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अक्षय तृतीया पर करें ये अचूक उपाय घर में स्थायी लक्ष्मी वास और बढ़ता रहेगा धन

नई दिल्ली । अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना जाता है इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल कभी क्षय नहीं होता और वह निरंतर बढ़ता रहता है वर्ष 2026 में अक्षय तृतीया उन्नीस अप्रैल को मनाई जाएगी इस बार का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन कृतिका नक्षत्र और त्रिपुष्कर योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस योग में किए गए उपाय कई गुना फल देने वाले होते हैं और धन समृद्धि के नए द्वार खोलते हैं धार्मिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए यदि कुछ विशेष वस्तुएं तिजोरी या धन स्थान में रखी जाएं तो घर में स्थायी रूप से समृद्धि का वास होता है और आर्थिक समस्याएं धीरे धीरे समाप्त होने लगती हैं इस दिन किया गया छोटा सा उपाय भी जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है सबसे पहले पीली कौड़ियों का उपाय अत्यंत प्रभावी माना जाता है पीली कौड़ियां मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय होती हैं पांच पीली कौड़ियों को पीले रेशमी कपड़े में केसर की कुछ पत्तियों और एक चांदी के सिक्के के साथ बांधकर एक छोटी पोटली तैयार करें इस पोटली की पूजा करें और इसे श्रद्धा पूर्वक तिजोरी में रख दें ऐसा करने से धन आकर्षण बढ़ता है और आय के स्रोत मजबूत होते हैं दूसरा उपाय दक्षिणावर्ती शंख का है यह शंख समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है इसे गंगाजल और केसर से शुद्ध करके पूजा स्थान या तिजोरी में स्थापित करना चाहिए मान्यता है कि जिस घर में यह शंख स्थापित होता है वहां दरिद्रता का प्रवेश नहीं होता और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है तीसरा उपाय बहेड़ा वृक्ष की जड़ या पत्तों से जुड़ा है इसे अक्षय तृतीया के दिन घर लाकर गंगाजल से शुद्ध करें धूप दीप दिखाएं और लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या गल्ले में रख दें यह उपाय आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है और धन वृद्धि में सहायक माना जाता है चौथा उपाय धनदा यंत्र या वृद्धि यंत्र की स्थापना का है इस दिन यंत्र को सामने रखकर श्री सूक्त का पाठ करने के बाद इसे व्यवसाय स्थल या धन रखने के स्थान पर स्थापित करें यह यंत्र सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाता है और नए आर्थिक अवसर प्रदान करता है पांचवां उपाय श्रीफल यानी नारियल से जुड़ा है एक छोटा श्रीफल लेकर उसे लाल कपड़े में लपेटें उस पर सिंदूर कपूर और लौंग अर्पित करें धूप दीप दिखाकर तिजोरी में रख दें यह उपाय नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में मां लक्ष्मी के स्थायी वास का प्रतीक माना जाता है अक्षय तृतीया का यह पावन दिन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है बल्कि यह जीवन में समृद्धि और सकारात्मक बदलाव का अवसर भी प्रदान करता है सही श्रद्धा और विधि से किए गए उपाय जीवन में धन वैभव और शांति लेकर आते हैं

वजन घटाने का आसान तरीका, इन 6 फ्लेवर वाली ग्रीन टी से मिलेगा डबल फायदा..

नई दिल्ली:   वजन कम करने के लिए लोग अक्सर डाइटिंग, जिम और तरह-तरह के हेल्दी ड्रिंक्स का सहारा लेते हैं, लेकिन इनमें सबसे आसान और असरदार विकल्पों में से एक ग्रीन टी है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है और फैट बर्निंग प्रक्रिया को सपोर्ट करती है। हालांकि, रोज एक ही तरह की ग्रीन टी पीना कई लोगों के लिए बोरिंग हो जाता है, जिसके कारण वे इसे छोड़ देते हैं। ऐसे में ग्रीन टी को अलग-अलग फ्लेवर के साथ पीना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है, जिससे स्वाद भी बदलता है और सेहत को अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं। लेमन ग्रीन टी एक लोकप्रिय विकल्प है जिसमें ग्रीन टी के साथ नींबू का रस मिलाया जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है और मेटाबॉलिज्म को और अधिक सक्रिय बनाता है। यह ड्रिंक शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करने के साथ-साथ ताजगी भी प्रदान करती है, जिससे दिनभर एनर्जी बनी रहती है। हनी ग्रीन टी उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जिन्हें ग्रीन टी का कड़वा स्वाद पसंद नहीं आता। इसमें थोड़ा सा शहद मिलाने से इसका स्वाद संतुलित हो जाता है और यह अधिक स्वादिष्ट बन जाती है। शहद में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर की इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते हैं और यह गले को भी आराम पहुंचाती है। दालचीनी ग्रीन टी भी वजन घटाने के लिए काफी प्रभावी मानी जाती है। इसमें दालचीनी मिलाने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और यह फैट बर्निंग प्रक्रिया को तेज करती है। इसका नियमित सेवन शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है। पुदीना ग्रीन टी शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी सुधारती है। यह खासकर गर्मियों में बहुत फायदेमंद मानी जाती है और पेट की समस्याओं को कम करने में मदद करती है। अदरक ग्रीन टी वजन घटाने के लिए एक शक्तिशाली विकल्प है। अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सूजन को कम करने में मदद करते हैं और पाचन को बेहतर बनाते हैं, जिससे फैट तेजी से बर्न होता है। सेब और दालचीनी वाली ग्रीन टी भी एक स्वादिष्ट और हेल्दी विकल्प है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को एनर्जी देने के साथ-साथ फैट मेटाबॉलिज्म को भी तेज करते हैं। इन अलग-अलग फ्लेवर वाली ग्रीन टी को अपनी डेली रूटीन में शामिल करके न सिर्फ वजन घटाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा सकता है, बल्कि इसे स्वादिष्ट और दिलचस्प भी बनाया जा सकता है।

Delhi News : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च की जनकल्याण योजना, पानी की समस्या पर बड़ा समाधान..

Delhi News :नई दिल्ली । अंबेडकर जयंती के अवसर पर राजधानी दिल्ली में जनकल्याण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने डॉ. भीमराव अंबेडकर को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों को याद करते हुए कहा कि बाबा साहेब ने भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी, जिसके कारण देश आज सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है, ताकि हर नागरिक को सम्मानजनक जीवन मिल सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शालीमार बाग क्षेत्र के GP ब्लॉक और बेरिवाला बाग ब्लॉक में वॉटर ATM योजना का शुभारंभ किया। इस पहल को राजधानी में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार वार्ड 55, 56 और 57 में कुल सात वॉटर ATM लगाए गए हैं, जिनमें प्रत्येक यूनिट प्रति घंटे लगभग दो हजार लीटर शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है। इन मशीनों में पांच-स्तरीय RO प्यूरीफिकेशन सिस्टम लगाया गया है, जो उच्च TDS वाले पानी को भी पीने योग्य बनाने में सक्षम है। OTT और सिनेमाघरों में एंटरटेनमेंट की बरसात, इस हफ्ते रिलीज होंगी कई फिल्में और सीरीज सरकारी जानकारी के अनुसार इन वॉटर ATM मशीनों की 24 घंटे निगरानी की जाएगी ताकि पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस सुविधा के तहत नागरिकों को एक विशेष कार्ड के माध्यम से प्रतिदिन निर्धारित मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन लगभग 20 लीटर तक स्वच्छ पेयजल की सुविधा दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट को कम करना और आम लोगों को आसानी से सुरक्षित पानी उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार का फोकस केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू करना है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर का सपना था कि देश का हर नागरिक समान अवसरों और बुनियादी सुविधाओं का लाभ उठाए, और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस प्रयास है। OTT और सिनेमाघरों में एंटरटेनमेंट की बरसात, इस हफ्ते रिलीज होंगी कई फिल्में और सीरीज कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन का भी स्वागत किया और कहा कि इससे राजधानी की कनेक्टिविटी और परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेसवे से यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। अंबेडकर जयंती के अवसर पर शुरू की गई यह पहल राजधानी में जनसुविधा और बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

budhpradosh vrat 2026 : 15 अप्रैल 2026 बुध प्रदोष व्रत, पर शिव आराधना से मिल सकता है धन लाभ और उन्नति का वरदान

   budhpradosh vrat 2026 : नई दिल्ली । 15 अप्रैल 2026 को बुध प्रदोष व्रत का अत्यंत विशेष संयोग बन रहा है। यह दिन बुधवार को पड़ने के कारण बुध प्रदोष कहलाएगा। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि इस दिन रात के समय प्रभावी रहेगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस अवसर पर ब्रह्म योग और इंद्र योग का दुर्लभ मेल बन रहा है। यह संयोग धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया है और शिव आराधना के लिए उत्तम फलदायी माना जाता है। इस दिन बनने वाला ब्रह्म योग दोपहर तक रहेगा और इसे आध्यात्मिक साधना तथा मन की शांति के लिए विशेष फल देने वाला माना गया है। इसके बाद इंद्र योग का निर्माण होगा जिसे कार्य सिद्धि और सफलता का कारक कहा जाता है। ऐसे में इस दिन किया गया शिव पूजन जीवन में स्थिरता और प्रगति का मार्ग खोल सकता है। विशेषकर व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह दिन लाभ और उन्नति का संकेत माना जा रहा है। बुध प्रदोष व्रत पर भगवान शिव की उपासना प्रदोष काल में करने का विधान है। सूर्यास्त के समय स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद घर के पूजा स्थल को साफ कर घी का दीपक जलाना चाहिए। भक्त को भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग का अभिषेक शुद्ध जल कच्चा दूध और गंगाजल से करना चाहिए। यह प्रक्रिया मन को शुद्ध करती है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। पूजन के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धतूरा और सफेद पुष्प भी अर्पित किए जाते हैं। इस समय निरंतर मन में ओम नमः शिवाय का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से मनोकामनाओं की पूर्ति का मार्ग प्रशस्त होता है और घर में सुख समृद्धि का वातावरण बनता है। शिव पूजा के साथ माता पार्वती की आराधना करने से पारिवारिक जीवन में प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। घर में शांति बनी रहती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। पूजा के अंत में आरती करनी चाहिए और किसी भी त्रुटि के लिए भगवान शिव से क्षमा प्रार्थना करनी चाहिए। शांत और श्रद्धा भाव से की गई यह पूजा जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली मानी जाती है। इस विशेष बुध प्रदोष व्रत पर ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग इसे और भी अधिक फलदायी बना रहा है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा व्यक्ति के जीवन में समृद्धि के नए द्वार खोल सकती है और रुके हुए कार्यों में सफलता दिला सकती है।

Wedding Anniversary : रणबीर-आलिया ने ऑस्ट्रिया की बर्फीली वादियों में मनाई शादी की चौथी सालगिरह..

 Wedding Anniversary : नई दिल्ली:   बॉलीवुड के चर्चित कपल रणबीर कपूर और आलिया भट्ट ने अपनी शादी की चौथी सालगिरह बेहद खास अंदाज में ऑस्ट्रिया में मनाई। 14 अप्रैल 2022 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में शादी के बंधन में बंधे इस कपल ने इस बार अपनी सालगिरह को एक खूबसूरत विदेशी वेकेशन में यादगार बनाया। ऑस्ट्रिया की बर्फीली वादियों में बिताए गए इस खास पल की झलकियां सोशल मीडिया पर सामने आते ही फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गईं। आलिया भट्ट ने अपने वेकेशन की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह रणबीर कपूर के साथ बर्फ से ढके पहाड़ों में स्कीइंग का आनंद लेती नजर आईं। तस्वीरों में दोनों की केमिस्ट्री और साथ बिताए गए हल्के फुल्के पल साफ झलकते हैं। कहीं दोनों हंसते हुए नजर आते हैं तो कहीं शांत वादियों में एक दूसरे के साथ समय बिताते दिखाई देते हैं, जिससे उनकी बॉन्डिंग और भी खास लगती है। इस खास मौके पर फैमिली टाइम भी वेकेशन का अहम हिस्सा रहा। एक तस्वीर में रणबीर कपूर अपनी बेटी राहा के साथ नजर आते हैं, जहां दोनों अल्पाका जैसे जानवरों के बीच समय बिताते दिखाई देते हैं। यह पल बेहद क्यूट और भावनात्मक माना जा रहा है, जिसे देखकर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। आलिया भट्ट ने इस खास अवसर पर एक भावुक संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के सफर और रिश्ते की खूबसूरती को शब्दों में पिरोया। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर मुश्किल और आसान सभी रास्तों को पार करते हुए उन्होंने एक सुंदर जीवन बनाया है। उनके इस संदेश में प्यार और अपनापन साफ झलकता है, जिसे फैंस ने खूब सराहा। इस वेकेशन की तस्वीरों में एक खास रोमांटिक डिनर का दृश्य भी देखने को मिला, जिसने इस सेलिब्रेशन को और भी खास बना दिया। शांत और खूबसूरत माहौल में बिताए गए इन पलों ने कपल के रिश्ते की गहराई को दर्शाया। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को तेजी से शेयर किया जा रहा है और फैंस उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो रणबीर कपूर कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, जबकि आलिया भट्ट भी आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण फिल्मों में नजर आने वाली हैं। दोनों कलाकार अपने करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

DR. BHIMRAO AMBEDKAR JAYANTI : डॉ. भीमराव आंबेडकर: बहुआयामी व्यक्तित्व का समग्र परिप्रेक्ष्य

  -डॉ. सदानंद दामोदर सप्रे भारतीय इतिहास में कुछ महान व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी छवि समाज के सामने सीमित रूप में प्रस्तुत होती है, जबकि उनका वास्तविक योगदान उससे कहीं अधिक व्यापक और बहुआयामी होता है। डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर भी ऐसे ही एक महान पुरुष हैं। सामान्यतः उन्हें केवल “संविधान निर्माता” या “दलितों के उद्धारक” के रूप में जाना जाता है, किन्तु यह उनके विराट व्यक्तित्व का केवल एक अंश है। उनके जीवन और कार्यों का गहराई से अध्ययन करने पर स्पष्ट होता है कि वे एक अद्वितीय विद्वान, प्रखर अर्थशास्त्री, दूरदर्शी चिंतक, समर्पित शिक्षाविद, सिद्धांतनिष्ठ पत्रकार, श्रमिकों के हितैषी तथा सच्चे राष्ट्रनेता थे। डॉ. आंबेडकर का प्रारंभिक जीवन अत्यंत कठिन परिस्थितियों में बीता। आर्थिक अभाव और सामाजिक भेदभाव के बीच उन्होंने जिस दृढ़ता और लगन से उच्च शिक्षा प्राप्त की, वह अद्भुत है। अमेरिका के कोलंबिया विश्वविद्यालय और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से उन्होंने उच्चतम शैक्षणिक उपाधियाँ प्राप्त कीं। उनके शोध कार्य आज भी अर्थशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संदर्भ माने जाते हैं। उनकी प्रसिद्ध कृति “The Problem of the Rupee” ने भारतीय वित्तीय व्यवस्था की दिशा निर्धारित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना की वैचारिक आधारशिला रखी। एक शोधकर्ता और चिंतक के रूप में डॉ. आंबेडकर ने अनेक प्रचलित धारणाओं को चुनौती दी। उन्होंने तथाकथित ‘आर्य आक्रमण सिद्धांत’ को तार्किक आधार पर अस्वीकार करते हुए यह सिद्ध किया कि भारतीय समाज की जड़ें एक ही सांस्कृतिक स्रोत में निहित हैं। अपनी पुस्तक “Who Were Shudras” में उन्होंने शूद्रों की ऐतिहासिक स्थिति का पुनर्मूल्यांकन किया और यह स्थापित किया कि वे मूलतः क्षत्रिय थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जाति व्यवस्था जन्म आधारित न होकर एक सामाजिक विकृति के रूप में विकसित हुई। संस्कृत भाषा के प्रति उनके गहरे अनुराग और प्राचीन ग्रंथों के अध्ययन ने उनके विचारों को और भी प्रखर बनाया। शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने न केवल शिक्षण कार्य किया, बल्कि शिक्षा के प्रसार हेतु संस्थागत प्रयास भी किए। People’s Education Society की स्थापना, सिद्धार्थ कॉलेज और मिलिंद कॉलेज का प्रारंभ- ये सभी उनके शिक्षा के प्रति समर्पण के प्रमाण हैं। उनका मानना था कि शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त साधन है। वे शिक्षा को जीवनभर आवश्यक मानते थे और चाहते थे कि यह समान रूप से सभी वर्गों तक पहुँचे। पत्रकारिता के क्षेत्र में डॉ. आंबेडकर ने जनजागरण का प्रभावी माध्यम तैयार किया। ‘मूकनायक’, ‘बहिष्कृत भारत’ और ‘जनता’ जैसे पत्रों के माध्यम से उन्होंने समाज के वंचित वर्गों की आवाज़ को मुखर किया। वे एक सिद्धांतनिष्ठ और अनुशासित संपादक थे, जोकि लेखन की गुणवत्ता और तथ्यात्मकता पर विशेष ध्यान देते थे। उनकी पत्रकारिता केवल सूचना देने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह समाज में चेतना और परिवर्तन का माध्यम भी थी। श्रमिक हितों के लिए उनके प्रयास विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। वायसराय की परिषद में श्रमिक प्रतिनिधि के रूप में उन्होंने कार्य घंटे को 12 से घटाकर आठ घंटे करने, ओवरटाइम भुगतान, न्यूनतम वेतन, मातृत्व अवकाश और कर्मचारी बीमा जैसी अनेक सुविधाओं को लागू करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह उनके सामाजिक न्याय के व्यापक दृष्टिकोण का ही परिणाम था कि उन्होंने श्रमिक वर्ग के अधिकारों को सशक्त बनाने का निरंतर प्रयास किया। दलितों के उद्धार के लिए उनका संघर्ष उनके जीवन का केन्द्रीय उद्देश्य था। उनका संघर्ष सामाजिक समरसता स्थापित करने के लिए था, न कि वैमनस्य फैलाने के लिए। उन्होंने अपने जीवन में अनेक अपमान सहते हुए भी अहिंसा और संवेदनशीलता का मार्ग नहीं छोड़ा। यह उनकी महानता का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष है कि उन्होंने सामाजिक परिवर्तन के लिए संघर्ष किया, परंतु उसे हिंसा से दूर रखा। धार्मिक दृष्टिकोण से भी उनका चिंतन अत्यंत स्पष्ट और तार्किक था। लगभग दो दशकों के विचार-मंथन के बाद उन्होंने 1956 में बौद्ध धर्म को अपनाया। यह निर्णय उन्होंने कहना चाहिए कि तत्कालीन समय में सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए संभवतया लिया। उनके अनुसार बौद्ध धर्म भारतीय संस्कृति का ही अभिन्न अंग है और उसमें मानवता के लिए आवश्यक नैतिक आधार निहित है। एक राष्ट्रनेता के रूप में डॉ. आंबेडकर का योगदान सर्वविदित है। भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी भूमिका निर्णायक रही। उन्होंने संविधान को स्वतंत्रता, समानता और बंधुता के सिद्धांतों पर आधारित किया। उनका मानना था कि सिर्फ राजनीतिक लोकतंत्र पर्याप्त नहीं है, सामाजिक और आर्थिक लोकतंत्र भी आवश्यक है। उन्होंने अपने ऐतिहासिक भाषण में यह भी चेतावनी दी कि व्यक्ति-पूजा लोकतंत्र के लिए घातक हो सकती है और हमें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक मार्ग ही अपनाना चाहिए। राष्ट्रीय विकास के संदर्भ में भी उनकी सोच अत्यंत दूरदर्शी थी। उन्होंने जल और ऊर्जा के क्षेत्र में राष्ट्रीय नीतियों की आवश्यकता पर बल दिया तथा नदियों को जोड़ने और औद्योगीकरण को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। राष्ट्रीय एकता के विषय में वे अत्यंत सजग थे और भाषाई आधार पर राज्यों के गठन को लेकर उन्होंने अपनी आशंकाएँ व्यक्त कीं। उनका मानना था कि यह प्रवृत्ति भविष्य में राष्ट्रीय एकता के लिए चुनौती बन सकती है। डॉ. आंबेडकर की एक विशेषता यह भी थी कि वे समय और परिस्थितियों के अनुसार अपने विचारों में परिवर्तन करने से नहीं हिचकते थे। पूना समझौते के समय उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने पूर्व विचारों में लचीलापन दिखाया। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि देश की आजादी की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का सर्वोच्च कर्तव्य है। अंततः कहना यही है कि डॉ. भीमराव आंबेडकर का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची महानता उपलब्धियों में सीमित नहीं की जा सकती है, वह वास्तव में उन मूल्यों में निहित होती है जिनके आधार पर व्यक्ति समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करता है। इसलिए वे केवल एक वर्ग विशेष के नेता नहीं थे, बल्कि समूचे राष्ट्र के पथप्रदर्शक थे। आज आवश्यकता है कि हम उनके विचारों को समग्रता में समझें और उन्हें अपने जीवन तथा समाज में आत्मसात करें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

OTT और सिनेमाघरों में एंटरटेनमेंट की बरसात, इस हफ्ते रिलीज होंगी कई फिल्में और सीरीज

नई दिल्ली। वीकेंड पर चिल करने का प्लान बना रहे हैं तो सिनेमाघर और OTT पर कई फ़िल्में और सीरीज दस्तक देने को तैयार है। जिसे आप आसानी से देख सकते हैं। इनमें आपको कॉमेडी, रोमांस, क्राइम, हॉरर कॉमेडी, थ्रिलर और सस्पेंस की फुल डोज मिलेगी। इसलिए इस लिस्ट में अक्षय कुमार की भूत बंगला भी शामिल है जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं तो चलिए सब की लिस्ट जानते हैं। अक्षय कुमार की फिल्म Bhooth Banglaअक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ कई दिनों से चर्चा में बनी हुई है आपको बता दें कि जब से इस फिल्म का टीचर और ट्रेलर आया है। दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए अपनी उत्सुकता दिखा रहे हैं। यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है इस फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा दिवंगत एक्टर असरानी, परेश रावल, राजपाल यादव, तब्बू, मिथिला पालकर और वामिका गब्बी नजर आने वाले हैं यह फिल्म 16 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। टोस्टर (Toaster)राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा स्टारर टोस्टर इस महीने की चर्चित रिलीज में से एक है। यह एक डार्क कॉमेडी फिल्म है जिसकी कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो शादी में गिफ्ट किया गया अपना महंगा टोस्टर वापस लेने के चक्कर में अजीबोगरीब घटनाओं में फंस जाता है। फिल्म में कॉमेडी के साथ सस्पेंस और क्राइम का तड़का भी देखने को मिलेगा। ये 15 अप्रैल को Netflix पर आ रही है। अस्सी (Assi)अस्सी तापसी पन्नू की हार्ड हिटिंग मूवी है। मूवी अनुभव सिन्हा के डायरेक्शन में एक स्कूल टीचर के साथ हुए गैंगरेप के बाद इंसाफ की लड़ाई दिखाई गई है। तापसी ऐडवोकेट रावी बनी हैं जो पीड़िता का केस लड़ती हैं। यह फिल्म सिनेमा घरों में अपना धमाल मचाने के बाद अब ZEE5 पर 17 अप्रैल को आएगी। मटका किंग सीरीज (Matka King)मटका किंग 1960 के दशक की क्राइम ड्रामा वेब सीरीज है। सीरीज एक साधारण कॉटन ट्रेडर की कहानी है। वह मटका नाम का नया जुए का खेल शुरू करता है। धीरे-धीरे उसका यह आइडिया पूरे शहर और फिर देश में फैल जाता है, जिससे वह अंडरवर्ल्ड और राजनीति की दुनिया में बड़ा नाम बन जाता है। यह सीरीज 17 अप्रैल को Amazon Prime Video पर दस्तक देगी। यूफोरिया सीजन 3 (Euphoria-3)यूफोरिया का यह सीजन 3 है। यह पॉप्युलर टीन ड्रामा सीरीज है। इसमें 5 साल का लीप दिखाया जाएगा। लीड एक्टर्स टीन से 20s में पहुंच जाएंगे। यह सीरीज 15 अप्रैल से Jio Hotstar पर आएगी। फेक प्रोफाइल सीज़न 3 (Fake Profile Season 3)15 अप्रैल को प्रीमियर होने वाला नया सीज़न फेक प्रोफाइल सीज़न 3 में झूठ, विश्वासघात और बदले की रोमांचक कहानी दिखाई जाएगी। जैसे-जैसे राज़ खुलते हैं, किरदारों को अपने कर्मों के परिणामों का सामना करना पड़ता है। इस शो में कैरोलिना मिरांडा और रोडोल्फो सालास मुख्य भूमिका में हैं। ये Netflix पर आएगी।

Patanjali Research : लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय सम्मान से चमका पतंजलि अनुसंधान संस्थान, वैज्ञानिक शोध ने बढ़ाया देश का मान

 Patanjali Research : नई दिल्ली:   वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज करते हुए पतंजलि अनुसंधान संस्थान को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है। संस्थान को Dr. P. D. Sethi National HPTLC Awards 2025 में प्राइवेट इंडस्ट्री कैटेगरी में प्रथम स्थान से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि आंवला (Phyllanthus emblica) के बीज तेल पर किए गए गहन वैज्ञानिक शोध के लिए प्रदान की गई है, जिसमें इसके एंटी-माइक्रोबियल और बायोफिल्म-रोधी गुणों को प्रमाणित किया गया है। संस्थान ने पिछले वर्ष भी इसी श्रेणी में यह सम्मान प्राप्त किया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अनुसंधान की गुणवत्ता और निरंतरता दोनों में स्थिरता बनी हुई है। इस बार का शोध विशेष रूप से आंवला बीज तेल के औषधीय गुणों पर केंद्रित रहा, जिसमें यह पाया गया कि यह प्राकृतिक तेल कई प्रकार के सूक्ष्मजीवों के खिलाफ प्रभावी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है और बायोफिल्म निर्माण को रोकने में भी सहायक है। इस शोध को वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह प्राकृतिक संसाधनों के औषधीय उपयोग की नई संभावनाएं प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक सम्मान नहीं है, बल्कि संस्थान के वैज्ञानिकों की वर्षों की मेहनत, समर्पण और शोध के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य ऐसे शोध करना है जो समाज के लिए उपयोगी, सुरक्षित और प्रभावी समाधान प्रदान कर सकें। उनके अनुसार यह सम्मान उन सभी वैज्ञानिकों के समर्पण की पहचान है जो निरंतर मानव कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। संस्थान के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि यह पुरस्कार देश में विश्लेषणात्मक रसायन विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट शोध को पहचान देने वाला एक प्रतिष्ठित मंच है। लगातार दूसरी बार इस सम्मान का मिलना संस्थान की मजबूत वैज्ञानिक आधारशिला और अनुसंधान की गुणवत्ता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आंवला बीज तेल पर किए गए शोध को पहले भी विभिन्न वैज्ञानिक मंचों पर सराहा जा चुका है। संस्थान के अनुसार इन शोधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है और इन्हें वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित किया गया है, जिससे भारतीय पारंपरिक औषधीय ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस उपलब्धि के साथ पतंजलि अनुसंधान संस्थान ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भारत में पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक का संगम वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।

संघर्ष से सफलता तक: प्रफुल हिंगे की कहानी और हार्दिक पांड्या का खास मैसेज

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 21वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के युवा तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे ने अपने डेब्यू से ही क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी। अपने पहले ही मैच में उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 34 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जिसमें पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर विपक्षी टीम की कमर तोड़ दी। इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। पिता का वादा बना करियर की नींवप्रफुल्ल हिंगे की कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि संघर्ष और परिवार के सपोर्ट की मिसाल है। उन्होंने बताया कि जब वह छठी क्लास में थे, तब उन्होंने अपने पिता से क्रिकेट खेलने की इच्छा जताई थी। उस समय उनके पिता ने उन्हें तुरंत मैदान में उतारने के बजाय एक साल रुकने को कहा, लेकिन साथ ही उन्हें टेनिस बॉल से खेलने के लिए एक बैट दिलाया। यही छोटा सा कदम आगे चलकर उनके बड़े क्रिकेटर बनने की नींव बन गया। समर कैंप से शुरू हुआ असली सफरएक साल बाद उनके पिता ने उनका एडमिशन एक समर कैंप में कराया, जहां से उन्होंने क्रिकेट की बारीकियां सीखनी शुरू कीं। प्रफुल्ल ने बताया कि शुरुआत में उन्हें सीजन बॉल क्रिकेट की समझ नहीं थी, लेकिन मेहनत और लगन से उन्होंने खुद को धीरे-धीरे तैयार किया।पिता ने साफ कहा था कि पढ़ाई, स्कूल और क्रिकेट—तीनों को साथ संभालना होगा, और प्रफुल्ल ने यह चुनौती स्वीकार की। चोट और MRF अकादमी का कठिन दौरप्रफुल्ल के करियर में मुश्किल समय भी आया, जब MRF पेस अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर की समस्या सामने आई। करीब 7–8 महीने का समय उनके लिए बेहद कठिन रहा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इसके बाद उन्होंने अंडर-23 क्रिकेट में 25 से ज्यादा विकेट लेकर जोरदार वापसी की। ऑस्ट्रेलिया ट्रेनिंग और बड़े गेंदबाजों से सीखMRF अकादमी के जरिए उन्हें ऑस्ट्रेलिया में ट्रेनिंग का मौका मिला, जहां उन्होंने दिग्गज तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड और झाय रिचर्डसन से मुलाकात की। वहां उन्होंने फिटनेस, डाइट और मैच मैनेजमेंट को लेकर कई अहम बातें सीखीं। हार्दिक पांड्या से खास पलविजय हजारे ट्रॉफी के दौरान हार्दिक पांड्या के खिलाफ गेंदबाजी करते समय प्रफुल्ल शुरुआत में घबराए हुए थे, लेकिन पहली गेंद के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ गया। हार्दिक ने भी उनकी गेंदबाजी की तारीफ करते हुए कहा था “बहुत बढ़िया गेंदबाजी।”यह बात उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई।  IPL में बड़ा सपनाप्रफुल्ल हिंगे का कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ आईपीएल खेलना नहीं बल्कि अपनी टीम को चैंपियन बनाना है। इसके अलावा वह बेस्ट फील्डर बनने और सबसे शानदार कैच लेने का सपना भी देखते हैं।

RICHEST PEOPLE LIST : एशिया के सबसे अमीर परिवारों की नई सूची जारी, अंबानी परिवार टॉप पर, AI बूम से बढ़ी दौलत

  RICHEST PEOPLE LIST : नई दिल्ली। दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के तेज़ विस्तार ने एशिया के सबसे बड़े कारोबारी परिवारों की संपत्ति में बड़ा इजाफा किया है। ब्लूमबर्ग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 2026 में एशिया के टॉप 10 सबसे अमीर परिवारों की कुल नेटवर्थ में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसकी बड़ी वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे डेटा सेंटर ऊर्जा चिप्स और कच्चे माल की बढ़ती मांग को माना जा रहा है। साथ ही हांगकांग के रियल एस्टेट सेक्टर में सुधार ने भी इन संपत्तियों को और मजबूती दी है। अंबानी परिवार सबसे आगे इस सूची में पहला स्थान एक बार फिर अंबानी परिवार के पास है जिनकी कुल संपत्ति लगभग 89.7 अरब डॉलर करीब 7.4 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ऊर्जा टेलीकॉम रिटेल और फाइनेंशियल सर्विसेज में लगातार विस्तार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक परिवार ने अगले कुछ वर्षों में AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश की योजना भी बनाई है। क्वोक परिवार दूसरे स्थान पर दूसरे नंबर पर क्वोक परिवार है जिनकी संपत्ति करीब 50.2 अरब डॉलर है। इनका मुख्य कारोबार हांगकांग का रियल एस्टेट सेक्टर है जहां हाल के समय में सुधार देखने को मिला है। सैमसंग का ली परिवार तीसरे स्थान पर तीसरे स्थान पर ली परिवार है जिनकी संपत्ति लगभग 45.5 अरब डॉलर है। सेमीकंडक्टर और स्मार्टफोन इंडस्ट्री में सैमसंग की मजबूत पकड़ और AI व रोबोटिक्स में बढ़ता फोकस इनके विकास को आगे बढ़ा रहा है। चौथे स्थान पर चेरावनोन्त परिवार चेरावनोन्त परिवार की कुल संपत्ति 44.8 अरब डॉलर के आसपास है। इनका चारोएन पोकफैंड ग्रुप फूड रिटेल और टेलीकॉम सेक्टर में सक्रिय है और एशिया में तेजी से विस्तार कर रहा है। एल्युमीनियम से बढ़ी झांग परिवार की कमाई झांग परिवार की संपत्ति लगभग 44.7 अरब डॉलर है। इलेक्ट्रिक वाहनों और AI इंडस्ट्री में एल्युमीनियम की बढ़ती मांग से इनके बिजनेस को बड़ा फायदा मिला है। त्साई परिवार की स्थिर ग्रोथ त्साई परिवार लगभग 34.3 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ बैंकिंग और इंश्योरेंस सेक्टर से मजबूत आय बनाए हुए है। रेड बुल से चमका यूविदया परिवार यूविदया परिवार की संपत्ति करीब 32.9 अरब डॉलर है। रेड बुल ब्रांड ने उन्हें ग्लोबल स्तर पर मजबूत पहचान और लगातार मुनाफा दिया है। बैंकिंग सेक्टर में हार्टोनो परिवार हार्टोनो परिवार की संपत्ति लगभग 30.2 अरब डॉलर है और इंडोनेशिया के बैंकिंग सेक्टर में इनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है। भारत के मिस्त्री और जिंदल परिवार भी सूची में भारत के मिस्त्री परिवार की संपत्ति करीब 29.5 अरब डॉलर और जिंदल परिवार की संपत्ति लगभग 29.4 अरब डॉलर आंकी गई है। दोनों परिवार क्रमशः इंफ्रास्ट्रक्चर स्टील एनर्जी और सीमेंट जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं।