Athiya Shetty Controversy : आशा भोसले को श्रद्धांजलि देते समय अथिया शेट्टी ने अनजाने में साझा की लता मंगेशकर की फोटो।

Athiya Shetty Controversy : नई दिल्ली।भारतीय फिल्म जगत में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली अभिनेत्री अथिया शेट्टी इन दिनों एक सोशल मीडिया पोस्ट के कारण चर्चा और विवादों के केंद्र में आ गई हैं। हाल ही में दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन की खबर के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई और मनोरंजन जगत की तमाम हस्तियों ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी क्रम में अथिया शेट्टी ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने के लिए एक पोस्ट साझा किया लेकिन उसमें हुई एक तकनीकी या मानवीय चूक ने नेटिजन्स का ध्यान खींच लिया। अभिनेत्री ने आशा भोसले को नमन करते हुए अनजाने में स्वर कोकिला लता मंगेशकर की तस्वीर साझा कर दी जिसके बाद उन्हें तीखी प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले दर्शकों ने इस चूक को तुरंत पकड़ लिया और इसे एक गैर जिम्मेदार व्यवहार करार दिया। ट्रोल करने वालों का तर्क है कि फिल्म उद्योग से जुड़ी एक हस्ती होने के नाते इतनी बड़ी चूक होना निराशाजनक है। लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि बिना जांचे परखे इतनी महान विभूतियों के बारे में जानकारी साझा करना उनकी गरिमा के अनुकूल नहीं है। हालांकि कुछ प्रशंसकों ने इसे एक मानवीय भूल बताते हुए अभिनेत्री का बचाव भी किया लेकिन तब तक यह मुद्दा इंटरनेट पर पूरी तरह वायरल हो चुका था और बहस का विषय बन गया था। अथिया शेट्टी के इस पोस्ट पर टिप्पणियों की बाढ़ आ गई जिसमें लोगों ने उन्हें दोनों महान गायिकाओं के बीच अंतर समझाने की कोशिश की। कई यूजर्स ने लिखा कि श्रद्धांजलि देने की जल्दबाजी में तथ्यों और तस्वीरों की गरिमा का ध्यान रखना अनिवार्य होता है। फिल्म सितारों के लिए सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है जहां उनकी हर छोटी बड़ी गतिविधि पर लाखों लोगों की नजर होती है और ऐसे में इस तरह की गलती उनकी संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर देती है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल युग में कलाकारों को अपनी सार्वजनिक अभिव्यक्ति के प्रति अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। आशा भोसले के निधन से संगीत जगत के एक युग का अंत हो गया है और उनके प्रशंसक इस समय अत्यधिक भावुक हैं। ऐसे संवेदनशील समय में गलत तस्वीर का उपयोग होना प्रशंसकों की भावनाओं को आहत करने वाला सिद्ध हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि कलाकारों के सोशल मीडिया हैंडल अक्सर उनकी टीम द्वारा संचालित किए जाते हैं लेकिन अंतिम जिम्मेदारी कलाकार की ही मानी जाती है। इस विवाद के बाद अथिया शेट्टी ने हालांकि अपनी भूल सुधारने की कोशिश की होगी लेकिन स्क्रीनशॉट और चर्चाओं ने तब तक सोशल मीडिया के हर कोने में अपनी जगह बना ली थी। मनोरंजन जगत में अक्सर सितारों को उनकी छोटी-छोटी गलतियों के लिए बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है और अथिया शेट्टी के साथ हुआ यह वाकया भी इसी का उदाहरण है। यह घटना सेलिब्रिटी संस्कृति और सोशल मीडिया के दबाव के बीच एक संतुलन बनाने की चुनौती को दर्शाती है। जहां एक ओर पूरा देश संगीत जगत की महान हस्ती को खोने के गम में डूबा है वहीं दूसरी ओर इस तरह के विवाद मुख्य शोक समाचार से ध्यान भटकाने का काम करते हैं। आने वाले समय में यह देखना होगा कि अभिनेत्री इस पूरे प्रकरण पर अपनी क्या सफाई देती हैं या वे इसे शांति से शांत होने का समय देती हैं।
Khandwa Incident: मालगाड़ी में LPG लीकेज से अफरा-तफरी, रेलवे ट्रैफिक हुआ प्रभावित

Khandwa Incident: नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के खंडवा में रविवार रात एक बड़ा हादसा टल गया, जब एलपीजी गैस से भरी मालगाड़ी के एक वैगन से गैस रिसाव का मामला सामने आया। यह मालगाड़ी महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर (बिटौनी) जा रही थी, जिसमें भारत पेट्रोलियम के कुल 32 वैगन जुड़े हुए थे। रात करीब 9:30 बजे खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर खड़ी इस ट्रेन में स्टाफ बदलने के दौरान गैस की तेज बदबू महसूस हुई। जांच में एक वैगन से एलपीजी गैस का रिसाव पाया गया, जिसके बाद रेलवे और प्रशासन में हड़कंप मच गया। तत्काल कार्रवाई: लीकेज वैगन को किया आइसोलेट मामले की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों के साथ जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। ऋषव गुप्ता और मनोज कुमार राय मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। टेक्निकल टीम की मदद से रिसाव वाले वैगन को बाकी 31 वैगनों से अलग कर सुरक्षित दूरी पर आइसोलेट किया गया। प्राथमिक बचाव के तौर पर वैगन को गीली बोरियों और गीली रेत से ढंक दिया गया, ताकि गैस के प्रभाव को कम किया जा सके। एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्र को भी सतर्क किया गया। 3 घंटे की मशक्कत, 6 ट्रेनें रहीं प्रभावित इस पूरे ऑपरेशन में करीब 3 घंटे का समय लगा। रात 12:30 बजे तक स्थिति को नियंत्रण में लाया जा सका। इस दौरान रेलवे यातायात प्रभावित रहा और राजधानी एक्सप्रेस व मंगला एक्सप्रेस सहित कुल 6 ट्रेनें प्रभावित हुईं। अधिकारियों द्वारा स्थिति सामान्य घोषित करने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू की गई। पीथमपुर से बुलाई गई विशेषज्ञ टीम, बड़ा खतरा टला कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर से विशेषज्ञ तकनीकी टीम को बुलाया गया है, जो आगे की जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि एक वैगन में भारी मात्रा में गैस भरी होती है और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो बड़ा हादसा हो सकता था, जिससे पूरे शहर को खतरा हो सकता था। सतर्कता से टला बड़ा हादसा, जांच जारी प्रशासन की तत्परता और रेलवे की सूझबूझ से एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है कि आखिर लीकेज किस वजह से हुआ। साथ ही भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विचार किया जा रहा है।
MP WETAHER TODAY : आंधी-बारिश खत्म, 16 से भीषण गर्मी, लू भी चलेगी:भोपाल, इंदौर-उज्जैन संभाग के शहरों में पारा बढ़ा; रतलाम में 41°C तक पहुंचा तापमान

MP WETAHER TODAY : नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर खत्म होते ही भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और हालात यह हैं कि कई जगहों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। रतलाम में सबसे अधिक 41°C तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ज्यादा आंकड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, अब प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ेगा और 16 अप्रैल से लू चलने की स्थिति बन जाएगी। खासतौर पर मालवा-निमाड़ क्षेत्र यानी इंदौर और उज्जैन संभाग के शहर सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई शहरों में 40 डिग्री के पार पहुंचा पारा रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज गर्मी दर्ज की गई। रतलाम के बाद खजुराहो में 40.4°C, धार, मंडला और नर्मदापुरम में 40.2°C तापमान रहा। इसके अलावा दमोह, रीवा और टीकमगढ़ में 39.5°C, जबकि खरगोन में 39.2°C दर्ज किया गया। भोपाल में 38.6°C, जबलपुर में 38.7°C और ग्वालियर में 36.1°C तापमान रहा। 15 अप्रैल का सिस्टम कमजोर, लू से नहीं मिलेगी राहत मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 अप्रैल को एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, लेकिन यह काफी कमजोर रहेगा। इसका असर न के बराबर होगा, जिससे प्रदेश में गर्मी का असर लगातार बना रहेगा। 16 अप्रैल से धार, खरगोन, खंडवा, सीधी और सिंगरौली जैसे जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से ही हर साल तेज गर्मी पड़ती है और इस बार भी यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है। लोगों ने अपनाए बचाव के उपाय, एडवाइजरी जारी गर्मी बढ़ने के साथ ही लोग इससे बचने के उपाय भी अपनाने लगे हैं। कोई चेहरे पर कपड़ा बांधकर बाहर निकल रहा है तो कोई गन्ने का जूस, ठंडे पेय और आइसक्रीम का सहारा ले रहा है। मौसम विभाग ने लोगों को दिनभर पर्याप्त पानी पीने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। अप्रैल की शुरुआत रही बदली, अब दिखेगा असली असर इस बार अप्रैल की शुरुआत आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हुई थी। 1 से 9 अप्रैल तक प्रदेश के कई जिलों में मौसम लगातार बदलता रहा। ग्वालियर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जबकि 45 से अधिक जिलों में कहीं न कहीं पानी गिरा। हालांकि अब मौसम पूरी तरह साफ हो गया है और गर्मी का असली असर दिखाई देने लगा है। रिकॉर्ड तोड़ सकती है गर्मी, पुराने आंकड़े दे रहे संकेत मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल के अंतिम दिनों में तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। भोपाल में 1996 में 44.4°C, इंदौर में 1958 में 44.6°C और जबलपुर में 1970 में 45.4°C तक तापमान दर्ज किया जा चुका है। ग्वालियर में तो पारा 46°C के पार जा चुका है, जो इसे प्रदेश का सबसे गर्म शहर बनाता है।
Morena Firing Clash : मुरैना में रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप, लाठी-डंडों और फायरिंग में चार घायल!

HIGHLIGHTS: रास्ते के विवाद ने लिया हिंसक रूप लाठी-डंडे और पथराव के साथ फायरिंग चाचा-भतीजे समेत 4 लोग घायल घटना का वीडियो आया सामने पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की कार्रवाई Morena Firing Clash : मुरैना। जिले के बागचीनी थाना क्षेत्र के देवरी सहराना गांव में रविवार शाम एक मामूली रास्ते के विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बता दें कि करीब 5 बजे शुरू हुए इस विवाद में दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मामला लाठी-डंडों, पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए। सऊदी भागा आकिब, एटीएस जांच में बड़ा खुलासा; 2025 से लापता, लुकआउट नोटिस जारी युवक को घेरकर की पिटाई जानकारी के अनुसार, रिंकू गुर्जर का गांव के ही उपेंद्र यादव से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर उपेंद्र यादव अपने साथियों गप्पों यादव, अजब सिंह, छोटे, गब्बर और राम के साथ रिंकू को घेर लिया और लाठियों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आशा भोसले के निधन और अंतिम संस्कार की खबर अफवाह, आधिकारिक पुष्टि नहीं बचाने पहुंचे परिजनों पर भी हमला रिंकू को पिटता देख उसके चाचा जितेंद्र गुर्जर, रघुवीर और एदल उसे बचाने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग की और पत्थरबाजी भी की, जिससे चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। Gwalior TI Rape Case : वर्दी के पीछे छिपा हैवान! इंस्पेक्टर पर रेप का संगीन आरोप; शादी का झांसा देखेर किया दुष्कर्म वीडियो के आधार पर पुलिस कार्रवाई घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में आई है। वीडियो में एक पक्ष द्वारा लाठी और पत्थरों से हमला करते हुए देखा जा सकता है। बागचीनी थाना प्रभारी टीआई शशि कुमार के अनुसार, वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।
नैनोफाइबर तकनीक से लैस यह नवाचार आर्द्रता और नमी को पहचानने में होगा सबसे सटीक।

नई दिल्ली।भारत के वैज्ञानिक अनुसंधान क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए शोधकर्ताओं ने एक ऐसे अत्याधुनिक न्यूरोमॉर्फिक सेंसर का विकास किया है जो मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और मेंढक की त्वचा की संवेदनशीलता से प्रेरित है। नैनोफाइबर तकनीक पर आधारित यह नवाचार भविष्य की कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्मार्ट उपकरणों के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। इस तकनीक को विशेष रूप से आर्द्रता और पर्यावरणीय परिवर्तनों को बिजली की गति से महसूस करने के लिए डिजाइन किया गया है। वैज्ञानिकों की इस सफलता ने वैश्विक स्तर पर भारत की तकनीकी क्षमता का लोहा मनवाया है और यह दर्शाया है कि किस तरह प्रकृति से प्रेरणा लेकर जटिल समस्याओं का समाधान खोजा जा सकता है। इस सेंसर का मुख्य आधार मेंढक की त्वचा की वह अद्भुत विशेषता है जो उसे आसपास की नमी को तुरंत भांपने में मदद करती है। वैज्ञानिकों ने नैनो तकनीक का उपयोग करते हुए एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया है जो मानव मस्तिष्क के न्यूरॉन्स की तरह काम करता है। यह सेंसर न केवल डेटा को तेजी से इकट्ठा करता है बल्कि उसे प्रोसेस करने की क्षमता भी रखता है जिससे बिजली की खपत काफी कम हो जाती है। मौजूदा सेंसरों के मुकाबले यह तकनीक कहीं अधिक सटीक और संवेदनशील है जो मौसम के पूर्वानुमान से लेकर औद्योगिक सुरक्षा तक के क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाने का दम रखती है। न्यूरोमॉर्फिक इंजीनियरिंग का यह सफल प्रयोग भविष्य के रोबोटिक्स और वियरेबल डिवाइसेस यानी शरीर पर पहने जाने वाले उपकरणों के लिए नए मार्ग खोलेगा। यह सेंसर नमी के सूक्ष्म स्तर को पहचान कर तुरंत प्रतिक्रिया देने में सक्षम है जो स्वास्थ्य सेवाओं में रोगियों की निगरानी के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभ इसकी कम ऊर्जा खपत और उच्च प्रसंस्करण क्षमता है। इंटरनेट ऑफ थिंग्स के इस दौर में जहां डेटा की गति सबसे महत्वपूर्ण है वहां यह स्वदेशी तकनीक एक गेम चेंजर साबित हो सकती है जो पूरी तरह से स्वायत्त प्रणालियों को ऊर्जा प्रदान करेगी।प्रयोगशाला में किए गए परीक्षणों के दौरान इस सेंसर ने चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी अपनी सटीकता को प्रमाणित किया है। मेंढक की जैविक संरचना को नैनोफाइबर के कृत्रिम ढांचे में ढालना एक जटिल प्रक्रिया थी जिसे भारतीय विशेषज्ञों ने अपनी निरंतर मेहनत से सफल बनाया है। यह तकनीक विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में मिट्टी की नमी की सटीक जानकारी देने और स्मार्ट शहरों में जल प्रबंधन प्रणालियों को बेहतर बनाने में सहायक होगी। इस नवाचार की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मशीनों के बजाय अधिक मानवीय और जैविक अनुभव की ओर ले जाने की क्षमता रखता है। आगामी वर्षों में इस तकनीक के व्यावसायिक उत्पादन और विभिन्न उद्योगों में इसके एकीकरण की प्रबल संभावनाएं हैं। विज्ञान और तकनीक के संगम से विकसित यह न्यूरोमॉर्फिक सेंसर भारत की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।प्रकृति और इंजीनियरिंग के इस मेल ने यह साबित कर दिया है कि जैविक प्रेरणा से निर्मित तकनीकें न केवल प्रभावी होती हैं बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होती हैं। जैसे जैसे स्मार्ट डिवाइसेस की मांग बढ़ रही है इस प्रकार के उच्च क्षमता वाले सेंसरों की भूमिका आने वाले समय में अनिवार्य हो जाएगी जो मानव जीवन को अधिक सुरक्षित और सरल बनाएंगे।
एमआरपी से महंगी शराब की बिक्री, जबलपुर में देर रात तक जारी अवैध कारोबार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में शराब बिक्री को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शहर के धनवंतरी नगर और गढ़ा क्षेत्र में देर रात तक अवैध रूप से शराब बेचने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि दुकानें बंद होने के बाद भी बगल में बनी छोटी खिड़की से रात 12 बजे से लेकर 1 बजे तक शराब बेची जा रही है। इस घटनाक्रम ने पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह अवैध कारोबार खुलेआम चल रहा है और संबंधित विभागों की जानकारी में होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। एमआरपी से महंगी शराब, ‘ब्लैक’ का खुला खेलवायरल वीडियो में सामने आया है कि देर रात शराब खरीदने वालों से एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है। एक वीडियो में धनवंतरी नगर क्षेत्र में एक युवक रात करीब साढ़े 12 बजे बीयर खरीदता दिख रहा है, जहां उसने दो बीयर के पैसे दिए लेकिन उसे केवल एक ही दी गई। पैसे वापस मांगने पर खिड़की बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दुकानें बंद होने के बाद शटर के नीचे या साइड में बनी खिड़की से 24 घंटे शराब की सप्लाई की जाती है। रात के समय इस ‘ब्लैक’ कारोबार में दाम और भी बढ़ा दिए जाते हैं, जिससे ठेकेदार मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। स्थानीय लोगों के आरोप-संरक्षण में चल रहा अवैध धंधारहवासियों का कहना है कि नए शराब ठेकों के टेंडर बढ़ने के बाद ठेकेदार ज्यादा कमाई के लिए नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की कथित मिलीभगत के चलते यह अवैध कारोबार बेखौफ जारी है। धनवंतरी नगर, गढ़ा और आसपास के इलाकों में देर रात शराब बिक्री के कारण विवाद, झगड़े और असामाजिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश है। कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता, फिर शुरू हो जाता है खेलकुछ मामलों में स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर जरूर पहुंची, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई सिर्फ दिखावे तक सीमित रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने शटर पर डंडा मारकर औपचारिकता निभाई और वहां से चली गई, जिसके बाद थोड़ी देर में फिर से वही अवैध बिक्री शुरू हो गई। इससे लोगों का भरोसा प्रशासनिक कार्रवाई पर कमजोर होता जा रहा है। वायरल वीडियो से बढ़ा दबाव, जांच की उठी मांगलगातार सामने आ रहे वीडियो में दुकानों के बाहर देर रात तक भीड़, ऑर्डर लेकर नंबर देना और भुगतान के बाद खिड़की से शराब देना जैसे दृश्य स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं। इन वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि पुलिस और आबकारी विभाग इस मामले में क्या सख्त कदम उठाते हैं या फिर यह ‘खिड़की सिस्टम’ यूं ही चलता रहेगा।
बिहार में सत्ता परिवर्तन की आहट: 14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान, 15 को शपथ ग्रहण संभव

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पहली बार राज्य में अपना मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में सक्रिय नजर आ रही है। इसी कड़ी में पार्टी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। 14 अप्रैल को होगा नेता का चयन शिवराज सिंह चौहान 14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे। उनकी मौजूदगी में भाजपा विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम पर मुहर लगेगी। इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सहयोगी दल—जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा—की बैठकों के बाद संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान किया जाएगा। 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की तैयारी सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार का शपथ ग्रहण 15 अप्रैल को संभावित है। कार्यक्रम के लिए लोकभवन के साथ-साथ बापू सभागार को भी तैयार रखा गया है। पहले चरण में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कुछ वरिष्ठ मंत्री शपथ लेंगे, जबकि बाद में मंत्रिमंडल विस्तार किया जाएगा। समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेताओं के शामिल होने की संभावना है। राज्यपाल को सौंपा जाएगा दावा एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद 14 अप्रैल की शाम को ही राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। नीतीश सरकार की आखिरी कैबिनेट वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे कैबिनेट की अंतिम बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक उनके लंबे कार्यकाल की आखिरी कैबिनेट मानी जा रही है। बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इसके बाद वे डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित कर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा सौंपेंगे। ‘हर जिम्मेदारी निभाऊंगा’—शिवराज पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह पार्टी के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे। सीएम आवास पर बढ़ी हलचल इधर, पटना में मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं की आवाजाही भी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई नेताओं ने नीतीश कुमार से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। बिहार की राजनीति अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां 14 और 15 अप्रैल की तारीखें सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करेंगी।
असम चुनाव में गरमाया माहौल: कुनकी चौधरी को पुलिस का समन

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव के बीच सियासी माहौल और गरमा गया है। गुवाहाटी सेंट्रल सीट से चुनाव लड़ रहीं युवा उम्मीदवार कुनकी चौधरी को पुलिस ने आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें पान बाजार थाने में तलब किया गया, जहां उन्होंने अपना पक्ष रखा। कैंपेन टीम पर कार्रवाई, तीन सदस्य हिरासत में मतदान खत्म होने के कुछ घंटों बाद पुलिस ने इस मामले में उनकी कैंपेन टीम के तीन सदस्यों को हिरासत में लिया था। पुलिस के अनुसार, ये तीनों सदस्य हरियाणा के रहने वाले हैं और चुनाव नियमों का उल्लंघन करते हुए मतदान से 48 घंटे पहले भी क्षेत्र में मौजूद थे। सबसे युवा उम्मीदवार पर सियासी घमासान 27 वर्षीय कुनकी चौधरी इस चुनाव की सबसे युवा उम्मीदवार हैं और असम जातीय परिषद (AJP) के टिकट पर मैदान में हैं। उनका मुकाबला भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार विजय गुप्ता से है। इस बीच मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने चौधरी और उनके परिवार पर तीखे आरोप लगाए, जिससे यह मुकाबला और ज्यादा चर्चा में आ गया। सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट्स को लेकर उनके परिवार पर सवाल उठाए थे। किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला? पुलिस ने यह केस लोक सेवक के आदेश में बाधा डालने, चुनाव के दौरान अनुचित प्रभाव डालने और जनप्रतिनिधित्व कानून के उल्लंघन से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज किया है। आरोप यह भी है कि मतदान के दिन भी प्रचार जारी था और सुरक्षा कर्मियों को मतदान केंद्रों के पास ले जाया गया। चौधरी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद पूछताछ के बाद कुनकी चौधरी ने कहा कि उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि मुझे अपना पक्ष रखने का मौका मिला। मुझे सिस्टम पर भरोसा है और जांच निष्पक्ष होगी।” विपक्ष का आरोप—प्रशासन का दुरुपयोग वहीं, लुरिंज्योति गोगोई ने इसे राजनीतिक दबाव बताते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल प्रशासन और पुलिस का इस्तेमाल कर विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रहा है। उनके मुताबिक, यह लोकतंत्र के लिए चिंताजनक संकेत है। क्यों अहम है यह मामला? गुवाहाटी सेंट्रल सीट पर मुकाबला इस बार खासा दिलचस्प हो गया है। एक तरफ युवा चेहरा और उभरती राजनीति, तो दूसरी तरफ सत्ताधारी दल की मजबूत पकड़—ऐसे में यह विवाद चुनावी परिणामों पर भी असर डाल सकता है।
जबलपुर में यूथ कांग्रेस का विरोध, राष्ट्रीय अध्यक्ष चिब ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के जबलपुर में आज भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिलेगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब एकदिवसीय दौरे पर शहर पहुंचे हैं और दोपहर में सिविक सेंटर में आयोजित सभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट घेराव के लिए कूच किया जाएगा। इस प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी तय मानी जा रही है, जिससे शहर का राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। ‘ट्रेड डील से किसानों पर पड़ेगा भारी असर’ चिब का आरोपसोमवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उदय भानु चिब ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश पहले से ही महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है, ऐसे में प्रस्तावित यूएस ट्रेड डील किसानों के लिए घातक साबित होगी। चिब ने आरोप लगाया कि इस समझौते से देश का डेटा अमेरिका के पास चला जाएगा और मजदूर वर्ग की स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि यह डील किसानों को बर्बादी की ओर धकेल देगी और केंद्र सरकार इसे लागू कर देशहित के साथ समझौता कर रही है। देशभर में आंदोलन की तैयारी, सरकार को दी चेतावनीयूथ कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह विरोध सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। भारतीय युवा कांग्रेस इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में है। चिब ने चेतावनी दी कि जब तक केंद्र सरकार इस ट्रेड डील को वापस नहीं लेती, तब तक देशभर में आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि संगठन जल्द ही विभिन्न राज्यों में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा, जिससे सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। महंगाई और विदेश नीति पर भी साधा निशानाप्रेस वार्ता के दौरान उदय भानु चिब ने महंगाई और गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि हालात इतने खराब हैं कि लोगों को 3500 रुपए तक में गैस सिलेंडर ब्लैक में खरीदना पड़ रहा है और लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्होंने केंद्र की विदेश नीति को “पूरी तरह फेल” करार देते हुए कहा कि इससे देश में संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है और आम जनता पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। चुनाव को लेकर बड़ा दावा, बीजेपी पर साधा निशानाआगामी चुनावों को लेकर भी उदय भानु चिब ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 4 मई को आने वाले नतीजों में भारतीय जनता पार्टी किसी भी राज्य में सरकार नहीं बना पाएगी। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है।
सीमा पर चीन की ‘साइलेंट स्ट्रैटेजी’, PoK के करीब नई काउंटी; वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी हलचल

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने जहां दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया की ओर खींच रखा है, वहीं इसी बीच चीन ने अपने सीमावर्ती इलाके में एक अहम प्रशासनिक कदम उठाकर नई भू-राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। चीन ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान से सटे शिनजियांग क्षेत्र में “सेनलिंग” नाम से नई काउंटी का गठन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह नई प्रशासनिक इकाई काराकोरम पर्वतमाला के पास स्थित है और रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। खासकर वाखान कॉरिडोर की निगरानी और क्षेत्र में उइगर गतिविधियों पर नियंत्रण को लेकर इसे चीन की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। सीमावर्ती इलाकों पर लगातार फोकस चीन पिछले एक साल में शिनजियांग में “हेआन” और “हेकांग” के बाद यह तीसरी नई काउंटी बना चुका है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सीमा क्षेत्रों में प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने और सुरक्षा तंत्र को स्थानीय स्तर पर सुदृढ़ करने की दीर्घकालिक नीति का हिस्सा है। भारत की आपत्ति बरकरार भारत ने इस तरह के बदलावों पर पहले भी कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत का कहना है कि इन नई इकाइयों के कुछ हिस्से उसके केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में आते हैं। विशेष रूप से अक्साई चिन को लेकर भारत ने अपनी संप्रभुता दोहराते हुए चीन के कदमों को अस्वीकार्य बताया है। काशगर से जुड़ा प्रशासनिक नियंत्रण नई काउंटी को काशगर प्रशासन के तहत रखा जाएगा, जो ऐतिहासिक रूप से सिल्क रूट का प्रमुख केंद्र रहा है। यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) का शुरुआती बिंदु भी है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है। सुरक्षा और रणनीति का मिश्रण विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम केवल प्रशासनिक पुनर्गठन नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी मजबूत करने की व्यापक रणनीति है। वाखान कॉरिडोर—करीब 74 किलोमीटर लंबा यह क्षेत्र—चीन के लिए संवेदनशील इसलिए भी है क्योंकि यह ताजिकिस्तान और PoK के बीच स्थित है। चीन को आशंका रही है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट से जुड़े उइगर लड़ाके इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में नई काउंटी के जरिए स्थानीय प्रशासन, खुफिया निगरानी और सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की चेतावनियों के बावजूद चीन के इस कदम से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है। आने वाले समय में यह मुद्दा कूटनीतिक और सामरिक स्तर पर और अहम हो सकता है, जिस पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी।