संगीत को रंगों में महसूस करती हैं श्रेया घोषाल: हर गाने को देती हैं एक पेंटिंग जैसा रूप..

नई दिल्ली । भारतीय संगीत की दुनिया में अपनी मधुर आवाज और भावनात्मक गायकी के लिए पहचानी जाने वाली श्रेया घोषाल ने अपने संगीत को देखने और महसूस करने के तरीके को लेकर एक बेहद दिलचस्प पहलू साझा किया है। उनके अनुसार संगीत उनके लिए सिर्फ सुरों और शब्दों का मेल नहीं है, बल्कि यह रंगों, तस्वीरों और दृश्यों से जुड़ा एक जीवंत अनुभव है। श्रेया का कहना है कि जब भी वह कोई गाना गाती हैं, तो उनके मन में उससे जुड़े दृश्य स्वतः ही बनने लगते हैं। कई बार किसी गीत का एक छोटा सा हिस्सा भी उन्हें किसी खास रंग की अनुभूति कराता है, जबकि पूरा गाना एक पेंटिंग की तरह उनके सामने उभर आता है। यही वजह है कि उनके गायन में भावनाओं की गहराई साफ महसूस की जा सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सोच काफी हद तक दृश्यात्मक है, यानी वे चीजों को शब्दों से ज्यादा तस्वीरों के रूप में याद रखती हैं। यही कारण है कि जब वह किसी गाने को रिकॉर्ड करती हैं, तो उनके मन में एक पूरा सीन तैयार हो जाता है। वह कल्पना करती हैं कि उस गाने के दौरान स्क्रीन पर क्या चल रहा होगा, कलाकार किस भावना को व्यक्त कर रहे होंगे और पूरा माहौल कैसा होगा। श्रेया के अनुसार यह कल्पना उन्हें गाने की भावनात्मक परतों को समझने में मदद करती है। चाहे वह कोई रोमांटिक गीत हो, दर्द भरा नगमा हो या खुशी से भरा कोई गाना, वह हर स्थिति को एक कहानी की तरह महसूस करती हैं। इसी कारण उनकी गायकी में एक अलग तरह की संवेदनशीलता और गहराई झलकती है। लाइव परफॉर्मेंस के दौरान भी यही कल्पना उनके लिए बेहद उपयोगी साबित होती है। जब वह मंच पर गाती हैं, तो केवल सुरों पर ध्यान केंद्रित नहीं करतीं, बल्कि उस भावना को पूरी तरह जीती हैं जो गीत के भीतर मौजूद होती है। यही वजह है कि उनके चेहरे के भाव और आवाज दोनों में स्वाभाविक रूप से वही भावनाएं दिखाई देती हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाद में उन्हें पता चला कि कुछ लोगों के दिमाग में संगीत को रंगों या दृश्यों के रूप में महसूस करने की विशेष क्षमता होती है। उनके लिए यह अनुभव प्राकृतिक है और यही उनकी गायकी को एक अलग पहचान देता है। संगीत को लेकर अपनी सोच साझा करते हुए श्रेया ने इसे केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि एक गहरी भावनात्मक कला बताया। उनके अनुसार संगीत हर व्यक्ति के दिल तक अलग-अलग तरीके से पहुंचता है और यही इसकी सबसे बड़ी खूबसूरती है। आज भी जब वह नए गाने रिकॉर्ड करती हैं या स्टेज पर परफॉर्म करती हैं, तो यही कल्पनाशीलता उनके काम आती है। हर गीत उनके लिए सिर्फ एक प्रस्तुति नहीं बल्कि एक भावनात्मक यात्रा होती है, जिसे वह पूरी ईमानदारी के साथ जीती हैं और फिर अपनी आवाज के जरिए श्रोताओं तक पहुंचाती हैं।
1 लाख रुपये से कम में धांसू गेमिंग लैपटॉप की रेस: Acer, Asus, Lenovo और Dell दे रहे पावरफुल परफॉर्मेंस का कॉम्बो

नई दिल्ली। भारत में 1 लाख रुपये से कम बजट में गेमिंग लैपटॉप का मार्केट तेजी से मजबूत हो रहा है, जहां अब यूजर्स को हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर, डेडिकेटेड ग्राफिक्स कार्ड और हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले वाले कई दमदार विकल्प मिल रहे हैं। Acer, Asus, Lenovo और Dell जैसे बड़े ब्रांड इस रेंज में ऐसे लैपटॉप पेश कर रहे हैं जो गेमिंग के साथ-साथ स्टडी, वर्क और मल्टीटास्किंग के लिए भी बेहतरीन परफॉर्मेंस देते हैं। Acer Nitro V 15 इस सेगमेंट में एक पावरफुल विकल्प है, जिसमें 13th Gen Intel Core i7 प्रोसेसर, 16GB रैम और 165Hz FHD डिस्प्ले मिलता है, जो स्मूद गेमिंग एक्सपीरियंस देता है। Asus TUF Gaming A15 में AMD Ryzen 7 प्रोसेसर और NVIDIA RTX 3050 GPU के साथ मजबूत बिल्ड क्वालिटी और बेहतर थर्मल मैनेजमेंट दिया गया है, जिससे लंबे गेमिंग सेशन में भी परफॉर्मेंस स्थिर रहता है। Lenovo LOQ में Intel 12th Gen i5 प्रोसेसर और RTX 3050 GPU के साथ AI बेस्ड परफॉर्मेंस ट्यूनिंग, 144Hz डिस्प्ले और एडवांस कूलिंग सिस्टम मिलता है। वहीं Dell G15 Gaming Laptop में 13th Gen Intel i5 प्रोसेसर, RTX 3050 ग्राफिक्स और Dolby Audio सपोर्ट के साथ बैलेंस्ड गेमिंग परफॉर्मेंस मिलता है। Asus ROG Strix G15 में Ryzen 7 प्रोसेसर और RGB लाइटिंग के साथ प्रीमियम गेमिंग एक्सपीरियंस दिया गया है। ये सभी लैपटॉप बजट सेगमेंट में गेमर्स के लिए एक मजबूत विकल्प हैं, जो हाई-ग्राफिक्स गेमिंग के साथ-साथ मल्टीटास्किंग और डेली यूज में भी बेहतरीन परफॉर्मेंस प्रदान करते हैं।
बंगाल राजनीति पर बड़ा बयान,अमित शाह बोले-सुवेंदु दा ने इस बार ‘दीदी’ को उनके ही गढ़ में हराया”

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति को लेकर आयोजित एक बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने राज्य की हालिया चुनावी परिस्थितियों और जनादेश पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जनता ने इस बार जिस तरह से मतदान किया है, वह राजनीतिक बदलाव और नए भरोसे का संकेत है। अपने भाषण में उन्होंने राज्य की राजनीतिक यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि लंबे समय से यहां जिस तरह की राजनीतिक परिस्थितियों की चर्चा होती रही है, उसमें अब बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जनता ने इस बार विकास और स्थिरता के पक्ष में निर्णय दिया है और यही लोकतंत्र की असली ताकत है। इसी दौरान उन्होंने नेता Suvendu Adhikari का नाम लेते हुए कहा कि चुनावी परिणामों में उनकी भूमिका अहम रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार मुकाबला कई मायनों में अलग था और कई ऐसे क्षेत्र भी सामने आए जहां राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए। अमित शाह ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि पार्टी का उद्देश्य केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि राज्य के विकास को आगे बढ़ाना है। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर जनता से जुड़े रहने और उनके मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है और हर चुनाव नए संदेश लेकर आता है। इस बार के परिणामों को उन्होंने एक बड़े राजनीतिक परिवर्तन के रूप में प्रस्तुत किया, जिसमें जनता की सोच और अपेक्षाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने यह संकेत भी दिया कि आने वाले समय में राज्य में विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा, ताकि जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके और राजनीतिक स्थिरता को मजबूत किया जा सके।
मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर: UAE पर ईरान का मिसाइल-ड्रोन हमला, अमेरिका की जवाबी बमबारी से हालात और बिगड़े

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है, जहां संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया है कि ईरान ने उसके क्षेत्र पर 2 बैलिस्टिक मिसाइल और 3 ड्रोन दागे। UAE रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने सभी मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया, हालांकि इस हमले में 3 लोगों के घायल होने की जानकारी भी सामने आई है। अभी तक ईरान की तरफ से इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने सीजफायर के बावजूद ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की है। अमेरिका का कहना है कि ईरानी सेना ने उसके जंगी जहाजों पर मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमला किया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान किसी डील पर नहीं पहुंचता, तो आगे और भी बड़े हमले किए जाएंगे। वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए दावा किया है कि अमेरिकी हमले में सैन्य ठिकानों की बजाय नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने यह भी कहा है कि उसने जवाबी कार्रवाई में होर्मुज स्ट्रेट और चाबहार पोर्ट के पास मौजूद अमेरिकी सैन्य जहाजों को निशाना बनाया। इसके साथ ही ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमले ओमान की खाड़ी में उसके तेल टैंकरों पर भी किए गए। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि CIA की इंटेलिजेंस गलत है और ईरान की मिसाइल क्षमता खत्म नहीं हुई है। उन्होंने दावा किया कि देश का मिसाइल रिजर्व अभी भी मजबूत स्थिति में है और ईरान किसी भी हालात में अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। अराघची ने यह भी कहा कि जब भी कूटनीतिक समाधान की संभावना बनती है, अमेरिका सैन्य रास्ता अपना लेता है, लेकिन ईरान दबाव में झुकने वाला नहीं है। इसी बीच होर्मुज स्ट्रेट में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, जहां करीब 1500 जहाज फंसे होने की जानकारी सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसी के अनुसार, इस संकट का असर तेल, गैस और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहा है, जिससे कई देशों में आर्थिक और खाद्य संकट की आशंका बढ़ गई है। मध्य पूर्व में इजराइल-हिजबुल्लाह संघर्ष भी तेज हो गया है, जहां दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमलों का दावा कर रहे हैं। साथ ही अमेरिका ने ईरान से जुड़े नेटवर्क पर नए प्रतिबंध भी लगाए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और अधिक बढ़ गया है।
बंगाल की सियासत में बड़ा मोड़, सुवेंदु अधिकारी बने बीजेपी विधायक दल के नेता, सत्ता परिवर्तन की तैयारी तेज

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा और निर्णायक बदलाव सामने आया है, जिसने राज्य के सत्ता समीकरण को पूरी तरह नया रूप दे दिया है। लंबे समय से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों के बीच अब यह स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपने विधायक दल के नेतृत्व की जिम्मेदारी सुवेंदु अधिकारी को सौंप दी है। इस निर्णय के साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया, जिसमें सभी विधायकों की सहमति के बाद सुवेंदु अधिकारी को नेता चुना गया। इस चयन को केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि राज्य की बदलती राजनीतिक दिशा के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। बैठक के दौरान केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी ने इस निर्णय को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी नतीजों के बाद से ही यह लगभग तय माना जा रहा था कि सुवेंदु अधिकारी को नेतृत्व की जिम्मेदारी मिल सकती है। राज्य की राजनीति में उनकी सक्रिय भूमिका और संगठनात्मक पकड़ ने उन्हें इस स्थिति तक पहुंचाया है। अब उनके नेतृत्व में सरकार गठन की औपचारिकताएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो जाएंगी। यह समारोह बड़े स्तर पर आयोजित किए जाने की संभावना है, जिसमें राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण हस्तियां शामिल हो सकती हैं। इस आयोजन को राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है। बहुमत के आंकड़े से आगे निकलते हुए भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट बढ़त हासिल की है, जिससे सत्ता परिवर्तन की स्थिति मजबूत हो गई है। इस बदलाव ने राज्य में नई राजनीतिक दिशा और नेतृत्व को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है। विपक्षी खेमे में इस घटनाक्रम के बाद मंथन का दौर जारी है। चुनावी परिणामों के बाद राज्य की राजनीति में नई रणनीतियों की जरूरत महसूस की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, नई सरकार के सामने प्रशासनिक स्थिरता और विकास की गति को बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद राज्य में नीतिगत स्तर पर कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई टीम के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और राज्य में विकास की दिशा को मजबूत करना होगा। कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल की राजनीति में यह घटनाक्रम एक नए दौर की शुरुआत का संकेत दे रहा है, जहां नेतृत्व परिवर्तन के साथ-साथ राज्य की राजनीतिक और प्रशासनिक दिशा में भी महत्वपूर्ण बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
ममता के खिलाफ लगातार चुनौती देने वाले नेता बने सुवेंदु अधिकारी, राजनीति में नया मोड़

नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल की राजनीति पिछले कुछ वर्षों में बड़े बदलावों के दौर से गुज़री है, और इस बदलाव के केंद्र में एक ऐसा नाम लगातार चर्चा में रहा है, जिसने राज्य की सियासी दिशा को प्रभावित किया है। सुवेंदु अधिकारी आज राज्य के सबसे चर्चित और प्रभावशाली राजनीतिक चेहरों में गिने जाते हैं, जिनका राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव और बड़े बदलावों से भरा रहा है। एक समय ऐसा भी था जब वे राज्य की सत्ता में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए सरकार के प्रमुख सहयोगियों में शामिल थे। लेकिन समय के साथ उनकी राजनीतिक यात्रा ने एक अलग मोड़ लिया, जिसने उन्हें सत्ता के दूसरे पक्ष में खड़ा कर दिया। इसके बाद बंगाल की राजनीति में प्रतिस्पर्धा और टकराव का एक नया अध्याय शुरू हुआ। सुवेंदु अधिकारी की सबसे बड़ी ताकत उनकी जमीनी पकड़ और संगठनात्मक क्षमता मानी जाती है। पूर्वी मेदिनीपुर जैसे क्षेत्रों में उनका प्रभाव लंबे समय से मजबूत रहा है, जहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठित कर एक मजबूत राजनीतिक आधार तैयार किया। यही वजह है कि वे लगातार चुनावी मैदान में प्रभावशाली प्रदर्शन करते रहे हैं। नंदीग्राम उनके राजनीतिक करियर का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। इसी क्षेत्र में हुए एक बड़े जन आंदोलन ने उन्हें राज्य स्तर पर पहचान दिलाई और उनकी राजनीतिक छवि को मजबूत किया। उस आंदोलन ने न सिर्फ उन्हें एक जमीनी नेता के रूप में स्थापित किया, बल्कि राज्य की राजनीति की दिशा को भी प्रभावित किया। इसके बाद के वर्षों में उन्होंने विधायक और सांसद के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई और प्रशासनिक अनुभव हासिल किया। विभिन्न विभागों की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने नीति और प्रशासन दोनों क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत की। राजनीतिक सफर में आया सबसे बड़ा बदलाव तब देखा गया, जब उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक सहयोग से अलग होकर नई राजनीतिक दिशा अपनाई। इसके बाद उनकी भूमिका राज्य की मुख्य राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरने लगी। उनकी रणनीति और चुनावी समझ ने उन्हें लगातार मजबूत स्थिति में बनाए रखा। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में ममता बनर्जी के राजनीतिक गढ़ों में मिली सफलताएं भी शामिल मानी जाती हैं, जिसने राज्य की सियासी चर्चा को नया मोड़ दिया। लगातार चुनावी सफलता ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है, जो कठिन परिस्थितियों में भी राजनीतिक संतुलन बनाने की क्षमता रखते हैं। उनका राजनीतिक प्रभाव केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने संगठन और जनसंपर्क के स्तर पर भी मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। इससे उनकी पकड़ राज्य के विभिन्न हिस्सों में और अधिक मजबूत हुई है। राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने के कारण उन्हें शुरू से ही संगठनात्मक राजनीति का अनुभव मिला, जिसने उनके नेतृत्व कौशल को और निखारा। समय के साथ उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया, जिनकी भूमिका राज्य की राजनीति में लगातार बढ़ती जा रही है। आज सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक ऐसे चेहरे के रूप में सामने हैं, जिन्होंने अपने राजनीतिक सफर में कई बड़े बदलाव देखे और हर मोड़ पर अपनी स्थिति को मजबूत किया। आने वाले समय में उनकी भूमिका राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगी, यह देखना महत्वपूर्ण होगा, लेकिन वर्तमान स्थिति में वे सियासी चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव: विजय की सरकार लगभग तय, बहुमत ने खोला रास्ता

नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां सत्ता का पूरा समीकरण बदलता नजर आ रहा है। चुनाव परिणामों के बाद शुरू हुई राजनीतिक गतिविधियों ने अब एक निर्णायक रूप ले लिया है और थलपति विजय की पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच चुकी है। यह बदलाव केवल संख्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद भी विजय की पार्टी शुरुआत में बहुमत से कुछ सीटें पीछे थी। लेकिन जैसे-जैसे राजनीतिक चर्चाएं आगे बढ़ीं, स्थिति धीरे-धीरे उनके पक्ष में बदलने लगी। कांग्रेस के समर्थन ने सबसे पहले इस समीकरण को मजबूत किया और इसके बाद अन्य क्षेत्रीय और वामपंथी दलों ने भी उनका साथ देने का निर्णय लिया। इन नए समर्थन के साथ विधानसभा में उनके पक्ष में विधायकों की संख्या बहुमत के आंकड़े से ऊपर पहुंच गई। इस बदलाव ने राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। लंबे समय से स्थापित राजनीतिक संतुलन अब नए गठबंधन के कारण चुनौती का सामना कर रहा है। विजय के नेतृत्व में बना यह नया समीकरण सत्ता परिवर्तन की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे राज्य में एक नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत होती दिख रही है। बहुमत हासिल करने के बाद अब अगला कदम औपचारिक प्रक्रियाओं का है। समर्थन देने वाले सभी दलों के विधायकों के हस्ताक्षरित पत्रों के साथ जल्द ही राज्यपाल से मुलाकात की संभावना है। इस मुलाकात के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है और नई सरकार के शपथ ग्रहण की घोषणा संभव है। इस पूरे घटनाक्रम में एक दिलचस्प पहलू यह भी सामने आया है कि नई सरकार के ढांचे को अधिक संतुलित और सहयोगात्मक बनाने पर चर्चा चल रही है। सूत्रों के अनुसार प्रशासनिक व्यवस्था में मुख्यमंत्री के साथ दो उप-मुख्यमंत्री रखने का विचार सामने आया है, जिससे विभिन्न दलों और समुदायों को प्रतिनिधित्व मिल सके। इसके अलावा कैबिनेट गठन को लेकर भी राजनीतिक दलों के बीच बातचीत जारी है। समर्थन देने वाले दलों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दिए जाने की संभावना है। यह व्यवस्था गठबंधन को स्थिर बनाए रखने और प्रशासन को सुचारू रूप से चलाने के उद्देश्य से की जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव राज्य की राजनीति में एक नई दिशा की शुरुआत कर सकता है। लंबे समय से चले आ रहे पारंपरिक राजनीतिक ढांचे के बीच यह नया गठबंधन एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरता दिख रहा है। फिलहाल पूरे राज्य की नजरें अगले कदम पर टिकी हुई हैं, जहां औपचारिक रूप से सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू होते ही तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत हो सकती है।
टेलीकॉम सेक्टर का नया गेम: 5G से आगे सॉवरेन क्लाउड और AI डेटा सेंटर की जंग तेज, जियो-एयरटेल समेत कंपनियों का बड़ा दांव

नई दिल्ली। टेलीकॉम इंडस्ट्री अब सिर्फ 5G और ब्रॉडबैंड तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सॉवरेन क्लाउड और AI डेटा सेंटर इसके नए और सबसे बड़े ग्रोथ इंजन बनते जा रहे हैं। टेलीनॉर से लेकर एयरटेल, जियो और अडानी तक सभी कंपनियां डेटा सुरक्षा, डिजिटल संप्रभुता और क्लाउड सेवाओं के जरिए नए बिजनेस मॉडल पर तेजी से काम कर रही हैं। यूरोप में टेलीनॉर और BT जैसी कंपनियां विदेशी क्लाउड प्रोवाइडर्स पर निर्भरता कम करने के लिए सॉवरेन क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही हैं। वहीं AWS, Microsoft Azure और Google Cloud जैसी बड़ी कंपनियों पर बैंकिंग, हेल्थ और सरकारी सेवाओं का भारी दबाव पहले से मौजूद है। इसी वजह से कई देश अब अपने संवेदनशील डेटा को स्थानीय स्तर पर सुरक्षित रखने पर जोर दे रहे हैं। AI के तेजी से बढ़ते उपयोग ने इस बदलाव को और तेज कर दिया है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बड़े डेटा और हाई-पावर प्रोसेसिंग की जरूरत होती है। इसी को देखते हुए टेलीकॉम कंपनियां अब खुद को सिर्फ नेटवर्क ऑपरेटर से बदलकर क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर के रूप में स्थापित कर रही हैं। भारत में भी एयरटेल अपनी Nxtra डेटा सेंटर यूनिट के जरिए सॉवरेन क्लाउड और AI सेवाओं का विस्तार कर रही है, जबकि जियो का AI क्लाउड प्लेटफॉर्म तेजी से यूजर्स जोड़ रहा है। दूसरी तरफ अडानी ग्रुप भी बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रहा है। आने वाले समय में टेलीकॉम सेक्टर की असली ताकत इसी बात पर निर्भर करेगी कि कौन कंपनी डेटा, AI और क्लाउड टेक्नोलॉजी पर सबसे मजबूत पकड़ बना पाती है।
JioHotstar का बड़ा धमाका: लाइव मैच के दौरान ऐप से सीधे खाना ऑर्डर करने का नया फीचर लॉन्च, Swiggy के साथ पार्टनरशिप

नई दिल्ली। जियो हॉटस्टार ने अपने प्लेटफॉर्म पर एक बड़ा और यूजर-फ्रेंडली अपडेट लॉन्च किया है, जिसके तहत अब दर्शक लाइव मैच देखते हुए सीधे ऐप के अंदर से खाना ऑर्डर कर सकेंगे। इस नए फीचर के लिए कंपनी ने Swiggy के साथ साझेदारी की है, जिससे स्ट्रीमिंग और फूड डिलीवरी का अनुभव एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जाएगा। यह सुविधा फिलहाल भारत के 690 से ज्यादा शहरों में शुरू की गई है और इसे खासतौर पर क्रिकेट फैंस के लिए डिजाइन किया गया है, जो मैच देखते समय बीच में खाना ऑर्डर करना चाहते हैं। इस फीचर की मदद से यूजर्स जियो हॉटस्टार ऐप छोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे ऐप के अंदर ही रेस्टोरेंट ब्राउज़ कर सकते हैं, ऑर्डर प्लेस कर सकते हैं और डिलीवरी को ट्रैक भी कर सकते हैं। कंपनी का कहना है कि यह फीचर लाइव स्पोर्ट्स देखने के अनुभव को और ज्यादा इंटरैक्टिव और सुविधाजनक बनाएगा। लाइव मैचों के दौरान यूजर्स की ओर से फूड ऑर्डरिंग में तेजी देखी गई है, जिसमें बर्गर जैसे फास्ट फूड आइटम सबसे ज्यादा ऑर्डर किए जा रहे हैं। खासकर बड़े मैचों और लोकप्रिय टीमों के मुकाबलों के दौरान ऑर्डर में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे यह साफ है कि लोग अब एंटरटेनमेंट के साथ-साथ फूड डिलीवरी का भी एकीकृत अनुभव पसंद कर रहे हैं। जियो हॉटस्टार का यह कदम भारत में डिजिटल स्ट्रीमिंग को एक नए स्तर पर ले जाता है, जहां अब केवल वीडियो कंटेंट ही नहीं बल्कि उससे जुड़ी लाइफस्टाइल सर्विसेज भी एक ही जगह उपलब्ध हो रही हैं।
Samsung Mini LED TV: सैमसंग ने लॉन्च किया 100 इंच तक का AI Mini LED TV, 42,990 रुपये से शुरू कीमत में मिलेगा प्रीमियम स्मार्ट एक्सपीरियंस

Samsung Mini LED TV: नई दिल्ली। सैमसंग ने अपनी नई Mini LED TV सीरीज लॉन्च कर दी है, जो प्रीमियम डिस्प्ले और AI फीचर्स के साथ स्मार्ट टीवी सेगमेंट में नया अनुभव देने का दावा करती है। इस सीरीज में 43 इंच से लेकर 100 इंच तक के बड़े स्क्रीन टीवी शामिल हैं, जिनकी शुरुआती कीमत लगभग 42,990 रुपये रखी गई है। कंपनी के अनुसार, ये टीवी फिलहाल सैमसंग की आधिकारिक वेबसाइट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। नई सीरीज में Mini LED बैकलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिससे बेहतर ब्राइटनेस, गहरा कंट्रास्ट और ज्यादा रियलिस्टिक कलर आउटपुट मिलता है। डिजाइन की बात करें तो इसमें मेटलस्ट्रीम फिनिश दिया गया है, जो एयरक्राफ्ट डिजाइन से प्रेरित है। इसका अल्ट्रा-स्लिम बॉडी और पतले बेजल्स इसे प्रीमियम लुक देते हैं। Stock Market Crash todayवैश्विक तनाव की मार से डगमगाया बाजार: सेंसेक्स 516 अंक टूटा, निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर इन टीवी को कंपनी के NQ4 AI Gen2 प्रोसेसर से पावर किया गया है, जो 20 न्यूरल नेटवर्क की मदद से पिक्चर और साउंड को रियल टाइम में ऑप्टिमाइज करता है। इसमें AI अपस्केलिंग, मोशन Xcelerator 144Hz और AI साउंड कंट्रोल जैसी एडवांस्ड तकनीकें दी गई हैं, जो गेमिंग और स्पोर्ट्स व्यूइंग अनुभव को और स्मूद बनाती हैं। सिक्योरिटी के लिए Samsung Knox Security सिस्टम दिया गया है, जो यूजर डेटा और कनेक्टेड डिवाइसेज को सुरक्षित रखता है। ये टीवी SmartThings सपोर्ट के साथ आते हैं और One UI Tizen पर चलते हैं, जिसमें 7 साल तक सॉफ्टवेयर अपडेट मिलने का दावा किया गया है। लॉन्च ऑफर के तहत कंपनी 5% तक कैशबैक और नो-कॉस्ट EMI जैसे फायदे भी दे रही है, जिससे ग्राहक इसे आसान किस्तों में खरीद सकते हैं। साथ ही, यूजर्स को Samsung TV Plus का फ्री एक्सेस भी मिलेगा, जिसमें कई लाइव चैनल और कंटेंट उपलब्ध हैं।