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भोपाल: विजय मेवाड़ा मर्डर केस को लेकर सड़कों पर उतरे हिंदू संगठन, आरोपी के खिलाफ सख्‍त कार्रवाई की मांग

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में हुए चर्चित हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई बुधवार को उस समय हुई, जब शहर में हिंदू संगठनों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा था।यह है मामला जानकारी के अनुसार, रविवार और सोमवार की दरमियानी रात अशोका गार्डन इलाके में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। इस दौरान 35 वर्षीय चाय कारोबारी विजय मेवाड़ा की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय सुभाष कॉलोनी का निवासी था और अशोका गार्डन व कोलार इलाके में चाय की दो दुकानें संचालित करता था। घटना की रात करीब 1:30 बजे वह अपनी होटल बंद कर कर्मचारियों को छोड़ने प्रगति नगर गया था। इसी दौरान मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम अपने साथियों फरमान, कालू और इमरान के साथ वहां पहुंचा और विवाद शुरू हो गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कर्मचारियों को अपने साथ चलने के लिए कहा, लेकिन उनके इनकार करने पर उनसे अभद्रता की गई। जब विजय ने बीच-बचाव करते हुए आसिफ को समझाने की कोशिश की और ‘बेटा’ कहकर संबोधित किया, तो विवाद और बढ़ गया। गुस्से में आकर आसिफ ने चाकू से विजय के पेट पर वार कर दिया, जबकि उसके साथियों ने भी मारपीट की। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल विजय को तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। केरवा के जंगल में छिपा था आरोपी हत्या के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी आसिफ उर्फ बम की तलाश में जुटी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि वह केरवा के जंगलों में छिपा हुआ है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर हमला कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसके पैर में गोली मारकर उसे पकड़ लिया। अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल ने बताया कि आरोपी को रोकने और आत्मरक्षा के तहत यह कदम उठाया गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन वहीं, इस घटना के विरोध में बुधवार को विजय मेवाड़ा के परिजन और विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। सकल हिंदू समाज के आह्वान पर हिंदू उत्सव समिति और बजरंग दल समेत कई संगठनों के लोग रोशनपुरा चौराहे पर एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ने लगी। प्रदर्शनकारी पॉलिटेक्निक चौराहे तक पहुंच गए, जो मुख्यमंत्री निवास से लगभग 100 मीटर दूर है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। साथ ही, प्रदर्शनकारियों में से पांच लोगों को मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति दी गई।

500 करोड़ क्लब की क्वीन बनीं रश्मिका मंदाना तीन फिल्मों ने बदली इंडस्ट्री की तस्वीर

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा में कई अभिनेत्रियों ने अपने शानदार अभिनय और हिट फिल्मों के दम पर पहचान बनाई है लेकिन हाल के समय में एक नाम ऐसा उभरा है जिसने बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास लिख दिया है। यह नाम है रश्मिका मंदाना जिनकी लगातार तीन फिल्मों ने 500 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इससे पहले किसी भी भारतीय अभिनेत्री ने ऐसा कारनामा नहीं किया था और यही वजह है कि रश्मिका का यह उपलब्धि बेहद खास मानी जा रही है। रश्मिका मंदाना की यह सफलता साल 2023 से शुरू हुई जब उनकी फिल्म एनिमल रिलीज हुई। इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर नजर आए और फिल्म ने रिलीज के साथ ही जबरदस्त कमाई की। भारत में फिल्म ने 553 करोड़ से ज्यादा का कारोबार किया जबकि दुनियाभर में इसकी कमाई 900 करोड़ के पार पहुंच गई। इस फिल्म ने रश्मिका को नई ऊंचाई दी और उन्हें एक पावरफुल स्टार के रूप में स्थापित कर दिया। इसके बाद साल 2024 में उनकी अगली बड़ी फिल्म पुष्पा 2 रिलीज हुई जिसमें उनके साथ अल्लू अर्जुन मुख्य भूमिका में थे। यह फिल्म पहले पार्ट से भी ज्यादा सफल साबित हुई और बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। भारत में फिल्म ने 1200 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1700 करोड़ से ऊपर पहुंच गया। इस फिल्म ने न सिर्फ रश्मिका की लोकप्रियता को और बढ़ाया बल्कि उन्हें पैन इंडिया स्टार बना दिया। फिर साल 2025 में आई फिल्म छावा जिसमें रश्मिका ने विकी कौशल के साथ काम किया। इस फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों दोनों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। फिल्म ने भारत में 600 करोड़ के आसपास कमाई की और दुनियाभर में 800 करोड़ से ज्यादा का आंकड़ा पार किया। इस तरह रश्मिका की लगातार तीन फिल्मों ने 500 करोड़ क्लब में जगह बनाकर उन्हें इतिहास रचने वाली पहली भारतीय अभिनेत्री बना दिया। इस उपलब्धि के साथ रश्मिका ने दीपिका पादुकोण को भी पीछे छोड़ दिया जिनकी दो फिल्में जवान और पठान ने 500 करोड़ का आंकड़ा पार किया था लेकिन उनकी अगली फिल्म फाइटर इस क्लब में शामिल नहीं हो सकी। ऐसे में रश्मिका का यह रिकॉर्ड और भी खास बन जाता है। आने वाले समय में भी रश्मिका मंदाना कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाली हैं। उनकी फिल्म राणाबाली में वह विजय देवरकोंडा के साथ दिखाई देंगी जबकि कॉकटेल 2 में शाहिद कपूर और कृति सेनन के साथ उनकी जोड़ी देखने को मिलेगी। दर्शक इन फिल्मों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पर्सनल लाइफ की बात करें तो रश्मिका और विजय देवरकोंडा की शादी भी काफी चर्चा में रही। लंबे समय तक अपने रिश्ते को निजी रखने के बाद दोनों ने शादी कर अपने फैंस को खुश कर दिया। अब शादी के बाद दोनों एक बार फिर अपने काम पर लौटने के लिए तैयार हैं और फैंस उन्हें स्क्रीन पर साथ देखने के लिए उत्साहित हैं। रश्मिका मंदाना की यह सफलता सिर्फ उनके करियर की उपलब्धि नहीं है बल्कि यह भारतीय सिनेमा में बदलते ट्रेंड और नई स्टार पावर का भी संकेत है जहां प्रतिभा और मेहनत के दम पर नए रिकॉर्ड बनाए जा रहे हैं।

तेल का ‘खेल’: उत्पादन कहीं, खपत कहीं; कीमतों पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच उत्पादन और खपत का भौगोलिक अंतर फिर चर्चा में है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर तेल बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। यह इलाका दुनिया का प्रमुख तेल उत्पादक क्षेत्र है, जबकि खपत के मामले में एशिया सबसे आगे है। इसी असंतुलन के कारण कीमतों में अस्थिरता बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तेल बाजार में उत्पादन और खपत अलग-अलग क्षेत्रों में केंद्रित है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बनता है। रिपोर्ट बताती है कि परिवहन क्षेत्र अकेले करीब 40 प्रतिशत तेल की खपत करता है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ज़्यादा जानें डेमोग्राफ़िक्स शहर और स्थानीय मार्गदर्शिका राजनीति यह भी पढ़ें | 21 से 851 रू. तक बड़े LPG के दाम, 5 किलो का छोटा सिलेंडर भी महंगा सबसे ज्यादा तेल उत्पादन वाले क्षेत्र पश्चिम एशिया – 31% यूरेसिया – 30% उत्तरी अमेरिका – 22% अफ्रीका – 9% यूरोप – 8% सबसे अधिक खपत करने वाले क्षेत्र एशिया – 38% उत्तरी अमेरिका – 22% यूरोप – 14% यूरेसिया – 8% अफ्रीका – 6% पश्चिम एशिया – 5% रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में ऊर्जा मांग तेजी से बढ़ रही है, जबकि उत्पादन मुख्य रूप से पश्चिम एशिया और उत्तरी अमेरिका पर निर्भर है। इससे वैश्विक आपूर्ति संतुलन बिगड़ रहा है और कीमतों में तेजी का जोखिम बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान से जुड़े क्षेत्र में तनाव लंबा खिंचता है तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है। इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और जलवायु नीतियों पर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा, परिवहन क्षेत्र की तेल पर भारी निर्भरता स्वच्छ ऊर्जा की ओर तेज संक्रमण की जरूरत को भी रेखांकित करती है। जानकारों का कहना है कि उत्पादन और खपत के बीच बढ़ता यह अंतर आने वाले समय में ऊर्जा बाजार को और अस्थिर बना सकता है।

स्वर्ण मंदिर में प्रियंका चोपड़ा ने टेका माथा, सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल

मुंबई। ग्लोबल स्टार प्रियंका चोपड़ा इन दिनों भारत दौरे को लेकर चर्चा में हैं। मंगलवार 31 मार्च 2026 को वह अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने पूरे श्रद्धाभाव से मत्था टेका। इस दौरान अभिनेत्री अपनी टीम और सुरक्षा घेरे के बीच नजर आईं। खास बात यह रही कि दर्शन के बाद उन्होंने गुरुद्वारा परिसर में सेवा भी की, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सादगी भरे अंदाज ने जीता दिल आध्यात्मिक यात्रा के लिए प्रियंका ने पीच रंग का सादा सलवार-सूट पहना हुआ था। माथा टेकने के बाद उन्हें टीम के साथ बाहर निकलते देखा गया। वायरल वीडियो में वह अन्य महिलाओं के साथ बैठकर सेवा करती दिखाई दीं। उनका यह सादगी भरा अंदाज फैंस को काफी पसंद आ रहा है और लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। आध्यात्मिकता से जुड़ी रही हैं प्रियंका प्रियंका चोपड़ा ने पहले भी कई बार अपनी आध्यात्मिक सोच के बारे में खुलकर बात की है। साल 2021 में ओपरा विनफ्रे के शो पर अपनी आत्मकथा Unfinished के प्रमोशन के दौरान उन्होंने भारत की आध्यात्मिक विविधता का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि भारत में पलने-बढ़ने से अलग-अलग धर्मों और विश्वासों को समझने का मौका मिलता है, जिससे सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। विविधता में एकता पर भरोसा प्रियंका ने बताया था कि वह कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ीं, पिता मस्जिद में गाते थे और वह हिंदू परिवार में पली-बढ़ीं, इसलिए बचपन से ही अलग-अलग मान्यताओं से परिचित रहीं। उनका मानना है कि सभी धर्म एक ही सर्वोच्च शक्ति तक पहुंचने के अलग-अलग रास्ते हैं। पिता का रहा गहरा असर उन्होंने अपने दिवंगत पिता डॉ. अशोक चोपड़ा का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने उन्हें हर धर्म का सम्मान करना सिखाया। प्रियंका के अनुसार, अलग-अलग आस्था के बावजूद लक्ष्य एक ही है—सर्वोच्च शक्ति तक पहुंचना। फिल्मों को लेकर भी चर्चा वर्कफ्रंट की बात करें तो प्रियंका जल्द ही निर्देशक एस. एस. राजामौली की फिल्म वाराणसी से भारतीय सिनेमा में वापसी कर सकती हैं, जो 2027 में रिलीज होने की संभावना है। इससे पहले वह The Bluff में नजर आई थीं।

जैन मुनि के कथित वीडियो से विवाद, महिलाओं ने पुलिस से की कार्रवाई की मांग

अहमदाबाद। गुजरात के सूरत में जैन समुदाय से जुड़ा एक विवाद सामने आया है, जिसने स्थानीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक कथित वीडियो को लेकर महिलाओं के एक समूह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं संबंधित जैन मुनि ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे साजिश करार दिया है। जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो में जैन मुनि के वेश में एक व्यक्ति नजर आ रहा है। कुछ महिलाओं का आरोप है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति चंद्र सागर मुनि हैं। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले को गंभीर बताते हुए महिलाओं के समूह ने पुलिस से जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। रविवार को महिलाओं ने अनुपम सिंह गहलोत, पुलिस आयुक्त सूरत, को लिखित शिकायत सौंपते हुए कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो इससे जैन समाज की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस तरह के आरोप पहले भी चर्चा में रहे हैं, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। मुनि ने आरोपों को बताया बेबुनियाद दूसरी ओर, चंद्र सागर मुनि ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने इसे उनके खिलाफ रची गई साजिश बताया। वीडियो जारी कर दी सफाई मुनि ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि बिना सच्चाई जाने आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आरोप लगाने वाले लोग उनसे मिले भी हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से उनके खिलाफ गलत जानकारी फैलाई जा रही है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन शिकायत मिलने के बाद जांच की संभावना जताई जा रही है।

किचन से बेडरूम तक पहुंचा जंग का असर, कंडोम सप्लाई पर मंडराया संकट

नई दिल्ली। ईरान में जारी युद्ध का असर अब रोजमर्रा की जरूरतों से आगे बढ़कर बेडरूम तक पहुंचता दिख रहा है। होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हुई है, वहीं पेट्रोकेमिकल्स और लुब्रिकेंट्स की कमी ने कंडोम उद्योग के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। इसका असर करीब 860 मिलियन डॉलर के भारतीय कंडोम उद्योग पर भी पड़ रहा है, जो हर साल 400 करोड़ से अधिक यूनिट का उत्पादन करता है। रॉ मटीरियल महंगा होने से निर्माण लागत बढ़ रही है। सरकारी कंपनी HLL Lifecare Limited, जो सालाना लगभग 221 करोड़ कंडोम बनाती है, भी इस संकट की जद में है। इसके अलावा Mankind Pharma Limited और Cupid Limited जैसी कंपनियां भी सप्लाई चेन में बाधा से जूझ रही हैं। कच्चे माल की कमी से बढ़ी परेशानी कंडोम निर्माण मुख्य रूप से सिलिकॉन ऑयल और अमोनिया पर निर्भर करता है। सिलिकॉन ऑयल एक अहम लुब्रिकेट है, जिसकी मिडिल ईस्ट में कमी देखी जा रही है। अमोनिया कच्चे लेटेक्स को स्थिर रखने में जरूरी है और इसके दाम 40–50% तक बढ़ने की आशंका है। पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती कीमतों ने संकट और गहरा दिया है। उत्पादन पर असर की आशंका कर्नाटक ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के जतिश एन सेठ के मुताबिक, पेट्रोकेमिकल आधारित हर उत्पाद प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने संसाधनों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सुरक्षित रखना शुरू कर दिया है। 11 मार्च की अंतर-मंत्रालयीय बैठक में पेट्रोकेमिकल यूनिट्स के आवंटन में कटौती की संभावना जताई गई, जिससे कंडोम उत्पादन पर असर पड़ सकता है। सप्लाई और लॉजिस्टिक्स की दिक्कतें उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पीवीसी फॉइल, एल्युमिनियम फॉइल और अन्य पैकेजिंग सामग्री की कमी से ऑर्डर पूरे करना मुश्किल हो रहा है। लॉजिस्टिक्स में देरी और लागत बढ़ने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। सिलिकॉन ऑयल और अमोनिया दोनों के महंगे होने से उत्पादन और प्रभावित हो सकता है। फैमिली प्लानिंग पर भी असर की चिंता विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट केवल उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। भारत में कंडोम कम मार्जिन पर बनाए जाते हैं, ताकि बड़ी आबादी को कम कीमत पर उपलब्ध हो सकें। कीमत बढ़ाने पर बिक्री घटने का जोखिम है। लंबे समय में इससे फैमिली प्लानिंग कार्यक्रमों पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

GWALIOR ATTACK NEWS : घर के सामने बाइक खड़ी करने पर पड़ोसियों का लाठी-डंडा और पत्थरों से हमला, सिर फोड़ दिया; ग्वालियर में रक्तरंजित विवाद

GWALIOR ATTACK

HIGHLIGHTS : घर के सामने बाइक पार्किंग को लेकर हुआ खूनी विवाद पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह एक भाई के सिर में गंभीर चोट, दूसरे के हाथ-सीने पर चोटें पड़ोसियों ने मिलकर शांत किया झगड़ा वीडियो के आधार पर पुलिस कर रही आरोपियों की पहचान GWALIOR ATTACK NEWS : ग्वालियर। घर के सामने अपनी बाइक पार्क करने के साधारण काम को लेकर पड़ोसियों के बीच पुरानी रंजिश भड़क उठी। बता दें कि मंगलवार रात हुई इस घटना में दो भाइयों पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया गया। एक के सिर में गंभीर चोट आई जबकि दूसरे के हाथ और सीने पर कई जगह चोटें आई हैं। कोशिकाओं का ‘ब्लैक बॉक्स’ तैयार, अब सेल बताएंगे अपनी पूरी कहानी पुरानी रंजिश बनी विवाद की वजह फरियादी मनोज कुशवाह ने पुलिस को बताया कि वे रात में काम से लौटकर अपने मकान के सामने बाइक खड़ी कर रहे थे। तभी पड़ोसी लाखन सिंह कुशवाह और पंकज कुशवाह वहां पहुंच गए। दोनों ने पुरानी दुश्मनी का हवाला देते हुए बाइक खड़ी करने से मना कर दिया। जब मनोज ने विरोध जताया तो आरोपियों ने गालियां देना शुरू कर दिया और फिर दोनों ने मिलकर उन्हें जमीन पर पटककर डंडों से बुरी तरह पीटा। IPL रिकॉर्ड: एक टीम के साथ सबसे लंबा सफर तय करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट बीच बचाव करने वाले भाई पर हमला मारपीट के दौरान मनोज के भाई देवेंद्र कुशवाह मदद के लिए पहुंचे। आरोपियों ने उन पर भी पत्थर से हमला कर दिया। जिसके बाद पत्थर के वार से देवेंद्र के सिर में गहरी चोट आई और खून बहने लगा। मोबाइल सिम की तरह पोर्ट होगा बैंक अकाउंट, RBI ला रहा नया ‘पेमेंट्स स्विचिंग सिस्टम’ पड़ोसियों ने शांत किया माहौल घटना के समय शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी आशा कुशवाह, नीरज कुशवाह, सौमिल व अमन कुशवाह मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसी तरह बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया। इस झगड़े में अन्य लोगों को भी मामूली चोटें लगीं। IPL 2026: चहल-वैशाक की धार और कोनोली का तूफान, पंजाब ने गुजरात को हराया पुलिस ने शुरू की सख्त कार्रवाई मनोज कुशवाह की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों लाखन सिंह कुशवाह और पंकज कुशवाह के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों की पहचान कर रही है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

MP में मिलावट का डर: दूध, घी, मसाले समेत रोजमर्रा के खाद्य पदार्थ फेल, ग्वालियर नंबर वन

भोपाल । मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा का अलर्ट जारी हो गया है। राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन सालों में लगभग 2000 से ज्यादा फूड सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें दूध, मावा, पनीर, घी, मिठाई, मसाले और तेल जैसे रोजमर्रा के इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थ शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार, मोबाइल वैन के जरिए एक लाख सैंपल लिए गए, जिनमें डेयरी उत्पाद सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए। मिठाइयों जैसे जलेबी, लड्डू, बर्फी, गजक और नमकीन में भी मिलावट पाई गई। मसालों में लाल मिर्च, धनिया पाउडर, हल्दी और सोयाबीन तेल के कई सैंपल फेल हुए हैं। मिलावट में ग्वालियर जिला सबसे ऊपर है। यहां दो हजार सैंपल में से लगभग 420 सैंपल फेल पाए गए। अन्य जिलों में स्थिति इस प्रकार है: गुना 110, उज्जैन 95, भिंड 90, बुरहानपुर और जबलपुर 75-75, शाजापुर 70, खरगोन 65, सीहोर 55, धार 40, राजगढ़ 35, नीमच 30, नरसिंहपुर 28 और अन्य जिले भी इस सूची में शामिल हैं। कहां कौन से सैंपल फेल हुए हैं, इसका विवरण भी सामने आया है। ग्वालियर में दूध, दही, पनीर, घी, मिक्स्ड मिल्क, गजक, मावा बर्फी, मालाई बर्फी, चावल और आटा फेल पाए गए। इंदौर में लस्सी, मिल्क केक, मावा कतली, पनीर, इडली और सांभर फेल हुए। शाजापुर में दूध, घी, पनीर, मावा, बेसन, लाल मिर्च पाउडर और कुकिंग ऑयल फेल पाए गए। दमोह में जलेबी, बेसन लड्डू, आलू मटर, चाउमीन, घी, पनीर और दही, भिंड में मालाई बर्फी, मावा पेड़ा, सौंफ और काली मिर्च, मुरैना में मावा, घी, पनीर, बेसन लड्डू, बूंदी लड्डू, धार में मावा, पनीर, धनिया पाउडर और पताशे, सागर में मोतीचूर लड्डू, रीवा में तुअर दाल और मिठाई, सिवनी में गुजिया, सेव और पनीर, नरसिंहपुर में दूध, खंडवा में गुड़ चिक्की, बैतूल में दही और काली मिर्च, सीहोर में खाने का तेल फेल पाया गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा है कि यह रिपोर्ट स्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी है। आम जनता को ऐसे उत्पादों से बचने और केवल प्रमाणित और सुरक्षित ब्रांड के खाद्य पदार्थ खरीदने की सलाह दी गई है।

PNG Connections: Delhi में PNG कनेक्शन को बढ़ावा, सरकार का बड़ा प्लान; 4 लाख नए कनेक्शन लगाने के निर्देश

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में साफ और सस्ते ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। Rekha Gupta सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहर में 4 लाख नए PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन (PNG Connections) लगाए जाएं। इस फैसले का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को गैस सिलेंडर की जगह पाइप गैस से जोड़ना है, जिससे पर्यावरण को भी फायदा होगा और लोगों को सुविधा भी मिलेगी। सरकार का मानना है कि PNG न सिर्फ सुरक्षित है बल्कि यह लगातार उपलब्ध रहने वाला ईंधन भी है। इससे गैस खत्म होने की चिंता नहीं रहती और घरों में कनेक्शन सीधे पाइपलाइन के जरिए मिलता है। इसी वजह से सरकार अब तेजी से इसका विस्तार करना चाहती है। PNG Connections बढ़ाने पर जोरसरकार ने संबंधित विभागों और एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समय सीमा के अंदर बड़े स्तर पर नए कनेक्शन दिए जाएं। इसके लिए पाइपलाइन नेटवर्क को भी तेजी से बढ़ाया जाएगा। पहले से जिन इलाकों में सुविधा उपलब्ध है, वहां अधिक से अधिक घरों को जोड़ने की कोशिश की जाएगी। Related News❮❯आ गई तारीख! चालान निपटाने का सुनहरा मौका: जानिए दिल्ली में कब, कहां और किस दिन लगेगी नेशनल लोक अदालत और कैसे करें अप्लाईआ गई तारीख! चालान निपटाने का सुनहरा मौका: जानिए दिल्ली में कब, कहां और किस दिन…31 Mar 2026दिल्ली विधानसभा और मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की मिली धमकी, बजट से पहले हड़कंप; स्पीकर Vijender Gupta को आया ईमेल, PM मोदी और CM रेखा गुप्ता का भी जिक्रदिल्ली विधानसभा और मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की मिली धमकी, बजट से पहले हड़कंप;…24 Mar 2026Delhi में बिजली होगी महंगी? अप्रैल से बढ़ सकते हैं दाम, जानिए बढ़ोतरी की वजह और सरकार का पूरा प्लानDelhi में बिजली होगी महंगी? अप्रैल से बढ़ सकते हैं दाम, जानिए बढ़ोतरी की वजह और…23 Mar 2026दिल्ली में मार्च में लौटी ठंड! बारिश-आंधी से गिरा तापमान, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट; जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम?दिल्ली में मार्च में लौटी ठंड! बारिश-आंधी से गिरा तापमान, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट;…20 Mar 2026आ गई तारीख! चालान निपटाने का सुनहरा मौका: जानिए दिल्ली में कब, कहां और किस दिन लगेगी नेशनल लोक अदालत और कैसे करें अप्लाईआ गई तारीख! चालान निपटाने का सुनहरा मौका: जानिए दिल्ली में कब, कहां और किस दिन…31 Mar 2026दिल्ली विधानसभा और मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की मिली धमकी, बजट से पहले हड़कंप; स्पीकर Vijender Gupta को आया ईमेल, PM मोदी और CM रेखा गुप्ता का भी जिक्रदिल्ली विधानसभा और मेट्रो स्टेशन को बम से उड़ाने की मिली धमकी, बजट से पहले हड़कंप;…24 Mar 2026Delhi में बिजली होगी महंगी? अप्रैल से बढ़ सकते हैं दाम, जानिए बढ़ोतरी की वजह और सरकार का पूरा प्लानDelhi में बिजली होगी महंगी? अप्रैल से बढ़ सकते हैं दाम, जानिए बढ़ोतरी की वजह और…23 Mar 2026दिल्ली में मार्च में लौटी ठंड! बारिश-आंधी से गिरा तापमान, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट; जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम?दिल्ली में मार्च में लौटी ठंड! बारिश-आंधी से गिरा तापमान, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट;…20 Mar 2026बताया जा रहा है कि इस योजना के जरिए दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही गैस सिलेंडर पर निर्भरता भी धीरे-धीरे कम होगी, जिससे सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें भी घटेंगी। लोगों को मिलेगा फायदाPNG कनेक्शन मिलने से लोगों को कई तरह के फायदे होंगे। सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह एलपीजी सिलेंडर की तुलना में ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। इसके अलावा इसमें गैस खत्म होने या सिलेंडर बुकिंग जैसी परेशानी नहीं होती। सरकार का यह कदम दिल्ली को “ग्रीन सिटी” बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है। पहले भी सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला चुकी है और अब PNG कनेक्शन विस्तार उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है।

क्या आपका बच्चा कम खाता है और जल्दी थक जाता है? हो सकती है ये गंभीर समस्या, जानें समाधान

नई दिल्ली बच्चे बार-बार अपने मोनिका से काम करते हैं कभी खाना कम खाते हैं, तो कभी खेलने में इतना मगन हो जाते हैं कि पढ़ाई-लिखाई की ओर ध्यान नहीं देते। लेकिन अगर आपका बच्चा लगातार कम खा रहा है, जल्दी थक जाता है, चैलेंज में दिलचस्पी नहीं है और पढ़ाई में भी दिलचस्पी नहीं है, तो इसे बच्चे में न लें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ये लक्षण यानि की कमी की ओर इशारा कर सकते हैं। बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। समय की पहचान और सही पोषण से इसे आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के भोजन में विभिन्नता होनी चाहिए। अगर बच्चे को लगातार थकान महसूस हो रही है या भूख नहीं लग रही है तो डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं। रक्त परीक्षण से पुष्टि हो सकती है। डॉक्टर की सलाह से आयरन की रेटिंग भी ली जा सकती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार, बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है, लेकिन सही समय पर ध्यान और डिजिटल आहार से इसे आसानी से सीखा जा सकता है। इनमें मुख्य रूप से आयरन की कमी होती है। इससे बच्चे की खून और खांसी की स्थिति नहीं होती है, जिससे थकान, कमजोरी और भूख न लगना जैसे लक्षण होते हैं। अगर समय पर इलाज न किया जाए तो बच्चे का विकास रुक सकता है और पढ़ाई-लिखाई पर भी बुरा असर पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में डरना नहीं बल्कि लक्षण के साथ समाधान पर काम करना चाहिए। बच्चों में बीमारी के मुख्य लक्षण बताएं तो उन्हें जल्दी थकान महसूस होना, कम भूख लगना, पीला चेहरा और कमजोरी, ध्यान केंद्रित न हो पाना और बार-बार बीमार पड़ना है। परिवार से बचाव के लिए हरी पत्तीदार शैली जैसे पालक, मेथी, मसालों का सागा आदि बच्चों को दैनिक अवकाश दें। ये आयरन का अच्छा स्रोत हैं। मूंग, चना, राजमा जैसी दालहन और चावल के अनाज और प्रोटीन की प्रचुरता पाई जाती है। इनकी थाली में शामिल करें। विटामिन सी से युक्त फल जैसे सेंट्रा, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, लेम्बोर्गिनी आदि भी शामिल करें। विटामिन सी आयरन के अवशोषण में मदद मिलती है। बच्चों के आहार में दूध, दही और पनीर शामिल करें। स्रोत जैसे गुड़ आदि भी परियोजनाओं से अन्य बचाव में सहायक हैं।