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मां के नाम फिल्मी दुनिया के सितारों का दिल छू लेने वाला संदेश, पुरानी यादों और तस्वीरों के साथ साझा की भावनाएं

नई दिल्ली । मदर्स डे के मौके पर फिल्मी दुनिया में एक भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जहां कई बड़े सितारे अपनी मां को याद करते हुए भावुक नजर आए। इस खास दिन पर किसी ने अपनी पुरानी तस्वीरों के जरिए बचपन की यादों को ताजा किया, तो किसी ने भावनात्मक संदेश लिखकर मां के प्रति अपने प्यार और सम्मान को शब्दों में पिरोया। सोशल मीडिया पर मां के साथ जुड़े इन खास पलों ने लोगों के दिलों को छू लिया और हर तरफ भावनाओं का माहौल बन गया। अभिनेता अनुपम खेर ने अपनी मां के साथ एक वीडियो साझा किया, जिसमें उनके जीवन के कई सरल और स्नेहभरे पल नजर आए। इस वीडियो में मां का अलग-अलग अंदाज देखने को मिला, जहां वह कभी मुस्कुराती दिखीं तो कभी बेटे के साथ भावनात्मक जुड़ाव में दिखाई दीं। अनुपम खेर ने अपने संदेश में मां के निस्वार्थ प्रेम को बेहद गहराई से व्यक्त किया और कहा कि मां अपने बच्चों के लिए अपनी इच्छाओं और खुशियों तक को त्याग देती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब दुनिया किसी को समझने में देर करती है, तब मां बिना कुछ कहे अपने बच्चों की हर भावना को समझ लेती है और हमेशा उनके साथ खड़ी रहती है। इसी तरह सनी देओल ने भी अपनी मां के साथ पुराने पलों को याद करते हुए तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में उनके बचपन और पारिवारिक रिश्तों की झलक देखने को मिली, जिससे उनके और उनकी मां के बीच के गहरे रिश्ते का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने अपनी मां को अपने जीवन का सबसे मजबूत सहारा बताया और उनके प्रति गहरा सम्मान व्यक्त किया। अभिनेता संजय दत्त ने इस अवसर पर अपनी दिवंगत मां नरगिस को याद किया। उन्होंने पुरानी तस्वीरों के जरिए अपने बचपन के पलों को साझा किया और भावनात्मक संदेश में बताया कि आज भी उनकी मां की यादें और उनका आशीर्वाद उनके साथ है। उनके शब्दों में मां के बिना जीवन की अधूरी भावना साफ झलकती है, जिसने उनके चाहने वालों को भी भावुक कर दिया। वहीं सुनील शेट्टी ने भी अपनी मां को याद करते हुए कहा कि परिवार की हर अच्छी शुरुआत मां से ही होती है। उन्होंने मां के प्रेम को परिवार की नींव बताते हुए कहा कि मां का स्नेह ही हर रिश्ते को जोड़कर रखता है। उनका संदेश सरल होने के बावजूद बेहद गहरा था, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह ने इस दिन को और भी खास बनाते हुए अपनी मां और सास दोनों के साथ अपने रिश्तों को साझा किया। उन्होंने कहा कि एक मां जीवन देती है, जबकि दूसरी मां एक नया परिवार देती है और दोनों का प्यार उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत है। उनके अनुसार, दो मांओं का स्नेह मिलना उनके लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। मदर्स डे पर सामने आए ये सभी भावनात्मक संदेश इस बात को और मजबूत करते हैं कि मां का रिश्ता दुनिया का सबसे अनमोल और निस्वार्थ रिश्ता होता है, जो हर परिस्थिति में इंसान को संभालने की ताकत देता है।

नर्मदा घाट पर स्वच्छता की पहल: ‘मैया अभियान’ के तहत बच्चों ने सफाई कर दिया जागरूकता का संदेश

नई दिल्ली । डिंडौरी जिले में रविवार को नर्मदा डैम घाट पर एक प्रेरणादायक और जनजागरूकता से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘मैया अभियान’ के तहत हुए इस आयोजन में बच्चों, अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें नर्मदा घाट की साफ-सफाई से जोड़ना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में एरोबिक जुम्बा और योग सत्र से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। योग और व्यायाम के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने मिलकर घाट की सफाई में श्रमदान किया और आसपास फैले कचरे को हटाकर क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया। घाट के कुछ हिस्सों में अतिक्रमण की स्थिति भी देखने को मिली, जिसे जेसीबी मशीन की मदद से हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि साफ-सफाई के साथ-साथ घाट को व्यवस्थित और सुंदर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। जिला खेल अधिकारी मोहम्मद अहमद खान ने बताया कि 5 मई से 5 जून तक ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि परिवार स्तर पर भी जागरूकता बढ़े। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि ‘मैया अभियान’ का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक जनआंदोलन के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नर्मदा मैया की स्वच्छता से जोड़ना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही आने वाले समय में जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने आगे बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद घाट पर वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र और अधिक आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल बन सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि नर्मदा घाट को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। इस पूरे अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों, बच्चों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने मिलकर श्रमदान किया और स्वच्छता का सामूहिक संदेश दिया।

ऑपरेशन सिंदूर 2.0: भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत, कराची को लेकर कड़ा संदेश, पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ी

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सामने आए दावों और रणनीतिक चर्चाओं के बीच भारतीय नौसेना की तैयारियों पर एक बार फिर जोरदार बहस छिड़ गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय नौसेना ने पिछले एक साल में अपनी समुद्री क्षमता, तैनाती और युद्ध अभ्यासों को और अधिक मजबूत और आक्रामक बनाया है। सूत्रों और सैन्य विश्लेषणों के मुताबिक, भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपनी मौजूदगी बढ़ाते हुए आधुनिक युद्धपोतों, पनडुब्बियों और एयरक्राफ्ट कैरियर के जरिए रणनीतिक बढ़त हासिल की है। इनमें INS Vikrant और INS Vikramaditya जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर प्रमुख भूमिका में बताए जा रहे हैं, जो किसी भी समुद्री स्थिति में तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर भविष्य में कोई बड़ा सैन्य टकराव होता है, तो भारत की समुद्री रणनीति बेहद निर्णायक हो सकती है। नौसेना की इस बढ़ी हुई क्षमता ने अरब सागर क्षेत्र में पाकिस्तान की समुद्री गतिविधियों पर भी दबाव बढ़ाया है, हालांकि किसी भी आधिकारिक स्तर पर सीधे हमले या कार्रवाई की पुष्टि नहीं है। 1971 के युद्ध और बाद की समुद्री रणनीतियों का हवाला देते हुए यह भी कहा जा रहा है कि भारत की नौसेना अब पहले से कहीं ज्यादा तकनीकी रूप से उन्नत और तैयार स्थिति में है। वहीं Operation Trident जैसी ऐतिहासिक कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए समुद्री ताकत के महत्व को फिर से रेखांकित किया जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा समय में दोनों देशों के बीच तनाव की स्थिति में समुद्री शक्ति एक बड़ा रणनीतिक फैक्टर बन चुकी है, लेकिन किसी भी संभावित कार्रवाई को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

मंडला दौरे पर अजय सिंह राहुल का बयान: एकजुटता से ही मिलेगी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को सफलता

नई दिल्ली । मंडला में शनिवार शाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल पहुंचे। यह दौरा प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। वे इन दिनों पूरे मध्य प्रदेश का दौरा कर पार्टी को जमीनी स्तर पर फिर से सक्रिय करने की कोशिश में जुटे हैं। मंडला पहुंचने पर उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं से मुलाकात की और संगठन की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने साफ कहा कि यदि कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर काम करें तो आगामी चुनावों में पार्टी की जीत पूरी तरह सुनिश्चित है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि किसी भी राजनीतिक दल में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन चुनाव के समय एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। अजय सिंह राहुल ने अपने संबोधन में संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि कई कार्यकर्ता लंबे समय से सक्रिय राजनीति से दूर हो गए हैं या उपेक्षा महसूस कर रहे हैं, ऐसे सभी लोगों को फिर से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आधार मजबूत है, जरूरत सिर्फ उसे सही दिशा देने की है। अपने बयान में उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई भी दल स्थायी रूप से सत्ता में नहीं रहता और समय हमेशा बदलता है। उन्होंने भाजपा को अहंकार से बचने की सलाह देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि सत्ता का संतुलन कभी भी बदल सकता है।इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए, हालांकि इन बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस दौरान मंडला में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक मर्सकोले, निवास विधायक चैनसिंह वरकड़े और केवलारी विधायक रजनीश सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर पार्टी को सक्रिय करने पर सहमति जताई।

रूस-यूक्रेन युद्ध: शांति वार्ता की नई पहल, पुतिन बोले-तीसरे देश में जेलेंस्की से मिलने को तैयार

नई दिल्ली। Russia-Ukraine War को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कूटनीतिक संकेत देते हुए रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin ने कहा है कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy से किसी तीसरे देश में मुलाकात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह बैठक केवल अंतिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए होगी। पुतिन ने स्पष्ट किया कि इस तरह की मुलाकात तभी संभव है जब दोनों देशों के बीच विशेषज्ञ स्तर पर पूरा और ठोस शांति समझौता पहले से तैयार हो जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत की बजाय यह बैठक सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया का अंतिम चरण होनी चाहिए। रूसी राष्ट्रपति ने पुराने Minsk agreements का हवाला देते हुए कहा कि पिछली शांति प्रक्रियाओं की तरह लंबी और असफल चर्चाओं से बचना जरूरी है। उनका कहना है कि इस बार पहले तकनीकी और विशेषज्ञ स्तर पर सभी मुद्दों को पूरी तरह सुलझाया जाना चाहिए, ताकि बाद में नेताओं की मुलाकात सिर्फ हस्ताक्षर तक सीमित रहे। यह युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पुतिन के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की दिशा में एक संभावित नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।

सिवनी में वाहन चोरी का खुलासा: शातिर चोर गिरफ्तार, बाइक बरामद, जांच जारी

नई दिल्ली । सिवनी जिले में वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली पुलिस ने शनिवार रात एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से चोरी की गई बाइक बरामद कर ली गई है। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश तिवारी ने बताया कि जिले में अपराध और चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नवागत पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा तथा एसडीओपी सचिन परते के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। मामले की शुरुआत 7 मई को हुई, जब ग्राम बोरदेई, थाना डूंडासिवनी निवासी मोहम्मद आरिफ ने कोतवाली थाने में अपनी टीवीएस स्पोर्ट्स बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार उनकी बाइक मंगलीपेठ क्षेत्र से अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर ली गई थी, जिसकी कीमत लगभग 20 हजार रुपए बताई गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला कायम किया और जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस टीम ने आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश तेज कर दी। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने विकास सोनी नामक आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी पहले तो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी रवि लोधी के साथ मिलकर बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली गई। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विकास सोनी, उम्र 25 वर्ष, भगत सिंह वार्ड के टपरा मोहल्ला का निवासी है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड पहले से ही काफी लंबा है और उसके खिलाफ चोरी, नकबजनी, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित कुल पांच मामले दर्ज हैं। फिलहाल पुलिस दूसरे आरोपी रवि लोधी की तलाश में जुटी हुई है और उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी सतीश तिवारी के साथ प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, आरक्षक सतीश इनवाती, सिद्धार्थ दुबे और सौरभ ठाकुर की अहम भूमिका रही।

अमेरिका–कनाडा हथियार तस्करी रैकेट का भंडाफोड़: 89 हथियारों के साथ 3 गिरफ्तार, पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल

नई दिल्ली। अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस ने 89 हथियारों की अवैध खेप के साथ तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जो इन्हें अमेरिका से कनाडा भेजने की फिराक में थे। पकड़े गए आरोपियों में एक पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है। जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई स्टेट रूट-90 पर उस समय हुई जब पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन को रोका। शुरुआती पूछताछ में जवाब असंगत पाए जाने पर जब तलाशी ली गई तो कार के भीतर भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए। कुछ हथियार पीछे की सीट पर खुले तौर पर रखे हुए थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 22 वर्षीय मलिक ब्रॉमफील्ड (कनाडा नागरिक), 25 वर्षीय फैजान अली (पाकिस्तानी नागरिक) और 22 वर्षीय कमाल सलमान (कनाडा-अमेरिका-जॉर्डन की नागरिकता) के रूप में हुई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फैजान अली के पास एक एक्सपायर्ड पाकिस्तानी नेशनल ड्राइविंग परमिट भी मिला है, जो किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर जारी था। बरामद हथियारों में कम से कम 17 चोरी की बंदूकें भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी 80 से अधिक हथियार कनाडा पहुंचाने की योजना में थे। इस पूरे ऑपरेशन में न्यूयॉर्क स्टेट पुलिस, एफबीआई और एटीएफ की संयुक्त टीम शामिल रही। यूएस अटॉर्नी ऑफिस ने बताया कि सभी आरोपियों पर अवैध हथियार तस्करी, बिना लाइसेंस हथियार कारोबार और चोरी के हथियार रखने सहित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को 5 से 15 साल तक की सजा हो सकती है, जबकि अंतिम निर्णय अदालत करेगी। अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इस नेटवर्क को कनाडा और अमेरिका दोनों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। 

शपथ ग्रहण समारोह में तृषा कृष्णन का सादगी भरा अंदाज़ बना चर्चा का केंद्र..

नई दिल्ली । तमिलनाडु में हाल ही में हुए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सार्वजनिक आयोजन ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया, जहां फिल्म जगत और राजनीति से जुड़े कई चेहरे एक साथ नजर आए। इस कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा का केंद्र रहीं अभिनेत्री तृषा कृष्णन, जिनकी उपस्थिति और उनका पारंपरिक अंदाज़ लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। कार्यक्रम के दौरान तृषा कृष्णन बेहद सादगीपूर्ण और पारंपरिक लुक में नजर आईं। उन्होंने हल्के नीले रंग की सिल्क साड़ी पहनी थी, जिसके साथ उन्होंने क्रीम रंग का ब्लाउज चुना। उनके पूरे लुक में भारतीय परंपरा की झलक साफ दिखाई दे रही थी। माथे पर सजी छोटी सी बिंदी, बालों में लगाया गया गजरा और बेहद हल्का मेकअप उनके व्यक्तित्व को और अधिक आकर्षक बना रहा था। उनका यह रूप न केवल वहां मौजूद लोगों को प्रभावित कर गया बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी तेजी से लोकप्रिय हो गया। इस पूरे आयोजन के दौरान एक ऐसा पल भी कैमरे में कैद हुआ जिसने चर्चा को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि जब तृषा कृष्णन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, उस समय उनका स्वागत बेहद गर्मजोशी से हुआ और वहां मौजूद लोगों के बीच वे सहजता से घुलती-मिलती नजर आईं। इसी दौरान अभिनेता से नेता बने विजय के साथ उनकी उपस्थिति ने भी ध्यान खींचा, जहां दोनों के बीच एक सहज और मुस्कुराहट भरा पल देखने को मिला। यह दृश्य सामने आते ही लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा दोनों बढ़ गई। कार्यक्रम के माहौल को देखते हुए यह साफ दिखाई दिया कि यह केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं बल्कि कई भावनात्मक और व्यक्तिगत जुड़ावों का भी हिस्सा बन गया था। तृषा कृष्णन को न केवल मंच पर बल्कि कार्यक्रम के अन्य हिस्सों में भी बेहद आत्मीयता से लोगों से मिलते-जुलते देखा गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने विजय के परिवार के कुछ सदस्यों से भी मुलाकात की, जिससे माहौल और अधिक सौहार्दपूर्ण बन गया। इस आयोजन में दक्षिण भारतीय फिल्म जगत से जुड़े अन्य कई कलाकारों की भी मौजूदगी देखी गई, जिससे यह कार्यक्रम और अधिक भव्य और चर्चा में आ गया। हालांकि सोशल मीडिया पर सबसे अधिक ध्यान तृषा कृष्णन की मौजूदगी और उनके पारंपरिक रूप ने खींचा है। लोग उनके लुक, उनके आत्मविश्वास और उनकी सहजता की लगातार सराहना कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विजय के साथ उनके कथित जुड़ाव और मुस्कुराहट भरे पल को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने इसे केवल एक औपचारिक और सौहार्दपूर्ण मुलाकात बताया है, जबकि अन्य इसे एक खास जुड़ाव के रूप में देख रहे हैं। हालांकि किसी भी प्रकार की आधिकारिक या स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन वायरल होते वीडियो और तस्वीरों ने इस पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।

सिवनी में दोहरे हादसे से हड़कंप: पिकअप को डंपर ने टक्कर मारी, एक की मौत, चार घायल

नई दिल्ली । सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत रूपदोंन गांव के पास रविवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार डंपर ने सामने से आ रही पिकअप वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा पलटा। इस दर्दनाक हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिकअप वाहन में सवार सभी लोग अतरिया गांव से घंसौर की ओर जा रहे थे। जैसे ही वाहन रूपदोंन गांव के पास पहुंचा, सामने से तेज रफ्तार में आ रहे डंपर ने नियंत्रण खोते हुए पिकअप को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप सड़क से नीचे उतरकर पलट गया और उसमें बैठे लोग इधर उधर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गई और आसपास मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। एमएमटी मनीष रैकवार और चालक संदीप ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद एक युवक को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान संतोष काकोडिया उम्र 20 वर्ष के रूप में हुई है। वहीं घायलों में राहुल उइके 26 वर्ष, सतेंद्र आर्मो 21 वर्ष, हिमेश आर्मो 23 वर्ष और शैलेंद्र शामिल हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही घंसौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही फरार डंपर चालक की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटे बड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है। यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक युवा की मौत और चार लोगों के घायल होने से पूरा क्षेत्र गम और आक्रोश में डूब गया है।

तमिलनाडु की सियासत में नया मोड़: 29 साल की एस कीर्तना बनीं सबसे युवा मंत्री, कैबिनेट में अकेली महिला चेहरा

नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जहां युवा नेतृत्व ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस बदलाव का सबसे प्रमुख चेहरा बनी हैं 29 वर्षीय एस कीर्तना, जिन्होंने राज्य की सबसे युवा मंत्री बनकर राजनीतिक इतिहास में अपनी जगह बना ली है। मुख्यमंत्री विजय की नई कैबिनेट में उन्हें शामिल किया गया है, जहां वे एकमात्र महिला मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल रही हैं। शिवकासी विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर कीर्तना ने अपनी राजनीतिक यात्रा को नई दिशा दी। यह क्षेत्र अपने औद्योगिक महत्व के लिए जाना जाता है और यहां से जीत दर्ज करना आसान नहीं माना जाता। इसके बावजूद उन्होंने मजबूत रणनीति और जमीनी स्तर के संपर्क के दम पर जीत हासिल की। चुनाव परिणाम के बाद उनका नाम तेजी से राजनीतिक चर्चा में आ गया। कीर्तना का राजनीतिक सफर पारंपरिक राजनीति से अलग रहा है। वे लंबे समय तक चुनावी रणनीति और डिजिटल अभियानों से जुड़ी रहीं। विभिन्न अभियानों में उन्होंने संगठनात्मक योजना, प्रचार रणनीति और युवा मतदाताओं को जोड़ने जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया। उनकी भूमिका अक्सर पर्दे के पीछे रही, लेकिन प्रभाव हमेशा सामने दिखाई देता रहा। राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने सलाहकार के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने कई अभियानों की दिशा तय करने में मदद की। डिजिटल मीडिया और तकनीकी साधनों के उपयोग ने उन्हें एक आधुनिक राजनीतिक सोच वाला चेहरा बनाया। यही कारण रहा कि पार्टी संगठन में उन्हें लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलती गईं। टीवीके के शुरुआती दौर में भी उनका योगदान अहम माना जाता है। उन्होंने संगठन को मजबूत करने, युवाओं को जोड़ने और अभियान रणनीतियों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राजनीतिक हलकों में उन्हें एक ऐसे युवा चेहरे के रूप में देखा गया, जो पारंपरिक राजनीति से अलग सोच रखता है। मंत्री पद की शपथ लेने के बाद कीर्तना ने अपने पहले बयान में बदलाव और नए युग की शुरुआत का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक पहुंच बनाना और विकास की गति को तेज करना है। उनके अनुसार, यह अवसर केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि उन सभी युवाओं का प्रतिनिधित्व है जो बदलाव की उम्मीद रखते हैं। उनकी नियुक्ति को राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। यह संकेत देता है कि नई सरकार में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। कैबिनेट में उनकी उपस्थिति इस बात को और मजबूत करती है कि आने वाले समय में नेतृत्व का स्वरूप बदल सकता है। नवगठित सरकार में कुल नौ मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसमें अलग-अलग पृष्ठभूमि के नेताओं को जगह दी गई है। यह टीम राज्य में प्रशासनिक और राजनीतिक बदलाव की दिशा तय करने के लिए तैयार मानी जा रही है। एस कीर्तना का उदय इस बात का संकेत है कि तमिलनाडु की राजनीति अब नए विचारों और नई पीढ़ी की ओर बढ़ रही है। उनकी भूमिका केवल एक मंत्री तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि उन्हें भविष्य के नेतृत्व की संभावनाओं के रूप में भी देखा जा रहा है।