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पॉइंट्स टेबल में धमाका! राजस्थान रॉयल्स नंबर-1, GT को हराकर बदला पूरा खेल

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का 9वां मुकाबला गुजरात टाइटंस (जीटी) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के बीच नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शनिवार को खेला गया। आरआर ने जीटी पर 6 रन से जीत दर्ज अंकतालिका में पहला स्थान हासिल कर लिया। आरआर की सीजन के दूसरे मैच में यह दूसरी जीत थी। दिल्ली कैपिटल्स अंकतालिका में दूसरे स्थान पर है। दिल्ली ने भी सीजन के अपने दोनों मैच जीते हैं। पंजाब किंग्स सीजन के अपने शुरुआती दोनों मैच जीतकर तीसरे स्थान पर है। आरसीबी ने 1 मैच खेला है और उसमें जीत हासिल करते हुए चौथे स्थान पर काबिज है। सनराइजर्स हैदराबाद ने सीजन में 2 मैच खेले हैं। हैदराबाद को 1 मैच में जीत और 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा है। टीम 2 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। मुंबई इंडियंस 2 मैचों में 1 जीत और 1 हार के साथ छठे स्थान पर है। गुजरात टाइटंस सीजन के अपने शुरुआती दोनों मैच गंवाकर सातवें स्थान पर है। एलएसजी अपना खेला एकमात्र गंवाकर आठवें स्थान पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स अपने शुरुआती दोनों मैच गंवाकर नौवें और चेन्नई सुपर किंग्स अपने दोनों मैच गंवाकर दसवें स्थान पर है। समान अंक के बावजूद कई टीमों का अंकतालिका में स्थान ऊपर नीचे है। इसकी वजह रन रेट है। अंकतालिका में टीमों की रैंकिंग रन रेट के आधार पर है। अंकतालिका में हर मैच के बाद बदलाव होता है। रविवार को दो मैच होने हैं। शाम 3:30 से पहला मैच सनराइजर्स हैदराबाद (एसआरएच) और लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) के बीच राजीव गांधी स्टेडियम हैदराबाद में खेला जाएगा। दूसरा मैच शाम 7:30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरु में खेला जाएगा। सीएसके अपने दोनों शुरुआती मैच हार चुकी है और आरसीबी के खिलाफ उसके घरेलू मैदान में सीजन की पहली जीत हासिल करने के इरादे से उतरेगी।

रामायण में हनुमान बनेंगे सनी देओल, एक्‍टर के सामने दारा सिंह की यादों बनाए रखने की चुनौती

नई दिल्ली। रामायण की महान गाथा अब बड़े पर्दे पर लौट रही है। डायरेक्टर नितेश तिवारी और रणबीर कपूर मिलकर रामायण फिल्म ला रहे हैं, जिसमें भगवान राम की भूमिका में रणबीर नजर आएंगे। हनुमान जयंती पर फिल्म की पहली झलक रिलीज़ हुई है, जिसमें राम बने रणबीर दिखाई दे रहे हैं। इस झलक के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया है। हनुमान जी की भूमिका में नजर आएंगे सनी देओल फिल्म में हनुमान जी की भूमिका में सनी देओल नजर आएंगे। सनी देओल की छवि हमेशा ताकतवर और जोशीले किरदार वाली रही है, इसलिए कई लोगों का मानना है कि हनुमान के रोल में उनकी कास्टिंग उपयुक्त है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सनी दारा सिंह जैसे अपनी छाप लोगों के दिलों में छोड़ पाएंगे? दारा सिंह ने रामानंद सागर की रामायण में हनुमान बनकर सभी का दिल जीत लिया था। इस रोल के लिए उन्हें 60-62 साल की उम्र में भी घंटों बैठकर गेटअप तैयार करना पड़ता था। उनके चेहरे पर मोल्ड मास्क लगाया जाता, पूंछ और मेकअप के कारण उन्हें खाने-पीने और बैठने में तकलीफ होती। पूरी तैयारी में उन्हें 3-4 घंटे लगते थे। स्मरणीय मेहनत और श्रद्धा दारा सिंह की मेहनत और श्रद्धा के चलते हनुमान का किरदार आज भी यादगार है। अब सनी देओल पर जिम्मेदारी होगी कि वे इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत कर सकें। फिल्म रामायण इस साल दिवाली पर रिलीज होगी। बताया जा रहा है कि सनी का रोल इस पार्ट में छोटा है, लेकिन अगले पार्ट में, जो 2027 की दिवाली पर आएगा, उनकी ताकत और दमदार हनुमान की भूमिका दिखाई देगी।

टीमवर्क की मिसाल! प्लेयर ऑफ द मैच बिश्नोई ने तुषार-आर्चर को दिया जीत का पूरा क्रेडिट

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में शनिवार को शाम का मुकाबला नरेंद्र मोदी स्टेडियम में गुजरात टाइटंस (जीटी) और राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के बीच खेला गया। आरआर ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से आखिरी ओवरों में मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया और जीटी पर 6 रन से जीत दर्ज की। बेहतरीन गेंदबाजी करने वाले रवि बिश्नोई प्लेयर ऑफ द मैच रहे। हालांकि, रवि ने जीत का श्रेय तुषार देशपांडे और जोफ्रा आर्चर के साथ ही पूरी टीम को दिया। मैच के बाद बिश्नोई ने कहा, “पिछला सीजन मुश्किल था, लेकिन मैंने अपनी प्रक्रिया पर टिके रहने की कोशिश की। मैं अपनी लेंथ मिस करता, तो मुझे छक्के पड़ जाते। यही मेरी एकमात्र कमजोरी थी। अगर मुझे लेंथ पर हिट पड़ती है, तो कोई दिक्कत नहीं है। इस मैच में भी आपने देखा कि जब मैंने फुल लेंथ गेंदबाजी की, मुझे रन पड़े, लेकिन गुड लेंथ पर रन नहीं बने। इसके लिए मैंने मानसिक, शारीरिक और तकनीकी तौर पर काम किया है।” बिश्नोई ने कहा, “राहुल तेवतिया का विकेट मेरे लिए अहम रहा। वह एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में जाने जाते हैं। अगर वह आउट नहीं होते, तो मैच किसी भी तरफ जा सकता था।” लेग स्पिनर ने जीत का श्रेय तुषार देशपांडे, जोफ्रा आर्चर के साथ ही पूरी टीम को दिया। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि टीम जीत गई। मेरे प्रदर्शन से ज्यादा तुषार ने आखिर में और जोफ्रा ने 19वें ओवर में जिस तरह से गेंदबाजी की, वह मायने रखता है। यह सबका मिलकर किया गया काम था और इसी वजह से हम जीते। हम एक युवा टीम हैं और आगे भी ऐसे ही खेलना चाहेंगे।” रवि बिश्नोई ने 4 ओवर में 41 रन देकर 4 विकेट लिए।मैच की बात करें तो आरआर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 210 रन बनाए थे। जीटी ने 211 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की थी और 8 ओवर में पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़े। दूसरा विकेट 107 के स्कोर पर गिरा, लेकिन इसके बाद आरआर के गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेते हुए जीटी की रन गति पर अंकुश लगाया। आखिरी 2 ओवरों में जीटी को जीत के लिए 15 रन चाहिए थे और 3 विकेट शेष थे। जोफ्रा आर्चर ने 19वें ओवर में मात्र 4 रन दिए। इसके बाद आखिरी ओवर में जीत के लिए 11 रन चाहिए थे। तुषार देशपांडे ने मात्र 4 रन दिए और टीम को 6 रन से जीत दिला दी। जीटी 20 ओवर में 8 विकेट पर 204 रन बना सकी।

लखनऊ के KGMU में अवैध मजार हटाने की तैयारी, प्रशासन ने 15 दिन में कार्रवाई का दिया अल्टीमेटम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी परिसर में अवैध मजारों को हटाने की कार्रवाई को तेज कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट अल्टीमेटम जारी करते हुए कहा है कि संबंधित अधिकारियों को 15 दिन के भीतर सभी अवैध मजार हटाने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया कि इस संबंध में जिला प्रशासन और पुलिस को पूरी जानकारी भेज दी गई है। अवैध मजार हटाने की योजना में सुरक्षा, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सभी पहलुओं को ध्यान में रखा गया है। प्रशासन ने कहा कि अभियान सख्ती से लागू किया जाएगा और विश्वविद्यालय के सभी संबंधित विभागों को इसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं। विभागों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय कर ली गई है। अवैध मजारों पर नोटिस और प्रतिक्रिया मजारों को हटाने के लिए पहले ही नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अतिरिक्त समय भी दिया गया, ताकि मजार प्रबंधक वैध दस्तावेज पेश कर सकें। हालांकि, अब तक केवल एक प्रबंधक ने जवाब दिया है, लेकिन उसने कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा के भीतर सभी अवैध मजार हटाए जाएंगे। यदि कोई व्यक्ति कार्रवाई में बाधा डालता है या विरोध करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। प्रो. केके सिंह ने कहा कि यह कदम विश्वविद्यालय परिसर को व्यवस्थित और नियमों के अनुसार बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अभियान पूरी निगरानी में चलाया जाएगा। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त कर दिया गया है।

हैदराबाद में रनवर्षा तय! Sunrisers Hyderabad के आगे Rishabh Pant ब्रिगेड की कड़ी परीक्षा, ऐसी हो सकती है प्लेइंग-11

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और रविवार को Hyderabad के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाला मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। इस मैच में Sunrisers Hyderabad (SRH) और Lucknow Super Giants (LSG) आमने-सामने होंगी। मौजूदा फॉर्म को देखें तो हैदराबाद की टीम का पलड़ा भारी नजर आ रहा है, जबकि लखनऊ के लिए यह मुकाबला किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है।  SRH की बल्लेबाजी बनी सबसे बड़ी ताकतपिछले मुकाबले में Sunrisers Hyderabad ने 226 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर Kolkata Knight Riders को 65 रन से हराया था। इस जीत ने टीम के आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। ओपनिंग जोड़ी Travis Head और Abhishek Sharma पावरप्ले में ही मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। कप्तान Ishan Kishan आक्रामक अंदाज में खेल रहे हैं, जबकि Heinrich Klaasen मिडिल ऑर्डर की रीढ़ बने हुए हैं।  ऑलराउंड संतुलन से और खतरनाक SRHNitish Kumar Reddy जैसे ऑलराउंडर टीम को मजबूती दे रहे हैं। गेंदबाजी में Jaydev Unadkat और Eshan Malinga शानदार फॉर्म में हैं, जो विपक्षी बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। LSG की बल्लेबाजी बनी चिंतादूसरी ओर Lucknow Super Giants के लिए सबसे बड़ी समस्या उनकी बल्लेबाजी है। पिछले मैच में Delhi Capitals के खिलाफ टीम सिर्फ 141 रन पर सिमट गई थी।कप्तान Rishabh Pant को ओपनिंग में भेजने का प्रयोग नाकाम रहा। अब उन्हें मिडिल ऑर्डर में वापसी करानी पड़ सकती है। Mitchell Marsh और Aiden Markram की ओपनिंग जोड़ी टीम के लिए अहम साबित हो सकती है, जबकि Nicholas Pooran से बड़ी पारी की उम्मीद होगी।  गेंदबाजी में उम्मीद की किरणगेंदबाजी में Mohammed Shami और Prince Yadav ने पावरप्ले में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन मिडिल ओवर्स में टीम दबाव बनाने में नाकाम रही है। संभावित प्लेइंग-11सनराइजर्स हैदराबाद:अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (कप्तान), हेनरिक क्लासेन, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, सलिल अरोड़ा, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, डेविड पेन लखनऊ सुपर जायंट्स:मिचेल मार्श, ऋषभ पंत (कप्तान), एडन मार्करम, आयुष बदोनी, निकोलस पूरन, अब्दुल समद, मुकुल चौधरी, मोहम्मद शमी, एनरिक नॉर्किया, मोहसिन खान, प्रिंस यादव मैच का निष्कर्षकुल मिलाकर, मौजूदा फॉर्म और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए Sunrisers Hyderabad इस मुकाबले में मजबूत स्थिति में नजर आ रही है। अगर Lucknow Super Giants की बल्लेबाजी नहीं सुधरी, तो यह मैच एकतरफा भी हो सकता है।

6 अप्रैल से 15 अप्रैल तक शुक्र का गोचर इन राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण, समझदारी से लें फैसले

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार शुक्र को सुख, प्रेम, सुविधा और धन का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक 6 अप्रैल 2026 को शुक्र देव अश्विनी नक्षत्र से निकलकर भरणी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। भरणी नक्षत्र के स्वामी स्वयं शुक्र देव हैं, लेकिन इसका स्वभाव उग्र माना गया है। शुक्र देव भरणी नक्षत्र में 15 अप्रैल तक रहेंगे और 16 अप्रैल को कृतिका नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। हालांकि शुक्र अपनी ही राशि के नक्षत्र में हैं, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह अवधि आर्थिक और व्यक्तिगत मोर्चे पर चुनौतियां लेकर आ सकती है।प्रभावित राशियां और उपाय वृषभ राशि  वृषभ राशि के स्वामी स्वयं शुक्र हैं, लेकिन भरणी नक्षत्र में गोचर के दौरान अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं। इस समय सुख-सुविधा की वस्तुओं पर धन खर्च करना पड़ सकता है और बजट बिगड़ सकता है। निवेश या बड़े वित्तीय फैसलों में 15 अप्रैल तक रुकना बेहतर रहेगा।कन्या राशि कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर मिला-जुला रहेगा। कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ वैचारिक मतभेद और सुख-सुविधाओं में अचानक कमी के कारण मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान अपनी सेहत और खान-पान का विशेष ध्यान रखें। जीवनसाथी के साथ बातचीत में मधुरता बनाए रखें। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए शत्रुओं का प्रभाव बढ़ सकता है। गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। प्रेम संबंधों में गलतफहमियां आ सकती हैं। किसी पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और विवादों से दूरी बनाकर रखें। मीन राशि मीन राशि वालों के लिए धन के मामलों में उतार-चढ़ाव संभव है। उधार देना या बड़ा कर्ज लेना हानिकारक हो सकता है। धन के अटकने के योग बन रहे हैं, जिससे भविष्य की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं। आर्थिक निर्णय लेने से पहले परिवार के बुजुर्गों की सलाह अवश्य लें।

क्रूड के रेट आसमान पर… भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने अब तक नहीं बढ़ाए पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। सरकारी ऑयल कंपनियों (Government Oil Companies) ने आज रविवार को एक बार फिर से पेट्रोल-डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price ) में कोई बदलाव नहीं किया है। तेल कंपनियों (Oil Companies) ने पुरानी कीमतों को बरकरार रखा है। बता दें, 1 अप्रैल को Shell India ने पेट्रोल के रेट में 7.41 रुपये और डीजल के रेट में 25 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे हैं कच्चे तेल के रेटमिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों में पर देखने को मिल रहा है। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुई है। इसी रास्ते से दुनिया का 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। लेकिन अब यह बाधित होने के बाद कच्चे तेल के रेट में जोरदार इजाफा देखने को मिल रहा है। ब्रेंट क्रूड ऑयल का रेट 109 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस तक पहुंच गया। युद्ध शुरू होने से पहले रेट 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब था। आज पेट्रोल का क्या है रेट?– नई दिल्ली में – 94.72– कोलकाता – 104.21– चेन्नई – 100.75– अहमदाबाद – 94.49– बेंगलुरू – 102.92– हैदराबाद – 107.46– जयपुर – 104.72– लखनऊ – 94.69– पुणे – 104.04– चंडीगढ़ – 94.30– इंदौर – 106.48– पटना – 105.58– सूरत – 95– नाशिक – 95.50 आज डीजल का क्या है रेट?– दिल्ली – 87.62– मुंबई – 92.15– चेन्नई – 92.34– अहमदाबाद – 90.17– बेंगलुरू – 89.02– हैदराबाद – 95.70– जयपुर – 90.21– लखनऊ – 87.80– चंडीगढ़ – 82.45– इंदौर – 91.88– पटना – 93.80– सूरत – 89– नाशिक – 89.50 प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में हुआ था इजाफा1 अप्रैल को इंडियन ऑयल ने XP100 पेट्रोल के रेट में 11 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। जिसके बाद इसका रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर के स्तर को क्रॉस कर गया था। प्रीमियम डीजल वैरिएंट एक्सट्रा ग्रीन की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला है। यह अब 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। नायरा के बाद Shell India ने भी बढ़ाया रेटप्राइवेट कंपनियों ने तेल की कीमतों में इजाफा शुरू कर दिया है। नयारा के बाद Shell India ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। पेट्रोल के रेट में कंपनी ने 7.41 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 25.01 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।

पश्चिम एशिया संकट से निपटने के तरीके पर सरकार के साथ नजर आ रहे ये नेता… बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किल!

नई दिल्ली। कांग्रेस (Congress) के कुछ नेताओं ने पश्चिम एशिया (West Asia) संकट से निपटने के तरीके पर सरकार के साथ खड़े नजर आकर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस को असहज स्थिति में डाल चुके पार्टी सांसद शशि थरूर (MP Shashi Tharoor) के अलावा मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व सीएम कमलनाथ (Former CM Kamal Nath) और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा (Anand Sharma) और मनीष तिवारी (Manish Tewari) ने पिछले कुछ दिनों में पार्टी के आधिकारिक रुख से अलग राय जताई है। नेताओं की बयानबाजी से कांग्रेस की हुई किरकिरीइन प्रमुख नेताओं की बयानबाजी ने कांग्रेस की काफी किरकिरी कराई है। खासकर ऐसे समय जब पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण देश में ऊर्जा संकट उत्पन्न होने को लेकर लगातार नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं। राहुल ने हाल ही में कहा था कि आने वाले समय में ईंधन एक बड़ी समस्या बनने वाला है, क्योंकि ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो चुकी है। यह स्थिति गलत विदेश नीति के कारण पैदा हुई है। आनंद शर्मा, कमलनाथ के बाद सरकार के साथ मनीष तिवारीकांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पश्चिम एशिया में जारी जंग पर एक टीवी चैनल पर कहा, सरकार संभवतः सही काम कर रही है। अभी दो दिन पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं आनंद शर्मा और कमलनाथ ने भी मौजूदा स्थिति को संभालने के केंद्र के तरीके की सराहना की थी। आनंद शर्मा ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था कि भारत का कूटनीतिक तरीका समझदारी भरा रहा है। इससे संभावित मुश्किलों से बचा गया है। एलपीजी की कोई कमी नहीं है- कमलनाथमध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने छिंदवाड़ा में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, एलपीजी की कोई कमी नहीं है। बस ये माहौल बनाया जा रहा है कि कमी है। कुछ लोगों राजनीतिक फायदे के लिए जानबूझकर डर फैला रहे हैं। शशि थरूर ने पिछले महीने एक लेख में पश्चिम एशिया संकट पर भारत सरकार के संयमित रुख का समर्थन करते हुए इसे जिम्मेदारी भरा बताया है। उनके मुताबिक, इस मामले में चुप्पी कायरता नहीं है। हमें समझना होगा कि हमारे राष्ट्रीय हित इस इलाके से जुड़े हैं।

23 साल का स्पीड स्टार: अशोक शर्मा ने तोड़ा सीजन का रिकॉर्ड, बनी नई सनसनी

नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में छा गया है और वह नाम है अशोक शर्मा। गुजरात टाइटन्स के इस युवा तेज गेंदबाज ने अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में उन्होंने 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंककर न सिर्फ दर्शकों को रोमांचित किया बल्कि पूरे सीजन की सबसे तेज गेंद डालने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ इस मुकाबले में अशोक शर्मा शुरुआत से ही अलग लय में नजर आए। उनकी गेंदों में लगातार 145 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार देखने को मिली। बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदों का सामना करना आसान नहीं था। लेकिन असली रोमांच पारी के 16वें ओवर में देखने को मिला जब उन्होंने ओवर की आखिरी गेंद 154.2 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फेंकी। यह गेंद इतनी तेज और सटीक थी कि बल्लेबाज ध्रुव जुरेल किसी तरह खुद को बचा सके। इस प्रदर्शन के साथ ही अशोक शर्मा ने खुद को उन चुनिंदा भारतीय तेज गेंदबाजों की सूची में शामिल कर लिया है जो 154 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार छू चुके हैं। इससे पहले यह उपलब्धि उमरान मलिक और मयंक यादव जैसे गेंदबाज हासिल कर चुके हैं। खास बात यह है कि उमरान मलिक के नाम अब भी आईपीएल इतिहास की सबसे तेज गेंद का रिकॉर्ड दर्ज है। अशोक शर्मा की कहानी भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। 23 वर्षीय यह तेज गेंदबाज राजस्थान से ताल्लुक रखते हैं और घरेलू क्रिकेट में अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हैं। करियर के शुरुआती दौर में उनकी गेंदबाजी में सटीकता की कमी थी लेकिन उन्होंने पिछले दो वर्षों में खुद पर कड़ी मेहनत की और अपनी कमजोरियों को ताकत में बदल दिया। इसका परिणाम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में देखने को मिला जहां उन्होंने 10 मैचों में 22 विकेट लेकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। अगर उनके घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड पर नजर डालें तो उन्होंने अब तक 4 फर्स्ट क्लास मैचों में 14 विकेट, 7 लिस्ट ए मुकाबलों में 13 विकेट और 12 टी20 मैचों में 24 विकेट हासिल किए हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि वह सिर्फ तेज ही नहीं बल्कि असरदार गेंदबाज भी हैं। आईपीएल में उनका सफर भी दिलचस्प रहा है। वह पहले कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के स्क्वॉड का हिस्सा रह चुके थे लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिल पाया। आखिरकार गुजरात टाइटन्स ने उन पर भरोसा जताया और 90 लाख रुपये में टीम में शामिल किया। यह फैसला अब पूरी तरह सही साबित होता नजर आ रहा है। अशोक शर्मा की यह तेज गेंदबाजी न सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। जिस तरह से वह लगातार अपनी रफ्तार और नियंत्रण में सुधार कर रहे हैं उससे साफ है कि आने वाले समय में वह भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

1967 से आज तक अटूट यात्रा कृषि दर्शन की अनोखी कहानी

नई दिल्ली । भारत में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत दूरदर्शन के साथ साल 1959 में हुई थी और तभी से यह माध्यम देश के हर वर्ग तक जानकारी मनोरंजन और शिक्षा पहुंचाने का सशक्त जरिया बन गया। समय के साथ दूरदर्शन पर कई लोकप्रिय कार्यक्रम प्रसारित हुए जिनमें रामायण हम लोग और आपबीती जैसे शो शामिल हैं लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा कार्यक्रम भी रहा जिसने न सिर्फ इतिहास बनाया बल्कि आज तक अपनी उपयोगिता और प्रासंगिकता को बनाए रखा है। इस शो का नाम है कृषि दर्शन जिसे भारत का सबसे लंबा चलने वाला टेलीविजन शो माना जाता है। कृषि दर्शन की शुरुआत 26 जनवरी 1967 को हुई थी जो कि गणतंत्र दिवस का खास दिन था। इस शो को खासतौर पर किसानों के लिए डिजाइन किया गया था ताकि उन्हें खेती से जुड़ी नई तकनीकों उन्नत बीजों और आधुनिक तरीकों की जानकारी दी जा सके। शुरुआत में यह कार्यक्रम केवल दिल्ली के आसपास के लगभग 80 गांवों में ही प्रसारित किया जाता था। उस समय इसका उद्देश्य साफ था किसानों को सशक्त बनाना और उन्हें वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करना। समय के साथ इस शो की लोकप्रियता बढ़ती गई और यह सीमित क्षेत्र से निकलकर पूरे देश तक पहुंच गया। आज कृषि दर्शन न केवल टीवी पर बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी उपलब्ध है जिससे किसान कहीं भी कभी भी इसे देख सकते हैं। यह शो पहले डीडी नेशनल पर प्रसारित होता था लेकिन साल 2015 में इसे डीडी किसान चैनल पर स्थानांतरित कर दिया गया जिससे इसका फोकस और अधिक स्पष्ट रूप से कृषि पर केंद्रित हो गया। इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यह केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने किसानों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का काम किया। खेती से जुड़ी समस्याओं के समाधान नई तकनीकों का प्रदर्शन और विशेषज्ञों की सलाह इस शो की पहचान बन गई। यही वजह है कि दशकों बाद भी इसकी उपयोगिता कम नहीं हुई बल्कि और अधिक मजबूत हुई है। कृषि दर्शन को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद यानी ICAR के सहयोग से शुरू किया गया था। यह पहल भारत सरकार की उस सोच का हिस्सा थी जिसमें कृषि को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। विकिपीडिया के अनुसार इस शो के अब तक 62 सीजन पूरे हो चुके हैं और 16780 से अधिक एपिसोड प्रसारित किए जा चुके हैं जो इसे अपने आप में एक रिकॉर्ड बनाता है। आज जब मनोरंजन के अनगिनत विकल्प मौजूद हैं तब भी कृषि दर्शन अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। यह सिर्फ एक टीवी शो नहीं बल्कि किसानों के लिए ज्ञान का एक भरोसेमंद स्रोत है जिसने पीढ़ियों को जोड़ा है और देश के कृषि विकास में अहम भूमिका निभाई है।