भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट रहने का मंत्र ये योगासन देंगे सेहत संतुलन और सुकून

नई दिल्ली । हर साल 7 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें यह याद दिलाता है कि स्वस्थ जीवन ही सबसे बड़ी पूंजी है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में जहां तनाव और अनियमित दिनचर्या आम हो चुकी है वहीं दिल और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी हो गया है। ऐसे में योग एक ऐसा सरल और प्रभावी उपाय है जो शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित योगाभ्यास न केवल हृदय को मजबूत बनाता है बल्कि पाचन क्रिया को भी बेहतर करता है। साथ ही यह मानसिक शांति और एकाग्रता को बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाता है। कुछ ऐसे खास योगासन हैं जिन्हें अपनाकर आप अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं। सबसे पहले बात करें सूर्य नमस्कार की जिसे सभी योगासनों का राजा कहा जाता है। यह पूरे शरीर का व्यायाम है जो पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और हृदय की धड़कन को संतुलित बनाए रखता है। सुबह खाली पेट इसका अभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है और यह तनाव को कम करने में भी मदद करता है। इसके बाद भुजंगासन आता है जो रीढ़ और हृदय के लिए बेहद फायदेमंद है। इस आसन में शरीर के ऊपरी हिस्से को उठाने से पीठ और पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और हृदय स्वास्थ्य बेहतर होता है। हालांकि इसे करते समय शरीर पर अनावश्यक दबाव डालने से बचना चाहिए। वृक्षासन संतुलन और मानसिक शांति के लिए एक बेहतरीन आसन है। एक पैर पर खड़े होकर किया जाने वाला यह अभ्यास न केवल शरीर को स्थिरता देता है बल्कि मन को भी शांत और एकाग्र बनाता है। यह जोड़ों की मजबूती के लिए भी लाभकारी है। पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए अर्ध मत्स्येन्द्रासन बेहद उपयोगी माना जाता है। यह पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है जिससे भोजन का पाचन बेहतर होता है। इसे भोजन के कुछ समय बाद करना चाहिए ताकि शरीर को अधिक लाभ मिल सके। अंत में मार्जार्यासन उन लोगों के लिए खास है जो लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ तथा गर्दन के दर्द को कम करने में मदद करता है। साथ ही शरीर के पोश्चर को सुधारने में भी यह काफी कारगर है। कुल मिलाकर ये पांच योगासन न केवल आपके दिल और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं बल्कि मानसिक शांति और संतुलन भी प्रदान करते हैं। यदि इन्हें नियमित रूप से सही तरीके से किया जाए तो यह आपको स्वस्थ जीवन के साथ लंबी उम्र का भी वरदान दे सकते हैं।
हनुमान जी को प्रसन्न करने का आसान उपाय मंगलवार व्रत के नियम और पूजन विधि जरूर जानें

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन अत्यंत पवित्र और विशेष माना जाता है। यह दिन हनुमान जी को समर्पित होता है जिन्हें संकट मोचन और भक्तों के कष्ट हरने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और नियमों के साथ मंगलवार का व्रत रखकर बजरंगबली की आराधना करता है उसके जीवन के सभी दुख और बाधाएं धीरे धीरे समाप्त हो जाती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मंगलवार व्रत की महिमा केवल धार्मिक ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह व्रत व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाता है मानसिक शक्ति प्रदान करता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है। विशेष रूप से जिन लोगों के जीवन में बार बार बाधाएं आती हैं उन्हें यह व्रत करने की सलाह दी जाती है। मंगलवार व्रत रखने के लिए कुछ विशेष नियमों का पालन करना जरूरी होता है। सबसे पहले साधक को प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा के समय यदि संभव हो तो लाल रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए क्योंकि यह रंग हनुमान जी को प्रिय माना जाता है। पूजा के लिए हमेशा स्वच्छ और पवित्र स्थान का चयन करें और लाल रंग के ऊनी आसन पर बैठकर साधना करें। पूजा करते समय साधक का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए क्योंकि इसे शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह 4 से 6 बजे के बीच पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इसके अलावा संध्या के समय प्रदोष काल में भी पूजा की जा सकती है। व्रत के दौरान खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इस दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए और तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए। व्रत करने वाले व्यक्ति फलाहार कर सकते हैं और दिनभर संयम और सात्विकता बनाए रखना आवश्यक होता है। धूम्रपान और नशे जैसी आदतों से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। कुछ विशेष नियम भी बताए गए हैं जिनका पालन करना जरूरी है। जैसे महिलाओं को हनुमान जी को चोला अर्पित नहीं करना चाहिए और पूजा के दौरान हनुमान जी को चरणामृत से स्नान नहीं कराया जाता है। यह परंपराएं शास्त्रों में वर्णित हैं और इनका पालन करना शुभ माना जाता है। मंगलवार व्रत केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि अनुशासन और श्रद्धा का प्रतीक है। जब व्यक्ति पूरे मन से इस व्रत का पालन करता है तो उसे न केवल आध्यात्मिक शांति मिलती है बल्कि जीवन में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिलते हैं। ऐसे में यदि आप भी मंगलवार का व्रत रखते हैं तो इन नियमों का पालन जरूर करें ताकि आपका व्रत पूर्ण और फलदायी बन सके।
आज का राशिफल 8 अप्रैल 2026: मेष से मीन राशि तक, जानें कल का दिन कैसा रहेगा
नई दिल्ली।आज आपकी फाइनेंशियल स्थिति मजबूत रहेगी। हेल्थ भी अच्छी बनी रहेगी। लव लाइफ का आनंद लें और पुराने मतभेदों को सुलझाएँ। कुल मिलाकर धन और सेहत दोनों ही पॉजिटिव रहेंगे। सिंह (Leo)आज आप अपनी काबिलियत साबित करने के लिए हर मौके का लाभ उठाएँ। रिलेशनशिप को रोमांचक और प्रोडक्टिव बनाए रखें। पॉजिटिव सोच से वर्क स्ट्रेस कम होगा और दिन बेहतर बीतेगा। कन्या (Virgo)आज का दिन आपके लिए खुशहाल पर्सनल और प्रोफेशनल रहेगा। ऑफिस में अपने सीनियर्स को परफॉर्मेंस से संतुष्ट रखें। हेल्थ सामान्य है, लेकिन खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। तुला (Libra)रिलेशन में पार्टनर के साथ असहमति सुलझाएँ। प्रोफेशनल नतीजे शानदार रहेंगे। पैसों को समझदारी से इन्वेस्ट करें। कोई बड़ी हेल्थ समस्या परेशान नहीं करेगी। वृश्चिक (Scorpio)नौकरी में जरूरी काम ध्यान से करें। पार्टनर के साथ समय बिताएँ। सही लाइफस्टाइल अपनाएँ और हेल्दी रहें। आज धन लाभ होगा। रिलेशन में अहंकार के लिए कोई जगह नहीं रहेगी। धनु (Sagittarius)आज रोमांस से जुड़े मामलों को संभालें। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट में सावधानी बरतें। हेल्थ पर विशेष ध्यान दें। मकर (Capricorn)ऑफिस में आपका रवैया महत्वपूर्ण रहेगा। धन की कमी नहीं होगी। अधिक से अधिक सेविंग्स करने के विकल्प दिखेंगे। हेल्थ से समझौता न करें। कुंभ (Aquarius)रोमांस में संतुलन बनाएं। ऑफिस में नई जिम्मेदारियां लें। फाइनेंशियल इन्वेस्टमेंट में सावधान रहें। प्रेम संबंध सफल रहेंगे और पार्टनर के लिए अपने जुनून को साबित करने के मौके मिलेंगे। मीन (Pisces)आज आपकी ईमानदारी का असर रोमांटिक रिश्तों पर पड़ेगा। काम की जगह चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें। सुरक्षित पैसों के निवेश को प्राथमिकता दें।
गजकेसरी योग का बड़ा असर अक्षय तृतीया पर मेष से धनु तक धन सफलता और समृद्धि के खुलेंगे द्वार

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखने वाला पावन पर्व अक्षय तृतीया इस वर्ष 19 अप्रैल को मनाया जाएगा और इस बार इसका महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन अत्यंत शुभ माने जाने वाला गजकेसरी योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को राजयोग के समान प्रभावशाली माना जाता है जो व्यक्ति के जीवन में धन समृद्धि और सफलता के नए द्वार खोल सकता है। ज्योतिष के अनुसार जब चंद्रमा और गुरु एक दूसरे से केंद्र स्थान में होते हैं तब यह विशेष योग बनता है। इस बार यह संयोग अक्षय तृतीया के दिन बन रहा है जिसे बेहद शुभ संकेत माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य और निवेश अक्षय फल देते हैं यानी उनका लाभ लंबे समय तक बना रहता है। यही कारण है कि इस दिन सोना खरीदने की परंपरा भी विशेष महत्व रखती है और इसे समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस बार गजकेसरी योग का सबसे ज्यादा सकारात्मक प्रभाव मेष तुला और धनु राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है। मेष राशि वालों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है। लंबे समय से रुके हुए कामों में तेजी आ सकती है और नए कार्यों की शुरुआत के लिए यह बेहद अनुकूल समय है। व्यापार से जुड़े लोगों को अचानक धन लाभ हो सकता है और मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। तुला राशि के जातकों के लिए यह योग सुख सुविधाओं और मान सम्मान में वृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं और जो लोग बदलाव की सोच रहे हैं उनके लिए यह समय अनुकूल साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वहीं धनु राशि के जातकों पर इस योग का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा सकता है क्योंकि गुरु इस राशि के स्वामी माने जाते हैं। इस दौरान बौद्धिक क्षमता में वृद्धि हो सकती है और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। आर्थिक दृष्टि से यह समय बेहद लाभकारी रहने की संभावना है और कर्ज से मुक्ति मिलने के संकेत भी मिल रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के प्राचीन ग्रंथ बृहत् पाराशर होरा शास्त्र में गजकेसरी योग का विस्तार से वर्णन किया गया है जिसमें बताया गया है कि यह योग व्यक्ति को हाथी जैसी शक्ति और सिंह जैसा साहस प्रदान करता है। वहीं फल दीपिका में भी उल्लेख मिलता है कि इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक शुभ फल देते हैं। कुल मिलाकर इस वर्ष की अक्षय तृतीया केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत खास मानी जा रही है। ऐसे में इस शुभ अवसर पर सही निर्णय और सकारात्मक प्रयास जीवन में नई दिशा दे सकते हैं और आने वाले समय को समृद्ध बना सकते हैं।
फूड पीएलआई स्कीम से आया 9,207 करोड़ रुपए का निवेश, 3.29 लाख लोगों को मिला रोजगार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना के तहत अब तक 9,207 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया गया है। इसके साथ ही इस योजना ने करीब 3.29 लाख रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं। योजना की अवधि और उद्देश्ययह योजना वित्त वर्ष 2021-22 से 2026-27 तक 6 साल के लिए लागू है। कुल बजट 10,900 करोड़ रुपए रखा गया है।योजना का मुख्य उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण में वैल्यू एडिशन बढ़ाना, प्रोसेसिंग क्षमता का विस्तार करना और विशेषकर ग्रामीण व गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है। कौन से सेक्टरों को फायदापीएलआई योजना के तहत निम्नलिखित क्षेत्रों को बढ़ावा दिया गया है: रेडी-टू-कुक और रेडी-टू-ईट (आरटीसी/आरटीई) फूडप्रसंस्कृत फल और सब्जियांसमुद्री उत्पादमोजरेला चीजएमएसएमई सेक्टर के इनोवेटिव और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स इसके अलावा, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए भारतीय फूड प्रोडक्ट्स की वैश्विक पहचान को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। कंपनियों और यूनिट्स की स्थितिअब तक 128 कंपनियों को मंजूरी दी गई है, जो 274 यूनिट्स चला रही हैं।एमएसएमई सेक्टर की भागीदारी मजबूत रही, जिसमें 68 एमएसएमई कंपनियां और 40 कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स शामिल हैं।कुल निवेश 7,722 करोड़ रुपए के लक्ष्य से अधिक होकर 9,207 करोड़ रुपए हो गया है।तकनीकी सुधार और प्रोसेसिंग क्षमता सरकार ने बताया कि योजना से कई राज्यों में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की क्षमता बढ़ी, तकनीक में सुधार हुआ और आधुनिकीकरण को बढ़ावा मिला।इसके साथ ही लगभग 34 लाख मीट्रिक टन प्रति वर्ष की प्रोसेसिंग और स्टोरेज क्षमता जोड़ी गई है। बिक्री और निर्यात में तेजीपीएलआई स्कीम के तहत आने वाले उत्पादों की बिक्री में 10.58 प्रतिशत की सालाना वृद्धि (सीएजीआर) दर्ज की गई।निर्यात में भी 7.41 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई है, जो वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के खाद्य उत्पादों की प्रतिस्पर्धा को दर्शाती है। मिलेट और मोटे अनाज की बढ़ती मांगमिलेट (मोटे अनाज) से बने उत्पादों की बिक्री वित्त वर्ष 2023 में 345.73 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 1,845.25 करोड़ रुपए तक पहुंच गई।इस अवधि में बाजरा की खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिससे देश में स्वास्थ्यवर्धक और पोषणयुक्त फूड प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी है।विशेषज्ञों की राय विशेषज्ञों का कहना है कि फूड पीएलआई योजना ने देश में खाद्य प्रसंस्करण और रोजगार सृजन में नई दिशा दी है।एमएसएमई और बड़े उद्योगों की भागीदारी से उत्पादन क्षमता, तकनीक और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सुधार हुआ है। फूड पीएलआई स्कीम ने अब तक 9,207 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया और 3.29 लाख रोजगार पैदा किए। योजना ने 128 कंपनियों और 274 यूनिट्स के माध्यम से उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाई, मिलेट और मोटे अनाज की मांग में तेजी आई, और देश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाई।
अब 22 भाषाओं में पाएं बैंकिंग सेवाएं, डिजिटल सुविधा होगी और आसान!

नई दिल्ली।सरकारी क्षेत्र का बैंक ऑफ बड़ौदा अब ग्राहकों को 22 भाषाओं में बैंकिंग सेवाएं देने के लिए एआई आधारित बहुभाषी चैटबॉट ‘बॉब संवाद’ लेकर आया है। यह पहल समावेशी बैंकिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है और शाखाओं में भाषा संबंधी बाधाओं को खत्म करने में मदद करेगी। ‘बॉब संवाद’ की खासियतप्लेटफॉर्म टेक्स्ट और वॉइस दोनों मोड में काम करता है।ग्राहक अपनी पसंदीदा भाषा में प्रश्न बोल या टाइप कर सकते हैं।शाखा कर्मचारियों के लिए तुरंत अनुवाद उपलब्ध होता है, जिससे सेवा तेज और सटीक होती है।दो-तरफा संचार के माध्यम से ग्राहक और कर्मचारी अलग भाषाएं बोलने पर भी सहजता से बातचीत कर सकते हैं। बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ, देबदत्ता चंद ने कहा कि यह पहल बैंक के ग्राहक-केंद्रित डिज़ाइन और प्रौद्योगिकी संयोजन के लक्ष्य को दर्शाती है। लॉन्च और विस्तारपहले चरण में, ‘बॉब संवाद’ की सुविधा तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की 250 शाखाओं में उपलब्ध होगी।बैंक का लक्ष्य है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क में इसे व्यापक रूप से लागू किया जाए। तकनीकी और समावेशी पहलवित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म ग्राहक सेवा वितरण को मजबूत करेगा और बैंकिंग क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल का नया मानदंड स्थापित करेगा। बैंक ने आंतरिक रूप से इसे विकसित किया है ताकि ग्राहक और कर्मचारी भाषा संबंधी बाधाओं के बिना संवाद कर सकें। पर्यावरण और सामाजिक पहललॉन्च के अवसर पर सचिव ने बैंक के मुंबई कार्यालय में ‘बॉब फॉरेस्ट’ नामक सतत विकास पहल का भी दौरा किया। इसका उद्देश्य जैव विविधता और स्वच्छ हवा को बढ़ावा देना और व्यापक ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और विकास) प्रयासों को मजबूत करना है। पिछली पहलें और जागरूकताइससे पहले फरवरी में वित्त मंत्रालय ने बैंक ऑफ बड़ौदा अकादमी, अहमदाबाद में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए आरक्षण नीति और दिव्यांगों के लिए वित्तीय सेवाओं की सुलभता पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की थी। बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपने बहुभाषी एआई प्लेटफॉर्म ‘बॉब संवाद’ के जरिए ग्राहकों को 22 भाषाओं में बैंकिंग सेवाएं देने की पहल की। पहले चरण में 250 शाखाओं में इसे शुरू किया जाएगा और भविष्य में पूरे नेटवर्क में विस्तार किया जाएगा। यह प्लेटफॉर्म टेक्स्ट व वॉइस दोनों मोड में काम करता है और भाषा बाधाओं को दूर कर ग्राहक अनुभव को आसान बनाता है।
रेलवे करियर में कदम रखें, आईआरसीटीसी की इस भर्ती में बनें उम्मीदवार

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने हॉस्पिटैलिटी मॉनिटर के कुल 84 पदों के लिए भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नौकरी उन युवाओं के लिए शानदार अवसर है जो रेलवे क्षेत्र में कैरियर बनाने की सोच रहे हैं। पद और चयन प्रक्रियाआईआरसीटीसी में चयन प्रक्रिया वॉक-इन-इंटरव्यू, मेडिकल फिटनेस और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर होगी। चयनित उम्मीदवारों को 30,000 रुपए प्रति माह सैलरी के साथ अन्य भत्ते और लाभ भी मिलेंगे। शैक्षणिक योग्यताउम्मीदवारों के पास निम्नलिखित योग्यता होनी चाहिए:हॉस्पिटैलिटी और होटल एडमिनिस्ट्रेशन में बीएससी / बीबीए / एमबीए (पाक कला)होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग साइंस में बीएससी / एमबीए (पर्यटन और होटल मैनेजमेंट)योग्य फ्रेशर्स भी इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। आयु सीमाअधिकतम आयु: 27 वर्ष (1 अप्रैल 2026 के आधार पर)आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूटवॉक-इन-इंटरव्यू का शेड्यूल और स्थानइंटरव्यू का आयोजन 25 से 28 अप्रैल 2026 के बीच होगा। उम्मीदवार सुबह 10:30 बजे से शाम 17:30 बजे तक दिए गए पते पर पहुंच सकते हैं: आईआरसीटीसी क्षेत्रीय कार्यालय6ए, द रेन ट्री प्लेस, नंबर 9, मैक निकोल्स रोड, चेटपेट, चेन्नई – 600031उम्मीदवारों को सभी डॉक्यूमेंट्स और एप्लीकेशन फॉर्म की हार्ड कॉपी इंटरव्यू के दिन साथ ले जाने की सलाह दी जाती है। आवेदन कैसे करेंउम्मीदवारों को सबसे पहले आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। होमपेज पर संबंधित पद के नोटिफिकेशन लिंक पर क्लिक कर एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें। फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ इंटरव्यू के दिन लेकर जाएं। आईआरसीटीसी ने हॉस्पिटैलिटी मॉनिटर के 84 पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की है। वॉक-इन-इंटरव्यू 25-28 अप्रैल को चेन्नई में आयोजित होंगे। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार आवेदन फॉर्म डाउनलोड करके समय पर इंटरव्यू में शामिल होकर रेलवे क्षेत्र में करियर बनाने का सुनहरा मौका प्राप्त कर सकते हैं।
क्विक कॉमर्स का बढ़ता असर: अब कीमत नहीं, सुविधा बन रही खरीदारी की पहली पसंद!

नई दिल्ली। भारत में तेजी से बदलते उपभोक्ता व्यवहार के बीच क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। मंगलवार को जारी ग्रांट थॉर्नटन भारत एलएलपी की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि 70 प्रतिशत से ज्यादा उपभोक्ताओं ने कहा कि चाहे छूट कम हो जाए, वे क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल जारी रखेंगे। इससे यह साफ है कि आज उपभोक्ता कीमत से ज्यादा सुविधा और त्वरित डिलीवरी को प्राथमिकता देने लगे हैं। मोहल्ले की दुकानों की भूमिका अब भी अहमरिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में रोजमर्रा की किराना खरीदारी के लिए मोहल्ले की दुकानों का महत्व अभी भी बरकरार है। भरोसे और व्यक्तिगत संबंधों के कारण ये दुकाने उपभोक्ताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं। हालांकि, पिछले एक साल में 51 प्रतिशत उपभोक्ताओं ने कहा कि उनकी किराना दुकानों पर निर्भरता कम हुई है, जो डिजिटल और क्विक कॉमर्स की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। क्विक कॉमर्स के इस्तेमाल के तरीकेरिपोर्ट के अनुसार, 45 प्रतिशत लोग आखिरी समय या जरूरी सामान के लिए क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, 24 प्रतिशत लोग दूध, ब्रेड जैसे रोजमर्रा के सामान के लिए इसका सहारा लेते हैं। 19 प्रतिशत उपभोक्ता स्नैक्स, पेय और इम्पल्स बाइंग के लिए इन प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा करते हैं। दूसरी ओर, 13 प्रतिशत लोग अब भी किराना दुकानों पर ज्यादा निर्भर हैं, जबकि 27 प्रतिशत लोगों की खरीदारी आदतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। किराना दुकानदारों की चुनौतियां और डिजिटल अपनानाकिराना दुकानदार भी अब बदलते परिदृश्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ने के विकल्प तलाश रहे हैं। हालांकि, उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जैसे कम मुनाफा, छोटा क्रेडिट साइकिल और ग्राहकों की बढ़ती अपेक्षाएं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 40 प्रतिशत दुकानदार क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी में रुचि रखते हैं। वहीं 32 प्रतिशत ने कहा कि उन्हें इसमें रुचि है, लेकिन वे समझ नहीं पाते कि यह साझेदारी कैसे काम करेगी। 20 प्रतिशत दुकानदारों ने कहा कि यदि उन्हें तकनीकी और संचालन में मदद मिले, तो वे भी इसमें शामिल होने के लिए तैयार हैं। डिजिटल भुगतान और तकनीकी टूल्सअब ज्यादातर किराना दुकानों पर डिजिटल पेमेंट आम हो गया है। यूपीआई और क्यूआर कोड के जरिए भुगतान व्यापक रूप से स्वीकार किया जा रहा है। हालांकि, पीओएस सिस्टम, इन्वेंट्री मैनेजमेंट और डिजिटल ऑर्डरिंग जैसे एडवांस टूल्स का इस्तेमाल सीमित है, जिसका कारण उनकी लागत, प्रशिक्षण और संचालन की जटिलता है। भारत में क्विक कॉमर्स अब केवल कीमत की प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि तेजी और सुविधा की प्राथमिकता बन चुकी है। मोहल्ले की दुकानें अभी भी भरोसे का मुख्य केंद्र हैं, लेकिन उपभोक्ताओं की बदलती आदतें और डिजिटल अपनाने की प्रवृत्ति इसे चुनौती दे रही हैं। किराना दुकानदारों के लिए भी डिजिटल नेटवर्क और तकनीकी सहयोग भविष्य में नई संभावनाएं खोल रहे हैं।
प्रकृति के करीब बिताएं वक्त, इन destinations पर मिलेंगे शांति और ताजगी!

नई दिल्ली। आज की तेज़ और तनावपूर्ण जिंदगी में हर कोई कुछ समय प्रकृति के करीब बिताना चाहता है। शहरों की भागदौड़, ट्रैफिक और प्रदूषण से दूर जाना हर किसी की ख्वाहिश होती है। ऐसे में ईको-फ्रेंडली ट्रैवल एक बेहतरीन विकल्प बनकर सामने आता है। ये जगहें सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर नहीं होतीं, बल्कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना छुट्टियों का अनुभव भी देती हैं। भारत में कई ऐसे स्थान हैं जहां हरी-भरी वादियां, साफ हवा और शांत वातावरण का आनंद लिया जा सकता है। ये डेस्टिनेशन खासतौर पर उन लोगों के लिए परफेक्ट हैं, जो भीड़भाड़ से दूर, सस्टेनेबल और रिलैक्सिंग छुट्टियां बिताना चाहते हैं। कूर्ग: हरियाली और कॉफी बागानकर्नाटक का कूर्ग अपनी हरियाली, कॉफी बागानों और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां के ईको-रिसॉर्ट्स और नेचर स्टे आपको प्रकृति के करीब रहने का अनोखा अनुभव देते हैं। पहाड़ों की ठंडी हवा, बहती नदियां और चाय-कॉफी बागान हर किसी के मन को सुकून देते हैं। कूर्ग उन लोगों के लिए आदर्श है जो रिलैक्सेशन और प्रकृति के साथ कनेक्ट होना चाहते हैं। स्पीति वैली: अनछुई खूबसूरतीहिमाचल प्रदेश की स्पीति वैली शांति और अनछुई खूबसूरती का प्रतीक है। यह शीत रेगिस्तान घाटी एडवेंचर और सुकून दोनों की चाह रखने वालों के लिए आदर्श है। यहां कम प्रदूषण, साफ वातावरण और लोकल ईको-फ्रेंडली जीवनशैली यात्रा का अनुभव और भी खास बनाती है। मावलिननॉन्ग गांव: एशिया का सबसे स्वच्छ गांवमेघालय में स्थित मावलिननॉन्ग गांव 2003 में एशिया का सबसे स्वच्छ गांव घोषित हुआ। यह महिला प्रधान गांव प्लास्टिक-फ्री और सस्टेनेबल जीवनशैली के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहां के लिविंग रूट ब्रिज और पर्यावरण जागरूकता इसे विशेष बनाते हैं। पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह जगह प्रकृति और लोकल संस्कृति के करीब होने का अनोखा अनुभव देती है। औरोविल: सस्टेनेबल शहरतमिलनाडु के विलुप्पुरम जिले में स्थित औरोविल मानव एकता और सस्टेनेबल जीवनशैली का प्रतीक है। यह शहर मेडिटेशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग और ग्रीन लिविंग के लिए जाना जाता है। चेन्नई से लगभग 150 किलोमीटर दूर यह जगह शांति और प्रकृति के साथ जुड़ाव का अनुभव देती है। कुमाऊं: पहाड़ों की सुकून भरी वादियांउत्तराखंड का कुमाऊं क्षेत्र खूबसूरत पहाड़ों, जंगलों और शांत वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। काठगोदाम रेलवे स्टेशन और पंतनगर एयरपोर्ट से आसानी से पहुंचा जा सकता है। यहां के ईको-स्टे और होमस्टे आपको प्रकृति के करीब रहकर शांति और सुकून का अनुभव देते हैं। अगर आप शहर की भागदौड़ और प्रदूषण से दूर शांति चाहते हैं, तो कूर्ग, स्पीति वैली, मावलिननॉन्ग, औरोविल और कुमाऊं जैसे ईको-फ्रेंडली स्थान आपके लिए परफेक्ट हैं। यहां आपको हरी-भरी वादियां, साफ हवा, सस्टेनेबल लाइफस्टाइल और लोकल संस्कृति का अनोखा अनुभव मिलेगा। ये जगहें छुट्टियों के दौरान प्रकृति से जुड़ाव और मानसिक सुकून देने के लिए सबसे बेहतरीन हैं।
एक ही दिन में 6 केस में गवाही 50 KM का सफर मऊगंज में फिक्स गवाहों का बड़ा खेल उजागर

मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां पुलिस पर आरोप लगा है कि वह तथाकथित फिक्स गवाहों के सहारे मामलों को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रही है जिससे न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता पर खतरा मंडरा रहा है। मामला हनुमना थाना क्षेत्र से जुड़ा है जहां एक ड्राइवर को लेकर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि थाना प्रभारी अनिल काकडे के निजी वाहन चालक राजेश साकेत न केवल गाड़ी चलाते हैं बल्कि कई मामलों में गवाह के रूप में भी पेश किए जाते हैं। आरोप है कि पिछले आठ महीनों में वह 48 से अधिक मामलों में गवाही दे चुके हैं जिससे यह सवाल उठता है कि क्या वह हर घटना के प्रत्यक्षदर्शी हो सकते हैं। सबसे हैरान करने वाली बात 28 मार्च 2026 की बताई जा रही है जब राजेश साकेत और एक अन्य व्यक्ति सूर्यमणि मिश्रा ने एक ही दिन में छह अलग अलग मामलों में गवाही दी। ये सभी मामले हनुमना थाना हाटा चौकी और पिपराही चौकी क्षेत्र से जुड़े थे जो लगभग 50 किलोमीटर के दायरे में फैले हुए हैं। इस तरह की घटनाओं ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है। आंकड़ों के अनुसार सूर्यमणि मिश्रा राजेश साकेत और पुष्पराज द्विवेदी जैसे कुछ नाम ऐसे हैं जो सैकड़ों मामलों में गवाह के रूप में सामने आए हैं। आरोप है कि ये लोग लूट डकैती मारपीट और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी गवाही देते रहे हैं। हालांकि जब उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने जानकारी होने से ही इनकार कर दिया जिससे संदेह और गहरा गया है। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी अनिल काकडे की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। उन पर पहले भी एक गंभीर मामले में जांच चलने की बात सामने आई है जिसमें हत्या के केस को आत्महत्या बताने का प्रयास किया गया था। बावजूद इसके उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई जो प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। देश की शीर्ष अदालत भारत का सर्वोच्च न्यायालय भी इस तरह के फिक्स गवाहों पर सख्त टिप्पणी कर चुकी है और इसे न्याय व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया गया है। साथ ही Madhya Pradesh High Court के निर्देश पर एक उच्च स्तरीय समिति का गठन भी किया गया है लेकिन इसके बावजूद इस तरह के मामले सामने आना चिंता का विषय है। वहीं इस मामले पर जब प्रभारी मंत्री लखन पटेल से सवाल किया गया तो उन्होंने जांच कराने की बात कही लेकिन इससे लोगों की चिंता कम नहीं हुई है। यह पूरा मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। यदि गवाह ही संदिग्ध हों तो न्याय की नींव कमजोर पड़ जाती है और असली अपराधियों के बच निकलने का खतरा बढ़ जाता है। अब जरूरत है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कानून पर लोगों का भरोसा बना रहे।