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बोस्निया से हारकर इटली विश्व कप 2026 से बाहर, लगातार तीसरी बार चूकी

नई दिल्ली। चार बार की चैंपियन इटली की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए बड़ा झटका सामने आया है। FIFA World Cup 2026 के प्लेऑफ़ फ़ाइट में बोस्निया और हर्ज़ेगोविना की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम से हारकर इटली लगातार तीसरी बार विश्व कप में जगह बनाने से चूक गई। यह हार इटली फ़ुटबॉल इतिहास के लिए बेहद निराशाजनक मानी जा रही है। पेनल्टी शूटआउट में टूटा सपनाजेनिका में खेले गए इस रोमांचक फ़ाइट में दोनों टीमें तय समय और अतिरिक्त समय के बाद 1-1 की बराबरी पर रहीं। इसके बाद मैच का फ़ैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहाँ बोस्निया ने 4-1 से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। इस जीत के साथ बोस्निया ने 2014 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में अपनी जगह बनाई। रेड कार्ड ने बदला मैच का रुख़मैच की शुरुआत में इटली ने बढ़त बना ली थी। मोइस कीन ने 15वें मिनट में गोल कर टीम को आगे कर दिया। लेकिन हाफ़टाइम से पहले एलेसेंड्रो बस्तोनी को रेड कार्ड मिलने के बाद इटली 10 खिलाड़ियों तक सिमट गई। दब से मैच का रुख पलट गया। बोस्निया की शानदार वापसीसंख्यात्मक बढ़त का फायदा उठाते हुए बोस्निया ने लगातार दबाव बनाया और 79वें मिनट में हारिस तबाकोविक ने गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद अतिरिक्त समय में भी कोई गोल नहीं हुआ और मुकाबला शूटआउट में पहुंच गया। शूटआउट में इटली की नाकामीपेनल्टी शूटआउट में इटली पूरी तरह दबाव में नजर आई। सिर्फ सैंड्रो टोनाली ही गोल कर सके, जबकि बाकी खिलाड़ी चूक गए। दूसरी ओर बोस्निया ने अपने सभी चार शॉट गोल में बदले और एस्मिर बजरकतारेविक ने दावेदार किक लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोच और खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाइटली के हेड कोच गेनारो गट्टूसो ने हार के बाद माफी मांगते हुए कहा कि टीम उम्मीदों पर खरी नहीं उतर। वहीं डिफेंडर लियोनार्डो स्पिनाज़ोला ने इसे बेहद दर्दनाक हार बताया। यूरोप से बाकी टीमों ने किया क्वालिफिकेशनइसी प्लेऑफ में चेक रिपब्लिक नेशनल फुटबॉल टीम, स्वीडन नेशनल फुटबॉल टीम और टर्की नेशनल फुटबॉल टीम ने भी वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्वालिफिकेशन दर्ज कर जीत दर्ज की। अब यूरोप की सभी 16 टीमें तय हो चुकी हैं। कब और कहां होगा वर्ल्ड कपFIFA वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई 2026 के बीच यूनाइटेड स्टेट्स, कनाडा और मैक्सिको में होगा, जिसमें कुल 48 टीमें हिस्सा लेंगी।

IPL रिकॉर्ड: एक टीम के साथ सबसे लंबा सफर तय करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2008 से शुरू होकर आज दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग बन गई है। इस लीग में कई खिलाड़ी अलग-अलग टीमों की प्रतियोगिताओं में नजर आए, लेकिन कुछ ऐसे दिग्गज भी हैं जो अपने करियर का बड़ा हिस्सा सिर्फ एक ही फ्रेंचाइजी के साथ हैं। आइए जानते हैं ऐसे 5 खिलाड़ियों के बारे में जिनमें एक ही टीम के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने की चाहत है। 1. विराट कोहली (आरसीबी)इस लिस्ट में विराट कोहली नंबर-1 पर हैं। वह 2008 से ही रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) का हिस्सा हैं और टीम के सबसे पसंदीदा खिलाड़ी हैं। आईपीएल 2026 तक कोहली आरसीबी के लिए 268 मैच खेल चुके हैं, जो किसी भी खिलाड़ी द्वारा एक टीम के लिए सबसे ज्यादा हैं। 2. एमएस धोनी (क्रिकेटर)महेंद्र सिंह धोनी ने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ मिलकर एक अलग ही पहचान बनाई है। 2016-17 में टीम के बैन के दौरान वह राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए खेले, लेकिन बाकी सभी सीज़न में सीएसके के साथ रहे। आईपीएल 2025 तक धोनी सीएसके के लिए 248 मैच खेले हैं। 3. रोहित शर्मा (मुंबई इंडियंस)रोहित शर्मा ने 2011 से मुंबई इंडियंस का प्रतिनिधित्व किया है। वह अपनी टीम को कई बार चैंपियन बना चुके हैं और अब तक 228 मैचों में एक ही टीम के लिए खेल चुके हैं, जिससे वह इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। 4. सुनील नरेन (केकेआर)वेस्टइंडीज के स्टार स्पिनर सुनील नरेन 2012 से कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपनी दमदार गेंदबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन से टीम को कई मैच जिताए हैं। नरेन अब तक केकेआर के लिए 190 मैच खेल चुके हैं। 5. कीरोन पोलार्ड (मुंबई इंडियंस)किरण पोलार्ड 2010 से 2022 तक मुंबई इंडियंस के अहम खिलाड़ी रहे। उन्होंने 189 मैच खेले और टीम को कई यादगार जीत दिलाईं। अब वह टीम के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा हैं। इनप्लेस को क्या खास बनाता है?इन प्लेयर्स की सबसे बड़ी खासियत उनकी लॉयल्टी (निष्ठा) और कंसिस्टेंसी (लगातार परफॉर्मेंस) है। आईपीएल जैसी बड़ी लीग में लंबे समय तक किसी एक टीम के लिए खेलना आसान नहीं होता, लेकिन इन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन और टीम के प्रदर्शन से अलग पहचान बनाई।

अमेरिका का चंद्र मिशन: 54 साल बाद चांद के करीब जाएंगे अंतरिक्ष यात्री, जानें पूरी तैयारी और उद्देश्य

नई दिल्ली। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अगले कुछ वर्षों में चांद पर स्थायी बेस बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसी कड़ी में हाल ही में एजेंसी ने अगले दशक के चांद से जुड़े मिशनों का रोडमैप जारी किया। आर्टेमिस-2 मिशन इस योजना का हिस्सा है और इसे अप्रैल 2026 में लॉन्च किया जाएगा। इस मिशन के साथ लगभग 54 साल बाद अमेरिका एक बार फिर मानव को चांद के करीब भेजने जा रहा है। आर्टेमिस-2 मिशन क्या है?आर्टेमिस-2 नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम की दूसरी उड़ान है और यह लगभग 10 दिन का मानव मिशन होगा। इसके लिए स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट और ओरायन अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल किया जाएगा। आर्टेमिस-1 मिशन 2022 में मानव रहित था, जो चांद के करीब स्थितियों का परीक्षण करने के लिए था। आर्टेमिस-2 में चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा का चक्कर लगाएंगे और यह उड़ान फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर होगी। इसका मतलब है कि चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण की मदद से यान स्वाभाविक रूप से पृथ्वी की ओर लौट आएगा। इस मिशन के दौरान चालक दल चंद्रमा के उस दूरस्थ हिस्से से गुजरेगा जो पृथ्वी से दिखाई नहीं देता और संभव है कि नए दूरी के रिकॉर्ड भी बनेंगे। कौन हैं अंतरिक्ष यात्री? नासा ने 3 अप्रैल 2023 को आर्टेमिस-2 के चार अंतरिक्ष यात्रियों का एलान किया था। इनमें कमांडर रीड वाइसमैन होंगे, जो नासा के अंतरिक्ष यात्री और अमेरिकी नौसेना के एविएटर तथा टेस्ट पायलट हैं। पायलट की भूमिका विक्टर ग्लोवर निभाएंगे, जो चंद्रमा का चक्कर लगाने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। मिशन विशेषज्ञ के रूप में क्रिस्टीना कॉश शामिल हैं, जो सबसे लंबी महिला एकल अंतरिक्ष उड़ान का रिकॉर्ड रखती हैं और पहली महिला स्पेस वॉक में भी शामिल रही हैं। चौथे सदस्य जेरेमी हैनसेन कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी का प्रतिनिधित्व करेंगे और यह उनकी पहली अंतरिक्ष उड़ान होगी। इस मिशन में पहली बार कोई महिला, कोई अश्वेत और कोई कनाडाई नागरिक पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर जाएंगे। लॉन्चिंग में देरी और तैयारी मूल रूप से फरवरी 2026 में लॉन्चिंग की योजना थी, लेकिन रॉकेट परीक्षणों में समस्याओं के कारण इसे कई बार टालना पड़ा। अब नासा 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है, जो भारतीय समयानुसार 2 अप्रैल की सुबह होगा। यदि मौसम या तकनीकी कारण से लॉन्च संभव नहीं होता है, तो बैकअप तारीखें 3 से 6 अप्रैल और 30 अप्रैल रखी गई हैं। मिशन की रूपरेखाआर्टेमिस-2 मिशन के दौरान यान पहले पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित होगा और यहां जीवन रक्षक प्रणालियों और अन्य तकनीकी उपकरणों की जांच की जाएगी। लगभग 26 घंटे बाद यान को बड़े इंजन बर्न के जरिए चंद्रमा की दिशा में भेजा जाएगा। इस यात्रा में चार दिन का समय लगेगा। यान चंद्रमा की सतह से लगभग 8,889 किमी ऊपर से गुजरेगा, जहां अंतरिक्ष यात्री लगभग तीन घंटे तक भूवैज्ञानिक और वैज्ञानिक अध्ययन करेंगे, तस्वीरें लेंगे और अंतरिक्ष के मौसम, सौर ज्वालाओं और विकिरण की निगरानी करेंगे। यह उड़ान फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर आधारित होगी, जिससे यान स्वाभाविक रूप से पृथ्वी की ओर लौट आएगा। अंत में प्रशांत महासागर में ओरायन कैप्सूल सुरक्षित रूप से उतर जाएगा। मिशन के लक्ष्य आर्टेमिस-2 के प्रमुख लक्ष्य में चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना, ओरायन यान और SLS रॉकेट के प्रदर्शन का परीक्षण करना, भविष्य के चंद्र और मंगल अभियानों की तैयारी करना और चंद्रमा की भूवैज्ञानिक संरचनाओं का अध्ययन करना शामिल है। इसके अलावा गहरे अंतरिक्ष के विकिरण और सौर ज्वालाओं के प्रभावों का भी अध्ययन किया जाएगा। इस मिशन की सफलता के बाद नासा चंद्रमा पर स्थायी मानव बेस स्थापित करने और भविष्य में इसे अंतरिक्ष स्टेशन की तरह निरंतर संचालन योग्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। क्यों नहीं उतरेगा आर्टेमिस-2 चांद पर?हालांकि आर्टेमिस-2 मानव मिशन है, फिर भी यह चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा। इसका कारण यह है कि ओरायन यान लूनर लैंडर नहीं है और चांद पर उतरने की क्षमता नहीं रखता। चांद पर इंसानों की लैंडिंग आर्टेमिस-3 मिशन में होगी, जिसमें स्टारशिप एचएलएस लूनर लैंडर का इस्तेमाल किया जाएगा। आर्टेमिस-2 का उद्देश्य चंद्रमा के करीब मानव उड़ान और ओरायन यान की प्रणालियों का परीक्षण करना है, ताकि भविष्य में चांद पर स्थायी मानव मिशन और मंगल अभियान के लिए तैयारियां पूरी की जा सकें।

अमेलिया केर के शतक से न्यूजीलैंड का इतिहास, वनडे में सबसे बड़ा लक्ष्य किया हासिल

नई दिल्ली। महिला वनडे क्रिकेट में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो पहले कभी नहीं हुआ था। कप्तान अमेलिया केर की धमाकेदार नाबाद पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने 347 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए इतिहास रच दिया और सबसे बड़े रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने भारत महिला क्रिकेट टीम का पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। दक्षिण अफ्रीका ने पहाड़ जैसा लक्ष्य रखा था वेलिंगटन में खेले गए इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका महिला क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 346 रन बनाए। कप्तान लॉरा वोल्वार्ड्ट ने 69 रन, एनेके बॉश ने 91 रन और क्लो ट्रायोन ने 25 गेंदों में 52 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। अमेलिया केर की ऐतिहासिक पारी इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए अमेलिया केर ने कप्तानी पारी खेली। नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरी केर ने 139 गेंद पर 179* रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। यह पारी न सिर्फ मैच जिताऊ रही, बल्कि महिला क्रिकेट के इतिहास में यादगार बन गई। टीमों ने बदला मैच केर को इज़ी गेज़ का शानदार साथ मिला, जिसने 48 गेंद में 68 रन बनाए। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 120 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख न्यूजीलैंड की ओर मोड़ दिया। आखिरी ओवरों में भी केर ने जिम्मेदारी संभाले रखी और छोटे-छोटे लेकिन अहम योगदान के साथ टीम को जीत दिलाई। आखिरी ओवरों में बना रोमांच एक समय न्यूजीलैंड को 72 गेंद में 97 रन चाहिए थे और 5 विकेट बचे थे, जिससे मैच फिसलता हुआ नजर आ रहा था। लेकिन केर ने धैर्य और रनों का बेहतरीन बैलेंस दिखाया और टीम को 49.4 ओवर में 350/8 तक पहुंचाकर 2 विकेट से ऐतिहासिक जीत दिलाई। भारत का रिकॉर्ड तोड़ इससे पहले महिला वनडे में सबसे बड़ा रन बनाने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नाम था, जिसने 2025 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में 339 रन का लक्ष्य हासिल किया था। अब न्यूजीलैंड ने इसे पीछे छोड़कर नया इतिहास बना दिया।

IPL 2026: श्रेयस अय्यर पर लगा 12 लाख का जुर्माना, पंजाब किंग्स को झटका

नई दिल्ली आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स ने भले ही शानदार जीत दर्ज की हो, लेकिन टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर को बड़ा झटका लगा है। गुजरात के कलेक्टोरेट के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में 12 लाख रुपये की कटौती का अनुमान लगाया गया है। यह कार्रवाई ओवर रेटिंग के कारण की गई है, जिसे आईपीएल के प्रदर्शन का उल्लंघन माना जाता है। पूरा मामला क्या है?आईपीएल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, इस सीजन में पंजाब किंग्स का पहला ओवर-रेट उल्लंघन था। इंडियन प्रीमियर लीग के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 के तहत कैप्टन पर 12 लाख रुपये की कटौती की गई है। अगर यह ग़लती से दोगुना हो जाता है, तो आगे और कड़ी सज़ा भी मिल सकती है। मैच के दौरान लगी चोट ने चिंता जताईइस कॉलेज में श्रेयस अय्यर को चोट का भी सामना करना पड़ा। स्ट्राइकर-स्ट्राइकर और शेयरहोल्डर अयर्ड नॉन के हाथ पर कूपर कोनोली का तेज शॉट लगाया गया, जिससे वह कुछ समय के लिए मैदान पर ही लेट गए। हालांकि मेडिकल टीम की मदद के बाद उन्होंने नाटकीय रिलीज जारी की, लेकिन ज्यादा देर टिक नहीं सके। पंजाब की शानदार जीतमैच की बात करें तो पंजाब किंग्स ने सबसे पहले गुजरात टाइटंस को 162/6 पर रोका। गुजरात की ओर से शुबमन गिल (39) और जोस बटलर (38) ने अच्छी पारियां खेलीं। पंजाब की ओर से विजयकुमार वैश्य ने 3 विकेट, युजवेंद्र चहल ने 2 विकेट और मार्को जानसन ने 1 विकेट लिया। कोनोली बने जीत के हीरोलक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब ने 19.1 ओवर में 165/7 रन बनाकर 3 विकेट से जीत हासिल की। इस जीत के हीरो रहे कूपर कोनोली, मैच 72 रन की शानदार पारी और प्लेयर ऑफ द मैच बने। गुजरात के गणतंत्र की कोशिश नाकाम गुजरात की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने 3 विकेट लेकर मैच को झटका दिया, लेकिन टीम जीत से दूर रह गई। आगे की चेतावनीयह अपूरणीय श्रेयस अय्यर और उनकी टीम के लिए चेतावनी है। अगर आगे भी ओवर-रेट की समस्या जारी हो रही है, तो टीम और कप्तान को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

देवेंद्र फडणवीस और रवि शास्त्री की मुलाकात, पूर्व क्रिकेटर ने भेंट की किताब

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने रविवार को मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री से मुलाकात की। इस मुलाकात की जानकारी खुद सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की, जहां उन्होंने इस खास मुलाकात को सुखद अनुभव के बारे में बताया। किताब बिश्ते की खास यादइस मुलाक़ात को और ख़ास बातें बताई गईं रवि शास्त्री ने मुख्यमंत्री को एक किताब के बारे में बताया। यह किताब “इंडियाज़ 71-ईयर टेस्ट: द जर्नी टू ट्राइंफ इन ऑस्ट्रेलिया” है, जिसे आर कौशिक ने लिखा है। इस पुस्तक में भारतीय टेस्ट क्रिकेट के लंबे सफर और विशेष रूप से ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक जीत की कहानी का विस्तार बताया गया है। इस उपहार के लिए ईसाई ने भी खरीदा सामान। सोशल मीडिया पर शेयर की तस्वीरदेवेन्द्र फड़णवीस ने अपने पोस्ट में लिखा कि अनुभवी खिलाड़ियों और पूर्व कोच से मिलकर उन्हें बेहद खुशी हुई। साथ ही उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें भी शेयर कीं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। शानदार क्रिकेट के धनी हैं शास्त्रीरवि शास्त्री भारतीय क्रिकेट के दिग्गज रत्नों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1981 से 1992 के बीच भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 लाॅरी कंपनी खेली। टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3,830 रन और 151 विकेट दर्ज हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 3,108 रन और 129 विकेट दर्ज हैं। वह 1983 की विश्व कप टीम के विजेताओं का भी हिस्सा हैं। कोचिंग और कमेंट्री में भी दमदार पहचानसंत के बाद शास्त्री ने कमेंट्री की दुनिया में कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने 2017 से 2021 तक भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में भी शानदार काम किया। उनकी टीम इंडिया ने टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष स्थान हासिल किया और ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज की। खेल और राजनीति का संगमयह मुलाकात खेल और राजनीति के बीच एक सकारात्मक संवाद का उदाहरण बन रही है। जहां एक ओर देवेन्द्र फड़णवीस राज्य का नेतृत्व कर रहे हैं, वहीं रवि शास्त्री खेल जगत की बड़ी हस्तियां हैं। दोनों की यह मुलाकात चर्चा का विषय बनी हुई है।

IPL 2026: ऋषभ पंत की बैटिंग पोजीशन पर सस्पेंस खत्म, कोच जस्टिन लैंगर ने दिया जवाब

नई दिल्ली। IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि कप्तान ऋषभ पंत किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। लेकिन इस सवाल का जवाब अगर किसी के पास नहीं है। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा कि वह पंत की बैटिंग पोजीशन का खुलासा नहीं करेंगे। रणनीति के तहत छिपाया गया प्लानलैंगर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह अभी पंत का बैटिंग ऑर्डर बता देंगे, तो डिफेंस टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फैंस को भी बाकी सभी की तरह मैच का इंतजार करना होगा। इससे साफ है कि एलएसजी इस मुकाबले में कोई सरप्राइज प्लान लेकर उतर सकती है। शानदार फॉर्म में हैं पंतलैंगर ने पंत की जमकर बल्लेबाजी करते हुए कहा कि वह बेहतरीन मानसिक और खेल फॉर्म में हैं। उनके अनुसार पंत इस समय आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, आक्रामक हैं और मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतर रहे हैं। कोच ने यह भी कहा कि दबाव पंत के लिए नया नहीं है और वह इससे और मजबूत बनकर उभर रहे हैं। महंगे खिलाड़ी पर बड़ी ज़िम्मेदारीगौरतलब है कि ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, जिन्हें 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। ऐसे में इस सीज़न में उनसे बड़ी पारियों और बेहतर कप्तानी की उम्मीद होगी। पिछले सीज़न में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था—उन्होंने कुल 269 रन बनाए थे और टीम प्लेऑफ़ में भी नहीं पहुँच पाई थी। IPL 2026 पंत के करियर के लिए अहम यह सीज़न पंत के लिए सिर्फ IPL तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के नतीजों से भी बहुत ज़रूरी है। अगर वह भारत की ODI और T20 टीम से बाहर चल रहे हैं, ऐसे में इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है। क्या हो सकती है बैटिंग पोजीशन? हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं है, लेकिन टीम की ज़रूरत के हिसाब से पंत मिडिल ऑर्डर (नंबर 4 या 5) में बल्लेबाज़ करते नज़र आ सकते हैं, जहाँ वह मैच फ़िनिशर की भूमिका निभा सकें। ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ऊपर भी भेजा जा सकता है। सार: नई दिल्ली। IPL 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाले मुकाबले से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि कप्तान ऋषभ पंत किस नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे। लेकिन इस सवाल का जवाब अगर किसी के पास नहीं है। टीम के हेड कोच जस्टिन लैंगर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा कि वह पंत की बैटिंग पोजीशन का खुलासा नहीं करेंगे। रणनीति के तहत छिपाया गया प्लानलैंगर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह अभी पंत का बैटिंग ऑर्डर बता देंगे, तो डिफेंस टीम को रणनीति बनाने में आसानी हो जाएगी। उन्होंने कहा कि फैंस को भी बाकी सभी की तरह मैच का इंतजार करना होगा। इससे साफ है कि एलएसजी इस मुकाबले में कोई सरप्राइज प्लान लेकर उतर सकती है। शानदार फॉर्म में हैं पंतलैंगर ने पंत की जमकर बल्लेबाजी करते हुए कहा कि वह बेहतरीन मानसिक और खेल फॉर्म में हैं। उनके अनुसार पंत इस समय आत्मविश्वास से भरे हुए हैं, आक्रामक हैं और मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ उतर रहे हैं। कोच ने यह भी कहा कि दबाव पंत के लिए नया नहीं है और वह इससे और मजबूत बनकर उभर रहे हैं। महंगे खिलाड़ी पर बड़ी ज़िम्मेदारीगौरतलब है कि ऋषभ पंत IPL इतिहास के सबसे महंगे खिलाड़ी हैं, जिन्हें 2025 की नीलामी में 27 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। ऐसे में इस सीज़न में उनसे बड़ी पारियों और बेहतर कप्तानी की उम्मीद होगी। पिछले सीज़न में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था—उन्होंने कुल 269 रन बनाए थे और टीम प्लेऑफ़ में भी नहीं पहुँच पाई थी। IPL 2026 पंत के करियर के लिए अहमयह सीज़न पंत के लिए सिर्फ IPL तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के नतीजों से भी बहुत ज़रूरी है। अगर वह भारत की ODI और T20 टीम से बाहर चल रहे हैं, ऐसे में इस टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन उनके भविष्य की दिशा तय कर सकता है। क्या हो सकती है बैटिंग पोजीशन?हालांकि आधिकारिक तौर पर कुछ तय नहीं है, लेकिन टीम की ज़रूरत के हिसाब से पंत मिडिल ऑर्डर (नंबर 4 या 5) में बल्लेबाज़ करते नज़र आ सकते हैं, जहाँ वह मैच फ़िनिशर की भूमिका निभा सकें। ज़रूरत पड़ने पर उन्हें ऊपर भी भेजा जा सकता है।

MP में गेहूं खरीदी फिर टली: बारदाने की कमी से 10 अप्रैल तक बढ़ी तारीख, किसानों की बढ़ी चिंता

भोपाल। मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी एक बार फिर टाल दी गई है, जिससे किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। पहले 16 मार्च से शुरू होने वाली खरीदी को 1 अप्रैल तक बढ़ाया गया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर 10 अप्रैल कर दिया गया है। इस देरी के पीछे सबसे बड़ी वजह बारदाने (पीपी और एचडीपीपी बैग) की भारी कमी बताई जा रही है। ये बैग पेट्रोलियम उत्पादों से तैयार होते हैं और गेहूं के भंडारण के लिए बेहद जरूरी होते हैं। जानकारी के अनुसार, ईरान में चल रहे संघर्ष के कारण पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे इन बैग्स का उत्पादन और आपूर्ति बाधित हो गई है। इसका सीधा असर गेहूं खरीदी प्रक्रिया पर पड़ा है। सीहोर जिले के किसान, जो अपने शरबती गेहूं के लिए प्रसिद्ध हैं, इस स्थिति से सबसे अधिक प्रभावित हैं। रफीकगंज के किसान अवध नारायण का कहना है कि उन्होंने 20 एकड़ में गेहूं की खेती की है। पिछले साल इस समय तक खरीदी और भुगतान दोनों हो चुके थे, लेकिन इस बार फसल कटने के बाद भी खेतों में पड़ी है, जिससे भंडारण की समस्या बढ़ रही है। वहीं किसान नरेश परमार बताते हैं कि फसल कटे करीब एक महीना हो चुका है, लेकिन खरीदी में देरी के कारण उन्हें रोज खेतों की निगरानी करनी पड़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गेहूं खरीदी के लिए करीब 15.60 करोड़ बारदानों की जरूरत है, जबकि अभी केवल 5.50 करोड़ बारदाने ही उपलब्ध हैं। यानी लगभग 10 करोड़ से ज्यादा की कमी बनी हुई है। वेयरहाउस संचालकों के अनुसार, इस बार जूट और पीपी दोनों तरह के बैग समय पर नहीं मिल पाए, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है। हालांकि सरकार ने बारदाने की आपूर्ति के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं और जल्द स्थिति सामान्य होने का भरोसा दिलाया है। दूसरी ओर, विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए तैयारी में लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने सवाल उठाया कि जब हर साल मार्च में खरीदी होती है, तो पहले से पर्याप्त तैयारी क्यों नहीं की गई। इस पूरी स्थिति का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है, जिन्होंने कर्ज लेकर फसल तैयार की है और अब बिक्री में देरी के चलते आर्थिक दबाव झेल रहे हैं।

कल मनाई जाएगी हनुमान जयंती, जानें पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। हनुमान जयंती का पावन पर्व हर वर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। हालांकि देश के कुछ क्षेत्रों में कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भी हनुमान जयंती मनाने की परंपरा है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर चैत्र पूर्णिमा को ही यह पर्व मनाया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान हनुमान को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है। उन्होंने वानर रूप में जन्म लेकर अपना संपूर्ण जीवन भगवान श्रीराम की सेवा में समर्पित किया, इसलिए उन्हें राम भक्तों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इस वर्ष हनुमान जयंती 2 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। तिथि का समय पंचांग के अनुसार, चैत्र पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 2 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। पूजन के शुभ मुहूर्त हनुमान जयंती पर इस बार पूजा के लिए दो विशेष मुहूर्त मिल रहे हैं। पहला मुहूर्त सुबह 6:10 बजे से 7:44 बजे तक रहेगा, जबकि दूसरा मुहूर्त शाम 6:39 बजे से रात 8:06 बजे तक है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:50 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शुभ योग का संयोग इस बार हनुमान जयंती पर ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बन रहा है। ध्रुव योग सूर्योदय से दोपहर 2:20 बजे तक रहेगा, इसके बाद व्याघात योग प्रारंभ होगा। वहीं हस्त नक्षत्र शाम 5:38 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र शुरू हो जाएगा। पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन प्रातः स्नान के बाद घर के मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर उन्हें विराजमान करें और गंगाजल से स्नान कराकर तिलक व अक्षत अर्पित करें। हनुमान जी को सिंदूर और घी चढ़ाना विशेष फलदायी माना जाता है। इसके साथ लाल फूल, जनेऊ और माला अर्पित करें। भोग में गुड़-चना और मौसमी फल जैसे केला, सेब या अंगूर चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और संभव हो तो सुंदरकांड का पाठ भी करें। अंत में आरती कर प्रसाद वितरित करें।हनुमान जयंती मंत्र हनुमान जयंती के दिन पूजा और मंत्र जाप से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। एक प्रसिद्ध मंत्र है “मनोजवं मारुत तुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।वातात्मजं वानरयूथमुख्यं, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥” इस मंत्र में हनुमान जी के तेज, बल, बुद्धि और श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि कलियुग में भी हनुमान जी का अस्तित्व बना हुआ है और जहां राम कथा होती है, वहां उनकी उपस्थिति अवश्य रहती है।

एमपी में 15 अप्रैल के बाद पड़ेगी तेज गर्मी, शुरुआती दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। जहां अप्रैल की शुरुआत आंधी और बारिश के साथ होगी, वहीं 15 अप्रैल के बाद भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे ज्यादा तापमान बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा इंदौर, भोपाल, उज्जैन और सागर संभाग भी गर्मी की चपेट में रहेंगे। मौसम विभाग ने 1 से 4 अप्रैल तक प्रदेश के करीब आधे हिस्से में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। बुधवार को इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत 29 जिलों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी गई है। अगले 24 घंटों में ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार और बड़वानी जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पिछले दो दिनों से पूरे प्रदेश में मौसम का असर बना हुआ है। 12 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 41 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। मंगलवार को धार जिले के कुक्षी और मनावर में ओले गिरे, वहीं रात के समय भी कई इलाकों में मौसम बदला रहा। हालांकि इन सबके बीच गर्मी का असर भी लगातार बना हुआ है। नर्मदापुरम में तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। खजुराहो में 39.2 डिग्री, रतलाम और नौगांव में 39 डिग्री, दमोह में 39.1 डिग्री और खरगोन, रायसेन व उमरिया में 38 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के प्रमुख शहरों की बात करें तो भोपाल और जबलपुर में 37 डिग्री, इंदौर और ग्वालियर में 36.6 डिग्री तथा उज्जैन में 36 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ सक्रिय हैं। इसके साथ ही 2 अप्रैल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर भी देखने को मिलेगा, जिससे 4 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश होने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ होते ही गर्मी तेजी से बढ़ेगी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेज उछाल आएगा, जबकि महीने के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में तापमान 44 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आमतौर पर अप्रैल में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जो भीषण गर्मी का कारण बनती हैं।