प्रियंका चोपड़ा ने गोल्डन टेंपल में मत्था टेककर लंगर सेवा में हिस्सा लिया…

नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी अभिनेत्री Priyanka Chopra एक बार फिर अमृतसर स्थित पवित्र Sri Harmandir Sahib पहुंचीं, जहां उन्होंने मत्था टेका और लंगर सेवा में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनकी यह यात्रा आस्था, सादगी और सेवा भाव का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। जानकारी के अनुसार, शूटिंग पूरी करने के बाद प्रियंका चोपड़ा देर रात सीधे दरबार साहिब पहुंचीं और वहां सामान्य श्रद्धालुओं की तरह धार्मिक गतिविधियों में शामिल हुईं। उन्होंने लंगर हॉल में सेवा करते हुए करीब डेढ़ घंटे तक बर्तन धोने और अन्य स्वयंसेवी कार्यों में हिस्सा लिया। इस दौरान उनका व्यवहार पूरी तरह सादगीपूर्ण और परंपराओं के अनुरूप दिखाई दिया। इस अवसर पर वह सफेद रंग के साधारण परिधान में नजर आईं और उन्होंने अपने सिर को दुपट्टे से ढक रखा था। धार्मिक स्थल की मर्यादा का पालन करते हुए उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी और पूरी तरह से आध्यात्मिक वातावरण में समय बिताया। यह उनकी पिछले 12 दिनों में दूसरी यात्रा बताई जा रही है, जिससे उनकी आस्था और इस पवित्र स्थल के प्रति गहरे जुड़ाव को लेकर चर्चा और अधिक बढ़ गई है। इससे पहले भी वह इसी स्थान पर आकर लंगर सेवा में शामिल हुई थीं और श्रद्धालुओं के बीच समय बिताया था। बताया जा रहा है कि वह इन दिनों अमृतसर में अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग कर रही थीं। शूटिंग समाप्त होने के बाद उन्होंने समय निकालकर सीधे दरबार साहिब पहुंचकर गुरबाणी का श्रवण किया और शांत वातावरण में कुछ समय बिताया। उनकी इस यात्रा के दौरान पूरे परिसर में आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला और श्रद्धालुओं के बीच उनके प्रति उत्साह भी देखा गया। कई लोगों ने उनकी इस सादगी और सेवा भावना को प्रेरणादायक बताया। फिल्मी और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में व्यस्त रहने के बावजूद उनकी यह लगातार दूसरी यात्रा उनके व्यक्तिगत विश्वास और आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाती है।
सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री का TMC पर विकास और खर्च को लेकर हमला..

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल के Siliguri में आयोजित एक विशाल जनसभा में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्य की राजनीति और प्रशासनिक नीतियों को लेकर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने कई मुद्दों को उठाते हुए राज्य सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े किए और आगामी चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा से जुड़े मदरसों के विकास पर लगभग 6000 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आम जनता के बुनियादी विकास कार्यों पर उतना ध्यान नहीं दिया गया जितना दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब पिछले वर्षों के कामकाज का पूरा हिसाब मांग रही है और बदलाव की ओर देख रही है। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने आने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में परिवर्तन की लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने दावा किया कि जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ इस बात का संकेत है कि जनता मौजूदा व्यवस्था से असंतुष्ट है और एक नए राजनीतिक विकल्प की ओर उम्मीद से देख रही है। प्रधानमंत्री ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने नागरिकता और अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने अवैध घुसपैठ के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और इसे राज्य के लिए गंभीर चुनौती बताया। साथ ही उन्होंने लोगों से इस विषय पर जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने चाय बागान श्रमिकों की स्थिति का भी उल्लेख किया और कहा कि श्रमिकों के कल्याण के लिए बेहतर नीतियों की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों में श्रमिकों के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं और भविष्य में इसी तरह के कदम यहां भी उठाए जाने चाहिए। इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने उत्तर बंगाल के कई क्षेत्रों में जनसभाएं और रोड शो किए थे, जहां उन्होंने पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में जनता से अपील की थी। उत्तर बंगाल को चुनावी दृष्टि से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है, जहां सामाजिक और क्षेत्रीय विविधता चुनाव परिणामों को प्रभावित करती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है, क्योंकि विभिन्न राजनीतिक दल अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। आने वाले समय में यहां राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान, बंगाल में मेरे खिलाफ 38 केस गिरफ्तारी का खतरा ,UCC पर भी बोले

रतलाम । मध्य प्रदेश के रतलाम में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कई अहम मुद्दों पर खुलकर बयान दिया उन्होंने पश्चिम बंगाल की राजनीति से लेकर यूनिफॉर्म सिविल कोड और वंदे मातरम विवाद तक पर अपनी बात रखी रतलाम दौरे के दौरान एक कार्यक्रम में शामिल हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 38 फर्जी मामले दर्ज हैं और कई मामलों में गिरफ्तारी वारंट भी जारी है उन्होंने कहा कि अगर वे वहां जाते हैं तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है पार्टी नेतृत्व ने भी उन्हें फिलहाल बंगाल न जाने की सलाह दी है ताकि कोई नया विवाद न खड़ा हो विजयवर्गीय ने अपने पुराने राजनीतिक अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि वे लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रभारी रहे हैं और उस दौरान कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया उन्होंने भावनात्मक अंदाज में कहा कि बजरंगबली की कृपा से वे आज सुरक्षित हैं वरना उनकी तस्वीर पर भी माला टंगी होती यूनिफॉर्म सिविल कोड के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया जाना चाहिए और इस दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ रही है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इसकी घोषणा की जा चुकी है और जल्द ही इस पर विधेयक लाया जाएगा पश्चिम बंगाल की राजनीति पर हमला बोलते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि वहां माफिया और तस्करों का प्रभाव बढ़ गया है उन्होंने दावा किया कि आने वाले चुनाव में भाजपा वहां सरकार बनाएगी इसके अलावा उन्होंने इंदौर में हाल ही में हुए वंदे मातरम विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी उन्होंने कहा कि भारत माता की वंदना में किसी भी धर्म को बाधा नहीं बनना चाहिए और जो लोग वंदे मातरम नहीं गाते उनके राष्ट्र प्रेम पर सवाल खड़े होते हैं कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में निगम मंडलों की नियुक्तियां जल्द की जाएंगी कुल मिलाकर विजयवर्गीय का यह बयान राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय और प्रदेश दोनों स्तर के मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखी
रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल से शुरू, 13 से 70 वर्ष पात्र के श्रद्धालु होंगे अमरनाथ यात्रा होगी अधिक सुरक्षित और सुगम

नई दिल्ली:जम्मू-कश्मीर में हर वर्ष होने वाली पवित्र Amarnath Yatra की इस बार की आधिकारिक तारीखों की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष यह पवित्र तीर्थयात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी और कुल 57 दिनों तक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने की संभावना है। प्रशासन के अनुसार यात्रा का पहला जत्था जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप से रवाना होगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस वर्ष यात्रा के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू की जाएगी। श्रद्धालु ऑनलाइन माध्यम के साथ साथ देशभर में निर्धारित बैंक शाखाओं के जरिए भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे। रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को सरल और सुलभ बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु बिना किसी कठिनाई के यात्रा में शामिल हो सकें। निर्धारित नियमों के अनुसार 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु इस यात्रा में भाग ले सकेंगे, बशर्ते वे निर्धारित स्वास्थ्य मानकों को पूरा करें। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मेडिकल फिटनेस को अनिवार्य किया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस वर्ष यात्रा व्यवस्था में लगभग 25 प्रतिशत सुधार का दावा किया गया है। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है और श्रद्धालुओं की निगरानी के लिए RFID कार्ड सिस्टम लागू किया गया है, जिससे यात्रा मार्ग पर उनकी ट्रैकिंग और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके अलावा बीमा सुरक्षा को भी बढ़ाया गया है और ग्रुप एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बढ़ाकर दस लाख रुपये कर दिया गया है। यह व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। यात्रा दो प्रमुख मार्गों से पूरी की जाएगी, जिनमें पहलगाम और बालटाल मार्ग शामिल हैं। पहलगाम मार्ग अपेक्षाकृत लंबा लेकिन आसान माना जाता है, जबकि बालटाल मार्ग छोटा होने के बावजूद अधिक कठिन और चुनौतीपूर्ण है। दोनों मार्गों पर सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को पहले से अधिक मजबूत किया गया है। समुद्र तल से लगभग 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र गुफा में स्थित बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए हर वर्ष श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या पहुंचती है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले पूरी तैयारी करें और आवश्यक दस्तावेज तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें। इस वर्ष की यात्रा को लेकर प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा, चिकित्सा और आधारभूत ढांचे को पहले से अधिक मजबूत किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित धार्मिक अनुभव मिल सके।
अरुणाचल प्रदेश पर चीन की नाम बदलने की कोशिशों पर भारत का सख्त रुख, कहा वास्तविकता को नहीं बदला जा सकता,

नई दिल्ली:भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। चीन की ओर से भारतीय क्षेत्रों के लिए नए और मनगढ़ंत नामों के इस्तेमाल पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। इस मुद्दे ने दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद संवेदनशील संबंधों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि Arunachal Pradesh हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, आज भी है और भविष्य में भी रहेगा। सरकार ने कहा कि किसी भी प्रकार के नाम बदलने या काल्पनिक दावे से इस सच्चाई को बदला नहीं जा सकता। यह वास्तविकता ऐतिहासिक, भौगोलिक और राजनीतिक रूप से पूरी तरह स्थापित है। सरकारी पक्ष ने यह भी कहा कि इस तरह के प्रयास न केवल तथ्यहीन हैं, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों पर भी नकारात्मक असर डालते हैं। भारत ने साफ किया कि ऐसे कदम आपसी विश्वास को कमजोर करते हैं और रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों को बाधित करते हैं। भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि मनगढ़ंत नामकरण और झूठे दावों से किसी भी क्षेत्र की वास्तविक स्थिति नहीं बदली जा सकती। सरकार का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में स्थिरता बनाए रखने के लिए वास्तविक तथ्यों को स्वीकार करना सबसे जरूरी है। भारत की ओर से यह भी कहा गया कि दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने के लिए संवाद और सहयोग की आवश्यकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि सभी पक्ष जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करें। ऐसी हरकतें, जो विवाद को बढ़ावा दें, उन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सीमा से जुड़े मुद्दे भारत और चीन के संबंधों में संवेदनशील बने हुए हैं और इन्हें संभालने के लिए संतुलित, शांत और परिपक्व कूटनीति की आवश्यकता है।
शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग सतना में किसानों की मेहनत राख 70 एकड़ फसल जली

सतना । मध्य प्रदेश के सतना जिले में एक बड़ी आगजनी की घटना ने किसानों की मेहनत को पल भर में राख कर दिया सिंहपुर क्षेत्र के बेलगहना गांव में रविवार दोपहर ट्रांसफॉर्मर से निकली एक चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते करीब 70 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई इस हादसे में लगभग 15 किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है जानकारी के अनुसार खेतों की मेढ़ पर लगे ट्रांसफॉर्मर में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ जिससे चिंगारी निकली और सूखी फसल में आग लग गई तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और आसपास के कई खेत इसकी चपेट में आ गए घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया उन्होंने अपने स्तर पर पानी और अन्य संसाधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई लेकिन उस समय दमकल वाहन नोनिया गांव में लगी एक अन्य आग की घटना में व्यस्त था जिससे राहत पहुंचने में देरी हो गई करीब आधे घंटे बाद नागौद नगर परिषद का दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की मदद से लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था इस घटना में जिन किसानों को नुकसान हुआ है उनमें सोमेश मिश्रा सोनू मिश्रा रतन मिश्रा अवधेश तिवारी और ध्रुव कुमार तिवारी सहित कई अन्य किसान शामिल हैं किसानों के अनुसार उनकी पूरी सालभर की मेहनत इस फसल पर निर्भर थी पीड़ित किसान ध्रुव कुमार तिवारी ने बताया कि उनकी बेटी का तिलक समारोह सोमवार को मैहर में होना था और शादी की तैयारियां इसी फसल पर आधारित थीं ऐसे में यह नुकसान उनके लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है घटना की सूचना मिलने पर सिंहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया राजस्व विभाग की टीम द्वारा सोमवार को नुकसान का आकलन किया जाएगा और प्रभावित किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली उपकरणों की देखरेख और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है क्योंकि छोटी सी चिंगारी ने किसानों की जिंदगी भर की मेहनत को बर्बाद कर दिया
खंडहर से शिखर तक पहुंचा करौली, शिक्षा में बना देश का नंबर वन जिला…

नई दिल्ली । राजस्थान के Karauli जिले ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में अपनी पहचान मजबूत कर ली है। कभी कमजोर आधारभूत ढांचे और जर्जर स्कूलों के लिए जाना जाने वाला यह जिला अब शिक्षा सुधार की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरा है। हाल ही में NITI Aayog द्वारा जारी रैंकिंग में करौली ने शिक्षा क्षेत्र में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है, जिससे पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। यह सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रहे योजनाबद्ध सुधारों और प्रशासनिक प्रयासों का नतीजा है। जिले को आकांक्षी जिलों की श्रेणी में शामिल किए जाने के बाद शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया। धीरे धीरे स्कूलों की स्थिति में सुधार किया गया और शिक्षा को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। पहले जहां कई सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहद खराब थी, वहीं अब उनमें बड़े स्तर पर सुधार देखने को मिल रहा है। भवनों की मरम्मत, नई कक्षाओं का निर्माण और आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया। इसके साथ ही शिक्षकों की नियमित उपस्थिति और पढ़ाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया, जिससे छात्रों के सीखने के स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। स्कूलों में तकनीकी संसाधनों को शामिल किया गया, जिससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने में मदद मिली। इससे न केवल पढ़ाई का तरीका बदला, बल्कि छात्रों में सीखने की रुचि भी बढ़ी। प्रशासन ने लगातार निगरानी और मूल्यांकन की व्यवस्था को मजबूत किया, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि सुधार योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें। नियमित निरीक्षण और फीडबैक सिस्टम के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाया गया। इस उपलब्धि के लिए करौली जिले को तीन करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। इस राशि का उपयोग स्कूलों के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने, नई कक्षाओं के निर्माण और शैक्षणिक संसाधनों को बढ़ाने में किया जाएगा। विशेष रूप से उन विद्यालयों की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाएगी, जो हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हुए थे। जिला प्रशासन ने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयास और मजबूत इच्छाशक्ति का परिणाम बताया है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि सही योजना, निरंतर प्रयास और मजबूत नेतृत्व के जरिए किसी भी क्षेत्र में बड़ा बदलाव संभव है। करौली की यह सफलता अब देश के अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है और शिक्षा सुधार की दिशा में एक नई उम्मीद जगाती है।
सुबह से शाम तक Aloe Vera का सही इस्तेमाल, गर्मियों में स्किन रहेगी फ्रेश और ग्लोइंग

नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं जैसे टैनिंग, पसीना, ऑयली स्किन और रैशेज बढ़ने लगते हैं। ऐसे में नेचुरल और असरदार उपाय की बात करें तो एलोवेरा सबसे बेहतरीन विकल्पों में से एक माना जाता है। यह न सिर्फ त्वचा को ठंडक देता है बल्कि उसे अंदर से हाइड्रेट और हेल्दी भी बनाता है। अगर आप दिनभर सही तरीके से एलोवेरा का इस्तेमाल करें, तो आपकी स्किन गर्मी में भी ग्लोइंग और सॉफ्ट बनी रह सकती है। सुबह की शुरुआत एलोवेरा फेस वॉश से करें दिन की शुरुआत चेहरे को साफ करने से करें। इसके लिए एलोवेरा जेल को हल्के फेस वॉश की तरह इस्तेमाल करें। यह स्किन से अतिरिक्त ऑयल हटाता है और त्वचा को फ्रेश बनाता है। तरीका:ताजा एलोवेरा जेल लें और चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें, फिर ठंडे पानी से धो लें। धूप से बचाव के लिए एलोवेरा सन प्रोटेक्टर गर्मी में धूप से स्किन को बचाना बेहद जरूरी है। एलोवेरा में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को सन डैमेज से बचाते हैं। तरीका:बाहर निकलने से पहले एलोवेरा जेल में थोड़ा सा गुलाबजल मिलाकर चेहरे और हाथों पर लगाएं। इससे स्किन हाइड्रेट भी रहेगी और टैनिंग कम होगी। दोपहर में स्किन को दें कूलिंग टच दोपहर के समय पसीना और धूप स्किन को थका देती है। ऐसे में एलोवेरा एक कूलिंग एजेंट की तरह काम करता है। तरीका:फ्रिज में रखा हुआ एलोवेरा जेल चेहरे पर लगाएं। यह इंस्टेंट फ्रेशनेस देता है और स्किन को रिलैक्स करता है। शाम को एलोवेरा फेस पैक का करें इस्तेमाल दिनभर की धूल और पसीने से स्किन डल हो जाती है। इसे साफ और निखारने के लिए एलोवेरा फेस पैक बहुत फायदेमंद है। तरीका:एलोवेरा जेल में हल्दी या मुल्तानी मिट्टी मिलाकर फेस पैक बनाएं और 10-15 मिनट लगाकर धो लें। इससे स्किन क्लीन और ग्लोइंग बनेगी। रात में एलोवेरा जेल से करें स्किन रिपेयर रात का समय स्किन रिपेयर के लिए सबसे अच्छा होता है। एलोवेरा जेल नाइट क्रीम की तरह काम करता है। सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल की हल्की परत लगाएं और छोड़ दें। सुबह स्किन सॉफ्ट और हेल्दी लगेगी।
सीहोर के आष्टा में सीएम का बड़ा कार्यक्रम छात्राओं से संवाद लाड़ली बहना योजना की राशि ट्रांसफर

आष्टा । मध्य प्रदेश के आष्टा में रविवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव का दौरा कई मायनों में खास रहा उन्होंने यहां भव्य रोड शो किया और विभिन्न विकास कार्यों के साथ महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़े ऐलान किए सीएम का रोड शो कन्नौज रोड मंडी गेट से शुरू हुआ जहां स्थानीय लोगों ने फूल मालाओं से उनका स्वागत किया रोड शो शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए सांदीपनी विद्यालय पहुंचा यहां मुख्यमंत्री ने कक्षा में जाकर छात्र छात्राओं से संवाद किया और उनकी पढ़ाई और भविष्य को लेकर बातचीत की कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 115 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया इनमें आंगनवाड़ी भवन निर्माण पार्वती नदी पर घाट निर्माण जावर क्षेत्र में नेवज नदी सुधार और पुलिया निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं इसके साथ ही सांदीपनि विद्यालय भवन उप तहसील कार्यालय एसडीएम कार्यालय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और विभिन्न पुलों का लोकार्पण भी किया गया इसके अलावा 69 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से कई निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया गया जिनमें सड़क निर्माण सरकारी स्कूल भवन पुलिस आवास छात्रावास और थाना भवन शामिल हैं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 96 कार्यों के साथ 54 सामुदायिक भवन और पेयजल योजना जैसे प्रोजेक्ट भी इस दौरान शुरू किए गए कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण महिला शक्ति सम्मेलन रहा जिसमें मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख महिलाओं के खातों में लाड़ली बहना योजना के तहत 1836 करोड़ रुपए की राशि एक क्लिक में ट्रांसफर की इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रही है मुख्यमंत्री ने मंच से संबोधित करते हुए भावनात्मक अंदाज में कहा कि तुम्हारा भैया मोहन हमेशा तुम्हारे साथ है और हर सुख दुख में सरकार उनके साथ खड़ी है उन्होंने बताया कि अब तक इस योजना के तहत करीब 55 हजार करोड़ रुपए महिलाओं को दिए जा चुके हैं राजनीतिक बयानबाजी के दौरान उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष लगातार इस योजना का विरोध करता रहा है और इसे लेकर गलत बयान देता रहा है कार्यक्रम के दौरान आष्टा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए मांग पत्र को भी मुख्यमंत्री ने स्वीकृति दी और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया कुल मिलाकर आष्टा में मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास योजनाओं महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक संदेशों से भरपूर रहा जिसने क्षेत्र में नई ऊर्जा और उम्मीद का माहौल बनाया
कन्नौज हादसे पर अखिलेश यादव ने जताया शोक और आर्थिक मदद का किया ऐलान..

नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के कन्नौज में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डाल दिया है। इस दुर्घटना में दो लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद जहां स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया, वहीं राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए कहा कि ऐसे हादसे समाज को झकझोर कर रख देते हैं और पीड़ित परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति होती है। उन्होंने अपने स्तर पर सहायता की घोषणा करते हुए कहा कि मृतकों के परिजनों को पार्टी की ओर से एक एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रत्येक मृतक के परिवार को कम से कम दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, ताकि इस कठिन समय में उन्हें आर्थिक सहारा मिल सके। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब कोयले से लदा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। बताया जा रहा है कि चालक ने सामने आ रहे वाहन को बचाने का प्रयास किया, जिसके कारण संतुलन बिगड़ गया और ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे की चपेट में आने से आसपास मौजूद लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए। घटना में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया। सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ओवरलोडिंग और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याएं अक्सर इस तरह की घटनाओं का कारण बनती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सख्त नियमों का पालन और प्रभावी निगरानी से ही ऐसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी देखी गई है और उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।