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विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस 2026: समझ और स्वीकार्यता की ओर बढ़ते कदम

नई दिल्ली। हर साल 2 अप्रैल को दुनिया भर में विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है। यह दिन सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि समाज को संदेश और समावेशी बनाने की याद है। यह हमें सिखाया जाता है कि हमारे आसपास मौजूद ऑटिज़्म से जुड़े लोगों को किसी सहानुभूति के पात्र नहीं, बल्कि समान अधिकार और सम्मान का दर्जा दिया गया है। उनकी दुनिया को देखना और इशारों का नजरिया अलग हो सकता है, लेकिन समाज में विविधता और समृद्ध जगह है। ऑटिज़्म क्या है? बीमारी नहीं, एक अलग विचार का उपायऑटिज्म, जिसे ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (एएसडी) कहा जाता है, कोई भी बीमारी “ठीक” नहीं होती। यह दिमाग का काम करने का एक अलग तरीका है, जिसे न्यूरोडायवर्सिटी कहा जाता है। इसका मतलब यह है कि हर व्यक्ति की सोच, व्यवहार और अनुभव का तरीका अलग होता है। ऑटिज्म से जुड़े लोग अक्सर नी को गहराई से महसूस करते हैं और अपनी खामियां भी महसूस करते हैं। पहचान का संकेत: हर बच्चा अलगऑटिज़्म के संकेत आम तौर पर बचपन में दिखाई देते हैं। जैसे—आंखों में कम संपर्क बनाना, बातचीत में देरी, बार-बार एक ही गतिविधि करना या अभिनव में बदलाव से जुड़ना। कुछ बच्चों को तेज रोशनी, आवाज या स्पर्श से भी परेशानी हो सकती है। लेकिन यह शर्त जरूरी है कि हर ऑटिज्म से पीड़ित व्यक्ति अलग होता है—किसी में लक्षण ज्यादा, तो किसी में कम हो सकते हैं। गलतफहमियां तोड़ना जरूरी हैसमाज में आज भी ऑटिज़्म को लेकर कई मिथक और गलत धारणाएँ हैं। इसे अक्सर कमजोरी या समझ की कमी माना जाता है, जबकि यह केवल एक अलग तरह की क्षमता है। सही जानकारी और जागरूकता से ही इन गलतफहमियों को दूर किया जा सकता है। जब लोग समझेंगे, तभी वे सही व्यवहार भी कर पाएंगे। जड़ता: बदलाव की पहली सीढ़ीऑटिज़्म से जुड़े लोगों को बदलने की कोशिश करने के बजाय उन्हें वैसे ही स्वीकार करना ज़रूरी है जैसे वे हैं। विशेष रूप से बच्चों के मामले में, उनके व्यवहार को जज करने के बजाय लोड करना चाहिए। परिवार, स्कूल और समाज का सहयोग उनके पास मौजूद है और उन्हें आगे बढ़ने में मदद करता है। सम्मान और समान अवसर का अधिकारहर व्यक्ति की तरह ऑटिज्म से जुड़े लोगों को भी शिक्षा, रोजगार और सामाजिक जीवन में बेरोजगारी का अधिकार मिलना चाहिए। आज कई संस्थान और स्कूल समावेशी शिक्षा (इनक्लूसिव एजुकेशन) की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि ऐसे बच्चों को बुनियादी ढांचे में शामिल किया जा सके। चिकित्सक और सहायता से कुशल जीवनअगर ऑटिज्म के प्रोटोटाइप की पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए, तो सही दिशा-निर्देश और थेरेपी से लेकर बच्चों के विकास में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। स्पीच थेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी और बिहेवियरल थेरेपी जैसे उपाय काफी प्रभावशाली साबित होते हैं। इसके साथ ही परिवार का सहयोग और सकारात्मक माहौल भी बेहद जरूरी है। समावेशी समाज की ओर कदमआज के दौर में जागरूकता से पहले कहीं भी ज्यादा फायदा है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ बाकी है। हमें ऐसा समाज क्यों बनाना होगा, जहां हर व्यक्ति-चाहे वह किसी भी तरह से अलग न हो-खुद को सुरक्षित, स्थापित और प्रतिष्ठित महसूस करे।

भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश

भोपाल । भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामले से जुड़ी बड़ी घटना सामने आई है। इस मामले का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हुआ। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी तभी रातीबड़ के पास आरोपी ने पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया और आसिफ घायल हो गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आसिफ पर पहले से 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह मर्डर घटना अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के प्रभात पेट्रोल पंप के पास हुई थी जहां विजय मेवाड़ा के साथ मामूली विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। विजय पेट और छाती पर कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद राजधानी में हिंदू संगठनों ने गुस्से में सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। शकल हिंदू समाज के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च का ऐलान कर चुके थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। संगठन ने आरोपियों पर NSA और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की। मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तुरंत मृतक के परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाया और कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि बुलडोजर कार्रवाई तुरंत की जाए। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि अपराधियों की लिस्ट तैयार करें घर-घर सर्वे कर प्रत्येक आरोपी को जेल भेजा जाए। मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी कि अपराधियों की आने वाली पीढ़ियां भी इसे याद रखें। पुलिस पूरे इलाके में हाई अलर्ट पर है और मौके पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। इस मामले में कार्रवाई तेज़ कर दी गई है और आरोपी आसिफ बम के एनकाउंटर के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।

कोशिकाओं का ‘ब्लैक बॉक्स’ तैयार, अब सेल बताएंगे अपनी पूरी कहानी

नई दिल्ली विज्ञान की दुनिया में एक ऐसी खोज सामने आई है, जो भविष्य की चिकित्सा और जीव विज्ञान को पूरी तरह बदल सकती है। जनवरी 2026 में प्रतिष्ठित जर्नल Science में प्रकाशित एक स्टडी में वैज्ञानिकों ने कोशिकाओं के लिए एक तरह का “ब्लैक बॉक्स” विकसित किया है। इस नई तकनीक को “टाइम वोल्ट” नाम दिया गया है, जिसे Yu-Kai Shao और उनकी टीम ने तैयार किया है। यह तकनीक अब कोशिकाओं के भीतर होने वाली गतिविधियों को न केवल रिकॉर्ड कर सकती है, बल्कि उन्हें भविष्य में पढ़ना भी संभव बनाती है। क्या है ‘टाइम वोल्ट’? समझिए आसान भाषा मेंजैसे किसी हवाई जहाज का ब्लैक बॉक्स उड़ान के दौरान हर घटना को रिकॉर्ड करता है, वैसे ही टाइम वोल्ट कोशिका के अंदर जीन की गतिविधियों का पूरा रिकॉर्ड रखता है। अब तक वैज्ञानिक केवल यह देख पाते थे कि किसी कोशिका में इस समय क्या हो रहा है—यानी एक “तस्वीर” मिलती थी। लेकिन यह समझना मुश्किल था कि कुछ समय पहले उस कोशिका में क्या बदलाव हुए थे, जो बाद में किसी बीमारी या बदलाव का कारण बने। टाइम वोल्ट इस कमी को दूर करता है और कोशिका का “अतीत” भी दिखाता है। एमआरएनए की रिकॉर्डिंग: असली गेमचेंजरयह तकनीक कोशिका के अंदर मौजूद मैसेंजर आरएनए यानी mRNA को कैप्चर करके सुरक्षित रखती है। mRNA वह संदेश होता है, जो बताता है कि कौन-सा जीन कब और कैसे काम कर रहा है। टाइम वोल्ट इन संदेशों को खास “वोल्ट पार्टिकल्स” में स्टोर कर देता है, जिससे यह डेटा कई दिनों तक सुरक्षित रहता है। बाद में वैज्ञानिक इन रिकॉर्ड्स को पढ़कर यह समझ सकते हैं कि पहले कौन-से जीन सक्रिय थे और उनका आगे क्या असर पड़ा। कैंसर रिसर्च में बड़ा ब्रेकथ्रूइस तकनीक का इस्तेमाल खासतौर पर Lung Cancer पर किया गया, जहां चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। वैज्ञानिकों ने पाया कि कुछ कैंसर कोशिकाएं दवा दिए जाने से पहले ही ऐसी स्थिति में होती हैं, जिससे वे बाद में दवाओं के असर से बच जाती हैं। इन कोशिकाओं को “पर्सिस्टर सेल्स” कहा जाता है। टाइम वोल्ट की मदद से उन जीन की पहचान संभव हुई, जो पहले नजर नहीं आते थे लेकिन दवा के प्रति प्रतिरोध (ड्रग रेजिस्टेंस) विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इलाज की रणनीति बदलने की क्षमताजब इन छिपे हुए जीन को टारगेट किया गया, तो दवा से बचने वाली कोशिकाओं की संख्या में कमी देखी गई। इसका मतलब है कि भविष्य में डॉक्टर पहले से यह अनुमान लगा सकेंगे कि कौन-सी कोशिकाएं दवा से बच सकती हैं और उसी के अनुसार इलाज की योजना बना सकेंगे। यह कैंसर जैसी जटिल बीमारियों के इलाज में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। जीव विज्ञान में नई दिशाटाइम वोल्ट तकनीक ने जीव विज्ञान में एक नई खिड़की खोल दी है। अब कोशिकाएं केवल वर्तमान की जानकारी ही नहीं देंगी, बल्कि अपना पूरा “इतिहास” भी सहेजकर रखेंगी। इससे वैज्ञानिक यह समझ पाएंगे कि किसी बीमारी की शुरुआत कैसे हुई और उसे रोकने के बेहतर तरीके क्या हो सकते हैं। भविष्य के लिए उम्मीदयह खोज न केवल कैंसर बल्कि अन्य बीमारियों के अध्ययन में भी क्रांतिकारी साबित हो सकती है। आने वाले समय में यह तकनीक पर्सनलाइज्ड मेडिसिन (व्यक्तिगत उपचार) को और सटीक बना सकती

जमीन को लेकर खूनी संघर्ष: हरदा में वृद्ध की हत्या, परिजनों में हिंसक झड़प और छह घायल

हरदा । हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के दीपगांव कला में बुधवार सुबह एक पुराना जमीनी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। जानकारी के अनुसार यह झगड़ा मामा-बुआ के परिवारों के बीच लंबे समय से चला आ रहा था, जो अचानक उग्र रूप ले लिया। इस घटना में 65 वर्षीय अमरसिंह कलम की मौके पर ही मौत हो गई। संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों और पत्थरों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में मृतक के भाई सूरत सिंह सहित रामभरोस, आनंद सिंह, हरिसिंह, सतीश राजपूत और दूसरे पक्ष के नारायण राजपूत भी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। घायल लोगों को सिराली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से तीन गंभीर रूप से घायल लोगों को जिला अस्पताल हरदा रेफर किया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि जमीनी विवाद इस खूनी झड़प का मुख्य कारण था। स्थानीय लोग और परिवार वाले अब भी इस घटना को लेकर तनाव में हैं और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

IPL 2026: गुजरात की हार के बाद शुभमन गिल की कप्तानी पर उठे सवाल

नई दिल्ली आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स के खिलाफ मिली हार के बाद गुजरात टाइटंस की रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। खास बात यह है कि टीम के कप्तान शुबमन गिल की तरफ से पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने प्रतिक्रिया दी है। न्यू चंडीगढ़ ने इस मस्जिद में गुजरात को 3 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद टीम के बीच बहस तेज हो गई। ऑनलाइन आवेदन उठाएँ प्रश्नआकाश चोपड़ा ने जियोहॉटस्टार पर बातचीत के दौरान गिल के वैज्ञानिकों को ‘हरियाणा करने वाली’ के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पोस्ट में सही समय पर बदलाव नहीं किये गये। खास बात यह है कि मोहम्मद सिराज के दो ओवर फाइनल तक बचे रहे और प्रसिद्घ कृष्णा को देर से हमले में टीम के लिए नुकसान पहुंचाने वाला साबित हुआ। चोपड़ा के अनुसार, मैच के डायनामिक्स में बेहतर कंप्यूटर की जरूरत थी, जहां गुजरात फेल हो गया। मध्यम क्रम बना चिंता का कारणचोपड़ा ने गुजरात टाइटंस की ऑल्टरनेटिव पर भी चिंता का विषय बनाया। उनका मानना ​​है कि टीम को ज्यादा से ज्यादा टॉप ऑर्डर पर अनाउंसमेंट की जरूरत है। शुबमन गिल और अन्य टॉप बॉस्ट के शुरुआती आउट होने से मिडिल नंबर के मैच में आउट होकर असफल रहे। उन्होंने कहा कि ग्लेन फिलिप्स का 25 रन बनाना भी टीम के लिए बड़ा योगदान माना जा रहा है, जो बताता है कि मध्यक्रम के खिलाड़ियों के अनुसार प्रदर्शन नहीं किया जा रहा है। टीम कॉम्बिनेशन पर भी उठे सवालआकाश चोपड़ा ने टीम चयन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन सुंदर को और अधिक आक्रामक खेल खेलने की जरूरत है, जबकि शाहरुख खान की टीम में शामिल होने के बावजूद वह जमीनी प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। चोपड़ा का मानना ​​है कि युवा कुमार कुशाग्र को खिलाड़ी मिल सकता है। उन्होंने साफ कहा कि गुजरात को अपने 4, 5 और 6 नंबरों के लिए नामांकित से विचार करना होगा। पंजाब को दी सीख: जीत के साथ आगे बढ़ोजहां एक ओर गुजरात की आलोचना हुई, वहीं आकाश चोपड़ा ने पंजाब किंग्स की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में जीत के दो अंक सबसे अहम होते हैं। भले ही पंजाब ने लक्ष्य का पीछा करते हुए झटका झेले, लेकिन अंत में जीत ही मायने रखती है। उन्होंने कहा कि जीत के बाद सीखना ज्यादा आसान है और टीम को सकारात्मक निर्णय पर ध्यान देना चाहिए। अय्यरी की वैज्ञानिक कोलैण्डचोपड़ा ने पंजाब के कैप्टन श्रेयस अय्यर की गर्लफ्रेंड की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि एरीयर ने सिर्फ पांच नामांकनों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें शानदार तरीके से दोहराया, जिससे गुजरात को बड़े पैमाने पर पहुंचने से पहले ही हासिल कर लिया गया। इसके अलावा युवा बल्लेबाज कूपर कोनोली ने मैच में अहम भूमिका निभाते हुए टीम को जीत दिलाई। गुजरात के लिए चेतावनी, सुधार की आवश्यकताइस हार के बाद यह साफ हो गया कि गुजरात टाइटंस को अपनी रणनीति और टीम संयोजन पर फिर से काम करना होगा। विशेष रूप से औद्योगिक और मध्यम श्रेणी के संस्थानों पर ध्यान देना जरूरी है, नहीं तो आगे का सफर मुश्किल हो सकता है।

‘स्पोर्ट्स अल्फाबेट’ प्रोजेक्ट लॉन्च, 21 भाषाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा

नई दिल्ली देश में खेल संस्कृति को जमीनी स्तर से मजबूत करने की दिशा में एक स्मारक सबसे पहले सामने आया है। कैपिटल इंडिया हैबिटेट सेंटर में एक भव्य कार्यक्रम ‘स्पोर्ट्स अल्फाबेट’ बुकलेट को एक साथ 21 साल की उम्र में लॉन्च किया गया। यह सबसे पहले बच्चों में शुरुआती स्तर पर स्पोर्ट्स लिटरेचर को बढ़ाने और खेल को बढ़ावा देने का हिस्सा बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। खास बात यह है कि इस तरह का बहुभाषी स्पोर्ट्स एजुकेशन प्रोजेक्ट आपके सामने पहली बार पेश किया गया है। खेल को ‘जीवन का हिस्सा’ बनाने की सोच‘स्पोर्ट्स: ए वे ऑफ लाइफ’ थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कलराज मिश्र ने की। इस मौसिकी पर प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी अशोक ध्यानचंद, संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. मिलिंद पैजेंड और कई वैज्ञानिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में कोरियोग्राफी ने खेल को केवल प्रतिस्पर्धा नहीं कहा, बल्कि जीवन के आधार पर शासन-प्रशासन, नेतृत्व और टीमवर्क-से जुड़ने की जरूरत पर जोर दिया। कॅन्स्क पैवेलियन का विजन: अल्फाबेट से स्पोर्ट्स तकइस प्रोजेक्ट की परिकल्पना खेल के इंजीनियर और कॉन्सेप्ट क्लिनिक के अध्यक्ष कनिष्क पांडे ने की है। उन्होंने बताया कि जैसे अक्षरा के बच्चों की शिक्षा की स्थापना होती है, वैसे ही ‘स्पोर्ट्स अल्फाबेट’ खेलों की प्रति रुचि जगाने का पहला कदम बन सकता है। यह पुस्तिका बच्चों को पढ़ना-लिखना सिखाने के साथ-साथ खेलों की समझ भी विकसित करती है—यानी शिक्षा और खेल का एक साथ विकास। मोबाइल से लेकर ग्राउंड तक:बच्चों को सक्रिय बनाने की पहलसबसे पहले इसका एक बड़ा उद्देश्य बच्चों को स्क्रीन से दूर मैदान की ओर प्रेरित करना है। पैंडेज़ के अनुसार, आज के डिजिटल दौर में बच्चे मोबाइल, कंप्यूटर और ऑफ़लाइन गेमिंग पर अधिक प्रतिबंधात्मक हो रहे हैं। ‘स्पोर्ट्स अल्फ़ाबेट’ उन्हें ड्रूड डायजेक्स और शारीरिक-मानसिक विकास में मदद करना चाहिए। साथ ही किंडरगार्टन स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता, निर्देश और नेतृत्व जैसे गुण भी विकसित होंगे। भारत की भाषा विविधता का सम्मानइस प्रोजेक्ट की विशेषता इसका बहुभाषी स्वरूप है। बुकलेट हिंदी, अंग्रेजी, अरबी, संस्कृत, मराठी, टोकरा, भोजपुरी, राजस्थानी, कश्मीरी, पंजाबी, तमिल, वर्गीय, कन्नड़, मलयालम, उड़िया और गुजराती सहित कई भारतीय भाषाओं में तैयार की गई है। इसमें अरबी और नेपाली के अलावा विदेशी समुद्र भी शामिल है। यह सबसे पहले भारत की ‘एकता में विविधता’ की भावना को मजबूत करता है। विश्वव्यापी से प्रेरणापैंडेज़ ने ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय, कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय जैसे एबेट का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। उनके छात्र अध्ययन के साथ-साथ ओलंपिक स्तर पर भी अपने देश के प्रतिनिधि होते हैं। भारत में भी इसी मॉडल को विपरीत की आवश्यकता है। नेपाल तक एपीआई पहल, इंटरनेट मार्केटिंगनेपाल के सांसद अभिषेक प्रताप शाह ने भी इसे अपने देश में लागू करने की इच्छा जताई है। इससे साफ है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रभाव डाल सकता है। प्रेरणादायक कदम: खेल और शिक्षा का संगमकार्यक्रम के अंत में कलराज मिश्रा ने प्रशिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सबसे पहले भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को दर्शाता है। वहीं अशोक ध्यानचंद ने भी इस प्रोजेक्ट को लंबे समय तक लागू करने वाला कदम बताया।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला, मैक्सवेल और कोंस्टास सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से बाहर

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट सत्र 2026-27 के लिए बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने सेंट्रल ब्रेंच की घोषणा कर दी है। इस लिस्ट में कई जज वाले जजमेंट सामने आये हैं। बेहतरीन ग्लेन मैक्सवेल और युवा बल्लेबाज सैम कोनस्टास को बाहर कर दिया गया है, जबकि कुछ नए और उभरते खिलाड़ियों को मौका देकर टीम के भविष्य की दिशा तय करने का संकेत दिया गया है। नेसर, मर्फी और डॉगेट को मिला योगदानहाल ही में एशेज में शानदार प्रदर्शन करने वाले माइकल नेसर सेंट्रल बेंच में शामिल हुए हैं। उनके साथ ब्रेंडन डोगेट और ऑफ स्पिनर टॉड मर्फी को भी जगह मिली है। यह चयन साँचा निर्दिष्ट है कि चयनकर्ता घरेलू और परीक्षण प्रदर्शन को प्राथमिकता दे रहे हैं। वेदराल्ड पर भरोसेमंद, ओपनर के रूप में मिलेंगे और मौक़े परजेक वेदरल्ड ने अपनी जगह बरकरार रखते हुए सेलेक्शन का विश्वास जीत लिया। एशेज में ट्रैविस हेड के साथ राज करते हुए उन्होंने अहम पारियां फिल्माईं। तस्मानिया के लिए घरेलू क्रिकेट में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है, जिससे यह तय माना जा रहा है कि वे भी ओपनर के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। मैक्सवेल का आउट होना तय है, कॉन्स्टास को झटकाग्लेन मैक्सवेल का क्लैंसिल काफी हद तक सामने आ चुका है, क्योंकि वह अब मुख्य रूप से सीमित ओवरों के एक ही कच्चे दल में शामिल हैं। वहीं बल्लेबाज युवा सैम कोनस्टास के लिए यह बड़ा झटका है, जिसमें वेस्टइंडीज दौरे के बाद टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद अब बैलेन्स भी नहीं मिला। इसके अलावा इस सूची में झाय रिचर्डसन, लांस मॉरिस और मैट शॉर्ट भी शामिल हैं। इंजरी और फॉर्म बनने का कारणजे रिचर्डसन का प्रदर्शन दिलचस्प रहा, क्योंकि उन्होंने कंधे की सर्जरी के बाद वापसी करते हुए इंग्लैंड के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट खेला था। वहीं लांस मॉरिस लंबे समय से पीरिन की चोट से बच रहे हैं। सेलेक्शन पुर्तगाल ने साफ संकेत दिया है कि फिटनेस और कंटीन्यूअस प्रदर्शन ही जगह का आधार होगा। चयनकर्ता जॉर्ज बेली का बयानमुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा कि टीम के आगामी चयन में इंटरनैशनल प्लानिंग पर ध्यान दिया गया है। अगले 12 महीनों में दक्षिण अफ्रीका, भारत और इंग्लैंड के खिलाफ अलग-अलग रेनॉल्ड्स सीरीज में शामिल हैं, जिनके लिए टीम और बहुराष्ट्रीय टीम की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि क्लैंच में खिलाड़ियों के अलावा अन्य खिलाड़ियों को भी शामिल किया जाएगा। टेस्ट क्रिकेट पर फोकस, कमाए गए तरंगइस बार कुल 24 में से सिर्फ 21 खिलाड़ियों को चित्रित किया गया है, जो पिछले साल 23 से कम है। इसका मतलब है कि बोर्ड टेस्ट क्रिकेट पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहता है और खिलाड़ियों को क्रिकेट से दूर रखने की चुनौती भी सामने है। सेंट्रल ग्रैंडस्लैम 2026-27 में शामिल खिलाड़ीइस लिस्ट में पैट कमिंस, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क, मार्नस लाबुशेन, नाथन लियोन, मिचेल मार्श, एडम जाम्पा समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

IPL 2026: श्रेयस अय्यर की इंजरी पर बड़ा अपडेट, खुद बताई हालत

नई दिल्ली आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने शानदार जीत के साथ अपने अभियान की शुरुआत की, लेकिन इस जीत के बीच टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर की चोट ने फैंस की चिंता जरूर बढ़ा दी। गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में बल्लेबाजी के दौरान अय्यर चोटिल हो गए थे, हालांकि मैच के बाद उन्होंने खुद अपनी फिटनेस को लेकर राहत भरी खबर दी। उनके बयान से साफ हो गया है कि यह चोट ज्यादा गंभीर नहीं है और वह जल्द ही पूरी तरह फिट नजर आ सकते हैं। मैदान पर कैसे लगी चोट, पल भर में बढ़ी चिंतापंजाब की पारी के दौरान अय्यर नॉन-स्ट्राइकर एंड पर मौजूद थे, तभी युवा बल्लेबाज कूपर कोनोली के एक जोरदार शॉट की गेंद सीधे उनके हाथ पर जा लगी। गेंद की रफ्तार इतनी तेज थी कि अय्यर दर्द से कराहते हुए क्रीज पर ही गिर पड़े। कुछ देर के लिए मैदान पर सन्नाटा छा गया और तुरंत मेडिकल टीम को बुलाना पड़ा। प्राथमिक उपचार के बाद अय्यर ने हिम्मत दिखाई फिर से बल्लेबाजी जारी रखी, लेकिन चोट के असर के चलते ज्यादा देर टिक नहीं सके और जल्द ही बाहर हो गए। अय्यर का बयान: ‘सब ठीक है, ज्यादा चिंता की बात नहीं’मैच खत्म होने के बाद अय्यर ने अपनी इंजरी पर खुद अपडेट देते हुए कहा, “मैं बस इतना कह सकता हूं कि यह अच्छा है और पहले जैसा ही है। मैं इसे जटिल नहीं बनाना चाहता। मैं पॉजिटिव रहना चाहता हूं और उम्मीद है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा।” उनके इस बयान ने साफ कर दिया कि चोट गंभीर नहीं है और वह टीम के अगले मुकाबलों में खेलने के लिए तैयार रहेंगे। छोटी लेकिन असरदार पारी, आक्रामक अंदाज दिखाएंचोटिल होने के बावजूद अय्यर ने अपनी पारी में आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 11 गेंदों पर 18 रन बनाए, जिसमें लगातार दो मौके शामिल थे। यह पारी भले ही छोटी रही, लेकिन उनका आत्मविश्वास और टीम के प्रति बढ़कर है। कोनोली का जलवा, पंजाब की जीत के हीरो बने युवा बल्लेबाजइस मुकाबले में जीत के असली हीरो रहे कूपर कोनोली, जिन्होंने 44 गेंद पर नाबाद 72 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई। उनकी पारी में 5 चौके और 5 विकेट शामिल थे। इसके अलावा प्रभसिमरन सिंह ने भी 37 रन की अहम पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। गुजरात की पारी और पंजाब की गेंदबाजीइससे पहले गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 162 रन बनाए। कप्तान शुभमन गिल ने 39 और जोस बटलर ने 38 रन की पारी खेली। वहीं ग्लेन फिलिप्स ने 25 रन जोड़े। पंजाब की ओर से विजय कुमार वैशाख ने 3 विकेट, युजवेंद्र चहल ने 2 और मार्को जानसेन ने 1 विकेट लिया। रोमांचक जीत के साथ मजबूत शुरुआतलक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब किंग्स ने 19.1 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 165 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। गुजरात के लिए प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लिए, जबकि कगिसो रबाडा, राशिद खान और वाशिंगटन सुंदर को 1-1 सफलता मिली।

मोबाइल सिम की तरह पोर्ट होगा बैंक अकाउंट, RBI ला रहा नया ‘पेमेंट्स स्विचिंग सिस्टम’

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपने पेमेंट्स विजन 2028 प्रोजेक्ट के तहत बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत अब ग्राहक अपने बैंक अकाउंट को मोबाइल सिम की तरह ही एक बैंक से दूसरे बैंक में पोर्ट करा सकेंगे। RBI इस बदलाव के लिए एक केंद्रीय प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है, जिससे खातों से जुड़े सभी ऑटो-पेमेंट और बिल सेटिंग्स आसानी से नए बैंक में ट्रांसफर हो जाएंगी। साथ ही, विदेशी लेन-देन तेज और सस्ता होगा। ग्राहकों की परेशानी होगी कम वर्तमान में ग्राहक किसी भी बैंक में खाता आसानी से खोल सकते हैं, लेकिन सेविंग अकाउंट को एक बैंक से दूसरे बैंक में शिफ्ट करना चुनौतीपूर्ण है। इसका कारण यह है कि खाते से कई तरह के स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन जुड़े होते हैं, जैसे बिल पेमेंट, EMI या सैलरी के लिए ऑटो-पेमेंट। इस समस्या का समाधान करने के लिए RBI पेमेंट्स स्विचिंग सर्विस पर काम कर रहा है। कैसा होगा नया प्लेटफॉर्म यह नया प्लेटफॉर्म सभी पेमेंट डिटेल्स एक ही जगह दिखाएगा। ग्राहक अपने सभी आने-जाने वाले पेमेंट को आसानी से देख सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उन्हें दूसरे बैंक में ट्रांसफर कर सकेंगे। इससे किसी एक बैंक पर निर्भरता कम होगी और अकाउंट पूरी तरह पोर्टेबल बन जाएगा। विदेशी लेन-देन में सुधार इस सिस्टम का एक अन्य उद्देश्य विदेशी लेन-देन को तेज, सस्ता और आसान बनाना है। RBI पूरे प्लेटफॉर्म की दोबारा जांच करके नियमों, तकनीक और कामकाज में संभावित अड़चनों को पहचानने की योजना बना रहा है। इसे G20 द्वारा तय किए गए वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।प्रस्ताव का मकसदइस बदलाव का मुख्य मकसद नई कंपनियों के लिए रास्ता आसान करना, नवाचार को बढ़ावा देना और विदेशों में पैसे भेजने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। भारत पहले ही कई देशों के साथ अपने फास्ट पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए समझौते कर चुका है, जिससे डिजिटल करेंसी और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को बढ़ावा मिल सके।

IPL 2026: कूपर कोनोली के शॉट्स पर फिदा हुए श्रेयस अय्यर, जमकर की तारीफ

नई दिल्ली आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबलों का सिलसिला जारी है और मंगलवार को खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात टाइटंस को 3 विकेट से हराकर सीजन की दमदार शुरुआत की। महाराजा यदविंदर सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में जीत के हीरो बने युवा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज कूपर कोनोली, जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही मैच विनिंग पारी खेलकर सभी का दिल जीत लिया। पंजाब के कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी अपनी जोरदार बल्लेबाजी की और उनकी शॉट्स को ‘अविश्वसनीय’ बताया। कोनोली की बल्लेबाजी ने बदला मैच का रुखलक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब की शुरुआत कुछ खास नहीं रही, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे कोनोली ने परिस्थितियों को भांपते हुए संयम और ऊंचाइयों का बेहतरीन मिश्रण पेश किया। उन्होंने 44 गेंद पर नाबाद 72 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 5 शानदार कारनामे शामिल थे। अफसरों पर राशिद खान की गेंद पर लगाया गया उनका बैकफुट छक्का दर्शकों के लिए रोमांच का केंद्र बन गया। कोनोली अंत तक क्रीज पर टिके रहे और टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाएगा। अय्यर ने की जोरदार टक्कर, बताया ‘मैच अवेयर खिलाड़ी’मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा कि कोनोली की बल्लेबाजी देखने लायक थी। उन्होंने कहा, “उसने जो शॉट खेले, वे सच में कमाल के थे। खासकर राशिद खान की गेंद पर बैकफुट से छक्का लगाना उसकी क्लास को दिखाता है।” अय्यर ने आगे कहा कि कोनोली में सबसे अच्छा गेम अवेयरनेस है और उन्होंने पहले भी उसे ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलते देखा है। उनकी गिनती है कि यह युवा खिलाड़ी आगे भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। गुजरात की पारी: गिल और बटलर ने संभाली कमानइससे पहले टॉस पहले गेंदबाजी करने उतरी पंजाब की टीम ने गुजरात टाइटंस को 20 ओवर में 6 विकेट पर 162 रन पर रोक दिया। गुजरात की ओर से कप्तान शुभमन गिल ने 27 गेंद पर 39 रन बनाए, जबकि जोस बटलर ने 33 गेंद पर 38 रन की पारी खेली। इसके अलावा ग्लेन फिलिप्स ने 25 रन बनाकर टीम को स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया। पंजाब के गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शनपंजाब की ओर से गेंदबाजी में विजय कुमार वैशाख ने 3 विकेट लेकर मैच का रुख पलटने में अहम भूमिका निभाई। वहीं युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट झटके, जबकि मार्को जानसेन को 1 सफलता मिली। इन गेंदबाजों की सही हुई गेंदबाजी ने गुजरात को बड़े स्कोर से दूर रखा। अंतिम ओवरों में रोमांच, पंजाब ने मारी बाजीलक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 19.1 ओवर में 7 विकेट खोकर 165 रन बनाते हुए मैच अपने नाम किया। हालांकि बीच में टीम ने कुछ जल्दी विकेट गंवाए, लेकिन कोनोली की सूझबूझ भरी बल्लेबाजी ने टीम को संभाला रखा। गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लिए, जबकि कगिसो रबाडा, वाशिंगटन सुंदर और राशिद खान को एक-एक सफलता मिली। प्लेयर ऑफ द मैच बने कोनोलीअपने शानदार प्रदर्शन के लिए कोनोली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनका कॉन्फिडेंस, शॉट सिलेक्शन और प्रेशर में खेलने की कैपेसिटी इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही।