शनि देव का परिचय, क्यों माना जाता है इन्हें न्यायप्रिय ग्रह और देवता

नई दिल्ली। शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा की जाता है। कहा जाता है कि, जो जातक उनका व्रत करते है उनके घर पर उनकी कृपा बनी रहती है उनकी क्रोधित दृष्टि ऊपर नहीं पड़ती। शनिदेव एक ऐसे देव हैं, जो लोगों को उसके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि एक ऐसे ग्रह हैं, जो हर व्यक्ति के जीवन में कभी न कभी जरूर आते हैं। वह साढ़ेसाती और ढैय्या के रूप में आकर लोगों को उनके फल देते हैं। कौन हैं शनिदेव?सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं शनिदेव। उनके भाई यमराज (मृत्यु के देवता) और बहन यमुना हैं। भगवान शिव के आशीर्वाद से शनिदेव को ग्रहों में स्थान मिला और उनको न्याय का देवता कहा गया। वे न्याय प्रिय हैं। वे लोगों के साथ हमेशा न्याय करते हैं। शनिदेव का वर्ण काला या गहरा नीला बताया जाता है। वे काले वस्त्र धारण करते हैं और उनके हाथ में धनुष, त्रिशूल या गदा होती है। उनका वाहन कौआ (काला कौवा) है। उनका गंभीर और कठोर स्वरूप उनके न्यायप्रिय स्वभाव को दर्शाता है। शनिदेव को न्याय का देवता क्यों कहते हैं?कथा के अनुसार, शनिदेव का जन्म हुआ तो वे काले रंग के थे।सूर्यदेव ने जब शनिदेव को देखा तो खुश नहीं हुए.।उनके मन में यह शंका हुई कि उनका रंग गोरा है तो उनका पुत्र काला कैसे हो गया? इस वजह से वे शनिदेव की माता छाया के चरित्र पर शक करने लगे। इससे छाया काफी दुखी हुईं और सूर्य देव को श्राप दे दिया। जब शनिदेव को इस बात का पता चला तो वे अपने पिता पर क्रोधित हो गए। उन्होंने भगवान शिव की कठोर तपस्या कि ताकि वे अपने पिता को माता के प्रति गलत व्यवहार के लिए दंडित कर सकें।भगवान शिव जब प्रसन्न हुए तो उन्होंने शनिदेव को नक्षत्र मंडल में स्थान देकर दंडाधिकारी बना दिया। शिव भगवान की कृपा मिलने से शनिदेव कर्मफलदाता बन गए।उन्हें नवग्रह में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. चाहें देव हों, मनुष्य, राक्षस, गंधर्व, किन्नर, सभी को शनिदेव की दृष्टि का सामना करना पड़ता है।उनको कर्मों के अनुसार फल भुगतना पड़ता है।
मियांपुर का नाम बदलकर रविंद्र नगर किए जाने की घोषणा से प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में आयोजित एक बड़े प्रशासनिक और विकास कार्यक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए विकास परियोजनाओं और जनकल्याण योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर जिले में चल रही विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। कार्यक्रम के दौरान सबसे प्रमुख पहल थारू जनजाति के सशक्तिकरण से जुड़ी रही, जिसमें हजारों परिवारों को भूमि का मालिकाना अधिकार प्रदान किया गया। इस कदम से उन परिवारों को कानूनी सुरक्षा और स्थायी आवास का अधिकार मिला है, जो लंबे समय से भूमि संबंधी अनिश्चितता का सामना कर रहे थे। इस प्रक्रिया के तहत हजारों हेक्टेयर भूमि का आवंटन किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा मिलने की बात कही जा रही है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक तक उसका अधिकार पहुंचाना और समाज के हर वर्ग को समान अवसर देना है। उन्होंने यह भी कहा कि विकास की प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा रहा है और सभी योजनाएं पारदर्शिता के साथ लागू की जा रही हैं। इसी कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए घोषणा की गई कि मियांपुर गांव का नाम बदलकर अब रविंद्र नगर रखा जाएगा। यह निर्णय क्षेत्रीय पहचान और सामाजिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर एक नई पहचान स्थापित करना बताया गया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि राज्य में विकास कार्यों को गति देने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं और हर जिले को समान रूप से आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर लाभार्थियों को भूमि अधिकार पत्र सौंपे जाने के बाद ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखा गया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि सरकार का फोकस अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास पहुंचाने पर है। उन्होंने बताया कि अब योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंच रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों में सुधार हुआ है। इस घोषणा के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि नाम परिवर्तन और भूमि अधिकार जैसे फैसले सामाजिक और स्थानीय पहचान पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
Shaniwar Mantra: आज शनिवार के दिन करें शनि देव के इन खास मंत्रों का जाप, पूरी होगी मनोकामना

नई दिल्ली। आज शनिवार के दिन आपको शनि देव की पूजा अर्चना करनी चाहिए। उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उनका व्रत भी रखना चाहिए। ऐसा करने से उनकी कृपा आप पर बनी रहती है आपके घर परिवार पर कोई भी पूरी शक्ति हावी नहीं होती है सकारात्मक बनी रहती है जिससे आपका कल्याण होता है। घर पर सुख समृद्धि और तरक्की आती है। आज के दिन आपको शनिदेव के कुछ चमत्कारी मंत्रों का भी जाप करना चाहिए ऐसा करने से शनि देव आपसे प्रसन्न होते हैं। पूजा विधिशनि देव की पूजा अर्चना करने के लिए आपको सुबह जल्दी उठना चाहिए। शनि मंदिर जाकर आप शनि भगवान के दर्शन करें और उनका व्रत रखने का संकल्प लें। अगर आपकी कुंडली में शनि दोष है तो आज पूजा के दौरान आप काला वस्त्र ही पहनें। क्योंकि कल वस्त्र शनिदेव को बहुत प्रिय है इसीलिए आप ये धारण करें। इसके बाद आप शनि देव की पूजा अर्चना के दौरान उन्हें सरसों का तेल काली तिल चढ़ा सकते हैं इससे भगवान जल्दी प्रसन्न होते हैं। इन मंत्रों का करें जाप ॐ शं शनिश्चराय नम: ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम । उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात । ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः। ऊँ शं शनैश्चराय नमः शनि महामंत्र – ॐ निलान्जन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम॥ शनि दोष निवारण मंत्र – ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम। उर्वारुक मिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात।। शनि का पौराणिक मंत्र – ऊँ ह्रिं नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम। छाया मार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्।। शनि का वैदिक मंत्र – ऊँ शन्नोदेवीर-भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः। शनि गायत्री मंत्र – ऊँ भगभवाय विद्महैं मृत्युरुपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोद्यात्। ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।शंयोरभिश्रवन्तु नः इस प्रकार करें शनि देव को प्रसन्नशनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन आपको शनि देव के मंदिर जाना चाहिए। उनकी पूजा अर्चना करते समय आपको सरसों का तेल काला तिल उन्हें जरूर अर्पित करना चाहिए। आज के दिन आपको काला वस्त्र धारण करना चाहिए क्योंकि काला वस्त्र शनिदेव को बहुत प्रिय है।
महाकुंभ से रातों-रात फेमस हुई मोनालिसा भोसल, अब शादी के बाद नई जिंदगी की शुरुआत

नई दिल्ली। महाकुंभ मेले से रातों-रात सोशल मीडिया पर वायरल हुईं मोनालिसा भोसलें एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी सादगी, मासूम मुस्कान और अलग अंदाज के कारण लोगों के बीच “महाकुंभ की मोनालिसा” के नाम से मशहूर हुईं मोनालिसा की जिंदगी अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। हाल ही में उनकी शादी और उससे जुड़े विवादों ने उन्हें फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। महाकुंभ से मिली अचानक पहचानमहाकुंभ मेले के दौरान मोनालिसा भोसलें की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। बिना किसी ग्लैमरस बैकग्राउंड के उनकी सादगी ने लोगों का ध्यान खींचा और वह देखते ही देखते इंटरनेट सेंसेशन बन गईं। लोगों ने उन्हें “महाकुंभ की मोनालिसा” नाम दिया और उनकी नैचुरल ब्यूटी, आत्मविश्वास और सरल व्यक्तित्व की खूब सराहना की। कम समय में ही उनकी फैन फॉलोइंग तेजी से बढ़ गई। सोशल मीडिया से फिल्मी दुनिया तक का सफरवायरल होने के बाद मोनालिसा को फिल्मी दुनिया से भी मौके मिलने लगे। बताया जा रहा है कि उन्होंने फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की है। हालांकि फिल्म की रिलीज डेट को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन उनके फैंस इसे लेकर काफी उत्साहित हैं। शादी के बाद बदलते हालातरिपोर्ट्स के मुताबिक, मोनालिसा ने फरमान खान से शादी की है, जिसके बाद उनकी निजी जिंदगी में कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह शादी अंतरधार्मिक थी, जिसके कारण परिवार में असहमति की स्थिति भी बनी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस शादी को लेकर सुरक्षा चिंताओं के चलते जोड़े ने पुलिस की मदद ली थी। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। कानूनी विवाद की चर्चाकुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस मामले में मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में प्राथमिकी दर्ज होने और जांच के दौरान कुछ नए तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। हालांकि यह मामला अभी जांच के दायरे में है और इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर फिर बनी चर्चा का विषयइन खबरों के बीच मोनालिसा एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही हैं। लोग उनकी पुरानी वायरल तस्वीरों से लेकर निजी जिंदगी तक पर चर्चा कर रहे हैं। कुछ लोग इसे अचानक मिली प्रसिद्धि का असर बता रहे हैं, तो कुछ इसे सोशल मीडिया फेम की जटिलता मान रहे हैं। आगे क्या?फिलहाल मोनालिसा की जिंदगी एक ऐसे मोड़ पर है जहां एक तरफ फिल्मी करियर की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर निजी जीवन से जुड़े विवाद और चर्चाएं भी बनी हुई हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि वह अपने करियर और निजी जीवन को किस तरह आगे बढ़ाती हैं।
बंगाल चुनाव में भाजपा का बड़ा दांव, महिलाओं को ₹3000 मासिक सहायता और 33 प्रतिशत आरक्षण का वादा

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है, जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणापत्र को ‘संकल्प पत्र’ नाम दिया गया है, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कोलकाता में जारी किया। पार्टी ने इसे राज्य के विकास और बदलाव का रोडमैप बताते हुए कई बड़े वादों की घोषणा की है। इस घोषणापत्र में सबसे अधिक फोकस महिलाओं, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों पर किया गया है। महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता योजना के तहत हर पात्र महिला को प्रतिमाह तीन हजार रुपये सीधे बैंक खाते में देने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही महिलाओं को सरकारी नौकरियों में तैंतीस प्रतिशत आरक्षण देने का भी वादा किया गया है, जिससे उनकी भागीदारी को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। युवाओं के लिए भी घोषणापत्र में बड़े वादे किए गए हैं। बेरोजगार युवाओं को प्रतिमाह तीन हजार रुपये का भत्ता देने की बात कही गई है, साथ ही आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का दावा किया गया है। इसके जरिए राज्य में रोजगार संकट को कम करने की रणनीति प्रस्तुत की गई है। शिक्षा के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। लड़कियों के लिए केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा की बात कही गई है, जिससे शिक्षा को अधिक सुलभ और समावेशी बनाया जा सके। पार्टी का कहना है कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी बड़ा वादा किया गया है, जिसके तहत सरकार बनने के बाद पैंतालीस दिनों के भीतर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और बकाया महंगाई भत्ते का भुगतान सुनिश्चित करने की बात कही गई है। इस घोषणा को कर्मचारियों को साधने की एक बड़ी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा राज्य में समान नागरिक संहिता को लेकर भी बड़ा ऐलान किया गया है। पार्टी ने कहा है कि यदि उन्हें सत्ता मिलती है तो छह महीने के भीतर समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इस घोषणा ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। घोषणापत्र में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता दी गई है। पार्टी ने दावा किया है कि राज्य की सीमाओं को अधिक मजबूत बनाया जाएगा और अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भ्रष्टाचार के मामलों की जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाने का वादा किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घोषणापत्र चुनावी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें विभिन्न वर्गों को सीधे आर्थिक और सामाजिक लाभ का आश्वासन देकर समर्थन हासिल करने की कोशिश की गई है। वहीं सत्तारूढ़ दल की ओर से इन वादों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है
इंस्टाग्राम में बड़ा अपडेट! अब पोस्ट के बाद भी एडिट होंगे कमेंट, जानिए नया फीचर कैसे करेगा काम

नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और बेहद उपयोगी फीचर लॉन्च किया है। अब यूजर्स किसी भी पोस्ट पर किए गए कमेंट को पोस्ट करने के बाद भी एडिट कर सकेंगे। इस फीचर का मकसद यूजर एक्सपीरियंस को आसान और बेहतर बनाना है। 15 मिनट में कर सकेंगे बदलावInstagram के इस नए अपडेट के तहत यूजर्स को कमेंट एडिट करने के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा। इस दौरान वे अपनी गलती सुधार सकते हैं या अपनी बात को बदल सकते हैं। खास बात यह है कि इस समय सीमा के भीतर कमेंट को कई बार एडिट किया जा सकता है। पहले क्या थी परेशानी?पहले अगर कोई यूजर कमेंट में गलती कर देता था, तो उसे पूरा कमेंट डिलीट करके दोबारा लिखना पड़ता था। यह प्रक्रिया थोड़ी झंझट भरी थी, लेकिन अब नए फीचर के आने के बाद यह समस्या खत्म हो गई है। ऐसे करें कमेंट एडिटInstagram पर कमेंट एडिट करना बहुत आसान है। इसके लिए यूजर को अपने कमेंट को कुछ देर दबाकर रखना होगा। इसके बाद “Edit” ऑप्शन पर टैप करके वह कमेंट में बदलाव कर सकता है। एडिट किए गए कमेंट के नीचे “Edited” लिखा दिखाई देगा, जिससे यह पता चलता है कि उसमें बदलाव किया गया है। क्या नहीं कर सकते एडिट?इस फीचर के तहत यूजर्स सिर्फ टेक्स्ट को ही एडिट कर सकते हैं। अगर कमेंट में कोई फोटो या अन्य मीडिया जुड़ा है, तो उसे बदला नहीं जा सकेगा। WhatsApp में पहले से मौजूद सुविधाWhatsApp पर यह फीचर पहले से उपलब्ध है, जहां यूजर्स 15 मिनट के अंदर अपने भेजे गए मैसेज को एडिट कर सकते हैं। सेफ्टी फीचर्स पर भी फोकसInstagram की पैरेंट कंपनी Meta ने हाल ही में युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए फीचर्स भी लॉन्च किए हैं। इसमें Teen Accounts जैसे फीचर्स शामिल हैं, जो कम उम्र के यूजर्स के लिए कंटेंट को फिल्टर करते हैं और पैरेंट्स को कंट्रोल देते हैं। Instagram का यह नया फीचर यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। अब छोटी-छोटी गलतियों के लिए कमेंट डिलीट करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और यूजर्स को अपने कंटेंट पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा।
कार टक्कर विवाद से भड़की हिंसा अनूपपुर में महिला के साथ बदसलूकी पर प्रदर्शन

अनूपपुर । अनूपपुर जिले में शुक्रवार रात एक रेस्टोरेंट संचालिका के साथ हुई मारपीट और कथित छेड़छाड़ की घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। यह पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है जहां घटना के बाद स्थानीय लोगों और महिला समर्थकों में भारी आक्रोश देखा गया। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है लेकिन कार्रवाई से असंतुष्ट भीड़ ने शनिवार को थाने का घेराव कर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। पुलिस के अनुसार यह घटना शुक्रवार की रात करीब साढ़े सात बजे की है। निरंजन शुक्ला अपनी कार से रेस्टोरेंट के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी गाड़ी बाहर खड़ी कुछ बाइकों से टकरा गई। इसी बात को लेकर रेस्टोरेंट संचालक दीपक पटेल और निरंजन शुक्ला के बीच कहासुनी शुरू हो गई। बहस धीरे धीरे झगड़े में बदल गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इसी दौरान दीपक पटेल की पत्नी और रेस्टोरेंट संचालिका पिंकी पटेल बीच बचाव करने के लिए आगे आईं। लेकिन आरोप है कि इस दौरान स्थिति और बिगड़ गई। महिला का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा गया। साथ ही उनके साथ गलत हरकत करने की भी बात कही गई है। घटना की जानकारी फैलते ही शनिवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग कोतवाली थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि हिरासत में लिए गए सभी आरोपियों को उनके सामने लाया जाए और कड़ी कार्रवाई की जाए। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब भीड़ थाने के भीतर तक पहुंच गई और नारेबाजी करने लगी। पुलिस ने हालात को संभालने के लिए समझाइश देने का प्रयास किया। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और मामले में विधि अनुसार कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी के अनुसार यह मामला गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है जिसमें मारपीट और छेड़छाड़ जैसी धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने दो नामजद और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। साथ ही पीड़ित महिला के बयान दर्ज कराए जा रहे हैं जिन्हें आगे न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं इलाके में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और निगरानी रखी जा रही है। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में आक्रोश बना हुआ है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
आयुर्वेदिक औषधि लघु सूतशेखर रस: पाचन और पित्त संतुलन में कारगर उपाय

नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और तनाव के बीच पेट से जुड़ी समस्याएं आज आम हो गई हैं। इसी बीच आयुर्वेद में बताए गए पारंपरिक उपचारों में लघु सूतशेखर रस को पित्त दोष और एसिडिटी जैसी समस्याओं के लिए बेहद उपयोगी माना जाता है। क्या है लघु सूतशेखर रस?लघु सूतशेखर रस आयुर्वेद की एक प्रसिद्ध औषधि है, जिसे कई जड़ी-बूटियों और खनिज तत्वों के संयोजन से तैयार किया जाता है। इसमें पारद, गंधक, कपूर, दालचीनी, इलायची, नागकेसर, सौंठ और पान के पत्तों के रस जैसे घटक शामिल होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार यह औषधि मुख्य रूप से शरीर में बढ़े हुए पित्त को संतुलित करने का काम करती है। पित्त दोष और पेट की समस्याओं में लाभआयुर्वेद में पित्त दोष बढ़ने को कई बीमारियों का कारण माना जाता है। लघु सूतशेखर रस के सेवन से कई समस्याओं में राहत मिल सकती है, जैसे— एसिडिटी और पेट की जलनगैस और अपचउल्टी और मतलीसिरदर्द और माइग्रेनपेट में अत्यधिक अम्ल बनने की समस्यायह औषधि पाचन तंत्र को संतुलित करने में मदद करती है और पेट की कार्यप्रणाली को सुधारती है। जीवनशैली में बदलाव भी जरूरीविशेषज्ञों के अनुसार केवल दवा ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार भी बेहद जरूरी है— अत्यधिक मसालेदार और तैलीय भोजन से बचेंखाली पेट चाय और कॉफी का सेवन न करेंदेर रात खाना खाने की आदत छोड़ेंसमय पर भोजन और पर्याप्त नींद लेंये बदलाव पेट की समस्याओं को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं। सावधानी जरूरीआयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि यह औषधि केवल चिकित्सक की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए। गर्भवती महिलाएं, बच्चे और गंभीर रोगी बिना परामर्श के इसका सेवन न करें। लघु सूतशेखर रस एक आयुर्वेदिक औषधि है जो पित्त दोष, एसिडिटी और पेट की जलन में राहत देती है, लेकिन इसका उपयोग डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
जबलपुर में बड़ी कार्रवाई: 5 अस्पताल और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त, इलाज पर लगी रोक

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने निजी चिकित्सा संस्थानों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 अस्पतालों और 121 क्लीनिकों का पंजीयन निरस्त कर दिया है। इस फैसले के बाद इन सभी संस्थानों को अब मरीजों के उपचार और भर्ती की अनुमति नहीं होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। समय सीमा खत्म, फिर भी नहीं कराया नवीनीकरणस्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सभी निजी अस्पतालों और क्लीनिकों को 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच पंजीयन का नवीनीकरण कराना अनिवार्य था। इसके बाद भी कई संस्थानों ने 1 अप्रैल 2026 की अंतिम तिथि तक आवेदन नहीं किया। इसी लापरवाही के चलते यह सख्त कार्रवाई की गई। 1 अप्रैल से सभी संस्थान अवैध घोषितमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत कोठारी के आदेश के बाद इन सभी अस्पतालों और क्लीनिकों को 1 अप्रैल से अवैध घोषित कर दिया गया है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि बिना वैध पंजीयन किसी भी तरह का इलाज या भर्ती पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किन अस्पतालों पर गिरी गाजजिन प्रमुख अस्पतालों पर कार्रवाई हुई है उनमें शामिल हैं- एस.सी. गुप्ता मेमोरियल हॉस्पिटल (स्टाफ की कमी)संकल्प हॉस्पिटल (नगर निगम से दस्तावेज सत्यापन नहीं)नामदेव नर्सिंग होम (नवीनीकरण नहीं कराया)बटालिया आई हॉस्पिटल (स्वयं बंद करने का आवेदन)सरकार हॉस्पिटल (स्वयं संस्थान बंद किया) क्लीनिकों की स्थिति और भी गंभीरजांच में सामने आया कि जिले के कुल 240 क्लीनिकों में से 89 ने नवीनीकरण के लिए आवेदन ही नहीं किया, जबकि 32 संस्थानों के दस्तावेज अधूरे पाए गए। इनमें एलोपैथी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी क्लीनिक के साथ कई पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के सख्त निर्देशस्वास्थ्य विभाग ने सभी प्रभावित संस्थानों को निर्देश दिए हैं कि– किसी भी नए मरीज को भर्ती न किया जाएपहले से भर्ती मरीजों का उपचार पूरा कर डिस्चार्ज किया जाएसंस्थानों के बाहर लगे बोर्ड तुरंत हटाए जाएं सख्ती का संदेश साफयह कार्रवाई मध्य प्रदेश नर्सिंग होम एक्ट के तहत की गई है। अधिकारियों ने साफ किया है कि बिना वैध पंजीयन के किसी भी संस्थान को संचालित पाए जाने पर आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर पीएम मोदी ने लिया हालचाल, राहुल गांधी ने दी जानकारी..

नई दिल्ली। संसद भवन परिसर में उस समय एक सौहार्दपूर्ण और ध्यान खींचने वाला दृश्य सामने आया जब प्रधानमंत्री Narendra Modi और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi एक कार्यक्रम के दौरान आमने सामने आए और उनके बीच लंबी बातचीत हुई। यह मुलाकात महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती से जुड़े कार्यक्रम के दौरान हुई, जिसमें देश के कई प्रमुख नेता मौजूद थे। इस मौके पर संसद परिसर का माहौल सामान्य राजनीतिक तनाव से अलग और अधिक सहज दिखाई दिया। दोनों नेताओं को एक साथ बातचीत करते देखा गया, जहां वे कुछ समय तक गंभीर लेकिन शिष्टाचारपूर्ण संवाद में व्यस्त रहे। आमतौर पर तीखी राजनीतिक बहसों के लिए पहचाने जाने वाले इन दोनों नेताओं के बीच इस तरह की सहज बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी से उनकी मां और वरिष्ठ नेता Sonia Gandhi के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। हाल ही में उनके स्वास्थ्य को लेकर कुछ चिंताएं सामने आई थीं, जिसके चलते यह मानवीय संवाद और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राहुल गांधी ने इस दौरान बताया कि उनकी मां की तबीयत में अब सुधार हो रहा है। इस जानकारी पर प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। बातचीत का यह हिस्सा पूरी तरह मानवीय और औपचारिकता से परे सहज भावनाओं से जुड़ा हुआ था। संसद परिसर में इस तरह की मुलाकातें भले ही सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हों, लेकिन जब देश के दो शीर्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इस तरह शांति और सहजता के साथ बातचीत करते नजर आते हैं तो यह दृश्य अपने आप में चर्चा का विषय बन जाता है। इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में एक सकारात्मक संदेश भी दिया है। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं की बॉडी लैंग्वेज भी काफी सहज और सामान्य दिखाई दी। न किसी प्रकार की औपचारिक दूरी दिखी और न ही किसी तरह की राजनीतिक टकराव की झलक, बल्कि एक सामान्य शिष्टाचार और मानवीय संवाद का वातावरण नजर आया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में ऐसे क्षण यह दर्शाते हैं कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद और सम्मान की परंपरा बनी रहती है। संसद जैसे सर्वोच्च मंच पर इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक परिपक्वता का संकेत मानी जाती हैं। हालांकि यह मुलाकात संक्षिप्त थी, लेकिन इसने राजनीतिक माहौल में चर्चा जरूर पैदा कर दी है। यह दृश्य इस बात की याद दिलाता है कि सार्वजनिक जीवन में संवाद के रास्ते हमेशा खुले रहते हैं, चाहे राजनीतिक मतभेद कितने भी गहरे क्यों न हों।