खराब बिजनेस अपडेट का असर! जुबिलेंट फूडवर्क्स स्टॉक में बड़ी गिरावट, निवेशकों में चिंता

नई दिल्ली। क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर की दिग्गज कंपनी जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड के शेयरों में मंगलवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली। कंपनी के कमजोर चौथी तिमाही (Q4) बिजनेस अपडेट के बाद निवेशकों ने बिकवाली शुरू कर दी, जिसके चलते शेयर 10 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया और 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान 52-हफ्ते के लो पर पहुंचा स्टॉकएनएसई पर दोपहर करीब 1:35 बजे जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड का शेयर 10.14% गिरकर 414.25 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिन की शुरुआत 440 रुपये पर हुई थी, लेकिन बिकवाली के दबाव में यह गिरकर 408.80 रुपये तक पहुंच गया, जो इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर है।गौरतलब है कि इस स्टॉक का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर 727.95 रुपये रहा है, जिससे साफ है कि पिछले एक साल में इसमें भारी गिरावट आई है। रेवेन्यू बढ़ा, लेकिन मांग कमजोरकंपनी ने जनवरी-मार्च तिमाही में 19% की कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की और कुल आय 2,506 करोड़ रुपये रही। हालांकि, इसके बावजूद निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ गया। इसकी सबसे बड़ी वजह Domino’s Pizza इंडिया का कमजोर प्रदर्शन रहा। कंपनी की लाइक-फॉर-लाइक (LFL) ग्रोथ सिर्फ 0.2% रही, जो घरेलू बाजार में सुस्त मांग को दर्शाती है। मार्जिन पर दबाव और सीमित ग्रोथ की चिंताविश्लेषकों का मानना है कि कमजोर LFL ग्रोथ के कारण कंपनी के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। बड़े इवेंट जैसे टी20 क्रिकेट वर्ल्ड कप के बावजूद कंपनी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसके अलावा, डिलीवरी बिजनेस से ग्रोथ की संभावनाएं भी सीमित होती दिख रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ रफ्तार और धीमी पड़ सकती है। हालांकि, कंपनी का तुर्की बिजनेस अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया है, जो कुछ राहत जरूर देता है। नए स्टोर्स का विस्तार जारीकमजोर मांग के बावजूद कंपनी अपने विस्तार पर ध्यान दे रही है। इस तिमाही में जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड ने कुल 69 नए स्टोर्स जोड़े, जिससे कुल आउटलेट्स की संख्या बढ़कर 3,663 हो गई है।इनमें Domino’s Pizza इंडिया के 59 नए स्टोर शामिल हैं, जबकि तुर्की में 4 नए आउटलेट खोले गए। डंकिन के साथ 15 साल पुरानी साझेदारी खत्मकंपनी ने एक बड़ा फैसला लेते हुए Dunkin’ के साथ अपनी फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट को रिन्यू न करने का ऐलान किया है। यह 15 साल पुरानी साझेदारी इस साल 31 दिसंबर को खत्म हो जाएगी। कंपनी ने बताया कि लगातार घाटे और कमजोर ग्रोथ के चलते यह कदम उठाया गया है। अब कंपनी इस बिजनेस के लिए बिक्री या फ्रेंचाइजी ट्रांसफर जैसे विकल्पों पर विचार करेगी। निवेशकों के लिए चिंता बढ़ीइस साल अब तक कंपनी के शेयर 20% से ज्यादा गिर चुके हैं, जबकि पिछले एक साल में इसमें करीब 40% की गिरावट दर्ज की गई है। कमजोर मांग, मार्जिन प्रेशर और धीमी ग्रोथ के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ गई है और आने वाले समय में कंपनी के प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी। कमजोर Q4 अपडेट के बाद जुबिलेंट फूडवर्क्स के शेयर 10% से ज्यादा गिरकर 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए। डोमिनोज इंडिया की धीमी ग्रोथ और मार्जिन दबाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा है।
IPL 2026 अपडेट: पथिराना-हसरंगा की फिटनेस पर सवाल, SLC को रिपोर्ट नहीं सौंपी

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के बीच श्रीलंकाई खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने पुष्टि की है कि तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना और स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा उन खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिन्होंने अब तक अनिवार्य फिटनेस टेस्ट नहीं दिया है। कुल 45 सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों में से अब तक केवल 24 ही इस टेस्ट को पास कर पाए हैं, जबकि कई खिलाड़ी या तो टेस्ट नहीं दे पाए हैं या फेल हो चुके हैं। आईपीएल टीमों के लिए बढ़ी चिंतावानिंदु हसरंगा और मथीशा पथिराना दोनों आईपीएल 2026 में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी हैं। हसरंगा लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा हैं, जबकि पथिराना कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस और टेस्ट क्लियर करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा असर उनके आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर पर पड़ सकता है। हसरंगा की स्थिति ज्यादा चिंताजनकरिपोर्ट्स के मुताबिक, हसरंगा की स्थिति सबसे ज्यादा चिंता का विषय बनी हुई है। उन्हें फरवरी में आयरलैंड के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप मैच के दौरान बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने अब तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के लिए भी आवेदन नहीं किया है। इससे उनके आईपीएल में खेलने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। पथिराना की वापसी की उम्मीददूसरी ओर, मथीशा पथिराना भी चोटिल रहे थे। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच के दौरान उनकी पिंडली की मांसपेशी में खिंचाव आ गया था। हालांकि, राहत की बात यह है कि उन्होंने नेट्स में गेंदबाजी शुरू कर दी है और उम्मीद की जा रही है कि वह अप्रैल के मध्य तक भारत पहुंचकर आईपीएल में हिस्सा ले सकते हैं। फिटनेस नियम हुए और सख्तश्रीलंका क्रिकेट ने अपने फिटनेस मानकों को और कड़ा कर दिया है। अब सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट खिलाड़ियों को 20 मीटर स्प्रिंट, 5-0-5 एजिलिटी टेस्ट, काउंटर मूवमेंट जंप, 2 किलोमीटर दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट पास करना अनिवार्य है। इन सभी टेस्ट में कुल 29 अंक होते हैं, जिनमें से कम से कम 17 अंक हासिल करना जरूरी है। घरेलू क्रिकेट में भी लागू नियमएसएलसी ने यह नया फिटनेस सिस्टम घरेलू टूर्नामेंट ‘नेशनल सुपर लीग’ में भी लागू कर दिया है। हालांकि, यहां नियम थोड़े आसान हैं, जिसमें खिलाड़ियों को 2 किलोमीटर दौड़ और स्किनफोल्ड टेस्ट पास करना होता है। इस टूर्नामेंट में 87 खिलाड़ियों में से 23 खिलाड़ी न्यूनतम फिटनेस मानकों को पूरा नहीं कर पाए हैं। इन खिलाड़ियों को 19 अप्रैल तक का समय दिया गया है। फेल होने पर क्या होगा असर?अगर खिलाड़ी तय समय तक फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाते, तो उन्हें मैच फीस नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, उनके भविष्य के चयन और टूर्नामेंट में भागीदारी पर भी असर पड़ सकता है। आईपीएल 2026 के बीच पथिराना और हसरंगा का फिटनेस टेस्ट न देना बड़ा मुद्दा बन गया है। उनकी फिटनेस और टेस्ट क्लियर करना न सिर्फ उनके आईपीएल करियर बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए भी बेहद अहम साबित होगा।
झुकते मकान को देख लोगों ने रोका रास्ता उज्जैन में महाकाल जाने वाले मार्ग पर बड़ा हादसा टला

उज्जैन । मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर उज्जैन में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब महाकाल मंदिर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस घटना का लाइव वीडियो भी सामने आया है जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी लेकिन राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और सूझबूझ के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यह घटना गेबी हनुमान क्षेत्र की है जो महाकाल मंदिर जाने वाले प्रमुख रास्तों में से एक माना जाता है। इस मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोपाल मंदिर, शिप्रा नदी और महाकाल मंदिर की ओर जाते हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का हादसा बेहद गंभीर हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम करीब 6 बजे से ही मकान में दरारें और झुकाव साफ नजर आने लगा था। स्थानीय लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सड़क पर आवाजाही रोक दी और लोगों को उस क्षेत्र से दूर कर दिया। करीब 7 बजे मकान पूरी तरह ढह गया। अगर उस समय ट्रैफिक चालू रहता तो यह हादसा कई जिंदगियां लील सकता था। मकान मालिक मनोज भावसार और अली अजगर सहित अन्य रहवासियों ने आरोप लगाया है कि पास में पोकलेन मशीन से चल रही तोड़फोड़ के कारण मकान कमजोर हो गया था। उनका कहना है कि पिछले एक महीने से मकान की नींव में पानी भरने की समस्या भी बनी हुई थी जिसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। वहीं नगर निगम का पक्ष इससे अलग है। निगम अधिकारियों का कहना है कि ढाबा रोड क्षेत्र में मार्ग चौड़ीकरण के तहत जर्जर भवन को पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ हटाया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई बैरिकेडिंग और अधिकारियों की निगरानी में की जा रही थी ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। घटना के बाद पुलिस और नगर निगम की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया। मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है ताकि रास्ता जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। सीएसपी के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है जो कि सबसे बड़ी राहत की बात है। यह घटना एक बार फिर शहरी क्षेत्रों में जर्जर इमारतों और निर्माण कार्यों की निगरानी पर सवाल खड़े करती है। हालांकि इस मामले में स्थानीय लोगों की जागरूकता ने बड़ी त्रासदी को टाल दिया लेकिन प्रशासन के लिए यह एक चेतावनी भी है कि ऐसे मामलों में समय रहते ठोस कदम उठाना कितना जरूरी होता है।
गैस संकट पर फूटा छात्रों का गुस्सा नर्मदापुरम में कलेक्ट्रेट के बाहर चूल्हा जलाकर किया विरोध

नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में रसोई गैस की किल्लत और कथित कालाबाजारी को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बड़ी संख्या में छात्र सोमवार रात करीब 10 बजे अचानक कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंच गए और वहां अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र अपने साथ सब्जी पोहा और चूल्हा लेकर आए थे और उन्होंने मौके पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया जिससे प्रशासन भी हैरान रह गया। छात्रों का आरोप है कि शहर में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी है और इसका फायदा उठाकर कुछ लोग खुलेआम कालाबाजारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो सिलेंडर सामान्य रूप से करीब 900 रुपये में मिलता है उसे 3500 से 4000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इस वजह से किराए के कमरों में रहने वाले और सीमित संसाधनों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए रोजमर्रा का जीवन बेहद कठिन हो गया है। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार सरिता मालवीय तथा शक्ति तोमर मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाने की कोशिश की और तत्काल राहत के तौर पर दीनदयाल रसोई योजना के तहत भोजन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा लेकिन छात्रों ने इसे साफ तौर पर ठुकरा दिया। उनका कहना था कि उन्हें मुफ्त भोजन नहीं बल्कि उचित कीमत पर गैस सिलेंडर चाहिए ताकि वे खुद अपना खाना बना सकें और सम्मानजनक तरीके से रह सकें। प्रदर्शन के दौरान यह बात भी सामने आई कि अधिकांश छात्र बाहरी जिलों से आकर यहां रह रहे हैं और उनके पास स्थानीय गैस एजेंसियों के कनेक्शन नहीं हैं। यही वजह है कि वे नियमित आपूर्ति से वंचित हैं और मजबूरी में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। करीब एक घंटे तक चले इस विरोध के दौरान प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत हुई। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों के पास जिले के गैस कनेक्शन हैं वे अगले दिन अपनी बुक और डीएससी नंबर के साथ आएं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।इसी बीच स्थानीय कांग्रेस नेता Faizan ने आगे आकर छात्रों के भोजन की निजी व्यवस्था करने की बात कही जिसके बाद माहौल थोड़ा शांत हुआ और छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस की किल्लत दूर नहीं की गई और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे और बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। यह घटना न केवल प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है बल्कि शहर में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
मैदान के असली फैसलेबाज़! जानिए IPL में सबसे ज्यादा मैचों में अंपायरिंग करने वाले 6 अंपायर

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल सिर्फ खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि अंपायरों का भी बड़ा मंच रहा है। हर मैच में सही फैसले लेने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर होती है। आईपीएल के 19वें सीजन के बीच आज हम आपको उन अंपायरों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने इस लीग के इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबलों में अंपायरिंग की है। संयुक्त रूप से नंबर-1: अनिल चौधरी और सुंदरम रविआईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबलों में अंपायरिंग करने का रिकॉर्ड संयुक्त रूप से अनिल चौधरी और सुंदरम रवि के नाम दर्ज है। दोनों ने इस लीग में 131-131 मैचों में अंपायरिंग की है।अनिल चौधरी ने साल 2012 में आईपीएल में कदम रखा और लगातार अपनी सटीक फैसलों से पहचान बनाई। वहीं सुंदरम रवि ने 2009 में शुरुआत की और 2021 तक इस लीग में अहम भूमिका निभाई। दूसरे नंबर पर: नितिन मेननइस सूची में दूसरे स्थान पर नितिन मेनन का नाम आता है। उन्होंने 2016 में आईपीएल में डेब्यू किया और अब तक 113 मुकाबलों में अंपायरिंग कर चुके हैं। नितिन मेनन अपनी तेज़ और सटीक निर्णय क्षमता के लिए जाने जाते हैं और आज के समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक भरोसेमंद अंपायर माने जाते हैं। तीसरे स्थान पर: कुमार धर्मसेनश्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर और अंपायर कुमार धर्मसेना इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। उन्होंने आईपीएल में 100 मुकाबलों में अंपायरिंग की है। धर्मसेना ने 2009 में इस लीग में अंपायरिंग की शुरुआत की थी और अपने अनुभव के दम पर कई बड़े मैचों में जिम्मेदारी संभाली है। चौथे नंबर पर: चेट्टीथोडी शमशुद्दीनचेट्टीथोडी शमशुद्दीन इस सूची में चौथे स्थान पर काबिज हैं। उन्होंने 2012 से आईपीएल में अंपायरिंग शुरू की और अब तक 89 मुकाबलों में अपनी भूमिका निभाई है। उनकी गिनती शांत स्वभाव और संतुलित फैसले लेने वाले अंपायरों में होती है। पांचवें स्थान पर: क्रिस गैफनीन्यूजीलैंड के क्रिस गैफनी इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। उन्होंने 2015 से आईपीएल में अंपायरिंग शुरू की और अब तक 83 मुकाबलों में अपनी सेवाएं दी हैं। गैफनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी एक अनुभवी अंपायर हैं और बड़े मैचों में उनकी उपस्थिति भरोसे का संकेत मानी जाती है। अंपायरिंग: खेल की रीढ़आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में अंपायरों की भूमिका बेहद अहम होती है। एक सही या गलत फैसला मैच का रुख बदल सकता है। यही वजह है कि इन अनुभवी अंपायरों को बार-बार बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं। आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा मुकाबलों में अंपायरिंग का रिकॉर्ड अनिल चौधरी और सुंदरम रवि के नाम है, जबकि नितिन मेनन, कुमार धर्मसेना, शमशुद्दीन और क्रिस गैफनी भी इस सूची में प्रमुख नाम हैं।
अजय सिंह को नहीं राज्यसभा में दिलचस्पी गोविंद सिंह की दो टूक क्रॉस वोटिंग पर भी जताई चिंता

भोपाल । मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं और इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गोविंद सिंह का बड़ा बयान सामने आया है जिसने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि पार्टी को ऐसे नेताओं को राज्यसभा भेजना चाहिए जिनका मजबूत जनाधार हो ताकि संगठन को मजबूती मिल सके और कार्यकर्ताओं में विश्वास बना रहे। डॉ गोविंद सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान के हाथ में होगा लेकिन उनकी राय में जमीनी पकड़ रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर चल रही रणनीतिक चर्चाओं से जोड़कर देखा जा रहा है जहां उम्मीदवार चयन को लेकर मंथन जारी है। इसी दौरान जब पूर्व नेता अजय सिंह के राज्यसभा जाने की संभावना पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि अजय सिंह की इसमें कोई खास रुचि नहीं है। इस बयान ने अटकलों पर विराम लगा दिया और यह संकेत भी दिया कि पार्टी नए चेहरों या अलग समीकरणों पर विचार कर सकती है। क्रॉस वोटिंग के खतरे को लेकर भी डॉ गोविंद सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी लगातार विधायकों और वरिष्ठ नेताओं से संवाद कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की असंतोष की स्थिति न बने और पार्टी एकजुट होकर चुनाव में उतरे। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस तरह के चुनावों में सतर्कता बेहद जरूरी होती है। वहीं भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी इस बयान पर प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी के मीडिया विभाग प्रमुख आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनके लिए आत्मचिंतन का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब तक राज्यसभा भेजे गए नेताओं का जनाधार नहीं था और क्रॉस वोटिंग की आशंका कांग्रेस के आंतरिक हालात को दर्शाती है। अगर राज्यसभा की वर्तमान स्थिति की बात करें तो मध्य प्रदेश में कुल 11 सीटें हैं जिनमें से 8 पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है जबकि 3 सीटें इंडियन नेशनल कांग्रेस के पास हैं। इस साल तीन सीटें खाली हो रही हैं जिनमें से दो बीजेपी और एक कांग्रेस के हिस्से की है। इनमें से एक सीट पर वर्तमान में दिग्विजय सिंह का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इसी दिन बीजेपी के सुमेर सिंह सोलंकी का कार्यकाल भी खत्म होगा जबकि एक अन्य सदस्य जॉर्ज कुरियन का कार्यकाल जून 2026 में पूरा होगा। राज्यसभा चुनाव को लेकर बढ़ती हलचल यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश की राजनीति और अधिक दिलचस्प हो सकती है। कांग्रेस जहां अपने उम्मीदवार को लेकर रणनीति बना रही है वहीं बीजेपी भी अपने समीकरण साधने में जुटी हुई है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि पार्टियां किन चेहरों पर दांव लगाती हैं और क्या चुनाव बिना किसी अप्रत्याशित घटनाक्रम के संपन्न हो पाता है या नहीं।
बारिश ने रोका रोमांच! PBKS और KKR का मुकाबला रद्द, अंक हुए बराबर

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का रोमांच सोमवार को ईडन गार्डन्स में बारिश की भेंट चढ़ गया। कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया 12वां मुकाबला बेनतीजा रहा, जिसके बाद दोनों टीमों को 1-1 अंक बांटे गए। इस मैच का नतीजा भले ही नहीं निकला, लेकिन अंक तालिका पर इसका बड़ा असर देखने को मिला। पंजाब किंग्स जहां शीर्ष स्थान पर पहुंच गई, वहीं केकेआर ने भी इस सीजन में अपना खाता खोल लिया। केकेआर की खराब शुरुआत, बार्टलेट का कहरमैच में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में केकेआर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन शुरुआत बेहद निराशाजनक रही। टीम को महज 12 रन के स्कोर पर पहला झटका लगा, जब फिन एलन 6 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कैमरून ग्रीन भी ज्यादा देर टिक नहीं पाए। उन्होंने पहली गेंद पर चौका जरूर लगाया, लेकिन अगली ही गेंद पर कैच आउट हो गए। पंजाब के तेज गेंदबाज जैवियर बार्टलेट ने अपने पहले ही ओवर में 2 विकेट लेकर केकेआर की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। रहाणे-रघुवंशी ने संभाली पारी, फिर आई बारिशशुरुआती झटकों के बाद कप्तान अजिंक्य रहाणे (नाबाद 8) और अंगकृष रघुवंशी (नाबाद 7) ने पारी को संभालने की कोशिश की। केकेआर ने 3.4 ओवर में 2 विकेट पर 25 रन बना लिए थे और टीम धीरे-धीरे मैच में वापसी कर रही थी। तभी अचानक तेज बारिश शुरू हो गई, जिसने खेल को रोक दिया। 3 घंटे इंतजार के बाद रद्द हुआ मैचलगातार बारिश के कारण मैदान पूरी तरह गीला हो गया। रात करीब साढ़े दस बजे बारिश रुकी, लेकिन हालात खेलने लायक नहीं थे। अंपायर्स ने दोनों कप्तानों से चर्चा के बाद मैच को रद्द करने का फैसला लिया। अगर मुकाबला 5 ओवर तक होता, तो केकेआर को नुकसान हो सकता था, क्योंकि उनके पास कम ओवर और कम स्कोर था। अंक तालिका पर असर: पंजाब टॉप, केकेआर को राहतइस मुकाबले के बाद पंजाब किंग्स के 3 मैचों में 5 अंक हो गए हैं और टीम अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई है। टीम ने इससे पहले गुजरात टाइटन्स और चेन्नई सुपर किंग्स को हराया था। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स को इस सीजन का पहला अंक मिला और टीम अब 8वें स्थान पर पहुंच गई है। इससे पहले केकेआर को मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। आगे के मुकाबले: नई रणनीति के साथ उतरेंगी टीमेंअब पंजाब किंग्स अपना अगला मुकाबला 11 अप्रैल को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेलेगी। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स 9 अप्रैल को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ मैदान में उतरेगी।
IPL 2026 पॉइंट्स टेबल अपडेट: पंजाब किंग्स नंबर-1, केकेआर ने भी खोला जीत का खाता

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में सोमवार को खेला गया मुकाबला बारिश की वजह से अधूरा रह गया, लेकिन इस एक मैच ने अंक तालिका का पूरा गणित बदल दिया। पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच ईडन गार्डन्स में खेला गया 12वां मुकाबला रद्द करना पड़ा। दोनों टीमों को एक-एक अंक मिला, जिससे पंजाब किंग्स अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई, जबकि केकेआर का भी इस सीजन में खाता खुल गया। केकेआर की खराब शुरुआत, पंजाब के गेंदबाज हावीमैच में अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली केकेआर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने महज 3.2 ओवर में 25 रन पर अपने 2 विकेट गंवा दिए। ओपनर फिन एलन सिर्फ 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए, जबकि कैमरून ग्रीन का खराब फॉर्म जारी रहा और वह सिर्फ 4 रन ही बना सके। पंजाब के गेंदबाज शुरुआत से ही दबाव बनाए हुए थे और मैच पूरी तरह उनके नियंत्रण में नजर आ रहा था। बारिश बनी विलेन, मैच हुआ रद्दजैसे ही मैच रोमांचक मोड़ लेने वाला था, तभी तेज बारिश ने दस्तक दे दी। करीब 3 घंटे तक लगातार बारिश होती रही, जिससे मैदान पूरी तरह गीला हो गया। अंपायर्स ने हालात को देखते हुए आखिरकार मैच को रद्द करने का फैसला लिया। इसके बाद दोनों टीमों को एक-एक अंक देकर मुकाबले का अंत किया गया। अंक तालिका में पंजाब टॉप, केकेआर को राहतइस मुकाबले के बाद पंजाब किंग्स के 3 मैचों में 5 अंक हो गए हैं और टीम शीर्ष स्थान पर पहुंच गई है। कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स को इस सीजन का पहला अंक मिला और टीम अब अंक तालिका में 8वें स्थान पर है। बाकी टीमों का हाल: RCB दूसरे, CSK सबसे नीचेअंक तालिका में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 4 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गई है, जबकि राजस्थान रॉयल्स भी 4 अंकों के साथ तीसरे नंबर पर बनी हुई है। दिल्ली कैपिटल्स लगातार दो जीत के साथ चौथे स्थान पर है, जबकि सनराइजर्स हैदराबाद पांचवें स्थान पर काबिज है। मुंबई इंडियंस 2 अंकों के साथ छठे और लखनऊ सुपर जायंट्स सातवें स्थान पर मौजूद है। वहीं गुजरात टाइटन्स और चेन्नई सुपर किंग्स अब तक जीत का खाता नहीं खोल पाए हैं। गुजरात 9वें और चेन्नई सबसे निचले 10वें स्थान पर है। आगे की राह: हर मैच होगा अहमआईपीएल 2026 में जैसे-जैसे मुकाबले आगे बढ़ रहे हैं, अंक तालिका में बदलाव तेज होता जा रहा है। पंजाब किंग्स ने जहां बढ़त बना ली है, वहीं बाकी टीमों के लिए हर मैच “करो या मरो” जैसा होता जा रहा है।
मैच अधूरा तो क्या मिलेगा पूरा रिफंड इंडियन प्रीमियर लीग के नियमों से समझिए फैंस का हक

नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के सीजन में कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेले जा रहे कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। मैच अपने तय समय पर शुरू तो हुआ लेकिन महज 3.4 ओवर के बाद ही बारिश ने खेल में बाधा डाल दी और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इसे रद्द करने का फैसला लेना पड़ा। दोनों टीमों को एक एक अंक दे दिए गए लेकिन सबसे बड़ा सवाल उन हजारों दर्शकों को लेकर खड़ा हो गया जो स्टेडियम में टिकट खरीदकर पहुंचे थे। फैंस देर रात तक उम्मीद लगाए बैठे रहे कि शायद मैच दोबारा शुरू हो जाए लेकिन करीब 11 बजे यह साफ हो गया कि अब खेल संभव नहीं है। ऐसे में दर्शकों के मन में यही सवाल उठा कि क्या उन्हें उनके टिकट का पैसा वापस मिलेगा या नहीं। आईपीएल के टिकट रिफंड को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। यदि कोई मैच बिना एक भी गेंद डाले रद्द हो जाता है तो दर्शकों को लगभग पूरा रिफंड दिया जाता है हालांकि इसमें कुछ प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क काटा जाता है। आमतौर पर दर्शकों को 80 से 90 प्रतिशत तक रकम वापस मिल जाती है। लेकिन इस मैच की स्थिति थोड़ी अलग थी क्योंकि इसमें कुछ ओवर का खेल हो चुका था। ऐसे मामलों में एक महत्वपूर्ण नियम लागू होता है कि यदि मैच में पांच ओवर भी पूरे नहीं हो पाते हैं तो इसे पूर्ण मैच नहीं माना जाता और दर्शक रिफंड के हकदार होते हैं। KKR और PBKS के बीच मुकाबले में चार ओवर से भी कम खेल हो सका इसलिए फैंस को राहत मिलने की पूरी संभावना है। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड या फ्रेंचाइजी की तरफ से रिफंड को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो ऐसे मामलों में दर्शकों को उनका पैसा वापस मिल जाता है। रिफंड की प्रक्रिया आमतौर पर कुछ दिनों में पूरी होती है और यह उसी माध्यम से लौटाया जाता है जिससे टिकट बुक किया गया था। उम्मीद की जा रही है कि 7 से 10 दिनों के भीतर दर्शकों को उनकी राशि वापस मिल सकती है। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में फैंस का अनुभव बेहद अहम माना जाता है और यही वजह है कि आयोजक इस तरह की परिस्थितियों में दर्शकों का ध्यान रखते हैं। जब मैच का कोई नतीजा नहीं निकलता और खेल पर्याप्त समय तक नहीं हो पाता तो टिकट रिफंड देना एक तरह से दर्शकों के प्रति जिम्मेदारी भी बन जाती है। इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि मौसम का खेल पर कितना बड़ा असर पड़ सकता है लेकिन साथ ही यह भी कि नियमों के तहत फैंस को नुकसान से बचाने के प्रयास किए जाते हैं। आने वाले मैचों में भी यदि ऐसी स्थिति बनती है तो दर्शक इन्हीं नियमों के तहत रिफंड पाने के हकदार होंगे।
मस्ती या बदतमीजी अक्षय कुमार का मजाक बना विवाद राजपाल यादव को लेकर फैंस हुए नाराज

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या एक्शन सीन नहीं बल्कि एक स्टेज इवेंट के दौरान कही गई बात है जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। मामला उनकी आने वाली फिल्म भूत बंगला के ट्रेलर लॉन्च इवेंट का है जहां उनके साथ राजपाल यादव सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी। इवेंट के दौरान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि पूरी टीम स्टेज पर बैठी हुई है लेकिन राजपाल यादव के पास कुर्सी नहीं होती। वह खुद जाकर अपनी कुर्सी लाते हैं और बैठने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान अक्षय कुमार उन्हें बार बार बैठने के लिए कहते हैं और फिर मजाकिया अंदाज में बोल देते हैं कि बैठ जा नहीं तो खामखा पेल दूंगा। इस पर राजपाल यादव हंसते हुए नजर आते हैं लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। वीडियो सामने आते ही लोगों ने इसे मजाक से ज्यादा अपमानजनक व्यवहार बताया। कई यूजर्स ने कहा कि पब्लिक प्लेटफॉर्म पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए खासकर तब जब सामने वाला कलाकार इंडस्ट्री का सम्मानित कॉमेडियन हो। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पहले राजपाल यादव के पास कुर्सी नहीं थी और फिर उसी बात को लेकर मजाक करना गलत संदेश देता है। इतना ही नहीं इवेंट के दौरान एक और पल भी चर्चा में आ गया जब राजपाल यादव अक्षय कुमार की तारीफ करते हुए उनके अनुशासन और अभिनय की सराहना करते हैं। इस पर अक्षय कुमार मजाक करते हुए कहते हैं कि तू जब बोलता है तो ऐसा लगता है जैसे किसी कवि सम्मेलन में आया हुआ है। इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने हल्के में नहीं लिया और इसे अनावश्यक तंज बताया। हालांकि यह भी सच है कि अक्षय कुमार अपनी मस्ती और हाजिरजवाबी के लिए जाने जाते हैं और कई बार उनके ऐसे मजाक को लोग पसंद भी करते हैं लेकिन इस बार मामला उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या हास्य और अपमान के बीच की सीमा पार हो गई है। फिल्म भूत बंगला की बात करें तो यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है जिसमें अक्षय कुमार के साथ तब्बू वामिका गब्बी परेश रावल और राजपाल यादव अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। फिल्म की रिलीज डेट अब 16 अप्रैल तय की गई है जिसे पहले आगे बढ़ाया गया था। वर्क फ्रंट पर अक्षय कुमार के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं जिनमें वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 3 और हैवान शामिल हैं। इन फिल्मों को लेकर फैंस में पहले से ही उत्साह बना हुआ है लेकिन इस विवाद ने फिलहाल उनकी छवि को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले पर अक्षय कुमार या राजपाल यादव की तरफ से कोई सफाई या प्रतिक्रिया आती है या नहीं लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक मंच पर की गई हल्की फुल्की टिप्पणी भी किस तरह बड़ा मुद्दा बन सकती है।