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इंदौर को बड़ी राहत, सरवटे–गंगवाल रोड प्रोजेक्ट फिर शुरू, अब 80 नहीं बल्कि 60 फीट चौड़ी बनेगी सड़क

इंदौर शहर में लंबे समय से अटकी पड़ी एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना अब फिर से शुरू होने जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड के बीच बनने वाली यह सड़क पिछले कई महीनों से विवाद और तकनीकी कारणों के चलते अधूरी पड़ी थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने पर सहमति बन गई है। शुरुआत में इस सड़क को 80 फीट चौड़ा करने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन स्थानीय निवासियों की आपत्तियों और लगातार चल रहे विरोध के बाद इसमें बदलाव किया गया है। अब यह सड़क 60 फीट चौड़ाई के साथ विकसित की जाएगी। इस निर्णय के बाद परियोजना को मंजूरी मिल गई है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है। यह सड़क निर्माण कार्य स्मार्ट सिटी योजना के तहत शुरू किया गया था, लेकिन बीच में फंडिंग और तकनीकी अड़चनों के कारण काम रुक गया। इसके अलावा बाधक निर्माणों को हटाने को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी, जिससे परियोजना लंबे समय तक अधर में लटकी रही। स्थानीय स्तर पर इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कई प्रयास किए गए और बजट की व्यवस्था भी की गई, लेकिन निर्माण कार्य फिर भी शुरू नहीं हो सका। अब नए वर्क ऑर्डर और संशोधित चौड़ाई के साथ इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। चौड़ाई कम करने के फैसले के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच सहमति बन गई है, जिससे अब विवाद की स्थिति समाप्त हो गई है। माना जा रहा है कि इस सड़क के बनने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो जाएगी। यह परियोजना पूरी होने के बाद सरवटे से गंगवाल बस स्टैंड के बीच का इलाका अधिक व्यवस्थित और सुगम बन सकेगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सालभर से रुकी यह योजना कितनी तेजी से पूरी होती है और लोगों को इसका वास्तविक लाभ कब तक मिलता है।

डेटा सुरक्षा और एआई विस्तार पर बड़ा कदम, भारत में तैयार होगा आईबीएम-योट्टा का नया क्लाउड प्लेटफॉर्म

नई दिल्ली। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम सामने आया है, जहां आईबीएम और योट्टा डेटा सर्विसेज ने मिलकर एक नए एजेंटिक एआई प्लेटफॉर्म को विकसित करने की योजना बनाई है। यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह भारत स्थित क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होगा और इसका उद्देश्य देश की कंपनियों और सरकारी संस्थानों को सुरक्षित, नियंत्रित और आधुनिक एआई समाधान उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत आईबीएम की उन्नत एआई तकनीक को योट्टा के स्वदेशी क्लाउड सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इससे एक ऐसा डिजिटल ढांचा तैयार होगा जो डेटा सुरक्षा, नियामकीय अनुपालन और स्थानीय डेटा स्टोरेज की जरूरतों को पूरा करेगा। इस प्लेटफॉर्म के जरिए संगठन अपने विभिन्न विभागों जैसे आईटी सेवाएं, मानव संसाधन, वित्त, खरीद और ग्राहक सेवा में एआई आधारित एजेंट्स का उपयोग कर सकेंगे। कंपनियों में अब एआई को केवल प्रयोग के स्तर से आगे बढ़ाकर वास्तविक संचालन में शामिल करने की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए यह प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जिससे कारोबारी प्रक्रियाएं अधिक तेज, सुरक्षित और व्यवस्थित हो सकें। इसके साथ ही यह प्रणाली कंपनियों को यह सुविधा भी देगी कि वे एआई का उपयोग अपने नियंत्रण और अनुपालन मानकों के अनुसार कर सकें। इस परियोजना के तहत आईबीएम का सॉवरेन कोर सिस्टम भी योट्टा के क्लाउड प्लेटफॉर्म पर होस्ट किया जाएगा, जिससे एक मजबूत और स्वदेशी डिजिटल वातावरण तैयार होगा। यह व्यवस्था कंपनियों को डेटा सुरक्षा, ऑडिट ट्रैकिंग और नियंत्रित एआई संचालन जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी, जिससे नियामकीय आवश्यकताओं का पालन आसान हो जाएगा। इस साझेदारी का एक प्रमुख उद्देश्य भारतीय कंपनियों को आत्मनिर्भर एआई इकोसिस्टम प्रदान करना है, जहां वे बिना किसी बाहरी निर्भरता के अपने डेटा और तकनीकी प्रक्रियाओं को नियंत्रित कर सकें। योट्टा का क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और आईबीएम की एआई क्षमताएं मिलकर एक ऐसा समाधान तैयार करेंगी, जो बड़े पैमाने पर एआई अपनाने को सरल और सुरक्षित बनाएगा। कुल मिलाकर यह पहल भारत में एआई और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव की ओर संकेत करती है, जो आने वाले समय में डिजिटल इनोवेशन को नई दिशा दे सकती है।

ममता बनर्जी से मुलाकात में अखिलेश यादव का बड़ा बयान, बोले-दीदी आप हारी नहीं हैं, आपको हराया गया है

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी की हार के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव कोलकाता पहुंचे, जहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी से मुलाकात की। यह मुलाकात राजनीतिक तौर पर काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसे विपक्षी एकजुटता को फिर से मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। मुलाकात के दौरान माहौल काफी भावनात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया गया। सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने ममता बनर्जी के प्रति सम्मान जताते हुए कहा कि यह चुनावी परिणाम उनकी हार नहीं है, बल्कि उन्हें हराया गया है। उनके इस बयान को विपक्षी राजनीति में एक बड़े समर्थन संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। इसी मुलाकात में अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी के बीच भी गर्मजोशी देखने को मिली, जहां दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान तीनों नेताओं के बीच चुनावी स्थिति, राजनीतिक हालात और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई। ममता बनर्जी ने हाल के चुनाव परिणामों और राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर अपनी बात रखी, वहीं अखिलेश यादव ने टीएमसी के संघर्ष और चुनावी लड़ाई की सराहना की। इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब भी चुनाव निष्पक्ष होते हैं, तब ममता बनर्जी को जनता का समर्थन मिलता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई तरह की अनियमितताओं की बातें सामने आई हैं, जिसने परिणामों को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, विपक्षी दलों को एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी होगी। सूत्रों के अनुसार, यह भी चर्चा हुई कि चुनाव के बाद की स्थिति और राजनीतिक दबावों को लेकर कानूनी और संगठनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। अभिषेक बनर्जी ने भी बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और जनता के बीच सक्रिय रहने की सलाह दी। इस पूरी राजनीतिक हलचल के बीच यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के समय में विपक्षी दलों के बीच संपर्क और संवाद बढ़ा है। इससे पहले भी कई विपक्षी नेता ममता बनर्जी से संपर्क कर चुके हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि चुनावी हार के बाद भी राजनीतिक समीकरणों को फिर से साधने की कोशिशें जारी हैं।  कोलकाता में हुई यह मुलाकात केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि इसे आने वाले समय में विपक्षी राजनीति की दिशा तय करने वाले एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।

CM योगी समेत कई नेताओं ने बदली सोशल मीडिया DP, ऑपरेशन सिंदूर और ब्रह्मोस तस्वीरों से दिया खास संदेश

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर देश के राजनीतिक और डिजिटल माहौल में एक खास तरह की हलचल देखने को मिली। इस दिन को याद करते हुए कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स की प्रोफाइल तस्वीरों और कवर इमेज में बदलाव किया। यह बदलाव केवल एक औपचारिक अपडेट नहीं था, बल्कि इसके पीछे भारतीय सेना के साहस और उस ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई को याद करने का संदेश भी जुड़ा था, जिसे देश की सुरक्षा के इतिहास में एक अहम मोड़ माना जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल में विशेष बदलाव किया। उनकी प्रोफाइल तस्वीर में ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी प्रतीकात्मक झलक दिखाई दी, जबकि कवर इमेज में ब्रह्मोस मिसाइल को प्रमुखता से दर्शाया गया। यह बदलाव सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया और लोगों के बीच इसे लेकर काफी प्रतिक्रिया देखने को मिली। ऑपरेशन सिंदूर को उस सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जाता है जिसमें भारतीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से आतंकवादी ठिकानों पर निर्णायक कदम उठाया था। इस कार्रवाई को देश की सुरक्षा नीति में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जाता है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस वर्षगांठ पर कई नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए देश के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और भारतीय सेना के साहस को सलाम किया। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किए गए ये बदलाव एक प्रतीकात्मक संदेश के रूप में सामने आए, जिसमें देश की रक्षा नीति और सैन्य ताकत को प्रमुखता से दर्शाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ब्रह्मोस मिसाइल को कवर इमेज में शामिल करना भी विशेष रूप से चर्चा में रहा। ब्रह्मोस को भारत की आधुनिक और तेज सुपरसोनिक मिसाइलों में गिना जाता है, जिसे देश की रक्षा क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यह तस्वीर भारत की बढ़ती सैन्य तकनीक और आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था का भी संकेत देती है। उत्तर प्रदेश में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। लखनऊ में ब्रह्मोस से जुड़ी उत्पादन इकाई इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है, जो राज्य को रक्षा क्षेत्र में नई पहचान दिला रही है। सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लोगों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली। कई यूजर्स ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी तस्वीरें और संदेश साझा किए, जिससे यह विषय केवल एक औपचारिक वर्षगांठ न रहकर एक व्यापक चर्चा का हिस्सा बन गया। यह पूरा घटनाक्रम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देशभक्ति और सुरक्षा संदेश के एक नए रूप में सामने आया।

इंस्टाग्राम का महा-सफाई अभियान: सेलीब्रिटीज के अकाउंट से उड़ाए करोड़ों फॉलोवर्स, खुद Instagram भी अछूता नहीं

नई दिल्ली। इंस्टाग्राम बॉट सफ़ाई 2026 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने 2026 में बड़े स्तर पर फेक और इनएक्टिव अकाउंट्स हटाने की कार्रवाई की है। इससे कई सेलिब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स के फॉलोअर्स में अचानक से कमी आई है। मेटा के अनुसार यह नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य प्लेटफॉर्म पर ऑथेंटिसिटी बढ़ाना है। इस क्लीनअप के बाद यूजर्स इसे ‘2026 का महा-सफाई अभियान’ कह रहे हैं। इसने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा पैदा कर दी है। मेटा के मशहूर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने 2026 में अपना एक बहुत बड़ा ‘सफाई अभियान’ चलाया है। इस सफाई अभियान के तहत कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म से लाखों बॉट और निष्क्रिय पड़ें अकाउंट्स को हटा दिया गया है। इस कदम से कई मशहूर हस्तियों, इन्फ्लुएंसर्स और बड़े ब्रांड्स के फॉलोअर्स की संख्या में अचानक से भारी गिरावट आई है। कार्रवाई की कुछ मुख्य बातें इंस्टाग्राम ने प्लेटफॉर्म पर फर्जी एंगेजमेंट और दिखावटी लोकप्रियता को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए लाखों बॉट अकाउंट्स को डिलीट कर दिया है। इस कार्रवाई का सीधा असर दुनिया भर के बड़े सेलेब्स पर पड़ा है। इसमें मशहूर इन्फ्लुएंसर काइली जेनर को सबसे बड़ा झटका लगा और उन्होंने रातों-रात करीब 1.4 करोड़ फॉलोअर्स खो दिए। हैरानी की बात तो यह है कि इस कार्रवाई से खुद इंस्टाग्राम का अपना ऑफिशियल अकाउंट भी अछूता नहीं रहा, जिसके फॉलोअर्स की संख्या में लगभग 90 लाख की भारी गिरावट दर्ज की गई है। काइली जेनर समेत कई क्रिएटर्स को लगा झटकारिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ‘अकाउंट क्लीनअप’ का असर अमेरिकी रियलिटी टीवी स्टार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर काइली जेनर समेत कई हाई-प्रोफाइल यूजर्स पर पड़ा है। काइली जेनर के फॉलोअर्स की संख्या में 1.4 करोड़ तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। काइली के अलावा, दुनिया भर के कई अन्य मशहूर क्रिएटर्स और पब्लिक फिगर्स को भी रातों-रात अपने फॉलोअर्स कम होने का सामना करना पड़ा है। इंस्टाग्राम ने क्यों उठाया यह कदम?इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर असल यूजर्स को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर ऐसे क्लीनअप अभियान चलाता है। दरअसल, ऑटोमेटेड बॉट प्रोफाइल्स का इस्तेमाल अक्सर सोशल मीडिया पर नकली तरीके से लाइक्स, फॉलोअर्स, कमेंट्स और एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए किया जाता है। इन्हीं फर्जी अकाउंट्स को साफ करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। मेटा ने क्या कहा?इस मामले पर सफाई देते हुए मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह कंपनी की एक सामान्य और रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने साफ किया कि इसका असर प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने वाले असली और एक्टिव यूजर्स पर नहीं पड़ा है। प्रवक्ता ने कहा, निष्क्रिय अकाउंट्स को हटाने की हमारी रूटीन प्रक्रिया के कारण कुछ यूजर्स को अपने फॉलोअर्स की संख्या में बदलाव दिख सकता है। एक्टिव फॉलोअर्स पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। इसके अलावा, अगर वेरिफिकेशन के बाद किसी सस्पेंड किए गए अकाउंट को वापस रिस्टोर किया जाता है, तो उसे दोबारा फॉलोअर काउंट में शामिल कर लिया जाएगा। सोशल मीडिया पर बना ‘The Great Purge of 2026’लाखों अकाउंट्स एक साथ डिलीट होने की इस घटना ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। यूजर्स इसे 2026 का महा-शुद्धिकरण (2026 का महा-सफाई अभियान) का नाम दे रहे हैं। लोग अपने घटे हुए फॉलोअर्स और एंगेजमेंट नंबर्स के स्क्रीनशॉट्स जमकर शेयर कर रहे हैं। माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म X पर एक यूजर ने मजे लेते हुए लिखा कि इस सफाई अभियान में खुद इंस्टाग्राम का अपना ऑफिशियल अकाउंट भी नहीं बच पाया। यूजर ने लिखा, इस क्लीनअप ड्राइव के दौरान खुद इंस्टाग्राम के ऑफिशियल अकाउंट ने 90 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स खो दिए। कोई भी सेफ नहीं था।

पश्चिम एशिया में फिर भड़की जंग की चिंगारी, बेरूत में हिजबुल्ला कमांडर ढेर; कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। युद्धविराम और कूटनीतिक कोशिशों के बीच Israel ने दावा किया है कि बेरूत के दक्षिणी इलाके में किए गए हवाई हमले में हिजबुल्ला के कई शीर्ष कमांडर मारे गए हैं। वहीं कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले से नया संकट खड़ा हो गया है। बेरूत हमले में हिजबुल्ला कमांडर मारे जाने का दावाइज़राइल रक्षा बल ने दावा किया कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में हुए हमले में हिजबुल्ला की रदवान यूनिट के कमांडर अहमद बलूत मारे गए। इसके अलावा नासेर यूनिट के इंटेलिजेंस प्रमुख मोहम्मद अली बाजी और एयर डिफेंस अधिकारी हुसैन हसन रोमानि के भी मारे जाने की बात कही गई है।रिपोर्ट्स के अनुसार गाज़ा शहर में अलग कार्रवाई के दौरान हमास नेता खलील अल-हय्या के बेटे अज्जाम अल-हय्या के मारे जाने का भी दावा किया गया है। कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलाकुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन हमले के बाद ईंधन टैंक में आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक शुरुआती जांच में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। दमकल और सुरक्षा एजेंसियां हालात पर काबू पाने में जुटी हैं। ईरान-इस्राइल तनाव जारीइस बीच ईरान  और इस्राइल के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। तेल अवीव के पास बनेई बराक में एक इमारत ईरानी मिसाइल हमले की चपेट में आने से ढह गई, जिसमें कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत जारी है और जल्द समझौता संभव है। दूसरी ओर ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ ने अमेरिकी रणनीति का मजाक उड़ाते हुए उसे “ऑपरेशन ट्रस्ट मी ब्रो” बताया। लेबनान और गाजा में बढ़ा संकटरिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 24 घंटों में लेबनान में इस्राइली हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। वहीं लेबनान की ओर से दागे गए रॉकेट हमलों में उत्तरी इस्राइल में भी हताहत होने की खबरें हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी यह संघर्ष फिलहाल थमता नहीं दिख रहा और आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और बढ़ सकता है।

AI ने ओढ़ा भगवा चोला! साउथ कोरिया के मंदिर में रोबोट बना बौद्ध भिक्षु, VIDEO ने दुनिया को चौंकाया

नई दिल्ली। दक्षिण कोरिया में तकनीक और धर्म का अनोखा संगम देखने को मिला है। राजधानी सियोल के जोग्ये मंदिर में दुनिया के पहले ह्यूमनॉइड रोबोट भिक्षु ‘गाबी’ को औपचारिक रूप से बौद्ध धर्म का शिष्य बनाया गया। AI और अध्यात्म के इस अनोखे मेल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दीक्षा समारोह में रोबोट ‘गाबी’ पारंपरिक बौद्ध चोला पहनकर मंच पर पहुंचा। वरिष्ठ भिक्षुओं ने उसके गले में 108 मोतियों की माला पहनाई और उसने इंसानों की तरह हाथ जोड़कर सिर झुकाया। जब उससे पूछा गया कि क्या वह खुद को बौद्ध धर्म के लिए समर्पित करेगा, तो रोबोट ने जवाब दिया, “हां, मैं खुद को समर्पित करूंगा।” मंत्र पढ़ सकता है ‘गाबी’रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘गाबी’ चीन के Unitree Robotics के G1 ह्यूमनॉइड प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह चल सकता है, इशारों में संवाद कर सकता है और मंत्रों का उच्चारण भी कर सकता है। साथ ही धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान झुककर प्रणाम करने में भी सक्षम है। युवाओं को धर्म से जोड़ने की कोशिश‘गाबी’ को दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े बौद्ध संप्रदाय Jogye Order ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य डिजिटल युग में बौद्ध धर्म को आधुनिक स्वरूप देना और युवाओं को धर्म से जोड़ना बताया गया है। इंसानों जैसी रस्में, लेकिन अलग अंदाजआमतौर पर भिक्षु बनने की रस्म में सिर पर अगरबत्ती से निशान बनाया जाता है, लेकिन रोबोट होने की वजह से ‘गाबी’ पर प्रतीकात्मक स्टिकर लगाया गया। बताया गया कि ‘गाबी’ नाम गौतम बुद्ध के बचपन के नाम ‘सिद्धार्थ’ और कोरियाई भाषा के ‘दया’ शब्द को मिलाकर बनाया गया है। AI और इंसानों के तालमेल की तैयारीजोग्ये ऑर्डर के अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग भविष्य में इंसानों और रोबोट्स के बीच तालमेल को समझने की दिशा में एक कदम है। ‘गाबी’ इस महीने होने वाले लालटेन महोत्सव में भी हिस्सा लेगा।विशेषज्ञ मानते हैं कि दुनिया भर में ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले समय में शिक्षा, धर्म, स्वास्थ्य और सेवा क्षेत्रों में AI आधारित रोबोट्स की भूमिका और बड़ी हो सकती है।

Flipkart SASA LELE Sale 2026: इस वीकेंड सस्ते स्मार्टफोन खरीदने का मौका, आईफोन से पिक्सल तक पर तगड़ा डिस्काउंट

नई दिल्ली।  फ्लिपकार्ट की बहुप्रतिक्षित सासा लेले सेल 2026 की शुरुआत 9 मई से होने जा रही है। सेल शुरू होने से पहले ही कई बड़े ऑफर्स सामने आ चुके हैं। इस सेल में एप्पल, सैमसंग, मोटोरोला, गूगल पिक्सेल, ओप्पो और रियलमी के स्मार्टफोन्स पर भारी छूट मिलने वाली है। वहीं प्लस और ब्लैक मेंबर्स के लिए सेल 8 मई से ही शुरू हो जाएगी। आईफोन पर मिलेंगे बड़े ऑफर्ससेल के दौरान कई आईफोन मॉडल्स सस्ते दाम में खरीदने का मौका मिलेगा। Apple iPhone 16 — 58,900 रुपये Apple iPhone 17 — 71,900 रुपये Apple iPhone 16 Plus — 73,900 रुपये Apple iPhone 16e — 55,900 रुपये Apple iPhone 17e — 60,900 रुपये सैमसंग के लेटेस्ट फोन्स पर भी छूटSamsung Galaxy S25 को 53,999 रुपये में खरीदा जा सकेगा।वहीं Samsung Galaxy S26 Ultra की कीमत 1,30,999 रुपये होगी।इसके अलावा Samsung Galaxy A57 पर भी ऑफर मिलेगा और इसे 49,999 रुपये में खरीद पाएंगे। मोटोरोला फोन्स पर तगड़ी डीलMotorola Edge 60 Fusion — 19,999 रुपये Motorola Edge 60 Pro — 27,999 रुपये Motorola Edge 70 — 27,999 रुपये पिक्सल, ओप्पो और रियलमी पर भी ऑफरGoogle Pixel 10A — 44,999 रुपये Oppo Reno 14 5G — 36,999 रुपये Realme GT 7T — 29,499 रुपये कंपनी की ओर से बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और नो-कॉस्ट ईएमआई जैसी सुविधाएं भी दी जा सकती हैं। ऐसे में नया स्मार्टफोन खरीदने की प्लानिंग कर रहे यूजर्स के लिए यह सेल शानदार मौका साबित हो सकती है।

उतार-चढ़ाव के बाद सपाट बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स में 114 अंकों की गिरावट..

नई दिल्ली। गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती तेजी के बावजूद कारोबार के अंत तक बाजार लगभग सपाट बंद हुआ। निवेशकों की नजरें वैश्विक घटनाक्रम और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित तनाव कम होने की खबरों पर बनी रहीं। कारोबार खत्म होने पर बीएसई सेंसेक्स 114 अंक गिरकर 77,844.52 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी मामूली कमजोरी के साथ 24,326.65 पर बंद हुआ। दिन की शुरुआत दोनों प्रमुख सूचकांकों ने बढ़त के साथ की थी, लेकिन बाद में बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 78,384.70 का उच्च स्तर और 77,713.21 का निचला स्तर छुआ। वहीं निफ्टी 24,482.10 तक पहुंचा, जबकि दिन का निचला स्तर 24,284 रहा। हालांकि बड़े सूचकांकों में दबाव देखने को मिला, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी रही, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स भी बढ़त के साथ बंद हुआ। सेक्टर आधारित कारोबार में ऑटो, रियल्टी, मेटल, मीडिया और हेल्थकेयर शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर आईटी, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर दबाव में रहे। बाजार में बजाज ऑटो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंडाल्को, ओएनजीसी, कोटक बैंक और एनटीपीसी जैसे शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। वहीं एचयूएल, टीसीएस, टेक महिंद्रा, आईटीसी और सन फार्मा जैसे शेयर कमजोर रहे। बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों की संपत्ति में इजाफा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब 475 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जिससे निवेशकों को लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,400-24,500 का स्तर फिलहाल मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे के ऊपर टिकता है, तो बाजार में फिर तेजी लौट सकती है। वहीं 24,100-24,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीतिक घटनाएं और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करेंगी। खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर निवेशकों की नजर बनी हुई है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार करता दिखा। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपया भी मजबूत हुआ और हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।

भारतीय नाविकों को बचाने में भी पाकिस्तान ने खेला ‘कश्मीर कार्ड’, समंदर में राहत मिशन के पीछे दिखी नई रणनीति

नई दिल्ली। पाकिस्तान एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उछालने की कोशिशों को लेकर चर्चा में है। अरब सागर में फंसे एक भारतीय जहाज के बचाव अभियान के दौरान पाकिस्तान ने जिस जहाज को भेजा, उसका नाम ‘PMSS Kashmir’ था। इसे लेकर अब पाकिस्तान की रणनीति और प्रोपेगेंडा मॉडल पर सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय मालवाहक जहाज ‘MV गौतम’ ओमान से भारत लौटते समय तकनीकी खराबी के कारण अरब सागर में फंस गया था। इसके बाद मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र ने पाकिस्तान से सहायता मांगी। जवाब में पाकिस्तानी नौसेना ने ‘PMSS कश्मीर’ नाम के जहाज को राहत मिशन के लिए रवाना किया। बचाव अभियान या कूटनीतिक संदेश?पाकिस्तान ने जहाज के चालक दल को भोजन, मेडिकल सहायता और जरूरी मदद पहुंचाई। जहाज में छह भारतीय और एक इंडोनेशियाई नागरिक सवार थे। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा उस जहाज के नाम को लेकर हुई, जिसे पाकिस्तान ने जानबूझकर कश्मीर नाम दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान मानवीय मदद के साथ-साथ कश्मीर शब्द को अंतरराष्ट्रीय मीडिया और वैश्विक चर्चा में बनाए रखने की रणनीति पर काम करता है। पाकिस्तान पहले भी अपने कई अभियानों और मंचों पर कश्मीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाता रहा है। पहले भी सामने आ चुका है मामलारिपोर्ट्स के अनुसार फरवरी 2024 में भी इसी ‘PMSS Kashmir’ जहाज ने अरब सागर में फंसे भारतीय नागरिकों को बचाया था। पाकिस्तान ने उस समय भी इसे मानवीय मिशन के साथ अपने राजनीतिक संदेश से जोड़कर पेश किया था। In a remarkable act of maritime humanitarianism amid tense India-Pakistan relations, the Pakistan Maritime Security Agency ship PMSS Kashmir was deployed to rescue the crew of the distressed Indian offshore tug and supply vessel MV Gautam in the Arabian Sea after the Maritime… pic.twitter.com/iAXMJ2rnsw — brief. (@brief_pk) May 5, 2026 सोशल मीडिया और नैरेटिव वॉरविशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान लंबे समय से सोशल मीडिया, अंतरराष्ट्रीय मंचों और प्रचार अभियानों के जरिए कश्मीर मुद्दे को वैश्विक स्तर पर जिंदा रखने की कोशिश करता रहा है। यही वजह है कि समुद्री बचाव जैसे मानवीय अभियानों में भी प्रतीकात्मक संदेश देने की रणनीति अपनाई जाती है। हालांकि भारत की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन रणनीतिक हलकों में इसे पाकिस्तान की “नैरेटिव राजनीति” के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है।