BHIND MAN MURDERED : PM में देरी से भड़के परिजन, हत्या के बाद अस्पताल में अव्यवस्था; 3 घंटे बिजली गुल

HIGHLIGHTS: पोस्टमार्टम में देरी पर परिजनों का धरना और नारेबाजी 30 वर्षीय नीलेश जाटव की गोली मारकर हत्या बिजली न होने से 3 घंटे तक रुका पोस्टमार्टम परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाए आरोप स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल BHIND MAN MURDERED : भिंड। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी को लेकर गुरुवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतक के परिजनों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। परिजनों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें घंटों परेशान होना पड़ा। Hyundai Price Hike: 1 मई से महंगी होंगी कारें, जानिए कितनी बढ़ेगी कीमत! युवक की हत्या के बाद बढ़ी संवेदनशीलता जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय नीलेश जाटव की बीती रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बता दें कि घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन समय पर प्रक्रिया शुरू नहीं होने से परिजनों में आक्रोश फैल गया। GUNA MAN MURDERED : प्रेमिका से मिलने गए युवक की बेरहमी से पिटाई, आम आदमी पार्टी से था कनेक्शन? बिजली न होने से रुका पोस्टमार्टम परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में करीब तीन घंटे तक बिजली नहीं थी, जिसके चलते पोस्टमार्टम नहीं हो सका। इस वजह से न केवल परिजन बल्कि वहां मौजूद अन्य लोग भी परेशान होते रहे। उन्होंने कहा कि इस देरी से अंतिम संस्कार में भी बाधा आई और प्रशासन ने समय पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। कार्रवाई की मांग, व्यवस्था पर सवाल मृतक के परिजन देशराज धारिया ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस घटना के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं और लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।
ईरान युद्ध में सऊदी अरब को मिला दोहरा जख्म, तेल सप्लाई के दूसरे रास्ते पर भी हमला

तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी जंग ट्रंप के सीजफायर के ऐलान के बाद थम गई है। लेकिन इसकी वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई करने में कई वर्ष लग जाएंगे। इस युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था, जिसकी वजह से पूरी दुनिया में कच्चे तेल के दामों में उछाल आ गया था। सऊदी अरब ने तेल सप्लाई के अपने दूसरे रास्ते (ईस्ट-वेस्ट तेल पाइपलाइन) का उपयोग करना शुरू कर दिया था। हालांकि, अब सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरानी हमले में इस पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद होर्मुज का रास्ता खुल गया हो, लेकिन इसके बाद भी लाखों बैरल तेल कच्चे बाजार से बाहर होने की आशंका है। सऊदी अरब में मौजूद एक स्त्रोत के मुताबिक ईरान ने अपने हमलों के दौरान सऊदी अरब के कई तेल प्रतिष्ठानों और तेल सप्लाई प्वाइंट्स को निशाना बनाया था। इसमें ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन और उसके एक केंद्र (यानबू बंदरगाह) को भी निशाना बनाया गया है। इस पाइपलाइन के जरिए सऊदी अरब होर्मुज को बायपास करके तेल की सप्लाई को चालू रखता है। बता दें, ईरान के साथ बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए ही सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का निर्माण किया था। इसके जरिए तेल सप्लाई को यानबू पर ले जाकर लाल सागर के जरिए आगे बढ़ाया जाता है। इस पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन लगभग 70 लाख बैरल तेल सप्लाई होता था। 28 फरवरी के बाद सामने आए शिपिंग डेटा के मुताबिक यानबू की क्षमता करीब 4.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन है। पिछले कुछ दिनों से यह लगातार अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही थी। लेकिन अब इस पर भी हमला करके ईरान ने सऊदी के इस कदम पर भी पानी फेर दिया है। तेल प्रतष्ठानों पर हुए इन हमलों की जिम्मेदारी आईआरजीसी ने ली है। बुधवार को जारी एक बयान में आईआरजीसी की तरफ से कहा गया कि फारस की खाड़ी में कई लक्ष्यों के ऊपर मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए हमला किया गया है। इसमें यानबू में मौजूद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों को भी निशाना बनाया। यह पहली बार नहीं है कि जब इस संघर्ष के दौरान ईरान ने यानबू बंदरगाह को निशाना बनाने की कोशिश की है। इससे पहले भी ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के तमाम ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया था। होर्मुज के ऊपर तेहरान ने पहले से ही पाबंदी लगा रखी थी। इसकी वजह से पूरी दुनिया में तेल के दाम आसमान छू रहे थे। हालांकि, अब सीजफायर के ऐलान के साथ ही होर्मुज को खोलने पर भी सहमति बनी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कल से होर्मुज अपनी पूरी क्षमता के साथ शुरू भी हो जाता है, तब भी स्थिति को सामान्य होने में कई महीनों का वक्त लग जाएगा।
सीजफायर, ईरान-इजरायल-अमेरिका की तनातनी से फिर भड़क सकता है मिडिल ईस्ट

तेहरान। करीब 40 दिनों से जारी भीषण संघर्ष के बाद जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हुआ, तो क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी थी। लेकिन महज 24 घंटे के भीतर ही हालात बदलते नजर आ रहे हैं। तीनों प्रमुख पक्ष—ईरान, इजरायल और अमेरिका—के बयान अलग-अलग दिशा में जाते दिख रहे हैं, जिससे सीजफायर पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका ने खारिज किया ईरान का प्रस्तावकूटनीतिक मोर्चे पर सबसे बड़ा विवाद तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने ईरान के 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। अमेरिकी प्रशासन ने तीखे शब्दों में कहा कि प्रस्ताव को “कूड़े के डिब्बे में डाल दिया गया।” इससे संकेत मिला कि वॉशिंगटन ईरान की शर्तों पर आगे बढ़ने को तैयार नहीं है और वह इजरायल के रुख का समर्थन कर रहा है। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया कि सीजफायर समझौते में लेबनान से जुड़े हमलों को शामिल नहीं किया गया है, इसलिए उस मोर्चे पर कार्रवाई जारी रह सकती है। लेबनान पर इजरायल के हमले तेजसीजफायर के तुरंत बाद इजरायल ने समझौते की तकनीकी खामी का हवाला देते हुए कहा कि लेबनान में उसके सैन्य अभियान जारी रहेंगे। इसके बाद इजरायली हमलों में तेजी देखी गई, जिनमें 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है।इजरायल का कहना है कि वह हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाता रहेगा और यह कार्रवाई सीजफायर का उल्लंघन नहीं मानी जाएगी। ईरान की चेतावनी—हमले हुए तो खत्म समझौताइजरायल के रुख पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान ने कहा कि अगर लेबनान पर हमले जारी रहे तो सीजफायर स्वतः समाप्त माना जाएगा। ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि “गेंद अब आपके पाले में है”, यानी जवाबी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है। क्या हो सकता है असर? अगर सीजफायर पूरी तरह टूटता है तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट पर पड़ सकता है। हिजबुल्लाह के सीधे युद्ध में उतरने से संघर्ष कई मोर्चों पर फैल सकता है और ईरान की प्रत्यक्ष भागीदारी का खतरा बढ़ जाएगा।विशेषज्ञों का मानना है कि हालात बिगड़ने पर होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। महज 24 घंटे में समझौते का डगमगाना यह दिखाता है कि पक्षों के बीच अविश्वास कितना गहरा है और शांति की राह अभी भी बेहद कठिन बनी हुई है।
चंदेरी तहसील में बिना जांच बने जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, फर्जीवाड़े से बढ़े न्यायालयीन विवाद

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले की चंदेरी तहसील में बिना समुचित जांच के जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर नियमों की अनदेखी कर प्रमाण पत्र बनाए गए, जिससे न्यायालयों में अनावश्यक विवाद और प्रकरण बढ़ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदेरी निवासी रविकांत सेषा की शिकायत पर चंदेरी थाने में कमल सिंह लोधी निवासी ग्राम मोहनपुर के खिलाफ अपराध क्रमांक 0193/2026 दर्ज किया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338 और 336(3) के तहत प्रकरण कायम किया गया है। बताया गया है कि कमल सिंह लोधी ने तहसील कार्यालय में जन्म प्रमाण पत्र के लिए प्रकरण क्रमांक 0376/ड-154(1)/2024-25 तथा मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए प्रकरण क्रमांक 0067/ड-154/2024-25 प्रस्तुत किया था। वहीं, भैयालाल लोधी ने कथित रूप से वसीयत तैयार करने के उद्देश्य से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए प्रकरण क्रमांक 0077/ड-154/2024-25 के माध्यम से आवेदन किया। आरोप है कि इन सभी प्रकरणों में कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर एक ही दिन में प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए। इन प्रमाण पत्रों के जरिए कथित रूप से भूमि के नामांतरण और पूर्व विक्रय पत्रों को शून्य कराने की कोशिश की गई, जो बाद में न्यायालयीन विवाद का कारण बनी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस संबंध में तहसील प्रशासन, एसडीएम और कलेक्टर को शिकायत की गई, लेकिन पांच माह से अधिक समय बीतने के बाद भी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाबुओं की भूमिका संदिग्ध, जांच की मांग तेज सूत्रों के अनुसार, यह कोई पहला मामला नहीं है। चंदेरी तहसील में वर्षों से पदस्थ कुछ बाबुओं की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है, जो कथित रूप से अधिकारियों को गुमराह कर ऑर्डर शीट तैयार कराते हैं और उनके हस्ताक्षर करवा लेते हैं। इसी के आधार पर नियम विरुद्ध तरीके से नामांतरण प्रकरण भी स्वीकृत किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पिछले दो-तीन वर्षों में जारी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और नामांतरण प्रकरणों की निष्पक्ष जांच की जाए, तो कई और अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। आम नागरिक पर कार्रवाई, जिम्मेदार सुरक्षित मामले में पुलिस ने कमल सिंह लोधी के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन तहसील स्तर पर प्रमाण पत्र जारी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि लापरवाही या मिलीभगत के बावजूद जिम्मेदारों को क्यों बचाया जा रहा है। जांच नहीं हुई तो बढ़ेंगे विवाद स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पूरे प्रकरण की गहन जांच नहीं कराई गई, तो भविष्य में ऐसे कई मामले सामने आएंगे, जिससे न्यायालयों पर बोझ बढ़ेगा और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। अब देखना यह होगा कि राजस्व विभाग और जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
स्टार्टअप से संकट तक का सफर, ShopClues की कहानी ने सबको चौंकाया!
नई दिल्ली। भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में एक समय ShopClues का नाम तेजी से उभरते स्टार्टअप्स में लिया जाता था। 2016 में कंपनी की वैल्यूएशन करीब 1.1 अरब डॉलर तक पहुंच गई थी। लेकिन कुछ ही वर्षों में हालात इतने बदल गए कि 2019 में सिंगापुर की कंपनी Qoo10 ने इसे मात्र 70–100 मिलियन डॉलर में खरीद लिया यानी लगभग 90% गिरावट। टियर-2 और टियर-3 शहरों पर दांव, शुरुआत में मिली बड़ी सफलताShopClues ने खुद को “ऑनलाइन चांदनी चौक” के रूप में स्थापित किया था। कंपनी ने छोटे शहरों के कीमत-संवेदनशील ग्राहकों को टारगेट किया और कम कीमत वाले, बिना ब्रांड के प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराए। उस समय Amazon और Flipkart जैसे दिग्गज मुख्य रूप से मेट्रो शहरों पर फोकस कर रहे थे, जिससे ShopClues को तेजी से ग्रोथ मिली। बड़ी कंपनियों की एंट्री से बिगड़ा खेलजैसे ही Amazon और Flipkart ने छोटे शहरों में अपनी पकड़ मजबूत की, बेहतर लॉजिस्टिक्स, तेज डिलीवरी और भरोसेमंद सर्विस के दम पर उन्होंने बाजार पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। ShopClues का सस्ता मॉडल इस प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं पाया और कंपनी का मार्केट शेयर तेजी से गिरने लगा। खराब क्वालिटी और बढ़ते रिटर्न ने तोड़ा भरोसाShopClues की सबसे बड़ी कमजोरी बनी-असंगठित विक्रेताओं पर अत्यधिक निर्भरता। इससे प्लेटफॉर्म पर नकली और निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों की भरमार हो गई। नतीजतन, रिटर्न रेट 30-40% तक पहुंच गया और ग्राहकों का भरोसा टूटने लगा। वहीं प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने क्वालिटी और कस्टमर एक्सपीरियंस पर भारी निवेश किया। लीडरशिप संकट और विवादों ने बढ़ाई मुश्किलेंकंपनी को अंदरूनी झटके भी लगे। सह-संस्थापक Sandeep Aggarwal को अमेरिका में इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों के बाद पद छोड़ना पड़ा। इसके बाद Radhika Aggarwal और Sanjay Sethi ने नेतृत्व संभाला। संस्थापकों के बीच सार्वजनिक विवादों ने निवेशकों का भरोसा और कमजोर कर दिया। फंडिंग की कमी और गिरता कारोबारIPO से पहले मुनाफा दिखाने के प्रयास में कंपनी ने मार्केटिंग खर्च घटा दिया, जिससे बिक्री (GMV) में भारी गिरावट आई। नए निवेश जुटाने के प्रयास भी असफल रहे और मौजूदा निवेशकों ने भी हाथ खींच लिया। इससे कंपनी “पतन के चक्र” में फंसती चली गई। रणनीतिक बदलाव भी नहीं बचा पाएShopClues ने बिजनेस मॉडल बदलने की कोशिश की—जैसे B2B वर्टिकल और रीसेलर प्लेटफॉर्म but ये प्रयास गिरावट को रोकने में नाकाम रहे। साथ ही, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच जैसी खबरों ने अनिश्चितता और बढ़ा दी। संस्थापक का नया सफर, लेकिन चुनौतियां जारीShopClues छोड़ने के बाद संदीप अग्रवाल ने Droom की शुरुआत की, जो सेकंड हैंड वाहनों का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। हालांकि, यह कंपनी भी GST जांच जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।
अमेरिका-ईरान सीजफायर विवाद: ईरान ने तीन उल्लंघनों की बात कही, 10 पॉइंट्स पर चर्चा जारी

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए सीजफायर पर सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत दोनों पक्ष 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर राजी हुए थे लेकिन अब ईरान ने आरोप लगाया है कि इनमें से तीन बिंदुओं का उल्लंघन किया गया है। ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने बुधवार को सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका पर दो हफ्ते के सीजफायर समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया। गालिबफ ने कहा कि अमेरिका पर ईरान का गहरा ऐतिहासिक अविश्वास है और अमेरिका बार बार अपने कमिटमेंट्स का उल्लंघन कर रहा है। उन्होंने बताया कि ईरान के 10 पॉइंट सीजफायर प्रस्ताव के तीन हिस्सों का उल्लंघन हुआ है। इसमें शामिल है इजरायल का लेबनान पर लगातार हमला ईरानी एयरस्पेस में ड्रोन का प्रवेश और ईरानी यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को नकारना। अमेरिका और ईरान के बीच 10 पॉइंट्स पर बनी सहमति में सबसे पहला बिंदु दोनों पक्षों द्वारा गैर आक्रामकता की गारंटी देना और ईरान के यूरेनियम संवर्धन को स्वीकार करना था। दूसरा ईरान की सेना के साथ तालमेल बनाकर होर्मुज स्ट्रेट से नियंत्रित मार्ग सुनिश्चित करना। तीसरा लेबनान में हिज्बुल्लाह समूह के खिलाफ लड़ाई समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म करना। चौथा इलाके के सभी बेस और डिप्लॉयमेंट पॉइंट से अमेरिकी सुरक्षा बलों को हटाना। साथ ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म करना होर्मुज स्ट्रेट में एक सुरक्षित ट्रांजिट प्रोटोकॉल बनाना जो तय शर्तों के तहत ईरानी दबदबे की गारंटी दे संघर्ष के दौरान ईरान को हुए नुकसान की पूरी भरपाई करना और ईरान के खिलाफ सभी मुख्य और द्वितीयक प्रतिबंध हटाना भी शामिल है। इसके अलावा विदेश में सभी ब्लॉक ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना और इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाइंडिंग प्रस्ताव के जरिए मंजूरी देना तय किया गया था। ईरान के डेलीगेशन ने इस विवाद के बीच अमेरिका के साथ उच्चस्तरीय बातचीत के लिए गुरुवार रात इस्लामाबाद में पहुंचने की तैयारी की है। पाकिस्तान में ईरानी राजदूत ने सोशल मीडिया पर लिखा पीएम शहबाज शरीफ की बुलाई गई डिप्लोमैटिक पहल को नाकाम करने के लिए इजरायली सरकार द्वारा बार बार सीजफायर तोड़ने की वजह से ईरानी जनता की राय पर शक के बावजूद ईरान के सुझाए गए 10 पॉइंट्स पर आधारित गंभीर बातचीत के लिए ईरानी डेलीगेशन आज रात इस्लामाबाद पहुंच रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस्लामाबाद की यह पहल दोनों पक्षों के बीच भरोसे का माहौल बनाने और सीजफायर के उल्लंघनों पर स्पष्ट समाधान निकालने में अहम साबित हो सकती है। आने वाली बैठक में इन 10 पॉइंट्स और उल्लंघनों पर चर्चा होगी जो इस क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
ईरानी राजदूत ने पाकिस्तान में प्रतिनिधिमंडल के आगमन की दी जानकारी, बाद में डिलीट किया पोस्ट

नई दिल्ली । अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति के बाद दोनों देशों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसी बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के साथ उच्चस्तरीय बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। इस परिप्रेक्ष्य में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोगादम ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यह जानकारी दी थी कि अमेरिकी वार्ताकारों के साथ सीजफायर के मुद्दे पर बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन इस्लामाबाद पहुंच रहा है। हालांकि उन्होंने बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी। ईरानी राजदूत के पोस्ट में लिखा गया था कि पीएम शहबाज शरीफ की बुलाई गई डिप्लोमेटिक पहल को नाकाम करने के लिए इजरायल द्वारा बार-बार सीजफायर तोड़ने की वजह से ईरानी जनता की राय पर शक के बावजूद ईरान के सुझाए गए 10 पॉइंट्स पर आधारित बातचीत के लिए यह डेलीगेशन पाकिस्तान पहुंच रहा है। हालांकि अब यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उपलब्ध नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध को खत्म करने के मकसद से बातचीत के लिए पाकिस्तान आ सकते हैं। अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने दो वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से बताया कि पाकिस्तान के खुद को एक अहम मध्यस्थ के तौर पर पेश करने के बाद इस हफ्ते इस्लामाबाद में बड़ी बैठक की तैयारी चल रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि संभव है कि जेडी वेंस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पाकिस्तान का दौरा करें। इससे पहले द फाइनेंशियल टाइम्स ने यह बताया कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने रविवार को ट्रंप से बातचीत की थी। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से भी बात की। व्हाइट हाउस ने बयान में कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान निर्धारित समय से आगे चल रहा है और इसके मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुंच रहा है। वहीं वॉशिंगटन ने स्पष्ट किया है कि तेहरान के साथ “सार्थक” बातचीत जारी रखी जा रही है जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को समाप्त करना और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है और इस्लामाबाद की पहल दोनों पक्षों के बीच भरोसे का माहौल बनाने में अहम साबित हो सकती है। ईरानी राजदूत के सोशल मीडिया पोस्ट को डिलीट करना इस बात का संकेत भी माना जा रहा है कि इस मुद्दे पर संवेदनशीलता और कूटनीतिक सावधानी बरती जा रही है। इस तरह अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत और पाकिस्तान की मध्यस्थता ने क्षेत्रीय राजनीति में एक नई दिशा देने की संभावना पैदा कर दी है। आगामी बैठक और उच्चस्तरीय वार्ताएं इस संघर्ष के भविष्य को तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
एमपी में UCC लागू होने से पहले सरकार का बड़ा कदम, डीजी-एडीजी स्तर के अधिकारी बने संभाग प्रभारी

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। अब अपर मुख्य सचिव की तर्ज पर डीजी, स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संभागीय प्रभारी बनाया गया है। ये अधिकारी रेंज में तैनात आईजी के साथसाथ पूरे संभाग की कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इस क्रम में वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र कुमार जैन को उज्जैन और पंकज कुमार श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।यूसीसी से पहले मॉनिटरिंग मजबूत करने की तैयारी यह व्यवस्था मोहन यादव सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता UCC लागू करने की तैयारी के बीच लागू की गई है। गृह विभाग ने संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए यह कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में UCC को लेकर निर्देश मिलने के बाद विभाग ने सभी संभागों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी है, ताकि सुपरविजन और मॉनिटरिंग को मजबूत किया जा सके।संभागवार आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी प्रदेश के विभिन्न संभागों के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को प्रभारी बनाया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और रीवा संभाग में पहले से तैनाती थी, जबकि सात अन्य संभागों में नई नियुक्तियां की गई हैं। भोपाल – वरुण कपूर (डीजी जेल)इंदौर – आदर्श कटियार (स्पेशल डीजी प्रशासन)उज्जैन – उपेंद्र कुमार जैन (डीजी ईओडब्ल्यू)ग्वालियर – प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव (डीजी होमगार्ड)जबलपुर – पंकज कुमार श्रीवास्तव (स्पेशल डीजी सीआईडी)रीवा – अनिल कुमार (स्पेशल डीजी महिला सुरक्षा)चंबल – जी अखेतो सेमा (स्पेशल डीजी जेल)नर्मदापुरम – रवि कुमार गुप्ता (स्पेशल डीजी रेल)सागर – अनंत कुमार सिंह (स्पेशल डीजी पुलिस हाउसिंग)शहडोल – राजाबाबू सिंह (एडीजी ट्रेनिंग) आईएएस अधिकारियों को भी सौंपी जिम्मेदारी प्रशासनिक स्तर पर भी संभागवार आईएएस अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।उज्जैन – डॉ. राजेश राजौराग्वालियर – अशोक बर्णवालचंबल – मनु श्रीवास्तवजबलपुर – संजय दुबेनर्मदापुरम – नीरज मंडलोईइंदौर – अनुपम राजनभोपाल – संजय कुमार शुक्लरीवा – रश्मि अरुण शमीसागर – दीपाली रस्तोगीशहडोल – शिवशेखर शुक्ला
सफेद बालों से छुटकारा, इस नेचुरल जूस से पाएं खूबसूरत बाल!

नई दिल्ली। अगर इस समय आप अपने बाल से काफी परेशान हो गई हैं बाल टूट रहे हैं और सफेद होते जा रहे हैं। कई लोग महंगे शैंपू और हेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फिर भी बालों की समस्या दूर नहीं होती। तब भी परेशानी की कोई बात नहीं है हम आज आपके लिए ऐसा ड्रिंक लेकर आए हैं जो आपके बालों को काफी मजबूत बनाएगा। इस जूस को पीने के बाद आपके बाल काफी चमकदार बन जाएंगे। तो चलिए इसके बारे में जानते हैं और समझते हैं कि यह कैसे यह काम करता है। बालों से जुड़ी है खास बातेंआपको बता दें कि, बालों की असली सेहत सिर्फ बाहरी देखभाल पर नहीं, बल्कि शरीर को मिलने वाले पोषण पर निर्भर करती है। अगर शरीर के अंदर जरूरी विटामिन और मिनरल्स की कमी है, तो इसका असर सीधे बालों पर दिखाई देता है। इसलिए आपको अपने बालों के साथ शरीर का भी ध्यान रखना चाहिए ताकि बाल ऑटोमेटिक अंदर से मजबूत और घने हो जाए। आंवला जूसअगर आप लगातार बाल झड़ने से परेशान हैं, तो आंवला जूस आपके लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। इसे बनाने के लिए एक गिलास पानी में एक आंवला, 8-10 करी पत्ते, आधा नींबू और एक चम्मच शहद मिलाएं। आंवला विटामिन C से भरपूर होता है, जो कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है और बालों को मजबूत बनाता है। करी पत्ते बालों की जड़ों को पोषण देते हैं, जबकि नींबू स्कैल्प को साफ रखने में मदद करता है। गाजर और चुकंदर का जूसगाजर चुकंदर का जूस भी एक बेहतरीन ऑप्शन है जिसे आप रोजाना ले सकते हैं ताकि आपके बालों को अच्छी पोषण मिल सके। बालों की तेजी से बढ़त और प्राकृतिक चमक के लिए गाजर और चुकंदर का जूस एक बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाने के लिए एक गाजर, एक छोटा चुकंदर, आधा सेब और थोड़ा अदरक मिलाकर जूस तैयार करें। गाजर में मौजूद विटामिन A बालों को चमकदार बनाता है, जबकि चुकंदर ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाकर बालों की जड़ों को पोषण देता है। एलोवेरा और नारियल पानीगर्मी और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए नारियल पानी और एलोवेरा का मिश्रण बेहद असरदार होता है। एक कप नारियल पानी में 2 चम्मच एलोवेरा जेल, कुछ पुदीने की पत्तियां और थोड़ा खीरा मिलाकर पीएं। यह शरीर को ठंडक देता है और स्कैल्प की खुजली व जलन को कम करता है।
OTT और सिनेमाघरों पर लगेगा एंटरटेनमेंट का तड़का, इस शुक्रवार रिलीज होगी कई फ़िल्में और सीरीज

नई दिल्ली। सिनेमाघरों के बाद OTT में कई फिल्में और सीरीज रिलीज होती हैं जिसे आप अपने घर पर ही बड़े आसानी से देख सकते हैं। वहीं इस शुक्रवार 10 अप्रैल, 2026 को सिनेमाघर और अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म OTT पर कई फ़िल्में और सीरीज दस्तक देने को तैयार है। इनमें शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) और तृप्ति डिमरी (Tripti Dimri) स्टारर मूवी ‘ओ’रोमियो’ (O’Romeo) लेकर मृणाल ठाकुर (Mrunal Thakur) की नई फिल्म ‘डकैत’ (Dacoit) शामिल हैं। तो चलिए उनके बारे में जानते हैं। फिल्म डकैतमृणाल ठाकुर की ‘डकैत’ का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। जब से इस फिल्म का ट्रेलर आया है दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए अपनी उत्सुकता दिखा रहे हैं आपको बता दे इस फिल्म में मृणाल ठाकुर ने सरस्वती नाम की लड़की का किरदार निभाया है। ये रोमांटिक एक्शन फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। वहीं फिल्म में मृणाल ठाकुर के साथ-साथ अदिवि शेष भी लीड रोल में नजर आ रहे हैं। फिल्म ओ रोमियोशाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म और रोमियो ने सिनेमाघरों में धमाल मचा दिया था। अच्छा खासा कलेक्शन करने के बाद अब OTT प्लेटफार्म पर रिलीज होने जा रही है।विशाल भारद्वाज के डायरेक्शन में बनी यह फिल्म प्यार और रिश्तों को एक ड्रामैटिक ट्विस्ट के साथ दिखाती है।इसे प्राइम वीडियो पर 10 अप्रैल से फ्री में देख सकते हैं। फिल्म तू या मैंसनाया कपूर की फिल्म तू या मैं नेवी सिनेमा घर में काफी अच्छा कलेक्शन किया था अब वह OTT पर आने जा रही है।ये फिल्म रोमांस और सर्वाइवल का मिक्स, यह फिल्म दो बहुत अलग इन्फ्लुएंसर की कहानी है, जिनकी ट्रिप एक डरावना मोड़ लेती है।एक गहरे स्विमिंग पूल में मगरमच्छ के साथ फंसे होने के कारण, उन्हें अपनी पर्सनल मुश्किलों से निपटते हुए ज़िंदा रहने के लिए लड़ना पड़ता है। इसे इस शुक्रवार, 10 अप्रैल को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम कर सकते हैं। परफेक्ट क्राउन सीरीजपरफेक्ट क्राउन‘परफेक्ट क्राउन’ इस साल की सबसे ज़्यादा इंतज़ार की जाने वाली कोरियन ड्रामा रिलीज़ में से एक है, क्योंकि इसमें IU और बायन वू-सियोक मेन रोल में हैं. यह एक अमीर वारिस और एक कमज़ोर राजकुमार के बीच कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की कहानी पर बेस्ड है।ये 10 अप्रैल से डिज्नी प्लस पर स्ट्रीम हो सकती हैं। आउटकम सीरीजजोनाह हिल द्वारा निर्देशित इस डार्क कॉमेडी फिल्म में कीनू रीव्स ने रीफ हॉक का किरदार निभाया है, जो एक हॉलीवुड अभिनेता है। उसका करियर एक रहस्यमय ब्लैकमेलर के कारण खतरे में पड़ जाता है, जिसके पास उसके अतीत का एक आपत्तिजनक वीडियो है। फिल्म में कैमरून डियाज़, मैट बोमर, डेविड स्पेड, लैवर्न कॉक्स, काइया गेर्बर और हिल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। यह सीरीज 10 अप्रैल को Apple Tv पर रिलीज होगी।