देहरादून कैबिनेट बैठक: विकास कार्यों और भर्तियों में बड़ा सुधार, कुंभ 2027 पर विशेष फोकस

नई दिल्ली । देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। इस बैठक में कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर विशेष रूप से तेज़ी लाने पर जोर दिया गया, साथ ही विभिन्न विभागों की नीतियों और भर्ती प्रक्रियाओं में अहम बदलावों को मंजूरी दी गई। बैठक का सबसे प्रमुख फोकस आने वाले कुंभ मेले की तैयारियों पर रहा। सरकार ने निर्माण कार्यों और विकास परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने का निर्णय लिया है, जिससे काम तेजी से आगे बढ़ सके। छोटे और बड़े कार्यों की स्वीकृति के लिए अलग-अलग स्तर तय किए गए हैं, ताकि समय की बचत हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। वन विभाग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। वन दरोगा पद के लिए अब शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाकर स्नातक कर दिया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया और अधिक योग्य उम्मीदवारों पर केंद्रित होगी। इसके साथ ही आयु सीमा में भी संशोधन किया गया है। वन आरक्षी पदों के लिए भी नई आयु सीमा लागू की गई है, जिससे भर्ती मानकों को अपडेट किया जा सके। परिवहन विभाग में भी कई अहम निर्णय लिए गए हैं। राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है। पहले निर्धारित संख्या में बढ़ोतरी करते हुए अब अधिक बसें खरीदने का फैसला लिया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी। शिक्षा क्षेत्र में विशेष शिक्षा शिक्षक भर्ती नियमों में संशोधन किया गया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके। इसके अलावा संस्कृत शिक्षा सेवा नियमावली को भी औपचारिक रूप दिया गया है, जिससे शिक्षकों की सेवा संरचना और पदोन्नति प्रक्रिया को स्पष्ट किया जा सके। खनन क्षेत्र से जुड़े नियमों में भी संशोधन करते हुए रॉयल्टी दरों में बदलाव किया गया है। इससे राज्य के राजस्व में वृद्धि होने की संभावना जताई जा रही है। वहीं अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को सरल बनाते हुए कक्षा स्तर के आधार पर अलग-अलग व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही मानव और वन्यजीव संघर्ष को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने के लिए मधुमक्खी पालन आधारित नई नीति को भी मंजूरी दी गई है। यह नीति वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए नई आजीविका के अवसर पैदा करेगी।
बैंकिंग में करियर का सुनहरा मौका, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने निकाली 1865 अप्रेंटिस वैकेंसी

नई दिल्ली । बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने देशभर में अप्रेंटिस पदों पर बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती के तहत कुल 1865 पदों को भरा जाएगा, जिससे हजारों उम्मीदवारों को बैंकिंग सेक्टर में करियर शुरू करने का मौका मिलेगा। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 19 मई तय की गई है, जिसके बाद कोई भी फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसलिए इच्छुक उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी जा रही है। शैक्षणिक योग्यता के अनुसार, आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है। यह डिग्री किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से प्राप्त होनी चाहिए। इसके साथ ही कुछ अन्य पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं, जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है। उम्र सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष तय की गई है। आयु की गणना एक निर्धारित तिथि के आधार पर की जाएगी। वहीं, आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु में छूट भी दी जाएगी। चयन प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जाएगी। इसमें सबसे पहले ऑनलाइन परीक्षा होगी, इसके बाद स्थानीय भाषा की परीक्षा ली जाएगी और अंतिम चरण में दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इन सभी चरणों को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उम्मीदवारों को चयनित किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान मासिक स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाएगा, जिसकी राशि कार्यस्थल और पद के अनुसार तय होगी। यह अवसर विशेष रूप से उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो बैंकिंग क्षेत्र में अनुभव हासिल करना चाहते हैं। आवेदन शुल्क भी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। सामान्य और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शुल्क अधिक रखा गया है, जबकि महिला उम्मीदवारों और आरक्षित वर्ग के लिए यह राशि कम है। भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। उम्मीदवारों को पहले संबंधित पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, इसके बाद बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। सभी जरूरी जानकारी भरने के बाद आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और शुल्क का भुगतान करके फॉर्म जमा करना होगा। अंत में भविष्य के उपयोग के लिए आवेदन की एक कॉपी सुरक्षित रखना जरूरी है।
लंच और डिनर का आसान विकल्प: घर पर बनाएं खट्टा-चटपटा लेमन राइस..

नई दिल्ली । रोजाना एक ही तरह का खाना खाते-खाते अगर स्वाद में कुछ नया चाहने लगें, तो लेमन राइस एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है। यह साउथ इंडियन रसोई से आने वाली एक ऐसी डिश है जो सरल होने के साथ-साथ बेहद स्वादिष्ट भी होती है। खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय नहीं लगता और यह हल्का होने के कारण आसानी से पच भी जाता है। व्यस्त जीवनशैली में जब लोग जल्दी बनने वाले और स्वादिष्ट भोजन की तलाश करते हैं, तब लेमन राइस एक आदर्श विकल्प बनकर सामने आता है। इसे मुख्य रूप से पहले से पके हुए चावल के साथ तैयार किया जाता है, जिससे यह और भी जल्दी बन जाता है। इसका खट्टा-तीखा स्वाद इसे अन्य चावल के व्यंजनों से अलग बनाता है। इस स्वादिष्ट व्यंजन की शुरुआत कड़ाही में तेल गर्म करने से होती है। जैसे ही तेल गर्म हो जाता है, उसमें राई डाली जाती है, जो चटकने के साथ ही एक खास सुगंध फैलाती है। इसके बाद चना दाल, उड़द दाल और मूंगफली को हल्का सुनहरा होने तक भुना जाता है, जिससे डिश में कुरकुरापन और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं। इसके बाद इसमें सूखी लाल मिर्च, हरी मिर्च और करी पत्ते डाले जाते हैं, जो इसके स्वाद को और भी गहराई देते हैं। हल्दी पाउडर मिलाने से चावल को एक आकर्षक पीला रंग मिलता है और इसका स्वाद भी संतुलित हो जाता है। अब पहले से पके हुए चावल को धीरे-धीरे कड़ाही में मिलाया जाता है। इस दौरान ध्यान रखा जाता है कि चावल टूटे नहीं और हर दाना अच्छे से मसालों के साथ मिल जाए। इसके बाद स्वाद अनुसार नमक डाला जाता है और पूरी सामग्री को हल्के हाथों से मिलाया जाता है। जब गैस बंद कर दी जाती है, तब इसमें ताजा नींबू का रस डाला जाता है। यही वह चरण है जो इस डिश को उसका खास खट्टा और ताजगी भरा स्वाद देता है। नींबू का रस मिलाने के बाद चावल को हल्के हाथों से दोबारा मिलाया जाता है ताकि स्वाद पूरे मिश्रण में अच्छे से फैल जाए। तैयार लेमन राइस को कुछ देर ढककर रखने के बाद धनिया पत्ती से सजाकर परोसा जाता है। इसे नारियल की चटनी, अचार या दही के साथ खाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। यह डिश न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि हल्की और पचने में आसान भी होती है, जिससे यह गर्मियों के मौसम के लिए एक आदर्श भोजन बन जाती है। बच्चे हों या बड़े, इसका खट्टा-चटपटा स्वाद सभी को पसंद आता है और यही कारण है कि यह घर-घर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
1 मई 2026 का राशिफल: आज कैसा रहेगा आपका दिन ? जानें किस राशि की चमकेगी किस्मत

नई दिल्ली । आज 1 मई 2026 और शुक्रवार का दिन है। शुक्रवार का दिन शुक्र ग्रह और मां मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। यह दिन सुख, ऐश्वर्य, प्रेम और भौतिक सुविधाओं को बढ़ाने वाला माना जाता है। साथ ही इस दिन बुद्ध पूर्णिमा का विशेष महत्व भी रहेगा। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कुछ राशियों के लिए दिन लाभकारी रहेगा, जबकि कुछ को सतर्क रहने की जरूरत है। जानिए सभी 12 राशियों का हाल- मेष राशि आज का दिन सकारात्मक रहेगा। पुराने विवाद खत्म होने से राहत मिलेगी। प्रेम संबंधों में सुधार होगा और करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहेगी और परिवार में तालमेल रहेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा। वृषभ राशि दिन आपके पक्ष में रहेगा। कार्यक्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और रुके काम पूरे हो सकते हैं। धन लाभ के संकेत हैं, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात फायदेमंद साबित हो सकती है। मिथुन राशि मिला-जुला दिन रहेगा। कार्यक्षेत्र में खुद को साबित करने के मौके मिलेंगे, लेकिन आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। निवेश से पहले सलाह लेना बेहतर रहेगा। मानसिक चिंता रह सकती है, हालांकि प्रेम जीवन अच्छा रहेगा। कर्क राशि दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। रिश्तों में हल्की नोकझोंक संभव है, लेकिन समझदारी से स्थिति संभल जाएगी। काम में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। सेहत का ध्यान रखें और परिवार के साथ समय बिताएं।सिंह राशि अवसरों से भरा दिन रहेगा। नए काम की शुरुआत सफल हो सकती है और धन लाभ के योग हैं। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में जल्दबाजी से बचें। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। कन्या राशि सावधानी से दिन बिताने की जरूरत है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें। कार्यक्षेत्र में तनाव हो सकता है, लेकिन अंत में स्थिति सामान्य हो जाएगी। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं। तुला राशि उतार-चढ़ाव वाला दिन रह सकता है। आय बढ़ सकती है, लेकिन खर्च भी बढ़ेंगे। काम में सुस्ती महसूस हो सकती है। नए कार्य शुरू करने से बचें। रिश्तों में दूरी बनाकर खुद को समझने का समय लें। वृश्चिक राशि प्रगति का दिन रहेगा। काम के सिलसिले में यात्रा के योग हैं। नए कार्य शुरू कर सकते हैं। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। हालांकि परिवार में किसी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। धनु राशि संभलकर रहने की जरूरत है। आर्थिक मामलों में तनाव हो सकता है। किसी भी बड़े निवेश से बचें। रिश्तों में बहस से दूरी बनाए रखें। यात्रा के दौरान सतर्क रहें। मकर राशि काम पर ध्यान केंद्रित करने वाला दिन रहेगा। कुछ रुकावटें आ सकती हैं, लेकिन मेहनत से उन्हें पार कर लेंगे। रिश्तों में छोटी बातों को नजरअंदाज करें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। कुंभ राशि मिश्रित परिणाम वाला दिन रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें और वाणी में संयम बरतें। परिवार में हल्का तनाव हो सकता है, लेकिन स्थिति संभल जाएगी। कोई नया व्यक्ति जीवन में आ सकता है। मीन राशि खुशियों से भरा दिन रहेगा। प्रेम जीवन में अच्छे मौके मिलेंगे। कार्यक्षेत्र में लाभ और नई डील के संकेत हैं। परिवार में सामंजस्य रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
तेज गर्मी से बचने का आसान तरीका, ये मसाले शरीर को रखते हैं अंदर से ठंडा और हल्का..

नई दिल्ली । जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है, वैसे-वैसे इसका असर लोगों के शरीर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान शरीर को तेजी से थका रहा है। इस मौसम में अक्सर लोग कमजोरी, सिरदर्द, चक्कर और पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करते हैं। ऐसे हालात में केवल पानी पीना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि खानपान में ऐसे प्राकृतिक तत्वों को शामिल करना जरूरी हो जाता है जो शरीर को अंदर से ठंडक प्रदान कर सकें। आयुर्वेद और पारंपरिक घरेलू नुस्खों में कुछ ऐसे मसालों का जिक्र मिलता है जो गर्मियों में शरीर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। ये मसाले न केवल पाचन को सुधारते हैं बल्कि शरीर के तापमान को भी नियंत्रित रखते हैं। इनमें सौंफ सबसे प्रमुख मानी जाती है। यह शरीर में ठंडक बनाए रखने में मदद करती है और पेट की गर्मी को कम करने का काम करती है। गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को हल्का और तरोताजा महसूस कराता है, साथ ही पाचन तंत्र को भी शांत रखता है। धनिया के बीज भी शरीर को राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह शरीर में गर्मी और सूजन को कम करने में मदद करते हैं और पाचन क्रिया को बेहतर बनाते हैं। गर्मी के कारण होने वाली पेट की समस्याओं में यह काफी लाभकारी माना जाता है। इलायची का उपयोग भी गर्मियों में काफी फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को हल्का महसूस कराने के साथ-साथ गैस, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती है। इसका सेवन शरीर में ताजगी बनाए रखने में सहायक होता है। पुदीना को तो लंबे समय से प्राकृतिक ठंडक का स्रोत माना जाता रहा है। इसमें मौजूद तत्व शरीर को ठंडा रखने के साथ-साथ पाचन सुधारने में भी मदद करते हैं। गर्मियों में होने वाली पेट की समस्याओं में यह काफी असरदार साबित होता है और शरीर को तुरंत राहत देता है। अमचूर भी इस सूची में शामिल एक महत्वपूर्ण मसाला है। यह पाचन को सक्रिय करने में मदद करता है और शरीर में ताजगी बनाए रखता है। इसके प्राकृतिक गुण गर्मी के असर को कम करने और भूख को संतुलित करने में सहायक होते हैं। अगर गर्मियों में खानपान में इन प्राकृतिक मसालों को शामिल किया जाए तो शरीर को अंदर से ठंडक मिल सकती है और कई सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव संभव है। यह सरल उपाय बिना किसी दवा के शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद कर सकता है।
शुजालपुर से सीएम का ऐलान, किसानों को मिलेगा पूरा हक और संस्कृति रहेगी जीवंत

भोपाल । सीएम मोहन यादव ने कहा है कि जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही आत्मा की शुद्धि के लिए भक्ति और सत्संग आवश्यक है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में धर्म और संस्कृति की धारा को निरंतर प्रवाहित रखने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है मुख्यमंत्री शुजालपुर के हाटकेश्वर धाम सेमली घाट में Pandit Kamal Kishor Nagar द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए जहां उन्होंने समाज को अध्यात्म और संस्कारों से जोड़ने पर जोर दिया उन्होंने कहा कि संत समाज ने हमेशा समाज को दिशा देने का काम किया है और नागर जी द्वारा संचालित गौसेवा और नशा मुक्ति अभियान का व्यापक प्रभाव समाज में दिखाई दे रहा है मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान को सराहते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों ने अपनी मेहनत से गेहूं उत्पादन को दोगुना कर दिया है उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी उपज का एक एक दाना खरीदा जाएगा राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के साथ 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है जिससे किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ मिल रहा है उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े मुख्यमंत्री ने इससे पहले शाजापुर जिले के शुजालपुर में उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया सीएम यादव ने अपने संबोधन में कहा कि संतानें केवल परिवार की पहचान नहीं बल्कि संस्कारों की धरोहर होती हैं यदि संतान संस्कारित हो तो उसमें ब्रह्मा विष्णु और महेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी को शिक्षा और संस्कार दोनों दें भारतीय संस्कृति को त्याग और दान की संस्कृति बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की कथा हमें सिखाती है कि जीवन में प्रेम सबसे बड़ा होता है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और उज्जैन के पास जानापाव तथा सांदीपनि आश्रम सहित भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि Kashi Vishwanath Temple में स्थापित वैदिक घड़ी भारतीय संस्कृति की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रतीक है जिसका हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने अवलोकन किया उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई गोशालाएं बनाई जा रही हैं और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है ताकि गौ संरक्षण के साथ किसानों की आय भी बढ़ाई जा सके कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा तभी संस्कृति और विकास दोनों का संतुलन बना रहेगा
एसएचजी सेविंग्स अकाउंट से वित्तीय समावेशन को मिलेगा नया बल..

नई दिल्ली । ग्रामीण भारत में वित्तीय सेवाओं को अधिक सरल, सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों के लिए विशेष सेविंग्स अकाउंट की शुरुआत की गई है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य उन लाखों महिलाओं और ग्रामीण परिवारों तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाना है, जो अब तक पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली से दूर रहे हैं। यह खाता पूरी तरह जीरो बैलेंस सुविधा के साथ उपलब्ध कराया गया है, जिससे किसी भी प्रकार की न्यूनतम राशि रखने की बाध्यता समाप्त हो जाती है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी बिना किसी दबाव के इसका उपयोग कर सकता है। इस खाते को खोलने की प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाया गया है, जिससे इसे गांवों में भी आसानी से शुरू किया जा सकता है। इसके लिए डाकघर नेटवर्क और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत डाक सेवकों की मदद ली जा रही है, ताकि बैंकिंग सेवाएं सीधे लोगों तक पहुंच सकें और उन्हें किसी लंबी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। इस खाते में कई सुविधाएं जोड़ी गई हैं, जिनमें मासिक औसत बैलेंस रखने की आवश्यकता नहीं होना, अधिकतम दो लाख रुपये तक की जमा सीमा, नियमित अंतराल पर ब्याज का लाभ और बिना किसी शुल्क के कैश जमा और निकासी की सुविधा शामिल है। इसके अलावा खाताधारकों को हर महीने निःशुल्क स्टेटमेंट प्रदान किया जाएगा, जिससे उनके लेनदेन की जानकारी पारदर्शी बनी रहे। खाता बंद करने पर भी कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिससे उपयोगकर्ताओं को किसी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए क्यूआर कार्ड की सुविधा भी बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कैशलेस व्यवस्था को मजबूती मिल सके। यह पहल विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ये समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ के रूप में कार्य करते हैं और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस सुविधा के माध्यम से इन समूहों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जोड़कर उनके लेनदेन को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जाएगा। इससे न केवल बचत की आदत को बढ़ावा मिलेगा बल्कि छोटे स्तर पर चल रही आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए यह कदम वित्तीय समावेशन की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। डोरस्टेप बैंकिंग और डिजिटल नेटवर्क की मदद से अब बैंकिंग सेवाएं सीधे घरों और गांवों तक पहुंचेंगी, जिससे लोगों को बैंक शाखाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह पहल ग्रामीण विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती है और आने वाले समय में इससे व्यापक सामाजिक और आर्थिक बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
गर्मियों में फूड प्वाइजनिंग का खतरा बढ़ा, ये 13 गलतियां पड़ सकती हैं भारी

नई दिल्ली । गर्मियों का मौसम जहां राहत और ठंडे फलों का आनंद लेकर आता है वहीं यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है तेज गर्मी और बढ़ता तापमान खाने को जल्दी खराब कर देता है जिससे फूड प्वाइजनिंग का खतरा कई गुना बढ़ जाता है अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि केवल बाहर का खाना ही नुकसानदायक होता है लेकिन सच यह है कि घर का खाना भी अगर सही तरीके से न संभाला जाए तो वह बीमारी का कारण बन सकता है गर्मी के मौसम में बैक्टीरिया और जर्म्स तेजी से बढ़ते हैं यही कारण है कि थोड़ी सी लापरवाही भी उल्टी दस्त पेट दर्द और डायरिया जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है कई बार यह समस्या गंभीर रूप ले लेती है और अस्पताल तक जाने की नौबत आ जाती है इसलिए जरूरी है कि खाने से जुड़ी छोटी छोटी बातों का ध्यान रखा जाए सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं वह है कटे हुए फल को लंबे समय तक रखना कई लोग आधा फल खाकर बाकी फ्रिज में रख देते हैं लेकिन ऐसा करना खतरनाक हो सकता है कटे हुए फल में जल्दी बैक्टीरिया पनपने लगते हैं इसलिए फलों को हमेशा ताजा काटकर तुरंत खाना चाहिए इसी तरह फल और सब्जियों को काटते समय साफ चाकू और साफ हाथों का इस्तेमाल करना जरूरी है गंदे हाथ या गंदे बर्तन से बैक्टीरिया सीधे खाने में पहुंच जाते हैं कटे हुए फलों को नल के पानी से धोना भी सही नहीं माना जाता क्योंकि इससे जर्म्स और बढ़ सकते हैं गर्मी में एक और बड़ी गलती है खाना लंबे समय तक बाहर रखना पका हुआ खाना दो घंटे से ज्यादा बाहर रखने पर खराब होने लगता है इसलिए इसे जल्दी फ्रिज में रखना चाहिए लेकिन ध्यान रहे कि एक बार फ्रिज से निकालकर गर्म किया गया खाना दोबारा फ्रिज में नहीं रखना चाहिए इससे उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं बासी खाना खाना भी फूड प्वाइजनिंग का बड़ा कारण है कई लोग सुबह का बना खाना रात में या रात का खाना अगले दिन खा लेते हैं जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है बार बार खाना गर्म करना भी नुकसानदायक होता है क्योंकि इससे उसकी गुणवत्ता खराब हो जाती है बाजार में खुले में बिकने वाले खाने से भी बचना चाहिए खासकर वह खाना जो लंबे समय से रखा हो ऐसे खाने में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है इसके अलावा अगर खाने में किसी तरह की गंध रंग या स्वाद में बदलाव महसूस हो तो उसे तुरंत फेंक देना ही बेहतर होता है गर्मियों में सुरक्षित रहने के लिए जरूरी है कि हमेशा ताजा और साफ खाना खाएं हाथों की सफाई का ध्यान रखें और खाने को सही तरीके से स्टोर करें छोटी छोटी सावधानियां अपनाकर बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है यह मौसम सतर्क रहने का है ताकि आप और आपका परिवार स्वस्थ रह सके
OBC Mahasabha protest: करैरा में जातिगत जनगणना और UGC नियम लागू करने की मांग को लेकर ओबीसी महासभा का प्रदर्शन

Highlights: करैरा में ओबीसी महासभा का प्रदर्शन पीएम के नाम सौंपा गया ज्ञापन UGC नियमावली 2026 लागू करने की मांग जातिगत जनगणना और आरक्षण बढ़ाने की मांग पुलिस कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल OBC Mahasabha protest: ग्वालियर। शिवपुरी जिले के करैरा में गुरुवार को ओबीसी महासभा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के बाद महासभा के पदाधिकारी एसडीओपी कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन एडिशनल एसपी संजीव मुले को सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। बुद्ध पूर्णिमा 2026 का शुभ पर्व 1 मई को, जानें स्नान दान का सही समय और आसान पूजा विधि UGC नियमावली लागू करने पर जोर ज्ञापन में महासभा के प्रदेश प्रभारी जितेंद्र लोधी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं मिला है। उन्होंने प्रस्तावित यूजीसी नियमावली 2026 को पूरे देश में तत्काल लागू करने की मांग की, ताकि उच्च शिक्षा संस्थानों में ओबीसी छात्रों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल 2026, सुंदरकांड पाठ की सही विधि और लाभ जानना है जरूरी जातिगत जनगणना समेत कई प्रमुख मांगें महासभा ने आगामी जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए अलग कॉलम जोड़कर जातिगत जनगणना कराने की मांग की है। इसके अलावा मध्य प्रदेश में ओबीसी के 13 प्रतिशत होल्ड पद बहाल करने, सरकारी विभागों में बैकलॉग पद भरने और निजी संस्थानों में जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण लागू करने की भी मांग रखी गई। मई में कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत 2026, पूजन विधि से लेकर सामग्री तक सबकुछ यहां जानें पुलिस कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक के नाम एक अलग ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें करैरा थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए। आरोप है कि चोरी, दुष्कर्म और दुर्घटना जैसे मामलों में एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही और ओबीसी व बहुजन समाज के लोगों को परेशान किया जा रहा है। महासभा ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बुद्ध पूर्णिमा 2026 का शुभ पर्व 1 मई को, जानें स्नान दान का सही समय और आसान पूजा विधि

नई दिल्ली । वैशाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला बुद्ध पूर्णिमा का पर्व धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है यह दिन भगवान बुद्ध के जन्म ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों से जुड़ा हुआ माना जाता है इसलिए इस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 1 मई को मनाया जाएगा पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 30 अप्रैल की रात 9 बजकर 12 मिनट से प्रारंभ होकर 1 मई की रात 10 बजकर 52 मिनट तक रहेगी उदयातिथि के अनुसार 1 मई को ही स्नान दान और पूजा करना अधिक शुभ माना गया है इस दिन लोग सुबह जल्दी उठकर पवित्र स्नान करते हैं और व्रत रखकर भगवान का ध्यान करते हैं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा के दिन किया गया स्नान दान और पूजा व्यक्ति के जीवन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है इस दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करना विशेष पुण्यदायी माना जाता है कहा जाता है कि इस दिन किए गए अच्छे कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है स्नान और दान के लिए प्रातः काल का समय सबसे शुभ माना गया है इस दिन सुबह 4 बजकर 15 मिनट से 4 बजकर 58 मिनट तक स्नान और दान का विशेष मुहूर्त बताया गया है इस समय पवित्र स्नान कर गरीबों को अन्न वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत फलदायी होता है पूजा विधि की बात करें तो सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है दिनभर सात्विकता का पालन करते हुए भगवान का स्मरण किया जाता है शाम के समय जब चंद्रमा उदित होता है तब चंद्रमा को जल अर्पित किया जाता है इस दौरान सफेद फूल चावल और कुमकुम का प्रयोग किया जाता है अर्घ्य देते समय मन में अपनी इच्छाओं को रखते हुए प्रार्थना करना शुभ माना जाता है इस दिन कुछ विशेष कार्य करने से जीवन में सुख शांति और समृद्धि आती है जैसे भगवान सत्यनारायण की कथा सुनना या करवाना जरूरतमंद लोगों को भोजन या कपड़े देना और भगवान शिव माता पार्वती की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है इसके अलावा हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से मानसिक शांति मिलती है हालांकि इस दिन कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए पूजा में बासी फूल या टूटे हुए चावल का उपयोग नहीं करना चाहिए और गुस्से तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए तामसिक भोजन से बचना चाहिए और यदि व्रत न कर सकें तो सात्विक आहार ही ग्रहण करना चाहिए रात्रि में चंद्रमा की रोशनी में बैठकर ॐ सोमाय नमः मंत्र का जाप करना भी विशेष लाभकारी माना गया है इससे मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है बुद्ध पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं बल्कि आत्म शुद्धि और सद्भावना का संदेश देने वाला दिन है जो हर व्यक्ति को अच्छे कर्म करने की प्रेरणा देता है