भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 697 अरब डॉलर पार, 9.06 अरब डॉलर की जोरदार बढ़ोतरी

नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 3 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में 9.063 अरब डॉलर बढ़कर 697.121 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। Reserve Bank of India (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है। इससे पहले के सप्ताह में भंडार में 10.288 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी। गोल्ड रिजर्व में सबसे ज्यादा बढ़ोतरीविदेशी मुद्रा भंडार में इस बार सबसे बड़ा योगदान गोल्ड रिजर्व का रहा। गोल्ड रिजर्व: 7.221 अरब डॉलर बढ़कर 120.742 अरब डॉलरफॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA): 1.784 अरब डॉलर बढ़कर 552.856 अरब डॉलर एफसीए में डॉलर के अलावा येन, यूरो और पाउंड जैसी प्रमुख वैश्विक मुद्राएं शामिल होती हैं, जिनकी वैल्यू डॉलर में आंकी जाती है। एसडीआर में हल्की बढ़त, आईएमएफ पोजीशन स्थिर आरबीआई के अनुसार,एसडीआर (Special Drawing Rights): 5.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.707 अरब डॉलरआईएमएफ में भारत की रिजर्व पोजीशन: 4.816 अरब डॉलर (कोई बदलाव नहीं)क्यों अहम होता है विदेशी मुद्रा भंडार? किसी भी देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार उसकी आर्थिक ताकत का महत्वपूर्ण संकेतक होता है। यह मुद्रा विनिमय दर को स्थिर रखने में मदद करता हैवैश्विक व्यापार को सुगम बनाता हैआर्थिक संकट के समय सुरक्षा कवच का काम करता है जब रुपये पर दबाव बढ़ता है, तो केंद्रीय बैंक इसी भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर की बिक्री कर मुद्रा को स्थिर करता है। मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेतविशेषज्ञों के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि देश में डॉलर की आवक मजबूत बनी हुई है। इससे भारत की वैश्विक व्यापार क्षमता बढ़ती है और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है। विदेशी मुद्रा भंडार में आई यह बढ़त भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है, जो न केवल वित्तीय स्थिरता को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति को भी और सुदृढ़ बनाएगी।
मध्यप्रदेश में जुए के खिलाफ सख्त एक्शन पन्ना में छापा नौ गिरफ्तार लाखों की जब्ती

पन्ना । मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है जहां अमानगंज थाना क्षेत्र में जुए के फड़ पर दबिश देकर नौ जुआरियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा बल्कि मौके से लाखों रुपये के मशरुका को भी जब्त किया जिससे इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध जुआ संचालन करने वालों में डर का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार पुलिस को लंबे समय से अमानगंज क्षेत्र में जुए के बड़े फड़ संचालित होने की सूचना मिल रही थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने पूरी योजना बनाकर टीम गठित की और देर रात छापेमार कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस की टीम जैसे ही मौके पर पहुंची वहां जुआ खेल रहे लोगों में भगदड़ मच गई लेकिन घेराबंदी पहले से ही मजबूत होने के कारण कोई भी आरोपी भाग नहीं सका और सभी को मौके पर ही दबोच लिया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कुल नौ जुआरियों को गिरफ्तार किया जिनके कब्जे से 77 हजार 580 रुपये नगद बरामद किए गए। इसके अलावा जुआ खेलने में उपयोग की जा रही 52 पत्तों की ताश की गड्डी भी जब्त की गई। पुलिस ने मौके से एक बिना नंबर की सेल्टोस कार एक स्कूटी चार मोटरसाइकिल और नौ मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिए हैं। जब्त किए गए कुल मशरुका की कीमत 14 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है जो इस पूरे नेटवर्क के बड़े स्तर पर संचालित होने की ओर इशारा करती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अवैध जुए के अड्डे न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनते हैं बल्कि समाज में अपराध को भी बढ़ावा देते हैं। जुए की लत में फंसे लोग अक्सर आर्थिक रूप से बर्बाद हो जाते हैं और कई बार आपराधिक गतिविधियों में भी शामिल हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस लगातार ऐसे ठिकानों पर नजर बनाए हुए है और सख्त कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई के बाद इलाके के लोगों ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि लंबे समय से यहां जुए के फड़ की शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बेहतर होगी और असामाजिक तत्वों पर लगाम लगेगी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा सके। साथ ही जब्त किए गए वाहनों और मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है जिससे और सुराग मिलने की उम्मीद है। पन्ना पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि जिले में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। यह कार्रवाई न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है।
खजराना में भीषण आग से मची अफरा तफरी समय रहते बचाए गए तीन बच्चे टला बड़ा हादसा

इंदौर । इंदौर में गुरुवार रात एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब खजराना थाना क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं और लपटों से घिर गया। घर में मौजूद परिवार के सदस्य किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे लेकिन तीसरी मंजिल पर तीन छोटे बच्चे फंस गए जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी और मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को समझते हुए बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। उस समय तक फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर नहीं पहुंची थी ऐसे में पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत टैंकर मंगवाया। टैंकर पर सीढ़ी लगाकर तीसरी मंजिल तक पहुंचने की कोशिश की गई। घना धुआं और अंधेरा इस काम को बेहद मुश्किल बना रहे थे लेकिन पुलिसकर्मियों ने हिम्मत नहीं हारी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर मानव श्रृंखला बनाई और बेहद जोखिम उठाते हुए सीढ़ी के सहारे तीसरी मंजिल तक पहुंचे। वहां फंसे बच्चों को एक एक कर सुरक्षित नीचे उतारा गया। इस पूरे ऑपरेशन के दौरान हर पल खतरा बना हुआ था क्योंकि आग लगातार फैल रही थी लेकिन सूझबूझ और तेजी से काम करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बच्चों के सुरक्षित बाहर आते ही मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई जो कि सबसे बड़ी राहत की बात रही। हालांकि मकान का कुछ हिस्सा आग की चपेट में आ गया लेकिन समय रहते बचाव कार्य होने से बड़ा नुकसान टल गया। बाद में फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। यह घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि पिछले महीने ही इंदौर में एक दर्दनाक हादसा हुआ था जहां एक मकान के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार में आग लगने से पूरे घर में आग फैल गई थी। उस हादसे में घर के अंदर फंसे लोग समय पर बाहर नहीं निकल सके और इलेक्ट्रॉनिक लॉक नहीं खुलने के कारण आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। उस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। ताजा घटना में जिस तरह पुलिस ने तत्परता दिखाई और बिना किसी संसाधन के तत्काल निर्णय लेकर बच्चों की जान बचाई वह सराहनीय है। यह घटना न केवल आपात स्थिति में सूझबूझ की अहमियत को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि समय पर लिया गया निर्णय कितनी बड़ी त्रासदी को टाल सकता है।
INDORE VANDE MATRAM ROW : वंदे मातरम विवाद पर इंदौर में सियासी घमासान बीजेपी का 85 वार्डों में विरोध

INDORE VANDE MATRAM ROW : इंदौर । इंदौर में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। नगर निगम के बजट सत्र में कुछ पार्षदों द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार के बाद यह मामला अब सड़कों तक पहुंच गया है और शहर के लगभग सभी वार्डों में विरोध प्रदर्शन और कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए है और लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है। शहर के अलग अलग इलाकों में बीजेपी कार्यकर्ता एकत्र होकर वंदे मातरम का सामूहिक गायन कर रहे हैं और विरोध स्वरूप पुतला दहन भी किया जा रहा है। नवलखा चौराहे पर एमआईसी सदस्य मनीष शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए विवादित पार्षदों के खिलाफ नाराजगी जताई। इसी तरह अन्य प्रमुख स्थानों पर भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता जुटे और राष्ट्रगीत के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किए गए। वार्ड क्रमांक 7 में आयोजित कार्यक्रम में महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी शामिल हुए। उन्होंने मंच से वंदे मातरम गाकर संदेश देने की कोशिश की और कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना भारतीय संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के अधिकांश मुसलमान राष्ट्र और राष्ट्रगीत का सम्मान करते हैं और समाज को बांटने वाली मानसिकता को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब नगर निगम के बजट सत्र के दौरान कांग्रेस की कुछ महिला पार्षदों ने वंदे मातरम गाने से इनकार किया। इसके बाद से ही बीजेपी इस मुद्दे को लेकर लगातार विरोध दर्ज करा रही है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रगीत का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है और इस तरह का विरोध स्वीकार्य नहीं है। वहीं कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर संयमित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है लेकिन राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले को लेकर तीखी टिप्पणियां की हैं जिससे विवाद और गहराता नजर आ रहा है। इस बीच शहर में आयोजित कार्यक्रमों के जरिए बीजेपी इस मुद्दे को जनभावनाओं से जोड़ने की कोशिश कर रही है। सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रगीत के सामूहिक गायन के जरिए पार्टी ने इसे एक बड़े अभियान का रूप दे दिया है। फिलहाल इंदौर में यह मुद्दा केवल एक विवाद तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह सियासी टकराव का बड़ा कारण बन चुका है। आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर और भी तीखे बयान और राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं जिससे शहर का माहौल और गर्माने की संभावना है।
MP CONGRESS PROTEST : किसानों के समर्थन में प्रदर्शन पड़ा भारी शाजापुर में कांग्रेस नेताओं पर केस दर्ज

MP CONGRESS PROTEST : शाजापुर । शाजापुर में किसानों के समर्थन में कांग्रेस द्वारा किए गए कलेक्ट्रेट कार्यालय घेराव का मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए 12 कांग्रेस नेताओं को नामजद करते हुए करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कांग्रेस ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे थे। इस दौरान प्रदर्शन उग्र हो गया और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश कर गए। प्रशासनिक व्यवस्था को चुनौती देने वाले इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने बाद में पूरे मामले की जांच कर कानूनी कार्रवाई की। लालघाटी थाना पुलिस ने जिन नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है उनमें कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, कालापीपल के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, सीताराम पवैया, यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष जयंत रामवीर सिंह सिकरवार, किसान कांग्रेस के अध्यक्ष कमल चौधरी और पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष इरशाद खान सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस नेताओं ने खुलकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है और किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों का गेहूं समय पर नहीं खरीद पा रही है और जब कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाती है तो उसके कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। कुणाल चौधरी ने तीखे शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन है। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए कहा कि कांग्रेस न तो अंग्रेजों से डरी थी और न ही अब किसी दबाव में आएगी। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसानों के हक की लड़ाई लड़ने के लिए जेल जाना पड़े तो कांग्रेस कार्यकर्ता पीछे नहीं हटेंगे। कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि सरकार स्पष्ट करे कि किसानों का गेहूं कब खरीदा जाएगा और किसानों पर हो रही वसूली कब बंद होगी। उन्होंने कर्ज माफी और फसल भुगतान जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। इस पूरे मामले के बाद शाजापुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर प्रशासन कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कर रहा है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे किसानों की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
groom crushed by pickup: महेश्वर में बारात में दर्दनाक हादसा: पिकअप ने नाचते लोगों को कुचला, दूल्हे समेत 25 घायल

groom crushed by pickup: महेश्वर। मध्यप्रदेश के महेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम गुर्जर मोहना में शुक्रवार को एक शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बारात में नाच रहे लोगों के बीच घुसी एक पिकअप वाहन ने करीब 25 बारातियों को घायल कर दिया। हादसे में दूल्हे समेत कई लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दूल्हे की बहन की हालत नाजुक बनी हुई है। बारात के बीच अचानक बेकाबू हुआ वाहन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूल्हा राकेश डाबर की बारात सजनीपुरा से बड़ीपुरा जा रही थी। इसी दौरान पीछे चल रही पिकअप का चालक नियंत्रण खो बैठा और उसका पैर एक्सीलेटर पर दब गया। इसके बाद वाहन तेजी से आगे बढ़ा और नाच रहे बारातियों के बीच जा घुसा। 100 मीटर तक घसीटता ले गया, फिर पलटा अनियंत्रित पिकअप करीब 100 मीटर तक लोगों को घसीटते हुए ले गया। इसके बाद वाहन एक नीम के पेड़ से टकराकर पलट गया। हादसे में आसपास खड़ी कई मोटरसाइकिलें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कई घायलों के हाथ-पैर टूटे घटना में घायल 20 से 25 लोगों में से कई के हाथ-पैर फ्रैक्चर हो गए हैं। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। दूल्हे की बहन की हालत गंभीर हादसे में दूल्हे को भी चोटें आई हैं, लेकिन उनकी बहन की हालत सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए खरगोन जिला अस्पताल रेफर किया गया है। प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहुंचे अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक राजकुमार मेव अस्पताल पहुंचे और घायलों का हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गंभीर घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। पुलिस ने शुरू की जांच थाना प्रभारी जगदीश गोयल के मुताबिक पिकअप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है, जिसमें चालक की लापरवाही या वाहन की तकनीकी खराबी दोनों पहलुओं को देखा जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
MP NEWS : ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा टला: नाव पलटने से 10 श्रद्धालु डूबे, समय रहते सभी को बचाया गया

MP NEWS : खंडवा । मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में शुक्रवार को नर्मदा नदी में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। झारखंड से आए श्रद्धालुओं से भरी एक नाव पलट गई, जिससे उसमें सवार 10 लोग डूब गए। हालांकि, समय रहते रेस्क्यू कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इनमें से दो श्रद्धालुओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। नौका विहार के दौरान हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, झारखंड के रांची से करीब 52 श्रद्धालुओं का समूह ओंकारेश्वर दर्शन के लिए पहुंचा था। दोपहर के समय सभी लोग अलग-अलग नावों में बैठकर नर्मदा नदी में नौका विहार कर रहे थे। इसी दौरान एक नाव में सवार 10 लोग ब्रह्मपुरी घाट से संगम घाट की ओर जा रहे थे। ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा टला: नाव पलटने से 10 श्रद्धालु डूबे, समय रहते सभी को बचाया गया चट्टान से टकराने के बाद पलटी नाव नवीन घाट के पास नाव अचानक एक चट्टान से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि लकड़ी की नाव का एक हिस्सा टूट गया और उसमें पानी भरने लगा। कुछ ही पलों में नाव असंतुलित होकर पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी लोग नदी में गिर गए। होमगार्ड की तत्परता से बची जानें घटना के समय मौके पर मौजूद होमगार्ड जवानों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और सभी 10 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। आठ लोगों की हालत सामान्य है, जबकि दो श्रद्धालुओं ने ज्यादा पानी निगल लिया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। गंभीर घायलों को अस्पताल में भर्ती दोनों गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सनावद भेजा गया है। चिकित्सकों के अनुसार उनके फेफड़ों में पानी चला गया है, जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस कर रही जांच खंडवा पुलिस के अनुसार, हादसे में शामिल लोगों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल घटना के कारणों की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
JITU PATWARI SATEMENT : किसानों के मुद्दे पर गरजे जीतू पटवारी शिवराज और बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

JITU PATWARI SATEMENT : भोपाल । भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने किसानों की स्थिति और राज्य की कृषि नीतियों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उनके बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ लगातार धोखा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने कृषि आय को बढ़ाने के बड़े बड़े दावे किए लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति अलग ही नजर आती है। उन्होंने कहा कि बार बार किए गए वादों के बावजूद किसानों की आमदनी में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में किसानों को अपनी उपज बेचने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा है। कई बार फसल खुले में पड़ी रह गई और समय पर खरीद नहीं हो सकी। इसके कारण किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। पटवारी ने आरोप लगाया कि नीतियों की खामियों का फायदा कुछ चुनिंदा व्यापारियों को मिला है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने खाद और उर्वरक की समस्या को भी प्रमुख मुद्दा बनाया। उन्होंने कहा कि यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी चीजों की उपलब्धता को लेकर लगातार संकट की स्थिति बनी रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के दावे किए जाते रहे हैं लेकिन वास्तविकता इससे अलग रही है। पटवारी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफर और पोस्टिंग को लेकर सिस्टम में पारदर्शिता की कमी है और कई निर्णयों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार को लेकर जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है कांग्रेस अध्यक्ष ने वल्लभ भवन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वहां पर फैसलों में अनियमितताओं की बात सामने आती रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी कमजोरी बताया। इसके अलावा उन्होंने मुरैना और इंदौर से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक स्तर पर कई मुद्दों को अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और संस्कृति के मुद्दों पर किसी को भी किसी प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है और हर दल को अपनी प्राथमिकता तय करने का अधिकार है। जीतू पटवारी ने अंत में कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने घोषणा की कि वह किसानों के मुद्दों को लेकर आगे भी आंदोलनात्मक रुख अपनाएंगे और जरूरत पड़ी तो विरोध स्वरूप उपवास भी करेंगे। इस बयान के बाद मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सत्तापक्ष की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।
Fake Tantrik : आयुर्वेदिक दवाओं के बहाने तांत्रिक बनकर लाखों की ठगी पुलिस जांच में जुटी

Fake Tantrik : जबलपुर । जबलपुर जिले में ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहां शातिर ठगों ने खुद को तांत्रिक बताकर एक युवक से बड़ी रकम ऐंठ ली। यह पूरा मामला पारिवारिक समस्याओं के समाधान के नाम पर की गई धोखाधड़ी से जुड़ा है। पीड़ित चंद्रकांत सोनी सिवनी घंसौर क्षेत्र के निवासी हैं जिनके साथ यह वारदात हुई। जानकारी के अनुसार दो जालसाजों ने खुद को तांत्रिक बताकर युवक को यह विश्वास दिलाया कि उसकी पारिवारिक समस्याओं का समाधान विशेष आयुर्वेदिक दवाओं और अनुष्ठानों से संभव है। इसी झांसे में लेकर उन्होंने अलग अलग जगहों से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर किया। ठगों ने योजना बनाकर दवा दुकानों से सीधे बड़ी मात्रा में आयुर्वेदिक उत्पाद मंगवाए और भुगतान पीड़ित से कराया। दमोह नाका स्थित एक आयुर्वेदिक दवा दुकान से लगभग 5 लाख 25 हजार रुपये की दवाएं खरीदी गईं। इसके बाद नागपुर स्थित एक अन्य दवा दुकान से लगभग साढ़े 12 लाख रुपये की दवाएं मंगवाई गईं। इस तरह कुल रकम साढ़े 17 लाख रुपये तक पहुंच गई। ठगों ने यहां तक दावा किया कि यदि इन दवाओं का उपयोग और अनुष्ठान विधिवत किया जाए तो पारिवारिक समस्याएं समाप्त हो जाएंगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा। इसी विश्वास के आधार पर पीड़ित लगातार उनके जाल में फंसता गया। मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रयागराज से भी दवाएं मंगवाने की बात कही गई। इसी दौरान पीड़ित को संदेह हुआ और उसे महसूस हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी की जा रही है। शक गहराने पर उसने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह एक सुनियोजित ठगी का मामला है जिसमें तांत्रिक बनकर लोगों को मानसिक रूप से प्रभावित किया गया। पुलिस अब दवा दुकानों से जुड़े लेनदेन और आरोपियों के बैंकिंग रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस तरह के फर्जी तांत्रिकों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं।
OUTSOURCE STAFF PROTEST : आधा वेतन मिलने पर विरोध; शिवपुरी में आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदर्शन

HIGHLIGHTS: 400 आउटसोर्स कर्मचारियों ने काम बंद किया आधे वेतन मिलने का लगाया आरोप कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा पीएफ और बीमा सुविधाओं की मांग प्रशासन ने समाधान का आश्वासन दिया OUTSOURCE STAFF PROTEST : शिवपुरी। जिले में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत लगभग 400 आउटसोर्स कर्मचारियों ने कम वेतन मिलने के विरोध में काम बंद कर दिया। शुक्रवार को सभी कर्मचारी जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित वेतन का केवल आधा ही भुगतान किया जा रहा है। MP IAS transfer : मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, 14 जिलों में बदले कलेक्टर आधा वेतन मिलने का आरोप कर्मचारियों ने बताया कि वे उप स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं। उन्हें प्रति माह केवल 7,000 रुपये वेतन दिया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा कंपनी को लगभग 14,250 रुपये प्रतिमाह का भुगतान किया जा रहा है। जिसपर कर्मचारियों का कहना है कि यह उनके साथ सीधा अन्याय है। Madhya Pradesh Congress : एमपी कांग्रेस में जिलाध्यक्षों की बड़ी परीक्षा: 15 अप्रैल से परफॉर्मेंस रिव्यू, कमजोर पाए गए तो हो सकती है छुट्टी सुविधाओं के अभाव से बढ़ी परेशानी कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें भविष्य निधि और कर्मचारी राज्य बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। अन्य जिलों में कर्मचारियों को पूरा वेतन और सुविधाएं मिल रही हैं, जबकि शिवपुरी में उन्हें इससे वंचित रखा जा रहा है, जिससे आर्थिक समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। Dewas crime news : डॉक्टर ने जताया जान का खतरा, पुलिस से मांगी सुरक्षा, आरोपी सलाखों के पीछे! प्रशासन ने समाधान का दिया आश्वासन जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने बताया कि विभाग द्वारा आउटसोर्स कंपनी को पूरा भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा बिना सूचना के काम बंद किया गया है, लेकिन कंपनी से चर्चा कर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।