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17 मई से शुरू अधिक मास: 27 साल बाद खास संयोग, जानें क्या करें और क्या बिल्कुल न करें

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार 17 मई से अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) की शुरुआत हो रही है, जो 15 जून तक चलेगा। इस बार खास बात यह है कि यह ज्येष्ठ मास में लग रहा है, जिससे पूरा महीना 60 दिनों का हो गया है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान विष्णु को समर्पित इस मास को अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, लेकिन इसमें शुभ मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। क्या करें अधिक मास को भक्ति और साधना का महीना कहा गया है। इस दौरान भगवान विष्णु की रोज पूजा-अर्चना करें “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें विष्णु सहस्त्रनाम, गीता या श्रीमद्भागवत का पाठ करें जरूरतमंदों को वस्त्र, फल, जल और अन्न का दान करें पवित्र नदी में स्नान करें या घर पर ही शुद्ध जल से स्नान कर पुण्य अर्जित करें माना जाता है कि इस महीने किए गए जप-तप और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है। क्या न करें इस पूरे मास में कुछ कामों से बचना जरूरी माना गया है शादी-विवाह, गृह प्रवेश, सगाई जैसे शुभ कार्य न करें नया बिजनेस या बड़ा काम शुरू करने से बचें तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज) से दूरी रखें झूठ बोलने और किसी का अपमान करने से बचें अधिक मास क्यों लगता है?हिंदू पंचांग चंद्र गणना पर आधारित है, जो सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटा होता है। यह अंतर हर साल बढ़ता जाता है और करीब 32 महीने बाद एक अतिरिक्त महीना जोड़ना पड़ता है इसी को अधिक मास कहा जाता है। कुल मिलाकर, अधिक मास को आत्मशुद्धि, भक्ति और दान-पुण्य का विशेष समय माना जाता है, जहां सांसारिक कार्यों की बजाय आध्यात्मिक साधना को महत्व दिया जाता है।

ईयरबड्स खरीदने से पहले रुकिए! ये 7 स्मार्ट टिप्स जान लिए तो नहीं होगा पैसा बर्बाद

नई दिल्ली। आज के डिजिटल दौर में ईयरबड्स सिर्फ म्यूजिक सुनने का साधन नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जरूरत बन चुके हैं ऑफिस कॉल्स से लेकर जिम और गेमिंग तक। लेकिन बाजार में ढेरों ऑप्शन के बीच गलत चुनाव आपका अनुभव खराब कर सकता है। इसलिए अगर आप नए ईयरबड्स लेने जा रहे हैं, तो इन जरूरी बातों को जरूर ध्यान में रखें। सबसे पहले साउंड क्वालिटी पर फोकस करें। अच्छे ईयरबड्स में बैलेंस्ड बेस, क्लियर वोकल्स और हाई वॉल्यूम पर भी बिना डिस्टॉर्शन के ऑडियो मिलना चाहिए। इसके बाद आता है नॉइज कैंसिलेशन (ANC) अगर आप ट्रैवल या भीड़भाड़ वाली जगहों पर इस्तेमाल करते हैं, तो यह फीचर बाहरी शोर को कम कर शानदार अनुभव देता है। बैटरी लाइफ भी बेहद अहम है। ऐसे ईयरबड्स चुनें जो कम से कम 4-5 घंटे का प्लेबैक दें और केस के साथ 20-25 घंटे का बैकअप हो। साथ ही फास्ट चार्जिंग सपोर्ट हो, ताकि कम समय में ज्यादा इस्तेमाल मिल सके।कनेक्टिविटी के लिए लेटेस्ट Bluetooth (5.2 या उससे ऊपर) बेहतर रहेगा, खासकर गेमिंग के लिए लो-लेटेंसी बहुत जरूरी है। अगर आप कॉलिंग ज्यादा करते हैं, तो ENC (Environmental Noise Cancellation) माइक्रोफोन जरूर देखें, ताकि आपकी आवाज साफ पहुंचे। जिम या आउटडोर यूज के लिए IP रेटिंग (IPX4/IPX5) जरूरी है, जिससे पसीना या हल्की बारिश से डिवाइस सुरक्षित रहे। आखिर में सबसे जरूरी चीज कंफर्ट और फिट। लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए एर्गोनॉमिक डिजाइन और सही फिटिंग वाले ईयरबड्स चुनें, जिनके साथ अलग-अलग साइज के ईयर-टिप्स मिलें। सही ईयरबड्स वही हैं जो आपकी जरूरत के हिसाब से फिट बैठें, सिर्फ ब्रांड या कीमत देखकर फैसला लेना आपको नुकसान में डाल सकता है।

आटे में छिपे बम से 4 गायों का जबड़ा लटका, 2 की मौत; बैतूल की घटना ने झकझोरा

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में एक दर्दनाक और हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। शाहपुर के कोयलारी गांव में आटे में छिपाकर रखे गए विस्फोटक को गायों ने खा लिया, जिससे हुए धमाके में 2 गायों की मौत हो गई और 4 गायें व एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। घटना 5 मई की है जब कोयलारी गांव के तालाब के पास गायें पानी पीने पहुंचीं। वहां खेत किनारे आटे और दाल में लिपटे विस्फोटक गोले रखे गए थे। भूखी गायों ने उन्हें चारा समझकर खा लिया। जैसे ही उन्होंने इन्हें चबाया, जोरदार धमाका हुआ और मवेशियों के जबड़े बुरी तरह फट गए।धमाके में दो गायों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि 4 गायें और एक बैल गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर हालत: जबड़ा लटका, खाना-पानी बंदघायल पशुओं की स्थिति बेहद गंभीर है। उनका निचला जबड़ा पूरी तरह टूटकर लटक गया है। कई पशुओं के गले और आहार नली तक पत्थर पहुंच गए हैं, जिससे वे न तो खाना खा पा रहे हैं और न ही पानी पी पा रहे हैं।पशु चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत नाजुक है और अगले 48 घंटे बेहद अहम हैं। बचने की संभावना बहुत कम बताई जा रही है। मौके से मिले और विस्फोटक, बम स्क्वॉड की कार्रवाईसूचना मिलने पर पुलिस और पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि खेत के पास और भी 9 विस्फोटक गोले छिपाए गए थे। नर्मदापुरम से बम स्क्वॉड बुलाकर इन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया। आरोपी गिरफ्तार, ‘सूअर मारने के लिए रखा बम’ बतायापुलिस जांच में पता चला कि विस्फोटक कोयलारी गांव निवासी राकेश चौहान के खेत के पास रखे गए थे। घटना के बाद वह फरार हो गया था, जिसे बाद में इटारसी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए ये “सूअर मार बम” रखे थे और उन पर आटा-दाल चिपका दी थी, ताकि जानवर उन्हें खा लें। पुलिस ने उसके खिलाफ विस्फोटक अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है। डॉक्टरों की चेतावनी: हालत बेहद नाजुकपशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विस्फोटक में छोटे पत्थर भी भरे थे, जो मवेशियों के मुंह और आहार नली तक पहुंच गए हैं। इससे अंदरूनी चोटें गंभीर हो गई हैं और जीवित बचने की संभावना बहुत कम है। वन्यजीवों के लिए भी खतरावन विभाग ने मामले की जांच वन्यजीव एंगल से भी शुरू कर दी है, क्योंकि यह क्षेत्र सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से सटा हुआ है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ऐसे “चारा बम” न केवल मवेशियों बल्कि हिरण, नीलगाय और अन्य वन्यजीवों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। सुरक्षा पर सवालविशेषज्ञों का कहना है कि आटे में छिपे ऐसे विस्फोटक ग्रामीणों, बच्चों और जानवरों सभी के लिए बड़ा खतरा हैं। पुलिस और प्रशासन ने जांच तेज कर दी है।

कूड़े का बॉक्स बना साइबर बम! Amazon-Flipkart पार्सल से लीक हो रहा आपका डेटा

नई दिल्ली। ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ते ही साइबर ठगों ने भी नया तरीका खोज लिया है। अमेज़न और फ्लिपकार्ट की सेल के दौरान घर-घर पहुंचने वाले डिलीवरी बॉक्स अब फ्रॉड का बड़ा जरिया बन रहे हैं। जिस खाली डिब्बे को आप बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं, वही आपकी निजी जानकारी का खजाना साबित हो सकता है। दरअसल हर पार्सल पर लगा शिपिंग लेबल आपके नाम, मोबाइल नंबर, घर के पते और ऑर्डर डिटेल्स जैसी संवेदनशील जानकारी से भरा होता है। लोग बिना इसे हटाए या मिटाए बॉक्स फेंक देते हैं और यहीं से ठगों का खेल शुरू होता है। ये जालसाज कूड़े से ऐसे बॉक्स इकट्ठा कर लेते हैं और लेबल से पूरी जानकारी निकाल लेते हैं। इसके बाद ठग आपको कॉल करते हैं और खुद को ई-कॉमर्स कंपनी का कस्टमर केयर या फीडबैक एजेंट बताते हैं। चूंकि उनके पास पहले से आपका सही नाम और पता होता है, इसलिए उनकी बातों पर भरोसा करना आसान हो जाता है। बातचीत के दौरान वे कैशबैक, ऑफर या रिवॉर्ड का लालच देकर एक लिंक भेजते हैं। जैसे ही आप उस लिंक पर क्लिक करते हैं, आपका फोन हैक हो सकता है या आप फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं, जहां से ओटीपी , बैंक डिटेल्स और लॉगिन जानकारी चुरा ली जाती है। सेल के दौरान ऐसे मामलों में तेजी इसलिए आती है क्योंकि ज्यादा ऑर्डर का मतलब ज्यादा फेंके गए बॉक्स और ठगों के पास ज्यादा डेटा। साथ ही, इस समय लोग ऑफर्स और कॉल्स की उम्मीद में रहते हैं, जिसका फायदा उठाकर स्कैमर्स आसानी से जाल बिछाते हैं। इस खतरे से बचना मुश्किल नहीं, बस थोड़ी सावधानी जरूरी है। पार्सल बॉक्स फेंकने से पहले हमेशा शिपिंग लेबल को फाड़ दें या मार्कर से अपनी जानकारी पूरी तरह मिटा दें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें और फोन पर कभी भी ओटीपी  या बैंक डिटेल्स साझा न करें। अगर कोई कॉलर ऑफर या कैशबैक का लालच दे, तो पहले उसकी सच्चाई जांच लें। याद रखें, आपकी एक छोटी सी लापरवाही साइबर ठगों के लिए बड़ा मौका बन सकती है। इसलिए अगली बार पार्सल खोलने के बाद डिब्बा फेंकने से पहले अपनी जानकारी जरूर सुरक्षित करें।

आगरा–मुंबई एनएच पर कांग्रेस का बड़ा चक्काजाम: 7 जगहों पर हाईवे ठप, किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलन तेज

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश कांग्रेस ने किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। पार्टी ने आगरा–मुंबई नेशनल हाईवे-52 पर 7 अलग-अलग स्थानों पर चक्काजाम करने का ऐलान किया है। इस आंदोलन की शुरुआत इंदौर के पिगडंबर से सुबह 10:30 बजे हुई, जहां प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीतू पटवारी और हरीश चौधरी मौजूद रहे। कांग्रेस का कहना है कि यह आंदोलन किसानों के हितों की अनदेखी और खरीदी व्यवस्था में खामियों के खिलाफ किया जा रहा है। 7 जगहों पर हाईवे जाम, एबी रोड पर असरकांग्रेस ने रणनीति के तहत पूरे हाईवे पर अलग-अलग पॉइंट्स पर प्रदर्शन तय किया है। इंदौर–आगरा–मुंबई मार्ग यानी एबी रोड पर इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। पार्टी का दावा है कि बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, किसानों को सरकार की नीतियों और गेहूं खरीदी व्यवस्था से भारी नुकसान हो रहा है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया गया है। किसानों की भागीदारी, गांवों में पीले चावल बांटकर अपीलआंदोलन को सफल बनाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण इलाकों में भी अभियान चलाया है। कई जगहों पर किसानों को पीले चावल बांटकर प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। मनावर क्षेत्र के 15 से अधिक गांवों में यह अभियान चलाया गया। कांग्रेस का दावा है कि किसानों में सरकार के प्रति नाराजगी और आक्रोश दोनों हैं, और वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। पुलिस अलर्ट, भारी ट्रैफिक डायवर्जन लागूप्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक ट्रैफिक प्लान लागू किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए कई वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं। चार पहिया वाहनों को राऊ सर्कल, पीथमपुर, भंवरकुआ और विशालत चौराहा से डायवर्ट किया गया है भारी वाहनों के लिए उज्जैन, बदनावर, लेबड़ और महेश्वर–कसरावद मार्ग सुझाए गए हैं प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जाम वाले क्षेत्रों से बचें और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें। कांग्रेस का आरोप: खरीदी व्यवस्था पूरी तरह विफलकांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने सरकार की गेहूं खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बार-बार स्लॉट बुकिंग और तारीख बढ़ाने से सिस्टम की कमजोरी सामने आ गई है। कांग्रेस के अनुसार, शुरुआती दिनों में अपेक्षित खरीदी नहीं हो पाई, जिससे किसानों को भुगतान और प्रक्रिया में लगातार परेशानी हो रही है। 11 जिलों में असर, राजनीतिक तापमान बढ़ाकांग्रेस के इस चक्काजाम आंदोलन से करीब 11 जिलों में यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। पार्टी इसे किसानों के अधिकारों की लड़ाई बता रही है, जबकि प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की चुनौती मानकर तैयारियों में जुटा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना

भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत निकाली जा रही है। भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व–2026 (8 से 11 जनवरी 2026) का शुभारंभ ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर से किया गया है। मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित होगा। यह रेलगाड़ी भोपाल और उज्जैन रेलवे स्टेशनों से भी तीर्थयात्रियों को अपने साथ लेकर सोमनाथ की ओर प्रस्थान करेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे। संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का उद्देश्य देशभर के राज्यों के माध्यम से भारत के सांस्कृतिक पुनरुत्थान, हजार वर्षों के संघर्ष और आस्था का स्मरण करना है। यह उत्सव राष्ट्र की गौरवमयी विरासत के उत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। यह पर्व केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनरुत्थान और राष्ट्रीय अस्मिता का महाकुंभ है। इसका उद्देश्य देशवासियों को उन हजार वर्षों के लंबे संघर्ष और आस्था की याद दिलाना है, जिसने विपरीत परिस्थितियों में भी भारतीय सांस्कृतिक ज्योति को बुझने नहीं दिया। सोमनाथ मंदिर, जो हमारे राष्ट्रीय गौरव और अडिग श्रद्धा का प्रतीक है, वहीं से इस पावन पर्व की प्रेरणा ली गई है जिससे भावी पीढ़ी अपनी विरासत पर गर्व कर सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निकाली जा रही यह यात्रा प्रदेश की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय भावना को और अधिक सशक्त करेगी। श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा का नया संचार करेगी।

मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के तहत अस्पताल सहायकों के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 21 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होगी। भर्ती में अनारक्षित वर्ग के लिए 324 पद, ईडब्ल्यूएस के लिए 120 पद, अनुसूचित जाति के लिए 192, अनुसूचित जनजाति के लिए 240 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 324 पद आरक्षित किए गए हैं। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 72 पद निर्धारित हैं। 40 हजार से ज्यादा तक वेतन और प्रमोशन के अवसरचयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतनमान के तहत 15,500 से 49,000 रुपए तक (लेवल-1) वेतन मिलेगा। इसके साथ महंगाई भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी। प्रारंभिक वेतन पोस्टिंग और नियमों के अनुसार तय होगा, जबकि अनुभव के साथ वेतन में वृद्धि होती रहेगी।यह पद नियमित श्रेणी का है, जिससे भविष्य में प्रमोशन और करियर ग्रोथ के अवसर भी मिलेंगे। आयु सीमा और आरक्षण नियमइस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष तय की गई है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला उम्मीदवारों और सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले नियमों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है। आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रियासामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपए है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 250 रुपए निर्धारित किए गए हैं। ऑनलाइन कियोस्क से आवेदन करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बैकलॉग पदों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होगी, उसके बाद मेरिट सूची तैयार की जाएगी और अंत में दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। 6 महीने में 3000 से ज्यादा भर्तियों की तैयारीमध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वर्ष 2026 के लिए 10 भर्ती परीक्षाओं का फाइनल शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, अगले 6 महीनों में 3000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है, जो आगे और बढ़ भी सकती हैं। कुछ परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। नर्सिंग क्षेत्र में भी बड़ी भर्तीइसी बीच लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के 2646 पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इसके लिए आवेदन 6 अप्रैल से 20 अप्रैल तक किए जा सकते हैं और परीक्षा 15 मई 2026 से प्रस्तावित है।

झालमुड़ी, राजनीति और पावर शो: मध्यप्रदेश में सियासत का ‘स्वादिष्ट’ और रंगीन अंदाज़

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अनोखा अंदाज़ देखने को मिला। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भाजपा की जीत का जश्न मनाया जा रहा था। मंच पर कार्यकर्ताओं के बीच झालमुड़ी का वितरण हुआ और माहौल पूरी तरह हल्का-फुल्का हो गया। जैसे ही मुख्यमंत्री को संबोधन के लिए बुलाया गया, उन्होंने पहले झालमुड़ी खाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्होंने मंच पर बैठकर झालमुड़ी का आनंद लिया। संचालन कर रही विधायक अर्चना चिटनीस ने मुस्कुराते हुए कहा कि “झालमुड़ी खाने के बाद ही संबोधन होगा,” जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। इसके बाद ही उन्होंने अपना संबोधन दिया और राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष पर तीखे हमले किए। नरोत्तम मिश्रा बने ‘झालमुड़ी वाले’, कार्यकर्ताओं का अनोखा स्वागतपूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी झालमुड़ी के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। उन्होंने भाजपा में शामिल हुए नए कार्यकर्ताओं का स्वागत झालमुड़ी खिलाकर किया। खास बात यह रही कि वे खुद “झालमुड़ी… झालमुड़ी…” कहते हुए कार्यकर्ताओं को बुलाते नजर आए। उनका यह अंदाज़ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनकी सक्रियता और आगामी उपचुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया सीट को लेकर संभावित राजनीतिक समीकरणों के बीच मिश्रा लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। ‘नायक नहीं, खलनायक हूं मैं’ पर झूमा विदाई समारोहभिंड जिले में पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के विदाई समारोह का दृश्य पूरी तरह फिल्मी माहौल में बदल गया। उनके प्रमोशन के बाद जब विदाई दी जा रही थी, तो वहां फिल्म ‘खलनायक’ का गाना बज उठा नायक नहीं, खलनायक हूं मैं। इस गाने पर एसपी खुद भी झूमते नजर आए और समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। वीडियो सामने आने के बाद यह समारोह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिया, तो कुछ ने इसे अलग तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया। 500 गाड़ियों के काफिले से शक्ति प्रदर्शनगुना के पूर्व सांसद केपी यादव ने राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। वे करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद उन्होंने भाजपा कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके इस भव्य अंदाज़ को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इसे उनकी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीति का नया रंग: हल्कापन और हाई-प्रोफाइल स्टाइलमध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों गंभीरता के साथ मनोरंजन और प्रतीकात्मक शैली का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है। झालमुड़ी से लेकर फिल्मी गानों और शक्ति प्रदर्शनों तक हर घटना सियासत को एक नए रंग में पेश कर रही है।

सुबह की ये ड्रिंक्स कंट्रोल कर सकती हैं हाई BP, दिल की सेहत को मिल सकता है सपोर्ट

नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो जीवनशैली और खानपान से सीधे जुड़ी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को नियंत्रित रखने में दवाओं के साथ-साथ रोजमर्रा की आदतों का भी बड़ा योगदान होता है। खासकर सुबह की दिनचर्या इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सुबह की शुरुआत अगर सही और संतुलित ड्रिंक के साथ की जाए तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक पेय पदार्थों को नियमित रूप से सेवन करने की सलाह दी जाती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। सुबह हल्का गर्म नींबू पानी एक सरल और उपयोगी विकल्प माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में सहायक हो सकते हैं। यह शरीर को ताजगी देने के साथ दिन की अच्छी शुरुआत करने में मदद करता है। इसके अलावा नारियल पानी को भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। संतुलित इलेक्ट्रोलाइट्स रक्तचाप को स्थिर रखने में सहायक माने जाते हैं। चुकंदर का जूस भी उन ड्रिंक्स में शामिल है, जिन्हें अक्सर हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। इसमें प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं। इसे बिना अतिरिक्त चीनी के सेवन करने की सलाह दी जाती है ताकि इसका प्राकृतिक लाभ बना रहे। ग्रीन टी भी एक लोकप्रिय विकल्प है, जिसे हल्के रूप में सेवन करने पर शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने और तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। आंवला जूस को भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ हृदय पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इन ड्रिंक्स के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि कुछ आदतों से बचा जाए। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक कैफीन वाले पेय, शुगर युक्त ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस का अधिक सेवन ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर, सुबह की सही आदतें और प्राकृतिक पेय पदार्थों का संतुलित सेवन जीवनशैली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।

स्टेज पर फिल्मी ड्रामा! दुल्हन ने दूल्हे को छोड़ प्रेमी को पहनाई वरमाला

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया जब वरमाला की रस्म के दौरान दुल्हन ने दूल्हे को नजरअंदाज कर अपने प्रेमी को वरमाला पहना दी। यह घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और शादी का माहौल देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना 27-28 अप्रैल की रात उमरेठ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। बारात धूमधाम से पहुंची थी, स्टेज सजाया गया था और सभी रस्में सामान्य रूप से चल रही थीं। लेकिन वरमाला के समय दुल्हन ने अचानक स्टेज से उतरकर भीड़ के बीच अपने प्रेमी को माला पहना दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने दुल्हन के प्रेमी की पिटाई कर दी, जबकि दोनों परिवारों के बीच कुर्सियां फेंकने तक की नौबत आ गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। जांच में सामने आया कि दुल्हन आरती (परिवर्तित नाम) और उसके प्रेमी रितेश (परिवर्तित नाम) के बीच पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि दोनों पहले भी तीन बार साथ भागने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि सामाजिक कारणों और पारिवारिक दबाव के चलते उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सामाजिक रूप से दोनों को ‘भाई-बहन’ माना जाता था, क्योंकि उनके परिवार एक ही धार्मिक परंपरा (देव पूजा) से जुड़े थे। इसी कारण परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया और आरती की शादी अविनाश (परिवर्तित नाम) से तय कर दी। दूल्हा पक्ष के अनुसार, शादी की सभी तैयारियां बड़े खर्च और भव्यता के साथ की गई थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया। वरमाला कांड के बाद दूल्हा पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन को दिए गए गहने वापस ले लिए। पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई और बारात वापस लौट गई। घटना के बाद दुल्हन और उसका प्रेमी दोनों गांव छोड़कर इंदौर चले गए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों अब भी एक-दूसरे से संबंध में हैं और भविष्य में शादी करने की बात कही जा रही है। वहीं, सामाजिक स्तर पर दोनों परिवारों ने उन्हें अपने से अलग कर दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है और एक बार फिर रिश्तों, परंपराओं और व्यक्तिगत पसंद के बीच टकराव को उजागर कर दिया है।