ग्रहों का शुभ संयोग: शुक्र-वरुण-बुध के खास योग से इन राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते

नई दिल्ली। द्रिक पंचांग के अनुसार 1 अप्रैल 2026 को ग्रहों की चाल में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला। इस दिन शुक्र, वरुण और बुध ग्रहों की विशेष स्थिति से शुभ योगों का निर्माण हुआ, जिसे ज्योतिष शास्त्र में काफी सकारात्मक माना जाता है। दोपहर करीब 4 बजकर 47 मिनट पर शुक्र और वरुण के बीच 30 डिग्री का अंतर बनते ही द्विद्वादश योग बना। इसके बाद शाम के समय वरुण और बुध के बीच 18 डिग्री की दूरी से अष्टादश योग का निर्माण हुआ। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, ऐसे योग जीवन में अचानक अच्छे अवसर, प्रगति और सकारात्मक बदलाव लेकर आते हैं। आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका खास प्रभाव पड़ सकता है। वृषभ राशि वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा और रुके हुए काम तेजी से पूरे हो सकते हैं। पुराने विवाद सुलझाने के लिए भी यह समय अनुकूल है। छोटी यात्राएं भी लाभ दिला सकती हैं। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय नई संभावनाओं और सफलता का संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यवसाय में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। धन लाभ के योग बन रहे हैं और पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकती है। रिश्तों में भी मिठास बढ़ेगी। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के लोगों में इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा। नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल है। आर्थिक मामलों में समझदारी से लिए गए निर्णय लाभ देंगे। पढ़ाई और ज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में सफलता मिलने के संकेत हैं। परिवार में सामंजस्य बना रहेगा। तुला राशि तुला राशि के जातकों के लिए यह समय अप्रत्याशित लाभ लेकर आ सकता है। करियर और व्यापार में नए मौके मिलेंगे। निवेश से लाभ होने की संभावना है और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। नए संपर्क और दोस्त जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
एमपी में बिगड़ा मौसम का मिजाज, 42 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 6 अप्रैल तक रहेगा असर

भोपाल। मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। शुक्रवार सुबह से भोपाल सहित कई जिलों में बादल छाए हुए हैं। इससे पहले गुरुवार को 15 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं तेज आंधी देखने को मिली। मौसम केंद्र भोपाल ने शुक्रवार को 42 जिलों में आंधी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। अलीराजपुर धार बड़वानी खरगोन खंडवा बुरहानपुर नरसिंहपुर छिंदवाड़ा और सिवनी में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर सहित कई अन्य जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति अगले चार दिनों यानी 6 अप्रैल तक बनी रहेगी। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है जबकि अन्य इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटा की गति से आंधी चलने का अनुमान है। गुरुवार शाम भोपाल में तेज आंधी चली जिससे शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। रात में बारिश भी हुई जो सुबह तक रुक-रुक कर जारी रही। सीहोर में खराब मौसम के कारण ‘पंचायत’ वेब सीरीज की शूटिंग प्रभावित हुई। महोडिया गांव में चल रही शूटिंग के दौरान तेज हवा और बारिश से टेंट और अन्य सामान उड़ गए साथ ही भोजन भी खराब हो गया। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सागर में दिनभर मौसम बदलता रहा और शाम को हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं। वहीं धार जिले के ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि हुई जिससे जोबट रोड ओलों से ढक गई। मऊगंज के भलुहा गांव में खेत में काम कर रही 42 वर्षीय महिला की आकाशीय बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो ट्रफ सक्रिय हैं जिससे यह मौसम बना हुआ है। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी प्रभाव डालेगा जिसके चलते 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद मौसम साफ होगा और गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान तेजी से बढ़ेगा। महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर धार खरगोन बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दक्षिणी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं के कारण भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है।
TRUMP’S NEW TARRIF : ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच फोड़ा टैरिफ बम… दवाओं पर 100, स्टील-एल्यूमीनियम पर 50 शुल्क का ऐलान

TRUMP’S NEW TARRIF : वॉशिंगटन। ईरान युद्ध (Iran War) के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने गुरुवार को अपनी “अमेरिका फर्स्ट” वाली आर्थिक नीति को और अधिक कड़ा करते हुए स्टील, एल्युमीनियम, तांबा और विदेशी दवाओं पर नए आयात शुल्क नियमों की घोषणा की है। इन बदलावों का उद्देश्य न केवल आयात प्रक्रिया को सरल बनाना है, बल्कि विदेशी दवा कंपनियों और धातु निर्यातकों पर दबाव डालना है ताकि वे अपनी निर्माण यूनिट अमेरिका में स्थापित करें। ट्रंप प्रशासन ने 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 232 के तहत स्टील, एल्युमीनियम और तांबे के आयात पर 50% का आयात शुल्क बरकरार रखा है। हालांकि, अब इसे गणना करने के तरीके में बड़ा बदलाव किया गया है। अब यह शुल्क आयातित वस्तु के उस मूल्य पर लगेगा जो अमेरिकी ग्राहक भुगतान करते हैं, न कि केवल धातु की मात्रा पर। एमपी में बिगड़ा मौसम का मिजाज, 42 जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट, 6 अप्रैल तक रहेगा असर ट्रंप ने क्यों लगाए नए टैरिफ? इस बदलाव के पीछे का मुख्य कारण ‘अंडर-रिपोर्टिंग’ को रोकना है। प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कई आयातक शुल्क कम करने के लिए कृत्रिम रूप से आयात मूल्य को कम दिखाते थे। नया नियम इस विसंगति को दूर करेगा। यदि किसी उत्पाद में धातु का वजन 15% से कम है, तो उस पर से 50% का पिछला शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया है। 15% से अधिक धातु सामग्री वाले भारी मशीनों, वाशिंग मशीन या गैस स्टोव जैसे उत्पादों पर अब धातु की मात्रा के बजाय पूरे उत्पाद के मूल्य पर 25% फ्लैट शुल्क लगेगा। विदेश में बने लेकिन पूरी तरह से अमेरिकी स्टील या तांबे से निर्मित उत्पादों पर रियायती दर से केवल 10% शुल्क लगेगा। बिजली ग्रिड और औद्योगिक उपकरणों के लिए टैरिफ को 50% से घटाकर 15% कर दिया गया है, ताकि अमेरिका में बुनियादी ढांचे के निर्माण में तेजी लाई जा सके। विदेशी दवाओं पर 100% तक शुल्क ट्रंप ने दवा निर्माताओं को अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने के लिए मजबूर करने के उद्देश्य से एक बड़ा दांव खेला है। कुछ खास आयातित दवाओं पर अब 100% तक का टैरिफ लगाया जा सकता है। यह नया नियम उन पेटेंट दवाओं पर लागू होगा जो उन देशों में बनती हैं जिनका अमेरिका के साथ कोई टैरिफ समझौता नहीं है। बड़ी दवा कंपनियों के लिए ये नियम 120 दिनों में लागू होंगे, जबकि छोटे निर्माताओं को 180 दिनों की मोहलत दी गई है। यह कदम सीधे तौर पर उन कंपनियों को टारगेट करता है जिन्होंने अमेरिका के साथ ‘मोस्ट-फेवर्ड-नेशन’ मूल्य निर्धारण समझौता नहीं किया है। 37,740 Indian workers death : पांच साल में विदेशी धरती पर 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत… सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में राजस्व में होगा इजाफा वाइट हाउस का मानना है कि पहले का टैरिफ ढांचा अत्यंत जटिल था, जिससे आयातकों को हर पुर्जे में धातु की मात्रा निर्धारित करने में सिरदर्द होता था। प्रशासन के अधिकारी ने कहा, “अब यह आसान, सरल और सीधा है। कई उत्पादों के लिए दरें कम होंगी, कुछ के लिए थोड़ी बढ़ेंगी, लेकिन कुल मिलाकर यह उद्योग के लिए अनुकूल है।” प्रशासन को उम्मीद है कि इस नए ढांचे से सरकार के राजस्व में भी वृद्धि होगी क्योंकि अब शुल्क पूरे बिक्री मूल्य पर वसूला जाएगा। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका पहले से ही ईरान के साथ युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों से जूझ रहा है। रक्षा सचिव द्वारा हाल ही में किए गए सैन्य फेरबदल और अब इन कड़े व्यापारिक नियमों से साफ है कि ट्रंप प्रशासन अपने दूसरे कार्यकाल में आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर एक आक्रामक और आत्मनिर्भर अमेरिका की छवि पेश करना चाहता है।
US President Donald Trump : ट्रंप ने पैम बॉन्डी से छीना अटॉर्नी जनरल का पद… जानिए क्या है इसकी वजह?

US President Donald Trump : वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी (Attorney General Pam Bondi) की सराहना करते हुए उन्हें एक महान देशभक्त और वफादार सहयोगी बताया। ट्रंप ने बताया कि पैम बॉन्डी निजी क्षेत्र में नई जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। ट्रंप ने कहा कि अटॉर्नी जनरल के रूप में पैम ने देशभर में अपराध पर कड़ा प्रहार किया। वहीं, डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच को कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया है। टॉड ब्लैंच संभालेंगे कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल का जिम्मा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा, ‘पैम बॉन्डी एक महान अमेरिकी देशभक्त और एक वफादार दोस्त हैं, जिन्होंने पिछले एक साल से मेरे अटॉर्नी जनरल के तौर पर पूरी निष्ठा से सेवा की है। पैम ने पूरे देश में अपराधों पर नकेल कसने का जबरदस्त काम किया है, जिसके चलते हत्याओं की दर 1900 के बाद से अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। हम पैम से बहुत प्यार करते हैं, और वह अब निजी क्षेत्र में एक बेहद जरूरी और अहम नई जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं, जिसकी घोषणा जल्द ही की जाएगी। वहीं, हमारे डिप्टी अटॉर्नी जनरल जो कि एक बेहद प्रतिभाशाली और सम्मानित कानूनी विशेषज्ञ हैं, टॉड ब्लैंच, अब कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल के तौर पर कार्यभार संभालेंगे।’ विवादों भरा पैम बॉन्डी का कार्यकाल पैम बॉन्डी के कार्यकाल में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया और कई अनुभवी अधिकारियों ने खुद इस्तीफा दे दिया। इससे विभाग के अंदर अस्थिरता और तनाव का माहौल बन गया। सबसे बड़ा विवाद जेफरी एपस्टीन केस से जुड़ा रहा। जेफरी एपस्टीन के ट्रैफिकिंग मामले की फाइलों को लेकर बॉन्डी पर भारी दबाव था। उन्होंने पहले दावा किया था कि उनके पास एपस्टीन की क्लाइंट लिस्ट मौजूद है, लेकिन बाद में विभाग ने माना कि ऐसा कोई दस्तावेज है ही नहीं। इस मामले को लेकर उन्हें अपने ही समर्थकों की आलोचना झेलनी पड़ी। पैम बॉन्डी पर लगे कई आरोप बॉन्डी पर यह भी आरोप लगा कि उन्होंने ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ जांच शुरू कराई। इनमें जेरोम पॉवेल, लेटिशिया जेम्स, जेम्स कोमी और जॉन ब्रेनन जैसे नाम शामिल थे। हालांकि इन मामलों में से कई को अदालतों ने खारिज कर दिया, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल और बढ़ गए। डेमोक्रेट नेताओं ने बॉन्डी पर आरोप लगाया कि उन्होंने न्याय विभाग को बदले का हथियार बना दिया। वहीं खुद बॉन्डी का कहना था कि वह विभाग की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए काम कर रही थीं और पिछली सरकार में हुई कथित गलतियों को सुधार रही थीं। ट्रंप के साथ उनका रिश्ता बेहद करीबी माना जाता था। वह खुले तौर पर ट्रंप का समर्थन करती थीं और कई बार सार्वजनिक मंचों पर उनकी तारीफ भी करती थीं। लेकिन समय के साथ ट्रंप खुद भी उनके काम से नाखुश दिखे, खासकर तब जब वह उनके राजनीतिक विरोधियों पर कार्रवाई नहीं कर पाईं। बॉन्डी के हटने के साथ ही ट्रंप के शासन में न्याय विभाग में लगातार हो रहे बदलाव की एक और कड़ी जुड़ गई है। उनके दोनों कार्यकाल में कई अटॉर्नी जनरल या तो हटाए गए या इस्तीफा देने पर मजबूर हुए, जिससे यह साफ होता है कि इस पद पर स्थिरता बनाए रखना ट्रंप प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। राष्ट्रीय धोखाधड़ी प्रवर्तन के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल का शपथ बता दें एक दिन पहले बुधवार को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कोलिन मैकडॉनल्ड को राष्ट्रीय धोखाधड़ी प्रवर्तन के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के तौर पर शपथ दिलाई। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रीय धोखाधड़ी प्रवर्तन के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के तौर पर शपथ लेने से पहले कोलिन मैकडॉनल्ड का परिचय कराते हुए कहा, ‘कोलिन जिन कामों को करेंगे, उनमें से एक यह पक्का करना है कि कोई भी धोखाधड़ी इतनी छोटी या इतनी बड़ी न हो कि उसे नजरअंदाज किया जा सके।’ राष्ट्रीय धोखाधड़ी प्रवर्तन के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल की शपथ लेने के बाद कोलिन मैकडॉनल्ड ने कहा, ‘मैं दिन-रात बिना थके काम करूंगा, ताकि यह पक्का कर सकूं कि अगर कोई आपके टैक्स के पैसे चुराने की हिम्मत करता है तो उस गलत फैसले के बाद उसे एक संघीय अभियोजक का सामना करना पड़े।’
Indian refineries : भारतीय रिफाइनिंरियों ने तेल संकट के बीच किया इस देश का रुख… आयात के सारे रिकॉर्ड तोड़े

Indian refineries : काराकास। भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां (Indian Refining Companies) अब वेनेजुएला (Venezuela) के कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार बनकर उभर रही हैं। अमेरिका द्वारा इस लैटिन अमेरिकी देश की तेल बिक्री पर नियंत्रण लगाने के बाद, अब तक के सबसे बड़े आयातक चीन ने अपनी खरीदारी कम कर दी है। चीन के पीछे हटने से जो खाली जगह बनी उसे अब भारत तेजी से भर रहा है। मार्च के आंकड़ों में भारी उछाल ब्लूमबर्ग और समुद्री खुफिया फर्म ‘केप्लर लिमिटेड’ (Kpler Ltd) द्वारा जुटाए गए शिपिंग डेटा के अनुसार, मार्च महीने में भारत को भेजे गए तेल के शिपमेंट में चार गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस भारी उछाल के साथ भारत ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान में वेनेजुएला का देशव्यापी तेल निर्यात 890,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है, जो दिसंबर 2019 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। उत्पादन बढ़ने का मुख्य कारण: ‘डाइल्यूएंट्स’ का आयात वेनेजुएला के कच्चे तेल के उत्पादन और प्रवाह में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य श्रेय आयातित ‘डाइल्यूएंट्स’ (Diluents) को जाता है। डाइल्यूएंट्स क्या हैं? ये खास तरह के रासायनिक योजक होते हैं जिनका इस्तेमाल वेनेजुएला के भारी और गाढ़े (तारकोल जैसे) कच्चे तेल को पतला करने के लिए किया जाता है, ताकि इसे पाइपलाइनों के माध्यम से आसानी से बहाया जा सके। मार्च में डाइल्यूएंट्स के आयात में वृद्धि देखी गई। फरवरी के 7 कार्गो के मुकाबले मार्च में 9 कार्गो आयात किए गए। प्रमुख कंपनियां इन डाइल्यूएंट्स का आयात मुख्य रूप से कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनियों विटोल ग्रुप और ट्राफिगुरा ग्रुप द्वारा किया गया। ध्यान रहे, ट्रंप प्रशासन ने इन कंपनियों को देश का तेल बेचने में मदद करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके अलावा, शेवरॉन कॉर्प भी इसमें शामिल है, जिसके पास वेनेजुएला के कच्चे तेल का उत्पादन और बिक्री करने का विशेष लाइसेंस है। भारतीय तेल कंपनियों की खरीदारी और रणनीति भारत की प्रमुख सरकारी और निजी तेल रिफाइनरियों ने मिलकर मार्च लोडिंग के लिए 343,000 बैरल प्रतिदिन की दर से तेल खरीदा है। इनमें शामिल प्रमुख भारतीय कंपनियां हैं- – रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड – हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। इस व्यवधान से बचने और अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय कंपनियां वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति का यह विकल्प आगे भी जारी रख सकती हैं। ट्रेडिंग कंपनियों ने वेनेजुएला के तेल को सुरक्षित रखने के लिए कैरेबियन क्षेत्र के स्टोरेज टैंकों में भेजना जारी रखा है। इस साल अब तक लगभग 1.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल बहामास, कुराकाओ और सेंट लूसिया ले जाया गया है। अब इन भंडारों से तेल धीरे-धीरे बाहर आना शुरू हो गया है। हाल ही में ‘पीबीएफ एनर्जी’ ने बहामास से एक कार्गो उठाया है। मार्च में, ‘एसएफएल टाइगर’ नामक एक समुद्री जहाज ने कुराकाओ से तेल लोड किया है और ट्रैकिंग सिग्नल्स के अनुसार इसका अंतिम गंतव्य इटली है।
37,740 Indian workers death : पांच साल में विदेशी धरती पर 37,740 भारतीय मजदूरों की मौत… सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में

37,740 Indian workers death : नई दिल्ली। सरकार (Government) ने विदेश में भारतीय कामगारों (Indian workers) की स्थिति को लेकर जो आंकड़े सामने रखे हैं, वे परेशान करने वाले हैं। पिछले पांच वर्षों में विदेशी धरती (Foreign land) पर हर दिन औसतन 20 से अधिक भारतीय श्रमिकों की मौत हुई है। इनमें 86 फीसदी से अधिक मौतें खाड़ी देशों में हुईं हैं। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह (Kirti Vardhan Singh) की ओर से राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, विदेश में 2021 से 2025 के बीच कुल 37,740 भारतीय कामगारों की जान गई। हालांकि इन मौतों की वजहों का ब्योरा नहीं दिया गया। हालांकि तुलनात्मक रूप से देखें तो खाड़ी देशों में मौतों का औसत 2012-2018 के मुकाबले लगभग दोगुना होकर रोजाना 18 तक पहुंच गया है। सबसे ज्यादा खाड़ी देशों में भारतीय की मौतें खाड़ी देशों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सबसे ज्यादा 12,380 मौतें हुईं। इसके बाद सऊदी अरब, कुवैत, ओमान और कतर का नंबर आता है। पांच साल में मौतों के आंकड़े वर्ष – मौतें 2021- 8,234 2022- 6,614 2023- 7,291 2024- 7,747 2025- 7,854 कुल – 37,740 खाड़ी देशों में स्थिति यूएई – 12,380 सऊदी अरब – 11,757 कुवैत – 3,890 ओमान – 2,821 मलयेशिया – 1,915 कतर – 1,760 अन्य देशों में देश – मौतें अमेरिका – 454 सिंगापुर – 451 नाइजीरिया – 210 यूके – 188 उत्पीड़न की भी 80,985 शिकायतें पांच साल में विदेश में भारतीय मिशनों को भारतीय नागरिकों से गलत व्यवहार, शोषण और काम की जगह से जुड़ी 80,985 शिकायतें मिलीं। इनमें वेतन न मिलना, पासपोर्ट जब्त करना, ज्यादा काम, छुट्टी न मिलना और नौकरी छूटना जैसी शिकायतें रहीं। यूएई में सबसे अधिक 16,965 शिकायतें दर्ज की गईं। कुवैत (15,234), ओमान (13,295), और सऊदी अरब (12,988) का स्थान रहा। बढ़ा मौतों का आंकड़ा सिर्फ खाड़ी देशों की बात करें तो रोजाना करीब 18 मौतें हो रही हैं। आरटीआई जवाबों और संसदीय रिकॉर्डों के विश्लेषण पर आधारित 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक 2012 और 2018 के मध्य के बीच खाड़ी क्षेत्र में लगभग 10 भारतीय मजदूरों की हर दिन मौत हुई। वही, दक्षिण-पूर्व एशिया में मौतें कम, लेकिन शिकायतें ज्यादा हैं। म्यांमार में शून्य मौत हुई, लेकिन 2,548 शिकायतें दर्ज हुईं। कुल शिकायतें 2021 के 11,632 से बढ़कर 2025 में 22,479 हो गईं। सरकार ने कहा कि भारतीय मिशन तुरंत मदद करते हैं और कई देशों के साथ श्रमिक सुरक्षा के लिए समझौते किए गए हैं।
crude oil in India : भारत में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं…. सरकार का दावा – देश में दो माह का भंडार मौजूद

crude oil in India : नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis) से ऊर्जा सुरक्षा को लेकर बढ़ी आशंकाओं के बीच सरकार रणनीतिक तेल भंडार बढ़ाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस बीच, सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल (Crude oil) की कोई कमी नहीं है। रिफाइनरी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। सरकार का दावा है कि करीब दो माह का कच्चा तेल मौजूद है। पेट्रोलियम मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत (India) के पास कुल 5.33 मिलियन मीट्रिक टन कच्चे तेल का रणनीतिक भंडार है। उन्होंने कहा कि सभी घरों को ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पिछले एक माह में तीन लाख 33 हजार पीएनजी कनेक्शन दिए गए। इनमें से दो लाख नब्बे हजार पीएनजी कनेक्शन घरेलू हैं। वहीं, करीब साढ़े तीन लाख से अधिक लोगों ने घरेलू पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से एलपीजी कनेक्शन छोड़ने की अपील पर 14 हजार चार सौ उपभोक्ताओं ने अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किया है। सुजाता शर्मा ने अपील करते हुए कहा कि पीएनजी कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले दूसरे उपभोक्ता भी अपना एलपीजी कनेक्शन को वापस कर दे। पेट्रोलियम मंत्रालय ने व्यवसायिक गतिविधियों व औद्योगिक मांग को सुचारू बनाए रखने के लिए आठ राज्यों के लिए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के कोटे में दस फीसदी अतिरिक्त बढ़ोतरी की भी घोषणा की। सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल का भंडार है। भारत समुद्र में प्रतिबंधों के खिलाफ होर्मुज जलमार्ग के मुद्दे पर ब्रिटेन द्वारा आहूत बैठक में विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जल मार्ग में बिना किसी रुकावट के आवागहन की नीति पर भारत का पक्ष रखा। भारत ने स्पष्ट तौर पर इस संकट से निकलने के लिए तनाव कम करने और कूटनीति रास्ता निकालने पर जोर दिया। ब्रिटेन द्वारा गुरुवार को बुलाई गई इस बैठक में 60 देशों ने हिस्सा लिया। बैठक वर्चुअल तरीके से हुई जिसमें होर्मुज को खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने की दिशा में प्रगति होती हुई दिखी। विदेश मंत्रालय की तरफ से इस बैठक को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि बैठक में विदेश सचिव मिसरी ने समुद्री परिवहन की आवाजाही और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बिना किसी रुकावट के आने जाने के सिद्धांत के महत्व को रेखांकित किया। ईरान जलमार्ग को हाईजैक करने में सफल रहा बैठक में ब्रिटेन की विदेश सचिव यवेट कूपर ने कहा कि ईरान वैश्विक अर्थव्यवस्था को बंधक बनाने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को हाईजैक करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि हार्मुज को खोलने के लिए सैन्य आपरेशन के बजाय कूटनीतिक तरीके खोजने होंगे। बैठक को होर्मुज पोतों की सुरक्षित निकासी के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की शुरुआती पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसमें 28 देशों के भाग लेने की उम्मीद थी लेकिन कहीं ज्यादा 48 देशों ने हिस्सा लिया है।
RAJNATH SINGH WARNING TO PAKISTAN : राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी, मौजूदा हालात में पड़ोसी न करे कोई दुस्साहस…

RAJNATH SINGH WARNING TO PAKISTAN : नई दिल्ली। भारत (India) के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने पाकिस्तान (Pakistan) को कड़े शब्दों में चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा है कि ‘अभी के हालात’ में अगर पड़ोसी कोई दुस्साहस करता है, तो भारत मुंहतोड़ जवाब देगा। वह जाहिर तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के संदर्भ में बात कर रहे थे। भारत ने बीते साल मई में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर किया था। राजनाथ सिंह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित सैनिक सम्मान सम्मेलन में पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा हालात में हमारा पड़ोसी कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर वह ऐसा करता है, तो भारत की कार्रवाई अभूतपूर्व और निर्णायक होगी।’ हालांकि, इस दौरान उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया है। रक्षा मंत्री ने आगे यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच फोड़ा टैरिफ बम… दवाओं पर 100, स्टील-एल्यूमीनियम पर 50 शुल्क का ऐलान ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र सिंह ने कहा, ‘हमने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार के एटीट्यूड और ऐक्शन के तरीके, दोनों को बदला है। ये बदलाव पूरी दुनिया को हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखने को भी मिला है। पहलगाम में हुए आतंकी हमलों में आतंकियों ने जिस तरह धर्म पूछकर लोगों को निशाना बनाया, उसने पूरे देश को ही झकझोर डाला था। वह हमला भारत की सोशल यूनिटी और सोशल फैब्रिक पर किया गया बड़ा हमला था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसके खिलाफ भारत ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी अड्डों और उससे जुडे़ इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया था…।’ सरहद पार भी कार्रवाई के लिए तैयार भारतीय सेना रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रखता है। वह इसके खिलाफ सरहद के इस पास और जरूरत पड़ी तो सरहद के उस पार भी कार्रवाई करने में पीछे नहीं रहेगा।’ उन्होंने कहा, ‘पहलगाम में हुई आतंकी घटना के बाद भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को महज 22 मिनटों में ही घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया था। और भारतीय सैन्य इतिहास में आतंकवाद के खिलाफ किया गया अब तक का यह सबसे बड़ा आपरेशन था। मैं आपको बताना चाहता हूं कि यह आपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है। यदि किसी प्रकार की नापाक हरकत पाकिस्तान की तरफ से हुई, तो हमारे सैनिक ऐसा जवाब देंगे कि वो भूल नहीं पाएंगे।’ JITU PATWARI REACHED ASSEMBLY : जीतू पटवारी आधी रात को विधानसभा पहुंचे, बोले-BJP के इशारे पर हो रही MLA की सदस्यता खत्म करने की साजिश दे दी चेतावनी सिंह ने पाकिस्तान को बड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दे दी है। उन्होंने कहा, ‘इस बार जो होगा वह अभूतपूर्व होगा हमारी सेना की तरफ से। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, क्योंकि हमारा पड़ोसी आजकल जो हालात हैं, उसमें कोई भी दुस्साहस कर सकता है। अगर उसने ऐसा किया, तो भारत का ऐक्शन निर्णायक और अभूतपूर्व होगा।’
Fuel Crisis on India’s neighbors : कभी दिखाते थे आंखें… अब ईंधन के लिए भारत के आगे फैला रहे हाथ…

Fuel Crisis on India’s neighbors : नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका युद्ध (Iran and America war) के कारण आए ईंधन संकट (Fuel Crisis) का असर भारत के पड़ोसियों पर भी पड़ा है। खबर है कि श्रीलंका, नेपाल समेत कई देशों ने भारत से सप्लाई की गुहार लगाई है। वहीं, इनमें मालदीव (Maldives) भी शामिल है। खास बात है कि मालदीव सरकार कभी भारत के खिलाफ खुलकर बात कर रही थी। बहरहाल, भारत में इन अनुरोधों पर विचार किया जा रहा है। हाल ही में ईरान ने कहा था कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz.) से निकलने को लेकर भारत में हमारे दोस्तों को परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। किसने मांगा ईंधन भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल मालदीव भारत से ईंधन मांग रहा है। भारत अपने पड़ोसी देशों को लगातार ईंधन भेज रहा है। उन्होंने बताया कि भारत कॉमर्शियल समझौतों के तहत बांग्लादेश, नेपाल, भूटान और श्रीलंका को ईंधन की सप्लाई कर रहा है। खास बात है कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर है। मालदीव की मांग उन्होंने जानकारी दी कि मालदीव सरकार ने भी हमसे शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों आधार पर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई के लिए संपर्क किया है। मालदीव के इस अनुरोध पर हमारी अपनी उपलब्धता और हमारी अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विचार किया जा रहा है। विश्व बैंक के डाटा के अनुसार मालदीव आमतौर पर अपने ज्यादातर ईंधन की सप्लाई ओमान से लेता है। फिलहाल, मालदीव में राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू की सरकार है। वह चुनाव में जीतने से पहले ‘India Out’ का नारा लगा रहे थे। साथ ही उन्होंने भारतीय सैनिकों को वापस जाने के आदेश भी जारी कर दिए थे। हालांकि, अब मुइज्जू ने हाल में ही भारत को अपना भरोसेमंद साझेदार करार दे दिया है। खबर है कि पर्यटन पर बड़े स्तर पर निर्भर देश उड़ानों पर पड़े प्रभाव के कारण भी मुश्किलों का सामना कर रहा है। बड़ी बैठक में शामिल हुआ भारत विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ब्रिटेन में आयोजित 60 से अधिक देशों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की आंशिक नाकेबंदी को लेकर भारत के रुख पर बात की। मंत्रालय ने बताया कि मिसरी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर संकट के प्रभाव और इस तथ्य पर बल दिया कि खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हमलों में नाविकों को खोने वाला भारत एकमात्र देश है। विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में बताया, ‘उन्होंने (मिसरी ने) इस बात पर भी जोर दिया कि संकट से निकलने का एकमात्र रास्ता तनाव कम करना और सभी संबंधित पक्षों के बीच कूटनीति और संवाद के मार्ग पर लौटना है।’ ईरान की तरफ से फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित संकरे होर्मुज जलमार्ग को लगभग रोक दिए जाने के बाद वैश्विक तेल व गैस की कीमतों में उछाल आया है। इस जलमार्ग से वैश्विक तेल और एलएनजी का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा होकर गुजरता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है।
DATIYA COUNCILLOR MURDERED : मर्डर के बाद ‘MISSION COMPLETE’ — आरोपियों ने की पोस्ट, परिजनों ने किया हाईवे जाम !

HIGHLIGHTS: दिनदहाड़े गोली मारकर पार्षद की हत्या आरोपियों ने सोशल मीडिया पर लिखा ‘मिशन कंपलीट’ पुलिस ने तीन आरोपियों को तुरंत किया गिरफ्तार परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर रखी मांगें नाराज लोगों ने 30 मिनट तक हाइवे जाम किया DATIYA COUNCILLOR MURDERED : दतिया। वार्ड नंबर-1 के भाजपा पार्षद कल्लू कुशवाहा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद मामला और ज्यादा गंभीर तब हो गया, जब आरोपियों ने सोशल मीडिया पर ‘Mission Complete’ लिखकर पोस्ट कर दी। घटना के बाद इलाके में डर, गुस्सा और आक्रोश का माहौल बन गया है, वहीं परिजन न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। DATIYA BY ELACTION : रातों-रात गया विधायकी का ताज, कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा; राजपत्र में दतिया विधानसभा सीट खली! ‘मिशन कंपलीट’ पोस्ट से मचा हड़कंप हत्या के बाद आरोपियों ने सोशल मीडिया पर ‘मिशन कंपलीट’ लिखकर पोस्ट किया, जिससे मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। आरोपी छोटू उर्फ पंकज कुशवाहा ने ‘छोटू कुशवाहा 302’ नाम से अकाउंट बनाकर यह पोस्ट डाली थी। जीतू पटवारी आधी रात को विधानसभा पहुंचे, बोले-BJP के इशारे पर हो रही MLA की सदस्यता खत्म करने की साजिश पुलिस की त्वरित कार्रवाई घटना के कुछ ही समय बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी छोटू के साथ गोलू और सुधीर कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य संभावित कड़ियों की तलाश जारी है। MP: भोपाल में बंसल वन मॉल के बाहर नशे में धुत युवकों ने मचाया उत्पात… परिजनों का विरोध और मांगें घटना के बाद मृतक के परिजन और समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। सीएम धामी ने केदारनाथ रावल से की मुलाकात, तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर चर्चा कलेक्ट्रेट के सामने हाइवे जाम कलेक्टर के देरी से पहुंचने पर गुस्साए लोगों ने कलेक्ट्रेट के सामने हाइवे पर चक्काजाम कर दिया। दोपहर 12:20 से 12:50 तक दोनों लेन और सर्विस रोड पर यातायात बाधित रहा। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समझाने के बाद करीब 30 मिनट में जाम समाप्त हुआ।