आशा भोसले की जिंदगी का चौंकाने वाला फैसला, कम उम्र में शादी से परिवार में आया तूफान

नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की दिग्गज गायिका Asha Bhosle ने अपने करियर के साथ-साथ निजी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव देखे। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने एक ऐसा फैसला लिया, जिसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। उन्होंने अपने से उम्र में काफी बड़े गणपत राव भोसले से शादी कर ली, जो उस समय Lata Mangeshkar के सेक्रेटरी थे। बहन से रिश्तों में आई दरार जहां एक ओर Lata Mangeshkar परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रही थीं, वहीं आशा का यह फैसला उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया। इस शादी से नाराज होकर लता मंगेशकर ने आशा से दूरी बना ली। इतना ही नहीं, परिवार ने भी आशा भोसले से संबंध तोड़ लिए, जिससे उन्हें अकेले ही अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करनी पड़ी। शादी में आई कड़वाहट और अलगावआशा भोसले और गणपत राव के तीन बच्चे हुए, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका। समय के साथ दोनों के बीच मतभेद बढ़ते गए और अंततः यह शादी टूट गई। इस दौर ने आशा की जिंदगी में कई कठिनाइयां पैदा कीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। फिर से मिला प्यार, लेकिन अधूरी रही कहानीपहली शादी के टूटने के बाद आशा भोसले की जिंदगी में मशहूर संगीतकार R. D. Burman आए। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और साल 1980 में उन्होंने शादी कर ली। हालांकि, इस रिश्ते को भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। परिवार की असहमति और निजी कारणों के चलते दोनों के बीच दूरियां आईं, लेकिन उनके बीच भावनात्मक जुड़ाव हमेशा बना रहा। करियर में हासिल की ऊंचाइयांनिजी जीवन में उतार-चढ़ाव के बावजूद Asha Bhosle ने अपने करियर में जबरदस्त सफलता हासिल की। “उड़े जब-जब जुल्फें तेरी”, “चुरा लिया है तुमने” जैसे अनगिनत हिट गानों के जरिए उन्होंने संगीत जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। आज भी उन्हें सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाली गायिकाओं में गिना जाता है। जिंदगी से मिलती है सीखआशा भोसले की कहानी हमें यह सिखाती है कि जिंदगी में लिए गए फैसले चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, अगर हौसला और मेहनत हो तो हर चुनौती को पार किया जा सकता है। रिश्तों में आई दूरियां भी समय के साथ भर सकती हैं, लेकिन अपने जुनून को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
वर्ष 2026 में ऊर्जा के सही प्रबंधन से खुलेंगे सफलता और समृद्धि के नए द्वार।…

नई दिल्ली:फेंगशुई के प्राचीन विज्ञान में फ्लाइंग स्टार्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि यह समय के साथ ऊर्जा के बदलते स्वरूप को दर्शाती है। वर्ष 2026 के आगमन के साथ ही ब्रह्मांडीय ऊर्जा के प्रवाह में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे जो हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करेंगे। चीनी ज्योतिष के अनुसार प्रत्येक वर्ष नौ सितारे अलग अलग दिशाओं में संचरण करते हैं और उनकी स्थिति के आधार पर ही किसी स्थान की ऊर्जा शुभ या अशुभ निर्धारित होती है। वर्ष 2026 मुख्य रूप से अग्नि तत्व और अश्व की ऊर्जा से प्रभावित रहेगा जिससे समाज में उत्साह बना रहेगा। इस वर्ष के ऊर्जा चक्र में सबसे महत्वपूर्ण स्थान घर का मध्य भाग होता है जिसे ब्रह्मस्थान भी कहा जाता है। वर्ष 2026 में मध्य क्षेत्र की ऊर्जा को संतुलित रखना अनिवार्य होगा क्योंकि यहाँ से पूरे भवन की सकारात्मकता संचालित होती है। यदि मध्य भाग में भारी निर्माण या गंदगी रहती है तो यह परिवार के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। फेंगशुई विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष मध्य स्थान को जितना खुला और स्वच्छ रखा जाएगा घर में उतनी ही अधिक शांति और सुख का अनुभव होगा। दक्षिण दिशा जो प्रसिद्धि और सफलता का प्रतीक है वहां इस वर्ष शुभ सितारों का प्रभाव होने से करियर में उन्नति के नए अवसर प्राप्त होंगे। जो लोग सार्वजनिक जीवन या रचनात्मक कार्यों से जुड़े हैं उनके लिए दक्षिण दिशा को व्यवस्थित और प्रकाशमान रखना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। इस दिशा में लाल या नारंगी रंगों का संतुलित प्रयोग ऊर्जा को और अधिक सक्रिय कर सकता है। अपने कार्यक्षेत्र में इस दिशा का सही उपयोग करके आप अपनी नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं। आर्थिक दृष्टिकोण से पश्चिम और उत्तर पूर्व की दिशाएं इस वर्ष धन के आगमन के लिए शुभ संकेत दे रही हैं। इन दिशाओं में जल तत्व का सही समावेश और सफाई रखने से व्यापारिक लाभ और निवेश में सफलता मिलने के प्रबल योग बनते हैं। धन की आवक बढ़ाने के लिए इन कोनों में किसी भी प्रकार का कबाड़ इकट्ठा न होने दें। यदि आप अपने आर्थिक भविष्य को सुरक्षित करना चाहते हैं तो पश्चिम दिशा की ऊर्जा को सक्रिय करना इस वर्ष आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए क्योंकि यह समृद्धि का मुख्य द्वार बनेगी। फेंगशुई केवल सकारात्मकता की ही बात नहीं करता बल्कि यह संभावित बाधाओं के प्रति सचेत भी करता है। वर्ष 2026 में पूर्व और उत्तर पश्चिम दिशा में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि वहां नकारात्मक सितारों का वास होगा। इन दिशाओं में यदि मुख्य द्वार है तो वहां ऊर्जा को शांत रखने के उपाय करने चाहिए ताकि अनावश्यक खर्चों और स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके। इन क्षेत्रों में धातु की वस्तुओं का प्रयोग करके और गहरे रंगों से परहेज करके आप नकारात्मक प्रभावों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। पारिवारिक रिश्तों और प्रेम संबंधों के लिए दक्षिण पश्चिम दिशा का महत्व इस वर्ष भी बना रहेगा। इस दिशा की ऊर्जा को सक्रिय करने के लिए वहां पृथ्वी तत्व को मजबूती देना शुभ रहेगा जो आपसी संबंधों में मधुरता लाता है। मिट्टी के पात्र या क्रिस्टल का प्रयोग रिश्तों में स्थिरता और विश्वास पैदा करने में सहायक होगा। परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल के लिए इस कोने में संयुक्त परिवार की तस्वीर लगाना भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है जिससे घर में प्रेम का वातावरण बना रहता है। छात्रों और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए उत्तर दिशा इस वर्ष विशेष वरदान साबित हो सकती है। यहां अध्ययन कक्ष बनाना या पढ़ते समय उत्तर की ओर मुख रखना एकाग्रता को बढ़ाने में बहुत सहायक होगा। यदि इस दिशा की ऊर्जा संतुलित रहती है तो प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के अवसर बढ़ जाते हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे इस क्षेत्र को पूरी तरह व्यवस्थित रखें ताकि उनकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि हो सके और वे अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल रहें। व्यक्तिगत विकास और मानसिक शांति के लिए ध्यान के कोनों को उत्तर पूर्व दिशा में विकसित करना इस वर्ष सबसे उत्तम रहेगा। जैसे जैसे समय बदल रहा है लोग अपने परिवेश के प्रति अधिक जागरूक हो रहे हैं और फेंगशुई इसमें बड़ी भूमिका निभा रहा है। घर के हर कोने को अनावश्यक वस्तुओं से मुक्त रखना और प्राकृतिक रोशनी का संचार सुनिश्चित करना ही ऊर्जा के सही प्रवाह की पहली सीढ़ी है। अनुशासन के साथ इन ऊर्जा नियमों का पालन करने से न केवल सुख समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा बल्कि मानसिक शांति भी प्राप्त होगी। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह वर्ष शरीर की आंतरिक ऊर्जा को पुष्ट करने और जीवनशैली में सुधार लाने के लिए उपयुक्त है। घर के पूर्वी कोने को विशेष रूप से हरा भरा रखकर हम परिवार के बुजुर्गों के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते हैं। फेंगशुई का मुख्य सार यही है कि हम अपने जीवन को केवल भाग्य के भरोसे न छोड़ें बल्कि अपने आसपास के परिवेश को सकारात्मक बनाएं। वर्ष 2026 की यह ऊर्जा यात्रा हमें एक संतुलित और समृद्ध भविष्य की ओर ले जाने का संकल्प प्रदान करती है जहां हर कार्य में सफलता की संभावना होती है।
पंचमपुरा में हिंसा मंदिर हटाने को लेकर दो पक्ष भिड़े पथराव से बिगड़े हालात पुलिस ने संभाला मोर्चा

उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में मंदिर विस्थापन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हालात उस समय बेकाबू हो गए जब पंचमपुरा इलाके में दो पक्ष आमने सामने आ गए और मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया सड़क चौड़ीकरण के तहत नगर निगम द्वारा की जा रही कार्रवाई के बीच शुरू हुआ विरोध देखते ही देखते पथराव में बदल गया जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम पंचमपुरा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कार्य कर रही थी इसी क्रम में एक मंदिर और उसके आसपास बने अतिक्रमण को हटाने की तैयारी की जा रही थी इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले ही सहमति बनाने की कोशिश की गई थी जहां कुछ रहवासियों ने मंदिर विस्थापन के लिए हामी भर दी थी वहीं कॉलोनी के एक परिवार ने इसका विरोध शुरू कर दिया क्योंकि उनका मकान भी इस दायरे में आ रहा था स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब विरोध कर रहे परिवार ने बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मौके पर बुला लिया कार्यकर्ताओं ने पहुंचते ही कार्रवाई को रोकने की कोशिश की इसी बीच वे स्थानीय लोग भी वहां पहुंच गए जो पहले से ही सड़क चौड़ीकरण और मंदिर विस्थापन के पक्ष में थे दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई जो धीरे धीरे तीखी बहस में बदल गई कुछ ही देर में हालात पूरी तरह बिगड़ गए और दोनों ओर से पथराव शुरू हो गया अचानक हुए इस घटनाक्रम से इलाके में भगदड़ जैसे हालात बन गए लोग इधर उधर भागने लगे और दुकानें तक बंद हो गईं स्थिति को बिगड़ता देख नगर निगम की टीम को अपनी कार्रवाई बीच में ही रोकनी पड़ी मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और दोनों पक्षों को अलग करने की कोशिश की लेकिन पथराव के दौरान सब इंस्पेक्टर अंकित बनोध घायल हो गए जिन्हें तुरंत उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया और इलाके में तैनात किया गया ताकि स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण रखा जा सके सीएसपी दीपिका शिंदे ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान यह विवाद सामने आया था पुलिस को सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रित किया गया उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने इसके लिए इलाके में पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई है यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि विकास कार्यों के दौरान स्थानीय सहमति और संवेदनशील मुद्दों को संभालने में जरा सी चूक किस तरह बड़े विवाद का रूप ले सकती है प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि वह विकास और सामाजिक संतुलन दोनों को साथ लेकर आगे बढ़े
डिंडोरी में मौत का तांडव कैप्सूल कंटेनर ने कुचले पांच लोग मौके पर दर्दनाक अंत

डिंडोरी । मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया गाड़ासरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम किकरा तालाब चौराहे पर तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला जब सीमेंट राखड़ से भरे एक कैप्सूल कंटेनर और पिकअप वाहन के बीच जोरदार टक्कर हो गई यह टक्कर इतनी भयावह थी कि पिकअप वाहन में सवार पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला टक्कर के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई और आसपास के लोग मदद के लिए दौड़ पड़े बताया जा रहा है कि राखड़ से भरा कैप्सूल कंटेनर गोरखपुर की ओर से आ रहा था उसी दौरान सामने से आ रहे पिकअप वाहन से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई टक्कर के बाद कंटेनर ने पिकअप को बुरी तरह कुचल दिया जिससे उसमें सवार लोगों की जान बचाना संभव नहीं हो सका हादसे के बाद स्थिति और भयावह तब हो गई जब कंटेनर चालक मौके से फरार हो गया इस घटना ने लोगों में आक्रोश भी पैदा कर दिया वहीं स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी जिसके बाद गाड़ासरई थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया पुलिस ने घटनास्थल से शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है वहीं गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है पुलिस मृतकों की शिनाख्त के प्रयास में जुटी हुई है प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और लापरवाही हो सकती है हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है साथ ही फरार कंटेनर चालक की तलाश भी तेज कर दी गई है इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि तेज रफ्तार और लापरवाही किस तरह लोगों की जान ले रही है डिंडोरी की यह घटना न केवल पीड़ित परिवारों के लिए असहनीय त्रासदी है बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी भी है
हंसी के बाद डर! इन कॉमेडी एक्टर्स ने सीरियस किरदारों से बदली अपनी पहचान

नई दिल्ली। बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने अपनी कॉमेडी से दर्शकों को खूब हंसाया, लेकिन जब यही कलाकार गंभीर किरदारों में नजर आए तो फैंस हैरान रह गए। इन एक्टर्स ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ कॉमेडी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर तरह के रोल में दमदार अभिनय कर सकते हैं। Sanjay Mishra: ‘वध’ में दिखा इंटेंस अवतारसंजय मिश्रा को आमतौर पर हल्के-फुल्के और कॉमिक किरदारों के लिए जाना जाता है, लेकिन फिल्म Vadh में उनका गंभीर अभिनय देखकर हर कोई दंग रह गया। उन्होंने इतने इमोशनल और गहरे अंदाज में रोल निभाया कि दर्शकों ने उनकी खूब तारीफ की। Rajpal Yadav: अंदरूनी संघर्ष को किया बखूबी पेशराजपाल यादव ने फिल्म Main Meri Patni Aur Woh में एक ऐसे व्यक्ति का किरदार निभाया, जो आत्मविश्वास की कमी और असुरक्षा से जूझता है। उनका यह सीरियस रोल दर्शकों के दिल को छू गया। Manoj Pahwa: ‘मुल्क’ में दिल दहला देने वाला किरदारमनोज पाहवा ने फिल्म Mulk में ऐसा गंभीर रोल निभाया कि लोग उनकी एक्टिंग देखकर भावुक हो गए। उनके इस किरदार ने समाज की सच्चाई को गहराई से दिखाया। Javed Jaffrey: ‘बैंग बैंग’ में विलेन बनकर चौंकायाकॉमेडी के लिए मशहूर जावेद जाफरी ने फिल्म Bang Bang! में निगेटिव रोल निभाकर सबको चौंका दिया। उनका यह अवतार दर्शकों को काफी पसंद आया। Vijay Raaz: ‘गंगुबाई काठियावाड़ी’ में डराने वाला अंदाजविजय राज को देखकर आमतौर पर चेहरे पर मुस्कान आ जाती है, लेकिन फिल्म Gangubai Kathiawadi में उनका किरदार इतना खतरनाक था कि कई दर्शक सच में डर गए। Boman Irani: कॉमेडी से आगे बढ़कर दमदार अभिनयबोमन ईरानी ने 3 Idiots और Well Done Abba जैसी फिल्मों में गंभीर और प्रभावशाली किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा साबित की। Pankaj Kapur: विलेन बनकर मचाया धमालपंकज कपूर ने फिल्म Maqbool में विलेन का किरदार निभाकर दर्शकों को हैरान कर दिया। उनका यह रोल आज भी यादगार माना जाता है। इन सभी कलाकारों ने यह साबित किया है कि असली अभिनेता वही होता है जो हर तरह के किरदार में खुद को ढाल सके। कॉमेडी से लेकर सीरियस रोल तक, इन एक्टर्स ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
देवास में दर्दनाक सड़क हादसा तीन की मौत दो सगे भाइयों की जान गई शहडोल में धू धू कर जली पिकअप

देवास । मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया देर रात इंदौर भोपाल मार्ग पर तेज रफ्तार और अनियंत्रित हुई एक कार अचानक पेड़ से जा टकराई टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जानकारी के अनुसार यह हादसा नेवरी फाटा क्षेत्र के पास शनिवार रात हुआ बताया जा रहा है कि कार तेज गति से जा रही थी और अचानक चालक का संतुलन बिगड़ गया जिसके बाद वाहन सीधे सड़क किनारे खड़े पेड़ से टकरा गया हादसे की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई सूचना मिलते ही नेवरी फाटा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और राहत बचाव कार्य शुरू किया गया कार में फंसे घायलों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला गया गंभीर रूप से घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर कर दिया गया है जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है वहीं तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है मृतकों की पहचान शुभम प्रदीप और मोहित के रूप में हुई है बताया जा रहा है कि इनमें से दो युवक आपस में भाई थे हालांकि वे सगे भाई थे या चचेरे इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है इस हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है और पूरे गांव में शोक का माहौल है इधर शहडोल जिले से भी एक अलग लेकिन चिंताजनक घटना सामने आई है जहां एक किसान की पिकअप वाहन अचानक आग की चपेट में आ गई बताया जा रहा है कि किसान रामराज साहू अपने वाहन में भूसा भरकर ले जा रहे थे तभी पपौंध थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुआं से लालपुर रोड के पास अचानक आग लग गई देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही देर में पिकअप पूरी तरह जलकर राख हो गई स्थानीय लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है घटना की सूचना मिलते ही पपौंध पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है लेकिन शॉर्ट सर्किट या गर्मी को संभावित कारण माना जा रहा है दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि लापरवाही और अचानक हुई परिस्थितियां किस तरह जानलेवा साबित हो सकती हैं एक ओर जहां देवास में तेज रफ्तार ने तीन जिंदगियां छीन ली वहीं शहडोल में आग ने एक किसान की मेहनत को पल भर में राख कर दिया
आखिरी बार मिलना चाहती थीं मधुबाला, जब सायरा बानू तक पहुंची बात तो दिलीप कुमार को लेकर लिया गया बड़ा फैसला

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित प्रेम कहानियों में से एक Dilip Kumar और Madhubala की लव स्टोरी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा है। मोहब्बत, जुदाई और सम्मान से भरी इस कहानी का एक ऐसा किस्सा भी है, जब मधुबाला अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में दिलीप कुमार से मिलना चाहती थीं और उस वक्त Saira Banu ने एक बड़ा दिल दिखाते हुए पति को मिलने की इजाजत दे दी। ‘तराना’ के सेट से शुरू हुआ था प्यारदोनों की प्रेम कहानी साल 1951 में आई फिल्म Tarana के सेट से शुरू हुई थी। कहा जाता है कि इस रिश्ते की शुरुआत मधुबाला ने खुद की थी। उन्होंने अपने हेयरड्रेसर के जरिए दिलीप कुमार को एक खत और गुलाब का फूल भेजा था। उस खत में उन्होंने अपने दिल की बात लिखी थी अगर दिलीप के मन में भी वही भावनाएं हैं, तो वे इस फूल को स्वीकार करें। दिलीप कुमार ने उस गुलाब को स्वीकार कर इस प्यार को हां कह दिया। 9 साल चला रिश्ता, फिर आई दूरीकरीब 9 साल तक दोनों एक-दूसरे के साथ रिश्ते में रहे, लेकिन पारिवारिक कारणों—खासकर मधुबाला के पिता की असहमति की वजह से यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ सका और दोनों अलग हो गए। सायरा बानो से शादी के बाद बदली कहानीबाद में दिलीप कुमार ने अपने से काफी छोटी Saira Banu से शादी कर ली। लेकिन किस्मत ने एक बार फिर अतीत को सामने ला खड़ा किया, जब मधुबाला अपनी जिंदगी के आखिरी दौर में उनसे मिलना चाहती थीं। जब मिला मिलने का संदेशदिलीप कुमार अपनी आत्मकथा में बताते हैं कि फिल्म Ram Aur Shyam की शूटिंग के दौरान उन्हें मधुबाला का संदेश मिला कि वह उनसे मिलना चाहती हैं। उन्होंने यह बात सायरा बानो को बताई और यहां से इस कहानी में एक भावुक मोड़ आता है। सायरा बानो का बड़ा दिलसायरा बानो ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपने पति को मधुबाला से मिलने की इजाजत दे दी। उन्होंने न केवल समझदारी दिखाई, बल्कि इस संवेदनशील पल में एक सशक्त और उदार पत्नी होने का उदाहरण भी पेश किया। आखिरी मुलाकात बनी यादगारसायरा की अनुमति के बाद दिलीप कुमार तुरंत मुंबई पहुंचे। उस समय मधुबाला गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और बेहद कमजोर हो चुकी थीं। उनकी हालत देखकर दिलीप कुमार भावुक हो गए।बताया जाता है कि मधुबाला ने उनसे कुछ निजी बातों और सलाह के लिए मुलाकात की थी। यह मुलाकात दोनों के जीवन की आखिरी मुलाकात साबित हुई। एक अधूरी मोहब्बत का अंत23 फरवरी 1969 को महज 36 वर्ष की उम्र में मधुबाला का निधन हो गया। उनके और दिलीप कुमार के बीच का प्यार भले ही मुकम्मल न हो सका, लेकिन उनकी कहानी आज भी बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत और दर्दभरी प्रेम कहानियों में गिनी जाती है। दिलीप कुमार, मधुबाला और सायरा बानो—तीनों के इस किस्से में प्यार, सम्मान और त्याग की झलक मिलती है। यह कहानी सिखाती है कि रिश्तों में सिर्फ मोहब्बत ही नहीं, बल्कि समझ और इंसानियत भी उतनी ही जरूरी होती है।
राहुल गांधी ने अंबेडकर मैराथन से BJP-RSS पर साधा निशाना, बताया संविधान पर खतरा

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित रन फॉर अंबेडकर और रन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन मैराथन 2026 को हरी झंडी दिखाकर शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का सबसे बड़ा संदेश देश का संविधान है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा से जुड़े लोग अंबेडकर के सिद्धांतों और संविधान को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ये ताकतें देश में सभी को समान अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। राहुल गांधी के मुताबिक भाजपा के नेता अंबेडकर की प्रतिमा के सामने सम्मान जताते जरूर हैं लेकिन असल में उनका उद्देश्य संविधान को नुकसान पहुंचाना है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार संविधान पर प्रहार कर रही है और उसके नेता आक्रामक रवैया अपना रहे हैं। उनके अनुसार सरकार परोक्ष रूप से संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी कर रही है। पुनिया ने कहा कि यह मैराथन लोगों को जागरूक करने के लिए आयोजित की गई है ताकि सभी मिलकर अंबेडकर की विचारधारा और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट हो सकें। महिला आरक्षण बिल पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा इसके समर्थन में रही है लेकिन भाजपा के लागू करने के तरीके पर सवाल उठते हैं। उनका कहना था कि बिना नई जनगणना और परिसीमन के इस बिल को लागू करना उचित नहीं है। कांग्रेस की मांग है कि इसे नई जनगणना के आधार पर ही लागू किया जाना चाहिए न कि 2011 के पुराने आंकड़ों के आधार पर।
एमपी में बढ़ने लगी गर्मी, तापमान 4 डिग्री तक उछला, रतलाम में पारा 40 पार

भोपाल। मध्य प्रदेश में अब गर्मी ने पूरी तरह असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप लोगों को झुलसाने लगी है जबकि दोपहर में तपिश और ज्यादा बढ़ रही है। इसी कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में औसतन करीब 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है वहीं कुछ शहरों में यह बढ़त 5 से 6 डिग्री तक पहुंच गई है। मौसम विभाग के अनुसार इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के जिलों में गर्मी का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है। शनिवार को इन क्षेत्रों में तेज गर्मी रही और रविवार को भी हालात ऐसे ही बने रहने के संकेत हैं। शनिवार को उज्जैन रतलाम और नर्मदापुरम सहित 18 शहरों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया। रतलाम में सबसे ज्यादा 40.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा नर्मदापुरम में 39.4 डिग्री धार में 39.2 खरगोन में 39 गुना में 38 शाजापुर में 37.7 रायसेन और सागर में 37.6 छिंदवाड़ा में 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। मंडला दतिया और श्योपुर में 37.4 खजुराहो में 37.2 और दमोह टीकमगढ़ व बैतूल में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन सबसे गर्म रहा जहां तापमान 38 डिग्री दर्ज किया गया। इंदौर में 37.6 भोपाल में 36.8 जबलपुर में 36.6 और ग्वालियर में 35.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल को एक नया मौसम सिस्टम सक्रिय होगा लेकिन इसके कमजोर रहने की संभावना है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज गर्मी का दौर जारी रहेगा। बढ़ती गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं कोई चेहरे को ढककर बाहर निकल रहा है तो कोई ठंडे पेय गन्ने का रस और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर में तेज धूप से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही हल्के और सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। गौरतलब है कि इस साल अप्रैल के शुरुआती दिनों में मौसम का मिजाज अलग रहा। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश में कई जगह आंधी बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। 15 से अधिक जिलों में ओले गिरे जबकि करीब 45 जिलों में बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं वैसे ही गर्मी के लिए अप्रैल और मई मुख्य महीने हैं। खासकर अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी अपने चरम पर पहुंचने लगती है।
Sanju Samson ने ऑरेंज कैप की रेस में लगाई लंबी छलांग, वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायम

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप और पर्पल कैप की रेस लगातार रोमांचक होती जा रही है। हर मैच के साथ खिलाड़ियों की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ताजा मुकाबलों के बाद जहां संजू सैमसन ने अपने शतक से शानदार छलांग लगाई है, वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने शीर्ष स्थान पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है। दूसरी ओर गेंदबाजों की रेस में चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज लगातार प्रभावित कर रहे हैं। संजू सैमसन की शतकीय पारी से मचा धमालदिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ खेले गए मुकाबले में संजू सैमसन ने 56 गेंदों में नाबाद 115 रनों की शानदार पारी खेलकर सभी का ध्यान खींच लिया। उनकी इस पारी में 15 चौके और 4 लंबे छक्के शामिल रहे। शुरुआत में धीमी बल्लेबाजी के बाद उन्होंने बाद के ओवरों में आक्रामक अंदाज अपनाते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। इसी पारी के दम पर सैमसन ऑरेंज कैप की रेस में टॉप-10 में शामिल हो गए हैं। चार मैचों में सैमसन के नाम अब 137 रन हो गए हैं और उनका स्ट्राइक रेट 182 से अधिक पहुंच चुका है। चेन्नई सुपर किंग्स के युवा खिलाड़ी आयुष म्हात्रे ने भी दिल्ली के खिलाफ अर्धशतक लगाकर टॉप-10 में जगह बनाई है। वैभव सूर्यवंशी का दबदबा कायमराजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। वह अब तक 200 रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद सनराइजर्स हैदराबाद के हेनरिक क्लासेन 184 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि यशस्वी जायसवाल 183 रन बनाकर तीसरे स्थान पर काबिज हैं। टॉप-10 बल्लेबाजों की सूची में ध्रुव जुरेल, समीर रिजवी, अंगकृश रघुवंशी और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो लगातार अपने प्रदर्शन से टीमों को मजबूती दे रहे हैं। टॉप-10 ऑरेंज कैप लिस्ट (संक्षेप में)वैभव सूर्यवंशी – 200 रनहेनरिक क्लासेन – 184 रनयशस्वी जायसवाल – 183 रनध्रुव जुरेल – 176 रनसमीर रिजवी – 166 रनअंगकृश रघुवंशी – 155 रनरजत पाटीदार – 142 रनश्रेयस अय्यर – 137 रनसंजू सैमसन – 137 रनआयुष म्हात्रे – 133 रन पर्पल कैप की रेस में अंशुल कंबोज का दमगेंदबाजी में चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कंबोज ने भी अपनी धारदार गेंदबाजी से सबका ध्यान खींचा है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 3 विकेट लेकर उन्होंने पर्पल कैप की रेस में दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। उनके नाम अब 8 विकेट हो चुके हैं। रवि बिश्नोई 9 विकेट के साथ पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनके बाद अंशुल कंबोज, प्रसिद्ध कृष्णा (6 विकेट), राशिद खान (5 विकेट) और लुंगी एनगिडी (5 विकेट) टॉप-5 में शामिल हैं। आईपीएल 2026 का यह सीजन पूरी तरह से बल्लेबाजों और गेंदबाजों की टक्कर बन गया है। जहां एक ओर युवा खिलाड़ी लगातार अपनी पहचान बना रहे हैं, वहीं अनुभवी खिलाड़ी भी पीछे नहीं हैं। आने वाले मैचों में ऑरेंज और पर्पल कैप की रेस में और भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।