VIKRAM BHATT’S GRAND DAUGHTER: “विक्रम भट्ट के घर गूंजी किलकारी, बेटी कृष्णा भट्ट ने बेटे को दिया जन्म, बोले-यह साल बन गया खास”

VIKRAM BHATT’S GRAND DAUGHTER: नई दिल्ली । बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री से एक खुशखबरी सामने आई है, जिसने निर्देशक विक्रम भट्ट के जीवन में नई रोशनी भर दी है। मशहूर फिल्ममेकर विक्रम भट्ट अब नाना बन गए हैं। उनकी बेटी कृष्णा भट्ट ने सोमवार को एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया, जिसके बाद परिवार में खुशी का माहौल बन गया है। डॉक्टरों के अनुसार मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। इस खास मौके पर विक्रम भट्ट भावुक नजर आए और उन्होंने अपनी खुशी को शब्दों में साझा करते हुए कहा कि यह साल उनके लिए कई तरह के उतार-चढ़ाव लेकर आया था, लेकिन अंत में उन्हें जीवन की सबसे बड़ी खुशी मिल गई है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है और यही उनके लिए सबसे बड़ा आशीर्वाद है। बातचीत के दौरान विक्रम भट्ट ने हल्के-फुल्के अंदाज में एक दिलचस्प टिप्पणी भी की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि अभी बच्चा केवल स्वस्थ है, समझदार बनने में उसे अभी समय लगेगा। उनके इस बयान ने माहौल को हल्का कर दिया और उनकी खुशी को और भी स्पष्ट रूप से दिखाया। उन्होंने अपनी बेटी कृष्णा भट्ट से जुड़ा एक भावुक और मजेदार किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि कृष्णा अपनी आने वाली फिल्म को लेकर इतनी ज्यादा समर्पित थीं कि प्रसव के समय भी उनका ध्यान पूरी तरह काम पर केंद्रित था। यहां तक कि जब उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाया जा रहा था, तब भी उन्होंने फिल्म से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश और सामग्री के बारे में बात की। उन्होंने यह भी बताया कि अपने फोन में मौजूद कुछ बैकग्राउंड्स और जरूरी डेटा को सुरक्षित रखने की बात उन्होंने उसी समय कही थी। Sheopur Adivasi Protest: बिजली-पानी की मांग को लेकर श्योपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण विक्रम भट्ट ने बताया कि उस समय उन्होंने अपनी बेटी को आश्वस्त किया कि वह सभी काम संभाल लेंगे और उन्हें किसी भी चीज की चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निर्देशन के क्षेत्र में होने के कारण उन्हें काम का अच्छा अनुभव है और वे हर जिम्मेदारी को संभाल सकते हैं। कृष्णा भट्ट ने हाल ही में अपने निजी जीवन में एक नया अध्याय शुरू किया था, जब उन्होंने जून 2023 में व्यवसायी वेदांत सारदा के साथ विवाह किया था। दोनों ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखने की कोशिश की है। इसी बीच विक्रम भट्ट की आगामी फिल्म भी चर्चा में बनी हुई है, जो एक हॉरर अनुभव पर आधारित है और आधुनिक तकनीक के साथ बनाई गई है। फिल्म में कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे और इसे दर्शकों के लिए एक नया सिनेमाई अनुभव बताया जा रहा है। फिल्म की रिलीज को लेकर भी उत्साह बना हुआ है, लेकिन फिलहाल विक्रम भट्ट के जीवन में सबसे बड़ा आकर्षण उनका नाना बनना है। यह खुशी उनके परिवार के लिए एक नई शुरुआत और भावनात्मक रूप से बेहद खास पल बनकर सामने आई है, जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।
BENGAL AYUSHMAN BHARAT: स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार, बंगाल के लोगों को मिलेगा आयुष्मान भारत का लाभ, केंद्र-राज्य सहयोग तेज

BENGAL AYUSHMAN BHARAT: नई दिल्ली । देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव उस समय देखने को मिला जब एक प्रमुख स्वास्थ्य योजना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस फैसले के बाद एक पूरे राज्य के लाखों लोगों के लिए बेहतर और सस्ती चिकित्सा सेवाओं के नए रास्ते खुलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से जिस योजना को लेकर चर्चा चल रही थी, वह अब जमीनी स्तर पर लागू होने की ओर बढ़ चुकी है। इस निर्णय के पीछे उद्देश्य यह है कि हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सकें, खासकर उन लोगों तक जो महंगे इलाज का बोझ उठाने में असमर्थ हैं। इस योजना के लागू होने के बाद गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता मिलने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। सरकारी स्तर पर इस कदम को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले कई क्षेत्रों में लोगों को इलाज के लिए भारी खर्च उठाना पड़ता था। अब इस व्यवस्था के लागू होने से अस्पतालों में इलाज की पहुंच और आसान होने की उम्मीद है। शेयर बाजार में तबाही का तूफान, दो दिन में निवेशकों के ₹15 लाख करोड़ साफ, सेंसेक्स 1500 अंक टूटा इस पूरे घटनाक्रम के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है। राज्य सरकार की ओर से कई अन्य फैसलों का भी संकेत दिया गया है, जिनका उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों को अधिक सुविधाएं प्रदान करना बताया जा रहा है। इनमें रोजगार से जुड़े नियमों में बदलाव, कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने जैसे कदम शामिल हैं। इसके साथ ही यह भी बताया गया है कि केंद्र सरकार की अन्य प्रमुख योजनाओं को भी राज्य में सुचारु रूप से लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विकास की गति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस निर्णय का सबसे बड़ा प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा, क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे जीवन की गुणवत्ता से जुड़ी होती हैं। इलाज की लागत कम होने और सरकारी सहायता बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाओं का प्रभाव केवल स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी सकारात्मक बदलाव लाता है। जब लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती हैं, तो उनकी उत्पादकता और जीवन स्तर में भी सुधार देखने को मिलता है।
असम की जीत पर अंतरराष्ट्रीय समर्थन: सिंगापुर ने सरमा को दी शुभकामनाएं, सहयोग बढ़ाने पर जोर

नई दिल्ली । असम में हाल ही में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। राज्य में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने जा रहे हिमंता बिस्वा सरमा को सिंगापुर की ओर से बधाई संदेश प्राप्त हुआ है। इस संदेश में न केवल उनकी जीत की सराहना की गई, बल्कि असम के विकास में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई है। यह घटनाक्रम भारत और सिंगापुर के बीच बढ़ते रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी उजागर करता है। सिंगापुर के प्रतिनिधि ने अपने संदेश में कहा कि असम के नए कार्यकाल की शुरुआत राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें विकास और प्रगति की गति को और तेज किया जा सकता है। उन्होंने सरमा को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में असम नई ऊंचाइयों को छुएगा और क्षेत्रीय विकास का एक मजबूत केंद्र बनेगा। यह समर्थन केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें दीर्घकालिक साझेदारी का स्पष्ट संकेत भी शामिल था। सिंगापुर ने असम को एक भरोसेमंद सहयोगी बताते हुए कहा कि दोनों पक्षों के बीच पहले से जारी सहयोग को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। खासकर औद्योगिक निवेश, तकनीकी विकास, बुनियादी ढांचे और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में असम और सिंगापुर के बीच संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। राज्य में निवेश आकर्षित करने और आधुनिक उद्योगों को विकसित करने के लिए कई पहल की गई हैं, जिनमें सेमीकंडक्टर निर्माण, हरित ऊर्जा और शहरी विकास जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। इन प्रयासों ने असम को एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद की है। विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में दोनों पक्षों के बीच सहयोग को रणनीतिक माना जा रहा है। असम में विकसित हो रहे औद्योगिक क्षेत्रों और टेक्नोलॉजी आधारित परियोजनाओं में विदेशी भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य और कौशल विकास के क्षेत्रों में भी संयुक्त कार्यक्रमों पर काम आगे बढ़ रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को केवल एक कूटनीतिक संदेश के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे असम की बढ़ती वैश्विक पहचान का संकेत भी माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश की यह दिशा राज्य की आर्थिक संरचना को नई मजबूती देने में सहायक हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम अब क्षेत्रीय विकास से आगे बढ़कर वैश्विक साझेदारियों की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इस प्रकार के समर्थन संदेश यह दर्शाते हैं कि राज्य अब अंतरराष्ट्रीय निवेश और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। आने वाले समय में असम और सिंगापुर के बीच सहयोग के और गहरे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी बल्कि रोजगार और तकनीकी उन्नति के नए अवसर भी पैदा होंगे।
PAKISTAN KHYBER PAKHTUNKHWA BLAST: खैबर पख्तूनख्वा में भीषण बम धमाका: 9 की मौत, कई घायल; पाकिस्तान में सुरक्षा हालात पर फिर उठे सवाल

PAKISTAN KHYBER PAKHTUNKHWA BLAST: नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में मंगलवार को एक भीषण विस्फोट की घटना सामने आई, जिसमें कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई और 20 से अधिक लोग घायल हो गए। यह धमाका लक्की मारवत जिले के एक भीड़भाड़ वाले बाजार में हुआ, जहां रोजमर्रा की तरह काफी भीड़ मौजूद थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, विस्फोट एक लोडर रिक्शा में लगाए गए विस्फोटक उपकरण के फटने से हुआ। स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। धमाके के बाद पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी गई है और बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Unit) सबूत जुटाने में लगा हुआ है। TAMIL NEW MOVIE: साउथ सिनेमा में बढ़ा उत्साह, दशकों बाद साथ दिखेंगे रजनीकांत-कमल हासन, तृषा भी बन सकती हैं हिस्सा पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह विस्फोट उस समय हुआ जब बाजार में सामान्य गतिविधियां चल रही थीं, जिससे जान-माल का नुकसान ज्यादा हुआ। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या यह हमला किसी आतंकी संगठन द्वारा किया गया है या इसके पीछे कोई स्थानीय नेटवर्क शामिल है। इससे पहले भी खैबर पख्तूनख्वा में कई सुरक्षा घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिसमें पुलिस चौकियों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया था। हाल ही में बन्नू जिले में हुए एक हमले में कई पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस घटना की जांच तेज कर दी है और इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह धमाका पाकिस्तान में लगातार बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों की ओर इशारा करता है, जहां आम नागरिक बार-बार हिंसा और विस्फोटों का शिकार हो रहे हैं।
नीट यूजी परीक्षा रद्द, सीबीआई जांच के आदेश से हड़कंप, जल्द घोषित होगी नई परीक्षा तिथि

नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक नीट यूजी को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है, जिसने लाखों छात्रों और अभिभावकों को प्रभावित किया है। परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था ने 3 मई को हुई नीट यूजी परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की है। इस निर्णय के बाद अब परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, हालांकि नई तारीखों का ऐलान अभी नहीं किया गया है। यह परीक्षा देशभर में एमबीबीएस और अन्य मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित की गई थी, जिसमें लगभग 23 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा रद्द किए जाने का मुख्य कारण पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े गंभीर आरोप बताए जा रहे हैं, जिनकी पुष्टि के लिए विस्तृत जांच शुरू की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा के कुछ प्रश्नों और सामग्री के लीक होने की शिकायतें सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया। इसके बाद जांच एजेंसियों को मामले की जानकारी भेजी गई और सभी तथ्यों की समीक्षा की गई। जांच रिपोर्ट और शुरुआती निष्कर्षों के आधार पर यह पाया गया कि वर्तमान परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठना स्वाभाविक है, जिससे इसकी पारदर्शिता और विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया है और अब पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़े सभी दस्तावेज, रिकॉर्ड और जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि पूरे मामले की गहराई से जांच की जा सके। इस फैसले के बाद छात्रों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक तरफ परीक्षा रद्द होने से निराशा है, वहीं दूसरी ओर यह उम्मीद भी जताई जा रही है कि दोबारा परीक्षा अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी। परीक्षा प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने पहले आवेदन किया था, उन्हें दोबारा आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उनके आवेदन विवरण और परीक्षा केंद्र मान्य रहेंगे। इसके अलावा किसी भी अभ्यर्थी से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा और पहले जमा की गई फीस से जुड़े नियमों पर भी विचार किया जा रहा है। नई परीक्षा की तिथियों की घोषणा जल्द ही आधिकारिक रूप से की जाएगी। साथ ही एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी सूचनाएं भी नए शेड्यूल के अनुसार जारी की जाएंगी। प्राधिकरण ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें और किसी भी अफवाह से दूर रहें। इस पूरे घटनाक्रम ने देश की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि यह कदम लंबे समय में परीक्षा व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने के लिए जरूरी था। अब सभी की नजरें आगामी जांच और नई परीक्षा कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं, जो इस पूरे विवाद के बाद एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।
मनासा कोर्ट के बाहर बवाल: दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी, वीडियो आया सामने

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के नीमच जिले के मनासा नगर में सोमवार शाम कोर्ट परिसर के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब वैवाहिक विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर जमकर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मुख्य मार्ग पर दहशत का माहौल बन गया। घटना के बाद मौके पर मौजूद दुकानदारों ने तुरंत अपने शटर गिरा दिए, जबकि राहगीर जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए। कुछ ही देर में पूरी सड़क रणभूमि जैसी स्थिति में बदल गई। यह विवाद ग्राम मालाहेड़ा निवासी एक युवती के विवाह से जुड़ा बताया जा रहा है, जो चार साल पहले सावन कुंड क्षेत्र में हुआ था। आरोप है कि ससुराल पक्ष युवती को अपने साथ रखने से मना कर रहा था, जिससे मामला कोर्ट तक पहुंचा। इसी मामले में युवती का मामा सोमवार को मनासा कोर्ट पहुंचा था, जहां दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और पत्थरबाजी शुरू हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शांति भंग करने के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें से चार को एसडीएम कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। एसडीएम किरण आंजना ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थान पर हिंसा और शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मामले में क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली गई है और दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस के अनुसार, इस घटना में शामिल विभिन्न गांवों के लोगों की पहचान कर ली गई है और आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल इलाके में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।
असम के शपथ ग्रहण में दिखी अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी: अमेरिकी राजदूत की उपस्थिति ने बढ़ाया राजनीतिक महत्व

नई दिल्ली । असम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण क्षण उस समय देखने को मिला जब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस भव्य समारोह में न केवल देश के प्रमुख राजनीतिक नेता शामिल हुए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस आयोजन ने विशेष ध्यान आकर्षित किया। समारोह के दौरान भारत में अमेरिका के राजदूत की उपस्थिति सबसे अधिक चर्चा का विषय रही। उन्होंने इस कार्यक्रम में शामिल होने को अपने लिए सम्मान की बात बताया और कहा कि असम और अमेरिका के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच सहयोग के कई नए अवसर सामने आ रहे हैं, जो भविष्य में और अधिक विकसित हो सकते हैं। इस मौके पर अन्य देशों के राजनयिकों की उपस्थिति ने भी कार्यक्रम को एक अलग स्तर पर पहुंचा दिया। सिंगापुर के उच्चायोग की ओर से मुख्यमंत्री को बधाई दी गई और असम को एक भरोसेमंद साझेदार बताया गया। संदेश में यह भी कहा गया कि आने वाले समय में असम और सिंगापुर के बीच सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं, खासकर आर्थिक और विकासात्मक क्षेत्रों में। शपथ ग्रहण समारोह में देश के शीर्ष नेतृत्व की भी उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण बन गया। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस अवसर पर भाग लिया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई। हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर भी इस मौके पर चर्चा का विषय रहा। उन्होंने कुछ वर्ष पहले अपनी राजनीतिक दिशा बदलते हुए एक नए राजनीतिक दल के साथ अपनी यात्रा शुरू की थी, जिसके बाद पूर्वोत्तर भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। उनकी रणनीति और प्रशासनिक दृष्टिकोण को क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती का प्रमुख कारण माना जाता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में असम ने विकास और निवेश के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। राज्य में बुनियादी ढांचे, उद्योग और कनेक्टिविटी को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनका असर अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इस शपथ ग्रहण समारोह ने न केवल राजनीतिक स्थिरता का संदेश दिया, बल्कि यह भी संकेत दिया कि असम अब केवल क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
पाकिस्तान पर ईरानी विमान छिपाने के आरोप से मचा अंतरराष्ट्रीय विवाद, अमेरिका रिपोर्ट से बढ़ा तनाव, इस्लामाबाद ने किया खंडन

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और सीजफायर से जुड़े हालात के बीच पाकिस्तान को लेकर एक नई अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद बढ़ गया है। CBS न्यूज की रिपोर्ट में दावा किया गया कि ईरान के कुछ सैन्य विमान सीजफायर के बाद पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पर पहुंचे थे, जिनमें खुफिया और निगरानी से जुड़े विमान भी शामिल बताए गए। हालांकि इन दावों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठे, लेकिन पाकिस्तान ने इन सभी आरोपों को सख्ती से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि नूर खान एयरबेस पर ईरानी विमानों को “छिपाने” या “संरक्षण देने” जैसे दावे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन हैं। पाकिस्तान की ओर से जारी बयान में कहा गया कि सीजफायर के बाद क्षेत्रीय शांति प्रयासों के तहत कुछ बातचीत और कूटनीतिक गतिविधियां जरूर हुईं, लेकिन इसका किसी तरह के सैन्य विमान छिपाने या विशेष अनुमति से कोई संबंध नहीं है। मंत्रालय ने इसे “सनसनी फैलाने वाली और अटकलों पर आधारित रिपोर्ट” बताया। पाकिस्तान ने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले में एक जिम्मेदार और निष्पक्ष मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और सभी पक्षों के साथ पारदर्शी संवाद बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करने के लिए इस तरह की अपुष्ट खबरें फैलाई जा रही हैं। इस पूरे मामले में अब तक किसी भी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय संस्था या सरकार की ओर से इन दावों की पुष्टि नहीं की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सूचना युद्ध और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे अपुष्ट खबरें तेजी से फैल रही हैं। फिलहाल यह मामला मीडिया रिपोर्ट्स, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और कूटनीतिक खंडनों के बीच उलझा हुआ है और इसकी वास्तविक सच्चाई को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
पूर्व विधायक पर जमीन कब्जे के आरोप निकले बेबुनियाद, प्रशासन ने की साफ पुष्टि

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर तहसील में पूर्व विधायक Shishupal Yadav पर लगे जमीन कब्जे के आरोपों को प्रशासन ने पूरी तरह निराधार बताया है। यह विवाद 9 मई को हुए एक सीमांकन प्रकरण से जुड़ा है, जिसके बाद 10 मई को वायरल वीडियो सामने आने से मामला सुर्खियों में आ गया था। तहसीलदार द्वारा मंगलवार को जारी स्पष्टीकरण में कहा गया कि सीमांकन की पूरी कार्रवाई तत्कालीन एसडीएम के आदेश पर और नियमानुसार की गई थी। यह प्रक्रिया प्रकरण क्रमांक 0025/अ-74/2025-26 के तहत की जा रही थी, जिसमें खसरा नंबर 612/4/1 की लगभग 245 आरे भूमि का सीमांकन शामिल था। जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान दोनों पक्षों के प्रतिनिधि मौके पर मौजूद थे, लेकिन पूर्व विधायक शिशुपाल यादव वहां उपस्थित नहीं थे। जैसे ही सीमा चिन्ह लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई, कुछ लोगों ने इसका विरोध किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी। किसानों की ओर से लगाए गए आरोपों में कहा गया था कि जमीन पर जबरन कब्जा कराया जा रहा है और हाईकोर्ट के स्टे का उल्लंघन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में लगाए गए आरोपों की मौके पर कोई पुष्टि नहीं हुई और न ही किसी प्रकार का कब्जा या धमकी जैसी स्थिति पाई गई। तहसीलदार ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित खसरा भूमि एकल स्वामित्व वाली है और इसका हाईकोर्ट में चल रहे अन्य मामलों से कोई संबंध नहीं है। पहले इस भूमि का स्वामित्व अलग व्यक्ति के पास था, बाद में नामांतरण के बाद पूर्व विधायक का नाम दर्ज हुआ। प्रशासन के अनुसार सीमांकन के समय खेत में फसल कट चुकी थी और मौके पर किसी भी तरह की खेती या कब्जे की स्थिति नहीं पाई गई। केवल सीमा चिन्ह लगाने का विरोध किया गया था। अब प्रशासन की इस सफाई के बाद मामला शांत होने की बजाय राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है, जहां दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम हैं।
पन्ना में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में जमकर मारपीट और कुल्हाड़ी से हमला

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बीजाखेड़ा में मंगलवार को जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पिछले कई दिनों से चल रहे आपसी विवाद के चलते दो पक्ष आमने-सामने आ गए और मामला मारपीट तक पहुंच गया। जानकारी के अनुसार, यह विवाद सुमन चौधरी और काशीराम चौधरी के परिवारों के बीच पिछले लगभग आठ दिनों से चल रहा था। मंगलवार को दीवार गिराने को लेकर दोनों पक्षों में फिर से कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान लाठी-डंडों और कुल्हाड़ी का जमकर इस्तेमाल किया गया। झड़प में सुमन चौधरी के हाथ में कुल्हाड़ी लगने से गंभीर चोट आई, जबकि दूसरे पक्ष के काशीराम चौधरी के सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे वे भी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही शाहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका प्राथमिक उपचार और मेडिकल परीक्षण किया गया।पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे विवाद की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि विवाद का मूल कारण जमीन और सीमा पर बनी दीवार को लेकर चल रहा मतभेद था। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुलिस सतर्क है और मामले पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।