OnePlus लेकर आया दमदार स्मार्टफोन Nord 6, 9000mAh बैटरी के साथ मिलेंगे AI फीचर्स

नई दिल्ली। OnePlus ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन OnePlus Nord 6 लॉन्च कर दिया है। कंपनी इसे मिड-रेंज सेगमेंट में गेमिंग, बैटरी और AI पर फोकस वाला बड़ा गेमचेंजर बता रही है। प्रोसेसर और गेमिंगNord 6 में Qualcomm Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो इसे इस सेगमेंट के सबसे पावरफुल स्मार्टफोन में शामिल करता है। कंपनी का दावा है कि यह फोन 165 FPS तक गेमिंग सपोर्ट करता है, जो इस प्राइस रेंज में पहली बार देखने को मिलता है। BGMI, COD Mobile और Free Fire Max जैसे गेम्स के लिए इसमें 3200Hz टच सैंपलिंग रेट और हाई प्रिसिजन जाइरोस्कोप भी दिया गया है। कंपनी के अनुसार, इस फोन का AnTuTu स्कोर 25 लाख से ज्यादा है, जो इस सेगमेंट के अन्य फोन में आम नहीं है। कैमरा और AI फीचर्सOnePlus Nord 6 में 50MP Sony मेन सेंसर के साथ OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) मिलता है। फ्रंट कैमरा 32MP का है और यह 4K 60FPS वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। AI आधारित फीचर्स जैसे AI Eraser, AI Unblur, AI Reflection Remover और AI Perfect Shot भी हैं। साथ ही Google Gemini इंटीग्रेशन भी यूजर एक्सपीरियंस को और स्मार्ट बनाता है।डिस्प्ले और कनेक्टिविटीफोन में 1.5K AMOLED 165Hz डिस्प्ले है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3600 निट्स तक जाती है। कम रोशनी में आंखों पर असर कम करने के लिए इसमें हाई फ्रिक्वेंसी PWM डिमिंग भी है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें G2 Wi-Fi चिप और 5G Advanced सपोर्ट दिया गया है। बैटरी और चार्जिंगसबसे बड़ी खासियत इसकी 9000mAh बैटरी है, जो एक बार चार्ज करने पर 2.5 दिन तक चलने का दावा करती है। इसके साथ 80W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग है, जो लगभग 70 मिनट में फुल चार्ज कर देती है। फोन रिवर्स चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। डिजाइन और मजबूतीNord 6 में IP66, IP68 और IP69 रेटिंग है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहता है। साथ ही इसमें क्रिस्टर गार्ड ग्लास और मिलिट्री ग्रेड टेस्टिंग भी है, जिससे फोन लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा। कीमत और उपलब्धता8GB RAM + 256GB स्टोरेज: ₹38,99912GB RAM + 256GB स्टोरेज: ₹41,999 बैंक ऑफर्स: Axis Bank और HDFC Bank कार्ड पर ₹3,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट, जिससे कीमत ₹35,999 तक घट सकती है। फोन की बिक्री 9 अप्रैल दोपहर 12 बजे से Amazon, OnePlus वेबसाइट और ऑफलाइन स्टोर्स पर शुरू होगी।
GWALIOR HEAVY RAIN ALERT : अप्रैल में मौसम का यू-टर्न; Gwalior में बारिश-ओलों का डबल अलर्ट, देखें क्या आज बरसेंगे बदल!

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में बेमौसम बारिश से तापमान में गिरावट अधिकतम तापमान 33.3°C, न्यूनतम 17.7°C दर्ज 4 जिलों में येलो अलर्ट जारी तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी किसानों के लिए फसल नुकसान का खतरा बढ़ा GWALIOR HEAVY RAIN ALERT : ग्वालियर। अप्रैल के पहले सप्ताह में ग्वालियर का मौसम अचानक बदला हुआ नजर आ रहा है। बीते दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं अब मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर लोगों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सर पास कर दो…. MP में 10वीं-12वीं की कॉपियों में किसी ने रखे 500 के नोट, तो किसी ने की ऑनलाइन पैसे भेजने की पेशकश आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी मंगलवार रात करीब 9:30 बजे हुई बारिश के बाद शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो सामान्य से कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 17.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह के समय आर्द्रता 94 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे मौसम और भी ठंडा महसूस हुआ। गजकेसरी योग का बड़ा असर अक्षय तृतीया पर मेष से धनु तक धन सफलता और समृद्धि के खुलेंगे द्वार इन जिलों में अलर्ट ग्वालियर के साथ-साथ भिंड , दतिया और मुरैना में अगले 24 घंटों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। साथ ही हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी सक्रिय मौसम तंत्र बना कारण मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसम प्रणालियां हैं। एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और अफगानिस्तान के ऊपर बना हुआ है। वहीं उत्तर-पूर्व राजस्थान और उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सिस्टम्स के कारण नमी लगातार बढ़ रही है, जिससे बादल बन रहे हैं और बारिश हो रही है। देंखे आपके शहर का तापमान भोपाल – 32°C इंदौर – 31°C ग्वालियर – 33°C दिल्ली – 30°C जयपुर – 31°C
सर पास कर दो…. MP में 10वीं-12वीं की कॉपियों में किसी ने रखे 500 के नोट, तो किसी ने की ऑनलाइन पैसे भेजने की पेशकश

ग्वालियर। हाईस्कूल (High school.) और हायर सेकेंडरी (Higher Secondary.) की परीक्षा खत्म होने के बाद ग्वालियर में इन कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कॉपियों को जांचने (Copies Checking) का काम हुआ। इस बारे में जानकारी देते हुए शिक्षकों ने बताया कि इस साल स्टू़डेंट्स की कॉपियों को जांचने के दौरान उन्हें 100 से ज्यादा अनोखी गुहारें (Unique requests) मिली, जिसे पढ़कर शिक्षक भी हैरान रह गए और उन्हें हंसी भी आई। इनमें से कुछ छात्र-छात्राओं ने अपने फोन नंबर कॉपियों में लिखकर पास करने के बदले शिक्षकों को ऑनलाइन रिश्वत भेजने की पेशकश की, तो वहीं कुछ ने माता-पिता की बीमारी की बात लिखते हुए पास करने की अपील की। कॉपी जांचने वाले शिक्षकों ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राओं ने कॉपी के साथ 500 रुपए का नोट कॉपी में रखा और लिखा कि सर पास कर दीजिए, वहीं कुछ छात्रों ने कॉपी में इमोशनल शायरी लिख दी। कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि करीब 100 कॉपियों में परीक्षार्थियों ने शिक्षकों के लिए अलग-अलग तरह की फरियादें लिखी हैं। इनमें छात्राओं की संख्या अधिक रही। छात्र ने लिखा- पास कर दीजिए, साली से शादी करवा दूंगाइस बारे में जानकारी देते हुए शिक्षकों ने बताया कि एक स्टूडेंट ने गजब का ऑफर देते हुए लिखा, ‘सर मुझे पास कर दो मेरी साली से आपकी शादी करवा दूंगा।’ वहीं एक अन्य छात्रा ने लिखा, ‘सर मैं फेल हो गई तो मेरी शादी टूट जाएगी, प्लीज पास कर दीजिए।’। एक अन्य छात्र ने लिखा, ‘सर गर्लफ्रेंड ने ब्रेकअप कर लिया तो पढ़ाई नहीं कर पाया। कृपा मुझे पास कर दीजिए।’ छात्रा ने लिखा- फेल हो गई तो पति प्रताड़ित करेगाएक अन्य छात्रा ने लिखा, ‘सर शादी होने वाली है फेल हो गई तो पति प्रताड़ित करेगा, मुझे पास कर दीजिए।’ शिक्षकों के अनुसार करीब 23 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता को कैंसर या अन्य बीमारी होना बताया और लिखा कि बीमारी के चलते पढ़ाई नहीं हो पाई, आप पास कर दीजिए हमारी मां आपको दुआएं देंगी। QR कोड होने से कॉपियों की जानकारी मिलना मुश्किलउधर मूल्यांकन प्रभारी का कहना है कि कॉपियों पर QR कोड होने से छात्र-छात्राओं और अभिवावकों को कॉपियों वाले स्थान का पता ही नहीं लगता है, यही वजह है कि कमजोर और पढ़ाई न करने वाले छात्र-छात्राएं कॉपियों में इमोशनल संदेश लिखते हैं। इस बार 100 से ज्यादा छात्र-छात्राओं की कॉपी में गुजारिश, दलील, प्रपोज की पेशकश लिखी हुई थी, लेकिन शिक्षकों ने इस पर ध्यान देने की बजाय सिर्फ मूल्यांकन किया है। शिक्षकों को दिया गया करीब 67 लाख रुपए का मानदेयबोर्ड के संभागीय अधिकारी मारुति सोमकुंवर ने बताया कि इस बार जिले के 49 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं दोनों परीक्षाओं में शामिल हुए थे। कॉपियों की जांच पूरी हो चुकी है और रिजल्ट 12 अप्रैल तक घोषित किया जा सकता है। आपको बता दें कि वर्ष 2025 में 2 लाख 79 हजार 895 कॉपियां जांची गई थीं। उस समय शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को मानदेय के रूप में 69 लाख रुपए दिए गए थे। इस बार कॉपियां कुछ कम हैं, लेकिन मानदेय लगभग 67 लाख रुपए रहने का अनुमान है। 12 अप्रैल तक घोषित हो सकता है हायर सेकेंड्री का रिजल्टएमपी बोर्ड की हायर सेकेंडरी और हाईस्कूल परीक्षाओं का मूल्यांकन शासकीय कन्या विद्यालय, शिंदे की छावनी में एक दिन पहले पूरा हो चुका है। मूल्यांकन केंद्र पर कॉपियां जांचने का काम 22 फरवरी से शुरू हुआ, इस दौरान कुल 2 लाख 66 हजार 173 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। अब रिजल्ट की तैयारी चल रही है, जो 12 अप्रैल तक घोषित होने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष रिजल्ट 6 मई को जारी हुआ था।
नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश

इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) स्थित फैमिली कोर्ट (Family Court) ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद (Marital dispute) में अहम फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम (Asaram) के पुत्र नारायण साईं (Narayan Sai) और उनकी पत्नी जानकी हरपालानी के विवाह को समाप्त घोषित कर दिया है. अदालत ने तलाक की याचिका मंजूर करते हुए नारायण साईं को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 2 करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है. नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में सजा काट रहा है. जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब आठ वर्षों से अदालत में लंबित था. सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद 2 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रखा गया था, जिसकी जानकारी बाद में जानकी के वकील अनुराग गोयल ने साझा की। याचिका में बताया गया कि दोनों की शादी वर्ष 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से ही दोनों अलग-अलग रह रहे हैं. पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा और उन्हें परित्यक्त जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. मौजूदा समय में वह अपनी मां के साथ रह रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि नारायण साईं के अन्य महिलाओं से संबंध थे और उनके खिलाफ दुष्कर्म मामले में सजा का भी जिक्र किया गया।5 करोड़ रुपये की हुई थी मांगभरण-पोषण को लेकर पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया. वहीं, वकील अनुराग गोयल के मुताबिक, पहले से ही अदालत ने प्रति माह 50 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन इसका नियमित भुगतान नहीं हुआ. इस कारण करीब 50 लाख रुपये की बकाया राशि हो गई है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी. सूत्रों की मानें तो इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. साथ ही, संपत्तियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी अब तक पूरी तरह प्रस्तुत नहीं होने के कारण आगे भी विवाद की स्थिति बनी रह सकती है.
भोजशाला विवाद: HC में हिन्दू पक्ष की दलील… केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह मस्जिद नहीं बन जाती…

इंदौर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर बेंच (Indore Bench) में धार (Dhar) के भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) के धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रहे विवाद के मुकदमे में मंगलवार को हिंदू पक्ष ने दलील दी कि किसी स्थान पर केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह कानूनन मस्जिद नहीं बन जाती है। 11वीं सदी का भोजशाला परिसर स्थित विवादित ढांचा वक्फ संपत्ति नहीं है। बता दें कि हिंदू पक्ष भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में है। सरस्वती मंदिर पहले से था मौजूदमध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ भोजशाला परिसर के धार्मिक स्वरूप से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार 6 अप्रैल से रोज सुनवाई कर रही है। दूसरे दिन हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत में अपनी दलीलें जारी रखीं। उन्होंने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के सामने कहा कि विवादित परिसर में धार के परमार राजवंश के राजा भोज द्वारा 1034 में स्थापित सरस्वती मंदिर पहले से मौजूद था। किताबों, एएसआई, पुरातत्व विभाग के ग्रंथों का हवालावकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इस जगह को ऐतिहासिक एवं राजस्व रिकॉर्ड में ‘भोजशाला’ के रूप में ही जाना जाता है। विष्णु शंकर जैन भोजशाला को मंदिर होने के पक्ष में देशी-विदेशी लेखकों की किताबों, एएसआई, पुरातत्व विभाग के प्रकाशित ग्रंथों और अन्य स्रोतों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भोजशाला परिसर में बने मंदिर को आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किया गया। इसके अवशेषों से विवादित ढांचे को खड़ा किया गया। फिर नमाज के लिए इस्तेमाल किया गया। मूर्तियां, श्लोकों के शिलालेख, मंडप और हवन कुंड गिनाए सुबूतविष्णु शंकर जैन का दावा है कि परिसर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां, संस्कृत श्लोकों वाले शिलालेख, मंडप और हवन कुंड मौजूद हैं। यह विवादित स्मारक उस हिंदू ढांचे का हिस्सा है जिसे धार के परमार राजा भोज ने 1034 ईस्वी में बनवाया था। उन्होंने धार पर हुए मुस्लिम आक्रमणों का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय तक हिंदू प्रतीकों को मिटाने की कोशिशों के बाद भी ये निशानियां आज परिसर में मौजूद हैं। महज नमाज पढ़ने से कोई जगह मस्जिद नहीं बन जातीजैन ने कहा कि विवादित परिसर में कोई मस्जिद नहीं थी। महज नमाज पढ़ने से कोई जगह कानूनी रूप से मस्जिद नहीं बन जाती है। इस्लामी कानून के मुताबिक मस्जिद बनाने के लिए जमीन का खुशी से वक्फ किया जाना जरूरी है। भोजशाला 1909 से पहले से एक संरक्षित स्मारक है। इसका विवादित ढांचा बिल्कुल भी वक्फ संपत्ति नहीं है। उन्होंने हिंदू धर्मशास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होते ही वह जगह देवताओं की संपत्ति बन जाती है। एक बार मंदिर बनने के बाद वह हमेशा मंदिर ही रहता है। मंदिर गिरा देने से जगह का स्वभाव नहीं बदलताविष्णु शंकर जैन ने कहा कि यदि कोई मंदिर ढहा दिया जाए तब भी वह मंदिर होने का अपना मूल स्वभाव नहीं खोता इसलिए भोजशाला परिसर में केवल हिंदुओं को पूजा का अधिकार मिलना चाहिए। बता दें कि भोजशाला विवाद शुरू होने के बाद एएसआई ने सात अप्रैल 2003 को एक आदेश दिया था जिसके अनुसार अब तक चली आ रही व्यवस्था के तहत हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने और मुस्लिमों को हर शुक्रवार नमाज पढ़ने की अनुमति है। हाईकोर्ट ने दिया था सर्वे का आदेशहिंदू पक्ष का मानना है कि भोजशाला में स्थापित देवी सरस्वती की मूर्ति अभी लंदन के एक म्यूजियम में है। मूर्ति को भारत वापस लाकर दोबारा इसी परिसर में स्थापित किया जाना चाहिए। बता दें कि एएसआई ने हाई कोर्ट के आदेश पर दो साल पहले इस विवादित जगह का वैज्ञानिक सर्वे किया था। साथ ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट दी थी। एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?एएसआई की 2,000 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि परिसर में धार के परमार राजाओं के शासनकाल की एक विशाल संरचना मस्जिद के मुकाबले पहले से विद्यमान थी। इसके बाद वहां एक विवादित ढांचा मंदिरों के हिस्सों को इस्तेमाल करते हुए बनाया गया था। मुस्लिम पक्ष ने एएसआई के सर्वेक्षण पर सवाल उठाते हुए दावे को खारिज किया है। मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि एएसआई ने उसकी पुरानी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए विवादित परिसर में ‘रखी गईं चीजों’ को सर्वेक्षण में शामिल किया ।
MP कैबिनेट: उज्जैन में 590 करोड़ से होगा हवाई पट्टी का विस्तार, बोइंग और एयरबस का होगा संचालन…

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने उज्जैन हवाई पट्टी (Ujjain airstrip) के विस्तार के लिए 590 करोड़ रुपये की लागत से 437 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। उड़ान योजना के तहत यहां बोइंग और एयरबस (Boeing and Airbus.) जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ समझौता किया गया है। उज्जैन एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है जहां प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) स्थित है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2,923 करोड़ रुपये के 22 विकास कार्यों को मंजूरी दी है जिन्हें दिवाली 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उज्जैन हवाई पट्टी का होगा विकासएक अधिकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत उज्जैन हवाई पट्टी के विकास के लिए राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच समझौता हुआ है ताकि यहां बोइंग और एयरबस 320 जैसे बड़े विमानों का संचालन हो सके। सरकारी हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए आवश्यक समझौते और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। 437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरीअधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इस परियोजना के लिए 437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इसके लिए 590 करोड़ रुपये की रकम मंजूर की गई है।उज्जैन एक धार्मिक नगरी है। महाकालेश्वर मंदिर की वजह से यह पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। उज्जैन में सांदीपनी आश्रम भी है। महाकुंभ के कामों को पूरा करने के लिए तय की डेडलाइनअधिकारी ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होता है जहां दूर-दूर से बहुत से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। उज्जैन सेवा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता हुआ शहर है इसलिए यहां की हवाई पट्टी को सुधारना बहुत जरूरी है। सिंहस्थ मेले के लिए बनी कैबिनेट कमेटी ने तय किया है कि साल 2028 के महाकुंभ से जुड़े सभी कामों को दिवाली 2027 तक पूरा कर लिया जाए। 9 अप्रैल से गेहूं की खरीदकैबिनेट ने शिक्षा, खेती, सिंचाई, प्रशासन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली योजनाओं के लिए 16,720 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। साथ ही कैबिनेट ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं की खरीद 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से ही शुरू करने की मंजूरी दे दी है। विकास कार्यों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिटवहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट समिति की 5वीं बैठक में कहा कि बुनियादी ढांचे के सभी काम अच्छी क्वालिटी के साथ तय समय पर पूरे होने चाहिए। समिति ने 2,923.84 करोड़ रुपये के 22 कामों को मंजूरी दी। सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिया कि सिंहस्थ 2028 के कामों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए ताकि काम की गुणवत्ता पक्की हो सके। 100 किलोमीटर के दायरे में होगे काममुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में बन रहे भवनों का निर्माण ऐसा हो कि वे बाद में भी वार्षिक कार्यक्रमों के काम आ सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि महाकाल मंदिर और अन्य तीर्थों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें बनाई जाएं। मुख्यमंत्री ने दूर से आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए उज्जैन के 100 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे, पार्किंग और जन-सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने क्षिप्रा नदी पर पैदल चलने वालों के लिए एक अलग पुल बनाने का भी आदेश दिया।
MP: उमा भारती ने दुकानदारों को हटाने का किया अनोखा विरोध, हाथ ठेले पर बेचे पोहा-जलेबी

टीकमगढ़। उमा भारती (Uma Bharti) ने टीकमगढ़ (Tikamgarh) में प्रशासन की अतिक्रमण हटाओ (Remove Encroachment) मुहिम का अनोखे अंजाद में विरोध जताया। उन्होंने ठेले पर पोहा और जलेबी (Poha and Jalebi) बेचकर कार्रवाई को तानाशाही बताया। साथ ही गरीबों के रोजगार की रक्षा में उतरने का भरोसा दिया। प्रशासन का तर्क है कि यातायात व्यवस्था सुधारने और एम्बुलेंस के रास्ते साफ करने के लिए यह जरूरी था लेकिन उमा भारती ने इसे गरीबों के रोजगार पर हमला बताया। उन्होंने दुकानदारों को बिना डरे ठेले लगाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि बिना पुनर्वास के ऐसी कार्रवाई अमानवीय है। दरअसल, सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने सिविल लाइन इलाके में सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की कार्रवाई की थी। इस दौरान कई छोटे व्यापारियों के ठेले हटाए गए जिससे स्थानीय लोगों और विक्रेताओं में नाराजगी देखी गई। इसी के विरोध में मंगलवार को उमा भारती सीधे एक पोहा दुकान पर पहुंचीं। उन्होंने वहां पोहा और जलेबी बेचकर अपना विरोध दर्ज कराया। चेतावनी भी दीइस दौरान उमा भारती ने कहा कि उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से बात कर ली है। अब अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा। ये छोटे दुकानदार दिनभर मेहनत करके अपने परिवार का पेट पालते हैं इसलिए ऐसी कार्रवाई गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में फिर से ऐसा किया गया तो वे इसका डटकर विरोध करेंगी। भाजपा की कद्दावर नेताओं में शुमार उमा भारती के इस कदम से सियासत गर्म है। गरीबों पर ऐक्शन परेशान करने वालाउमा भारती ने आगे कहा कि सिविल लाइन से लेकर कलेक्ट्रेट तक कई लोग छोटे ठेले लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। नगर पालिका ने जिस तरह नारियल पानी और पोहा बेचने वालों के ठेले हटाए या तोड़े वह बहुत दुखद और परेशान करने वाला है। इन लोगों को उसी जगह पर काम करने देना चाहिए जहां से उनको हटाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से भी चर्चा की है। पहले भी बुलंद करती रही हैं विरोध की आवाजउन्होंने टीकमगढ़ के सांसद और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक की सादगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र खटीक हमेशा जनता के बीच आसानी से उपलब्ध रहते हैं। उन्हीं से प्रेरणा लेकर वे आज जनता के बीच आई हैं। उमा भारती के इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वहां काफी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। सनद रहे राज्य में उमा भारती की पार्टी यानी भाजपा की ही सरकार है। उमा भारती पहले भी सरकार के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों को लेकर आवाज उठाती रही हैं।