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J&K में झीलों पर संकट: 45% गायब, 29% सिकुड़ीं, CAG रिपोर्ट ने खोली संरक्षण तंत्र की पोल

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में झीलों के तेजी से घटते अस्तित्व को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट ने चिंताजनक स्थिति उजागर की है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 1967 में मौजूद 697 झीलों में से 45 प्रतिशत यानी 315 झीलें पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं, जबकि 29 प्रतिशत यानी 203 झीलों का जल क्षेत्र काफी सिकुड़ गया है। 2017-18 से 2021-22 के बीच किए गए ऑडिट में सामने आया कि कुल 518 झीलों के क्षेत्रफल में 2,851.26 हेक्टेयर की कमी आई है। यह गिरावट पारिस्थितिकी तंत्र, जैव विविधता और जल संसाधनों के लिए गंभीर खतरे का संकेत देती है। आंकड़ों के मुताबिक 1,537.07 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली 315 झीलें पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं, जबकि 203 झीलों का क्षेत्रफल 1,314.19 हेक्टेयर घटा है। हालांकि 150 झीलों के क्षेत्र में 538.22 हेक्टेयर की वृद्धि और 29 झीलों में कोई बदलाव नहीं पाया गया, फिर भी कुल मिलाकर झीलों के घटते दायरे ने पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। खास बात यह है कि जिन 203 झीलों का जल क्षेत्र कम हुआ है, उनमें से 63 झीलों का क्षेत्रफल 50 प्रतिशत या उससे अधिक घट चुका है, जिससे उनके पूरी तरह खत्म होने का खतरा बढ़ गया है।हालांकि 150 झीलों के क्षेत्र में 538.22 हेक्टेयर की वृद्धि और 29 झीलों में कोई बदलाव नहीं पाया गया, फिर भी कुल मिलाकर झीलों के घटते दायरे ने पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। खास बात यह है कि जिन 203 झीलों का जल क्षेत्र कम हुआ है, उनमें से 63 झीलों का क्षेत्रफल 50 प्रतिशत या उससे अधिक घट चुका है, जिससे उनके पूरी तरह खत्म होने का खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जम्मू-कश्मीर सरकार का संरक्षण प्रयास सीमित दायरे में ही सिमटा रहा। केवल छह प्रमुख झीलों डल झील, वुलर झील, होकरसर, मानसबाल झील, सुरिनसर झील और मानसर झील के लिए ही संरक्षण और प्रबंधन योजनाएं बनाई गईं। बाकी 691 झीलों के लिए न तो कोई ठोस योजना तैयार की गई और न ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की योजनाओं का लाभ उठाने की पहल की गई। 2017 से 2022 के बीच कुल कैपेक्स बजट का लगभग एक प्रतिशत, यानी 560.65 करोड़ रुपये, केवल इन छह झीलों पर ही खर्च किया गया। रिपोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि व्यापक और समग्र संरक्षण नीति के अभाव में प्रदेश की झीलें तेजी से संकट की ओर बढ़ रही हैं।

MINOR GIRL RAPED : आधी रात नाबालिग का मुंह दबाकर घर से उठाया, सुनसान जगह पर ले जाकर किया दुष्कर्म

MINOR GIRL RAPED

HIGHLIGHTS: 14 वर्षीय नाबालिग का घर से अपहरण पड़ोसी अनिल द्वारा एकांत जगह पर दुष्कर्म जान से मारने की गंभीर धमकी पीड़िता ने मां को बताया, महिला थाने में शिकायत पुलिस ने सोमवार रात आरोपी को पकड़ा MINOR GIRL RAPED : मध्यप्रदेश। ग्वालियर के पिछोर इलाके में शनिवार-रविवार की दरमियानी रात एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को उसके घर से अगवा कर एकांत स्थान पर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। आरोपी ने वारदात के बाद जान से मारने की धमकी दी, लेकिन पुलिस ने तेजी से कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कालाष्टमी 2026: क्यों Kaal Bhairav ने Brahma का सिर काटा? कैसे बने ‘काशी के कोतवाल’ कैसे हुआ अपहरण? नाबालिग शनिवार रात खाना खाकर सो गई थी। रात करीब 2 बजे नींद खुलने पर वह बाथरूम जाने के लिए आंगन में गई। इसी दौरान घर के पास रहने वाला आरोपी अनिल अचानक आया। इससे पहले नाबालिग कुछ समझ पाती, उससे पहले आरोपी ने उसका मुंह दबा लिया और उसे जबरन उठाकर घर से दूर सुनसान जगह पर ले गया। वहां आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। MP में फिर बदलेगा मौसम, तीन दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, आज 34 जिलों में अलर्ट आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अनिल ने नाबालिग को धमकी दी कि यदि उसने किसी को इस घटना के बारे में बताया तो वह उसे और उसके पूरे परिवार को मार डालेगा। धमकी से डरी हुई लड़की किसी तरह घर पहुंची और अपनी मां को सारी घटना बताई। Wife Left Husband : पति को ठुकरा कर प्रेमी का थामा हाथ; हाई कोर्ट में टूटा 17 महीने में रिश्ता! परिवार की शिकायत और पुलिस कार्रवाई परिवार ने तुरंत नाबालिग को महिला थाने ले जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर पिछोर थाने को केस डायरी भेजी। पिछोर थाना प्रभारी शिवम सिंह राजावत की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए सोमवार रात आरोपी अनिल को गिरफ्तार कर लिया।  

ISI की बड़ी साजिश का खुलासा, भारत में दहशत फैलाने की थी योजना, जानिए जांच में क्‍या हुए खुलासे

नई दिल्ली। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है, जिसमें भारत में बड़े पैमाने पर दहशत फैलाने की योजना बनाई गई थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आतंकी मॉड्यूल को दिल्ली सहित देश के किसी एक स्थान पर 100 से अधिक राउंड गोलियां चलाने का निर्देश दिया गया था, ताकि भय का माहौल पैदा किया जा सके। जांच में हुए ये खुलासेजांच में सामने आया है कि अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी शाहबाज अंसारी बांग्लादेश में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसका पारिवारिक बैकग्राउंड भी हथियार तस्करी से जुड़ा रहा है। इस मॉड्यूल के जरिए आईएसआई का उद्देश्य भारत में अशांति और डर फैलाना था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस नेटवर्क को धार्मिक आयोजनों, त्योहारों और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों को निशाना बनाने का टारगेट दिया गया था। अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि शाहबाज का भाई दुबई में आईएसआई अधिकारियों के संपर्क में आया, जिसके बाद इस नेटवर्क की कड़ियां मजबूत हुईं। पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर भारत में हथियार भेजे जा रहे थे। डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार, आरोपी इमरान और कामरान इस अवैध हथियार सप्लाई मॉड्यूल के सक्रिय सदस्य थे और शाहबाज अंसारी के निर्देश पर काम कर रहे थे। दोनों नेपाल जाकर हथियारों की खेप लाते थे, जिन्हें सीमा पार गुप्त रास्तों से भारत में पहुंचाया जाता था। पुलिस से बचने के लिए हथियारों को अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर लाया जाता था और फिर सुरक्षित ट्रांजिट पॉइंट्स के जरिए सप्लाई किया जाता था। दूध डेयरी की आड़ में अवैध हथियारों का कारोबारजांच में यह भी सामने आया कि इमरान, जो उत्तर प्रदेश के सिकंदराबाद का रहने वाला है, अपने भाई के साथ दूध डेयरी की आड़ में अवैध हथियारों के कारोबार को अंजाम दे रहा था। वहीं कामरान, जो बुलंदशहर में चूड़ी की दुकान पर काम करता था, इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। दोनों ही आरोपी शाहबाज अंसारी के करीबी रिश्तेदार हैं और उसके निर्देशों का पालन करते थे। नेटवर्क की अहम कड़ी था शाहबाज अंसारी पुलिस के अनुसार, फरार शाहबाज अंसारी इस पूरे नेटवर्क की अहम कड़ी था, जो विदेश में बैठे आकाओं और भारत-नेपाल-पाकिस्तान में काम कर रहे गुर्गों के बीच समन्वय स्थापित करता था। हथियारों की तस्करी का रूट भी बेहद सुनियोजित था—पहले पाकिस्तान से खरीद, फिर थाईलैंड के रास्ते नेपाल भेजना और अंत में भारत में अवैध रूप से पहुंचाना।

होर्मुज पर ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- अब टोल वसूलने का अधिकार हमारा, ईरान पर जीत का किया दावा

नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल की आवाजाही को लेकर जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका की जीत का दावा करते हुए कहा कि अब टोल वसूलने का अधिकार भी उनके पास है। उन्होंने वाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि जब अमेरिका विजेता है, तो होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूलने का अधिकार भी उनके पास है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें ईरान से कई संदेश मिले हैं, जिनसे पता चला कि वहां की जनता अपनी सरकार के खिलाफ और अधिक हमलों की मांग कर रही है। जब उनसे पूछा गया कि इन हमलों का आम ईरानी नागरिकों पर क्या असर पड़ेगा, तो उन्होंने दावा किया कि ईरानी लोग अपनी आजादी पाने के लिए तकलीफ उठाने को तैयार हैं। ट्रंप की चेतावनीउन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की योजना का बचाव करते हुए कहा कि हर फैसला सोच-समझकर लिया गया है। ट्रंप ने साफ किया कि यदि समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के कोई पुल या पावर प्लांट सुरक्षित नहीं रहेंगे और देश पूरी तरह तबाह हो जाएगा। उन्होंने अपने सख्त समय-सीमा की बात भी दोहराई, जिसमें कहा कि मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 1 बजे) तक कोई रियायत नहीं दी जाएगी। ट्रंप ने रखी शर्त ट्रंप ने शर्त रखी कि वे केवल ऐसे समझौते को मंजूर करेंगे जिसमें तेल की बिना रोक-टोक आवाजाही सुनिश्चित हो। होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद पर उन्होंने नया बयान देते हुए कहा कि ईरान जहाजों से टोल नहीं वसूल सकता। ट्रंप ने स्पष्ट किया, “जीत हमारी है, वे सैन्य रूप से हार चुके हैं।” उन्होंने दोहराया कि अमेरिका ने इस संघर्ष को जीत लिया है और अब शर्तें उनके अनुसार तय होंगी। पूर्व ईरानी विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया पूर्व ईरानी विदेश मंत्री ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप को मूर्ख राष्ट्रपति बताया और चेताया कि अरब देशों के शासकों को अमेरिकी हस्तक्षेप से बचाव करना चाहिए, ताकि पूरे क्षेत्र को अंधेरे में डूबने से रोका जा सके। गौरतलब है कि होर्मुज का मार्ग दुनिया के 20 प्रतिशत कच्चे तेल के आयात-निर्यात के लिए महत्वपूर्ण है, और इस तनाव ने वैश्विक ऊर्जा संकट की संभावना बढ़ा दी है।

कालाष्टमी 2026: क्यों Kaal Bhairav ने Brahma का सिर काटा? कैसे बने ‘काशी के कोतवाल’

नई दिल्ली। हिन्दू धार्मिक परंपरा के अनुसार हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भगवान शिव के रुद्रावतार काल भैरव को समर्पित होती है। इस दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि काल भैरव की आराधना से कुंडली के ग्रह दोष दूर होते हैं, शत्रुओं और बाधाओं से सुरक्षा मिलती है, कार्यों में सफलता मिलती है और भय दूर होता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन काल भैरव ने ब्रह्मा जी का पांचवां सिर काटा था। चलिए जानते हैं इस घटना के पीछे की कथा। ब्रह्मा और विष्णु के बीच विवादकथा कहती है कि एक बार ब्रह्मा जी और भगवान विष्णु के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि सृष्टि में सर्वोच्च कौन है। ब्रह्मा जी का दावा था कि वे सृजनकर्ता हैं, इसलिए सर्वोपरि हैं, जबकि विष्णु जी का मानना था कि पालनकर्ता होने के नाते उनका स्थान सर्वोच्च है। ज्योतिर्लिंग की खोज में निकले ब्रह्मा और विष्णुमहादेव ने इस विवाद का समाधान करने के लिए स्वयं को अनंत ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट किया। इसका न कोई आरंभ था और न कोई अंत। दोनों देवताओं को शर्त दी गई कि जो भी इस ज्योतिर्लिंग का सिरा पहले खोज लेगा, वही श्रेष्ठ माना जाएगा। विष्णु जी वराह रूप धारण कर पाताल की ओर गए और ब्रह्मा जी हंस बनकर आकाश की ओर उड़ चले। ब्रह्मा का अहंकार और काल भैरव का प्राकट्यलंबी खोज के बाद भी विष्णु जी को सिर नहीं मिला और उन्होंने हार मान ली। लेकिन ब्रह्मा जी ने झूठ बोलकर दावा किया कि उन्हें ज्योतिर्लिंग का ऊपरी सिरा मिल गया। इसके साथ ही उनके पांचवें मुख से महादेव के प्रति अपमानजनक शब्द निकले। इससे महादेव क्रोधित हो उठे और उनके क्रोध से काल भैरव प्रकट हुए। काल भैरव ने अपने नाखून से पल भर में ब्रह्मा जी का पांचवां सिर काट दिया। काशी में मोक्ष और ‘कोतवाल’ का सम्मानचूंकि काल भैरव ने सृष्टि के रचयिता का मस्तक काटा था, इसलिए उन पर ब्रह्महत्या का पाप लगा। कटा हुआ सिर उनके हाथ में चिपक गया। मुक्ति पाने के लिए वे तीनों लोकों में भटकते रहे। अंततः जब वे काशी पहुंचे, तो सिर अपने आप हाथ से गिर गया। तभी से काल भैरव को ‘काशी के कोतवाल’ के रूप में सम्मान मिला। कालाष्टमी कब हैहिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 अप्रैल 2026 को है। दृक पंचांग के मुताबिक वैशाख कृष्ण अष्टमी की शुरुआत 9 अप्रैल को रात 9:19 बजे होगी और समाप्ति 10 अप्रैल को रात 11:15 बजे होगी। (Disclaimer: यह जानकारी पारंपरिक मान्यताओं और धर्मशास्त्रों पर आधारित है।)

अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' का ट्रेलर देख फैंस निराश, पुराने डायलॉग्स और VFX को लेकर हुई आलोचना

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की अपकमिंग हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर 6 अप्रैल को रिलीज़ हो गया। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता थी, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद कुछ फैंस निराश नजर आए। फैंस का रिएक्शन: पुराने डायलॉग्स और कॉमेडीट्रेलर में जहां कई लोग अक्षय के कमेडी अंदाज का आनंद ले रहे थे, वहीं कुछ ने पुराने जोक्स और डायलॉग्स के दोहराव की आलोचना की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि ट्रेलर भूल भुलैया जैसी फिल्मों का रीमिक्स लगता है और मेकर्स को कुछ नया और ओरिजिनल बनाने की जरूरत है। एक यूजर ने लिखा, “कुछ तो ओरिजिनल बनाओ, वही भूल भुलैया वाले डायलॉग्स – ‘बहन डर गई बहन डर गई’, ‘हम कोई मंदिर का घंटा हैं’।“ दूसरे ने ट्रेलर पर टिप्पणी की, “क्या यह फिल्म है या मीम टेम्पलेट?” VFX पर भी मिली शिकायतट्रेलर के VFX को लेकर भी दर्शकों ने नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा, “VFX में सुधार की जरूरत है। कॉमेडी ठीक थी, लेकिन विजुअल इफेक्ट्स निराशाजनक हैं।” एक अन्य ने कहा, “फिल्म का ट्रेलर निराशाजनक लगा… खराब VFX, बेदम जोक्स और दोहराए गए डायलॉग्स।” ट्रेलर की कहानीट्रेलर में दिखाया गया है कि अक्षय एक ऐसे बंगले के वारिस बनते हैं, जिसके पीछे ‘पिशाच वन’ नामक जंगल है। यहां कई खतरनाक भूत रहते हैं। परेश रावल अक्षय को बंगले में खतरों के बारे में चेतावनी देते हैं, लेकिन अक्षय शादी के लिए बंगले में जाने का फैसला कर लेते हैं। ट्रेलर के अंत में अक्षय अनजाने में बुरी शक्ति ‘वधुसुर’ को उसकी नींद से जगा देते हैं।रिलीज डेट और पेड प्रीव्यूपहले 10 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली ‘भूत बंगला’ अब 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। पेड प्रीव्यू 16 अप्रैल को रात 9 बजे से शुरू होंगे। मेकर्स ने रिलीज़ को पोस्टपोन करने का कारण ‘धुरंधर 2’ की रिलीज़ को बताया है।

MP में फिर बदलेगा मौसम, तीन दिन आंधी-बारिश की चेतावनी, आज 34 जिलों में अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम में बदलाव होने जा रहा है। प्रदेश में आंधी-बारिश का नया सिस्टम सक्रिय हो गया है, जिसके चलते अगले तीन दिनों तक खासतौर पर उत्तर और पूर्वी हिस्सों में मौसम बदला हुआ रहेगा। मौसम विभाग, भोपाल ने 9 अप्रैल तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। मंगलवार को भोपाल और ग्वालियर सहित कुल 34 जिलों में चेतावनी दी गई है। इन जिलों में ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, भोपाल, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, रतलाम, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़, सागर, दमोह, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार 8 और 9 अप्रैल को भी ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में इस सिस्टम का असर बना रहेगा। प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किमी प्रतिघंटा रहने का अनुमान है। आमतौर पर दोपहर के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। वहीं, 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ सकता है। इससे पहले 4 से 6 अप्रैल के बीच प्रदेश में मौसम की तेज गतिविधियां देखी गई थीं। 4 अप्रैल को 14 जिलों में ओलावृष्टि हुई थी, जबकि 39 जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। इसके बाद रविवार और सोमवार को भी कई स्थानों पर बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि कुछ इलाकों में आंधी की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रतिघंटा तक जा सकती है, जबकि बाकी जगहों पर यह 30 से 40 किमी प्रतिघंटा रहेगी। आमतौर पर अप्रैल और मई को प्रदेश में भीषण गर्मी के महीने माना जाता है, लेकिन इस बार मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मार्च के दूसरे पखवाड़े में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, लेकिन महीने के आखिरी दिनों में पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी मौसम का यही मिला-जुला असर जारी रहने की संभावना है।

जसप्रीत बुमराह का मास्टरी मंत्र! MI के बॉलिंग कोच ने दुनिया भर के गेंदबाजों के लिए साझा किया बड़ा सबक

नई दिल्ली। मुंबई इंडियंस (MI) के बॉलिंग कोच पारस म्हाम्ब्रे ने भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है। उन्होंने बताया कि बुमराह के वर्क एथिक्स और खेल के प्रति उनकी निष्ठा दुनियाभर के गेंदबाजों के लिए सीखने योग्य हैं। म्हाम्ब्रे के अनुसार, बुमराह ने हाल के वर्षों में ना केवल गेंदबाजी में बल्कि एक इंसान के तौर पर भी जबरदस्त ग्रोथ की है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले बुमराह आईपीएल 2026 के शुरुआती दो मैचों में विकेट नहीं ले पाए हैं, लेकिन उनकी मेहनत और रणनीति की तारीफ हर जगह हो रही है। टीनएजर से ग्लोबल आइकन तक का सफरपारस म्हाम्ब्रे ने RR vs MI के 13वें लीग मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बुमराह का सफर प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा, “बुमराह ने एक टीनएजर से ग्लोबल आइकन बनने का सफर तय किया है। जिस तरह से वह नेट्स में काम करते हैं, हर उस चीज़ पर टिक मार्क करते हैं, जिस पर उन्होंने अभ्यास किया है और गेम के दौरान इस्तेमाल करेंगे। पिछले कुछ सालों में वह इंडियन टीम के साथ शानदार बॉलर बन गए हैं और एक इंसान के तौर पर और भी बेहतर हुए हैं।” म्हाम्ब्रे ने जोर देकर कहा कि बुमराह का वर्क एथिक्स हर खिलाड़ी को सीखना चाहिए। यह उनकी लगातार प्रैक्टिस, रणनीतिक तैयारी और मानसिक मजबूती का नतीजा है। बुमराह का हर कदम टीम के लिए और युवा गेंदबाजों के लिए उदाहरण पेश करता है। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी पर नजरआईपीएल 2026 के पहले दो मैचों में MI की गेंदबाजी मिश्रित रही। एक मैच में टीम ने जीत दर्ज की, जबकि दूसरे मैच में गेंदबाज साझेदारी नहीं तोड़ पाए। इस पर पारस म्हाम्ब्रे ने कहा, “एक बॉलिंग ग्रुप के तौर पर, हम हमेशा इस पर चर्चा करते हैं कि विकेट कैसे लें, अपने प्लान को पूरा कैसे करें, विरोधी टीम पर दबाव कैसे बनाए रखें और अपनी ताकत व कमजोरियों का सही इस्तेमाल कैसे करें।” उन्होंने बताया कि पिच की परिस्थितियों का भी प्रदर्शन पर असर पड़ता है। “दोनों सरफेस अलग-अलग रहे हैं। मुंबई में लाल मिट्टी की पिच पर घास होने की वजह से आपको बाउंस मिलता है और शॉट आसानी से खेले जा सकते हैं। वहीं, दिल्ली की काली मिट्टी की पिच पर बाउंस कम मिलता है और बल्लेबाजों को अलग तरीके से खेलना पड़ता है।” पिच की रणनीति और गेंदबाजों की तैयारीम्हाम्ब्रे ने पिच और स्थिति के अनुसार गेंदबाजों को तैयार करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “लाल मिट्टी की पिच पर स्क्वायर कट और पुल शॉट अच्छे से खेले जा सकते हैं। ऐसे में हमारी रणनीति अलग होती है। वहीं, काली मिट्टी की पिच पर खिलाड़ियों को गति और लाइन पर ध्यान देना पड़ता है। यह सब गेंदबाजों की तैयारी और योजना पर निर्भर करता है।” इसका मतलब यह है कि मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी टीम सिर्फ प्रतिभा पर नहीं, बल्कि योजना और मानसिक तैयारी पर भी आधारित है। बुमराह इस रणनीति के केंद्र में हैं और उनकी मेहनत टीम की सफलता के लिए अहम है। पारस म्हाम्ब्रे ने बुमराह की मेहनत, अनुशासन और लगातार सुधार की तारीफ करते हुए कहा कि वह न केवल एक शानदार बॉलर हैं बल्कि एक प्रेरणादायक इंसान भी हैं। मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी की मजबूती इसी तरह की रणनीति, पिच के अनुसार तैयारी और टीमवर्क पर निर्भर है। बुमराह जैसे खिलाड़ी MI की सफलता की कुंजी बने हुए हैं।

Wife Left Husband : पति को ठुकरा कर प्रेमी का थामा हाथ; हाई कोर्ट में टूटा 17 महीने में रिश्ता!

WIFE LEAVES HUSBAND

HIGHLIGHTS: पत्नी ने कोर्ट में पति के साथ रहने से किया इनकार जज के सामने प्रेमी का हाथ थामकर जताई मर्जी पति ने भी पत्नी को अपनाने से किया मना 17 महीने में ही शादी टूटने की कगार पर कोर्ट ने आपसी सहमति से तलाक की सलाह दी   Wife Left Husband : ग्वालियर। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। बता दें कि कोर्ट में पेश हुई महिला ने अपने पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया और खुलेआम अपने प्रेमी का हाथ थाम लिया, जिससे वहां मौजूद सभी लोग चौंक गए। टाटा की लुटिया डुबो रहे नए कारोबार… ग्रुप का घाटा बढ़कर ₹29,000 करोड़ तक पहुंचने की संभावना पति के आरोप और पत्नी का बयान पति ने याचिका में आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को कुलदीप राठौर ने बंधक बनाकर रखा है। हालांकि, महिला ने कोर्ट में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह अपनी मर्जी से पिछले 20 दिनों से अपने प्रेमी के साथ रह रही है और आगे भी उसी के साथ रहना चाहती है। CG: HC का बड़ा फैसला…. जग्गी हत्याकांड में पूर्व CM अजीत जोगी के बेटे को आजीवन कारावास काउंसलिंग भी रही नाकाम सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों की काउंसलिंग कराई, लेकिन कोई समझौता नहीं हो सका। जानकारी के मुताबिक, पति पेशे से ड्राइवर है और काम के चलते अक्सर बाहर रहता था, इसी दौरान महिला का दूसरे व्यक्ति से संबंध बना और रिश्ते में दरार आ गई। करियर अपडेट: एनआईटी सिलचर में इंटर्नशिप के लिए 36 पद खाली, जल्द करें आवेदन कोर्ट का फैसला और रिश्ते का अंत दोनों की शादी नवंबर 2024 में हुई थी और महज 17 महीनों में ही रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने दोनों को आपसी सहमति से तलाक लेने की सलाह दी और महिला को उसकी मां के साथ जाने की अनुमति देते हुए याचिका को समाप्त कर दिया।

क्रिकेट अपडेट: CSK को IPL 2026 में किस खिलाड़ी से है सबसे ज्यादा खतरा, जानें इरफान पठान की राय

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की शुरुआत निराशाजनक रही है। पहले तीन मैचों में टीम लगातार हार का सामना कर रही है और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है तेज़ स्पिनर नूर अहमद की फॉर्म में गिरावट। भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने अपने यूट्यूब चैनल पर खुलासा किया कि CSK के लिए इस समय सबसे बड़ी समस्या यही है। पठान ने बताया कि नूर अहमद ने इस सीजन में अब तक 10 ओवर गेंदबाजी की है, जिसमें उन्होंने 100 से अधिक रन लुटाए हैं और एक भी विकेट नहीं लिया। विशेष रूप से आरसीबी के खिलाफ मैच में नूर ने 49 रन दिए, जिसमें रजत पाटीदार और टिम डेविड ने उन्हें जमकर निशाना बनाया। पठान के अनुसार, अगर नूर अपने रन-अप का एंगल सुधार लें और गेंद का हाथ सही करें तो उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। नूर अहमद के प्रदर्शन में गिरावट CSK की गेंदबाजी इकाई को सीधे प्रभावित कर रही है और यही कारण है कि टीम लगातार शुरुआती मैचों में हार रही है। हेनरी की भी निराशाजनक गेंदबाजीनूर अहमद के अलावा, पठान ने मैट हेनरी की गेंदबाजी पर भी असंतोष जताया। हेनरी ने अनुभवी होने के बावजूद पहले मैचों में प्रभावशाली प्रदर्शन नहीं किया। आरसीबी के खिलाफ उन्होंने 3 ओवर में 36 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया। पठान का कहना है कि हेनरी ने इस लीग में अपेक्षित प्रभाव नहीं डाला, जबकि अनुभवी बॉलर को अपनी रणनीति के अनुसार विकेट लेने चाहिए थे। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अनुभवी बॉलर कभी भी हाफ वॉली नहीं फेंकते और टीम के लिए योजना के अनुसार गेंदबाजी करनी चाहिए थी। टिम डेविड को रोकने में गेंदबाज फेल इरफान पठान ने CSK की रणनीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि टीम के गेंदबाजों ने टिम डेविड को रोकने के लिए सही योजना नहीं बनाई। पठान ने बताया कि डेविड अक्सर लेग स्टंप के बाहर खड़े होते हैं और अगर गेंदबाज सिर्फ ऑफ स्टंप पर गेंदबाजी करते हैं तो उन्हें रन बनाने की पूरी सुविधा मिल जाती है। CSK को शुरुआती ओवरों में उन्हें ब्लॉक करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पठान के अनुसार, मिडिल स्टंप और लेग स्टंप पर गेंदबाजी करने से ही टिम डेविड को नियंत्रण में रखा जा सकता था। CSK की गेंदबाजी में सुधार की आवश्यकतानूर अहमद और हेनरी के प्रदर्शन में कमी CSK की सबसे बड़ी चिंता बन गई है। पठान ने सुझाव दिया कि नूर को रन-अप और गेंद का एंगल सुधारना होगा और हेनरी को भी अपनी रणनीति के अनुसार मैच में प्रभाव डालना होगा। इसके साथ ही, टीम को बल्लेबाजों की ताकत को ध्यान में रखते हुए योजना बनानी होगी ताकि कोई खिलाड़ी स्वतंत्र रूप से रन नहीं बना सके। पठान की राय में, अगर गेंदबाजी में यह सुधार नहीं हुआ तो CSK का आईपीएल 2026 में सफर चुनौतीपूर्ण रहेगा। नूर अहमद की फॉर्म पर टीम की पूरी गेंदबाजी निर्भर है और यह देखना रोचक होगा कि टीम मैनेजमेंट इस संकट का समाधान कैसे करता है। :आईपीएल 2026 में CSK के लिए सबसे बड़ी समस्या है नूर अहमद की खराब गेंदबाजी। साथ ही, मैट हेनरी का निराशाजनक प्रदर्शन और टिम डेविड को रोकने में रणनीतिक गलती टीम को नुकसान पहुंचा रही है। यदि नूर और हेनरी अपनी रणनीति सुधारते हैं और CSK गेंदबाजी में संतुलन लाती है, तो ही टीम की जीत की संभावना बढ़ सकती है।