Chambalkichugli.com

मध्‍य प्रदेश के धार भोजशाला विवाद पर 6 अप्रैल से रोजाना होगी हाईकोर्ट में सुनवाई

भोपाल । मध्‍य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला विवाद मामले की उच्च न्यायालय में 6 अप्रैल से रोजाना सुनवाई होगी। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच आगामी सोमवार को दोपहर 2.30 बजे से सभी याचिकाओं को एक साथ सुनवाई करेगी। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान कहा कि पहले याचिकाकर्ताओं के तर्क सुने जाएंगे, उसके बाद आपत्ति जताने वाले पक्ष को दलील रखने का मौका मिलेगा। इस दौरान हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वकील विष्णु शंकर जैन और विनय जोशी मौजूद रहे, जबकि मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। गौरतलब है कि बुधवार को उच्‍चतम न्‍यायालय ने स्पष्ट किया था कि इस विवाद का अंतिम निर्णय अब उच्‍च न्‍यायालय ही करेगी। उच्‍च न्‍यायालय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट, वीडियोग्राफी और पक्षकारों की आपत्तियों पर अंतिम सुनवाई करेगी। एएसआई की सर्वे रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराई जा चुकी है और कई पक्षों ने इस पर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। बता दें कि उच्‍च न्‍यायालय में पहले ही एएसआई सर्वे रिपोर्ट पेश की जा चुकी है। एएसआई की रिपोर्ट में परिसर के ऐतिहासिक स्वरूप, स्थापत्य और शिलालेखों से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। 10वीं से 13वीं शताब्दी के दौरान राजा भोज और राजा अर्जुन वर्मन द्वारा कराए गए निर्माण और सांस्कृतिक कार्यों के प्रमाण मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, परिसर में कुल 106 स्तंभ मिले हैं जिन पर विभिन्न प्रकार की नक्काशी है। इसके अलावा 32 शिलालेख पाए गए हैं। इनमें राजा भोज के समय के शिलालेख और अर्जुन वर्मन के राजगुरु मदन द्वारा रचित ‘पारिजलमंजरी नाटिका’ और ‘विजयश्री’ नाटक के पहले दो अंकों का उल्लेख है। कुछ शिलालेखों में 14वीं शताब्दी में मालवा में मुसलमानों के आगमन और मुस्लिम शासन की स्थापना का जिक्र भी है। 1389 ईस्वी में दिलावर खान (मूल नाम हुसैन) को दिल्ली से मालवा प्रांत का राज्यपाल नियुक्त किया गया था। उन्होंने धार में स्वतंत्रता की घोषणा कर 1401 ईस्वी में शाही उपाधि धारण की। इन ऐतिहासिक और कानूनी तथ्यों को लेकर उच्‍च न्‍यायालय में अब विस्तृत बहस की संभावना है। मुस्लिम पक्ष एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर आपत्तियां रखेगा और सभी याचिकाओं पर एक साथ दलीलें सुनी जाएंगी।

आईपीएल में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले, लेकिन ट्रॉफी से हमेशा दूर रहे ये खिलाड़ी

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है, लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे भी रहे हैं जिन्होंने लाखों फैंस के बीच शानदार प्रदर्शन के बावजूद कभी खिताबी मुकाबला जीतने का सुख नहीं देखा। आइए जानते हैं ऐसे दिग्गज खिलाड़ियों के नाम। 1. एबी डिविलियर्सदक्षिण अफ्रीका के महान बल्लेबाज एबी डिविलियर्स ने आईपीएल में 184 मैच खेले, लेकिन कभी फाइनल जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं बन सके। उन्होंने दिल्ली और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए खेला। 2. संजू सैमसनसंजू सैमसन ने आईपीएल में 178 मैच खेलते हुए भी खिताबी मुकाबला नहीं जीता। वह 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन फाइनल जीत का अनुभव अभी तक नहीं मिला। 3. युजवेंद्र चहलभारत के युजवेंद्र चहल 175 मुकाबलों में फाइनल जीतने में सफल नहीं रहे। आईपीएल 2025 में पंजाब किंग्स के साथ फाइनल तक पहुंचे, लेकिन खिताब जीत नहीं सके। 4. अमित मिश्रातीन हैट्रिक लेने वाले इकलौते गेंदबाज अमित मिश्रा ने 162 मैच खेलते हुए आज तक आईपीएल खिताबी टीम में जगह नहीं बनाई। उन्होंने कई बड़ी टीमों की तरफ से खेला। 5. अक्षर पटेलअक्षर पटेल ने 163 मैच खेलते हुए भी फाइनल जीतने वाली टीम का हिस्सा नहीं बने। आईपीएल 2025 में दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी करते हुए भी खिताबी जीत हाथ नहीं लगी। 6. केएल राहुलटीम इंडिया के बल्लेबाज केएल राहुल ने 146 मैच खेले, लेकिन आईपीएल में एक बार भी चैंपियन टीम का हिस्सा नहीं बने। 7. क्रिस गेलकैरेबियाई दिग्गज क्रिस गेल ने 142 मैच खेलते हुए भी खिताबी टीम का हिस्सा नहीं बन पाए। 8. ग्लेन मैक्सवेलऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ग्लेन मैक्सवेल 141 मैच खेल चुके हैं, लेकिन फाइनल जीतने वाली टीम में शामिल नहीं हुए। 9. संदीप शर्माअपनी लहराती गेंदों के लिए प्रसिद्ध संदीप शर्मा 138 मैच खेलकर भी आईपीएल खिताब जीतने में सफल नहीं हुए। उन्होंने कुल 146 विकेट लिए। 10. ऋषभ पंतभारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने 126 मैच खेलते हुए भी आईपीएल फाइनल नहीं जीता। वह आईपीएल 2025 में लखनऊ सुपर जायंट्स द्वारा 27 करोड़ रुपये में खरीदे गए थे।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल, रीवा में मेगा जल योजना से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर

भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी दिशा में रीवा संभाग में एक महत्वाकांक्षी जल प्रदाय योजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत लगभग 2319.43 करोड़ रुपये की लागत से रीवा समूह जल प्रदाय परियोजना विकसित की जा रही है। इस परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश जल निगम की परियोजना इकाई द्वारा किया जा रहा है, जिसमें अब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। परियोजना के अंतर्गत जल शोधन संयंत्र तक रॉ वाटर सफलतापूर्वक पहुंचा दिया गया है, जिससे अब अगले चरणों में तेजी आने की संभावना है। यह किसी भी जल योजना के लिए एक अहम पड़ाव माना जाता है, क्योंकि इसके बाद पानी के शोधन और वितरण का कार्य तेज गति से किया जा सकता है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके के मार्गदर्शन में इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना के तहत रीवा जिले के 677 गांवों और मऊगंज जिले के 936 गांवों को जोड़ा जा रहा है। इस प्रकार कुल 1613 गांवों को इस परियोजना से लाभ मिलेगा। योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1.29 लाख ग्रामीण परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जल संकट की समस्या का समाधान संभव होगा, जहां लोग अब तक स्वच्छ पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे। इस परियोजना में केवल पानी की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक जल शोधन संयंत्रों और मजबूत वितरण नेटवर्क के माध्यम से घर-घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी जल योजनाएं ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। स्वच्छ पेयजल मिलने से न केवल लोगों की दैनिक जीवनशैली सुधरती है, बल्कि जल जनित बीमारियों में भी कमी आती है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचे और लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना न पड़े। रीवा संभाग की यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में विकास और स्वास्थ्य के नए मानक स्थापित कर सकती है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। यह योजना प्रदेश में जल प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के विकास का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

5 दिग्गज क्रिकेटर्स जिन्होंने कभी आईपीएल में नहीं खेला, लेकिन बने हैं यादगार

नई दिल्ली। आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में खेलना हर क्रिकेटर का सपना होता है। लीग में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की किस्मत रातों-रात चमकती है, लेकिन कुछ ऐसे दिग्गज खिलाड़ी भी रहे, जिन्हें कभी आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला। 1. जेम्स एंडरसनइंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का नाम उन खिलाड़ियों में शामिल है जिन्हें आईपीएल का अवसर नहीं मिला। 42 साल की उम्र में उन्होंने ऑक्शन में हिस्सा लिया, लेकिन किसी टीम ने उन्हें खरीदा नहीं। एंडरसन टेस्ट क्रिकेट में 700 से ज्यादा विकेट लेने वाले एकमात्र तेज गेंदबाज हैं। 2. स्टुअर्ट ब्रॉडइंग्लिश तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड को भी आईपीएल खेलने का मौका नहीं मिला। 2011 में पंजाब किंग्स ने उन्हें खरीदा था, लेकिन चोट के कारण ब्रॉड टूर्नामेंट से बाहर हो गए। इसके बाद उन्होंने आईपीएल से दूरी बना ली और टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता दी। 3. एलिस्टर कुकइंग्लैंड के टेस्ट दिग्गज बल्लेबाज एलिस्टर कुक को टी20 का फॉर्मेट पसंद नहीं आया। कुक इंग्लैंड की ओर से टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं और उन्होंने अपने करियर में 12,472 रन बनाए। आईपीएल में खेलने का अवसर उन्हें कभी नहीं मिला। 4. मुशफिकुर रहीमबांग्लादेश के विकेटकीपर-बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने कई बार आईपीएल ऑक्शन में भाग लिया, लेकिन किसी भी टीम ने उन्हें नहीं खरीदा। रहीम टी20 और वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं, फिर भी आईपीएल में उनका नाम शामिल नहीं हुआ। 5. रीजा हेंड्रिक्ससाउथ अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज रीजा हेंड्रिक्स कई अन्य टी20 लीग में खेल चुके हैं, लेकिन आईपीएल में किसी भी टीम का भरोसा नहीं जीत सके।

अजय कुमार शर्मा: जम्मू-कश्मीर को रणजी चैंपियन बनाने वाले कोच, 36 की उम्र में लगा बैन

नई दिल्ली। जीवन में हमेशा वैसा नहीं होता है जैसा हम चाहते हैं। कभी इच्छा और जरूरत से ज्यादा मिल जाता है, तो कभी प्रतिभा और क्षमता से कम मौके मिलते हैं, और कभी-कभी कहानी ऐसे समाप्त होती है जिसका अंदाजा भी नहीं रहता। अजय कुमार शर्मा की कहानी ऐसी ही है। अजय कुमार शर्मा का जन्म 3 अप्रैल, 1964 को दिल्ली में हुआ था। बचपन से उन्हें क्रिकेट खेलने का शौक था। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों क्षेत्र में प्रतिभावान थे, इसलिए जूनियर स्तर से मौके मिलते चले गए। दाएं हाथ से मध्यक्रम की बल्लेबाजी और बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले अजय को 1984-85 सत्र में दिल्ली के लिए डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने गेंद और बल्ले से प्रभावित किया, लेकिन भारतीय टीम में मौके के लिए उन्हें 4 साल का इंतजार करना पड़ा। अजय शर्मा ने भारतीय क्रिकेट टीम के लिए जनवरी 1988 में टेस्ट और वनडे में डेब्यू किया था। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच नवंबर 1993 में खेला था। इस दौरान उन्होंने 1 टेस्ट और 31 वनडे खेले। टेस्ट की 2 पारियों में उन्होंने 53 रन बनाए। वहीं 27 वनडे पारियों में 3 अर्धशतक की मदद से 424 रन बनाने के साथ ही 15 विकेट लिए। वनडे में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने की वजह से उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। 1993 में टीम से ड्रॉप होने के बाद फिर उन्हें कभी राष्ट्रीय टीम में वापस आने का मौका नहीं मिला। अजय शर्मा का घरेलू करियर लंबा रहा है। दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने वाले शर्मा ने 129 प्रथम श्रेणी मैचों की 166 पारियों में 38 शतक और 36 अर्धशतक की मदद से 10,120 रन बनाए। उनका सर्वाधिक स्कोर नाबाद 259 रन था। इसके अलावा 87 विकेट भी उनके नाम रहे। 113 लिस्ट ए मैचों की 97 पारियों में 2 शतक और 20 अर्धशतक की मदद से उन्होंने 2,814 रन बनाए। सर्वाधिक स्कोर नाबाद 135 रहा। लिस्ट ए में उनके 108 विकेट भी दर्ज हैं। 1999-2000 में वे रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उनका 31वां शतक भी एक रिकॉर्ड था। 1996-97 में वे रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में 1000 रन बनाने वाले सिर्फ तीसरे बल्लेबाज बने थे। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे शर्मा 2000 में फिक्सर्स के साथ संपर्क रखने के दोषी पाए गए और उन पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया गया। इस प्रतिबंध के साथ ही 36 साल की उम्र में उनका करियर समाप्त हो गया। 2014 में बीसीसीआई ने अजय शर्मा पर लगे फिक्सिंग के आरोप हटा दिए। इसके बाद शर्मा कोचिंग के क्षेत्र आए। अजय शर्मा ने कोचिंग के क्षेत्र में बड़ा कीर्तिमान हासिल किया है। अपनी कोचिंग में उन्होंने पहली बार जम्मू-कश्मीर को रणजी ट्रॉफी का चैंपियन बनाया है। शर्मा की कहानी हमें सिखाती है कि जीवन की दिशा कभी-भी और कहीं से भी बदली जा सकती है। इसके लिए स्पष्ट लक्ष्य और मेहनत निरंतर कठिन परिश्रम जरुरी है।

लिएंडर पेस ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत से की मुलाकात, फिलिप ग्रीन ने साझा की तस्वीर

नई दिल्ली।दिग्गज भारतीय टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने भारत में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत फिलिप ग्रीन से मुलाकात की। ग्रीन ने पेस के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की और ऑस्ट्रेलिया में बिताए गए समय को याद किया। ग्रीन ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर लिखा, “टेनिस के दिग्गज लिएंडर पेस के साथ ऑस्ट्रेलिया में बिताए सालों और अब हम इसे कहां ले जाते हैं, इस पर बहुत अच्छी बातचीत हुई। वह भारत-ऑस्ट्रेलिया खेलों के मिश्रण को लेकर बहुत महत्वाकांक्षी हैं।” पेस मुलाकात के लिए ऑस्ट्रेलिया उच्चायोग पहुंचे थे। लिएंडर पेस की उपलब्धियांपेस भारत के सफलतम और लोकप्रिय टेनिस खिलाड़ियों में से एक हैं। वह भारत के एकमात्र टेनिस खिलाड़ी हैं जिनके नाम टेनिस ओलंपिक पदक है। उन्होंने 1996 अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल में कांस्य पदक जीता। मिक्स डबल्स में पेस के प्रमुख जीतें:ऑस्ट्रेलियन ओपन: 2003, 2010, 2015फ्रेंच ओपन: 2016विंबलडन: 1999, 2003, 2010, 2015यूएस ओपन: 2008, 2015 डबल्स में पेस की प्रमुख जीतें:ऑस्ट्रेलियन ओपन: 2012फ्रेंच ओपन: 1999, 2001, 2009यूएस ओपन: 2006, 2009, 2013 राजनीति में सक्रियतापेस राजनीति में भी सक्रिय हैं। पश्चिम बंगाल में अप्रैल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। पेस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य हैं, और उन्होंने 31 मार्च 2026 को भाजपा की सदस्यता ली थी। सदस्य बनने के बाद पेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इससे पहले पेस पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सदस्य थे।

iPhone 20: Apple तैयार कर रहा नया डिजाइन, 2027 में पूरी तरह बदलेगा लुक

नई दिल्ली। Apple अपने iPhone के 20 साल पूरे होने के मौके पर बड़ा सरप्राइज देने की तैयारी में है। खबर है कि कंपनी सीधे iPhone 19 को स्किप कर iPhone 20 लॉन्च कर सकती है, जो पूरी तरह नए डिजाइन के साथ आएगा। नया डिजाइन: अल्ट्रा-स्लिम बैजल और कर्व्ड लुकलीक्स के मुताबिक iPhone 20 में बेहद पतले यानी करीब 1.1mm के बैजल्स मिल सकते हैं। फोन क्वॉड-कर्व्ड डिजाइन के साथ आ सकता है, जिससे स्क्रीन किनारों तक फैली हुई नजर आएगी। यह डिजाइन iPhone को पहले से ज्यादा प्रीमियम और फ्यूचरिस्टिक बना सकता है। कैमरा में भी बड़ा बदलाव संभवरिपोर्ट्स के अनुसार, Apple अंडर-डिस्प्ले कैमरा टेक्नोलॉजी पर भी काम कर रही है, जिसे Samsung पहले से टेस्ट कर चुकी है। हालांकि, अभी इमेज क्वालिटी को लेकर कंपनी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। ऐसे में iPhone 20 में: छोटा पंच-होल कटआउट या छोटा Dynamic Island देखने को मिल सकता है। हट सकते हैं फिजिकल बटनiPhone 20 में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। फोन में पावर, वॉल्यूम और कैमरा बटन की जगह सॉलिड-स्टेट बटन दिए जा सकते हैं। ये बटन दबाने पर हिलेंगे नहीं, बल्कि हेप्टिक फीडबैक के जरिए दबाने जैसा अनुभव देंगे। Apple इस साल सितंबर में iPhone 18 Pro और Pro Max लॉन्च करने जा रही है। इन मॉडल्स में छोटा Dynamic Island बेहतर फेस आईडी टेक्नोलॉजी जैसे बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा कंपनी अपना पहला फोल्डेबल iPhone भी पेश कर सकती है। iPhone 20 Apple के लिए एक बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकता है। नए डिजाइन, एडवांस फीचर्स और टेक्नोलॉजी के साथ यह iPhone पूरी तरह नया अनुभव दे सकता है। हालांकि, अभी ये सभी जानकारी लीक्स पर आधारित है, आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

domestic violence news : बैतूल में बहू की मारपीट से वृद्ध सास की मौत, डेढ़ महीने बाद आरोपी गिरफ्तार

  domestic violence news : बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद ने एक गंभीर रूप ले लिया, जिसमें एक वृद्ध महिला की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बहू को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 19 फरवरी 2026 की है। शिकायतकर्ता शारदा (55), निवासी ग्राम पिपरिया, ने थाना मुलताई में रिपोर्ट दर्ज कराई कि सुबह लगभग 9 बजे आरोपी रश्मि चिकाने उनके घर के सामने आई और बिना किसी कारण लकड़ी से उनके सिर पर हमला कर दिया। शिकायत में बताया गया कि रश्मि चिकाने ने इससे पहले अपनी सास, 82 वर्षीय प्रमिला बाई चिकाने, के साथ भी मारपीट की थी। इस हमले में वृद्ध महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के समय बीचबचाव करने पहुंचे दिनेश पाठेकर और कलश पाठेकर को भी चोटें आईं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए मुलताई अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई थी। डेढ़ महीने की जांच और प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी रश्मि चिकाने को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने इस घटना को घरेलू हिंसा का गंभीर उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि वृद्ध और असहाय लोगों के साथ मारपीट और हिंसा अत्यंत दुखद है और समाज में ऐसे मामलों के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने भी स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और आरोपी को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि घरेलू विवाद अक्सर छोटे मुद्दों से शुरू होते हैं, लेकिन यदि समय रहते समाधान नहीं किया जाए तो ये जानलेवा स्थिति में बदल सकते हैं। इस घटना ने एक बार फिर समाज में वृद्धों की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है। मुलताई पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी थी और घटना के डेढ़ महीने बाद आरोपी की गिरफ्तारी ने पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद दी है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस घटना ने यह भी दर्शाया कि वृद्ध महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा के खिलाफ कड़े कानूनों का पालन सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है। बैतूल पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और पॉक्सो अधिनियम के तहत कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। घटना के बाद परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजन मांग कर रहे हैं कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन सतर्क रहें।

Gautam Adani Ayodhya visit : राम मंदिर पूजा के बाद गौतम अदाणी अयोध्या गुरुकुल पहुंचे, छात्रों के लिए गर्व का पल

  Gautam Adani Ayodhya visit : नई दिल्ली। अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद गुरुवार को अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी एक गुरुकुल में पहुंचे। गुरुकुल के छात्रों ने उनके साथ हुई बातचीत को ‘गर्व और प्रोत्साहन का क्षण’ बताया। श्री निशुल्क गुरुकुल की अपनी यात्रा के दौरान, गौतम अदाणी ने एक यज्ञ में भाग लिया और छात्रों और शिक्षकों के साथ बातचीत करते हुए समय बिताया। उन्होंने इस संस्थान और इसके सांस्कृतिक मिशन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। आईएएनएस से ​​बात करते हुए, गुरुकुल के एक छात्र ने कहा, “हम इसे अपना बहुत बड़ा सौभाग्य मानते हैं कि उद्योगपति गौतम अदाणी हमारे संस्थान में आए और इसे सहयोग देने की अपनी इच्छा व्यक्त की। यह गुरुकुल हमारी प्राचीन परंपरा का प्रतीक है और सनातन धर्म का एक केंद्र है, जहां छात्र शाश्वत मूल्यों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए समर्पित हैं। उन्होंने हमें आश्वासन दिया कि उनकी ओर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने एक यज्ञ में भी भाग लिया।” एक अन्य छात्र ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त किए। उसने कहा, “आज हमारे लिए बहुत खुशी का दिन है कि वे हमारे गुरुकुल में आए। यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि किस तरह यज्ञ के माध्यम से समाज को मार्गदर्शन दिया गया और कैसे छात्रों तथा शिक्षकों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जब भी आवश्यकता होगी, गुरुकुल को सहयोग मिलेगा।” आचार्य शशिकांत दास ने भी इस यात्रा के बारे में बात करते हुए कहा कि गौतम अदाणी ने सबसे पहले श्री राम जन्मभूमि में पूजा-अर्चना की और फिर गुरुकुल आए, जहां उन्होंने छात्रों के साथ बातचीत की। उन्होंने भारतीय संस्कृति की सराहना की और इसे संरक्षित करने तथा बढ़ावा देने के लिए अपने सहयोग का आश्वासन दिया। गुरुकुल के व्याकरण-आचार्य श्रवण कुमार मिश्रा ने इस यात्रा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “एक संस्कृत गुरुकुल में उनकी यात्रा संस्कृत भाषा और संस्कृति के प्रति उनके गहरे सम्मान को दर्शाती है। आज भी, धर्म की रक्षा में संस्कृत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जहां प्रशासनिक व्यवस्थाएं हर जगह नहीं पहुंच सकतीं, वहीं संस्कृत का प्रभाव व्यापक है। अगर यह गुरुकुल इसी तरह फलता-फूलता रहा, तो यह संस्कृत और संस्कृति के विकास में योगदान देगा, जिससे आखिरकार देश को ही फायदा होगा।” इससे पहले दिन में, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अपने परिवार के साथ भव्य राम मंदिर के दर्शन किए। गौतम अदाणी के साथ उनकी पत्नी प्रीति अदाणी और बेटे करण अदाणी भी थे। अदाणी परिवार ने मंदिर में होने वाली पवित्र रस्मों में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की।इससे पहले दिन में, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने अपने परिवार के साथ भव्य राम मंदिर के दर्शन किए। गौतम अदाणी के साथ उनकी पत्नी प्रीति अदाणी और बेटे करण अदाणी भी थे। अदाणी परिवार ने मंदिर में होने वाली पवित्र रस्मों में हिस्सा लिया और पूजा-अर्चना की।

hanuman jayanty mela : शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर हनुमान जयंती के अवसर पर मेले की धूम

  hanuman jayanty mela : शिवपुरी। मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे घने जंगलों में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर आज विशाल मेला लगा। यह मेला प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती के दिन आयोजित किया जाता है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ आसपास के शहरों से भी श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या इसमे शामिल होती है। मंदिर शिवपुरी झांसी लिंक रोड पर स्थित है और इसकी पीछे की ओर सीधे माधव टाइगर रिजर्व का घना जंगल फैला हुआ है। इस प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थल पर मेले का आयोजन हर साल प्राचीन परंपराओं के अनुसार होता आया है। स्थानीय ग्रामीण इस अवसर को बड़े उत्साह से मनाते हैं और दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालु भी इस पर्व में शामिल होते हैं। हनुमान जयंती के मौके पर मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हनुमान जी की प्रतिमा पर फूल, फल और अन्य धार्मिक सामग्री अर्पित की। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की कतारें लगी रही। मेले में पूजा-पाठ के अलावा भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रवचन भी आयोजित किए गए। मेला केवल धार्मिक महत्व का ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आसपास के ग्रामीण इस मेले में अपनी स्थानीय हस्तकला, खाद्य और अन्य सामान की दुकानें लगाते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलता है। बच्चों और युवाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद की गतिविधियां भी आयोजित की गईं। इस अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर और मेले के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में नियंत्रण बनाए रखने के लिए ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह मेला प्राचीन काल से चल रहा है और इसे लेकर विशेष श्रद्धा भाव रखा जाता है। श्रद्धालु हनुमान जी के आशीर्वाद प्राप्त करने और अपने परिवार के सुख-शांति के लिए दूर-दूर से यहां आते हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के कारण यह मेला जिले का एक प्रमुख पर्व बन गया है। भक्तों ने बताया कि जंगल की पृष्ठभूमि में स्थित यह मंदिर और मेला का माहौल अत्यंत रमणीय और आध्यात्मिक अनुभव देता है। साथ ही यह आयोजन लोगों को एकजुट होने और धार्मिक चेतना बढ़ाने का अवसर भी प्रदान करता है। इस प्रकार शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व के पास स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर लगने वाला यह विशाल मेला धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक समरसता का अद्वितीय उदाहरण बन गया है।