Trump warning: ईरान को हथियार सपोर्ट पर चीन को कड़े नतीजों की धमकी

नई दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर तनाव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन नेता Donald Trump ने चीन को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर वह Iran को हथियार या सैन्य सहायता भेजता है, तो इसके “गंभीर और दूरगामी परिणाम” होंगे। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में पहले से ही तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं और कई देशों के बीच कूटनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। चीन पर सीधा निशानाट्रंप ने अपने बयान में China की संभावित भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए यह जरूरी है कि कोई भी देश संघर्ष क्षेत्रों में हथियारों की आपूर्ति न करे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि चीन इस तरह की किसी गतिविधि में शामिल होता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय नियमों और शांति प्रयासों के खिलाफ होगा। हालांकि चीन की ओर से इस बयान पर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पहले भी वह पश्चिम एशिया में तटस्थ और संतुलित भूमिका की बात करता रहा है। ईरान को लेकर बढ़ती चिंताट्रंप ने विशेष रूप से ईरान का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां किसी भी प्रकार की सैन्य आपूर्ति पूरे क्षेत्र में अस्थिरता को और बढ़ा सकती है। उनका कहना था कि ऐसे कदम न सिर्फ क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और कूटनीतिक संबंधों पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं। वैश्विक कूटनीति पर असरविशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान आने वाले समय में अमेरिका-चीन संबंधों पर भी प्रभाव डाल सकता है। पहले से ही दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और सुरक्षा मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। ऐसे में यह नया बयान कूटनीतिक माहौल को और जटिल बना सकता है। पश्चिम एशिया में बढ़ता तनावईरान को लेकर जारी अंतरराष्ट्रीय विवादों के बीच कई देश क्षेत्र में स्थिरता लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहे हैं। लेकिन हथियारों की संभावित आपूर्ति और सैन्य गतिविधियों की खबरों ने चिंता और बढ़ा दी है। अमेरिका की रणनीतिक स्थितिविश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका आने वाले समय में चीन और ईरान दोनों पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ा सकता है। ट्रंप का यह बयान इसी दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है। ट्रंप की चेतावनी ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। जहां एक ओर शांति और स्थिरता की कोशिशें चल रही हैं, वहीं दूसरी ओर ऐसे बयान अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नई चुनौतियां खड़ी कर सकते हैं। अब देखना होगा कि चीन इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा किस दिशा में आगे बढ़ता है।
बड़ी खबर : ईरान के खिलाफ इजरायल का सैन्य अभियान रहेगा जारी" शांति वार्ता के बीच नेतन्याहू का बड़ा बयान

नई दिल्ली में सामने आई जानकारी के अनुसार इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और आगे भी कई कदम उठाए जाएंगे। इजरायल का दावा है कि ईरान के पास अब कोई सक्रिय यूरेनियम संवर्धन केंद्र नहीं बचा है, लेकिन इसके बावजूद सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। लेबनान में हमले जारी, ड्रोन से निशानादूसरी ओर, लेबनान के सरकारी मीडिया ने दक्षिणी क्षेत्रों में नए इजरायली हमलों की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार अल-मजादेल और तेबनीन इलाकों में ड्रोन हमले किए गए हैं। इन घटनाओं के बाद राजधानी बेरुत में इजरायल के साथ चल रही कूटनीतिक बातचीत के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं, जहां नागरिकों ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। लेबनान में राजनीतिक तनाव और यात्रा रद्दलेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने देश की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपनी वॉशिंगटन यात्रा और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ प्रस्तावित बैठक रद्द कर दी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में देश की सुरक्षा और एकता उनकी पहली प्राथमिकता है।
इस्लामाबाद में 21 घंटे की अमेरिका-ईरान वार्ता बेनतीजा, खाली हाथ लौटे जेडी वेंस, सीजफायर पर सहमति नहीं

इस्लामाबाद | इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर लगभग 21 घंटे तक चली मैराथन वार्ता आखिरकार बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। इसके बाद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान से रवाना हो गए। वार्ता के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वेंस ने स्वीकार किया कि कोई डील नहीं हो सकी, हालांकि उन्होंने कहा कि बातचीत अमेरिका की तुलना में ईरान के लिए अधिक महत्वपूर्ण थी। अमेरिका का अंतिम प्रस्ताव और परमाणु मुद्दावेंस ने बताया कि अमेरिका ने लंबे संवाद के बाद अपना “सबसे बेहतर और अंतिम प्रस्ताव” रखा था। उन्होंने दावा किया कि ईरान की न्यूक्लियर संवर्धन सुविधाएं नष्ट हो चुकी हैं, जिससे बातचीत का फोकस अब इस पर है कि तेहरान भविष्य में परमाणु हथियार विकसित न करे। उनके अनुसार, सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ईरान केवल वर्तमान नहीं बल्कि आने वाले वर्षों में भी परमाणु हथियार क्षमता से दूर रहने की प्रतिबद्धता दे सकता है। पाकिस्तान की मध्यस्थता और प्रतिक्रियाइस वार्ता के बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने बयान जारी कर दोनों पक्षों से सीजफायर का पालन करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए आगे बढ़ेंगे। डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान भविष्य में भी दोनों देशों के बीच बातचीत को आसान बनाने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।इस वार्ता के बीच पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने बयान जारी कर दोनों पक्षों से सीजफायर का पालन करने की अपील की। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका और ईरान क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए आगे बढ़ेंगे। डार ने यह भी कहा कि पाकिस्तान भविष्य में भी दोनों देशों के बीच बातचीत को आसान बनाने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
शांति वार्ता के बीच बड़ा बयान: बेंजामिन नेतन्याहू बोले-ईरान के खिलाफ अभियान खत्म नहीं

नई दिल्ली।मध्य पूर्व में चल रही शांति वार्ताओं के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ इजरायल का अभियान खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय हालात को देखते हुए यह कार्रवाई जारी रहेगी। नेतन्याहू के इस बयान ने ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल बढ़ा दी है, जब कई देशों की मध्यस्थता में तनाव कम करने और संघर्ष विराम को लेकर प्रयास तेज किए जा रहे हैं। हालांकि, इजरायल की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि वह अपनी सुरक्षा रणनीति में किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है। ईरान को लेकर सख्त संदेशनेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि Iran से जुड़े खतरे अभी भी बने हुए हैं और इजरायल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक लंबी रणनीति का हिस्सा है। इजरायली प्रधानमंत्री के मुताबिक, क्षेत्र में स्थिरता तभी संभव है जब “आतंकी ढांचे और उनके समर्थन नेटवर्क” को पूरी तरह कमजोर किया जाए। लेबनान में भी सैन्य कार्रवाई जारीइस बीच इजरायल की सेना की गतिविधियां Lebanon में भी जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तरी सीमा क्षेत्र में तनाव अभी भी बरकरार है और कई इलाकों में रुक-रुक कर हमले और जवाबी कार्रवाई देखी जा रही है। हालांकि इजरायल का दावा है कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा और जवाबी कदमों के तहत की जा रही है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शांति प्रयासों पर सवालअंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत और संघर्ष विराम की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नेतन्याहू के ताजा बयान ने इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान शांति प्रक्रिया को और जटिल बना सकते हैं। क्षेत्रीय तनाव और बढ़ती चिंतामध्य पूर्व में पहले से ही अस्थिर हालात के बीच इजरायल, ईरान और लेबनान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। ऊर्जा आपूर्ति, सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों पर भी इसका असर देखा जा रहा है। नेतन्याहू के इस सख्त रुख से साफ है कि फिलहाल क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत कमजोर हैं। जहां एक ओर शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।
उज्जैन में मंदिर हटाने को लेकर पंचम पूरा में हुआ विवाद, एसआई घायल

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन के पंचमपुरा में शनिवार की रात मंदिर हटाने गई पुलिस और नगर निगम टीम के साथ कुछ लोगों ने अभद्रता करते हुए पथराव कर दिया। जिसमें एक माधव नगर थाने में पदस्थ एसआई घायल हो गया। उक्त घटना के बाद माधवनगर थाने के बाहर हिन्दूवादी संगठन के लोगों ने चक्का जाम करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने सभी को हटाया। गौरतलब है कि सांवेर रोड स्थित दो तालाब से लेकर तरणताल चौराहे तक मार्ग चौड़ीकरण किया जाना है। इस मार्ग पर स्थित पंचमपुरा में एक कालका माता का मंदिर को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। शनिवार सुबह स्थानीय रहवासियों और नगर निगम ने विधि-विधान के साथ माता की मूर्ति को मंदिर से स्थानांतरित कर दिया था। शाम को जब नगर निगम की टीम मंदिर तोडऩे पहुंची तो मंदिर के समीप रहने वाले रवि बामनिया ने हिन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को बुलाया लिया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई का समर्थन किया और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं को हस्तक्षेप करने से रोक दिया। आरोप है की इसी बात को लेकर रवि बामनिया के साथ लोगों ने मारपीट कर दी। जिससे गुस्सा होकर उसने पत्थर फैंके। जिसके कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक पत्थर माधवनगर थाने में पदस्थ एसआई अंकित बनोधा को के सिर में ल ग गया। जिसके कारण वह घायल हो गया। मामला गरमाया तो पुलिस ने लोगों को मौ$के से खदेड़ दिया। कुछ ही देर में पुलिस बल की मौजुदगी में नगर निगम ने मंदिर को हटा दिया। उक्त घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने माधव नगर थाने का घेराव करते हुए सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया। जहां पर सूचना मिलते ही सीएसपी दीपिका शींदे पहुंची और उन्होने हंगामा कर रहे लोगों को मौके से भागा दिया। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को हिरासत में भी लिया।
उन्नत कृषि महोत्सव 2026 में जाफराबादी भैंस बनी पशुपालकों, किसानों का मुख्य आकर्षण

भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय पर आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव 2026 में विशेष रूप से ऊंची कद-काठी और अधिक दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध जाफराबादी भैंस आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बड़ी संख्या में किसान इस भैंस की जानकारी ले रहे हैं। दरअसल, रायसेन के दशहरा मैदान में पशुपालकों और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कृषि कल्याण महोत्सव’ के अंतर्गत ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल सहित अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहे। महोत्सव में केंद्र और राज्य सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। इन्हीं में एक स्टाल में जाफराबादी भैंस भी प्रदर्शन के लिए लाई गई हैं, जो आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसके अलावा कुक्कुट विकास निगम, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर, गो संवर्धन बोर्ड, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और सांची बोर्ड द्वारा भी स्टॉल लगाकर किसानों को उन्नत तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। महोत्सव में मध्य प्रदेश की पहचान बन चुका कड़कनाथ सहित विभिन्न उन्नत नस्लों की मुर्गियों का प्रदर्शन किया गया है। साथ ही गिर और साहीवाल नस्ल की गायों तथा मुर्रा भैंस का जीवंत प्रदर्शन कर पशुपालन के आधुनिक स्वरूप से किसानों को अवगत कराया जा रहा है। महोत्सव में संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल, नोडल अधिकारी अतिरिक्त उप संचालक अनुपम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
MP: समर्थन मूल्य पर अब तक 7103 किसानों से हुई 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं के उपार्जन का कार्य जारी है। प्रदेश में अभी तक 7103 किसानों से 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। यह जानकारी प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 75 हजार 475 किसानों द्वारा 7 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।
MP: CM डॉ. यादव आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 1836 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर जिले की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन कार्यों का करेंगे लोकार्पणजनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र ओगारे ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजनमुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर फिर हमले…. मुस्लिम युवक की हत्या के बाद फूंके अल्पसंख्यकों के घर और दुकानें

ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) के उत्तर-पश्चिमी जिले रंगपुर (Northwestern district Rangpur) और पश्चिमी जिले कुश्तिया (Western district Kushtia) में शनिवार को भारी हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं। एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु की हत्या के बाद भड़की भीड़ ने रंगपुर में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि मृतक के परिजनों द्वारा हिंदुओं का हाथ होने से इनकार किए जाने के बावजूद भीड़ ने इस समुदाय पर हमला बोल दिया। पुलिस इसे मुख्य मामले से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश करार दे रही है। ढाका से लगभग 300 किलोमीटर दूर रंगपुर के दासपारा बाजार इलाके में शनिवार को एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु रकीब हसन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच के अनुसार, हसन की हत्या कथित तौर पर एक ड्रग तस्कर मोहम्मद मोमिन ने पुरानी रंजिश के चलते की थी। हालांकि, हत्या के कुछ ही घंटों बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। एक उग्र भीड़ ने दासपारा बाजार में स्थित हिंदुओं के घरों और दुकानों पर हमला बोल दिया। स्थानीय समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ के अनुसार, इस क्षेत्र में हिंदू समुदाय के लगभग सौ से अधिक परिवार रहते हैं। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने तोड़फोड़ के साथ-साथ लूटपाट की भी कोशिश की। ध्यान भटकाने के लिए हुए हमलेरंगपुर के पुलिस कमिश्नर मोहम्मद मजीद अली ने मीडिया को बताया कि पुलिस असली हत्यारों की तलाश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा एक तीसरे पक्ष की साजिश है ताकि पुलिस का ध्यान रकीब हसन की हत्या के मामले से भटकाया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने उन लोगों की पहचान कर ली है जिन्होंने हिंदू घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक रकीब की मां नूरजहां बेगम ने स्वयं बयान दिया कि इस हत्या में हिंदू समुदाय का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमारा हिंदुओं साथ कोई विवाद नहीं है। हम सिर्फ अपने बेटे के असली हत्यारों की गिरफ्तारी चाहते हैं।” इस्लाम के अपमान का आरोपरंगपुर की घटना के समांतर ही ढाका से 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित कुश्तिया जिले में भी हिंसा की एक बड़ी वारदात हुई। यहां एक स्कूल शिक्षक और आध्यात्मिक हस्ती शमीम रजा जहांगीर की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। उन पर इस्लाम के अपमान का आरोप लगाया गया था। दौलतपुर थाना पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने न केवल जहांगीर की जान ली, बल्कि उनके कम से कम सात अनुयायियों को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। उग्र भीड़ ने जहांगीर के आश्रम को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बताया कि जहांगीर को इससे पहले 2021 में भी कट्टरपंथी संगठनों की शिकायतों पर विवादास्पद गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। स्थिति संभालने की कोशिशइन दोहरे हमलों के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रंगपुर और कुश्तिया में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) की तैनाती की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के आंकड़े डराने वाले हैं। ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वे कट्टरपंथी तत्वों पर नकेल कसें और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इजराइली सेना का लेबनान में बड़ा हमला…. हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों पर की बमबारी

येरुशलम। इजरायली सेना (Israeli army.) ने 24 घंटे के भीतर लेबनान (Lebanon) में हिजबुल्लाह (Hezbollah.) के 200 से अधिक ठिकानों पर हमले का दावा किया है। सेना के मुताबिक, उसके वायुसेना के विमानों ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के अड्डों को निशाना बनाया। एक्स पर जारी आधिकारिक पोस्ट में इजरायली रक्षा बल (Israeli Defense Forces.-IDF) ने कहा कि यह ऑपरेशन जारी रहेगा। आईडीएफ ने दावा किया कि इन हमलों से हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच क्षेत्र में तनाव जारी है, क्योंकि इजरायल हिजबुल्लाह को कमजोर करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रहा है। इन घटनाओं के बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम अमेरिका के साथ हुई बातचीत का हिस्सा था। पाकिस्तानी पक्ष ने भी इसकी पुष्टि की है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल हिजबुल्लाह के संपर्क में है और स्थिति पर जरूरी फैसले ले रहा है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, यह जानकारी ईरान-पाकिस्तान-अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता के शुरू होने के साथ आई है। पाकिस्तानी राजधानी में एक अहम बैठकइस्लामाबाद में हो रही ये बातचीत 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच उच्चतम स्तर की चर्चा मानी जा रही है। ईरानी टीम ने औपचारिक वार्ता से पहले पाकिस्तानी राजधानी में रणनीतिक बैठक की। इस्लामाबाद के सेरेना होटल में ये बातचीत हो रही है, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि पहुंचे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इन वार्ताओं को मेक-ऑर-ब्रेक यानी निर्णायक बताया है। 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम को स्थिर करने और क्षेत्रीय सुरक्षा के भविष्य पर चर्चा का लक्ष्य है। होटल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गतिविधियां दिख रही हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरेफ ने एक्स पर लिखा कि बातचीत का नतीजा अमेरिकी रुख पर निर्भर करेगा। अगर अमेरिका फर्स्ट की सोच वाले प्रतिनिधि मिले तो दोनों पक्षों और दुनिया के लिए फायदेमंद समझौता संभव है।