US URAN WAR : भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा ईरान युद्ध का असर… महंगे तेल ने बिगाड़ी हालत

US URAN WAR : नई दिल्ली। ग्लोबल स्तर (Global Level) पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों (Crude Oil Prices) में तेज उछाल अब भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) पर भी असर दिखाने लगा है। हाल ही में आई मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की रिपोर्ट में भी इसका संकेत साफ दिखाई देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, महंगे तेल की वजह से भारत की आर्थिक ग्रोथ पर दबाव बढ़ गया है। यही वजह है कि FY2027 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान घटाकर 6.2% कर दिया गया है। आइए जरा विस्तार से समझते हैं कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का सीधा असर भारत पर कैसा पड़ेगा? आपको बता दें कि जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। इससे ट्रांसपोर्ट, उत्पादन और रोजमर्रा की चीजें महंगी हो जाती हैं। इसका नतीजा यह होता है कि लोगों की जेब पर दबाव बढ़ता है और खर्च कम हो जाता है, जिससे डिमांड भी कमजोर पड़ने लगती है। 95 डॉलर प्रति बैरल होंगी तेल की कीमतें रिपोर्ट के अनुसार, अगर तेल की कीमतें औसतन 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहती हैं, तो उद्योगों की लागत बढ़ेगी, कंपनियों का मुनाफा घटेगा और आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा, जो बढ़कर करीब 5.1% तक पहुंचने का अनुमान है। 85% कच्चा तेल आयात भारत की एक बड़ी चुनौती यह भी है कि वह अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है, जिससे तेल महंगा होने पर देश का आयात बिल बढ़ जाता है और चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) भी बढ़कर 2.5% तक जा सकता है। इससे रुपये पर भी दबाव बन सकता है। किस-किस पर होगा असर? इसका असर आम लोगों से लेकर कंपनियों और सरकार तक सभी पर पड़ता है, जहां आम आदमी की खरीदारी घटती है, वहीं कंपनियों के खर्च बढ़ जाते हैं और सरकार को सब्सिडी बढ़ानी पड़ सकती है। हालांकि, RBI (Reserve Bank of India) फिलहाल ब्याज दरों को स्थिर रखते हुए स्थिति संभालने की कोशिश कर सकता है। अगर हालात और बिगड़ते हैं और तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचता है, तो ग्रोथ 5.7% तक गिर सकती है और महंगाई 6% के पार जा सकती है। फिर भी मजबूत घरेलू मांग और सरकारी नीतियों की वजह से भारत की अर्थव्यवस्था इस चुनौती का सामना करने में सक्षम मानी जा रही है।
health insurance system : हेल्थ इंश्योरेंस सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की तैयारी…

health insurance system : नई दिल्ली। केंद्र सरकार (Central Government) ने हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत बीमा नियामक इरडा (Insurance Regulator IRDA) ने एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया है, जो हेल्थ इंश्योरेंस (Health Insurance) के पूरे ढांचे की गहराई से जांच करेगी और ऐसे सुझाव देगी, जिससे सिस्टम ज्यादा सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बन सके। इसका मकसद बीमा लेने वाले लोगों की परेशानियों को कम करना और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसकी पहुंच बनाना है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश में पिछले कुछ वर्षों में हेल्थ इंश्योरेंस लेने वालों की संख्या बढ़ी है, लेकिन इसके साथ ही समस्याएं भी बढ़ी हैं। लोग लगातार बढ़ते प्रीमियम, अस्पतालों की मनमानी बिलिंग, क्लेम में देरी और पॉलिसी की जटिल शर्तों से परेशान हैं। कम हुआ आम लोगों का भरोसा कई बार बीमा होने के बावजूद मरीज को बड़ी रकम अपनी जेब से खर्च करनी पड़ती है। यही वजह है कि आम लोगों का भरोसा इंश्योरेंस सिस्टम पर कुछ हद तक कम हुआ है। इन समस्याओं को देखते हुए बीमा ढांचे में व्यापक बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अस्पतालों की मनमानी बिलिंग सबसे बड़ी समस्या अस्पतालों की मनमानी बिलिंग सबसे बड़ी समस्या है। एक ही बीमारी के इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों में अलग-अलग खर्च लिया जाता है। इस गड़बड़ी को दूर करने के लिए अस्पतालों की फीस और टैरिफ सिस्टम की समीक्षा की जाएगी, ताकि इलाज की कीमतों में पारदर्शिता लाई जा सके। क्या करेगी समिति हेल्थ इंश्योरेंस से जुड़े हर पहलू की समीक्षा करेगी। समिति यह भी देखेगी कि हेल्थ इंश्योरेंस कितने लोगों तक पहुंच रहा है, दावा निपटान की प्रक्रिया कैसी है, नए बीमा प्लान कैसे बनाए जाएं, लोगों की शिकायतों का समाधान कैसे तेज किया जाए। इसके अलावा फर्जी दावे, गलत बिलिंग और प्रशासनिक कमियों को दूर करने के उपाय भी सुझाएगी। इसके लिए बीमा कंपनियों और अस्पतालों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश होगी। समिति यह भी देखेगी कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और निजी बीमा के बीच बेहतर तालमेल कैसे बनाया जाए। इससे लोगों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे और बीमा का फायदा ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगा। साथ ही पॉलिसी को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में ले जाना भी आसान हो सकता है।
Trump threats : ईरान अपने रुख पर कायम… संसद अध्यक्ष बोले- ‘ट्रंप की धमकियों से नहीं पड़ता कोई असर

Trump threats : तेहरान। ईरान (Iran) के संसद अध्यक्ष (Parliament Speaker) मोहम्मद बाकेर गालिबाफ (Mohammad Baqer Ghalibaf) ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) की हाल की धमकियों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, ये धमकियां बेअसर हैं और ईरान अपने रुख पर मजबूत रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में कुछ प्रगति हो रही है। ईरानी सरकारी मीडिया और अल-जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, गालिबाफ ने कहा कि तेहरान ने बातचीत के दौरान ‘बहुत अच्छे प्रस्ताव’ दिए हैं, जिससे बातचीत आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा, ट्रंप की हाल की धमकियों का ईरानी जनता पर कोई असर नहीं है। हम किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे: गालिबाफ उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति को चेतावनी देते हुए कहा, अगर आप लड़ेंगे तो हम भी लड़ेंगे और अगर आप समझदारी से आएंगे तो हम भी समझदारी से बात करेंगे। उन्होंने आगे कहा, हम किसी भी धमकी के आगे नहीं झुकेंगे। उन्हें हमारी इच्छाशक्ति को फिर से परखने दीजिए, ताकि हम उन्हें बड़ा सबक सिखा सकें। बातचीत की मैच पर वापस आएगा ईरान: ट्रंप इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्हें भरोसा है कि ईरान आखिरकार अमेरिका की शर्तें मान लेगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान वापस बातचीत की मेज पर आएगा। उन्होंने कहा, मैं चाहता हूं कि वे हमें सब कुछ दें। ईरान के पास कोई ताकत नहीं बची है। उनके पास कोई बढ़त नहीं हैं। उन्होंने अपनी हालिया सख्त बयानबाजी का बचाव भी किया और कहा कि यही बातचीत शुरू होने की वजह बनी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ जैसे नारे भी लगते हैं, इसलिए कड़ा जवाब जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी एक टिप्पणी ने ही ईरान को बातचीत की मेज पर ला दिया और वह अभी भी वहीं मौजूद हैं।
Asha Bhosle untold story : सफलता की ऊंचाइयों के बाद भी अधूरी रही ये ख्वाहिश, Asha Bhosle की भावुक कहानी

Asha Bhosle untold story : नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की महान हस्ती Asha Bhosle के निधन ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। 92 वर्ष की आयु में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके जाने से न सिर्फ बॉलीवुड, बल्कि करोड़ों फैंस के दिलों में खालीपन आ गया है। रिकॉर्ड्स बनाए, लेकिन एक कमी रह गई अपने 70+ साल लंबे करियर में आशा ताई ने हजारों गाने गाकर अनगिनत रिकॉर्ड बनाए। हिंदी, मराठी, बंगाली से लेकर कई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में गाकर उन्होंने अपनी आवाज का जादू बिखेरा। लेकिन इतनी बड़ी सफलता के बावजूद उनके मन में एक अधूरा सपना हमेशा रहा। health insurance system : हेल्थ इंश्योरेंस सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की तैयारी… पढ़ाई और अंग्रेजी न सीख पाने का अफसोस Asha Bhosle को इस बात का जीवनभर अफसोस रहा कि उन्हें पढ़ाई का पूरा मौका नहीं मिला। उन्होंने खुद एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अगर उन्होंने अच्छी शिक्षा ली होती और अंग्रेजी भाषा सीखी होती, तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़ी पहचान बना सकती थीं। उन्होंने बताया था कि जब वे विदेश जाती थीं और अंग्रेजी गाने सुनती थीं, तो उन्हें यह महसूस होता था कि काश वे भी उस स्तर पर गा पातीं। उस दौर की सोच बनी रुकावट आशा ताई ने यह भी कहा था कि उनके समय में महिलाओं की शिक्षा को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता था। समाज की सोच के कारण उन्हें पढ़ाई का मौका नहीं मिला, जिसका असर उनके करियर के एक हिस्से पर पड़ा। युवाओं को दिया संदेश उन्होंने युवाओं को हमेशा यही संदेश दिया कि सफलता के लिए मेहनत और सीखना बेहद जरूरी है। उनका मानना था कि अगर उन्हें सही शिक्षा मिली होती, तो वे और भी ऊंचाइयों तक पहुंच सकती थीं।
LPG gas leaks : खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित

LPG gas leaks : खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर रविवार रात एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन में रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। समय रहते रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संभावित बड़ा हादसा टल गया। दरअसल महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (भिटौनी) जा रही भारत पेट्रोलियम की मालगाड़ी में 32 वैगन थे। रात करीब 9:30 बजे ट्रेन आउटर पर खड़ी थी, तभी स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज गंध महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस रिसाव की पुष्टि हुई। जानकारी के अनुसार, शिफ्ट खत्म होने पर ट्रैक चेक कर रहे एक रेलवे कर्मचारी ने पहले गैस की आवाज और फिर तेज गंध महसूस की। पास जाकर देखने पर एक वैगन से तेजी से गैस निकलती दिखाई दी। कर्मचारी ने तुरंत स्टेशन प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद पूरे सिस्टम को अलर्ट कर दिया गया। सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी, स्टेशन प्रबंधक अरविंद साहा, आरपीएफ और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता और एसपी मनोज कुमार राय ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेराबंदी में लिया गया और आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई। तीन घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन गंभीर स्थिति को देखते हुए रेलवे और डिजास्टर मैनेजमेंट टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों ने 3 घंटे की मशक्कत के बाद लीकेज वाले 1 वैगन को बाकी 31 वैगन से अलग कर आइसोलेट किया। एहतियात के तौर पर लीकेज वाले वैगन को गीले बारदान (बोरियों) और गीली बालू रेत से ढंक दिया गया। लीकेज वैगन को अलग करने और स्थिति को सुरक्षित करने में प्रशासन को करीब 3 घंटे का समय लगा। स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया और बाकी 31 वैगन वाली ट्रेन को जबलपुर रवाना कर रात 12:30 बजे के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है। 3 घंटे प्रभावित रहा रेल यातायात रात 12:30 बजे अधिकारी मौके से रवाना हुए। इस पूरे घटनाक्रम के कारण रेलवे यातायात भी बाधित हुआ और राजधानी व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित रहीं। कई ट्रेनों को आउटर और नजदीकी स्टेशनों पर रोकना पड़ा। करीब रात 12:30 बजे स्थिति नियंत्रण में आने के बाद ट्रेनों की आवाजाही बहाल की गई। कलेक्टर बोले— एक वैगन ही गंभीर खतरनाक था मौके पर पहुंचे कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि, “32 वैगन वाली ट्रेन में एलपीजी गैस भरी हुई थी। एक वैगन में लीकेज पाया गया। जिसे आइसोलेट करके फर्स्ट एड के रूप में गीली बोरियों से ढ़का गया हैं। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से टेक्निकल टीम को बुलाया गया है। टीम वहां से रवाना हो गई हैं। एक वैगन में इतनी गैस भरी रहती है कि, यदि हादसा होता तो पूरा शहर दहल सकता था।”
Syedna Saifuddin : बोहरा धर्मगुरु सैयदना सैफुद्दीन बुरहानपुर पहुंचे, अनुयायियों ने किया स्वागत

Syedna Saifuddin : बुरहानपुर। दुनिया भर के दाऊदी बोहरा समुदाय के 53वें धर्मगुरु सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन रविवार की रात आठ बजे मध्य प्रदेश के बुरहानपुर पहुंचे। वे मुम्बई ट्रेन द्वारा बुरहानपुर आए। यहां रेलवे स्टेशन पर समुदाय के हजारों अनुयायियों ने उनका भव्य स्वागत किया। LPG gas leaks : खंडवा में मालगाड़ी के वैगन से एलपीजी गैस रिसाव, 3 घंटे चला रेस्क्यू, राजधानी समेत 6 ट्रेनें प्रभावित दाऊदी बोहरा जमात प्रो कमेटी के कोऑर्डिनेटर तफज्जुल हुसैन मुलायमवाला ने बताया कि सैयदना सैफुद्दीन अपने पूर्वज, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब की पुण्यतिथि (उर्स) मनाने के लिए बुरहानपुर आए हैं। वे मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में प्रवचन देंगे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश समेत देश के अन्य हिस्सों से हजारों बोहरा समुदाय के सदस्य शहर में मौजूद रहेंगे। Trump threats : ईरान अपने रुख पर कायम… संसद अध्यक्ष बोले- ‘ट्रंप की धमकियों से नहीं पड़ता कोई असर मुलायमवाला ने बताया कि सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जन्म 1665 में 34वें धर्मगुरु सैयदना बदरुद्दीन बिन मुल्ला राज के कार्यकाल में हुआ था। वे साहित्य प्रेमी और एक महान लेखक थे, जिन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी में कई पुस्तकें लिखी थीं। Weather Update: ग्वालियर में चढ़ा पारा, आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी! अपनी धर्मपरायणता, विनम्रता और विद्वत्ता के लिए प्रसिद्ध, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन का जीवन और विरासत आज भी दुनिया भर के हजारों दाऊदी बोहरा सदस्यों को प्रेरित करती है। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को बुरहानपुर स्थित दरगाह-ए-हकीमी की हकीमी मस्जिद में उर्स का आयोजन हो रहा है, जिसमें सैयदना सैफुद्दीन समाजजनों को संबोधित करेंगे।
Yuzvendra Chahal controversy : युजवेंद्र चहल पर तानिया चटर्जी के आरोप, बोलीं-मैसेज कर ‘क्यूट’ कहा, सबूत भी दिखाए

Yuzvendra Chahal controversy : नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका खेल नहीं बल्कि एक विवाद है। ‘उल्लू’ और ‘गंदी बात’ जैसी वेब सीरीज से पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस तानिया चटर्जी ने दावा किया है कि चहल ने उन्हें इंस्टाग्राम पर मैसेज किया और ‘क्यूट’ कहा। इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और मामला तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? तानिया चटर्जी ने एक वायरल वीडियो में पपराजी के सामने अपना इंस्टाग्राम डीएम दिखाते हुए कहा कि युजवेंद्र चहल ने उनके वीडियो पर रिएक्ट करते हुए उन्हें ‘क्यूट’ कहा। उन्होंने कैमरे के सामने यह भी कहा कि “क्यूट कहना तो आम बात है, बहुत लोग कहते हैं,” लेकिन इस खुलासे ने इंटरनेट पर हलचल जरूर मचा दी। क्या तानिया ने दिया जवाब? जब पपराजी ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने इस मैसेज का जवाब दिया, तो तानिया ने कहा कि उन्होंने मैसेज काफी देर से देखा और कोई खास प्रतिक्रिया नहीं दी। इस बयान के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर लोगों का रिएक्शन इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। कुछ लोग युजवेंद्र चहल को ट्रोल कर रहे हैं, तो कुछ इसे एक सामान्य बातचीत बता रहे हैं। कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि क्या सिर्फ ‘क्यूट’ कहना इतना बड़ा मुद्दा है, जबकि कुछ ने इसे अनुचित बताया। कौन हैं तानिया चटर्जी? तानिया चटर्जी कोलकाता की रहने वाली एक्ट्रेस, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। उन्होंने गंदी बात और Ullu जैसे प्लेटफॉर्म की वेब सीरीज में काम किया है। अपने बोल्ड रोल्स और सोशल मीडिया प्रेजेंस के चलते उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है।
Mahakal Temple : वैशाख कृष्ण एकादशी पर महाकालेश्वर मंदिर में दिव्य भस्म आरती का भव्य आयोजन

Mahakal Temple : उज्जैन। वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी पर सोमवार तड़के महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का दिव्य आयोजन श्रद्धा और आस्था के वातावरण में संपन्न हुआ। प्रातः लगभग चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई और गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। इस पवित्र अवसर पर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष संचार महसूस किया गया और श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। कपाट खुलने के पश्चात पुजारियों ने विधि-विधान से सभी देवी-देवताओं का पूजन किया और भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया जिसमें दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस का उपयोग किया गया। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु ध्यानमग्न होकर इस दिव्य अनुष्ठान का साक्षी बने। अभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया जिसमें भांग, चंदन और आभूषणों का प्रयोग किया गया। भगवान के मस्तक पर शिवलिंग, डमरू और अन्य प्रतीकों से अलंकरण किया गया, जिससे उनका स्वरूप अत्यंत आकर्षक और दिव्य दिखाई दिया। सुगंधित पुष्पों और रुद्राक्ष की मालाओं से सजाए गए इस श्रृंगार ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही रजत निर्मित शेषनाग मुकुट और मुण्डमाल अर्पित कर श्रृंगार को भव्य रूप दिया गया। भस्म आरती से पूर्व प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का ध्यान किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई और ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर भस्म अर्पित की गई। यह प्राचीन परंपरा आज भी उसी श्रद्धा और विधि से निभाई जा रही है, जो इस आरती को विशेष महत्व प्रदान करती है। असुबह आयोजित इस आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और पुण्य लाभ अर्जित किया। मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी रही और हर ओर जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान में अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद प्राप्त किया। आरती के दौरान मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं ताकि श्रद्धालुओं को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित दर्शन का अवसर मिल सके। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, आस्था और अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
MP WEATHER UPDATE : मध्य प्रदेश में गर्मी का असर होने लगा तेज, 16 अप्रैल से लू की चेतावनी, 5 शहरों में तापमान 40 डिग्री के पार

MP WEATHER UPDATE : भोपाल। मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर थमते ही गर्मी का असर तेज होने लगा है। रविवार को प्रदेश के 5 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। सबसे ज्यादा तापमान रतलाम में 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बताया कि आने वाले दिनों में प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है। 16 अप्रैल से हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र, जिसमें इंदौर और उज्जैन संभाग शामिल हैं, सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे। तापमान की बात करें तो रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4 डिग्री, धार, मंडला और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में 39.5 डिग्री, खरगोन में 39.2 डिग्री, जबकि रायसेन, छिंदवाड़ा, उमरिया, सतना और मलाजखंड में तापमान 39 डिग्री के आसपास रहा। बैतूल और सागर में 38.8 डिग्री, गुना और शाजापुर में 38.4 डिग्री, नौगांव में 38.2 डिग्री, खंडवा में 38.1 डिग्री तथा सिवनी और सीधी में 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के बड़े शहरों में इंदौर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 39.2 डिग्री दर्ज हुआ। भोपाल में 38.6 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में 38.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 15 अप्रैल से एक नया सिस्टम सक्रिय होगा, लेकिन इसका प्रभाव कमजोर रहेगा। इससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिलेगी और तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी। गर्मी से बचने के लिए लोग अलग-अलग उपाय अपना रहे हैं। कोई चेहरे को कपड़े से ढंककर बाहर निकल रहा है, तो कोई गन्ने का जूस, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों से दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में तेज धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की अपील की गई है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। वहीं, 16 अप्रैल से प्रदेश के धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जिलों में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि जैसे सर्दी के लिए दिसंबर-जनवरी और बारिश के लिए जुलाई-अगस्त अहम होते हैं, उसी तरह अप्रैल और मई गर्मी के सबसे प्रभावी महीने होते हैं, जिनमें अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से तापमान तेजी से बढ़ता है।
Asha Bhosle unknown facts : आशा भोसले की जिंदगी के हैरान कर देने वाले राज, जानिए उनके सफर की खास बातें

Asha Bhosle unknown facts : नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत की महान हस्ती आशा भोसले ने 12 अप्रैल 2026 को 92 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन से संगीत प्रेमियों को गहरा सदमा लगा है। आठ दशकों से भी लंबे करियर में उन्होंने हर तरह के संगीत में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। फिल्मी गीतों से लेकर गजल, भजन, पॉप और लोक संगीत तक हर शैली में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ ऐसे रोचक और अनसुने तथ्य, जो आपको हैरान कर देंगे। कम उम्र में संभाली जिम्मेदारी, यहीं से शुरू हुआ सफर बहुत कम लोग जानते हैं कि आशा भोसले के पिता दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध गायक और अभिनेता थे। लेकिन जब आशा सिर्फ 9 साल की थीं, तब उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद उन्होंने और उनकी बहन लता मंगेशकर ने परिवार की जिम्मेदारी उठाई और फिल्मों में गाना शुरू किया। यही से उनके संघर्ष और सफलता की कहानी की शुरुआत हुई। 10 साल की उम्र में गाया पहला गाना आशा भोसले ने बेहद छोटी उम्र में ही गायकी की दुनिया में कदम रख दिया था। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में 1943 में मराठी फिल्म माझा बल के लिए अपना पहला गाना गाया। इतनी कम उम्र में शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर उन्हें संगीत की ऊंचाइयों तक ले गया। 20 भाषाओं में गाने गाकर बनाया रिकॉर्ड आशा ताई की सबसे बड़ी खासियत उनकी बहुमुखी प्रतिभा थी। उन्होंने हिंदी, मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, भोजपुरी समेत करीब 20 भाषाओं में गाने गाए। यही वजह है कि उनकी आवाज सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में सुनी और पसंद की जाती रही। गायिका ही नहीं, सफल बिजनेसवुमन भी थीं गायकी के अलावा आशा भोसले को खाना बनाने का भी बेहद शौक था। उन्होंने अपने इस शौक को बिजनेस में बदलते हुए साल 2002 में दुबई में ‘Asha’s’ नाम से रेस्टोरेंट शुरू किया। धीरे-धीरे यह ब्रांड बहरीन, कुवैत, कतर और यूके के शहरों तक फैल गया। इस तरह उन्होंने साबित किया कि वह सिर्फ सुरों की रानी ही नहीं, बल्कि एक सफल उद्यमी भी थीं। आखिरी गाने में भी दिखा प्रयोग का जादू अपने करियर के अंतिम पड़ाव में भी आशा भोसले ने संगीत के साथ प्रयोग करना नहीं छोड़ा। उनका आखिरी गाना ‘Shadoe Light’ ब्रिटिश बैंड Gorillaz के साथ था, जिसमें भारतीय शास्त्रीय संगीत और पॉप का अनोखा मेल देखने को मिला। यह गाना उनके घर, मुंबई में रिकॉर्ड किया गया था। हर दौर में कायम रही उनकी बादशाहत आशा भोसले का नाम उन कलाकारों में शामिल है, जिन्होंने समय के साथ खुद को ढाला और हर पीढ़ी के दिलों में जगह बनाई। उनकी आवाज में वह जादू था, जो हर मूड और हर दौर के लिए परफेक्ट था।