगा न कि मुफ्त पैसा। कटारे ने अपने तर्क को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब लोगों की जरूरतें बिना काम किए ही पूरी होने लगती हैं तो उनके अंदर काम करने की प्रेरणा कम हो जाती है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है लेकिन यदि आवश्यकताएं ही समाप्त कर दी जाएं तो नवाचार और कौशल विकास कैसे होगा। सरकारों को सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि यदि आर्थिक सहायता देनी ही है तो उसे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिया जाना चाहिए। गरीबों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा और जरूरतमंदों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना ज्यादा प्रभावी कदम होगा बजाय इसके कि सीधे नकद राशि बांटी जाए। इस दौरान हेमंत कटारे ने अफसरशाही और न्यायपालिका की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि देश में ब्यूरोक्रेसी की जवाबदेही तय नहीं है जबकि जनप्रतिनिधियों को हर पांच साल में जनता के सामने जवाब देना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि अधिकारियों और न्यायपालिका की भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने युवा विधायकों को नसीहत देते हुए कहा कि कोई भी बयान देने से पहले यह जरूर सोचें कि वह देश और जनता के हित में है या नहीं। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी दी है इसलिए उनके हर फैसले और बयान में जनहित सर्वोपरि होना चाहिए। कुल मिलाकर हेमंत कटारे का यह बयान फ्रीबीज और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर चल रही राष्ट्रीय बहस को और तेज कर सकता है जिसमें विकास और सामाजिक सुरक्षा के बीच संतुलन को लेकर अलग-अलग विचार सामने आ रहे हैं।
Hemant Katare statement : ट्रंप की धमकी के बाद एक्शन: दुबई के पास तेल टैंकर पर ड्रोन हमला

Hemant Katare statement : नई दिल्ली । नई दिल्ली में वेस्ट एशिया का संकट एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। ईरान ने कुवैत के एक तेल टैंकर पर ड्रोन हमला कर क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। यह हमला दुबई के पास समुद्री क्षेत्र में हुआ जिसकी पुष्टि स्थानीय अधिकारियों और कुवैती सूत्रों ने की है। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी तरह की जनहानि या तेल रिसाव की सूचना नहीं मिली है। दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार आपातकालीन टीमों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। टैंकर में आग जरूर लगी थी लेकिन उसे समय रहते बुझा दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न तो कोई व्यक्ति घायल हुआ और न ही समुद्र में तेल का रिसाव हुआ। इस घटना से पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि यदि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज को दोबारा नहीं खोला गया तो अमेरिका ईरान की तेल सुविधाओं को निशाना बना सकता है। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद ही टैंकर पर हमले की खबर सामने आई जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। WOMEN RATION PROTEST : राशन के लिए सड़कों पर उतरी महिलाएं; शिवपुरी कलेक्ट्रेट पर किया जोरदार प्रदर्शन रिपोर्ट्स के मुताबिक कुवैत का यह टैंकर दुबई से करीब 31 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम में हमले का शिकार हुआ। ब्रिटेन की मैरीटाइम एजेंसी के अनुसार हमले के बाद जहाज में आग लग गई थी जिसे बाद में काबू में कर लिया गया। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे तेल टैंकरों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर अपराध माना जा सकता है। दूसरी ओर चीन ने इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए अमेरिका और इजरायल से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्ष संयम बरतें और क्षेत्र में शांति बनाए रखने का प्रयास करें। चीन ने संघर्ष के दौरान ईरान के परमाणु संयंत्रों और ऐतिहासिक स्थलों को हुए नुकसान पर भी दुख जताया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा कि सांस्कृतिक धरोहर पूरी मानवता की अमूल्य संपत्ति है और इस तरह का नुकसान बेहद चिंताजनक है। कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार को गंभीर जोखिम में डाल दिया है। होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्ग पर पहले से मौजूद संकट के बीच इस तरह के हमले आने वाले दिनों में हालात को और जटिल बना सकते हैं।
Kriti Sanon के सेक्सी फोटोशूट ने फैंस को किया दीवाना, सोशल मीडिया पर मचा धमाल

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस Kriti Sanon हमेशा अपनी ग्लैमरस और स्टाइलिश तस्वीरों से फैंस को दीवाना बनाती रही हैं। अब एक बार फिर उनका लेटेस्ट सेक्सी फोटोशूट सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। फैंस उनकी अदाओं और स्टाइलिश अवतार पर पागल हो रहे हैं और कमेंट सेक्शन में उनके हॉट लुक की जमकर तारीफ कर रहे हैं। ग्लैमरस ग्रीन गाउन में Kriti का जलवाइस बार Kriti ने फर्श तक लंबा हरा सैटिन गाउन पहना, जो उनकी खूबसूरती और आकर्षण को और निखार रहा है। उनके मेकअप और हेयरस्टाइल ने इस लुक को परफेक्ट बनाया, जिससे फैंस उन्हें देखने के लिए बेसब्र हो रहे हैं। फोटोशूट में Kriti ने अलग-अलग पोज देकर अपने ग्लैम फैक्टर को बढ़ाया और हर तस्वीर में अपनी छवि को और भी स्टाइलिश बनाया। सोशल मीडिया पर वायरलKriti Sanon की ये तस्वीरें इंस्टाग्राम सहित कई सोशल प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हैं। फैंस कमेंट कर उन्हें “गॉर्जियस” और “स्टनिंग” बता रहे हैं। उनकी तस्वीरें देखते ही देखते वायरल हो गई हैं और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी हैं। उनके इस ग्लैमरस लुक की तस्वीरों ने बॉलीवुड और फैशन इंडस्ट्री में भी हलचल मचा दी है। Kriti की फैंस को दीवाना बनाने वाली स्टाइलइस फोटोशूट में Kriti का हरा गाउन उनके फिगर और व्यक्तित्व पर चार चांद लगा रहा है। उनकी स्टाइल और आत्मविश्वास को देखकर फैंस उनके फैंटेसी और ग्लैमरस अवतार की तारीफ कर रहे हैं। Kriti हमेशा से अपने बोल्ड और स्टाइलिश लुक्स के लिए जानी जाती रही हैं, और इस फोटोशूट ने उनके फैशन सेंस को फिर से साबित कर दिया। बॉलीवुड में Kriti की पहचानKriti Sanon न केवल एक्टिंग के लिए बल्कि अपने ग्लैम और फैशन सेंस के लिए भी बॉलीवुड में पहचानी जाती हैं। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट हमेशा चर्चा में रहती हैं। फैंस उनके हॉट और बोल्ड अवतार का बेसब्री से इंतजार करते हैं और उनके नए फोटोशूट हर बार वायरल होते हैं।