प्रकृति का साथ, सेहत का विश्वास: बिना दवा के स्वस्थ रहने के आसान तरीके

नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई निरोगी काया चाहता है, लेकिन सवाल है कि कैसे निरोगी काया को पाया जा सकता है। इस सवाल का एक ही जवाब है अपने शरीर को समझना। हमारे शरीर में इतनी क्षमता होती है कि वह हर बीमारी से लड़ सकता है और बिना दवा के अच्छा जीवन जी सकता है। बिना दवा के जीवन जीना सिर्फ एक विचार नहीं, बल्कि अच्छी जीवनशैली का संकेत है। आयुर्वेद के मुताबिक, आज के समय में आधुनिक जीवनशैली और खान-पान ही बीमारियों की जड़ है, और यही कारण है कि अब प्रकृति के पास वापस लौटने का समय आ गया है। जितना आप प्रकृति के पास जाएंगे, बीमारी उतना ही दूर हो जाएगी। बिना दवा के स्वस्थ जीवनशैली जीने के लिए कुछ चीजों को जीवन में वापस लाना होगा। पहला स्टेप है स्व निदान, यानी पहले खुद की बीमारी की पहचान करें। हमारा शरीर कभी झूठ नहीं बोलता है, और जब भी शरीर में किसी तरह की कोई परेशानी होती है तो कुछ न कुछ संकेत जरूर मिलता है। इसके लिए शरीर के कुछ मुख्य लक्षण जानने की जरूरत है, जैसे जोड़ों का दर्द, कमजोरी, घटता हुआ वजन, अचानक धुंधला दिखना, बुखार, और कब्ज होना। यह कारण शरीर की आंतरिक गड़बड़ी को दर्शाते हैं। दूसरा स्टेप है प्राकृतिक दवाओं का इस्तेमाल। हमारा मतलब किसी दवा से नहीं, बल्कि प्रकृति से करीब रहना और समय ही है। इसके लिए समय पर आहार लेना जरूरी है और जीवनशैली में प्रकृति से मिले ताजे फलों का सेवन करना भी जरूरी है। यही ताजे फल हैं, जो दवा के इस्तेमाल को कम करने में मदद करते हैं। इसके अलावा, रोज कम से कम आधे घंटे प्रकृति से जुड़ना भी जरूरी है। नंगे पांव घास पर चले और पेड़ों को गले लगाएं। इससे तनाव कम होता है और शरीर मानसिक रूप से स्वस्थ महसूस करता है। तीसरा स्टेप है सुधार का चरण। इस समय आप खुद शरीर में बदलाव महसूस करेंगे। जैसे जोड़ों के दर्द में आराम मिलेगा और फल खाने से पेट से संबंधित रोगों में भी आराम मिलेगा। शरीर धीरे-धीरे खुद को हील करना शुरू कर देगा। अगर इसके बाद कभी-कभार बुखार की समस्या होती है तो दवा लेने की बजाय गर्म पानी में पैरों को भिगोकर बैठ जाए, इससे भले ही शरीर का तापमान बढ़ेगा, लेकिन बुखार ठीक होने में मदद मिलेगी। हमारा शरीर का तापमान तभी गर्म होता है, जब शरीर में बैक्टीरिया का हमला होता है। संक्रमण से लड़ने के लिए शरीर तापमान को बढ़ा देते हैं और एंटीबॉडी बनाना शुरू कर देते हैं। इसके साथ ही कोशिश करें कि रोजाना कुछ पत्ते नीम के जरूर चबाए। यह शरीर के आधे से ज्यादा रोगों को समाप्त कर देगा।
मल्लिकार्जुन खरगे के विवादित बयान पर BJP ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया..

नई दिल्ली:कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हालिया ‘सांप’ बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस बयान को कांग्रेस की हताशा और राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया। नबीन ने स्पष्ट किया कि खरगे के शब्द दरअसल गांधी परिवार के निर्देशों के तहत आ रहे हैं और वे रिमोट कंट्रोल की तरह चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बयान पूरी तरह से लोगों को सांप्रदायिक रूप से भड़काने और राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश है। नितिन नबीन ने सीधे तौर पर सोनिया गांधी और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा मर्यादा लांघती रही है और जब भी इस तरह के विवादास्पद बयान दिए जाते हैं, जनता भाजपा को मजबूत समर्थन देती है। उन्होंने दावा किया कि पहले ये शब्द सीधे गांधी परिवार से आते थे और अब मल्लिकार्जुन खरगे के माध्यम से जनता तक पहुँच रहे हैं। नबीन ने कहा कि कांग्रेस के इस तरह के बयान इतिहास में हमेशा जनता के दृष्टिकोण को प्रभावित करने में असफल रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल और केरल की आगामी विधानसभा चुनावों पर भी प्रकाश डाला। बंगाल में भाजपा के वोट शेयर में लगातार वृद्धि हुई है और पार्टी इस बार राज्य में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। केरल में उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप लगाया और कहा कि जनता इस फिक्सिंग से तंग आ चुकी है। नबीन ने कहा कि भाजपा का वोट बैंक लगातार बढ़ रहा है और लोग पार्टी को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रहे हैं। राहुल गांधी द्वारा बीजेपी और एलडीएफ के बीच ‘सेटिंग’ के आरोपों पर नबीन ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी को कमजोर ज्ञान वाला नेता करार देते हुए सवाल उठाया कि अगर सेटिंग होती, तो पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में कांग्रेस और कम्युनिस्ट गठबंधन क्यों हैं। उन्होंने सबरीमाला मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा और पूछा कि क्यों इस संवेदनशील विषय पर राहुल गांधी चुप्पी साध लेते हैं। नबीन ने स्पष्ट किया कि भाजपा का लक्ष्य ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ है और पार्टी देश में कम्युनिस्ट सिस्टम को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध है। असम चुनाव को लेकर भी भाजपा अध्यक्ष ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह निराश और हताश स्थिति में है, जबकि भाजपा पिछले प्रदर्शन से भी बेहतर परिणाम लाने के लिए तैयार है। दक्षिण भारत में सुपरस्टार और टीवीके प्रमुख विजय की राजनीति में एंट्री पर नबीन ने कहा कि राजनीति में पूर्ण समय और समर्पण जरूरी है, पार्ट-टाइम से कोई काम नहीं चलता। उन्होंने तमिलनाडु में भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन का उल्लेख करते हुए पार्टी की रणनीति का स्पष्ट संकेत दिया। नबीन ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर शब्दों की मर्यादा के साथ कड़ा रुख अपनाना भाजपा का कर्तव्य है और पार्टी जनता के विश्वास और समर्थन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसकी रणनीतियों और बयानबाजी का लक्ष्य केवल भ्रम और विवाद फैलाना है, जबकि जनता भाजपा को एक सशक्त विकल्प के रूप में देख रही है।
क्वार्टर फाइनल पहले लेग में एटलेटिको की बढ़त, बार्सिलोना पर भारी पड़े

नई दिल्ली।यूईएफए चैंपियंस लीग के क्वार्टर फाइनल के पहले लेग में Atletico Madrid ने दमदार प्रदर्शन करते हुए FC Barcelona को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिया है। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा, जिसमें शुरुआती दबदबे के बावजूद बार्सिलोना को हार का सामना करना पड़ा। बार्सिलोना की तेज शुरुआत, लेकिन गोल नहींमैच की शुरुआत में FC Barcelona ने आक्रामक खेल दिखाया और घरेलू मैदान कैंप नोउ पर दबदबा बनाया। Marcus Rashford ने शुरुआती मिनटों में दो शानदार मौके बनाए, लेकिन एटलेटिको के गोलकीपर Juan Musso ने बेहतरीन बचाव कर टीम को बढ़त लेने से रोक दिया। दूसरी ओर Julián Álvarez का प्रयास भी बार्सिलोना के गोलकीपर ने रोक दिया। ऑफसाइड ने छीना बढ़त का मौकाबार्सिलोना को एक समय लगा कि उन्हें बढ़त मिल गई है, जब Lamine Yamal ने शानदार मूव बनाते हुए राशफोर्ड के लिए मौका तैयार किया। लेकिन ऑफसाइड के चलते यह गोल रद्द कर दिया गया। इस फैसले ने मैच का रुख बदलने की शुरुआत कर दी। रेड कार्ड बना टर्निंग पॉइंटमैच का सबसे बड़ा मोड़ 42वें मिनट में आया, जब Pau Cubarsí को वीआर रिव्यू के बाद रेड कार्ड दिखाया गया। पहले रेफरी ने येलो कार्ड दिया था, लेकिन VAR के बाद इसे रेड कार्ड में बदल दिया गया। इसके बाद बार्सिलोना को 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया। एटलेटिको ने मौके का उठाया पूरा फायदाहाफटाइम से ठीक पहले Julián Álvarez ने शानदार फ्री-किक के जरिए गोल दागकर एटलेटिको को 1-0 की बढ़त दिलाई। दूसरे हाफ में भी Atletico Madrid ने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा। 70वें मिनट में Alexander Sørloth ने गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया और बार्सिलोना की वापसी की उम्मीदों को झटका दे दिया। बार्सिलोना की कोशिशें नाकाम10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही बार्सिलोना ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन एटलेटिको की मजबूत डिफेंस के सामने उनकी एक न चली। आखिरी समय तक एटलेटिको ने मैच पर पकड़ बनाए रखी और आसानी से जीत दर्ज कर ली। दूसरे लेग में मुश्किल चुनौतीइस जीत के साथ Atletico Madrid ने सेमीफाइनल की राह आसान कर ली है। वहीं FC Barcelona के सामने अब दूसरे लेग में वापसी की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। अगर बार्सिलोना को आगे बढ़ना है, तो उन्हें अगले मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करना होगा।
INDORE VANDE MATRAM ROW : ‘वंदे मातरम बोलने पर अल्लाह भेजेगा दोज़ख़’, इंदौर पार्षद रुबीना के बयान से गरमाई सियासत!

HIGHLIGHTS: रुबीना इकबाल खान का वंदे मातरम पर विवादित बयान धार्मिक आधार पर गायन से इनकार “देश की मिट्टी पर हमारा भी बराबर हक” बयान चर्चा में कांग्रेस से नाराजगी खुलकर सामने आई मुद्दे पर राजनीति और धर्म की बहस तेज INDORE VANDE MATRAM ROW : मध्यप्रदेश। इंदौर में वंदे मातरम को लेकर विवाद बढ़ गया है। बता दें कि कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कहा कि वे जनगणमन और अन्य देशभक्ति गीत गाती हैं, लेकिन वंदे मातरम के एक शब्द को नहीं बोलतीं। उनका कहना है कि इसे लेकर उन्हें दोष देने की कोशिश की जा रही है। भारत के खिलाफ टेस्ट से बाहर रह सकते हैं राशिद खान, खुद बताई बड़ी वजह केवल अल्लाह की इबादत करती हूँ? रुबीना ने कहा कि वे इस्लाम का पालन करती हैं और केवल अल्लाह की इबादत करती हैं। उन्होंने बताया कि वंदे का अर्थ इबादत और मातरम का अर्थ धरती होता है। इसलिए उनका धार्मिक विश्वास उन्हें इस गीत का पूर्ण रूप से पालन करने से रोकता है। मिट्टी पर समान अधिकार उन्होंने आगे कहा कि इस देश की मिट्टी पर उनका उतना ही अधिकार है जितना किसी और का। उनका तर्क था कि जब वे मरती हैं तो उनके अवशेष इसी मिट्टी में रहते हैं, जबकि दूसरों के अवशेष गंगा नदी में बहा दिए जाते हैं। राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर शेयर की खास रील, अब राजनीतिक भविष्य को लेकर लग रही ये नई अटकलें कांग्रेस से नाराजगी रुबीना ने यह भी कहा कि कांग्रेस उन्हें समर्थन नहीं दे रही है। उन्होंने साफ किया कि वे निर्दलीय चुनाव जीतती हैं और किसी राजनीतिक दल पर निर्भर नहीं हैं। ईरान युद्ध थमने से क्रिप्टो मार्केट में तेजी…. 3 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचे Bitcoin के रेट मंत्री सारंग का कड़ा बयान मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने वंदे मातरम को लेकर स्पष्ट कहा कि हिंदुस्तान में रहना है तो वंदे मातरम गाना ही होगा। उन्होंने कहा, “खाना यहां का और गाना कहीं और का यह नहीं चलेगा।” उनके अनुसार वंदे मातरम किसी धर्म विशेष का गीत नहीं है। सारंग ने कहा, हिंदू धर्म में मातृभूमि सबसे ऊपर है, इस्लाम धर्म में भी मातृवतन सबसे ऊपर है। जो अपने मातृवतन की इज्जत नहीं करता, उसे जीने का अधिकार नहीं है। वंदे मातरम नहीं गा सकते तो पाकिस्तान चले जाएं। बयान के बाद गरमाया माहौल! रुबीना के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। जहां एक तरफ इसे राष्ट्रभक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यह धर्म और व्यक्तिगत आस्था के अधिकार की बहस में बदल गया है।
असम केरल और पुडुचेरी में वोटिंग सीएम मोहन यादव ने मतदाताओं से की अहम अपील

भोपाल । देश में लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह एक बार फिर देखने को मिल रहा है जहां असम केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है इन तीनों राज्यों में सुबह से ही मतदाताओं में खासा उत्साह नजर आ रहा है मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लोकतंत्र के प्रति लोगों की आस्था को दर्शा रही हैं इसी बीच मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों खासकर इन राज्यों के मतदाताओं से मतदान करने की अपील की है उन्होंने अपने संदेश में पारंपरिक और प्रभावी नारे पहले मतदान फिर जलपान को दोहराते हुए लोगों को अपने मताधिकार का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पोस्ट में लिखा कि असम केरल और पुडुचेरी में आज लोकतंत्र का महापर्व है विधानसभा चुनाव 2026 के इस महत्वपूर्ण अवसर पर सभी मतदाताओं से विनम्र आग्रह है कि वे अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें उन्होंने यह भी कहा कि हर एक वोट केवल सरकार चुनने का माध्यम नहीं होता बल्कि यह विकास और सुशासन की मजबूत नींव रखने का भी आधार बनता है दरअसल इन तीनों राज्यों में चुनाव को लेकर पिछले कई दिनों से जोरदार प्रचार अभियान चल रहा था जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुटे हुए थे इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी चुनाव प्रचार में शामिल हुए जिनमें मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मौजूदगी भी उल्लेखनीय रही मतदान के दिन उनकी यह अपील खास मायने रखती है क्योंकि यह न केवल मतदाताओं को जागरूक करने का प्रयास है बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाने का संदेश भी देती है चुनाव आयोग द्वारा भी लगातार मतदाताओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में हिस्सा लें आज का दिन इन राज्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि मतदाताओं का निर्णय आने वाले वर्षों की राजनीति और विकास की दिशा तय करेगा ऐसे में हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने अधिकार के साथ अपने कर्तव्य का भी पालन करे लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब नागरिक सक्रिय रूप से इसमें भाग लें और मतदान के जरिए अपनी आवाज दर्ज कराएं यही कारण है कि पहले मतदान फिर जलपान जैसा संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है जितना पहले था यह केवल एक नारा नहीं बल्कि जागरूक नागरिक बनने की पहचान भी है
नीतीश कुमार का दिल्ली रवाना होना और राज्यसभा सदस्य के रूप में नई पारी

नई दिल्ली:पटना /बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज रहे नीतीश कुमार अब राज्य की बागडोर छोड़ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। सुशासन और विकास के लिए पहचाने जाने वाले नीतीश कुमार अब केंद्र में नई भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। उनका यह कदम न केवल बिहार बल्कि देश की राजनीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई पारी शुरू करेंगे। वह दिल्ली पहुंच चुके हैं और 10 अप्रैल को उच्च सदन में शपथ लेंगे। इसके बाद 11 अप्रैल को पटना लौटने की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल को एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार का गठन और शपथ ग्रहण होने की संभावना प्रबल है। राज्य में सत्ता समीकरण अब पूरी तरह बदलने वाला है। जेडीयू ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि बिहार में अब नेतृत्व की भूमिका भारतीय जनता पार्टी के हाथ में होगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने स्वीकार किया है कि राज्य की सत्ता अब भाजपा के प्रभुत्व में होगी। नीतीश कुमार के इस निर्णय के बाद राज्य में दो दशक तक उनके इर्द-गिर्द घूमने वाला सत्ता केंद्र बदलने वाला है। बिहार के नए मुख्यमंत्री के लिए कई नाम चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार वर्तमान उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी इस रेस में सबसे आगे हैं। उनके नाम के पीछे जातीय समीकरण और राज्य के बड़े वोट बैंक को साधने की रणनीति काम कर रही है। अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं, लेकिन अंतिम निर्णय 10 अप्रैल को दिल्ली में प्रस्तावित केंद्रीय बैठक में तय हो सकता है। दिल्ली में प्रस्तावित बैठक में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी संभव है। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर के साथ ही नई सरकार के मंत्रिमंडल के स्वरूप पर भी रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज होगी और नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 14 या 15 अप्रैल को आयोजित होने की संभावना है। भव्य शपथ ग्रहण समारोह में केंद्र और राज्य के कई दिग्गज नेताओं की उपस्थिति की संभावना है। कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री खुद भी इस ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनने पटना आ सकते हैं। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने और राज्य में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया ने बिहार की राजनीति को एक नए अध्याय की ओर धकेल दिया है।
समर्थन मूल्य पर खरीदी ने बदली तस्वीर किसानों ने जश्न में किया डांडिया स्वागत

इछावर । मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की शुरुआत ने किसानों के चेहरे पर लंबे समय बाद सच्ची मुस्कान ला दी है सीहोर जिले के चंदेरी गांव में इसका अनोखा और उत्साहपूर्ण नजारा देखने को मिला जहां किसानों ने खुशी में डांडिया नृत्य कर जश्न मनाया खेतों की मेहनत का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद ने पूरे गांव का माहौल उत्सव में बदल दिया दरअसल बीते दिनों सीहोर जिले के किसानों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था किसानों का कहना था कि उनकी फसल तैयार होने के बावजूद खरीदी में देरी हो रही थी और बाजार में उन्हें गेहूं का सही दाम नहीं मिल पा रहा था मंडियों में गेहूं 2000 से 2200 रुपए प्रति क्विंटल तक बिक रहा था जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था वहीं दूसरी ओर कर्ज का दबाव और खराब होती फसल ने उनकी चिंता और बढ़ा दी थी इस स्थिति को देखते हुए किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से जल्द खरीदी शुरू कराने की मांग की थी किसानों की मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी है अब किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है खरीदी शुरू होते ही चंदेरी गांव समेत आसपास के राम खेड़ी और अन्य गांवों के किसानों ने एकजुट होकर अपनी खुशी का इजहार किया पारंपरिक डांडिया नृत्य के माध्यम से किसानों ने न केवल जश्न मनाया बल्कि सरकार के प्रति आभार भी जताया यह दृश्य न केवल गांव के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बन गया जहां मेहनत करने वाले अन्नदाता अपनी जीत का जश्न मना रहे थे किसानों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का धन्यवाद किया उनका कहना है कि सरकार के इस कदम से उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे अपनी मेहनत का सही मूल्य प्राप्त कर सकेंगे यह पहल केवल आर्थिक राहत ही नहीं बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को भी मजबूत करने वाली साबित हो रही है लंबे समय से संघर्ष कर रहे किसानों के लिए यह फैसला उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आया है गांवों में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल है और किसान भविष्य को लेकर अब पहले से ज्यादा आश्वस्त नजर आ रहे हैं गेहूं खरीदी की यह शुरुआत प्रदेश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है जो न केवल उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगी बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा देगी इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि जब किसानों की आवाज सुनी जाती है तो उसका परिणाम खुशहाली और उत्सव के रूप में सामने आता है
अक्षर पटेल का हौसला कायम: हार से निराश नहीं, चेन्नई में करेंगे नई शुरुआत

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में दिल्ली कैपिटल्स को अपने घरेलू मैदान अरुण जेटली स्टेडियम में गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले में सिर्फ 1 रन से हार का सामना करना पड़ा। जीत के करीब पहुंचकर मुकाबला गंवाने से टीम के खिलाड़ी निराश जरूर दिखे, लेकिन कप्तान Axar Patel ने टीम को हौसला देते हुए आगे बढ़ने का संदेश दिया। हार से टूटे नहीं, कप्तान ने दिया पॉजिटिव मैसेजमैच के बाद अक्षर पटेल ने कहा कि यह टूर्नामेंट लंबा है और टीम को अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखना होगा। उन्होंने कहा,“हम सभी निराश हैं, लेकिन हमें शांत रहना होगा। यह सिर्फ एक मैच है, हम चेन्नई में फिर से शुरुआत करेंगे। उनका यह बयान साफ करता है कि टीम हार के बावजूद पॉजिटिव माइंडसेट के साथ आगे बढ़ना चाहती है। आखिरी ओवर में फिसली जीतमैच बेहद रोमांचक मोड़ पर खत्म हुआ। Gujarat Titans ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। जवाब में Delhi Capitals ने शानदार संघर्ष किया और मैच को आखिरी ओवर तक पहुंचाया। आखिरी ओवर में दिल्ली को जीत के लिए 13 रन चाहिए थे। पहली गेंद पर विप्राज निगम ने चौका जड़ दियादूसरी गेंद पर वह आउट हो गएतीसरी गेंद पर कुलदीप यादव ने सिंगल लेकर स्ट्राइक डेविड मिलर को दी इसके बाद मैच पूरी तरह रोमांचक हो गया। डेविड मिलर की पारी, लेकिन आखिरी गलती भारी David Miller ने चौथी गेंद पर शानदार छक्का लगाकर मैच दिल्ली की ओर मोड़ दिया। अब टीम को 2 गेंदों पर सिर्फ 2 रन चाहिए थे। लेकिन यहीं मैच पलट गया। मिलर ने पांचवीं गेंद पर सिंगल नहीं लिया, जिससे दबाव बढ़ गया। आखिरी गेंद पर रन लेने की कोशिश में कुलदीप यादव रन आउट हो गए। विकेटकीपर Jos Buttler की तेज़ी ने दिल्ली की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मिलर ने 20 गेंदों पर 41 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। गुजरात को मिली सीजन की पहली जीतइस जीत के साथ Gujarat Titans ने सीजन में अपना खाता खोल लिया, जबकि Delhi Capitals को इस सीजन की पहली हार झेलनी पड़ी। हालांकि दिल्ली की टीम ने जिस तरह से बड़े लक्ष्य का पीछा किया, उसने यह साबित कर दिया कि टीम में दम है और वह आगे बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। चेन्नई में नई शुरुआत का मौकादिल्ली कैपिटल्स का अगला मुकाबला अब Chennai Super Kings के खिलाफ 11 अप्रैल को खेला जाएगा। अक्षर पटेल ने साफ कर दिया है कि टीम इस हार को पीछे छोड़कर नई ऊर्जा के साथ वापसी करेगी। लंबा टूर्नामेंट, वापसी का पूरा मौकाआईपीएल जैसे लंबे टूर्नामेंट में एक हार से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। अहम बात यह है कि टीम अपनी गलतियों से सीखकर आगे बेहतर प्रदर्शन करे। दिल्ली के पास मजबूत बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों है, ऐसे में टीम जल्द ही वापसी कर सकती है।
ओटीटी पर मौजूद पांच बेहतरीन फिल्में जो रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों का मिश्रण पेश करती हैं

नई दिल्ली:फोरम पर क्रिएचर-ड्रामा और हॉरर फिल्मों का एक अनोखा खजाना मौजूद है, जो दर्शकों को रहस्य, रोमांच और अलौकिक शक्तियों की दुनिया में ले जाता है। साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन की आने वाली फिल्म ‘राका’ का फर्स्ट लुक सामने आते ही दर्शकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। पोस्टर में उनके रहस्यमयी लुक और न्यूकीले नॉक के प्रति दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ रही है। इस मशीन पर ऐसी ही पांच बेहतरीन क्रिएचर-ड्रामा फिल्मों का ज़िक्र जारी है, जिसे देखकर आप अलौकिक रोमांच का अनुभव ले सकते हैं। ‘भेड़िया’ में वरुण धवन और कृति सेनन मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म एक युवा की कहानी है, जो जंगल में हुए हमलों के बाद भेड़ जैसी शक्तियां प्राप्त कर लेती है। फिल्म में पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी छिपा है, साथ ही हॉरर और कॉमेडी का मिश्रण दर्शकों को आकर्षित करता है। अरुणाचल प्रदेश के खूबसूरत जंगल में फिल्म की शूटिंग ने इसे विजुअली शानदार बना दिया है। ‘क्रिएचआर 3डी’ में बिपाशा बसु और इमरान अब्बास हैं। यह कहानी एक हिल स्टेशन के होटल के आसपास घूमती है, जहां रहस्यमयी ब्रह्मराक्षस लोग अपना शिकार बनाते हैं। बिपाशा का किरदार उनके होटल और जीवन की रक्षा के लिए है ये खतरनाक जीव से लड़ाई। फिल्म की अवधारणा और दृश्य प्रभाव इसे क्रिएचर-नाटक प्रेमियों के लिए आकर्षक बना देते हैं। ‘थामा’ में आयुष्मान खुराना, रश्मिका मंदाना और नवाजुद्दीन सिद्दीकी हैं। यह फिल्म बेतालों की एक काल्पनिक दुनिया में ले जाती है, जहां एक किशोर से रहस्यमयी दुनिया का हिस्सा बनता है। इसमें प्रिय, क्रांतिकारी और अलौकिक शक्तियों का युद्धाभ्यास दर्ज किया गया है। दर्शकों ने इसकी कहानी और कलाकारों की सलाह को शेयर किया है। ‘काल’ फिल्म में अजय देवगन, जॉन अब्राहम और विवेक ओबेरॉय हैं। कहानी एक नेशनल पार्क में रहस्यमयी स्कूटरों के अपार्टमेंट-गिर घूमती है। शुरुआत में यह जंगली जानवरों के हमलों के रूप में दिखाई देता है, लेकिन धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे-धीरे सामने आने लगती है। फिल्म में डॉक्टर के साथ-साथ सैद्धांतिक संरक्षण का संदेश भी प्रभावी ढंग से दिया गया है। ‘जानी दुश्मन एक अनोखी कहानी’ फैंटेसी और सुपरनैचुरल फिल्म है, जिसमें सनी देओल, अक्षय कुमार और मनीषा कोइराला नजर आते हैं। पुनर्जन्म, बदलाब और अलौकिक शक्तियों के उलट-घेरे घूमते हैं, जिसमें नाग और नागिन के बीच अन्याय की कहानियां शामिल हैं। यह फिल्म क्रिएचर-ड्रामा प्रेमियों के मनोरंजन और रोमांच के लिए पूरी फिल्म पेश करती है।
भारत के खिलाफ टेस्ट से बाहर रह सकते हैं राशिद खान, खुद बताई बड़ी वजह

नई दिल्ली।अफगानिस्तान के स्टार लेग स्पिनर Rashid Khan ने भारत के खिलाफ जून में होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह इस मुकाबले से बाहर रह सकते हैं। उनकी यह बात क्रिकेट फैंस के लिए चौंकाने वाली है, खासकर तब जब वह मौजूदा समय के सबसे खतरनाक स्पिनर्स में से एक माने जाते हैं। रेड-बॉल क्रिकेट से दूरी बना सकते हैं राशिदराशिद खान ने साफ कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट (टेस्ट फॉर्मेट) उनके करियर के लिए जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने अपनी पीठ की समस्या को लेकर चिंता जताई और बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें लंबे फॉर्मेट से दूरी बनाने की सलाह दी है। राशिद ने कहा, “मैं नहीं चाहता कि मेरी पीठ में दोबारा चोट आए। मैं 100 टेस्ट मैच नहीं खेल सकता। रेड-बॉल क्रिकेट मेरे लिए थोड़ा मुश्किल है।” डॉक्टर की सलाह बनी बड़ी वजहराशिद खान ने खुलासा किया कि उनकी पीठ की सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें टेस्ट क्रिकेट कम खेलने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ एक मैच में 67 ओवर गेंदबाजी की थी, जिसे देखकर डॉक्टर भी हैरान रह गए थे। यही वजह है कि अब वह अपने वर्कलोड को लेकर ज्यादा सतर्क हैं और करियर को लंबा बनाए रखने के लिए सोच-समझकर फैसले लेना चाहते हैं। वनडे और टी20 पर रहेगा फोकसराशिद खान ने यह भी साफ कर दिया है कि उनका मुख्य फोकस अब वनडे और टी20 क्रिकेट पर रहेगा। उन्होंने कहा कि इन फॉर्मेट्स में वह ज्यादा समय तक खेल सकते हैं और टीम के लिए बेहतर योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा, “अगर साल में एक टेस्ट मैच है तो मैं खेल सकता हूं, लेकिन उससे ज्यादा खेलना मेरे लिए मुश्किल होगा।” भारत के खिलाफ टेस्ट पर संशयगौरतलब है कि भारत और अफगानिस्तान के बीच 6 से 10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में एकमात्र टेस्ट मैच खेला जाना है। ऐसे में राशिद खान की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर वह इस मैच से बाहर रहते हैं, तो यह अफगानिस्तान टीम के लिए बड़ा झटका होगा, क्योंकि वह टीम के सबसे अनुभवी और प्रभावशाली गेंदबाजों में से एक हैं। IPL 2026 में शानदार प्रदर्शनफिलहाल Gujarat Titans का हिस्सा राशिद खान IPL 2026 में शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने दिल्ली के खिलाफ मैच में बेहतरीन गेंदबाजी कर टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनका यह प्रदर्शन दिखाता है कि वह लिमिटेड ओवर फॉर्मेट में अब भी बेहद खतरनाक और असरदार खिलाड़ी हैं। करियर मैनेजमेंट को दे रहे प्राथमिकताराशिद खान का यह फैसला बताता है कि वह अपने करियर को लंबा और फिट बनाए रखने के लिए वर्कलोड मैनेजमेंट पर ध्यान दे रहे हैं। आधुनिक क्रिकेट में जहां तीनों फॉर्मेट खेलना चुनौतीपूर्ण हो गया है, वहां खिलाड़ियों को अपने शरीर और फिटनेस के हिसाब से फैसले लेने पड़ रहे हैं। राशिद खान ने पीठ की चोट और डॉक्टर की सलाह के चलते टेस्ट क्रिकेट से दूरी के संकेत दिए हैं। उनका फोकस अब वनडे और टी20 पर है, जिससे भारत के खिलाफ जून में होने वाले टेस्ट में उनका खेलना संदिग्ध हो गया है।