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गर्मी में चुस्त-तंदुरुस्त रहने के लिए ये आटे की रोटियां खाएं

नई दिल्ली । गर्मी के दिनों में खान-पान का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी है। इस मौसम में ऐसे भोजन की जरूरत होती है जो न केवल आसानी से पच जाए बल्कि शरीर को ठंडक भी पहुंचाए और ऊर्जा बनाए रखे। भारतीय रसोई में रोटी हर भोजन का अहम हिस्सा है। लंच डिनर या नाश्ते में इसे दाल सब्जी और करी के साथ खाया जाता है। लेकिन गर्मियों में रोटी बनाने के लिए सही आटे का चुनाव करना स्वास्थ्य के लिहाज से जरूरी है। ज्वार का आटा गर्मियों के लिए बेहद उपयुक्त माना जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्वार की तासीर ठंडी होती है और यह ग्लूटेन-फ्री होने के कारण आसानी से पच जाता है। यह पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से राहत दिलाता है। इसलिए गर्मियों में इसे लंच में शामिल करना फायदेमंद होता है। रागी का आटा अक्सर सर्दियों में खाने के लिए सुझाया जाता है लेकिन यदि इसे सीमित मात्रा में या अन्य ठंडे आटों के साथ मिलाकर लिया जाए तो यह कब्ज के लिए रामबाण साबित होता है। रागी में कैल्शियम और फाइबर प्रचुर मात्रा में होते हैं जो हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत करते हैं। चावल के आटे की रोटी भी गर्मियों में शरीर को ठंडक देने वाली मानी जाती है। इसकी तासीर ठंडी होने के कारण यह आसानी से पचती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखती है। इसके अलावा यह हल्की और स्वादिष्ट होती है जिससे लंच या डिनर में इसे शामिल करना आरामदायक होता है। चने का आटा जिसे सत्तू के नाम से भी जाना जाता है प्रोटीन और फाइबर का अच्छा स्रोत है। इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। साथ ही यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और बाउल मूवमेंट को नियमित करता है जिससे पेट हल्का रहता है। ओट्स का आटा गर्मियों में नाश्ते के लिए बेहतरीन विकल्प है। इसमें मौजूद बीटा-ग्लूकन नामक फाइबर पाचन तंत्र को साफ रखता है और शरीर से गंदगी बाहर निकालने में मदद करता है। ओट्स की रोटी खाने से ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है और शरीर हल्का महसूस होता है। सिंघाड़े का आटा भी गर्मियों के लिए उपयुक्त माना जाता है। सिंघाड़ा पानी में उगता है इसलिए इसकी तासीर ठंडी होती है। इसमें कम कैलोरी और उच्च फाइबर होता है जिससे यह पेट को हल्का रखता है और शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता। यह रोटियां खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद हैं जो गर्मियों में हल्का और ताजगी भरा भोजन चाहते हैं। संक्षेप में गर्मियों में ज्वार रागी चावल चने और सिंघाड़े के आटे की रोटियां शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन ऊर्जा और हाइड्रेशन में मदद करती हैं। इन रोटियों को नियमित रूप से शामिल करने से आप पूरे दिन चुस्त-तंदुरुस्त और स्वस्थ महसूस करेंगे।

टीवी और फिल्मी दुनिया के अनोखे संगम ने दर्शकों को भव्य, रोमांचक और यादगार मनोरंजन अनुभव प्रदान किया

नई दिल्ली:मनोरंजन जगत में टीवी और फिल्मों के बीच बढ़ती साझेदारी ने दर्शकों के अनुभव को और समृद्ध बना दिया है। इसी क्रम में लोकप्रिय फैंटेसी धारावाहिक नागिन 7 का आगामी विशेष एपिसोड खास चर्चा में है, जिसमें बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार एक अनोखे और प्रभावशाली रूप में नजर आने वाले हैं। इस एपिसोड को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि इसमें कहानी, रोमांच और स्टार पावर का अनूठा मेल प्रस्तुत किया जाएगा। इस विशेष कड़ी में अक्षय कुमार नाग गुरु के रूप में दिखाई देंगे, जो कहानी में एक निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उनका यह किरदार न केवल रहस्यमयी है बल्कि मार्गदर्शक के रूप में भी सामने आता है। शुरुआत में उनका ऊर्जावान अंदाज दर्शकों को आकर्षित करता है, लेकिन जल्द ही कहानी एक गंभीर मोड़ ले लेती है जब वह नागिन आहना को एक बड़े खतरे के बारे में चेतावनी देते हैं। कहानी में ड्रैगन का प्रवेश एक विशाल और खतरनाक शक्ति के रूप में दिखाया गया है। नाग गुरु के अनुसार यह दुश्मन इतना शक्तिशाली है कि उसकी उपस्थिति ही विनाश का संकेत बन जाती है। यह चेतावनी कथा को और अधिक रोचक बनाती है और आहना के सामने एक कठिन चुनौती खड़ी कर देती है। अब उसे न केवल अपनी शक्तियों का सही उपयोग करना होगा, बल्कि अपने साहस और समझदारी की भी परीक्षा देनी होगी। एपिसोड का मुख्य आकर्षण ड्रैगन पर्ल को लेकर होने वाला संघर्ष है, जो कहानी को एक भव्य और रोमांचक रूप देता है। नागिन और ड्रैगन के बीच यह टकराव केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि अस्तित्व की लड़ाई बन जाता है। इस दौरान नाग गुरु मार्गदर्शन देते हैं, लेकिन स्पष्ट करते हैं कि अंतिम जीत आहना को अपनी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर ही हासिल करनी होगी। कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आता है जब नाग गुरु यह संकेत देते हैं कि ड्रैगन को हराने का उपाय उसकी अपनी शक्ति में ही छिपा है। यह विचार कथा को गहराई प्रदान करता है और दर्शकों के मन में उत्सुकता जगाता है कि आहना इस रहस्य को किस तरह अपने पक्ष में इस्तेमाल करेगी। इसके बाद आहना का आत्मविश्वास और भी मजबूत होता है और वह पूरी दृढ़ता के साथ इस चुनौती का सामना करने का संकल्प लेती है। यह विशेष प्रस्तुति दर्शाती है कि किस प्रकार आधुनिक मनोरंजन उद्योग में विभिन्न माध्यम एक साथ मिलकर दर्शकों को नया और प्रभावशाली अनुभव देने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह के प्रयोग न केवल कहानी को रोचक बनाते हैं बल्कि दर्शकों को विविधता से भरपूर मनोरंजन भी प्रदान करते हैं। 

कालाष्टमी व्रत 2026: ग्रहदोष शांत करने के असरदार उपाय

नई दिल्ली । कालाष्टमी हिन्दू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि है जिसे विशेष रूप से कालभैरव की उपासना के लिए मनाया जाता है। इस दिन शनि राहु और केतु से जुड़े ग्रहदोषों को शांत करने के लिए भक्त विशेष उपाय करते हैं। 2026 में वैशाख माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 9 अप्रैल को रात 09:19 मिनट से शुरू होकर 10 अप्रैल को रात 11:15 मिनट तक रहेगी। इसलिए इस वर्ष कालाष्टमी का व्रत 10 अप्रैल शुक्रवार को रखा जाएगा। धर्मशास्त्रों के अनुसार कालभैरव की पूजा निशा काल में करना अत्यंत फलदायी माना गया है। यह समय इसलिए शुभ है क्योंकि कालभैरव का जन्म रात्रि में हुआ था। रात के समय विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति जीवन में भय रोग और शत्रुओं से मुक्ति प्राप्त करता है और ग्रहों के क्रूर प्रभाव शांत होते हैं। कालाष्टमी पर कई अचूक उपायों का पालन कर भक्त अपनी समस्याओं और बाधाओं से मुक्त हो सकते हैं। सबसे पहले इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी या गुड़ लगी रोटी खिलाना शुभ माना जाता है। यदि काला कुत्ता न मिले तो किसी भी कुत्ते को रोटी अर्पित कर सकते हैं। ऐसा करने से राहु और केतु के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शाम के समय कालभैरव मंदिर में जाकर सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाना अत्यंत प्रभावशाली उपाय है। साथ ही 108 बार ‘ॐ कालभैरवाय नमः’ मंत्र का जाप करने से कोर्ट-कचहरी और शत्रुओं की बाधाएं दूर होती हैं। शनि की महादशा यदि प्रभावी हो रही हो तो भैरव जी को शमी के पत्ते और काले तिल अर्पित करना चाहिए। इससे भगवान शिव और भैरव दोनों प्रसन्न होते हैं और आकस्मिक संकटों से रक्षा होती है। नींबू से जुड़ा उपाय भी इस दिन बड़ा कारगर माना गया है। कालभैरव को प्रसन्न करने के लिए नींबू अर्पित करने से कालसर्प दोष और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं। इसके अलावा विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में बाधाओं का नाश होता है और मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। वैशाख माह की कालाष्टमी इस बार कई विशेष संयोगों के कारण अधिक महत्व रखती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दिन कुछ विशेष उपाय अपनाने से जातक को स्वास्थ्य शत्रु से मुक्ति और आर्थिक लाभ की प्राप्ति संभव होती है। इसलिए भक्तों को चाहिए कि वे इस दिन व्रत और पूजा का पालन पूरी श्रद्धा और विधि विधान से करें। संक्षेप में कालाष्टमी का व्रत न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि जीवन में शांति सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला भी है। काले कुत्ते को रोटी खिलाना सरसों के तेल का दीपक जलाना शमी के पत्ते और काले तिल अर्पित करना और नींबू से उपाय करना इन सभी कर्मों से शनि राहु और केतु दोषों से मुक्ति मिलती है। इस प्रकार कालाष्टमी व्रत व्यक्ति के जीवन में डर रोग और शत्रुओं से सुरक्षा की नींव रखता है और उसे आध्यात्मिक उन्नति की ओर मार्गदर्शित करता है।

ट्रंप के ऐलान के बाद भी संशय कायम, इस्लामाबाद में बातचीत से पहले बढ़ी सुरक्षा और चिंता

नई दिल्ली । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ दो हफ्ते के संघर्षविराम की घोषणा के बाद दुनिया को उम्मीद थी कि हालात सामान्य होंगे और तनाव कम होगा लेकिन घटनाक्रम ने एक अलग ही तस्वीर पेश कर दी है। सीजफायर के ऐलान के बावजूद जमीनी हालात और प्रमुख नेताओं के बयानों ने इस समझौते की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रंप ने पाकिस्तान की मध्यस्थता का उल्लेख करते हुए संघर्षविराम की घोषणा की थी जिसे वैश्विक स्तर पर राहत के रूप में देखा गया। पाकिस्तान ने भी इसे अपनी कूटनीतिक सफलता के तौर पर प्रस्तुत किया लेकिन इसके तुरंत बाद इजरायल की सैन्य गतिविधियां और अमेरिका के शीर्ष नेताओं के बयान इस उम्मीद पर पानी फेरते नजर आए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयानों में कई ऐसे संकेत मिले जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सीजफायर को लेकर पूरी तरह सहमति और स्पष्टता नहीं है। इजरायल द्वारा लेबनान पर किए गए हमले और हिज्बुल्लाह को लेकर अस्पष्ट स्थिति ने इस समझौते को और अधिक उलझा दिया है। खुद ट्रंप ने यह कहा कि हिज्बुल्लाह को लेकर इस समझौते में कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है जबकि पाकिस्तान का दावा था कि यह भी समझौते का हिस्सा है। इसी बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक अलग ही माहौल देखने को मिल रहा है। आम दिनों की चहल-पहल की जगह अब सन्नाटा और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था ने ले ली है। शहर के कई हिस्सों में आवागमन सीमित कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। इसका मुख्य कारण ईरान के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का आगमन है जो अमेरिका के साथ संवेदनशील कूटनीतिक वार्ता के लिए यहां पहुंच रहा है। पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और उसने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज तक लाने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि इस प्रयास को जितनी सराहना मिल रही है उतनी ही शंका भी इसके परिणामों को लेकर बनी हुई है। इस वार्ता के सफल होने में सबसे बड़ी बाधा भरोसे की कमी है। ईरान के भीतर ही इस बात को लेकर संदेह है कि क्या यह बातचीत किसी ठोस नतीजे तक पहुंचेगी या केवल तनाव को अस्थायी रूप से टालने का एक प्रयास साबित होगी। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने पहले ही अमेरिका पर सीजफायर के 10 में से तीन बिंदुओं के उल्लंघन का आरोप लगा दिया है जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। वहीं पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम द्वारा सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट और उसका बाद में डिलीट होना भी इस पूरे घटनाक्रम की संवेदनशीलता को दर्शाता है। उनके पोस्ट में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद पहुंचने और 10 बिंदुओं पर गंभीर बातचीत की बात कही गई थी लेकिन पोस्ट हटाए जाने से कूटनीतिक गोपनीयता और अनिश्चितता दोनों उजागर हुई हैं। यह वार्ता केवल अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका असर पूरे पश्चिम एशिया की स्थिरता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ सकता है। ऐसे में दुनिया की नजरें इस्लामाबाद पर टिकी हैं जहां सन्नाटे और सख्त सुरक्षा के बीच शांति की एक कठिन कोशिश जारी है।

शौर्य और बलिदान की मिसाल सीआरपीएफ, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर जवानों को किया नमन

भोपाल । भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के शौर्य दिवस के अवसर पर देश के वीर जवानों को शुभकामनाएं दी हैं। इस मौके पर उन्होंने सीआरपीएफ के शौर्य साहस और बलिदान को नमन करते हुए कहा कि यह बल देश की सुरक्षा का एक मजबूत आधार है और इसके जवान अदम्य साहस अटूट संकल्प और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सीआरपीएफ के जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते हैं। चाहे आंतरिक सुरक्षा की चुनौती हो या आतंकवाद और नक्सलवाद से निपटना हो सीआरपीएफ के जवान हर मोर्चे पर डटकर देश की रक्षा करते हैं। उनका साहस और त्याग पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। डॉ यादव ने कहा कि सीआरपीएफ का इतिहास वीरता और बलिदान की गौरवगाथाओं से भरा हुआ है। इस बल के जवानों ने कई बार अपने प्राणों की आहुति देकर देश की एकता और अखंडता की रक्षा की है। उनका यह समर्पण देशवासियों के मन में सुरक्षा और विश्वास की भावना को मजबूत करता है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शौर्य दिवस हमें उन वीर जवानों की याद दिलाता है जिन्होंने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह दिन उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके साहस से प्रेरणा लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि हमें अपने सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान और समर्थन की भावना हमेशा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीआरपीएफ के जवानों का अनुशासन परिश्रम और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें अन्य बलों से विशिष्ट बनाती है। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि देश सेवा सर्वोपरि है और इसके लिए हर कठिनाई का सामना करना चाहिए। प्रदेशवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे भी इन वीर जवानों के त्याग और समर्पण से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और देश की प्रगति में अपना योगदान दें। इस अवसर पर पूरे देश में सीआरपीएफ के शौर्य दिवस को सम्मान और गर्व के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन न केवल बल के वीर जवानों के शौर्य को याद करने का अवसर है बल्कि उनके प्रति आभार व्यक्त करने का भी प्रतीक है।

Husband Murder Conspiracy : इश्क में अंधी पत्नी बनी कातिल; प्रेमी संग मिलकर पति की कराई हत्या

WIFE KILLED HUSBAND

HIGHLIGHTS: पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर पति की हत्या की साजिश रची हत्या को लूट का रूप देने की कोशिश की गई ननद ने रिश्तों के विवाद का खुलासा किया सुपारी देकर हत्या कराई गई पुलिस पूछताछ में सामने आया पूरा सच Husband Murder Conspiracy : धार। जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पत्नी ने अपने ही पति की हत्या की साजिश रच डाली। बता दें कि सरदारपुर तहसील के गोंदीखेड़ा चारण गांव में 29 वर्षीय देव कृष्ण पुरोहित की निर्मम हत्या कर दी गई। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उनकी पत्नी प्रियंका ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कराई। योजना में कटौती का असर, बैतूल में पात्र जोड़े वंचित, प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती ननद ने खोला रिश्तों का काला सच मृतक की बहन ज्योति ने बताया कि प्रियंका अक्सर उसके भाई से कहती थी कि वह उसे खुश नहीं रख पाता। वह तलाक चाहती थी और किसी अन्य व्यक्ति के साथ जीवन बिताना चाहती थी। परिवार के अनुसार, प्रियंका का व्यवहार लंबे समय से संदिग्ध था और वह अक्सर मोबाइल पर किसी से बात करती रहती थी तथा अधिक समय मायके में बिताती थी। फेसबुक फ्रेंड ने शादी का झांसा देकर किया रेप, ग्वालियर में आरोपी गिरफ्तार प्रेमी के साथ मिलकर रची हत्या की साजिश पुलिस के अनुसार, प्रियंका अपने प्रेमी कमलेश के साथ रहना चाहती थी, लेकिन पति उसके रास्ते में बाधा बन रहा था। इसी कारण दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई और एक युवक को सुपारी देकर देव कृष्ण की हत्या करवाई। घटना को लूट का रूप देने के लिए प्रियंका ने खुद को बांधकर शोर मचाया और जेवर-नकदी चोरी होने की झूठी कहानी बनाई। ईरान युद्ध में सऊदी अरब को मिला दोहरा जख्म, तेल सप्लाई के दूसरे रास्ते पर भी हमला जांच में सामने आई पूरी सच्चाई मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने सख्ती से पूछताछ की, जिसके बाद पूरा सच सामने आया। बताया जा रहा है कि प्रियंका की शादी कम उम्र में हुई थी और बाद में उसका प्रेम प्रसंग शुरू हुआ। फिलहाल पुलिस आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।    

गुरु अर्जन देव जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री मोहन यादव का संदेश, मानवता और सेवा की राह पर चलने का आह्वान

भोपाल । मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिख धर्म के पांचवें गुरु गुरु अर्जन देव जी के पावन प्रकाश पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दी है। इस पावन अवसर पर उन्होंने गुरु अर्जन देव जी के जीवन और उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए कहा कि उनका त्याग सेवा समर्पण और सहिष्णुता का संदेश आज भी पूरे विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि गुरु अर्जन देव जी ने मानवता को जो मार्ग दिखाया वह केवल एक धर्म या समुदाय तक सीमित नहीं है बल्कि संपूर्ण समाज और विश्व के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि गुरु जी के विचार हमें यह सिखाते हैं कि सत्य के मार्ग पर चलते हुए हमें हर परिस्थिति में धैर्य और करुणा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जब समाज कई प्रकार की चुनौतियों का सामना कर रहा है तब गुरु अर्जन देव जी की शिक्षाएं और अधिक प्रासंगिक हो जाती हैं। उनका जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सेवा और समर्पण के माध्यम से ही सच्ची मानवता की स्थापना की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे गुरु जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और समाज में प्रेम भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करें। डॉ यादव ने कहा कि गुरु अर्जन देव जी का जीवन त्याग और बलिदान की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया और हर वर्ग को साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचारों ने न केवल सिख समाज बल्कि पूरे मानव समाज को दिशा देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हमें गुरु अर्जन देव जी के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा भाव और परोपकार की भावना ही समाज को मजबूत बनाती है और यही किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति होती है। इस अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु गुरु अर्जन देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके उपदेशों को याद कर रहे हैं। गुरुद्वारों में विशेष कीर्तन और लंगर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर सेवा और भक्ति का संदेश आत्मसात कर रहे हैं। इस प्रकार गुरु अर्जन देव जी का प्रकाश पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि मानवता सेवा और भाईचारे के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है, जो समाज को एक नई दिशा और ऊर्जा प्रदान करता है।

नागपुर रेल मंडल में 20 दिन का ब्लॉक: 2 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, कई गाड़ियां अलग-अलग तारीखों में रहेंगी प्रभावित

भोपाल । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल में गोंदिया स्टेशन पर प्रस्तावित तकनीकी कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली कई प्रमुख ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। रेलवे द्वारा लाइन नंबर-05 पर वॉशेबल एप्रन हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक में बदलाव किया जाएगा, जिसके कारण 20 दिनों तक यातायात ब्लॉक लागू रहेगा।गोंदिया स्टेशन पर होगा ट्रैक अपग्रेड रेलवे प्रशासन के मुताबिक गोंदिया स्टेशन के प्लेटफॉर्म-3 से जुड़ी UP मेन लाइन (लाइन नंबर-05) पर वॉशेबल एप्रन को हटाकर बैलेस्टेड ट्रैक बिछाया जाएगा। इस कार्य का उद्देश्य ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाना और उनकी गति में सुधार करना है। काम के दौरान इस लाइन पर आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे भोपाल मंडल की कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित होगा। 24 अप्रैल 2026 तक तीन जोड़ी ट्रेनों पर इसका असर पड़ेगा और अलग-अलग तारीखों में उनकी सेवाएं बाधित रहेंगी। ये ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द गाड़ी संख्या 18237 कोरबा-अमृतसर एक्सप्रेस – 25 अप्रैल 2026 तक रद्दगाड़ी संख्या 18238 अमृतसर-बिलासपुर एक्सप्रेस – 27 अप्रैल 2026 तक रद्द इन ट्रेनों की सेवाएं रहेंगी प्रभावित (आंशिक निरस्तीकरण) 12410 हजरत निजामुद्दीन-रायगढ़ एक्सप्रेस – 9, 11, 13, 14, 15, 16, 18, 20, 21, 22 अप्रैल12409 रायगढ़-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस – 9, 10, 11, 13, 15, 16, 17, 18, 20, 22, 23, 24 अप्रैल12807 विशाखापत्तनम-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस – 9, 11, 12, 14, 15, 16, 18, 19, 21, 22, 23 अप्रैल12808 हजरत निजामुद्दीन-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस – 9, 10, 11, 13, 14, 16, 17, 18, 20, 21, 23, 24, 25 अप्रैल यात्रियों के लिए जरूरी सूचना रेलवे प्रशासन ने इस अस्थायी असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए यात्रियों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य भविष्य में बेहतर सुरक्षा, तेज रफ्तार और सुगम संचालन सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

राज्य सरकार को परिवहन नीति बनाने का पूरा अधिकार, पुराने बसों की छुट्टी तय!

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की सड़क परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने वाला है। प्रदेश में 15 साल पुरानी 899 कमर्शियल बसें जल्द ही चलन से बाहर होंगी। राज्य सरकार ने 14 नवंबर 2025 को इसका आदेश जारी किया था, जिसे हाईकोर्ट ने वैध करार दिया। बस ऑपरेटरों की याचिकाओं को जस्टिस विशाल मिश्रा की सिंगल बेंच ने खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को परिवहन नीति बनाने और स्टेज कैरिज परमिट से जुड़े निर्णय लेने का पूरा अधिकार है। 15 साल की उम्र पार कर चुकी बसें, खतरनाक हालातमध्यप्रदेश में 899 ऐसी बसें हैं, जो 15 साल की उम्र पार कर चुकी हैं। ये वाहन खटारा हो चुके हैं और फिर भी शहरों और जिलों के बीच यात्रियों को ढो रही हैं। जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा खटारा बसें जबलपुर में हैं और सबसे कम रीवा संभाग में। परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने सभी बसों की सूची आयुक्त विवेक शर्मा को सौंप दी है। रोजाना प्रदेश में 11,000 वैध बसें चल रही हैं, जिनमें लगभग 4.5 लाख यात्री सफर करते हैं। बस ऑपरेटरों की याचिकाओं पर कोर्ट का फैसलाबस ऑपरेटरों ने कोर्ट में यह दलील दी थी कि उनकी बसों को जब परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट मिला, तब उनकी उम्र 15 साल नहीं हुई थी। लेकिन अदालत ने कहा कि नियम और संशोधन पहले ही वैध ठहराए जा चुके हैं और उनके आधार पर जारी आदेश अवैध नहीं है। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने 27 फरवरी 2026 को सुनवाई पूरी करने के बाद सभी 10 याचिकाएं खारिज कर दीं। अब प्रदेश में 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। पुराने वाहनों पर नियम और सख्तीमध्यप्रदेश मोटरयान नियम, 1994 के तहत: 10 साल से पुरानी स्टेज कैरिज बस को अंतरराज्यीय परमिट नहीं मिलेगा।15 साल से पुरानी मंजिली बस को राज्य के अंदर साधारण रूट का परमिट नहीं मिलेगा।20 साल से पुरानी गाड़ी को किसी भी तरह का परमिट नहीं मिलेगा। हालांकि, अधिकारियों की लापरवाही के कारण 899 खटारा बसें अब तक सड़कों पर चल रही थीं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में थी। नई ‘जनबस’ योजना से मिलेगा आधुनिक परिवहनपुरानी बसों के हटने के बाद सरकार ‘जनबस’ योजना लागू करेगी। अप्रैल 2026 से इंदौर से शुरुआत होगी और पहले चरण में 25 जिलों में 10,879 बसों का संचालन किया जाएगा। योजना में ई-बस, मोबाइल ऐप, सेंट्रलाइज्ड मॉनिटरिंग और कार्गो सुविधा जैसी आधुनिक सेवाएं शामिल होंगी। इसके संचालन के लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड नामक नई कंपनी बनाई गई है, जबकि बसें निजी ऑपरेटर चलाएंगे।  मध्यप्रदेश सरकार ने 15 साल से पुरानी 899 बसों को सड़क से हटाने का फैसला किया है। हाईकोर्ट ने आदेश को वैध करार दिया, बस ऑपरेटरों की सभी याचिकाएं खारिज की गईं। पुरानी बसें हटने के बाद ‘जनबस’ योजना शुरू होगी, जिससे आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था प्रदेशवासियों को मिलेगी।

नर्मदापुरम में दर्दनाक हादसा: सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में महुआ बीनने गए आदिवासी को बाघ ने बनाया शिकार

नर्मदापुरम। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना क्षेत्र में महुआ बीनने गए एक 49 वर्षीय आदिवासी ग्रामीण को बाघ ने हमला कर मार डाला। घटना के बाद बाघ शव के पास ही बैठा रहा। गुरुवार सुबह जब परिजन तलाश करते हुए मौके पर पहुंचे तो उन्होंने बाघ को वहीं देखा जिसे बाद में भगाया गया। महुआ बीनने गया था अगले दिन मिला शव पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान सुधराम 49 पिता हजारी चौहान निवासी चनागढ़ झुनकर के रूप में हुई है। वह बुधवार दोपहर तवा नदी पार कर एसटीआर के कोर क्षेत्र में महुआ बीनने गया था। शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने गुरुवार सुबह उसकी तलाश शुरू की। जंगल में खोजबीन के दौरान महुआ के पेड़ के पास बाघ बैठा दिखाई दिया। पास जाकर देखा तो मृतक का सिर और धड़ पड़ा था जबकि बाघ उसके हाथ-पैर खा चुका था। शव के पास बैठा मिला बाघ परिजन और ग्रामीण बाघ को देखकर घबरा गए लेकिन हिम्मत जुटाकर उसे वहां से भगाया। इसके बाद घटना की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को सुखतवा भिजवाया। केसला थाना प्रभारी मदन लाल पवार ने बताया कि मृतक महुआ बीनने गया था और वापस नहीं लौटा। बाघ ने उसके हाथ-पैर खा लिए थे और केवल सिर व धड़ ही मिला है। मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। वहीं एसटीआर की फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह घटना टाइगर रिजर्व के बैकवॉटर क्षेत्र के पास हुई है।