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पाकिस्तान 100 अरब बढ़ा रहा रक्षा बजट, क्या किसी बड़ी सैन्य तैयारी की ओर इशारा?

नई दिल्ली। पाकिस्तान सरकार अगले वित्त वर्ष में अपने रक्षा बजट में करीब 100 अरब पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी करने की तैयारी में है। यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के समर्थन वाले आर्थिक सुधार कार्यक्रम के तहत तैयार किए जा रहे नए बजट का हिस्सा है, जिसमें देश की कुल आय और खर्च दोनों में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2026-27 में पाकिस्तान का रक्षा खर्च लगभग 2.66 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकता है, जो मौजूदा वित्त वर्ष के 2.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं IMF ने अनुमान लगाया है कि इसी अवधि में पाकिस्तान की कुल संघीय आय 17.14 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 13.5 प्रतिशत अधिक है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान सरकार अपने वित्तीय ढांचे में सुधार के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसमें केंद्र और प्रांतीय खर्च को GDP के 0.2 प्रतिशत तक बढ़ाना, सभी सरकारी भुगतान को डिजिटल करना और भ्रष्टाचार प्रभावित संस्थानों की जांच शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा बजट में यह बढ़ोतरी पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और हथियारों की खरीद बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। हालांकि आर्थिक स्थिति अभी भी कमजोर है और IMF के अनुसार देश की लगभग 40 प्रतिशत आबादी आर्थिक रूप से कमजोर बनी हुई है। इसी बीच IMF मिशन पाकिस्तान में नए बजट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटा है, जिसे जल्द ही संसद में पेश किया जाएगा।

मां को दोष देना बंद करो, साइंस समझो: बच्चे की हालत बिगड़ने पर मां को ताने, डॉक्टर का फूटा गुस्सा

नई दिल्ली। बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर अक्सर परिवारों में सबसे पहले मां को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला पीडियाट्रिशियन डॉ. माधवी भारद्वाज के सामने आया, जहां 20 महीने के बच्चे को दौरे पड़ने पर परिवार ने मां की देखभाल पर सवाल उठाए। डॉक्टर ने बताया कि बच्चा अचानक बुखार और दौरे की स्थिति में अस्पताल लाया गया था, जहां समय पर इलाज देकर उसकी हालत को स्थिर कर दिया गया। इसके बावजूद घरवालों ने मां से कहा कि अगर उसने ठीक से ध्यान रखा होता, तो यह स्थिति नहीं आती। इस पर डॉ. माधवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लोगों को पहले मेडिकल साइंस समझनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों में तेज बुखार के दौरान फेब्राइल सीजर्स (दौरे) आम होते हैं और यह हमेशा लापरवाही का नतीजा नहीं होता। डॉक्टर ने यह भी कहा कि समाज में अक्सर मांओं को हर स्थिति के लिए दोषी ठहरा दिया जाता है, जबकि कई बार यह पूरी तरह मेडिकल कंडीशन होती है। उन्होंने अपील की कि लोगों को दोष देने के बजाय समाधान और सही इलाज पर ध्यान देना चाहिए।

Oppo Find X9s की लॉन्च से पहले कीमत और फीचर्स लीक, 7025mAh बैटरी और 50MP कैमरा से मचाएगा धमाल

नई दिल्ली। Oppo का नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Oppo Find X9s जल्द भारतीय बाजार में लॉन्च होने जा रहा है। लॉन्च से पहले फोन की संभावित कीमत और फीचर्स ऑनलाइन लीक हो गए हैं, जिससे टेक मार्केट में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oppo Find X9s की शुरुआती कीमत भारत में करीब 79,999 रुपये हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह कीमत ग्लोबल मार्केट के मुकाबले थोड़ी कम होगी। कंपनी इस फोन को 21 मई को लॉन्च कर सकती है और इसकी बिक्री Amazon, Flipkart और Oppo की आधिकारिक वेबसाइट पर होने की उम्मीद है। फीचर्स की बात करें तो फोन में 6.59 इंच का Full HD+ OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करेगा। स्क्रीन प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass 7i दिए जाने की संभावना है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 3nm आधारित MediaTek Dimensity 9500s प्रोसेसर मिल सकता है। वहीं, फोन में 7025mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो लंबे बैकअप के साथ फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी देगी। कैमरा सेक्शन में Hasselblad ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर शामिल होगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। यह स्मार्टफोन Android 16 आधारित ColorOS 16 पर काम करेगा और प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में Samsung और Apple को टक्कर दे सकता है।

चीन देगा रोबोट्स को ‘आधार कार्ड’ जैसी डिजिटल पहचान, हर ह्यूमनॉइड रोबोट की गतिविधि और परफॉर्मेंस होगी ट्रैक

नई दिल्ली। चीन अब इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए एक खास डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रहा है। इस सिस्टम के तहत रोबोट्स को यूनिक ID नंबर दिए जाएंगे, जिनकी तुलना भारत के आधार कार्ड जैसी पहचान व्यवस्था से की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह यूनिक ID करीब 29 अक्षरों का होगा, जिसमें रोबोट का ब्रांड, निर्माता, मॉडल, हार्डवेयर डिटेल्स, इंटेलिजेंस लेवल और फैक्ट्री रिकॉर्ड जैसी जानकारियां शामिल रहेंगी। इस पहचान प्रणाली के जरिए रोबोट की पूरी “डिजिटल लाइफ हिस्ट्री” ट्रैक की जा सकेगी। यह प्रोजेक्ट हुबेई ह्यूमनॉइड रोबोट इनोवेशन सेंटर की अगुवाई में विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ID सिस्टम से रोबोट की बैटरी की स्थिति, पुर्जों की घिसावट, लोकेशन और काम करने की सटीकता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन तेजी से फैक्ट्रियों, बिजनेस और सर्विस सेक्टर में ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। ऐसे में सुरक्षा निगरानी, तकनीकी मानकों और डेटा मैनेजमेंट के लिए एकीकृत सिस्टम की जरूरत महसूस की जा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम खराबी आने पर तेज कार्रवाई, बेहतर रखरखाव और डेटा सुरक्षा में भी मदद करेगा। चीन फिलहाल दुनिया में ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माण में सबसे आगे माना जा रहा है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। चीन ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए ‘आधार कार्ड’ जैसी यूनिक डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रहा है।इससे रोबोट की लोकेशन, बैटरी, परफॉर्मेंस और रखरखाव जैसी जानकारियों को ट्रैक किया जा सकेगा।

AI ने बदल दी कोडिंग की दुनिया? पूर्व Google CEO एरिक श्मिट बोले- पुराने तरीके से कोड लिखने वाले इंजीनियर रेस में पीछे

नई दिल्ली। एरिक श्मिट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया पिछले कुछ महीनों में तेजी से बदल गई है और पारंपरिक तरीके से कोड लिखने वाले इंजीनियर अब पीछे छूट रहे हैं। एक इंटरव्यू में श्मिट ने कहा कि पहले इंजीनियर एक-एक लाइन लिखकर कोड तैयार करते थे, लेकिन अब AI टूल्स ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। उनके मुताबिक, AI की मदद से कम समय में ज्यादा जटिल और शक्तिशाली सॉफ्टवेयर बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे युवा थे तब हाथों से कोडिंग करना सबसे बड़ी स्किल मानी जाती थी, लेकिन आज AI सिस्टम इतनी तेजी से कोड जनरेट कर रहे हैं कि टेक इंडस्ट्री की कार्यशैली ही बदल गई है। श्मिट ने कंपनियों और मैनेजर्स को सलाह दी कि वे अपनी इंजीनियरिंग टीमों से पूछें कि वे अभी भी पुराने तरीके से कोडिंग क्यों कर रही हैं, जबकि AI उत्पादकता को कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में एक अकेला डेवलपर भी AI की मदद से ऐसे ऐप बना सकेगा, जिनके लिए पहले पूरी टीम की जरूरत पड़ती थी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI डेवलपर्स की भूमिका खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनकी कार्यशैली और जरूरी स्किल्स को बदल देगा। अब इंजीनियरों के लिए AI टूल्स के साथ काम करना नई जरूरत बनता जा रहा है। पूर्व Google CEO एरिक श्मिट ने कहा कि AI ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया तेजी से बदल दी है और पारंपरिक तरीके से कोडिंग करने वाले इंजीनियर पीछे छूट रहे हैं। उनके मुताबिक, आने वाले समय में AI की मदद से कम लोग भी बड़े और जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर सकेंगे।

चीन में ट्रंप के काफिले में दिखी रहस्यमयी ऊंची SUV, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

नई दिल्ली। चीन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काफिले के दौरान दो अजीबोगरीब ऊंची छत वाली SUV गाड़ियां नजर आईं, जिनकी अनोखी बनावट ने सुरक्षा व्यवस्था और उनके काम को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना 13 मई को बीजिंग में ट्रंप की यात्रा के दौरान सामने आई, जब पूरा काफिला शहर से गुजर रहा था और ये रहस्यमयी गाड़ियां उसके साथ चल रही थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन SUV में से कुछ चीन की Hongqi कंपनी के मॉडल पर आधारित थीं, जबकि काफिले में शेवरले सबअर्बन, लिंकन नेविगेटर और फोर्ड ई-सीरीज जैसी मॉडिफाइड गाड़ियां भी शामिल थीं। खास बात यह रही कि इन गाड़ियों की छतों को सामान्य डिजाइन से हटकर काफी ऊंचा और कस्टमाइज किया गया था, जिससे अंदर अतिरिक्त उपकरण या सुरक्षा सिस्टम लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है। 这可能是你这辈子能见到的最顶级的安保力量。 就是这个北京街头刷屏的车队,拍摄的路人全程在喊卧槽,一长串黑色重型SUV,警灯闪烁,绵延几百米。 全网都在刷这个场面有多夸张,但其实90%的人都看错了,这根本不是特朗普的主车队。只是整个安保体系里,最不起眼的后勤支援部分。… pic.twitter.com/imDzL0NmLm — AYi (@AYi_AInotes) May 13, 2026 अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने इन गाड़ियों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है और यह भी साफ नहीं किया गया कि ये वाहन अमेरिकी दूतावास के थे या चीनी सुरक्षा एजेंसियों के। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी मॉडिफाइड SUV में एडवांस सर्विलांस सिस्टम, कम्युनिकेशन उपकरण या ड्रोन डिफेंस टेक्नोलॉजी जैसे सिस्टम हो सकते हैं, जो हाई-प्रोफाइल दौरों में सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। Are these two vehicles provided by the Chinese authorities as part of Trump’s convoy? Any idea what is installed on the top of the car on the right? https://t.co/XLCUsz940q pic.twitter.com/yhJ24FyVoe — Ryan Chan 陳家翹 (@ryankakiuchan) May 14, 2026 इन वाहनों की सबसे बड़ी खासियत उनकी ऊंची छत बताई जा रही है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इनमें खड़े होकर निगरानी करने या विशेष उपकरण लगाने की सुविधा हो सकती है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इनमें इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से जुड़े सिस्टम भी हो सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पूरा मामला अभी रहस्य बना हुआ है, लेकिन ट्रंप के काफिले में इन अनोखी SUV की मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और डिप्लोमैटिक प्रोटोकॉल पर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

कर्नाटक में CM पद पर सस्पेंस बरकरार: सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार की खींचतान तेज, कांग्रेस हाईकमान पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर अंदरूनी टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आता दिख रहा है। एक तरफ मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपनी सरकार को मजबूत करने और कैबिनेट विस्तार पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी नेतृत्व परिवर्तन की अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय हैं। इस पूरे मामले ने कांग्रेस हाईकमान के सामने एक नई राजनीतिक दुविधा खड़ी कर दी है। पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं के मुताबिक, सिद्धारमैया खेमे का फोकस कैबिनेट फेरबदल और खाली मंत्रिपदों को भरने पर है, जिससे सरकार और संगठन दोनों पर उनकी पकड़ मजबूत हो सके। उनका मानना है कि प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखना अभी प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी तरह के नेतृत्व बदलाव को फिलहाल टाल देना चाहिए। दूसरी ओर, डीके शिवकुमार खेमे का दावा है कि संगठन को मजबूत करने और विधानसभा चुनाव में जीत दिलाने में उनकी भूमिका अहम रही है, इसलिए उन्हें भी मुख्यमंत्री पद पर अवसर मिलना चाहिए। उनके समर्थक लगातार “अगले मुख्यमंत्री” जैसे पोस्टर और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए दबाव बना रहे हैं। कांग्रेस आलाकमान के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि किसी एक पक्ष के समर्थन से दूसरे खेमे में असंतोष पैदा हो सकता है, जिससे राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ने का खतरा है। यही वजह है कि पार्टी फिलहाल “इंतजार करो और देखो” की रणनीति पर काम कर रही है। हालांकि, हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि इस मुद्दे पर लंबे समय तक टालमटोल करना मुश्किल हो सकता है। आने वाले दिनों में कांग्रेस हाईकमान को यह तय करना होगा कि सिद्धारमैया के नेतृत्व को जारी रखा जाए या फिर डीके शिवकुमार को कमान सौंपकर सत्ता संतुलन बदला जाए।

Iran-US War : लेबनान में तनाव बढ़ा, इजरायल ने 9 इलाकों को खाली करने का दिया आदेश; होर्मुज को लेकर भी बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सीजफायर के दावों के बीच हालात फिर से बिगड़ते दिख रहे हैं, जहां एक तरफ अमेरिका संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर इजरायल ने लेबनान के कई इलाकों को खाली करने का आदेश जारी कर दिया है। दक्षिणी लेबनान में इजरायल ने 9 से अधिक कस्बों को खाली करने की चेतावनी दी है, जिससे पहले से विस्थापित लाखों लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कई लोग सीजफायर के बाद लौटे थे, लेकिन नए हालात के चलते एक बार फिर पलायन का खतरा पैदा हो गया है। इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी कम नहीं हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यदि बातचीत विफल होती है तो अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर दोबारा बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगले हफ्तों में हमलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह इसे “दोस्त देशों के लिए खुला और दुश्मनों के लिए सीमित” कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ सकता है। वहीं अमेरिका इसे खोलने के लिए दबाव बना रहा है। संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे पर टकराव देखने को मिला है, जहां ईरान ने चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी समर्थित प्रस्ताव का समर्थन करने वाले देशों को भविष्य के तनाव के लिए जिम्मेदार माना जाएगा।

पीएम मोदी की अपील का असर: CRPF-ITBP ने शुरू की ईंधन बचत मुहिम, पेट्रोल-डीजल बजट में 10% कटौती

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब सुरक्षा बलों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने ईंधन की खपत कम करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं, जिनमें वाहनों के उपयोग से लेकर प्रशासनिक यात्राओं तक में सख्त बदलाव शामिल हैं। CRPF ने सबसे बड़ा फैसला लेते हुए अपने पूरे वाहनों के ईंधन बजट में 10 प्रतिशत की कटौती लागू कर दी है। इसके तहत अब किसी भी अधिकारी को एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही मुख्यालय ने सभी इकाइयों से ईंधन बचत के नए सुझाव भी मांगे हैं ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके। सबसे दिलचस्प बदलाव ग्राउंड लेवल पर देखने को मिल रहा है, जहां CRPF ने तय किया है कि जिन इलाकों में संभव होगा, वहां मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग की जगह साइकिल से गश्त की जाएगी। इसका उद्देश्य न सिर्फ ईंधन की बचत करना है, बल्कि जवानों की फिटनेस को भी बेहतर बनाना है। हालांकि यह नियम संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लागू नहीं होगा। इसी तरह ITBP ने भी सख्त कदम उठाते हुए अपने अधिकारियों के सभी विदेशी दौरों पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों और स्थिर तैनाती वाले क्षेत्रों में वाहनों के उपयोग को भी सीमित करने का निर्देश जारी किया गया है, ताकि अनावश्यक ईंधन खपत को रोका जा सके। दोनों सुरक्षा बलों ने यह स्पष्ट किया है कि ईंधन बचत के इन उपायों का असर किसी भी हालत में देश की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियों पर नहीं पड़ेगा। आतंकवाद-रोधी अभियानों और सीमा सुरक्षा जैसी अहम ड्यूटी में लगे वाहनों को इस कटौती से पूरी तरह बाहर रखा गया है।

Honda City Facelift 2026: स्पोर्टी लुक और प्रीमियम फीचर्स के साथ 22 मई को होगा लॉन्च, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मिडसाइज सेडान सेगमेंट के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Honda अपनी लोकप्रिय कार City का नया फेसलिफ्ट मॉडल इसी महीने 22 मई को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस नए अवतार में कार को पहले से ज्यादा स्पोर्टी, प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से लैस बनाने की तैयारी कर रही है। खास बात यह है कि इस बार Honda City को युवाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे इसका लुक और फीचर्स दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई Honda City फेसलिफ्ट में डिजाइन के स्तर पर कई अहम अपडेट किए जाने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें Honda Prelude से प्रेरित नया फ्रंट डिजाइन दिया जा सकता है, जिसमें चौड़ा स्टांस, स्लिम LED हेडलाइट्स और अपडेटेड फ्रंट ग्रिल शामिल होगा। इसके अलावा फ्रंट बंपर को भी नया और ज्यादा एग्रेसिव लुक दिया जा सकता है, जिससे कार का पूरा फ्रंट पहले से ज्यादा स्पोर्टी और आकर्षक नजर आएगा। कार के रियर डिजाइन में भी कुछ कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें नए स्टाइल के अलॉय व्हील्स और हल्के डिजाइन अपडेट शामिल हो सकते हैं, जिससे फेसलिफ्ट मॉडल को मौजूदा वर्जन से आसानी से अलग पहचाना जा सकेगा। कंपनी इस मॉडल को ज्यादा प्रीमियम फील देने पर फोकस कर रही है ताकि यह अपने सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए रख सके। इंटीरियर की बात करें तो नई Honda City फेसलिफ्ट के केबिन में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, अपडेटेड डैशबोर्ड लेआउट और नए कंट्रोल्स दिए जा सकते हैं। हालांकि इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का बेसिक डिजाइन पहले जैसा रह सकता है, लेकिन कुल मिलाकर केबिन ज्यादा मॉडर्न और प्रीमियम फील देने वाला होगा, जिससे ड्राइविंग एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। फीचर्स के मामले में भी इस बार कंपनी कई एडवांस टेक्नोलॉजी जोड़ने की तैयारी में है। इसमें 360 डिग्री कैमरा, पावर्ड ड्राइवर सीट, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और नए सेफ्टी फीचर्स शामिल हो सकते हैं। इन अपडेट्स के जरिए Honda City को फीचर-लोडेड और ज्यादा वैल्यू फॉर मनी बनाने की कोशिश की जा रही है। इंजन की बात करें तो इसमें किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। नई City फेसलिफ्ट में वही 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है जो मौजूदा मॉडल में दिया जाता है। ट्रांसमिशन विकल्प भी पहले जैसे ही रहेंगे, जिसमें मैनुअल और CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स शामिल होंगे। कंपनी का फोकस इंजन बदलने के बजाय इसकी विश्वसनीयता और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बनाए रखने पर है। कुल मिलाकर, नई Honda City फेसलिफ्ट को एक ऐसे पैकेज के रूप में तैयार किया जा रहा है जो स्पोर्टी डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और प्रीमियम फील के साथ युवाओं और फैमिली दोनों को आकर्षित कर सके। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Hyundai Verna, Skoda Slavia और Volkswagen Virtus जैसी कारों से होगा और उम्मीद की जा रही है कि यह अपडेटेड मॉडल सेडान सेगमेंट में एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।