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इंडिगो का नया CEO, विलियम वॉल्श लेंगे कमान संभालने का जिम्मा

नई दिल्लीइंडिगो की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation Limited ने मंगलवार को घोषणा की कि विलियम वॉल्श को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति नियामकीय मंजूरी के अधीन है। इससे पहले इसी महीने पीटर एल्बर्स ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। नियुक्ति का समय और पृष्ठभूमिवॉल्श, जिन्हें ‘विली’ के नाम से भी जाना जाता है, वर्तमान में International Air Transport Association (IATA) के डायरेक्टर जनरल हैं। उनका कार्यकाल 31 जुलाई 2026 को समाप्त होगा और वह 3 अगस्त 2026 से इंडिगो से जुड़ सकते हैं। एयरलाइनिंग अनुभववॉल्श पहले British Airways और International Airlines Group (IAG) के CEO रह चुके हैं। IAG के तहत एयरलिंगस, इबेरिया, लेवल और वुएलिंग जैसी एयरलाइंस आती हैं। उनके पास बड़े पैमाने पर एयरलाइन संचालन का अनुभव और जटिल बाजार स्थितियों को संभालने की क्षमता है। इंडिगो का बयानइंडिगो के चेयरमैन Vikram Singh Mehta ने कहा कि वॉल्श एयरलाइन संचालन और रणनीतिक नेतृत्व के लिए उपयुक्त हैं। मैनेजिंग डायरेक्टर Rohit Bhatia ने बताया कि कंपनी अब बदलाव और विकास के नए दौर में प्रवेश कर रही है, ऐसे समय में वॉल्श का योगदान अहम रहेगा। जिम्मेदारियां और फोकसवॉल्श अपने नए पद पर इंडिगो के पूरे ऑपरेशन और रणनीतिक दिशा के लिए जिम्मेदार होंगे। उनका मुख्य फोकस ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को मजबूत करना, नेटवर्क और कमर्शियल रणनीति को आगे बढ़ाना और ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाना रहेगा। वॉल्श का बयानवॉल्श ने कहा कि एविएशन सेक्टर तेजी से बदल रहा है और इंडिगो इस बदलाव में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने उत्कृष्टता, नवाचार और सहयोग की संस्कृति को मजबूत करने का संकल्प जताया।

सेवा भाव ही प्राथमिकता: राज्यपाल श्री पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की

भोपाल । भोपाल में राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा मानवता की सेवा है और इससे आत्मसंतोष मिलता है। उन्होंने जोर दिया कि मध्यप्रदेश को सिकल सेल और टी.बी. मुक्त बनाने के प्रयासों में सेवा भाव को सर्वोपरि रखना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल मंगलवार को लोकभवन में सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन 2047 एवं टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और आयुष विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। श्री पटेल ने सिकल सेल रोगियों को आयुष्मान योजना के तहत दी जाने वाली सुविधाओं और पात्रता की जानकारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 0 से 40 वर्ष तक के व्यक्तियों की विशेष जांच, जांच शिविरों में आमजन को जानकारी देने और जिलेवार उपचार की समीक्षा पर जोर दिया। राज्यपाल ने टी.बी. उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की। विशेषकर जनजातीय क्षेत्रों में टी.बी. रोगियों के पोषण आहार वितरण में जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। नि:क्षय मित्रों की संख्या बढ़ाकर पोषण आहार वितरण को मजबूत करने का भी मार्गदर्शन किया। खनन क्षेत्रों में निवासरत और कार्यरत व्यक्तियों की टी.बी. सघन जांच कराने का निर्देश भी राज्यपाल ने दिया। उन्होंने सिकल सेल कार्यक्रम के अंतर्गत जाँच लक्ष्य, जेनेटिक कार्ड वितरण, हाईड्राक्सी यूरिया की उपलब्धता, गर्भवती माताओं और शिशुओं का प्रबंधन, आयुष्मान कार्ड वितरण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र वितरण और 125 दिवसीय जागरूकता अभियान की विस्तृत समीक्षा की। उपमुख्यमंत्री और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। आयुष विभाग के प्रमुख सचिव श्री शोभित जैन ने जिलेवार दवा वितरण, घर-घर दवा वितरण, जाँच और अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों में विशेष प्रयासों की जानकारी दी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की उपलब्धियों, सघन स्क्रीनिंग, 100 दिवसीय नि:क्षय अभियान, नि:क्षय मित्र और पोषण आहार वितरण की जानकारी साझा की। राज्यपाल के निर्देशानुसार अनुसूचित जनजाति छात्रावासों में विद्यार्थियों की टी.बी. जाँच, परामर्श और उपचार की प्रक्रिया भी साझा की गई। बैठक में जनजातीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री दीपक खांडेकर, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण के अपर मुख्य सचिव श्री अशोक कुमार बर्णवाल, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, जनजातीय प्रकोष्ठ की सचिव श्रीमती मीनाक्षी सिंह, लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं आयुष विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और लोकभवन के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पीएमएवाई-जी योजना: 3 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण घरों का निर्माण पूरा

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि Pradhan Mantri Awas Yojana-Gramin (PMAY-G) के तहत अब तक लगभग 3 करोड़ ग्रामीण घरों का निर्माण पूरा हो चुका है। योजना के पहले और दूसरे चरण में कुल 4.15 करोड़ घरों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 3.90  करोड़ घर स्वीकृत किए गए और 2.99 करोड़ घर बनकर तैयार हो चुके हैं। वित्तीय सहायता और लक्ष्यसरकार के अनुसार, इस योजना में घरों के निर्माण और लाभार्थियों को समय पर सहायता देने के लिए अब तक कुल 4,03,886 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं। योजना का अंतिम लक्ष्य 2029 तक कुल 4.95 करोड़ घर बनाना है। लाभार्थी-आधारित निर्माणपीएमएवाई-जी लाभार्थी-आधारित है, यानी परिवार खुद अपने घर का निर्माण करते हैं और वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में जाती है। योजना में घरों की जियो-टैगिंग की जाती है, जिसमें समय और तारीख के साथ फोटो अपलोड की जाती है। इससे रियल-टाइम निगरानी संभव होती है और यह सुनिश्चित होता है कि घर तय मानकों के अनुसार बन रहे हैं। एआई और तकनीक से बढ़ी पारदर्शितायोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी टूल्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। AI मॉडल घरों की दीवार, छत, दरवाजे और खिड़कियों जैसी चीजों की पहचान कर सही तस्वीर को मंजूरी के लिए चुनते हैं। इससे केवल पूरी तरह तैयार घरों को ही पूर्ण माना जाता है।लाभार्थियों की पहचान आधार आधारित-एआई फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए होती है, जिसमें आंख झपकने और मूवमेंट डिटेक्शन जैसी तकनीकें भी शामिल हैं। इससे सुनिश्चित होता है कि केवल योग्य लोग ही योजना का लाभ प्राप्त करें। अन्य योजनाओं के साथ समन्वयपीएमएवाई-जी को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, जल जीवन मिशन और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी अन्य योजनाओं के साथ जोड़ा गया है, ताकि लाभार्थियों को ज्यादा सुविधाएं मिल सकें। लगातार प्रगतिपिछले 10 वर्षों में पीएमएवाई-जी ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। हर साल बड़ी संख्या में घरों का निर्माण पूरा हुआ है, जो इसकी स्थिर प्रगति को दर्शाता है। AI और मशीन लर्निंग तकनीकों के इस्तेमाल से निगरानी और ज्यादा सटीक हो गई है, जिससे फर्जीवाड़े की संभावना कम हुई है।

युवा विधायक सम्मेलन का समापन, उप सभापति बोले- युवाओं की सक्रियता से पूरा होगा विकसित भारत का सपना

भोपाल । उप सभापति राज्यसभा हरिवंश सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेज गति से उभरती अर्थव्यवस्था है। भारत चुनौतियों से निपट कर नया इतिहास बना रहा है और आने वाली सदी भारत की होगी। इसके लिए सकारात्मक और दूरदर्शी सोच के साथ कार्य करना आवश्यक है। उप सभापति राज्यसभा सिंह मंगलवार को मप्र विधानसभा में आयोजित मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के दो दिवसीय युवा विधायक सम्मेलन (राष्ट्रकुल संसदीय संघ भारत क्षेत्र जोन-6) के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी एवं विकसित भारत@2047 में विधायकों की भूमिका पर विचार व्यक्त किये गये। उप सभापति राज्यसभा सिंह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि युवा देश का इतिहास, दिशा और भविष्य बदल सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत का सपना युवाओं की सक्रियता से ही पूरा होगा। भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में विकास की यही गति जारी रही तो वर्ष@2047 के पहले भी भारत विकसित राष्ट्र बन सकता है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि विकसित भारत@2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए युवा विधायकों को समसामयिक परिस्थितियों में देश के प्रति समर्पण भाव से कार्य करना होगा। नेतृत्व विकास के लिए सकारात्मक सोच और अनुशासन से कार्य करना होगा। विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने युवा विधायकों को संकल्प दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत@2047 का विजन केवल सरकार का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। युवा विधायक चुनौतियों का समाधान कर अपनी नेतृत्व क्षमता का नवाचार में उपयोग करें। युवा नेतृत्व समाज की सोच में परिवर्तन ला सकता है। सुशासन के क्षेत्र में प्रयास हों और विकास को जनआंदोलन बनाया जाये। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है। तोमर ने बताया कि युवा विधायकों ने टेक्नोलॉजी, स्वच्छता, सोलर एनर्जी, शिक्षा गुणवत्ता, अधोसंरचना, जनसंवाद और जनकल्याण पर विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने युवा विधायकों को सीख दी कि अध्ययन का विशेष महत्व होता है और विद्यार्थी भाव सदैव बना रहना चाहिए। कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसेासिएशन इंडिया रीजन के डॉ. राहुल कराड़ ने कहा कि हर विधानसभा में इस तरह के सम्मेलन किये जाना चाहिए। समाज का रूख बदलने में विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। विधायक अपने-अपने क्षेत्र के ब्रांड एम्बेसेडर होते है। उन्होंने ट्रेनिंग और एजुकेशन के साथ एआई के महत्व को भी बताया। सम्मेलन में विधानसभा के सात दशक पर केन्द्रित विधायिनी पत्रिका का विमोचन हुआ। विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय, संतोष वरवडे, रामसिया भारती, छत्तीसगढ़ से श्रीमती विद्यावती सिदार, राजस्थान से थावर चंद सहित अन्य विधायकों ने विचार व्यक्त किये। दो दिवसीय सम्मेलन में तीन राज्यों के लगभग 40 विधायकों ने सम्मेलन में दिए गए विषयों पर अपने वक्तव्य दिए। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, पूर्व मंत्री अजय विश्नोई, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय सहित अन्य पदाधिकारी एवं युवा विधायक मौजूद थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में विधानसभा के सचिव अरविन्द शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

रतलाम में ड्रग्स नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, एमडीएमए फैक्ट्री का भंडाफोड़, भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त

भोपाल । मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिस ने दो दिनों के भीतर लगातार बड़ी कार्रवाई करते हुए न केवल ड्रग तस्करों को पकड़ा, बल्कि एक संगठित सिंथेटिक ड्रग निर्माण नेटवर्क का भी पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में थाना रिंगनोद और पिपलोदा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एमडी और ब्राउन शुगर सहित भारी मात्रा में नशीला पदार्थ जब्त किया गया। पोल्ट्री फार्म की आड़ में चल रही थी एमडीएमए फैक्ट्री पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मंगलवार को थाना पिपलोदा क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा में छापेमारी कर अवैध एमडी (एमडीएमए) निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। यह फैक्ट्री एक पोल्ट्री फार्म की आड़ में संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 175 किलोग्राम रासायनिक पदार्थ, 200 ग्राम तैयार एमडीएमए, गैस सिलेंडर, हीट गन, स्टोव सहित ड्रग निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत 24 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है। मुख्य सरगना गिरफ्तार, अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ाव इस मामले में मुख्य आरोपी जमशेद खान उर्फ जमशेद लाला उर्फ जमशेद सेठ को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का सरगना है और उसके खिलाफ कई राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ड्रग बनाने के लिए रसायनों की आपूर्ति राजस्थान के प्रतापगढ़ क्षेत्र से की जा रही थी। साथ ही घटना से पहले बड़ी मात्रा में एमडी की सप्लाई भी की जा चुकी थी। फोरलेन पर घेराबंदी कर 500 ग्राम एमडी जब्त इसी कार्रवाई के तहत एक अन्य मामले में पुलिस चौकी माननखेड़ा, थाना रिंगनोद ने मुखबिर सूचना के आधार पर फोरलेन रोड पर घेराबंदी की। इस दौरान बोलेरो पिकअप वाहन से 500 ग्राम एमडी ड्रग्स (कीमत लगभग 50 लाख रुपए) जब्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन (कीमत करीब 5 लाख रुपए) भी जब्त किया। इस कार्रवाई में कुल लगभग 55 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की गई। ब्राउन शुगर के साथ एक और आरोपी पकड़ा गया इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में थाना रिंगनोद पुलिस ने 100 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत करीब 1 लाख रुपए) के साथ एक आरोपी को मोटरसाइकिल सहित गिरफ्तार किया। आरोपी से कुल 1 लाख 50 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी रतलाम जिले में एमडीएमए निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया जा चुका है। इससे साफ है कि क्षेत्र में संगठित ड्रग नेटवर्क सक्रिय रहा है, जिस पर मध्य प्रदेश पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

Punjab & Sind Bank में 1000 LBO पदों पर बंपर भर्ती, आज से आवेदन शुरू

नई दिल्ली बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार खबर है। Punjab & Sind Bank (पीएसबी) ने लोकल बैंक ऑफिसर (LBO) के 1000 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। यह भर्ती जूनियर मैनेजमेंट ग्रेड स्केल-I (JMGS-I) के तहत की जा रही है, जिससे उम्मीदवारों को बैंकिंग सेक्टर में स्थिर और आकर्षक करियर का मौका मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें आखिरी तारीखइस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 31 मार्च से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 20 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपना फॉर्म भर लें। योग्यता और अनुभव जरूरीआवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में अधिकारी के रूप में कम से कम 18 महीने का अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा और छूटइस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना 1 मार्च के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया कैसे होगी?उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा, जिसमें लिखित परीक्षा, स्क्रीनिंग, पर्सनल इंटरव्यू, लोकल लैंग्वेज प्रोफिशिएंसी टेस्ट, मेरिट लिस्ट और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन शामिल हैं। सभी चरणों में सफल होने वाले उम्मीदवारों को ही अंतिम रूप से नियुक्त किया जाएगा। सैलरी और सुविधाएंचयनित उम्मीदवारों को 48,480 रुपये से 85,920 रुपये प्रति माह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा अन्य भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी, जिससे यह नौकरी और भी आकर्षक बन जाती है। आवेदन शुल्क जनरल/ओबीसी/ईडब्ल्यूएस: ₹850एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी: ₹100 ऐसे करें आवेदन आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले Punjab & Sind Bank की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।होमपेज पर दिए गए भर्ती लिंक पर क्लिक करें और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद लॉगिन कर आवेदन फॉर्म में सभी जरूरी जानकारी भरें। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करें। अंत में फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें। सुनहरा अवसर न गंवाएंयह भर्ती उन युवाओं के लिए बेहतरीन मौका है जो बैंकिंग सेक्टर में आगे बढ़ना चाहते हैं। बड़ी संख्या में पद, अच्छा वेतन और सरकारी नौकरी की सुरक्षा इसे बेहद खास बनाते हैं।

मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश साझेदारी: धार्मिक पर्यटन और लघु उद्योगों पर सीएम डॉ. मोहन का जोर

भोपाल/वाराणसी । मध्यप्रदेश-उत्तर प्रदेश सहयोग सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 मार्च को वाराणसी पहुंचे। उनका स्वागत उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने किया। इस अवसर पर सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री गिरीश यादव सहित वाराणसी के स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिला अधिकारी उपस्थित रहे। सीएम डॉ. यादव ने बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन किए और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का भ्रमण कर वहां के क्राउड फ्लो डिजाइन, इंफ्रास्ट्रक्चर और तीर्थयात्री प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने भीड़ प्रबंधन पर विशेष प्रस्तुतियां देखीं और मंदिर परिसर में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रबंधन बहुत प्रभावशाली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल और स्थानीय निवासियों के सहयोग ने इसे संभव बनाया। बाबा विश्वनाथ और बाबा महाकाल के माध्यम से धार्मिक पर्यटन को विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। धार्मिक पर्यटन और लघु उद्योगों पर विशेष फोकस करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओडीओपी योजना में उत्तर प्रदेश ने बेहतरीन काम किया है और मध्यप्रदेश भी इसे अपनाने और सुधारने पर काम कर रहा है। जैसे उत्तर प्रदेश में बनारसी साड़ी की विरासत रही, वैसे ही मध्यप्रदेश में चंदेरी और महेश्वरी साड़ी सहित अन्य लघु उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। सीएम ने कहा कि बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर में भीड़ प्रबंधन जैसा मॉडल मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के दौरान लागू किया जाएगा। उनका उद्देश्य बेहतर धार्मिक पर्यटन व्यवस्था सुनिश्चित करना और इससे आम लोगों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने बताया कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के सफल प्रबंधन से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सुधार आया है, और इसी मॉडल को मध्यप्रदेश में लागू किया जाएगा। दोनों राज्यों के बीच योजनाओं और जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए एमओयू भी साइन किए जाएंगे। इसका उद्देश्य दर्शनार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और धार्मिक पर्यटन के माध्यम से रोजगार और आर्थिक समृद्धि बढ़ाना है। इसके अलावा, केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना और सोलर ऊर्जा परियोजनाओं पर भी दोनों राज्य सहयोग कर रहे हैं। गरीबों और युवाओं के जीवन में सुधार लाने, लघु उद्योगों के उत्पादों को सही कीमत दिलाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए भी यह सम्मेलन महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य के जीवन पर रिसर्च जारी है और बाबा विश्वनाथ धाम पर 3-5 अप्रैल को उनके जीवन पर आधारित महानाट्य का मंचन किया जाएगा, जिसमें करीब 400 कलाकार भाग लेंगे। डॉ. मोहन यादव ने जोर दिया कि अब समय कटुता का नहीं, सौहाद्र का है। दोनों राज्य मिलकर धार्मिक पर्यटन, लघु उद्योग और पर्यावरणीय परियोजनाओं के जरिए विकास की नई इबारत लिखेंगे।

समर सुपरफूड करेला: शुगर कंट्रोल से लेकर डाइजेशन तक फायदेमंद

नई दिल्ली गर्मी के मौसम में ही शरीर में कई तरह की समस्याएं बढ़ती हैं जैसे पाचन खराब होना, ब्लड शुगर की कमी, थकान और कमजोरी। ऐसे में करेला (करेला) एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, करेले का नियमित सेवन न केवल गर्मी से राहत देता है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत भी बनाता है। पोषक तत्व सेपूर्तीआयुष मंत्रालय के अनुसार, करेला विटामिन ए, बी और सी, बीटा कैरोटीन, आयरन, ड्रैगन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और मैग्नीज जैसे कई आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है। ये तत्व शरीर को ऊर्जा प्रदान के साथ-साथ इमामत सिस्टम को भी मजबूत बनाते हैं। शराब में मिलावटडायबिटीज के इलाज के लिए करेला को बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। गर्मियों में जब शुगर लेवल बढ़ने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, तब करेले का सब्जी या सब्जी नियमित रूप से लेना आश्चर्यजनक साबित होता है। पाचन तंत्र को बनाए रखेंगर्मी में अपच, गैस, कब्ज और पेट दर्द जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में करेला पाचन क्रिया को सुधारने और पेट को साफ रखने में मदद मिलती है। यह पेट दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए जाना जाता है। शरीर को ठंडा और ठंडा रखा जाता हैकरेला प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है, जो शरीर की अतिरिक्त गर्मी को बाहर निकालने में मदद करता है। यह डिहाइड्रेशन से प्रमाणित है और समुद्र तट पर शरीर को ठंडक प्रदान करता है। प्रतिरक्षा और वजन नियंत्रणकरेले में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। साथ ही यह खून को साफ करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज गति से वजन को नियंत्रित में रखने में भी मदद करता है। सेवन का सही तरीकागर्मियों में सुबह खाली पेट करेले का प्लांट सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। इसके अलावा आप करेले की सब्जी, सूखा या अन्य प्रकार के करेले भी अपने आहार में शामिल कर सकते हैं. हालाँकि, अगर आपको किसी तरह की एलर्जी या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो इसका सेवन पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय बैठक, आपसी संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली  भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 30 मार्च, 2026 को रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको के साथ विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) किया। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ रणनीतिक साझेदारी, आपसी हितों और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार भी साझा किए। दोनों पक्षों ने दिसंबर 2025 में नई दिल्ली में हुए 23वें सालाना समिट में लिए गए फैसलों को लागू करने में हुई प्रक्रिया की समीक्षा की। दिसंबर की इस यात्रा के दौरान, रुडेंको ने भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर से भी मुलाकात की। एफओसी का आखिरी राउंड मार्च 2025 में मॉस्को में हुआ था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, “भारत-रूस विदेश कार्यालय परामर्श सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित किया गया, जिसकी सह-अध्यक्षता विदेश सचिव विक्रम मिसरी और रूस के उप विदेश मंत्री एंड्रे रुडेन्को ने की।” उन्होंने कहा, “दोनों पक्षों ने विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के पूरे स्पेक्ट्रम की समीक्षा की और द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी दृष्टिकोण साझा किए।” इसके अलावा, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के मई में भारत आने को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, लावरोव 14-15 मई को ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आ सकते हैं। इससे पहले 17 मार्च को, भारत और रूस ने नई दिल्ली में 7वां संयुक्त राष्ट्र परामर्श आयोजित किया, जिसमें चर्चा का मुख्य केंद्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के एजेंडे से जुड़े मुद्दे थे। विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी उपाय, शांति स्थापना, यूएनएससी सुधार और अन्य विषय। जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी प्राथमिकताओं का आदान-प्रदान किया। चर्चा का मुख्य केंद्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के एजेंडे से जुड़े मुद्दे थे, विशेष रूप से आतंकवाद-रोधी उपाय, शांति स्थापना, यूएनएससी सुधार और अन्य विषय।” इससे पहले 11 मार्च को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और पश्चिम एशिया संघर्ष तथा द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार पर चर्चा की

GWALIOR JANSUNVAI : ग्वालियर में सिस्टम फेल? जनसुनवाई में समस्याएं लेकर पहुंचे लोग, मिले सिर्फ आश्वासन

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HIGHLIGHTS: जनसुनवाई में बड़ी संख्या में पहुंचे शहरवासी सड़क, सीवर और पानी की समस्या पर जताई नाराजगी वृंदावन कॉलोनी दो वार्डों के बीच उपेक्षित सीवर ओवरफ्लो से सड़कों पर जलभराव गंदे पानी से लोगों की सेहत पर खतरा GWALIOR JANSUNWAI : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन उन्हें ठोस समाधान नहीं मिल सका। बता दें कि प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन मिलने पर लोगों में नाराजगी साफ देखने को मिली। शहरवासियों ने सड़क, सीवर और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर विरोध जताया था। KP ओली को गिरफ्तार करके फंस गए पीएम बालेन? नेपाल सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस दो वार्डों के बीच फंसी कॉलोनी 12 बीघा स्थित वृंदावन कॉलोनी के निवासी भी जनसुनवाई में पहुंचे। उनका कहना है कि कॉलोनी वार्ड 52 और 65 के बीच होने के कारण किसी भी पार्षद का ध्यान यहां नहीं है। इसी वजह से इलाके में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और लोग लंबे समय से समस्याओं से जूझ रहे हैं। Gwalior Stationery Store FIR : किताबों पर MRP से ज़्यादा वसूली, स्टेशनरी स्टोर और स्कूल प्रबंधन पर FIR सीवर ओवरफ्लो से बनी तालाब जैसी स्थिति वार्ड 52, सिकंदर कंपू क्षेत्र के लोगों ने बताया कि सीवर ओवरफ्लो होने से सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे रास्ते तालाब जैसे नजर आते हैं। इस कारण रोजमर्रा का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। HANUMAN JAYANTI 2026: हनुमान जयंती पर करें ये चमत्कारी उपाय बजरंगबली की कृपा से हर संकट होगा दूर गंदा पानी बन रहा बीमारी की वजह स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सीवर का गंदा पानी पेयजल में मिल रहा है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।