सलमान खान की तेरे नाम ठुकराना अमीषा पटेल को पड़ा भारी सालों बाद छलका अफसोस

नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित फिल्म तेरे नाम आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए है और सलमान खान के करियर की यह एक अहम फिल्म मानी जाती है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद अमीषा पटेल थीं। अब सालों बाद खुद अमीषा पटेल ने इस बात का खुलासा किया है और साथ ही यह भी बताया है कि उन्होंने इस फिल्म को क्यों ठुकरा दिया था। अमीषा पटेल ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि जब सलमान खान ने उन्हें तेरे नाम का ऑफर दिया था तब फिल्म अपने शुरुआती दौर में थी। उस समय फिल्म का पूरा ढांचा तैयार नहीं था बल्कि केवल कुछ गाने और एक बेसिक कहानी का आइडिया ही मौजूद था। सलमान खान इस प्रोजेक्ट को लेकर बेहद उत्साहित थे और उन्होंने अमीषा को गाने भी सुनाए थे जो उन्हें काफी पसंद आए थे। इसके बावजूद फिल्म को लेकर कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई थीं। अमीषा के मुताबिक उस समय न तो फिल्म का शेड्यूल तय था और न ही यह स्पष्ट था कि इसका निर्देशन कौन करेगा। प्रोजेक्ट लंबे समय तक अटका रहा और अलग अलग निर्देशकों के नाम सामने आते रहे। ऐसे में एक कलाकार के तौर पर उनके लिए यह तय करना मुश्किल हो गया कि वह इस अनिश्चित फिल्म के लिए अपनी बाकी फिल्मों को छोड़ दें। उन्होंने बताया कि उस दौरान वह पहले ही कई अन्य फिल्मों के लिए अपनी तारीखें दे चुकी थीं और अपने काम को लेकर पूरी तरह कमिटेड थीं। तेरे नाम का काम कभी शुरू होने की उम्मीद जगाता तो कभी टल जाता जिससे स्थिति और ज्यादा उलझती चली गई। इसी वजह से उन्हें इस फिल्म को छोड़ने का फैसला लेना पड़ा। अमीषा पटेल ने यह भी स्वीकार किया कि जब आखिरकार फिल्म पूरी तरह तैयार हुई और सतीश कौशिक ने निर्देशन की जिम्मेदारी संभाली तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उस समय तक वह अपने अन्य प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हो चुकी थीं और उनके पास इस फिल्म के लिए समय नहीं बचा था। उन्होंने कहा कि अगर उस समय फिल्म के साथ एक फिक्स डायरेक्टर और तय शेड्यूल होता तो वह कभी इस मौके को हाथ से नहीं जाने देतीं। इस फैसले को लेकर आज भी अमीषा को अफसोस है क्योंकि तेरे नाम बाद में एक कल्ट फिल्म साबित हुई। फिल्म में सलमान खान का राधे मोहन किरदार और उनका खास हेयरस्टाइल युवाओं के बीच जबरदस्त ट्रेंड बन गया था। इसके साथ ही फिल्म का संगीत भी सुपरहिट रहा जिसने इसे और ज्यादा लोकप्रिय बना दिया। अमीषा के इस रोल को ठुकराने के बाद यह मौका भूमिका चावला को मिला जिन्होंने इसी फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखा और पहली ही फिल्म से दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना ली। तेरे नाम ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की बल्कि इसे हिंदी सिनेमा की यादगार फिल्मों में भी शामिल कर दिया गया। आज जब अमीषा पटेल इस फैसले को याद करती हैं तो उन्हें लगता है कि यह उनके करियर का एक बड़ा मिस्ड अवसर था। यह कहानी एक बार फिर यह साबित करती है कि फिल्म इंडस्ट्री में सही समय पर लिया गया फैसला किस तरह किसी कलाकार की दिशा और पहचान को बदल सकता है।
वजन बढ़ा तो सपना अधूरा रह सकता है मोटापा कैसे कर रहा प्रेग्नेंसी प्लानिंग को प्रभावित

नई दिल्ली । आज के दौर में मोटापा सिर्फ एक लाइफस्टाइल समस्या नहीं रह गया है बल्कि यह धीरे धीरे प्रजनन क्षमता पर गहरा असर डालने वाला बड़ा खतरा बनता जा रहा है। बदलती जीवनशैली गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण बढ़ता वजन अब उन कपल्स के लिए भी चिंता का विषय बन चुका है जो माता पिता बनने का सपना देख रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार अधिक वजन महिलाओं और पुरुषों दोनों की फर्टिलिटी को प्रभावित करता है। यह असर शरीर के हार्मोनल संतुलन पर पड़ता है जिससे गर्भधारण की प्रक्रिया जटिल हो सकती है। कई मामलों में कंसीव करने में ज्यादा समय लगने लगता है और कभी कभी मेडिकल सहायता की जरूरत भी पड़ती है। महिलाओं की बात करें तो शरीर में अतिरिक्त चर्बी हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ सकती है। इससे ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है या पूरी तरह रुक सकता है। यह स्थिति गर्भधारण की संभावना को सीधे तौर पर कम कर देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी PCOS से भी जुड़ा हुआ है जो महिलाओं में बांझपन की एक प्रमुख वजह माना जाता है। इसके अलावा जिन महिलाओं का बॉडी मास इंडेक्स अधिक होता है उनमें प्राकृतिक रूप से गर्भधारण में अधिक समय लग सकता है और IVF जैसे ट्रीटमेंट की सफलता दर भी कम हो सकती है। वहीं पुरुषों पर भी मोटापे का असर कम गंभीर नहीं है। अतिरिक्त वजन के कारण शरीर में टेस्टोस्टेरोन का स्तर घट सकता है जिससे स्पर्म काउंट कम हो जाता है। इसके साथ ही स्पर्म की गुणवत्ता और उनकी गति पर भी असर पड़ता है। इसका सीधा परिणाम यह होता है कि गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है। यदि इसके साथ खराब खानपान तनाव और शारीरिक निष्क्रियता जुड़ जाए तो समस्या और बढ़ सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस समस्या को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टरों के अनुसार यदि व्यक्ति अपने शरीर के वजन में सिर्फ पांच से दस प्रतिशत की कमी भी लाता है तो इससे फर्टिलिटी में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। संतुलित आहार नियमित व्यायाम पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित करना इस दिशा में बेहद प्रभावी कदम साबित हो सकते हैं। स्वास्थ्य संस्थानों का भी मानना है कि गर्भधारण की योजना बनाने से पहले हेल्दी वजन बनाए रखना जरूरी है। इससे न सिर्फ कंसीव करने की संभावना बढ़ती है बल्कि मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समय पर मेडिकल जांच और सही सलाह लेना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भारत में तेजी से बढ़ते मोटापे के मामलों को देखते हुए अब यह जरूरी हो गया है कि लोग इस समस्या को सिर्फ बाहरी रूप से न देखें बल्कि इसके अंदर छिपे स्वास्थ्य जोखिमों को भी समझें। प्रजनन क्षमता पर इसका प्रभाव एक गंभीर संकेत है जिसे नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। इसलिए यदि आप माता पिता बनने की योजना बना रहे हैं तो अपने वजन पर ध्यान देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। एक स्वस्थ शरीर ही स्वस्थ परिवार की नींव रख सकता है और यही छोटी सी समझ आने वाले समय में बड़े बदलाव ला सकती है।
भूत बंगला 100 करोड़ क्लब में शामिल माइकल को झटका धुरंधर 2 की वापसी

नई दिल्ली । बॉक्स ऑफिस पर इस समय तीन बड़ी फिल्मों के बीच जबरदस्त मुकाबला देखने को मिल रहा है और इस रेस में अक्षय कुमार की फिल्म भूत बंगला सबसे आगे निकलती नजर आ रही है। लंबे समय बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी ने वापसी की और इस फिल्म ने आते ही सिनेमाघरों में धूम मचा दी। रिलीज के नौवें दिन ही फिल्म ने 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली है जो इसकी मजबूत पकड़ को दिखाता है। भूत बंगला ने नौवें दिन शानदार उछाल दिखाते हुए 10.75 करोड़ रुपये की कमाई की। यह कमाई 8वें दिन के मुकाबले करीब 87 प्रतिशत ज्यादा रही। इसी के साथ फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 100.90 करोड़ रुपये पहुंच गया है जबकि ग्रॉस कलेक्शन 120.10 करोड़ रुपये हो चुका है। खास बात यह है कि फिल्म ने पेड प्रीव्यू से ही अच्छी शुरुआत कर दी थी और दूसरे दिन से ही इसकी कमाई में तेजी देखने को मिली। वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो यह फिल्म 161.60 करोड़ रुपये पार कर चुकी है जिससे यह साल 2026 की बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई है। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ परेश रावल राजपाल यादव असरानी तब्बू और वामिका गब्बी जैसे कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं और दर्शकों को इसकी कॉमेडी और एंटरटेनमेंट खूब पसंद आ रहा है। वहीं दूसरी ओर हॉलीवुड फिल्म माइकल जो पॉप आइकन माइकल जैक्सन की जिंदगी पर आधारित है उसने शुरुआत में अच्छी टक्कर दी लेकिन दूसरे दिन इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। फिल्म ने दूसरे दिन करीब 5 करोड़ रुपये की कमाई की जो भूत बंगला के मुकाबले आधी रही। हालांकि ओपनिंग डे के मुकाबले इसमें ग्रोथ जरूर देखने को मिली है। दो दिनों में माइकल का कुल नेट कलेक्शन 10.30 करोड़ रुपये पहुंच गया है लेकिन यह अभी भी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए संघर्ष करती नजर आ रही है। अब बात करें धुरंधर 2 की तो यह फिल्म पहले ही बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच चुकी है। आदित्य धर की इस फिल्म ने 38 दिनों में भी कमाई का सिलसिला जारी रखा हुआ है। हालांकि समय के साथ इसकी कमाई में गिरावट आई है लेकिन फिर भी यह करोड़ों में कमा रही है जो अपने आप में बड़ी बात है। 38वें दिन फिल्म ने 2.95 करोड़ रुपये की कमाई की जो पिछले दिन के मुकाबले करीब 90 प्रतिशत ज्यादा रही। धुरंधर 2 का कुल नेट कलेक्शन अब 1127.14 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है जबकि ग्रॉस कलेक्शन 1349.13 करोड़ रुपये हो गया है। वर्ल्डवाइड स्तर पर यह फिल्म 1772.88 करोड़ रुपये का आंकड़ा छू चुकी है जिससे यह अब भी सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जा रही है। शनिवार 25 अप्रैल को इन तीनों फिल्मों के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली जहां भूत बंगला ने 10.75 करोड़ रुपये की कमाई के साथ बढ़त बना ली। माइकल 5 करोड़ पर सिमट गई जबकि धुरंधर 2 ने भी अपनी पकड़ बनाए रखी। कुल मिलाकर बॉक्स ऑफिस पर इस समय भूत बंगला का दबदबा साफ नजर आ रहा है जबकि माइकल को अभी अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी और धुरंधर 2 लंबी रेस का घोड़ा साबित हो रही है।
यश की टॉक्सिक और कांतारा चैप्टर 1 पर, रुक्मिणि वसंत का बड़ा रिएक्शन फैंस के लिए अहम अपडेट

नई दिल्ली । यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म टॉक्सिक को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यह फिल्म चार जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और इसे लेकर पहले से ही सोशल मीडिया पर भारी चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में यश के साथ नयनतारा कियारा आडवाणी हुमा कुरैशी और रुक्मिणि वसंत जैसे बड़े कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। हाल ही में रुक्मिणि वसंत ने NDTV YUVA 2026 कार्यक्रम में हिस्सा लिया जहां उन्होंने अपने करियर और आने वाली फिल्मों को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह जिस भी फिल्म का हिस्सा बनती हैं उसमें सबसे पहले कहानी को समझती हैं और यह देखती हैं कि किरदार का सफर कैसा है। उनके अनुसार किरदार का विकास और उसकी शुरुआत से लेकर अंत तक की यात्रा बेहद जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि हर फिल्म में जरूरी नहीं कि उनका किरदार ही सबसे आगे रहे लेकिन किरदार में गहराई और बदलाव होना चाहिए जिससे अभिनय करने का असली अनुभव मिलता है। इसी बातचीत के दौरान रुक्मिणि वसंत ने कांतारा चैप्टर 1 को लेकर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि यह फिल्म धुरंधर जितनी बड़ी साबित होगी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कांतारा का पहला भाग पहले ही देश और दुनिया भर में बेहद लोकप्रिय हो चुका था जिससे दूसरी फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई थीं। उन्होंने बताया कि कांतारा की दुनिया और उसकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ने उन्हें काफी आकर्षित किया। करावली क्षेत्र की अनोखी परंपराओं और पौराणिक कहानी ने उन्हें इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। उनके लिए यह एक ऐसी दुनिया थी जिसमें वह छोटी सी भूमिका निभाकर भी खुद को बड़ा सौभाग्यशाली मानती हैं। टॉक्सिक फिल्म की बात करें तो इसका निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म को एक फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें यश राया के किरदार में नजर आएंगे जबकि कियारा आडवाणी नादिया का किरदार निभा रही हैं। हुमा कुरैशी एलिजाबेथ के रोल में दिखाई देंगी नयनतारा गंगा का किरदार निभा रही हैं तारा सुतारिया रेबेका के रोल में नजर आएंगी और रुक्मिणि वसंत मेलिसा का किरदार निभा रही हैं। फिल्म के एक्शन सीक्वेंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजाइन किया गया है और इसमें हॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्शन डायरेक्टर जेजे पेरी और भारतीय टीम अंबरिव और केचा खाम्फाकडी का योगदान शामिल है। फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में एक साथ शूट किया गया है और इसे हिंदी तमिल तेलुगु और मलयालम भाषाओं में भी डब किया जाएगा। पहले यह फिल्म उन्नीस मार्च 2026 को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब इसकी रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया है जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है। यश की मोस्ट अवेटेड फिल्म टॉक्सिक को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यह फिल्म चार जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और इसे लेकर पहले से ही सोशल मीडिया पर भारी चर्चा बनी हुई है। इस फिल्म में यश के साथ नयनतारा कियारा आडवाणी हुमा कुरैशी और रुक्मिणि वसंत जैसे बड़े कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। हाल ही में रुक्मिणि वसंत ने NDTV YUVA 2026 कार्यक्रम में हिस्सा लिया जहां उन्होंने अपने करियर और आने वाली फिल्मों को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह जिस भी फिल्म का हिस्सा बनती हैं उसमें सबसे पहले कहानी को समझती हैं और यह देखती हैं कि किरदार का सफर कैसा है। उनके अनुसार किरदार का विकास और उसकी शुरुआत से लेकर अंत तक की यात्रा बेहद जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि हर फिल्म में जरूरी नहीं कि उनका किरदार ही सबसे आगे रहे लेकिन किरदार में गहराई और बदलाव होना चाहिए जिससे अभिनय करने का असली अनुभव मिलता है। इसी बातचीत के दौरान रुक्मिणि वसंत ने कांतारा चैप्टर 1 को लेकर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि यह फिल्म धुरंधर जितनी बड़ी साबित होगी। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कांतारा का पहला भाग पहले ही देश और दुनिया भर में बेहद लोकप्रिय हो चुका था जिससे दूसरी फिल्म को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई थीं। उन्होंने बताया कि कांतारा की दुनिया और उसकी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि ने उन्हें काफी आकर्षित किया। करावली क्षेत्र की अनोखी परंपराओं और पौराणिक कहानी ने उन्हें इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित किया। उनके लिए यह एक ऐसी दुनिया थी जिसमें वह छोटी सी भूमिका निभाकर भी खुद को बड़ा सौभाग्यशाली मानती हैं। टॉक्सिक फिल्म की बात करें तो इसका निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गीतू मोहनदास ने किया है। फिल्म को एक फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। इसमें यश राया के किरदार में नजर आएंगे जबकि कियारा आडवाणी नादिया का किरदार निभा रही हैं। हुमा कुरैशी एलिजाबेथ के रोल में दिखाई देंगी नयनतारा गंगा का किरदार निभा रही हैं तारा सुतारिया रेबेका के रोल में नजर आएंगी और रुक्मिणि वसंत मेलिसा का किरदार निभा रही हैं। फिल्म के एक्शन सीक्वेंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजाइन किया गया है और इसमें हॉलीवुड के प्रसिद्ध एक्शन डायरेक्टर जेजे पेरी और भारतीय टीम अंबरिव और केचा खाम्फाकडी का योगदान शामिल है। फिल्म को कन्नड़ और अंग्रेजी में एक साथ शूट किया गया है और इसे हिंदी तमिल तेलुगु और मलयालम भाषाओं में भी डब किया जाएगा। पहले यह फिल्म उन्नीस मार्च 2026 को रिलीज होने वाली थी लेकिन अब इसकी रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया है जिससे दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।
हरभजन सिंह की सुरक्षा वापसी से बढ़ा विवाद, जालंधर आवास पर बदली व्यवस्था..

नई दिल्ली। पंजाब में एक अहम प्रशासनिक निर्णय सामने आया है, जिसमें राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज खिलाड़ी हरभजन सिंह की सुरक्षा व्यवस्था को वापस ले लिया गया है। इस फैसले के बाद जालंधर स्थित उनके आवास के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों को हटा दिया गया, जिससे राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। लंबे समय से उन्हें राज्य की ओर से उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की जा रही थी, जिसे अब अचानक समाप्त कर दिया गया है।जानकारी के अनुसार, यह बदलाव राज्य सरकार के निर्णय के तहत किया गया है। सुरक्षा हटने के बाद उनके आवास के बाहर का माहौल पूरी तरह बदल गया है और पहले मौजूद सुरक्षा व्यवस्था अब वहां दिखाई नहीं दे रही है। इस घटनाक्रम की पुष्टि उनके निजी सहायक द्वारा भी की गई है, जिसमें बताया गया कि सरकारी निर्देशों के बाद सुरक्षा कर्मियों को वापस बुला लिया गया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। हाल के दिनों में राज्य की राजनीति में कुछ बदलाव और आरोप-प्रत्यारोप के माहौल के बीच यह निर्णय और अधिक चर्चा का विषय बन गया है। विभिन्न राजनीतिक हलकों में इसे अलग-अलग नजरिए से देखा जा रहा है और इस पर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हरभजन सिंह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और राज्यसभा सांसद के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा में बदलाव को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। हालांकि इस फैसले के पीछे के विस्तृत कारणों को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी बीच राज्य में पहले से चल रही राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शनों ने माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। कुछ जगहों पर हुए विरोध प्रदर्शनों और आरोपों के बाद यह मामला और भी चर्चा में आ गया है, जिससे स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले पर हरभजन सिंह की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। उनकी चुप्पी के कारण भी इस निर्णय को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। आने वाले समय में यह मामला किस दिशा में जाएगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
लखनऊ में LSG vs KKR का हाई-वोल्टेज मुकाबला, बदले और वापसी की जंग में कौन मारेगा बाजी?

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का 38वां मुकाबला आज शाम 7:30 बजे लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां लखनऊ सुपर जायंट्स और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है क्योंकि इस सीजन में दोनों का प्रदर्शन अब तक काफी निराशाजनक रहा है और प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अब हर मैच निर्णायक बन चुका है। लखनऊ सुपर जायंट्स ने इस सीजन में अब तक 7 मुकाबलों में सिर्फ 2 जीत हासिल की हैं और टीम अंकतालिका में नौवें स्थान पर है। लगातार हार ने टीम की लय को बिगाड़ दिया है, लेकिन घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा उन्हें मिल सकता है। टीम इस मैच को जीतकर वापसी करने और अपने अभियान को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश करेगी। वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स का हाल भी कुछ बेहतर नहीं रहा है। टीम ने अब तक 7 मैचों में केवल एक जीत दर्ज की है और वह अंकतालिका में सबसे नीचे यानी दसवें स्थान पर है। हालांकि पिछले मुकाबले में मिली जीत से टीम को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन अब उन्हें लगातार अच्छा प्रदर्शन करना होगा। इस मुकाबले में केकेआर के पास पिछली हार का हिसाब बराबर करने का भी मौका है। दोनों टीमों के बीच इस सीजन की पहली भिड़ंत बेहद करीबी रही थी, जहां लखनऊ ने सिर्फ 3 रन से जीत हासिल की थी। उस हार ने केकेआर को काफी नुकसान पहुंचाया था, इसलिए इस बार टीम बदले की भावना के साथ मैदान में उतरेगी, जबकि एलएसजी अपनी पिछली जीत की लय को बनाए रखना चाहेगी। इकाना स्टेडियम की पिच आमतौर पर गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। यहां नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में उछाल और मूवमेंट मिलता है, जिससे बल्लेबाजों को संभलकर खेलना पड़ता है। इस सीजन में यहां बड़े स्कोर कम देखने को मिले हैं, जिससे यह साफ है कि इस बार भी रन बनाना आसान नहीं होगा और गेंदबाजों की भूमिका अहम रहने वाली है। मौसम पूरी तरह साफ रहने की उम्मीद है और बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे मैच बिना किसी रुकावट के पूरा होने की संभावना है। अब तक दोनों टीमों के बीच खेले गए मुकाबलों में लखनऊ का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है, लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए इस बार मुकाबला काफी रोमांचक और बराबरी का रहने की उम्मीद है। दोनों टीमों के लिए यह मैच सिर्फ अंक हासिल करने का नहीं बल्कि आत्मविश्वास वापस पाने का भी बड़ा मौका है।
अमेरिका में फायरिंग घटना पर पीएम मोदी का सख्त संदेश, बोले- लोकतंत्र में हिंसा अस्वीकार्य

नई दिल्ली। अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में उस समय अचानक तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान गोलीबारी की घटना सामने आई। यह घटना एक होटल में आयोजित डिनर कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां देश के शीर्ष नेतृत्व और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत सक्रिय हो गई। जैसे ही गोली चलने की आवाज सुनाई दी, सुरक्षा बलों ने बिना किसी देरी के कार्रवाई शुरू कर दी और मौजूद सभी महत्वपूर्ण व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया और संदिग्ध को भी मौके से पकड़ लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हमलावर अकेले ही इस घटना को अंजाम देने की कोशिश कर रहा था और उसके पास हथियार भी मौजूद थे। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गंभीरता से की जा रही है ताकि इसके पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जानकर राहत मिली कि सभी प्रमुख व्यक्ति सुरक्षित हैं। उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य और सुरक्षा की कामना भी की। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में स्पष्ट रूप से कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार की हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं की एक स्वर में निंदा की जानी चाहिए क्योंकि लोकतंत्र संवाद और विचारों के आदान-प्रदान पर आधारित होता है, न कि भय और हिंसा पर। इस घटना पर अन्य देशों के नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और इसे बेहद गंभीर बताते हुए शांति बनाए रखने की अपील की है। सभी ने इस बात पर सहमति जताई है कि इस तरह की घटनाएं लोकतांत्रिक संस्थाओं की सुरक्षा और स्थिरता के लिए चुनौती बन सकती हैं। उधर, अमेरिकी नेतृत्व की ओर से भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी गई है और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की गई है। बताया गया है कि हालात अब पूरी तरह नियंत्रण में हैं और जांच एजेंसियां हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में जांच जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमले के पीछे असली उद्देश्य क्या था और इसमें कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चेपॉक में CSK vs GT का हाई-वोल्टेज मुकाबला, प्लेऑफ की रेस में दोनों टीमों के लिए करो या मरो की जंग

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 का 37वां मुकाबला आज चेपॉक स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटंस आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि प्लेऑफ की दौड़ में आगे बढ़ने के लिए हर जीत निर्णायक साबित हो सकती है। दोपहर 3:30 बजे शुरू होने वाले इस मैच में दोनों टीमें पूरी रणनीति के साथ मैदान पर उतरने की तैयारी में हैं। चेन्नई सुपर किंग्स ने इस सीजन की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं की थी और शुरुआती मुकाबलों में लगातार हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इसके बाद टीम ने शानदार वापसी की और पिछले कुछ मैचों में जीत हासिल कर अपनी स्थिति को मजबूत किया है। पिछले मुकाबले में मिली बड़ी जीत ने टीम के आत्मविश्वास को काफी बढ़ाया है, जिससे खिलाड़ी अब घरेलू मैदान पर लगातार दूसरी जीत दर्ज करने की कोशिश करेंगे। दूसरी तरफ गुजरात टाइटंस का प्रदर्शन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम ने कुछ मैचों में शानदार खेल दिखाया, लेकिन लगातार स्थिरता बनाए रखने में सफल नहीं हो सकी। हाल के मुकाबलों में मिली हार ने टीम पर दबाव बढ़ा दिया है और अब यह मैच उनके लिए वापसी का बड़ा मौका है। चेपॉक की पिच इस मैच में अहम भूमिका निभा सकती है। यह पिच शुरुआत में बल्लेबाजों के लिए थोड़ी मददगार होती है, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता है, स्पिन गेंदबाजों का प्रभाव बढ़ जाता है। ऐसे में दोनों टीमों के स्पिनर इस मुकाबले में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। तेज गेंदबाजों को भी शुरुआती ओवरों में हल्की मदद मिलने की उम्मीद है, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है। मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना है और बारिश का कोई खतरा नहीं है, जिससे पूरा मैच बिना किसी बाधा के होने की उम्मीद है। हालांकि गर्मी खिलाड़ियों की सहनशक्ति की परीक्षा ले सकती है। अब तक दोनों टीमों के बीच मुकाबला काफी संतुलित रहा है। हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में दोनों टीमें लगभग बराबरी पर हैं, जिससे यह साफ है कि इस बार भी मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक होने वाला है। दोनों टीमों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि जीत किसके हाथ लगेगी, लेकिन इतना तय है कि चेपॉक में आज क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर होगा।
Astro Tips: घर में दरिद्रता ला सकती है आपकी ये 4 आदतें, ज्योतिष में बताया गया अलक्ष्मी का संकेत

नई दिल्ली। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इंसान की दिनचर्या और उसकी कुछ सामान्य आदतें भी उसके जीवन, भाग्य और आर्थिक स्थिति पर असर डालती हैं। शास्त्रों में जहां कई आदतों को शुभ और लाभकारी बताया गया है, वहीं कुछ व्यवहार ऐसे भी माने जाते हैं जो घर की बरकत को प्रभावित कर सकते हैं और आर्थिक परेशानियों का कारण बन सकते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, अनजाने में की जाने वाली कुछ आदतें घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाती हैं, जिसे अलक्ष्मी का प्रभाव माना जाता है। आइए जानते हैं ऐसी कुछ आदतें जिन्हें सुधारने की सलाह दी जाती है। बैठे-बैठे पैर हिलाने की आदत ज्योतिष के अनुसार बिना वजह लगातार पैर हिलाना अशुभ माना जाता है। इसे मानसिक अस्थिरता और चंद्रमा की कमजोरी से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि यह आदत आर्थिक असंतुलन पैदा कर सकती है और अनावश्यक खर्च बढ़ा सकती है। नाखून चबाने की आदत नाखूनों को दांतों से चबाना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि इसे नकारात्मक आदत भी माना गया है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह आत्मविश्वास को प्रभावित करती है और करियर में बाधाएं उत्पन्न कर सकती है। इसे दरिद्रता को आकर्षित करने वाली आदतों में भी शामिल किया गया है। भोजन बनाते समय बार-बार चखना या खाना शास्त्रों में रसोई को पवित्र स्थान और मां अन्नपूर्णा का प्रतीक माना गया है। ऐसे में खाना बनाते समय बार-बार भोजन चखना या उसे जूठा करना अनुशासनहीन माना जाता है। मान्यता है कि इससे घर में अन्न और धन की कमी हो सकती है और बरकत प्रभावित होती है। दोनों हाथों से सिर खुजलाना ज्योतिष ग्रंथों में शरीर की गतिविधियों को लेकर भी कुछ संकेत बताए गए हैं। इनमें दोनों हाथों से एक साथ सिर खुजलाना अशुभ माना गया है। कहा जाता है कि यह आदत निर्णय क्षमता को प्रभावित कर सकती है और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
टैक्स प्लानिंग 2027: पुरानी और नई व्यवस्था में से कौन देगा ज्यादा फायदा, जानिए पूरा गणित..

नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही सैलरीड कर्मचारियों के सामने एक बार फिर वही अहम सवाल खड़ा हो गया है कि पुरानी टैक्स व्यवस्था को चुना जाए या नई टैक्स व्यवस्था को अपनाया जाए। दोनों ही सिस्टम अपने-अपने तरीके से अलग फायदे और सीमाएं लेकर आते हैं, इसलिए सही विकल्प व्यक्ति की आय और वित्तीय योजना पर निर्भर करता है। हालांकि इस साल टैक्स स्लैब में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कुछ नए अपडेट और स्पष्टताओं के बाद यह चर्चा फिर से तेज हो गई है कि किस व्यवस्था में ज्यादा लाभ मिलेगा। कई मामलों में देखा जा रहा है कि इस बार लोगों के लिए पिछली तुलना में चुनाव अलग भी हो सकता है। पुरानी टैक्स व्यवस्था में टैक्सपेयर्स को कई तरह की छूट का लाभ मिलता है। इसमें निवेश पर मिलने वाली कटौती, स्वास्थ्य बीमा, होम लोन पर ब्याज, एचआरए और अन्य भत्ते शामिल हैं। इन सुविधाओं के कारण टैक्सेबल इनकम काफी कम हो जाती है, लेकिन इसके बदले टैक्स दरें अपेक्षाकृत अधिक होती हैं। वहीं दूसरी ओर नई टैक्स व्यवस्था को सरल और सीधा बनाया गया है। इसमें टैक्स स्लैब अलग-अलग आय स्तरों पर लागू होते हैं और दरें तुलनात्मक रूप से कम रखी गई हैं, लेकिन अधिकतर छूट और डिडक्शन हटा दिए गए हैं। इसका उद्देश्य टैक्स सिस्टम को आसान बनाना और फाइलिंग प्रक्रिया को कम जटिल करना है। अगर किसी व्यक्ति की आय सीमित है और वह ज्यादा निवेश या टैक्स सेविंग विकल्पों का उपयोग नहीं करता, तो नई टैक्स व्यवस्था उसके लिए अधिक फायदेमंद साबित हो सकती है। इसमें कम दरों के कारण हर महीने मिलने वाली सैलरी यानी टेक-होम इनकम ज्यादा रहती है। इसके विपरीत, जो लोग नियमित रूप से निवेश करते हैं, बीमा पॉलिसी लेते हैं या होम लोन पर ब्याज चुकाते हैं, उनके लिए पुरानी टैक्स व्यवस्था ज्यादा लाभकारी हो सकती है। खासकर उन परिवारों के लिए जहां कई प्रकार के खर्च और वित्तीय जिम्मेदारियां होती हैं, यह विकल्प टैक्स बचत में मदद करता है। सरकार द्वारा समय-समय पर दोनों व्यवस्थाओं में कुछ बदलाव किए जाते हैं ताकि करदाता अपनी जरूरत के अनुसार सही विकल्प चुन सकें। कुछ भत्तों और अलाउंस में संशोधन के कारण टैक्स प्लानिंग पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए सही जानकारी के साथ निर्णय लेना जरूरी हो जाता है। यह साफ है कि कोई भी एक टैक्स सिस्टम सभी के लिए सबसे बेहतर नहीं हो सकता। सही चुनाव पूरी तरह व्यक्ति की आय, खर्च, निवेश की आदत और भविष्य की वित्तीय योजना पर निर्भर करता है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले अपनी पूरी आर्थिक स्थिति का आकलन करना सबसे जरूरी कदम है।