Chambalkichugli.com

फ्यूल संकट में भारत का सहयोग, भूटान ने पीओएल-एलपीजी आपूर्ति के लिए जताया आभार

नई दिल्ली।पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष का असर हिमालयी देश भूटान पर भी दिखा है। देश में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और सरकार ने इसे “कंट्रोल से बाहर” बताया है। इस कठिन समय में पड़ोसी देश भारत ने पीओएल (पेट्रोलियम, तेल और लुब्रिकेंट) और एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करके भूटान को राहत दी है, जिसके लिए भूटानी सरकार ने भारत का धन्यवाद किया है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ी कीमतेंप्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे के कार्यालय ने 1 अप्रैल को जारी बयान में बताया कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के बाद से पेट्रोल की कीमतें 28 फरवरी से 60% से ज्यादा बढ़ गई हैं। इस अवधि में पेट्रोल की कीमत लगभग 65 न्गुलट्रम (एनयू) से बढ़कर 95 न्गुलट्रम हो गई। 1 अप्रैल 2026 की आधी रात से थिंपू में पेट्रोल की खुदरा कीमत 114.31 एनयू प्रति लीटर और डीजल की 174.13 एनयू प्रति लीटर कर दी गई है। हालांकि, फ्यूल सब्सिडी के तहत पेट्रोल और डीजल की कीमतें क्रमशः 98.00 और 98.31 एनयू प्रति लीटर पर तय की गई हैं। सरकार की राहत और जनता से अपीलभूटान सरकार ने फ्यूल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर 21 मार्च 2026 से नेशनल फ्यूल प्राइस स्मूथनिंग फ्रेमवर्क (एनएफपीएसएफ) के तहत सब्सिडी शुरू की। साथ ही, जनता से भी अपील की गई है कि गैर-जरूरी यात्रा से बचें, काम पर पैदल जाएं और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता दें। भारत को जताया आभारभूटान सरकार ने भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद पीओएल और एलपीजी की बिना रुकावट आपूर्ति सुनिश्चित करना भारत की मदद का उदाहरण है। लगभग 8 लाख की आबादी वाला भूटान अपने फ्यूल का अधिकतर हिस्सा भारत से आयात करता है, जिससे यह सहयोग बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।

भारत-कनाडा-ऑस्ट्रेलिया की टेक साझेदारी हुई हकीकत, बातचीत से प्रगति

नई दिल्ली। तीन देशों-भारत, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-इंडिया टेक्नोलॉजी और ट्रांसमिशन (एसीआईटीआई) पार्टनरशिप अब केवल बातचीत का मुद्दा नहीं रह गई है, बल्कि वास्तविक त्रिपक्षीय सहयोग के रूप में सामने आ रही है। इस साझेदारी के तहत नई दिशाओं और कनाडा-भारत की 13 यूनिवर्सिटियों के निर्माण के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (उपयोग), क्वांटम रिसर्च और सेमीकंडक्टर्स में सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।तीनों देशों की पूरक क्षमताएंरिपोर्ट में कहा गया है कि भारत इंजीनियरिंग प्रतिभा, डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और व्यावहारिक उत्थान की क्षमता प्रदान करता है, कनाडा आधारभूत अभिविन्यास अनुसंधान और विश्वसनीय अभिविन्यास का योगदान देता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया डीप-टेक रिसर्च क्षमता लाता है। इस संयोजन ने एसीआईटीआई को सिर्फ गतिशील गठबंधन नहीं, बल्कि डेमोक्रेटिक टेक्नोलॉजी सहयोग का मॉडल बनाया है। व्यावहारिक समझौते और छात्रवृत्तिसमझौते में अभिविन्यास, सेमीकंडक्टर और आपूर्ति श्रृंखला की उन्नति पर व्यावहारिक कार्य योजनाएं शामिल हैं। कनाडा-भारत यूनिवर्सिटी साझेदारी में छात्र अभिविन्यास, फैकल्टी एक्सचेंज, अनुप्रयुक्त अनुसंधान और क्षेत्र-विशिष्ट सहयोग शामिल है। टोरंटो यूनिवर्सिटी के माध्यम से 274 से अधिक छात्रवृत्तियों के लिए 25 मिलियन कैनेडियन डॉलर तक की स्वीकृति का समर्थन किया गया, जिससे भारतीय छात्रों को कैनेडियन अभिविन्यास वाली पुस्तकों में व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और कैनेडियन शोधकर्ता भारत के बड़े डिजिटल जौ से परिचित होंगे। नवाचार और उद्योग को जोड़नासमझौते ने सेमीकंडक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को अभिविन्यास नीति के समान अवधारणा में शामिल किया है। इसका अर्थ है कि बैंडविड्थ क्षमता, चिप तक पहुंच और गतिशील की चुंबकीय आपूर्ति अब नवाचार नीति के मुख्य मुद्दे बन गए हैं। कार्य-एकीकृत शिक्षा के माध्यम से भारतीय इंजीनियर और शोधकर्ता त्रि-पक्षीय सद्भाव तंत्र को मजबूत करेंगे।सफलतापूर्वक काम करने की कुंजीरिपोर्ट में बताया गया है कि इस साझेदारी की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि प्रयोगशालाओं, यौगिकों, शिशुओं और अफ्रीका उत्थान को तेजी से जोड़कर त्रि-पक्षीय सद्भावना को कंपनियों, उत्पादों और उच्च मूल्य वाली नौकरियों में बदला जाए।

विजय सेतुपति की दमदार वापसी काट्टान ने ओटीटी पर मचाया तहलका

नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार विजय सेतुपति एक बार फिर अपनी दमदार एक्टिंग के साथ दर्शकों के सामने आए हैं उनकी नई वेब सीरीज काट्टान इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त ट्रेंड कर रही है और रिलीज के कुछ ही दिनों में यह टॉप 10 में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है 27 मार्च 2026 को रिलीज हुई यह एक्शन ड्रामा सीरीज दर्शकों को एक रहस्यमयी और गहराई से भरी कहानी में ले जाती है सीरीज की शुरुआत तमिलनाडु के एक शांत गांव से होती है जहां लंबे समय से कोई अपराध नहीं हुआ है हालात ऐसे हैं कि गांव का पुलिस स्टेशन तक बंद होने की कगार पर पहुंच जाता है लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है जब एक दिन पहाड़ी पर एक कटा हुआ सिर मिलता है यह सिर मुथु का होता है जिसका किरदार विजय सेतुपति निभा रहे हैं इसके बाद कहानी एक गहरे सस्पेंस और जांच के जाल में उलझती चली जाती है और हर एपिसोड के साथ नए रहस्य सामने आते हैं काट्टान की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी का ट्रीटमेंट और विजय सेतुपति की शानदार एक्टिंग है उन्होंने अपने किरदार में ऐसी गहराई और इमोशनल इंटेंसिटी डाली है जो दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखती है सीरीज में सस्पेंस को धीरे धीरे बढ़ाया गया है जिससे हर एपिसोड के साथ उत्सुकता और भी ज्यादा बढ़ जाती है इसके अलावा सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है जिससे कहानी और भी प्रभावी बन जाती है हालांकि यह सीरीज हर तरह के दर्शकों के लिए नहीं है क्योंकि इसकी गति काफी धीमी है यह एक स्लो बर्न ड्रामा है जिसमें कहानी को धीरे धीरे खोला जाता है अगर आप तेज रफ्तार वाली थ्रिलर सीरीज के शौकीन हैं तो शुरुआती एपिसोड आपको थोड़े लंबे लग सकते हैं इसके अलावा कहानी में कुछ ऐसे पारिवारिक और छोटे छोटे सबप्लॉट्स भी शामिल किए गए हैं जो मुख्य कहानी से ध्यान भटका सकते हैं सीरीज की एक और खास बात यह है कि इसकी कहानी अलग अलग समय अवधि में चलती है जिसमें 90 के दशक से लेकर 2017 तक की घटनाओं को जोड़ा गया है ऐसे में दर्शकों को पूरी कहानी समझने के लिए ध्यान से देखना जरूरी है वरना कुछ कड़ियां छूट सकती हैं कुल मिलाकर काट्टान  एक ऐसी वेब सीरीज है जो सस्पेंस और इमोशनल ड्रामा का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है यह उन दर्शकों के लिए खास तौर पर बनाई गई है जो गहराई वाली कहानी और मजबूत अभिनय को पसंद करते हैं अगर आप विजय सेतुपति के फैन हैं और एक गंभीर रहस्यमयी कहानी देखना चाहते हैं तो यह सीरीज आपके वीकेंड को खास बना सकती है

NASA का अनोखा कदम: आर्टेमिस II मिशन में iPhone भी जाएगा चांद तक

नई दिल्ली। अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस II मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री इस बार एक खास बदलाव के साथ रवाना हुए हैं—वे अपने पर्सनल आईफोन को भी गहरे अंतरिक्ष में साथ ले जा रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी मानव मिशन में निजी स्मार्टफोन को पृथ्वी की कक्षा से बाहर ले जा रहा है, जो तकनीक और अंतरिक्ष के मेल का नया संकेत है। चारड्रो टीम, ऐतिहासिक उड़ानइस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—शामिल हैं। यह टीम कैनेडी स्पेस सेंटर से ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में रवाना हुई। लगभग 10 दिन के इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर वापस पृथ्वी पर लौटेंगे। क्यों लिया गया आईफोन साथ ले जाने का फैसला?नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने इस साल की शुरुआत में यह फैसला लिया था। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को आधुनिक उपकरण देना और मिशन की डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब अंतरिक्ष यात्री भारी-भरकम हथियारों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने iPhone से ही हाई क्वालिटी की तस्वीरें और वीडियो कैप्चर कर काबू करेंगे। iPhone अंतरिक्ष में कैसे काम करेगा?अंतरिक्ष में ये iPhone ‘एयरप्लेन मोड’ में रहेंगे, ताकि स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम पर कोई असर न पड़े। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से हाई-एंड कैमरा के रूप में किया जाएगा। खास बात यह है कि जब अंतरिक्ष यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पास से गुजरेगा, तब ये डिवाइस वाई-फाई से कनेक्ट करके फोटो और ईमेल भेज पाएगा, हालांकि कॉलिंग संभव नहीं होगी। चांद के पास से दिखाई अनदेखा नजाराआर्टेमिस-II मिशन कई दशकों बाद ऐसा मानव मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के काफी करीब तक जाएंगे। इस दौरान वे चांद की सतह की नई और अनदेखी तस्वीरें लेंगे, साथ ही गहरे अंतरिक्ष से आंशिक सूर्य ग्रहण का अद्भुत दृश्य भी देख काबू करेंगे। यह मिशन भविष्य के चंद्र ग्रहण के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा। तकनीक और अंतरिक्ष का नया संगमiPhone को मिशन में शामिल करना इस बात का संकेत है कि नासा अब आधुनिक तकनीकों को तेजी से अंतरिक्ष ग्रहण में शामिल कर रहा है। इससे न केवल मिशन ज़्यादा असरदार बनेंगे, बल्कि आम लोगों तक अंतरिक्ष की झलक भी और करीब से पहुंचेंगे।

गौतम अदाणी की प्रार्थना: भगवान राम और हनुमान से देश की तरक्की की कामना

नई दिल्ली। गौतम अडानी गुरुवार को पवित्र हनुमान जयंती के अवसर पर कश्मीरी अयोध्या क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इस आध्यात्मिक क्षण को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया। उनकी आस्था और भावनाओं की यात्रा एक विशेष अवसर मानी जा रही है। रामलला के दर्शन को बताया सौभाग्य का क्षणअदाणी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन संयम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन कर उन्हें और उनके परिवार को विशेष आध्यात्मिक संतोष प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, श्रीराम के आदर्श हमें सदैव धर्म और सत्य के मार्ग पर उत्थान की प्रेरणा देते हैं। देश के लिए एकता और समृद्धि का आशीर्वाद मांगाहनुमान जयंती के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का स्मरण करते हुए अदाणी ने देश के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें। उनके इस संदेश पर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। मन्दिर को आस्था एवं एकता का प्रतीक बताया गयामीडिया से बातचीत में गौतम अदाणी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने इसे एक भावुक और गौरवपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ये पवित्र स्थल देश को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का काम कर रहे हैं। गुरुकुल विद्यार्थियों से मुलाकातअपने अयोध्या दौरे के दौरान अडानी परिवार सहित गुरुकुल कॉलेज भी शामिल हुए। यहां उन्होंने छात्रों और संकाय से संवाद और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर संस्थान की ओर से उन्हें एक पुस्तक को सम्मानित किया गया। आस्था और संदेश का संगमअदाणी की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से देशवासियों को एकता, सिद्धांत और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।

हेरा फेरी 3 पर संकट के बादल राइटर के बयान ने बढ़ाई फैंस की बेचैनी

नई दिल्ली । हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस की उम्मीदें एक बार फिर झटका खाती नजर आ रही हैं लंबे समय से इस फिल्म को लेकर बनते बिगड़ते हालात अब और उलझते दिख रहे हैं अक्षय कुमार सुनील शेट्टी और परेश रावल की आइकॉनिक तिकड़ी को फिर से बड़े पर्दे पर देखने का सपना अभी दूर होता नजर आ रहा है फिल्म के राइटर रोहन शंकर के ताजा बयान ने इस अनिश्चितता को और गहरा कर दिया है जब से हेरा फेरी 3 की घोषणा हुई है तब से यह फिल्म विवादों में घिरी रही है शुरुआत में जब तीनों सितारे साथ नजर आए तो फैंस के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला लेकिन इसके बाद अचानक परेश रावल के फिल्म से अलग होने की खबर ने सबको चौंका दिया मामला यहीं नहीं रुका बल्कि अक्षय कुमार जो इस फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं उन्होंने इस मुद्दे को लेकर कानूनी कदम तक उठा लिया बाद में परेश रावल के वापस आने की खबर आई जिससे उम्मीद जगी कि अब फिल्म जल्द शुरू होगी लेकिन अब तक शूटिंग शुरू नहीं हो सकी इसी बीच राइटर रोहन शंकर ने जो बात कही है उसने फैंस की धड़कनें और बढ़ा दी हैं उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर डायरेक्टर प्रियदर्शन इस फिल्म से जुड़े रहते हैं तो वह भी इसमें शामिल हो सकते हैं उन्होंने बताया कि बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी थी और सब कुछ लगभग तय हो गया था लेकिन कानूनी पचड़ों की वजह से मामला अटक गया रोहन शंकर ने प्रियदर्शन के व्यस्त शेड्यूल का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि प्रियदर्शन लगातार काम करने वाले फिल्ममेकर हैं हाल ही में उन्होंने भूत बंगला और हैवान जैसी फिल्मों की शूटिंग पूरी की है और अब भी उनके पास कई प्रोजेक्ट लाइन में हैं इसके अलावा वह मोहनलाल के साथ उनकी सौवीं फिल्म पर भी काम करने वाले हैं ऐसे में उनके पास समय की कमी भी एक बड़ी चुनौती बन रही है उन्होंने यह भी कहा कि प्रियदर्शन और अक्षय कुमार दोनों ही काम के प्रति बेहद समर्पित हैं और लगातार एक के बाद एक प्रोजेक्ट में व्यस्त रहते हैं ऐसे में यह तय कर पाना मुश्किल है कि हेरा फेरी 3 कब शुरू हो पाएगी और इसके सामने खड़ी कानूनी दिक्कतें कब तक सुलझेंगी फिल्म के भविष्य को लेकर पूछे जाने पर रोहन शंकर ने उम्मीद जरूर जताई लेकिन साफ जवाब देने से बचते नजर आए उन्होंने कहा कि अगर सारी समस्याएं जल्द सुलझ जाती हैं तो प्रियदर्शन इस फिल्म को जरूर बनाएंगे लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए कुछ भी निश्चित तौर पर कहना मुश्किल है फिलहाल इतना जरूर है कि हेरा फेरी 3 को लेकर फैंस का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है और हर नई अपडेट के साथ उम्मीद और निराशा के बीच झूलता यह प्रोजेक्ट अब बॉलीवुड की सबसे चर्चित लेकिन अनिश्चित फिल्मों में से एक बन चुका है

हनुमान बन सकते थे शाहरुख खान लेकिन एक कमी ने छीन लिया बड़ा मौका

नई दिल्ली । बॉलीवुड के किंग कहे जाने वाले शाहरुख खान से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा इन दिनों फिर चर्चा में है जब उन्हें एक हॉलीवुड फिल्म में भगवान हनुमान का किरदार निभाने का ऑफर मिला था लेकिन उन्होंने इस बड़े मौके को ठुकरा दिया था यह खुलासा उन्होंने खुद एक पुराने इंटरव्यू में किया था जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है यह मामला साल 2011 का है जब शाहरुख अपनी सुपरहीरो फिल्म रा.वन का प्रमोशन कर रहे थे उसी दौरान फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने उनसे सुपरहीरो किरदारों को लेकर सवाल पूछा था इस पर शाहरुख ने एक पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि हॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर टोनी स्कॉट ने उन्हें एक खास कॉन्सेप्ट फिल्म के लिए अप्रोच किया था शाहरुख के मुताबिक उस फिल्म का विचार काफी अलग और दिलचस्प था निर्देशक भगवान हनुमान को एक सुपरहीरो की तरह पेश करना चाहते थे ठीक वैसे जैसे पश्चिमी दुनिया में सुपरमैन या बैटमैन को दिखाया जाता है फिल्म की कहानी में हनुमान का किरदार आधुनिक अंदाज में होता और एक खास बात यह थी कि उनकी पूंछ केवल लड़ाई के समय ही दिखाई देती इतना बड़ा और अनोखा ऑफर मिलने के बावजूद शाहरुख खान ने इसे स्वीकार नहीं किया इसकी वजह भी उन्होंने साफ तौर पर बताई उन्होंने कहा कि उस समय उनकी अंग्रेजी उतनी मजबूत नहीं थी और उन्हें लगा कि वह उस किरदार के साथ पूरी तरह न्याय नहीं कर पाएंगे उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि अगर उन्हें उस समय कोई ऐसा किरदार मिलता जिसमें बोलना कम होता तो शायद वह इसे कर लेते इस बातचीत में शाहरुख ने अपनी एक दिली इच्छा भी जाहिर की उन्होंने कहा कि वह भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक सुपरहीरो स्टाइल में पेश करना चाहते हैं खासकर Mahabharata को एक्स मैन जैसी शैली में बनाना उनका सपना रहा है हालांकि उन्होंने यह भी माना कि ऐसा करने पर विवाद हो सकता है और लोग नाराज भी हो सकते हैं शाहरुख ने अपनी फिल्म रा वन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भी रामायण की झलक देखने को मिलती है उनके अनुसार जी वन और रा वन के किरदारों के जरिए उन्होंने बच्चों को हमारी पौराणिक कहानियों से जोड़ने की कोशिश की ताकि नई पीढ़ी अपने इतिहास और संस्कृति को समझ सके यह किस्सा न सिर्फ शाहरुख खान के करियर का एक अनोखा पहलू दिखाता है बल्कि यह भी बताता है कि कभी कभी बड़े मौके भी सही समय और आत्मविश्वास के बिना हाथ से निकल जाते हैं हालांकि आज शाहरुख जिस मुकाम पर हैं उसे देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि उन्होंने अपने फैसलों से ही अपनी अलग पहचान बनाई है

भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग को नई सूची बनाने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) अब अपने प्रभाव के चार साल पूरे कर चुका है। 2 अप्रैल 2022 को इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलावों का गवाह बनना पड़ा। बिजनेस इयर्स में एक्टर्स इंडियन एक्टर्स को नई रेटिंग दी गई है और स्मैश ट्रेड को मजबूत आधार प्रदान किया गया है। एकल में रिकॉर्ड पैकेज, डबल हुआ पात्रभारत के ऑस्ट्रेलिया में ईसीईटी लागू होने के बाद तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जहां वित्त वर्ष 2020-21 में यह करीब 4 अरब डॉलर था, वहीं 2024-25 तक यह उछाल 8.5 अरब डॉलर से भी अधिक हो गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बेहतर पहुंच और लोकप्रियता हासिल की है। वहीं, प्रोटोटाइप आधार पर भी करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस आंकड़े की सफलता को दर्शाता है। कुल व्यापार में दस्तावेज़, आंकड़े दे रहे कागजातदोनों देशों के बीच कुल व्यापार भी लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल व्यापार 24.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2025-26 (फरवरी तक) में यह 19.3 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में यह पात्र और वृद्धि हो सकती है। इस प्लास्टिक में व्यावसायिक उद्यमों के लिए नए अवसरों के द्वार नीचे दिए गए हैं। तिपाई में राहत, बाज़ार तक आसान पहुँचइस अधिनियम के तहत भारत ने अपनी 70.3 प्रतिशत टैरिफ योग्यता पर प्राथमिकता के आधार पर बाजार तक पहुंच बनाई है, जो कुल व्यापार मूल्य के 90.6 प्रतिशत को कवर करती है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले 100 प्रतिशत व्यवसाय को प्राथमिकता बाजार तक पहुंच प्रदान की है। खास बात यह है कि 98.3 प्रतिशत वर्ग पर लागू होने वाली बात पर ही शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि बाकी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। 1 जनवरी 2026 को भारतीय कम्युनिस्टों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार के लिए पूरी तरह से जीरो-ड्यूटी का भुगतान किया है। सेक्टरवार मिला बड़ा फायदाईसीटीए का प्रभाव विभिन्न सेक्टरों में स्पष्ट रूप से देखा गया है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, मेडिसिनस्यूटिकल, केमिकल और कृषि बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं, भारत को बेस मेटल, कच्चा सिक्का, सेंट्रल, केमिकल और दाल जैसे जरूरी कच्चा माल की आसान मसाला मिला है। यह समेकित व्यापार ढाँचा देश के विनिर्माण क्षेत्र को एक स्थान देता है और क्रिस्टोफर चेन को स्थिर बनाता है। बायोलॉजिकल ऑर्थोडॉक्स में नया पहला, बढ़ा हुआ भरोसादोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने के लिए 24 सितंबर 2025 को बायोलॉजिकल डॉक्युमेंट्स के लिए धर्मशास्त्र व्यवस्था (मैथियोसाइट्स) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सबसे पहले सर्ट दुकान में दुकान लगाई गई है और लागत में समय की बचत हुई है। इसी तरह के प्रयोगशाला के व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है और देशों के बीच विश्वास भी बढ़ा है। व्यापार समझौता बना मजबूत आधारविशेषज्ञ का मानना ​​है कि ईसीटी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक मूल्यांकन को नई दिशा दी है। इससे न केवल बड़ी कंपनी बल्कि एमएसएमई, क्रैस्टर और स्टार्स को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। आने वाले वर्षों में यह समझौता और अधिक अवसर पैदा हो सकता है।

छात्रों को राहत: अब किताबें और यूनिफॉर्म एक ही दुकान से खरीदना जरूरी नहीं

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा निर्देश जारी किया है। अब कोई भी प्राइवेट स्कूल छात्रों या अभिभावकों को किताबें, यूनिफॉर्म (Books-Uniform Purchase Rule) या अन्य शैक्षणिक सामग्री किसी एक तय दुकान से खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। सरकार का यह कदम अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। किताब-यूनिफॉर्म खरीदने की जबरदस्ती पर रोक शिक्षा निदेशालय (DoE) को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल छात्रों को खास दुकानों से ही किताबें, कॉपी, बैग और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इससे अभिभावकों को महंगे दाम चुकाने पड़ रहे थे। Delhi Directorate of Education ने साफ निर्देश दिया है कि स्कूल किसी भी छात्र पर इस तरह का दबाव नहीं बना सकते। सरकार ने कहा है कि छात्रों और अभिभावकों को पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए कि वे अपनी सुविधा और बजट के अनुसार किसी भी दुकान से सामान खरीद सकें। साथ ही स्कूलों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे किताबों और यूनिफॉर्म की पूरी सूची पहले से वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर उपलब्ध कराएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाईदिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट के तहत की जा सकती है। इसके अलावा सरकार ने अभिभावकों के लिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी है, ताकि किसी भी तरह की जबरदस्ती या गलत प्रथा को तुरंत रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षा का उद्देश्य मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि बच्चों का विकास करना है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो रही है और स्कूलों में एडमिशन व खरीदारी का दौर तेज है। सरकार के इस कदम से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

26 पर 4 विकेट फिर आया रिजवी तूफान LSG को अपने ही खिलाड़ी ने दी मात

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में एक ऐसा नाम तेजी से सुर्खियों में आया जिसने मुश्किल हालात में अपनी टीम को जीत दिलाकर सभी का ध्यान खींच लिया यह नाम है Sameer Rizvi का जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ मैच का रुख बदल दिया जब Delhi Capitals की टीम केवल 26 रन पर 4 विकेट गंवाकर संकट में थी तब रिजवी ने मोर्चा संभाला और 70 रनों की दमदार पारी खेल टीम को जीत तक पहुंचाया समीर रिजवी का जन्म 6 दिसंबर 2003 को हुआ और वे उत्तर प्रदेश से घरेलू क्रिकेट खेलते हैं उन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था और अंडर 19 स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व भी किया है उनकी बल्लेबाजी शैली काफी हद तक Suresh Raina से मिलती है जिसके कारण उन्हें सोशल मीडिया पर दाएं हाथ का सुरेश रैना भी कहा जाता है रिजवी ने मात्र 11 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और मेरठ की गांधीबाग अकादमी में अभ्यास किया उनके मामा तनकीब अख्तर ने उन्हें ट्रेनिंग दी और क्रिकेट को गंभीरता से लेने के लिए प्रेरित किया बचपन में ही उनकी प्रतिभा इतनी खास थी कि एक मैच के दौरान उनकी फील्डिंग देखकर खुद सुरेश रैना भी प्रभावित हो गए और उन्हें प्रोत्साहित किया शुरुआत में रिजवी ओपनिंग बल्लेबाज थे लेकिन बाद में उनकी स्पिन के खिलाफ मजबूत बल्लेबाजी को देखते हुए उन्हें मिडिल ऑर्डर में भेजा गया जहां उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई हालांकि उनका सफर आसान नहीं रहा साल 2020 में उनके पिता को ब्रेन हैमरेज हुआ जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट से ध्यान नहीं हटाया और लगातार मेहनत करते रहे उनकी असली पहचान 2023 की यूपी टी20 लीग में बनी जहां उन्होंने 455 रन बनाकर सबको प्रभावित किया इस दौरान उन्होंने 47 गेंदों में शतक भी जड़ा उनकी इसी विस्फोटक बल्लेबाजी ने आईपीएल फ्रेंचाइजियों का ध्यान अपनी ओर खींचा आईपीएल 2024 की नीलामी में MS Dhoni की टीम Chennai Super Kings ने उन पर 8.40 करोड़ रुपये खर्च कर बड़ा भरोसा जताया उन्होंने अपने डेब्यू मैच की पहली ही गेंद पर छक्का लगाकर शानदार शुरुआत की हालांकि एक सीजन के बाद टीम ने उन्हें रिलीज कर दिया इसके बाद 2025 में Delhi Capitals ने उन्हें 95 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया और अब उन्होंने इस भरोसे को सही साबित करते हुए मैच जिताऊ पारी खेली खास बात यह रही कि उन्होंने उसी क्षेत्र की टीम Lucknow Super Giants के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया जहां से वे घरेलू क्रिकेट खेलते हैं समीर रिजवी की यह पारी सिर्फ एक जीत नहीं बल्कि उनके संघर्ष मेहनत और आत्मविश्वास की कहानी भी है जिस तरह उन्होंने दबाव में खेलते हुए मैच खत्म किया उसने यह साफ कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल चुका है आने वाले समय में यह युवा खिलाड़ी और भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है