Chambalkichugli.com

आरबीआई की सख्ती से बैंक शेयरों पर दबाव, 95 अरब डॉलर घटा मार्केट कैप; आगे और गिरावट की आशंका

मुंबई। भारतीय रिज़र्व बैंक की हालिया सख्त नीति और रुपये को संभालने के प्रयासों का असर बैंकिंग शेयरों पर दिखने लगा है। पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय बैंकों की मार्केट वैल्यू करीब 95 अरब डॉलर घट गई है, जबकि विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह दबाव और बढ़ सकता है। रुपये को संभालने की कोशिश, बैंकों पर असर रुपये को रिकॉर्ड निचले स्तर पर जाने से रोकने के लिए केंद्रीय बैंक ने बाजार में डॉलर बेचकर हस्तक्षेप किया। इस कदम से बैंकिंग सिस्टम में नकदी की उपलब्धता प्रभावित हुई है, जिससे बैंकों की कर्ज देने की क्षमता और मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विदेशी निवेशकों की निकासी आंकड़ों के मुताबिक मार्च के पहले 15 दिनों में विदेशी निवेशकों ने वित्तीय कंपनियों के शेयरों से लगभग 327 अरब रुपये (करीब 3.5 अरब डॉलर) निकाल लिए। इसी दौरान बैंकिंग इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई और यह बियर मार्केट की सीमा (20% गिरावट) के करीब पहुंच गया। क्या कहते हैं विशेषज्ञ? क्रांति बथिनी का कहना है कि मौद्रिक नीति के सख्त बने रहने से बैंक स्टॉक्स पर दबाव जारी रह सकता है। हालांकि गिरावट के बाद इन शेयरों के वैल्यूएशन आकर्षक होने की बात भी उन्होंने कही। पूरे बाजार पर असर का खतरा रिपोर्ट्स के अनुसार बैंकिंग शेयर लगभग 4.5 ट्रिलियन डॉलर के भारतीय शेयर बाजार का करीब एक-तिहाई हिस्सा हैं। ऐसे में बैंक शेयरों में कमजोरी बनी रहती है तो इसका असर व्यापक बाजार पर पड़ सकता है। उम्मीद की किरण भी कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में भारत की आर्थिक वृद्धि दर मजबूत रहने से बैंकिंग सेक्टर संभल सकता है। फिलहाल बैंकिंग इंडेक्स करीब 1.5 गुना वन-ईयर फॉरवर्ड प्राइस-टू-बुक पर ट्रेड कर रहा है, जो 2020 के बाद निचले स्तरों में है। Citibank ने भी सरकारी बैंकों की तुलना में निजी बैंकों को प्राथमिकता देना शुरू किया है। आगे का खतरा रिपोर्ट्स के मुताबिक Jefferies का अनुमान है कि करेंसी ट्रेड्स पर बैंकों को करीब 50 अरब रुपये तक का नुकसान हो सकता है। वहीं Fitch Ratings के अनुसार सख्त वित्तीय हालात से बैंकों का नेट इंटरेस्ट मार्जिन 20-30 बेसिस प्वाइंट तक घट सकता है। रजत अग्रवाल ने कहा कि हाल की तेज क्रेडिट ग्रोथ पर वैश्विक तनाव और युद्ध जैसे कारकों का असर देखने लायक होगा। कुल मिलाकर, आरबीआई की सख्ती, विदेशी निवेश की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते बैंकिंग सेक्टर पर निकट भविष्य में दबाव बना रह सकता है, हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी बन सकती है।

5 किलो ‘छोटकू’ LPG सिलेंडरों की बढ़ी बिक्री, 14 दिन में 6.6 लाख बिके; बिना पते के भी खरीदने की सुविधा

क करीब 6.6 लाख छोटे सिलेंडर बाजार में बेचे जा चुके हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। बिना पते के भी मिलेंगे छोटे सिलेंडर सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर से अलग, पांच किलोग्राम के छोटे सिलेंडर (एफटीएल) बाजार मूल्य पर उपलब्ध हैं। इन्हें लेने के लिए उपभोक्ताओं को पते का प्रमाण देना आवश्यक नहीं है। मंत्रालय ने बताया कि 4 अप्रैल को ही 90 हजार से अधिक छोटे सिलेंडरों की बिक्री दर्ज की गई। घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। एक ही दिन में 51 लाख से अधिक घरेलू सिलेंडर वितरित किए गए, जबकि कुल मांग का लगभग 95 प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा किया गया। कालाबाजारी पर सख्ती जमाखोरी और अवैध बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई भी तेज की गई है। मार्च से अब तक 50,000 से अधिक सिलेंडर जब्त 1,400 से ज्यादा कारण बताओ नोटिस जारी 36 डीलरशिप निलंबित कॉमर्शियल गैस और नेचुरल गैस की स्थिति कॉमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति को संकट से पहले के स्तर के लगभग 70 प्रतिशत तक रखा गया है, जबकि छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है। सरकार ने बताया कि घरेलू उपयोग और परिवहन के लिए नेचुरल गैस की आपूर्ति सामान्य है। उर्वरक संयंत्रों के लिए गैस आपूर्ति 6 अप्रैल से औसत खपत के करीब 90 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी, जिसे आने वाले एलएनजी कार्गो का समर्थन मिलेगा। घबराकर खरीदारी न करने की अपील मंत्रालय ने कहा कि सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त ईंधन उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। छोटे सिलेंडरों की बढ़ती उपलब्धता से अस्थायी जरूरत वाले उपभोक्ताओं और कम खपत वाले परिवारों को खास राहत मिल सकती है।

83 की उम्र में Amitabh Bachchan ने जाहिर की चिंता, बोले- एंग्जायटी में जीना है हानिकारक

नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan पिछले करीब 6 दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अपनी जबरदस्त अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाने जाते हैं। 83 साल की उम्र में भी उनका काम के प्रति समर्पण ऐसा है कि वे आज भी हर दिन काम करना चाहते हैं। हाल ही में अपने ब्लॉग में उन्होंने खुलासा किया कि उनके लिए बिना काम का दिन बिताना काफी असहज और परेशान करने वाला होता है। “खाली दिन लगता है अजीब”अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि जब कोई दिन बिना काम के गुजरता है, तो उन्हें अजीब महसूस होता है। उन्होंने कहा कि रोज़ाना एक तय रूटीन में काम करने की आदत बन जाती है, और जब वह अचानक टूटती है तो पूरा दिन एक “मिस्ट्री” जैसा लगने लगता है। उनके मुताबिक, यह बदलाव मन को अस्थिर कर देता है, क्योंकि वे हमेशा अपने समय का सही उपयोग करने में विश्वास रखते हैं। एंग्जायटी को बताया खतरनाकअपने ब्लॉग में बिग बी ने चिंता (एंग्जायटी) पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब चीजें योजना के मुताबिक नहीं चलतीं, तो मन में बेचैनी बढ़ने लगती है। अगर इसे समझा न जाए तो यह मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि एंग्जायटी में जीना इंसान को कमजोर बना देता है और इससे बचना जरूरी है। हर उम्र में काम जरूरीयह पहला मौका नहीं है जब Amitabh Bachchan ने काम को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। इससे पहले भी वे कई बार कह चुके हैं कि उम्र चाहे जो भी हो, इंसान को सक्रिय रहना चाहिए। उनके लिए काम सिर्फ प्रोफेशन नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है। फिल्मों और टीवी में लगातार सक्रियहाल ही में अमिताभ बच्चन को फिल्म Kalki 2898 AD में दमदार भूमिका में देखा गया था, जिसमें उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई। अब दर्शक इसके अगले पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने टीवी के लोकप्रिय शो Kaun Banega Crorepati के 17वें सीजन को हाल ही में अलविदा कहा है, लेकिन फैंस उन्हें फिर से स्क्रीन पर देखने के लिए उत्साहित हैं। क्यों हैं सबसे अलग?अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उन्होंने अपने करियर में कभी भी लापरवाही नहीं दिखाई। समय की पाबंदी, काम के प्रति समर्पण और लगातार खुद को सक्रिय रखने की आदत ही उन्हें आज भी बाकी कलाकारों से अलग बनाती है। अमिताभ बच्चन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अनुशासन और मेहनत की मिसाल हैं। उनका मानना है कि काम से जुड़ा रहना ही जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है।

सरमा की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट, कांग्रेस के आरोपों पर बिफरे असम के सीएम

गुआहाटी। असम में रविवार को तगड़ा सियासी विवाद शुरू हो गया। इसकी शुरुआत हुई कांग्रेस के आरोपों के साथ। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। वहीं, सरमा ने पलटवार किया है। असम में रविवार को तगड़ा सियासी विवाद शुरू हो गया। इसकी शुरुआत हुई कांग्रेस के आरोपों के साथ। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं। इसके अलावा उनके नाम विदेश में संपत्ति होने की बात भी कही गई। इसके कुछ ही देर बाद असम के मुख्यमंत्री सरमा ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस के सभी आरोपों को नकारते हुए इन्हें राजनीति से प्रेरित बताया। कांग्रेस की बेचैनी और घबराहट सरमा ने एक्स पर लिखा कि पवन खेड़ा की आज की प्रेस कांफ्रेंस, कांग्रेस के अंदर की बेचैनी और घबराहट को दिखाती है। असम इस चुनाव में एक ऐतिहासिक जनमत देने जा रहा है। ऐसे में इस तरह के बेबुनियाद आरोप और हमले, उनकी डूबती जमीन दिखाते हैं। खेड़ा के आरोपों को दुर्भावनापूर्ण, फैब्रिकेटेड और राजनीति से प्रेरित बताते हुए सरमा ने कहाकि वह और उनकी पत्नी 48 घंटे के भीतर उनके खिलाफ आपराधिक और मानहानि के मुकदमे दायर करेंगे। खेड़ा को अपनी बातों की जिम्मेदारी लेने होगी। पवन खेड़ा ने क्या कहा था इससे पहले दिन में पवन खेड़ा ने कुछ कागजात दिखाए और दावा किया कि उन्हें विदेश से हासिल किया गया है। खेड़ा ने कहाकि असम के मुख्यमंत्री पवन खेड़ा की पत्नी रिनिकी के पास यूएई, इजिप्ट और एंटीगुआ व बरबूडा के पासपोर्ट हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रिनिकी के पास दुबई में प्रॉपटी्र हैं। इसके अलावा अमेरिका के व्योमिंग में एक रजिस्टर्ड कंपनी है, जिसका बजट 34.67 बिलियन डॉलर है। साथ ही होटल इंडस्ट्री में एंट्री की भी योजना हैं। कानून के पालन पर सवाल खेड़ा ने आगे मुख्यमंत्री की भारतीय कानूनों के पालन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहाकि यह सारी संपत्तियां, सरमा के चुनावी हलफनामे में दर्ज नहीं थीं। साथ ही यह भी पूछा कि क्या भारत में दोहरी नागरिकता की इजाजत है। कांग्रेस प्रवक्ता ने आगामी चुनाव के लिए हिमंता सरमा को अयोग्य घोषित करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि अघोषित अंतर्राष्ट्रीय संपत्तियां भ्रष्टाचार को दिखाती हैं। साथ ही यह भी आशंका है कि अगर चुनावी नतीजे इनके अनुकूल नहीं हुए तो यह लोग विदेश जा सकते हैं। खेड़ा ने मामले में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से जांच करने और एसआईटी का गठन करने की मांग उठाई।

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच 45 दिन के युद्धविराम की चर्चा

वाशिंगटन। ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच संभावित युद्धविराम की उम्मीद जगी है। रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान समेत कई देशों की मध्यस्थता से 45 दिनों के सीजफायर प्लान पर बातचीत शुरू हो गई है। 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिकी और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता का कारण बना हुआ है। 45 दिन के सीजफायर का प्रस्ताव रिपोर्ट के मुताबिक दो चरणों वाला प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है— पहला चरण: 45 दिन का अस्थायी युद्धविराम दूसरा चरण: स्थायी शांति समझौते पर बातचीत बताया गया है कि जरूरत पड़ने पर सीजफायर की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है। किन देशों की मध्यस्थता? सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के अलावा तुर्किये और मिस्र भी दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है कि संघर्षविराम के प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। ईरान की शर्तें सूत्रों के अनुसार ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए कुछ मांगें रखी हैं, जिनमें युद्ध का हर्जाना सुरक्षा की गारंटी कुछ प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दे शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बातचीत अहम मानी जा रही है। ट्रंप की चेतावनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि जल्द समझौता होने की संभावना है, लेकिन अगर ईरान ने तेजी नहीं दिखाई तो हमले तेज किए जा सकते हैं। उन्होंने जलमार्ग खुला रखने को लेकर भी सख्त रुख दिखाया। ईरान का पलटवार ईरान के संस्कृति मंत्री सैयद रजा सालिही-अमीरी ने ट्रंप के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि ईरानी समाज उन्हें गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने कहा कि होर्मुज दुनिया के लिए खुला है, लेकिन ईरान के दुश्मनों के लिए नहीं। कुल मिलाकर, 45 दिन के संभावित युद्धविराम पर बातचीत ने तनाव के बीच उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन शर्तों और भरोसे की कमी के कारण स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।

तमिलनाडु चुनाव में ब्राह्मण उम्मीदवारों की कमी, बड़ी पार्टियों की रणनीति ने खड़े किए सवाल

चेन्नई। तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की उम्मीदवार सूची में एक खास रुझान देखने को मिल रहा है—ब्राह्मण समुदाय के उम्मीदवार लगभग गायब हैं। राज्य की आबादी में करीब 3 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले इस समुदाय को टिकट देने से प्रमुख पार्टियां इस बार बचती नजर आईं, जिसे विश्लेषक नई चुनावी रणनीति से जोड़ रहे हैं। प्रमुख दलों ने नहीं दिए टिकट करीब 35 वर्षों में पहली बार अन्नाद्रमुक ने विधानसभा चुनाव में एक भी ब्राह्मण उम्मीदवार नहीं उतारा। दिवंगत नेता जे. जयललिता के निधन के बाद पार्टी ने पिछले एक दशक में केवल एक ब्राह्मण उम्मीदवार को मौका दिया था। 2021 में पूर्व डीजीपी आर. नटराज को टिकट दिया गया था। इसी तरह भारतीय जनता पार्टी ने भी 27 सीटों में से किसी पर ब्राह्मण उम्मीदवार नहीं उतारा। द्रमुक और कांग्रेस ने भी इस समुदाय को प्रतिनिधित्व नहीं दिया। छोटे दलों ने दिए सीमित टिकट हालांकि तमिलगा वेत्रि कझगम (अभिनेता विजय की पार्टी) ने दो ब्राह्मण उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि नाम तमिलर कच्ची ने छह उम्मीदवार मैदान में उतारे। इन दलों ने मायिलापुर और श्रीरंगम जैसे क्षेत्रों को चुना, जहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या अपेक्षाकृत अधिक मानी जाती है। रणनीति के पीछे क्या वजह? विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय तक ब्राह्मण मतदाता अन्नाद्रमुक के साथ रहे, लेकिन हाल के वर्षों में उनका झुकाव भाजपा की ओर बढ़ा है। इसी कारण अन्नाद्रमुक को ब्राह्मण उम्मीदवार उतारने में चुनावी लाभ नहीं दिख रहा। राजनीतिक टिप्पणीकार रवींद्रन दुरईसामी के अनुसार, पहले एम.जी. रामचंद्रन और जयललिता ब्राह्मण उम्मीदवारों को नियमित तौर पर मौका देते थे। वहीं विश्लेषक अरुण कुमार का कहना है कि जयललिता के निधन के बाद ब्राह्मण मतदाता भाजपा की ओर गए, जिससे अन्य दलों ने इस वर्ग पर कम ध्यान देना शुरू कर दिया। अलग-अलग दलों की अलग रणनीति TVK ब्राह्मण उम्मीदवार देकर खुद को गैर-ब्राह्मण राजनीति तक सीमित नहीं दिखाना चाहती DMK की राजनीति पारंपरिक रूप से गैर-ब्राह्मण सशक्तिकरण पर केंद्रित रही है NTK प्रमुख सीमन पहचान आधारित राजनीति पर जोर देते रहे हैं कुल मिलाकर, चुनावी समीकरणों और सामाजिक समीकरणों के बदलते रुझान के कारण तमिलनाडु की राजनीति में ब्राह्मण प्रतिनिधित्व घटता नजर आ रहा है, जिसे विश्लेषक राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा का संकेत मान रहे हैं।

11 अप्रैल से गुरु की राशि में बनेगा मंगल-बुध-शनि का त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली। अप्रैल की शुरुआत मीन राशि में मंगल, शनि और सूर्य के त्रिग्रही योग के साथ हुई, और यह योग 14 अप्रैल 2026 तक सक्रिय रहेगा, जब सूर्य मीन से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। 10 और 11 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि 01:20 बजे बुध मीन राशि में गोचर करेंगे, जिससे मीन राशि में बुध, मंगल, शनि और सूर्य मिलकर चतुर्ग्रही योग बनाएंगे। 21 दिन तक त्रिग्रही योग का असर सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के बाद भी मीन राशि में मंगल, बुध और शनि रहेंगे और यह त्रिग्रही योग 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा। 30 अप्रैल को बुध के मेष राशि में गोचर करने के बाद यह योग समाप्त होगा। इस अवधि में 4 राशियों को धन लाभ, करियर तरक्की और निवेश में फायदा मिलेगा, जबकि मेष, सिंह और कुंभ राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। वृषभ राशि – नए धन स्रोत मिलेंगे 11 अप्रैल से वृषभ राशि वालों के लिए धन लाभ के योग बन रहे हैं। नए स्रोतों से आमदनी बढ़ेगी। बिजनेस करने वालों के लिए बड़ी डील फाइनल होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या बोनस मिलने के योग हैं। मिथुन राशि – करियर में उछाल मिथुन राशि के स्वामी बुध के त्रिग्रही योग में शामिल होने से करियर में बड़ा उछाल आएगा। नौकरी में पदोन्नति और सैलरी बढ़ोतरी के मौके मिल सकते हैं। कारोबारियों के लिए समय बहुत फायदेमंद रहेगा और पैसों की आवक बढ़ेगी। वृश्चिक राशि – निवेश से लाभ त्रिग्रही योग वृश्चिक राशि वालों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा। साहसिक निवेश और फैसलों से बड़ा रिटर्न मिलने के योग हैं। कुछ जातक अचानक मालामाल हो सकते हैं, लेकिन फैसले सोच-समझकर लें। धनु राशि – विदेश यात्रा और संपत्ति लाभ धनु राशि के स्वामी गुरु हैं और यह योग धनु राशि वालों को पैतृक संपत्ति या फंसे हुए पैसे की वापसी का अवसर देगा। कुछ जातकों के लिए विदेश यात्रा के भी योग बन रहे हैं।

GWALIOR WINE SHOP DISPUTE : ठेका विवाद ने लिया भयावह रूप, ग्वालियर में मैनेजर की पिटाई के बाद रिश्तेदार पर फायरिंग

GWALIOR WINE SHOP DISPUTE

HIGHLIGHTS : ग्वालियर में शराब ठेका विवाद ने लिया हिंसक रूप मैनेजर को दिनदहाड़े घसीटकर पीटा गया FIR के कुछ घंटों बाद रिश्तेदार पर फायरिंग गोली लगने से एक व्यक्ति घायल, हालत स्थिर ठेका बदलने के बाद पुराने और नए स्टाफ में विवाद GWALIOR WINE SHOP DISPUTE : मध्यप्रदेश। ग्वालियर में शराब ठेका विवाद ने रविवार को हिंसक रूप ले लिया। बता दें कि पनिहार क्षेत्र में वाइन शॉप मैनेजर को दिनदहाड़े घसीटकर पीटा गया, वहीं कुछ घंटों बाद झांसी रोड इलाके में उसके रिश्तेदार पर गोली चला दी गई। लगातार हुई इन दो घटनाओं से इलाके में भय का माहौल बन गया है। MP BJP DOUNDATION DAY : MP में BJP का मेगा प्लान; स्थापना दिवस पर BJP का विस्तार, 17 जिलों में कार्यालयों का शुभारंभ दुकान से घसीटकर की गई बेरहमी से पिटाई पनिहार के नयागांव शराब ठेका पर मैनेजर कुलदीप उर्फ भोला गुर्जर दोपहर करीब 1:30 बजे काम कर रहा था। इसी दौरान कारों से पहुंचे कुछ लोगों ने उसे गालियां देते हुए दुकान से बाहर घसीट लिया और लात-घूंसों से जमकर मारपीट की। मौके पर मौजूद उसके साथी ने किसी तरह बीच-बचाव कर उसे बचाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। Aditya Dhar ने खोला राज! Ranveer Singh और Akshaye Khanna नहीं, ये शख्स है ‘धुरंधर’ की असली आत्मा FIR के बाद बौखलाए आरोपी, रिश्तेदार पर की फायरिंग मारपीट की घटना के बाद मामला और बढ़ गया। शाम को जब पीड़ित पक्ष झांसी रोड क्षेत्र में मौजूद था, तभी आरोपी दोबारा पहुंचे और गालियां देते हुए फायरिंग कर दी। इस हमले में मैनेजर के मामा मोहर सिंह गुर्जर घायल हो गए। गोली उनके हाथ में लगी है। LPG संकट के बीच एक और राहत की खबर… भारत के नौंवे जहाज ने भी पार किया होर्मुज अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर घायल को तुरंत मुरार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। MP: ओबेदुल्लागंज के वेयर हाउस में सड़ गया 35 करोड़ रुपये कीमत का हजारों टन गेहूं! ठेका बदलने से शुरू हुआ विवाद प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक 1 अप्रैल से शराब ठेका बदलने के बाद पुराने कर्मचारियों को हटाकर नया स्टाफ रखा गया था। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था, जो अब हिंसक झड़प और फायरिंग तक पहुंच गया।  

ईश्वर के करीब होने के संकेत! अगर दिखें ये बातें तो समझें किस्मत बदलने वाली है

नई दिल्ली। भगवान की कृपा पाने के लिए लोग पूजा-पाठ, भजन और प्रार्थनाएं करते हैं। लेकिन जब सच में ईश्वर की विशेष कृपा होती है, तो उसका असर सिर्फ बाहरी जीवन में नहीं बल्कि व्यक्ति के अंदर गहराई तक दिखाई देता है। मन शांत होता है, सोच बदल जाती है और जीवन को देखने का नजरिया भी अलग हो जाता है। धीरे-धीरे व्यक्ति संसार से ऊपर उठकर आध्यात्मिकता की ओर बढ़ने लगता है। दया और प्रेम से भर जाता है मनजब भगवान की कृपा होती है, तो व्यक्ति के भीतर हर किसी के लिए प्रेम और करुणा की भावना जाग जाती है। वह अपने-पराए में फर्क नहीं करता और जिसने उसे दुख दिया हो, उसे भी आसानी से माफ कर देता है। उसके लिए हर घटना भगवान की इच्छा बन जाती है, जिसे वह सहजता से स्वीकार कर लेता है। सुख-दुख से परे हो जाता है व्यक्तिऐसा इंसान न ज्यादा खुशी में बहकता है और न ही दुख में टूटता है। वह हर परिस्थिति में संतुलित और शांत रहता है। उसका मन केवल भगवान के स्मरण में लगा रहता है और वह उसी में संतुष्टि महसूस करता है। हर किसी में अच्छाई देखनाभगवान की कृपा पाने वाला व्यक्ति दूसरों की बुराइयों को नजरअंदाज कर देता है। उसे हर इंसान में कुछ न कुछ अच्छा जरूर दिखता है। वह दोष ढूंढने के बजाय अच्छाई को अपनाने की कोशिश करता है। दुनिया से थोड़ा अलग हो जानाजब ईश्वर के प्रति लगाव बढ़ता है, तो सांसारिक चीजें धीरे-धीरे कम आकर्षित करने लगती हैं। व्यक्ति अकेले रहकर भजन, ध्यान और साधना में अधिक आनंद महसूस करता है। उसे भीड़-भाड़ से ज्यादा शांति में सुकून मिलता है। दूसरों के कल्याण की भावनाभगवान का सच्चा भक्त केवल अपने बारे में नहीं सोचता, बल्कि दूसरों के भले की कामना करता है। वह निस्वार्थ भाव से लोगों की मदद करता है और बदले में कुछ भी पाने की इच्छा नहीं रखता। भगवत चर्चा में ही आनंदऐसे व्यक्ति को भगवान से जुड़ी बातें करना, सुनना और समझना ही अच्छा लगता है। उसे दुनिया की अन्य बातों में ज्यादा रुचि नहीं रहती, क्योंकि उसका मन पूरी तरह आध्यात्मिकता में रम जाता है। जब भगवान की कृपा होती है, तो इंसान का पूरा व्यक्तित्व बदल जाता है। उसका मन शांत, विचार सकारात्मक और जीवन संतुलित हो जाता है। वह बाहरी सुखों के बजाय आंतरिक शांति और ईश्वर के साथ संबंध में ही सच्चा आनंद खोजने लगता है।

MP BJP DOUNDATION DAY : MP में BJP का मेगा प्लान; स्थापना दिवस पर BJP का विस्तार, 17 जिलों में कार्यालयों का शुभारंभ

MP BJP DOUNDATION DAY

HIGHLIGHTS: BJP का 47वां स्थापना दिवस प्रदेशभर में मनाया जा रहा है 17 जिलों में जिला कार्यालयों का भूमिपूजन आज भोपाल से CM और प्रदेश अध्यक्ष वर्चुअली जुड़े बूथ स्तर तक ध्वजारोहण और कार्यक्रम आयोजित 7 से 12 अप्रैल तक ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ MP BJP DOUNDATION DAY : ग्वालियर। मध्य प्रदेश में आज भारतीय जनता पार्टी अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। इस मौके पर राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश कार्यालय में सुबह 11 बजे से प्राथमिक और सक्रिय सदस्यों का सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम से दोनों नेता 17 जिलों में होने वाले जिला कार्यालयों के भूमिपूजन से वर्चुअली जुड़ेंगे। दुबई का पर्यटन गहरे संकट में… ईरान युद्ध के चलते सूने पड़े होटल-रेस्तरां, 80% घटी कमाई 17 जिलों में नए कार्यालयों का निर्माण शुरू प्रदेश के 17 जिलों में भाजपा के नए जिला कार्यालयों का भूमिपूजन किया जाएगा। इन जिलों में पहले ही जमीन खरीदी जा चुकी है और अब निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू होगा। जिन प्रमुख जिलों में यह कार्यक्रम होगा, उनमें ग्वालियर, सीहोर, रतलाम, नीमच, मंदसौर, धार ग्रामीण, छिंदवाड़ा और भिंड सहित अन्य जिले शामिल हैं। LPG संकट के बीच एक और राहत की खबर… भारत के नौंवे जहाज ने भी पार किया होर्मुज बूथ स्तर तक मनाया जाएगा स्थापना दिवस स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सभी कार्यालयों पर विशेष सजावट, ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन किया जाएगा। पार्टी के नेता भाजपा के इतिहास, विकास और उपलब्धियों पर अपने विचार रखेंगे। कार्यकर्ताओं से अपने घरों पर पार्टी का झंडा लगाने और सोशल मीडिया पर साझा करने की भी अपील की गई है। Ravivar Mantra: सूर्य देव को प्रसन्न करने के लिए अपनाएं ये आसान पूजा विधि कल से ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ की शुरुआत भाजपा 7 से 12 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में ‘गांव-बस्ती चलो अभियान’ चलाएगी। इस अभियान के तहत प्रत्येक विधानसभा में 50 गांवों का चयन किया गया है। पार्टी के नेता इन गांवों में जाकर जनसंवाद करेंगे, पुराने कार्यकर्ताओं का सम्मान करेंगे और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से मुलाकात करेंगे। जनसंपर्क के साथ स्वच्छता और संवाद पर जोर अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नेता स्वयं श्रमदान करेंगे। साथ ही चौपालों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल भाषण न दें, बल्कि लाभार्थियों के अनुभव भी साझा करें।