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अलर्ट जारी! मध्य प्रदेश के 24 जिलों में आंधी-बारिश का खतरा, मौसम रहेगा अस्थिर

भोपाल। मध्य प्रदेश में 9 अप्रैल तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। सक्रिय टर्फ सिस्टम के चलते सोमवार को ग्वालियर-चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के कुल 24 जिलों में इसका असर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार 7 अप्रैल से एक नया मौसम सिस्टम भी सक्रिय हो रहा है, जिससे गतिविधियां और बढ़ेंगी। सोमवार को जिन जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल सिस्टम सक्रिय है और 7 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी असर दिखाएगा। इसके चलते कहीं तेज आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बन सकती है। इससे पहले 4 और 5 अप्रैल को प्रदेश में मौसम ने जोरदार करवट ली थी। शनिवार को 14 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जबकि 39 जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सिवनी, अनूपपुर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, कटनी, बड़वानी, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, भोपाल, विदिशा, राजगढ़, खरगोन, धार, इंदौर, मंदसौर और खंडवा में बारिश दर्ज की गई। ओलावृष्टि मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, छतरपुर, विदिशा, रायसेन, राजगढ़, बैतूल, नरसिंहपुर और सागर जिलों में हुई। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज हवाएं भी चलीं। हवा की रफ्तार की बात करें तो जबलपुर में 59 किमी/घंटा, सागर में 54 किमी/घंटा, बड़वानी में 50 किमी/घंटा, शिवपुरी में 43 किमी/घंटा, कटनी, मुरैना और अशोकनगर में 41 किमी/घंटा, सीधी, गुना और ग्वालियर में 37 किमी/घंटा, इंदौर और रीवा में 33 किमी/घंटा, चित्रकूट और सतना में 31 किमी/घंटा, मंदसौर और धार में 28 किमी/घंटा तथा बैतूल में 26 किमी/घंटा की रफ्तार दर्ज की गई। रविवार को भी मौसम में बदलाव बना रहा, जहां कई स्थानों पर आंधी और बारिश देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी तेज हवाएं चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की गति 50 से 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

MP Politics: विधायक संजय पाठक का अनोखा ऐलान, 51% से कम समर्थन मिला तो छोड़ देंगे कुर्सी

कटनी। मध्य प्रदेश की राजनीति में एक अलग तरह का प्रयोग सामने आया है। प्रदेश के चर्चित और संपन्न विधायकों में गिने जाने वाले संजय सतेंद्र पाठक ने अपने कार्यकाल के बीच ही जनता से खुद का मूल्यांकन कराने का बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद वे अपने विधानसभा क्षेत्र में “जनादेश” कराएंगे। यदि इस प्रक्रिया में उन्हें 51 प्रतिशत से कम समर्थन मिला, तो वे तत्काल इस्तीफा दे देंगे। कटनी जिले की विजयराघवगढ़ विधानसभा से विधायक पाठक ने यह घोषणा कैमोर नगर परिषद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। उन्होंने कहा कि जनता के बीच जाकर यह परखा जाना चाहिए कि वे विधायक बने रहने योग्य हैं या नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनादेश के जरिए जनता से सीधे पूछा जाएगा कि उनके ढाई साल के कामकाज को कितने अंक मिलते हैं। यदि 51 प्रतिशत से अधिक समर्थन मिला तो वे पद पर बने रहेंगे, अन्यथा इस्तीफा देकर घर बैठ जाएंगे। विधायक ने यह भी बताया कि वे मई-जून के आसपास इस प्रक्रिया को दोबारा अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत वे घर-घर जाकर लोगों से फीडबैक लेंगे और खुद को जनता के “कटघरे” में रखेंगे। गौरतलब है कि यह प्रयोग वे पहले भी कर चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले भी उन्होंने अपने क्षेत्र में जनादेश कराया था। चार दिन चली इस प्रक्रिया में 75 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने उनके पक्ष में समर्थन दिया था। कुल 2.33 लाख मतदाताओं में से करीब 1.37 लाख लोगों ने मतदान किया था, जिसमें से लगभग 1.03 लाख मत उनके समर्थन में पड़े थे। हालांकि, संजय सतेंद्र पाठक हाल के समय में कई विवादों के कारण सुर्खियों में भी रहे हैं। सहारा जमीन घोटाला, एक्सिस माइनिंग से जुड़ा मामला और करोड़ों के जुर्माने सहित अन्य मुद्दे उनके लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में उनका यह नया राजनीतिक दांव आने वाले समय में उनके लिए राह आसान करेगा या नई मुश्किलें खड़ी करेगा, यह देखना दिलचस्प होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश की राजनीति में एक नई परंपरा की शुरुआत भी कर सकती है।

दिल्ली-मुंबई में धमाका करने की साजिश फेल, जैश-ए-मोहम्मद और आईएस से जुड़े दो संदिग्ध गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली और मुंबई में खिलौना बम से धमाका करने की साजिश रच रहे दो आतंकियों को पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और मुंबई एटीएस की संयुक्त कार्रवाई में मोसाब अहमद और मोहम्मद हमाद कालरा को कल्याण और कुर्ला से पकड़ा गया। दोनों आरोपी आईएस और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे और पाकिस्तानी आतंक संगठन के हैंडलर के संपर्क में थे। स्पेशल सेल और एटीएस की संयुक्त कार्रवाईसूत्रों के अनुसार, रविवार को मुंबई एटीएस और दिल्ली स्पेशल सेल ने मिलकर इन दोनों को हिरासत में लिया। इनके कब्जे से मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि दोनों “मिशन खिलाफत” और “सोल्जर ऑफ प्रॉफेट” जैसे आतंक समूहों से जुड़े हुए थे और पाकिस्तान में जैश कमांडर के संपर्क में थे। खिलौना बम बनाने की योजनाजांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आतंकियों ने इंटरनेट के जरिए खिलौना बम बनाने की तकनीक सीखी थी और दिल्ली-मुंबई में धमाके करने की फिराक में थे। मुंबई एटीएस ने इससे पहले आईएस से जुड़े अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ में इन दोनों की जानकारी मिली। युवाओं को कट्टरपंथी बनाने का प्रयासपुलिस के मुताबिक, मोसाब अहमद और मोहम्मद हमाद कालरा भारत में कट्टरपंथी युवाओं को भर्ती कर रहे थे। उनका मकसद आईएस का एजेंडा भारत में फैलाना और युवाओं को भड़काऊ सामग्री के माध्यम से कट्टरपंथी बनाना था। हथियार और प्रशिक्षण पाकिस्तान और अफगानिस्तान से उपलब्ध कराए जा रहे थे।

सरकारी तेल कंपनियों ने घाटे से निपटने उठाया कदम, रिफाइनरियों से सस्ते दाम पर खरीदेंगी ईंधन

नई दिल्ली। ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) रिफाइनरियों से पेट्रोल, डीजल, विमान ईंधन (एटीएफ) और केरोसिन को रियायती दरों पर खरीदेंगी। यह कदम घाटे की भरपाई के लिए उठाया गया है और यह पहली बार है जब कीमत नियंत्रण के बाद ऐसा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, ओएमसी ने 26 मार्च को ऐसी दरें तय की हैं, जो आयात लागत से 60 रुपये प्रति लीटर तक कम हैं। रियायती दरें 16 मार्च से प्रभावीओएमसी की ये रियायती दरें 16 मार्च से लागू मानी जाएंगी। पश्चिम एशिया में संघर्ष से पहले कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब 100 डॉलर से ऊपर पहुंच गई हैं। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ, जिससे होने वाले नुकसान को ओएमसी को खुद वहन करना पड़ रहा है। ईंधन पर छूट के बाद आरटीपी में कमीमार्च के दूसरे पखवाड़े में डीजल पर 22,342 रुपये प्रति किलोलीटर की छूट दी गई थी, जिससे आरटीपी 85,349 रुपये से घटाकर 63,007 रुपये प्रति किलोलीटर किया गया। अप्रैल के पहले पखवाड़े के लिए डीजल पर छूट 60,239 रुपये प्रति किलोलीटर रखी गई है, ताकि आरटीपी 1,46,243 रुपये से घटाकर 86,004 रुपये प्रति किलोलीटर किया जा सके। विमान ईंधन (एटीएफ) पर 50,564 रुपये प्रति किलोलीटर की छूट के बाद आरटीपी को 1,27,486 रुपये से घटाकर 76,923 रुपये प्रति किलोलीटर किया गया। केरोसिन पर 46,311 रुपये प्रति किलोलीटर की छूट के बाद आरटीपी 1,23,845 रुपये से घटाकर 77,534 रुपये प्रति किलोलीटर तय किया गया है।

Aditya Dhar ने खोला राज! Ranveer Singh और Akshaye Khanna नहीं, ये शख्स है ‘धुरंधर’ की असली आत्मा

  नई दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और स्टार कास्ट की खूब तारीफ हो रही है। Ranveer Singh, Sanjay Dutt, Rakesh Bedi और Akshaye Khanna जैसे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से फिल्म में जान डाल दी है। लेकिन अब फिल्म के निर्देशक Aditya Dhar ने उस शख्स का खुलासा किया है, जिसे वे इस फिल्म की असली ‘आत्मा’ मानते हैं। किसे बताया ‘धुरंधर’ की आत्मा?आदित्य धर ने अपनी फिल्म के सिनेमैटोग्राफर Vikas Noulakha को ‘धुरंधर’ की आत्मा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर विकास की जमकर तारीफ की और कहा कि फिल्म के पीछे जो नजर, सोच और आत्मा है, वह विकास ही हैं। शूटिंग से पहले ही जुड़ गए थे विकासआदित्य धर ने बताया कि विकास नौलखा शूटिंग शुरू होने से कुछ ही दिन पहले इस प्रोजेक्ट से जुड़े थे। लेकिन कम समय में ही उन्होंने फिल्म के हर सीन को इतना प्रभावशाली बना दिया कि वह फिल्म की पहचान बन गए। निर्देशक के मुताबिक, विकास ने सिर्फ कैमरा नहीं संभाला, बल्कि हर फ्रेम में भावनाएं भर दीं। स्क्रिप्ट पढ़कर दिया था खास बयानजब विकास ने पहली बार फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्होंने कहा था कि वह पिछले 30 सालों से ऐसी फिल्म का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने वादा किया था कि वह इस प्रोजेक्ट में अपनी पूरी जान लगा देंगे-और उन्होंने ऐसा करके दिखाया भी। आदित्य धर के अनुसार, विकास ने इसे सिर्फ एक काम की तरह नहीं, बल्कि एक “भक्ति” की तरह निभाया। “फिल्म को जिया है, सिर्फ शूट नहीं किया”आदित्य धर ने कहा कि बहुत लोग फिल्म को शूट करते हैं, लेकिन विकास नौलखा ने इस फिल्म को जिया है। उनके इनपुट हमेशा शांत लेकिन सटीक होते थे, जो हर सीन को बेहतर बनाते गए। उन्होंने फिल्म को वह चीज दी, जिसे बनाया नहीं जा सकता—और वह है ‘आत्मा’। बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शनधुरंधर 2 ने रिलीज के 18 दिनों के अंदर ही 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म ने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और लगातार शानदार कमाई कर रही है। इस सफलता के पीछे जहां स्टार कास्ट का योगदान है, वहीं पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम खासकर सिनेमैटोग्राफी का भी बड़ा हाथ है। आदित्य धर का यह बयान साफ करता है कि किसी भी फिल्म की सफलता सिर्फ बड़े सितारों से नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले क्रिएटिव लोगों की मेहनत से भी तय होती है। विकास नौलखा जैसे कलाकार ही फिल्मों को असल मायनों में ‘जीवंत’ बनाते हैं।

‘मेरे पिता पाकिस्तान नहीं गए’! Rakesh Bedi का Nabil Gabol को करारा जवाब

नई दिल्ली। फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अभिनेता राकेश बेदी का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी नेता नबील गबोल के उस दावे पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि फिल्म में उनका किरदार कहीं न कहीं उनसे प्रेरित है। इस पर राकेश बेदी ने बेहद सहज और मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा-“मेरी शक्ल आपसे मिलती जरूर है, लेकिन मेरे पिता कभी पाकिस्तान नहीं गए।” दरअसल, ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ भले ही पाकिस्तान में बैन रही हों, लेकिन वहां के दर्शकों के बीच इन फिल्मों को लेकर काफी दिलचस्पी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें पाकिस्तान के लोग फिल्म के किरदारों पर प्रतिक्रिया देते नजर आए। इन वीडियो में नबील गबोल के बयान भी चर्चा में आए, जहां उन्होंने कहा कि राकेश बेदी का किरदार ‘जमील जमाली’ उनके व्यक्तित्व से मिलता-जुलता है, हालांकि फिल्म में इसे हास्य रूप में पेश किया गया। इंटरव्यू में सामने आया पूरा मामलाएक इंटरव्यू के दौरान जब राकेश बेदी को नबील गबोल के बयान के बारे में बताया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं भी कहना चाहूंगा—आई लव यू, नबील गबोल साहब।” उनके इस जवाब ने माहौल को हल्का बना दिया और दर्शकों के बीच यह बयान खूब पसंद किया जा रहा है। “शक्ल मिलना इत्तेफाक है”राकेश बेदी ने आगे स्पष्ट किया कि किसी से शक्ल मिलना महज एक इत्तेफाक होता है। उन्होंने कहा कि “हो सकता है कि हमारी शक्लें कुछ हद तक मिलती हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई सीधा संबंध है। ना आपके पिता भारत आए, ना मेरे पिता पाकिस्तान गए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्म में उनके पहनावे और अंदाज ने भी इस समानता को और बढ़ा दिया। विवाद से ज्यादा मजाक में लिया बयानपूरे मामले में खास बात यह रही कि राकेश बेदी ने इस मुद्दे को विवाद बनाने के बजाय हंसी-मजाक में लिया। उनके जवाब से यह साफ हो गया कि वे इस तुलना को गंभीरता से नहीं लेते, बल्कि इसे एक दिलचस्प संयोग मानते हैं। सोशल मीडिया पर छाया बयानराकेश बेदी का यह हल्का-फुल्का अंदाज अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। फैंस उनके इस जवाब को पसंद कर रहे हैं और इसे एक सकारात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर देख रहे हैं, जहां किसी संभावित विवाद को हंसी में टाल दिया गया।

LPG संकट के बीच एक और राहत की खबर… भारत के नौंवे जहाज ने भी पार किया होर्मुज

नई दिल्ली। भारत (India) में एलपीजी (LPG) की कमी के बीच बड़ी राहत की खबर है। ईरान युद्ध के बीच होर्मुज (Hormuz) से भारत के 9वें टैंकर को निकले की इजाजत मिल गई है। ‘ग्रीन आशा’ नाम का भारतीय झंडे वाला यह पोत बड़ी मात्रा में एलपीजी लेकर भारत आ रहा है। इससे पहले 3 अप्रैल को ‘ग्रीन सांवी’ को होर्मुज से निकलने की इजाजत मिली थी। इससे 46 हजार टन एलपीजी भारत पहुंच रही है। इससे कहा जा सकता है कि जल्द ही भारत में एलपीजी की किल्लत दूर होने वाली है। एक और एलपीजी टैंकर कर रहा इंतजाररिपोर्ट के मुताबिक भारत का एक और पोत ‘जग विक्रम’ अभी परमीशन का इंतजार कर रहा है। ये भी टैंकर होर्मुज से पहले ही रुककर इजाजत का इंतजार करते हैं। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इन्हें पास कराया जाता है। कच्चे तेल और एलपीजी वाले पोतों को प्राथमिकता दी जाती है। ईरान ने स्पष्ट कह दिया है कि भारत के टैंकरों को होर्मुज से निकलने की इजाजत दी जाएगी। इसके अलावा अमेरिका और इजरायल का साथ देने वाले देशों के लिए होर्मुज बंद माना जाए। इससे पहले BW TYR टैंकर मुंबई पहुंचा है। शिपिंग महानिदेशालय की रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज के पास अभी 16 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। इनमें से पांच शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के हैं। ओमान की खाड़ी , अदन की खाड़ी और लाल सागर में भी कुछ भारतीय जहाज मौजूद हैं। खाड़ी में बड़ी संख्या में भारतीय नाविकखाड़ी इलाकों में भारतीय नाविकों की संख्या भी काफी ज्यादा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस क्षेत्र में भारत के कम से कम 20 हजार 500 नाविक हैं। इनमें से 504 नाविक ही भारतीय शिप पर हैं। 3 अप्रैल को अलग-अलग शिपिंग कंपनियों द्वारा 1130 नाविकों को सुरक्षित निकाला गया है। भारत ईरान की सरकार के साथ कूटनीतिक वार्ता भी कर रहा है। ईरान का भी रुख भारत के प्रति बेहद नरम है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को होर्मुज खोलने के लिए चेतावनी दे रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि तेहरान में एक ‘भीषण हमले’ में ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों को ‘खत्म’ कर दिया गया है। उन्होने कहा कि अगर ईरान अब भी नहीं मानता है तो ऐसे अभियान चलते रहेंगे। उन्होंने कहा, “याद रखें जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन का समय दिया था। अब समय खत्म हो रहा है-48 घंटे बचे हैं, इसके बाद उन पर चौतरफा आफत बरसेगी।”

MP को बड़ी सौगात… 22 Km 4-लेन टाइगर कॉरिडोर के लिए 758 करोड़ रुपये स्वीकृत

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इटारसी-बैतूल सेक्शन (Itarsi-Betul section.) में स्थित 22 किलोमीटर लंबे ‘टाइगर कॉरिडोर’ (‘Tiger Corridor’) को अब चार लेन हाईवे (Four Lane Highway) में विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार (Central Government) ने इस परियोजना के लिए 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से इटारसी-बैतूल क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेंगी। NH-46 को मिलेगी स्पीडराष्ट्रीय राजमार्ग-46 (NH-46) के इस हिस्से को चार लेन में अपग्रेड करने से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल आम लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि कृषि और खनिज आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। यह इलाका कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है, जिससे माल ढुलाई तेज और सुरक्षित हो सकेगी। जानिए कहां से कहां को जुड़ेगाकेंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, इस परियोजना के तहत 11 विशेष अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, जिससे वन्यजीवों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जा सके। इससे सड़क दुर्घटनाओं और जानवरों की मौत में कमी आने की संभावना है। यह कॉरिडोर बैतूल को आगे नागपुर से जोड़ेगा, जिससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क और बेहतर होगा। इसके अलावा, ग्वालियर-बैतूल कॉरिडोर के इस शेष हिस्से के चार लेन बनने से पूरा मार्ग हाई-स्पीड कनेक्टिविटी वाला बन जाएगा। समय की होगी बचतपरियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। साथ ही सतपुरा टाइगर रिजर्व, महादेव नेशनल पार्क और रातापानी वाइल्डलाइफ सेंचुरी जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से इको-टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।

दुबई का पर्यटन गहरे संकट में… ईरान युद्ध के चलते सूने पड़े होटल-रेस्तरां, 80% घटी कमाई

दुबई। दुनिया के सबसे व्यस्त पर्यटन केंद्रों (Busiest Tourist Centers) में शामिल दुबई (Dubai) पश्चिम एशिया में जारी युद्ध (West Asia War) के चलते गहरे संकट से गुजर रहा है। पिछले साल यानी 2025 में 19.59 मिलियन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का स्वागत करने वाला यह शहर अब खाली होटलों, सूने रेस्तरां और ठप पड़े एयर ट्रैफिक की मार झेल रहा है। पर्यटन उद्योग से जुड़े कारोबारियों के अनुसार, आय में 50% से 80% तक की गिरावट आई है, जबकि होटल ऑक्यूपेंसी कई जगह 15-20% तक सिमट गई है। बीबीसी, बुकिंग प्लेटफार्म वेगो, डाटा एनालिटिक्स कंपनी एयरडीएनए और ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के अनुसार दुबई के रेस्तरां, जो आमतौर पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ से गुलजार रहते थे, अब खाली नजर आ रहे हैं। टाशस हॉस्पिटैलिटी ग्रुप की संस्थापक नताशा साइडेरिस कहती हैं कि देशभर में 14 आउटलेट्स और 1,000 से अधिक कर्मचारियों वाले उनके ग्रुप में राजस्व 50% से अधिक गिर चुका है, जबकि पर्यटकों पर निर्भर आउटलेट्स में यह गिरावट 70% से 80% तक पहुंच गई है। हालात इतने खराब हैं कि कई प्रतिष्ठानों को अपने आधे से ज्यादा कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेजना पड़ा है। 2.26 लाख से अधिक बुकिंग रद्दडेटा फर्म एयरडीएनए के अनुसार, युद्ध शुरू होने के पहले महीने (28 फरवरी से 29 मार्च) के दौरान यूएई में 2,26,500 से अधिक शॉर्ट-टर्म बुकिंग रद्द हुई हैं।पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी होटल और शॉर्ट-टर्म अपार्टमेंट सप्लाई अब भारी दबाव में है, क्योंकि मांग अचानक गिर गई है। प्रवासी कामगारों पर सबसे ज्यादा मारदुबई के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करने वाले प्रवासी कामगार इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई कर्मचारियों की नौकरी चली गई है या उन्हें बिना वेतन छुट्टी पर भेज दिया गया है। एक दक्षिण एशियाई वेटर के मुताबिक, यह कोविड-19 जैसा लग रहा है।हमें डर है कि फिर से नौकरी खोकर घर लौटना पड़ सकता है।मानवाधिकार समूहों के अनुसार यूएई में कई प्रवासी पहले से ही कर्ज के बोझ में दबे हैं, जिससे यह संकट उनके लिए और गंभीर हो गया है। क्षेत्रीय स्तर पर अरबों डॉलर का नुकसान संभवऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की इकाई टूरिज्म इकोनॉमिक्स के अनुसार अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो मध्य पूर्व में 23 से 38 मिलियन कम पर्यटक आ सकते हैं। इससे 34 अरब डॉलर से 56 अरब डॉलर तक के पर्यटन राजस्व का नुकसान हो सकता है। मामून हमीदेन के अनुसार अगर युद्ध जल्दी खत्म होता है तो रिकवरी संभव है, लेकिन लंबा खिंचने पर पूरे समर सीजन पर सवाल खड़े हो सकते हैं। हवाई यातायात को झटका किराया बढ़ने के भी संकेतयुद्ध के कारण वैश्विक विमानन उद्योग की रीढ़ माने जाने वाला गल्फ हब मॉडल को गहरे संकट में डाल दिया है। दुबई, अबू धाबी और दोहा जैसे विश्व के सबसे व्यस्त ट्रांजिट केंद्रों पर उड़ानों में भारी बाधा, ईंधन संकट और यात्रियों की सुरक्षा चिंताओं ने न केवल तत्काल संचालन को प्रभावित किया है, बल्कि लंबे समय में हवाई यात्रा के स्वरूप को भी बदलने की आशंका पैदा कर दी है। बीबीसी और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के अनुसार दुबई, अबू धाबी और दोहा से सीमित लेकिन नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। हालांकि शेड्यूल अभी भी बार-बार बदल रहे हैं और कई रूट्स पर प्रतिबंध जारी हैं। ईंधन आपूर्ति भी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई है। जेट फ्यूल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर गल्फ कैरियर्स की क्षमता घटती है, तो हवाई किराए बढ़ना तय है। संघर्ष के बाद से सिरियम के विश्लेषकों के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से मिडिल ईस्ट के लिए 30,000 से अधिक उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं।

ईरान संकट के बीच MSME को री-फाइनेंस का प्रस्ताव… CII ने पेश किया 20 सूत्रीय एजेंडा

नई दिल्ली। ईरान संकट (Iran Crisis) का भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) से लेकर आम आदमी तक पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए उद्योग निकाय भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) (Industry body Confederation of Indian Industry – CII) ने रविवार को एक 20 सूत्रीय एजेंडा पेश किया। इसमें आरबीआई की ओर से सूक्ष्म, लघु एवं मझौले उद्यमों (एमएसएमई-MSME) और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक विशेष पुनर्वित्त (री-फाइनेंस) खिड़की स्थापित करना भी शामिल है। इससे बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को उत्पादक क्षेत्रों को उचित लागत पर कर्ज देना जारी रखने में मदद मिलेगी। उद्योग निकाय ने सुझाव दिया कि वित्त मंत्रालय कोविड महामारी के दौरान लागू की गई योजना की तर्ज पर एक समयबद्ध संघर्ष से जुड़ी आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना (सीएल-ईसीएलजीएस) शुरू कर सकता है। इसकी मदद से एमएसएमई, निर्यातकों और गैस पर निर्भर क्षेत्रों को सरकारी गारंटी के जरिये कार्यशील पूंजी दी जा सकेगी। सीआईआई के एजेंडे में क्या-क्या?साथ ही, एमएसएमई के लिए तीन महीने तक ऋण स्थगन जैसे उपाय भी किए जा सकते हैं। सीआईआई ने अपने एजेंडे में कहा, बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के दौरान प्राथमिक बाजारों में विदेशी पूंजी प्रवाह बनाए रखने के लिए वित्त मंत्रालय विदेशी निवेशकों को दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर (एलटीसीजी) से अस्थायी छूट दे सकता है। इसके लिए पात्र होल्डिंग अवधि को दो से बढ़ाकर तीन साल किया जा सकता है। यह नपातुला प्रोत्साहन स्थिरता का संकेत देगा और धैर्यवान पूंजी को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही, किसी भी तरह की उथल-पुथल के कारण पैदा होने वाली सुरक्षित ठिकाने की ओर भागने की भावना को कम करने में भी मदद करेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ ने कहा, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) मानदंडों पर पुनर्विचार किया जा सकता है, ताकि बैंक बाहरी व्यवधानों के दौरान क्षेत्र विशिष्ट तनाव के प्रति अधिक लचीले ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें। अन्य सुझावों में बिजली शुल्कों में अस्थायी राहत, नकद ऋण सीमा में 20 फीसदी तक की वृद्धि और लोन प्रोसेसिंग शुल्क में छूट शामिल है। सीआईआई ने लंबित जीएसटी रिफंड और शुल्क वापसी दावों को तेजी से निपटाने का भी आग्रह किया। सभी भारतीय नाविक सुरक्षितअभी 17 भारतीय जहाज और 460 नाविक पश्चिमी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। इनमें सवार सभी नाविक सुरक्षित हैं। 1,479 से अधिक नाविक सुरक्षित वापस लाए गए हैं। 345 भारतीय मछुआरे ईरान से सुरक्षित लौट कर शनिवार को चेन्नई पहुंच गए। उड़ान सेवाएं धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं। 28 फरवरी से अब तक 7,02,000 से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं।