Chambalkichugli.com

अमेरिका-ईरान तनाव का असर: RBI अप्रैल MPC में रेपो रेट रख सकता है स्थिर

नई दिल्ली वैश्विक भू-अप्रैल राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 2026 की स्मारक नीति समिति (MPC) की बैठक में रिजर्व बैंक रेट को 5.25% पर स्थिर रखा जा सकता है। एक ताजा रिपोर्ट में यह संभावना व्यक्त की गई है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के क्षेत्र में उथल-पुथल के चलते केंद्रीय बैंक के आवंटन में कोई बदलाव नहीं होगा। अमेरिका-ईरान तनाव का असरसंयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भूस्खलन से कच्चे तेल की डॉलर की कीमत 100 प्रति शेयर से ऊपर पहुंच गई है। यह सीधी प्रभावकारी संरचना और आर्थिक स्थिरता पर आधारित है। क्या कहती है रिपोर्ट?बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्याज ब्याज में कटौती का दौर समाप्त हो गया है। आरबीआई अब ‘न्यूट्रल’ रुख अपनाते हुए आर्थिक स्थिति पर नजर बनाए रखेगा। जरूरत है पानी पर तेल बढ़ाने और रुपये को सहारा देने के उपाय की। पौधारोपण तो बढ़ना संभव हैरिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि फसल 6% की ऊपरी सीमा को पार करती है, तो वर्ष के अंत तक रुचि में बढ़त की संभावना बन सकती है। अगली 3-4 महीनों की नीति में युद्ध का आर्थिक प्रभाव अधिक स्पष्ट होगा, जिसके बाद आरबीआई अपनी दिशा तय करेगा। कारखाने में उजाले-बिजलीइस वैश्विक संकट का असर भारतीय अभिनेता पर भी दिख रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) का लगातार पैसा खत्म हो रहा है, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो रही है और डॉलर के ग्रुप ग्रुप में 94.83 के भारतीय रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अचल और चालू खाते पर प्रभाव रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट का असर आर्थिक वृद्धि और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ा। आरबीआई वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी जीडीपी और शेयर बाजार के अनुमान में बदलाव कर सकता है। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार, सैद्धांतिक सिद्धांत, ने भी चेतावनी दी है कि चालू खाता घाटा (सीएडी) में और वृद्धि हो सकती है। सकल घरेलू उत्पाद की बिक्री का अनुमानरिपोर्ट के मुताबिक,वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी वृद्धि: 7.6%वित्त वर्ष 2027 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि: 7% – 7.2% हालाँकि, बहुराष्ट्रीय हस्तियों के जीवित इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। यह बैठक क्यों अहम है?एमपीसी की अप्रैल बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कहा गया है कि आरबीआई के बीच आर्थिक दबाव का विकास और बैंकिंग के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।

हनुमान जयंती पर ग्वालियर में मंदिरों में उमड़े भक्‍त, रोकड़िया सरकार को लगाया 5100 लड्डुओं का भोग

ग्वालियर । ग्वालियर में हनुमान जयंती के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। सिंधिया रियासत कालीन छतरी मैदान स्थित रोकड़िया हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। यहां तड़के 4 बजे से अभिषेक और पूजन की शुरुआत हुई, जिसके बाद भगवान को चोला चढ़ाकर भव्य श्रृंगार किया गया और मंदिर के पट खोले गए। मंदिर में सुंदरकांड पाठ जारी है और भगवान को 5100 लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया, जिसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जा रहा है। साथ ही फूल बंगला और छप्पन भोग जैसी आकर्षक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। शहर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, जो करीब 300 वर्ष पुराना माना जाता है, वहां भी सुबह से भारी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु दूर-दूर तक कतारों में लगकर बाबा के दर्शन कर रहे हैं। हनुमान जयंती पर शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर घाटीगांव स्थित धुआं वाले हनुमान मंदिर में मेले का आयोजन किया गया है, जहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। इसी तरह जौरासी घाटी में स्थित जौरासी हनुमान मंदिर पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वहीं बहोड़ापुर धाम मंदिर में बुधवार से अखंड रामायण पाठ जारी है, जिसका समापन गुरुवार शाम को होगा। यहां बाबा को परंपरा के अनुसार सोने के वर्क वाला चोला अर्पित किया गया है, जिससे मंदिर में भक्ति का विशेष वातावरण बना हुआ है।

केसरिया महल में सजे बाबा रणजीत, जन्मोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, सुबह आरती के बाद शुरू हुए दर्शन

इंदौर । इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर में गुरुवार को हनुमान जन्मोत्सव बड़े उत्साह और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर बाबा रणजीत को केसरिया महल की थीम में विराजमान किया गया है, जहां भक्तों के लिए दर्शन के द्वार खोल दिए गए हैं। मंदिर परिसर को केसरिया पर्दों और आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और रंगमय दिखाई दे रहा है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। गर्मी से राहत देने के लिए परिसर में कूलर, पानी और शरबत की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य के कारण बड़ी पार्किंग से ही भक्तों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है, वहीं दर्शन के बाद प्रसाद वितरण की भी सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है। मंदिर के मुख्य पुजारी पं. दीपेश व्यास के अनुसार, राम-हनुमान जन्मोत्सव के तहत मंदिर को केसरिया महल की थीम पर सजाया गया है। फूलों से सजे बंगले के साथ केसरिया पर्दों ने मंदिर की भव्यता को और बढ़ा दिया है। रात 10 बजे से महाभिषेक की शुरुआत हुई, जिसके बाद श्रृंगार का क्रम सुबह 3 बजे तक चला। सुबह 6 बजे जन्मोत्सव आरती के बाद भक्तों के लिए दर्शन प्रारंभ कर दिए गए। पूरे दिन मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिग-जैग लाइन व्यवस्था बनाई गई है। करीब 40 कूलर और पानी की फुहार वाले पंखे लगाए गए हैं, वहीं जमीन पर कारपेट बिछाकर व्यवस्था को आरामदायक बनाया गया है। साथ ही तीन बड़ी एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं ताकि भक्त कार्यक्रमों को आसानी से देख सकें। भक्तों के लिए तीन स्थानों पर पानी और एक स्थान पर शरबत की व्यवस्था की गई है। दर्शन के बाद प्रसाद के रूप में फ्रूट सलाद, लस्सी और छाछ वितरित किए जाएंगे। 7 अप्रैल को लगभग 70 हजार श्रद्धालुओं के लिए चलित भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। इसी क्रम में इंदौर के पितृ पर्वत पर भी हनुमान जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर के महेश दलोदरा ने बताया कि गुरुवार सुबह 5 बजे मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक-पूजन होगा, जिसके बाद दाल-टिक्कड़ का भोग अर्पित किया जाएगा और फूलों से भगवान का श्रृंगार किया जाएगा। शाम 6 बजे आरती के साथ भव्य आतिशबाजी होगी और करीब 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

JA Hospital AC Crisis : मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहा ग्वालियर का जयारोग्य अस्पताल, मरीज़ घर से पंखे ले जाने को मजबूर!

GWALIOR HAJ HOSPITAL

HIGHLIGHTS: जयारोग्य अस्पताल में 140 एसी खराब केआरएच में 64 कूलरों में केवल 18 चालू न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी विभाग में केवल 2 एसी सही मरीज घर से पंखा लाने को मजबूर एसी और कूलर की सर्विसिंग का काम शुरू JA Hospital AC Crisis : ग्वालियर। गर्मी के बढ़ते तापमान के बीच जयारोग्य अस्पताल में मरीज और स्टाफ दोनों ही बेहाल हैं। अस्पताल के वार्डों में एसी और कूलर या तो बंद हैं या ठीक से काम नहीं कर रहे। अब हाल ये है कि मरीजों को राहत पाने के लिए घर से पंखा लाना पड़ रहा है। बता दें कि केआरएच, न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी विभाग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, जहां गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को भी ठंडी हवा नहीं मिल पा रही। IPL 2026: पारी की शुरुआत रणनीति का हिस्सा – LSG-DC मैच के बाद ऋषभ पंत का बड़ा बयान केआरएच और पीआईसीयू में हालत गंभीर कमलाराजा अस्पताल (केआरएच) में पीडियाट्रिक आईसीयू में एसी पर ‘खराब’ का पर्चा लगा हुआ है। सूचना की माने तो कुल 64 कूलरों में से केवल 18 चालू हैं, जबकि 47 कूलर और 16 पंखे खराब पड़े हैं। सहायक अधीक्षक डॉ. हितेंद्र यादव ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन सुधार के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं हुआ। हनुमान जन्मोत्सव: आज की पूजा में इन गलतियों से रहें दूर, जीवन में बढ़ेगी सकारात्मकता न्यूरोसर्जरी और न्यूरोलॉजी विभाग अस्पताल का सबसे संवेदनशील विभाग भी पूरी तरह से गर्मी में जूझ रहा है। यहां 14 कूलर खराब हैं और 20 एसी में से 5 कंडम घोषित हो चुके हैं, जबकि 13 को सर्विस की जरूरत है। केवल 2 एसी सही काम कर रहे हैं। कई मरीजों को अपने घर से पंखा लाना पड़ रहा है। “मुझे अपने कप्तान और टीम पर पूरा भरोसा” -संजीव गोयनका का बड़ा बयान सुधार के प्रयास पीआरओ डॉ. मनीष चतुर्वेदी के अनुसार, पंखे और कूलर की सफाई-सर्विसिंग शुरू कर दी गई है। मार्च के तीसरे सप्ताह में एसी का टेंडर निकाला गया है और 15 अप्रैल को इसे खोला जाएगा।

IPL 2026: पारी की शुरुआत रणनीति का हिस्सा – LSG-DC मैच के बाद ऋषभ पंत का बड़ा बयान

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेले गए मुकाबले में एक बड़ा सरप्राइज देखने को मिला, जब कप्तान ऋषभ पंत खुद पारी की शुरुआत करने उतरे। आमतौर पर मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने वाले पंत का यह फैसला चर्चा का विषय बन गया। रणनीति के तहत लिया गया फैसलामैच के बाद ऋषभ पंत ने साफ किया कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि टीम की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। उन्होंने बताया कि टीम चाहती थी कि निकोलस पूरन को मिडिल ओवर में उतारा जाए, ताकि वह आक्रामक भूमिका निभा सकें। लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन का था प्लानपंत ने कहा कि ओपनिंग में लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन बनाकर विपक्षी टीम को अपने लेफ्ट-आर्म स्पिनर, खासकर अक्षर पटेल, का असरदार इस्तेमाल करने से रोका जा सकता था। हालांकि, उनके जल्दी आउट हो जाने से यह रणनीति पूरी तरह सफल नहीं हो। ओपनिंग जारी रख सकते हैं पंतभविष्य में भी ओपनिंग करने के सवाल पर ऋषभ पंत ने संकेत दिए कि वह टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी जारी रख सकते हैं, अगर टीम की ज़रूरत रही। पहले मैच में फ्लॉप रही रणनीतिहालांकि, इस मुकाबले में पंत का यह प्रयोग सफल नहीं रहा। वह 9 गेंद पर सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हो गए। उनके जल्दी विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। आंकड़ों में पंत की ओपनिंगकरीब एक दशक लंबे टी20 करियर में ऋषभ पंत ने सिर्फ 23 बार पारी की शुरुआत की है, जबकि आईपीएल में वे सिर्फ 7 बार ओपनिंग की है। यह खुलता है कि यह भूमिका उनके लिए नई नहीं, लेकिन रेगुलर भी नहीं है। मैच का हाललखनऊ सुपर जायंट्स की टीम 18.4 ओवर में 141 रन पर सिमट गई। जवाब में दिल्ली कैपिटल्स ने 17.1 ओवर में 145 रन बनाकर 6 विकेट से मुकाबला जीत लिया। अगली चुनौतीअब लखनऊ सुपर जायंट्स का अगला मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 5 अप्रैल को खेला जाएगा।

ईरान पर अमेरिकी रणनीति पर मीडिया परेशान, ट्रंप ने नहीं बताई जमीनी कार्रवाई की योजना

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को लेकर हाल ही में दिए गए भाषण ने अमेरिकी मीडिया में सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप ने ईरान पर अपने पुराने दावों को दोहराया और कहा कि लड़ाई जल्दी खत्म होने वाली है लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि जमीनी स्तर पर अमेरिकी सैनिक तैनात किए जाएंगे या नहीं। इसके अलावा उन्होंने लड़ाई को बढ़ाने की रणनीति और युद्ध के बाद के दिशा-निर्देशों पर कोई नई जानकारी साझा नहीं की। द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट ने रिपोर्ट किया कि ट्रंप ने किसी भी डिप्लोमैटिक रास्ते बाहर निकलने की योजना या क्षेत्रीय गठबंधन सहयोग पर विस्तार से बात नहीं की। उन्होंने केवल होर्मुज स्ट्रेट का छोटा सा जिक्र किया और दूसरे देशों से तेल शिपिंग रूट को फिर से खोलने की अपील की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने इजरायल सऊदी अरब कतर यूएई कुवैत और बहरीन जैसे क्षेत्रीय साझेदारों का उल्लेख किया लेकिन उनके रणनीतिक योगदान और नाटो सहयोग पर कोई विस्तार नहीं दिया गया। ईरान की नई नेतृत्व संरचना या वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद उभरते नेताओं का कोई विवरण भी ट्रंप ने साझा नहीं किया। विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी मीडिया के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर मैटीरियल को सुरक्षित करने के लिए जमीन पर ऑपरेशन करेगा। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जमीन के नीचे दबे संवर्धित यूरेनियम को निकालने के लिए जोखिम भरे ग्राउंड ऑपरेशन की जरूरत होगी। हालांकि ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है लेकिन रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया कि तेहरान अब भी इलाके में मिसाइल और ड्रोन हमलों की क्षमता बनाए हुए है। अमेरिकी मीडिया ने इस बात पर निराशा जताई कि ट्रंप के भाषण में सैन्य या डिप्लोमैटिक मोर्चों पर कोई नई घोषणा नहीं की गई। विशेषज्ञों का कहना है कि जमीनी कार्रवाई होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा और युद्ध के बाद शासन-प्रबंधन पर पर्याप्त जानकारी न होने से अगले चरण की लड़ाई की दिशा अस्पष्ट बनी हुई है। युद्ध अब अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और बढ़ते खतरों के बीच मध्य पूर्व में स्थिरता और अमेरिका की लंबी रणनीति पर सवाल उठ रहे हैं। सैन्य और डिप्लोमैटिक विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप की चुप्पी से अमेरिकी नीति में अनिश्चितता बनी है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी संकेत दिया गया कि स्पष्ट दिशा-निर्देश न होने से न केवल अमेरिका बल्कि उसके क्षेत्रीय साझेदारों के लिए भी योजना बनाना कठिन हो गया है। ऐसे में आने वाले हफ्तों में यह देखा जाएगा कि अमेरिकी प्रशासन किस रणनीति के साथ आगे बढ़ता है और क्या जमीनी स्तर पर सेना तैनात की जाएगी या नहीं।

IPL 2026: SRH के सामने कड़ी चुनौती, KKR को उसके घर में हराना आसान नहीं

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का छठा मुकाबला गुरुवार को ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमों को अपने-अपने पहले मैच में हार मिली थी, ऐसे में इस मुकाबले के सीजन की पहली जीत का दावा बेहद अहम हो गया है। होम ग्राउंड पर केकेआर का पलड़ा भारीकोलकाता नाइट राइडर्स अपने घरेलू मैदान पर हमेशा मजबूत टीम बनी हुई है। आंकड़ों में यह भी लिखा है कि सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ केकेआर का रिकॉर्ड बेहतर रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक खेले गए 30 मुकाबलों में केकेआर ने 19 जीत दर्ज की हैं, जबकि एसआरएच को 10 मैचों में सफलता मिली है। कैप्टन पैट कमिंस की गैरमौजूदगी बड़ी चिंताSRH की सबसे बड़ी समस्या उनके नियमित कप्तान पैट कमिंस की शिकायत है। उनकी गैरमौजूदगी टीम की सदस्यता और लीडरशिप दोनों को प्रभावित कर रही है, जिससे टीम का बैलेंस बैलेंस देखने को मिल रहा है। शीर्ष क्रम की ख़राब फॉर्म से बेहतर मुश्किलSRH के लिए ट्रैविस हेड और अभिषेक शर्मा की फॉर्म चिंता का विषय है। दोनों ओपनर्स के हाल के मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया जा सका। यदि ये दोनों बैटरियां जल्दी आउट होती हैं, तो टीम बड़े स्कोर तक पहुंच कर संघर्ष कर सकती है। मध्य क्रम भी नहीं दे पा रहा साथहेनरिक क्लासेन जैसे पॉकेटमार बल्लेबाज भी हाल के दिनों में अपनी लय में नजर नहीं आए हैं। मिडिल ऑर्डर की यही कमज़ोरी SRH के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ईशान किशन पर टिकी विवरणSRH के लिए राहत की बात यह है कि ईशान किशन शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने पिछले मैच में 80 रन की तूफानी पारी खेली थी। केकेआर की टीम के खिलाफ भी बड़ी पारी की उम्मीद है। ऑनलाइन खेलना आश्चर्यजनक होगाSRH के नामांकन में जयदेव उनादकट, हर्षल पटेल और ईशान मलिंगा को जिम्मेदारी लेनी होगी। केकेआर मजबूत टीम के खिलाफ सिर्फ बल्लेबाजी नहीं, बल्कि बल्लेबाजी और फील्डिंग में भी बेहतरीन प्रदर्शन जरूरी है। प्लांट का कोम्पोट क्या है?केकेआर को घरेलू फ्लोरिडा लाभ का लाभ मिलेगा, जबकि एसआरएच को अपने विभाग में सुधार करना होगा। अगर हैदराबाद ने यह मैच जीता है, तो उन्हें ऑलराउंड प्रदर्शन करना होगा।

IPL 2026 अपडेट: शुरुआती मुकाबलों के बाद टॉप-4 में जगह बनाने वाली टीमें

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के 19वें सीजन में सभी 10 टीमों ने अपने-अपने पहले मुकाबले खेले हैं। शुरुआती मैचों के बाद अंक तालिका ने दिलचस्प रूप ले लिया है, जहां कुछ टीमें दमदार शुरुआत के साथ टॉप-4 में जगह बनाने में सफल रही हैं, जबकि कुछ को अभी लंबा सफर तय करना है। टॉप पर राजस्थान, शानदार जीत का मिला फायदाराजस्थान रॉयल्स ने अपने पहले मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से हराकर अंक तालिका में पहला स्थान हासिल किया है। टीम का नेट रन रेट भी मजबूत है, जो उन्हें अन्य टीमों से आगे रखता है। RCB दूसरे नंबर पर, जीत से आत्मविश्वास बढ़ारॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराकर दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया है। टीम की बैलेंस्ड रैंकिंग उन्हें शुरुआती बढ़त दिला रही है। दिल्ली कैपिटल्स तीसरे स्थान परदिल्ली कैपिटल्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 6 विकेट से हराते हुए तीसरे स्थान पर जगह बनाई है। इस जीत में टीम के मिडिल ऑर्डर ने शानदार भूमिका निभाई। मुंबई इंडियंस चौथे स्थान परमुंबई इंडियंस ने कोलकाता नाइट राइडर्स को हराकर चौथा स्थान हासिल किया है। टीम की बल्लेबाजी ने अच्छा प्रदर्शन किया और जीत सुनिश्चित की। मिड टेबल में पंजाब, बाकी टीमों को झटकापंजाब किंग्स पांचवें स्थान पर है, जिसने गुजरात टाइटन्स को करीबी मुकाबले में हराया। वहीं हारने वाली टीमों में गुजरात टाइटन्स छठे, कोलकाता नाइट राइडर्स सातवें, लखनऊ सुपर जायंट्स आठवें, सनराइजर्स हैदराबाद नौवें और चेन्नई सुपर किंग्स दसवें स्थान पर हैं। सभी के 2-2 अंक, रन रेट से तय रैंकिंगअब तक खेले गए 5 मुकाबलों में जीत दर्ज करने वाली सभी टीमों के 2-2 अंक हैं। ऐसे में अंक तालिका में स्थान का नेट रन रेट के आधार पर किया गया है, जिससे शुरुआती चरण में ही प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी नजर आ रही है। अभी लंबा है टूर्नामेंटसीजन अभी शुरुआती दौर में है और सभी टीमों के पास वापसी का पूरा मौका है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ेगा, अंक तालिका में लगातार बदलाव देखने को मिलेंगे।

ट्रंप का तीखा संदेश: ईरान की सैन्य ताकत खत्म, समझौता न हुआ तो और बढ़ेगा तनाव

वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बार फिर से तीखी चेतावनी जारी की है। उनका कहना है कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना कुछ ही हफ्तों में ईरान को पाषाण युग में वापस भेज सकती है। ट्रंप ने बुधवार को टीवी पर अपने भाषण में कहा कि अमेरिकी अभियान एपिक फ्यूरी ने केवल एक महीने में ईरान की सैन्य क्षमताओं को बुरी तरह से कमजोर कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नेवी अब खत्म हो चुकी है उनकी एयरफोर्स बर्बाद हो गई है और ईरान के नेताओं की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता काफी हद तक कम कर दी गई है और महत्वपूर्ण हथियार फैसिलिटी ध्वस्त कर दी गई हैं। उन्होंने इस अभियान को ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जरूरी बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा मैंने कसम खाई है कि मैं ईरान को कभी न्यूक्लियर हथियार नहीं रखने दूंगा। इसके अलावा ट्रंप ने ईरान की मौजूदा सरकार को धरती की सबसे हिंसक सरकार बताया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका का मकसद ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं है लेकिन कई वास्तविक नेताओं की मौत के कारण शासन में बदलाव पहले ही हो चुका है। ट्रंप ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर और पहले के अमेरिकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने ईरान की न्यूक्लियर साइट्स को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। ईरान कहीं और अपना प्रोग्राम बनाने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसे रोक दिया गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना की प्राथमिकता ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और अपनी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने की उसकी काबिलियत को खत्म करना है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर बातचीत में असफलता हुई तो तनाव और बढ़ेगा। उन्होंने कहा अगले दो से तीन हफ्तों में हम उन्हें स्टोन एज में वापस ले जाएंगे। अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी निशाना बना सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर में तेल की बढ़ती कीमतों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कमर्शियल तेल टैंकरों पर हुए आतंकी हमलों से यह समस्या पैदा हुई। उन्होंने मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर देशों से शिपिंग रूट सुरक्षित करने और क्षेत्र पर निर्भरता कम करने की अपील भी की। ट्रंप ने इजरायल सऊदी अरब कतर यूएई कुवैत और बहरीन जैसे क्षेत्रीय साथियों की सराहना करते हुए कहा कि ये अभियान में अच्छे साझेदार साबित हुए। उन्होंने अमेरिका की आर्थिक मजबूती पर भी जोर दिया और कहा कि देश दुनिया में तेल और गैस का सबसे बड़ा उत्पादक है और किसी भी लड़ाई से उत्पन्न रुकावटों को झेलने में सक्षम है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने 13 सैनिकों की हताहत होने की बात स्वीकार की और कहा कि उनके परिवारों ने उनसे काम पूरा करने की अपील की थी। ट्रंप ने अपने भाषण में इसे ऐतिहासिक रूप से तेज अभियान बताते हुए कहा कि सिर्फ एक महीने में एक बड़े खतरे को खत्म किया जा चुका है और अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को पूरी तरह समाप्त करने की कगार पर है।

“जर्सी पहनते ही लक्ष्य सिर्फ देश की जीत” – एश्ले गार्डनर का जुनून भरा बयान

नई दिल्ली। एशले गार्डनर ने साफ कहा है कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी पहनने के बाद उनका एकमात्र लक्ष्य अपने देश के लिए ज्यादा से ज्यादा मैच जीतना होता है। ऑस्ट्रेलिया महिला टीम इस समय वेस्टइंडीज महिला के दौरे पर है और शानदार प्रदर्शन करते हुए टी20 सीरीज के बाद वनडे सीरीज में भी 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी है। क्लीन स्वीप पर ऑस्ट्रेलिया की नजरतीसरे और अंतिम वनडे से पहले एशले गार्डनर ने कहा कि टीम का पूरा फोकस आखिरी मैच यूएई सीरीज को क्लीन स्वीप करने पर है। उन्होंने साफ किया कि खिलाड़ी आराम करने के बजाय अपने प्रदर्शन को और बेहतर करने पर ध्यान दे रहे हैं। ‘जर्सी पहनना ही जिम्मेदारी बढ़ जाती है’गार्डनर ने कहा, “जब भी हम देश की जर्सी पहनते हैं, तो हमारा लक्ष्य सिर्फ जीतना होता है। हम चाहते हैं कि सीजन का अंत शानदार तरीकों से हो और हम अपनी सफलता का जश्न मनाएं।” उन्होंने यह भी बताया कि सीजन के बाद टीम को लंबा ब्रेक मिलने वाला है, जिससे खिलाड़ी तरोताजा होकर वापसी करेंगे। नई कप्तान के साथ शानदार तालमेलऑस्ट्रेलिया की उपकप्तान एशले गार्डनर ने टीम की कप्तान सोफी मोलिनक्स की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सोफी के नेतृत्व में टीम का माहौल बेहद पॉजिटिव और ऊर्जावान है। गार्डनर के अनुसार, सोफी मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह टीम में एनर्जी भरती हैं और खिलाड़ियों का खास ख्याल रखती हैं, जिससे टीम का प्रदर्शन बेहतर होता है। टीमवर्क और लीडरशिप पर फोकसउन्होंने कहा कि टीम और सपोर्ट स्टाफ के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कई समन्वय के बावजूद टीम एकजुट होकर आगे बढ़ रही है और लीडरशिप ग्रुप यह तय करने में सक्षम है कि कैसे पूरी स्क्वॉड पर पॉजिटिव प्रभाव डाला जाए। सीजन का शानदार अंत करने की तैयारीऑस्ट्रेलिया महिला टीम का लक्ष्य अब इस दौरे का समापन यादगार तरीके से करना है। टीम चाहती है कि आखिरी मैच में भी क्लिनिकल प्रदर्शन कर जीत हासिल की जाए और पूरे दौरे को सफल बनाया जाए।