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फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में बड़ा एक्शन, साइबर क्राइम जांच में तेज़ी

नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता विजय की बहुचर्चित फिल्म ‘जन नायकन’ लीक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर कानून के तहत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में असिस्टेंट एडिटर प्रशांत, सेल्वम और बालाकृष्णन शामिल हैं, जिन्हें इस अवैध लीक का मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार फिल्म को 3 अप्रैल को अवैध तरीके से ऑनलाइन लीक किया गया था, जिसके बाद साइबर क्राइम यूनिट ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और अब तक कुल 9 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक यह फिल्म विजय के करियर की आखिरी फिल्म मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने राजनीति में सक्रिय होने के लिए फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली है। ‘जन नायकन’ का निर्देशन एच. विनोथ ने किया है और इसकी शूटिंग पहले ही पूरी हो चुकी थी। फिल्म को पोंगल 2026 में रिलीज किया जाना था, लेकिन राजनीतिक संवेदनशीलता और कुछ तकनीकी कारणों से इसकी रिलीज टाल दी गई। सेंसर बोर्ड की कमेटी अभी भी फिल्म का रिव्यू कर रही है और प्रमाणपत्र जारी होने का इंतजार किया जा रहा है। फिल्म में विजय के साथ बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, प्रकाश राज और गौतम वासुदेव मेनन जैसे बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। प्रोड्यूसर के. वेंकट नारायण ने पहले ही स्पष्ट किया था कि जैसे ही सेंसर सर्टिफिकेट मिलेगा, फिल्म को रिलीज कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनके लिए एक नया अध्याय है और फिल्म को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है। इधर फिल्म लीक मामले ने इंडस्ट्री में सुरक्षा और डिजिटल पाइरेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़कर आगे की जांच में जुटी हुई है।

CM रेवंत रेड्डी का बड़ा दावा, राहुल गांधी होंगे अगले लोकसभा चुनाव में INDIA ब्लॉक के PM चेहरे

हैदराबाद। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने राष्ट्रीय राजनीति को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान देते हुए कहा है कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी INDIA ब्लॉक की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे। हैदराबाद में आयोजित एक कॉन्क्लेव के दौरान उन्होंने यह बात कही और दावा किया कि जल्द ही कांग्रेस पार्टी इस संबंध में आधिकारिक घोषणा करेगी। राहुल गांधी को लेकर बड़ा दावामुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि राहुल गांधी का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना है और वे खुद उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा प्रधानमंत्री बनने की नहीं है, लेकिन हाल ही में विकाराबाद में हुई एक बैठक के दौरान मैंने उन्हें इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए तैयार किया है।” रेवंत रेड्डी के अनुसार, कांग्रेस जल्द ही राहुल गांधी के नाम को औपचारिक रूप से घोषित करेगी और इसके बाद INDIA ब्लॉक के सहयोगी दलों से भी समर्थन जुटाया जाएगा। INDIA ब्लॉक की रणनीति और नया विजनमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन की ओर से एक विस्तृत पॉलिसी डॉक्यूमेंट तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर जनता से जनादेश मांगा जाएगा। उन्होंने राजनीतिक शैली पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आज के समय में जनता तेज और सीधे परिणाम चाहती है, जिसे उन्होंने “स्विगी स्टाइल पॉलिटिक्स” की संज्ञा दी। बंदी संजय मामले पर तीखा बयानइस दौरान रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार से जुड़े POCSO मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बंदी संजय से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बेटे को पुलिस के सामने पेश करें और जांच में सहयोग करें। रेवंत रेड्डी ने कहा, “राजनीति करने के बजाय नैतिक जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और कानून का सामना करना चाहिए।” अवैध निर्माण और विकास परियोजनाओं पर बयानमुख्यमंत्री ने झीलों, तालाबों और सरकारी जमीनों पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम जनता के भविष्य के लिए जरूरी है। उन्होंने एक जापानी कहावत का उल्लेख करते हुए कहा कि लोग कई बातें भूल सकते हैं, लेकिन जल स्रोतों को नुकसान पहुंचाने वालों को कभी नहीं भूलते। उन्होंने मूसी नदी पुनरुद्धार परियोजना का भी जिक्र किया और कहा कि प्रभावित लोगों को सरकार की ओर से डबल-बेडरूम मकान, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएंगी। ‘फ्यूचर सिटी’ और विकास का विजनरेवंत रेड्डी ने ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ और ‘भारत फ्यूचर सिटी’ का विजन साझा करते हुए बताया कि हैदराबाद के पास लगभग 30 हजार एकड़ में हाई-टेक फ्यूचर सिटी विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में आईटी कंपनियों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और कृषि आधारित उद्योगों को शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट्स में से तीन हैदराबाद को मिले हैं और शमशाबाद में एक आधुनिक बुलेट ट्रेन हब भी विकसित किया जाएगा। पूर्व सरकार पर निशानामुख्यमंत्री ने पूर्व सरकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने केंद्र से अपेक्षित सहयोग नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार केंद्र के साथ बेहतर समन्वय बनाकर राज्य के विकास और फंडिंग को आगे बढ़ा रही है।

ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया पर फूटा मतभेद, संयुक्त बयान अटका; 63 बिंदुओं का अलग दस्तावेज जारी

नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में हुई ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर गंभीर मतभेद सामने आए, जिसके चलते इस बार कोई संयुक्त बयान जारी नहीं किया जा सका। बैठक में ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिली, जिससे साझा सहमति बनाना मुश्किल हो गया। इसके बाद अध्यक्ष की ओर से एक विस्तृत बयान जारी किया गया, जिसमें 63 बिंदुओं के जरिए सभी देशों के विचारों को शामिल किया गया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में ईरान ने मांग रखी थी कि इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए हमलों की निंदा ब्रिक्स मंच से की जाए, लेकिन इस पर सभी सदस्य देश सहमत नहीं हो सके। कुछ देशों ने कहा कि किसी एक पक्ष को सीधे तौर पर निशाना बनाना कूटनीतिक संतुलन के खिलाफ होगा, जबकि अन्य देशों ने क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए सख्त रुख अपनाने की वकालत की। इसी असहमति के कारण संयुक्त बयान पर सहमति नहीं बन सकी। बाद में जारी अध्यक्षीय बयान में कहा गया कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर सदस्य देशों के विचार अलग-अलग हैं, लेकिन सभी देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि संकट का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। बयान में अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर भी जोर दिया गया। बयान में यह भी कहा गया कि ब्रिक्स देशों ने एकतरफा प्रतिबंधों और अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत दंडात्मक उपायों की आलोचना की है। साथ ही मानवीय संकटों से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में फलस्तीन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, जिसमें 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फलस्तीन राज्य के समर्थन की बात दोहराई गई। इस तरह पश्चिम एशिया के संवेदनशील मुद्दों पर अलग-अलग दृष्टिकोण के कारण ब्रिक्स बैठक में एकजुटता की कमी दिखी, हालांकि संवाद और शांति की आवश्यकता पर सभी देशों ने सहमति व्यक्त की।

भारत-नेपाल सीमा पर ₹100 के सामान पर टैक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, सरकार के आदेश पर लगाई रोक

काठमांडू। भारत-नेपाल सीमा पर रोजमर्रा के सामान की खरीदारी करने वाले आम नागरिकों और छोटे व्यापारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेपाल की सर्वोच्च अदालत ने प्रधानमंत्री बालेन शाह सरकार के उस विवादित फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें भारत से नेपाल ले जाए जाने वाले 100 रुपये से अधिक मूल्य के सामान पर कस्टम ड्यूटी वसूली जा रही थी। सीमा पर बढ़ी सख्ती से लोगों को हुई परेशानीसरकार के इस नियम के लागू होने के बाद भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कस्टम चौकियों पर हालात काफी तनावपूर्ण हो गए थे। दैनिक उपयोग की वस्तुओं के साथ यात्रा करने वाले लोगों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। चिप्स, बिस्कुट, केले और अन्य छोटे-मोटे सामानों पर भी कस्टम विभाग की सख्ती देखी जा रही थी। ₹100 की सीमा तय होने के कारण आम नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों के बीच कई बार कहासुनी और विवाद की स्थिति भी बन गई थी। अधिवक्ताओं ने कोर्ट में दी थी चुनौतीइस फैसले के खिलाफ अधिवक्ता अमितेश पंडित, आकाश महतो, सुयोग्य सिंह और बिक्रम शाह ने नेपाल की सर्वोच्च अदालत में रिट याचिका दायर की थी। इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को हुई, जिसमें न्यायाधीश हरि प्रसाद फुयाल और न्यायाधीश टेक प्रसाद ढुंगाना की संयुक्त पीठ ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। सुप्रीम कोर्ट का अहम अंतरिम आदेशन्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अर्थ मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन द्वारा दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर इस तरह की सख्ती उचित नहीं है। कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए निर्देश दिया कि जब तक अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक बॉर्डर पर आम लोगों से दैनिक उपयोग के सामान पर कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा और स्थिति पूर्ववत सामान्य रखी जाएगी। व्यापारियों और यात्रियों को राहतइस फैसले के बाद सीमा क्षेत्र के छोटे व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। व्यापारियों का कहना है कि इस आदेश से अनावश्यक जांच-पड़ताल, विवाद और परेशानियों में कमी आएगी, जिससे सीमा पर व्यापार और आवाजाही पहले की तरह सुचारु हो सकेगी।

एड़ियों की दरारें बन सकती हैं दर्दनाक घाव, ऐसे करें समय रहते इलाज

नई दिल्ली । एड़ियों में दरारें (Cracked Heels) एक आम समस्या है, लेकिन अगर इन्हें समय पर ठीक न किया जाए तो ये दर्दनाक घाव और संक्रमण का कारण बन सकती हैं। खासकर गर्मी और सर्दी में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है। फटी एड़ियां क्यों होती हैं?त्वचा का ज्यादा सूखना (Dry skin)पैरों की सही सफाई न होनाखुली चप्पल या सैंडल पहननाशरीर में पानी की कमीडेड स्किन का जमा होना  एड़ियां ठीक करने के आसान घरेलू उपाय  1. गुनगुने पानी में भिगोनागुनगुने पानी में थोड़ा नमक या शैम्पू डालें10–15 मिनट पैरों को भिगोएंइससे डेड स्किन नरम हो जाती है और साफ करना आसान होता है  2. डेड स्किन हटाना (सावधानी से)हल्के हाथों से प्यूमिक स्टोन (पिसाई पत्थर) से सफाई करेंजोर से स्क्रैच न करें वरना घाव बन सकता है 3. मॉइस्चराइज़र लगाना जरूरीनहाने के बाद गाढ़ी क्रीम या वैसलीन लगाएंरात को सोने से पहले जरूर लगाएंफिर मोजे पहन लें ताकि नमी बनी रहे 4. एलोवेरा और घरेलू नुस्खेएलोवेरा जेल लगाना फायदेमंद हैशहद + ग्लिसरीन + गुलाब जल का मिश्रण भी असरदार हैयह त्वचा को मुलायम और हीलिंग में मदद करता है 5. अंदर से देखभाल (Diet & Hydration)खूब पानी पिएंविटामिन E और हेल्दी फैट वाला खाना लेंहरी सब्जियां और फल शामिल करें क्या न करेंफटी एड़ियों को हाथ से ज्यादा खुरचें नहींबिना मॉइस्चराइज़र पैरों को सूखा न छोड़ेंज्यादा देर नंगे पैर न चलें फटी एड़ियां छोटी समस्या लग सकती हैं, लेकिन लापरवाही से यह दर्द और संक्रमण में बदल सकती हैं। सही सफाई, मॉइस्चराइजिंग और घरेलू देखभाल से इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है।

उदयनिधि स्टालिन के बयान पर फिर विवाद, सफाई में क्या बोले DMK नेता?

चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति एक बार फिर ‘सनातन धर्म’ को लेकर गर्म हो गई है। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) नेता और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने अपने पुराने बयान पर उठे विवाद के बाद सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी धर्म या आस्था का विरोध करना नहीं है, बल्कि उस सामाजिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना है जो लोगों को ऊंच-नीच और जातियों में बांटती है। उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि जब उन्होंने विधानसभा में सनातन धर्म को लेकर टिप्पणी की थी, तब उनका आशय समाज में मौजूद जाति आधारित भेदभाव और असमानता से था। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी बातों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया। उनके अनुसार, समाज में समानता और न्याय स्थापित करना ही उनका मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और विचारधारा किसी भी धार्मिक आस्था के खिलाफ नहीं है। उन्होंने लिखा कि द्रविड़ आंदोलन की परंपरा हमेशा से सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों पर आधारित रही है। उन्होंने पेरियार, डॉ. भीमराव अंबेडकर, सी.एन. अन्नादुरई और एम. करुणानिधि जैसे नेताओं के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सोच इन्हीं मूल्यों से प्रेरित है। उदयनिधि ने कहा कि मंदिरों या धार्मिक स्थलों पर किसी को रोकने का सवाल ही नहीं उठता। उनका कहना था कि हर व्यक्ति को समाज और धार्मिक स्थलों में समान अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक विवाद पैदा हो रहा है। गौरतलब है कि यह विवाद नया नहीं है। इससे पहले सितंबर 2023 में भी उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने इसकी तुलना कुछ सामाजिक बुराइयों से करते हुए इसे खत्म करने की बात कही थी। उस बयान के बाद देशभर में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भारी विरोध हुआ था और मामला अदालत तक भी पहुंचा था, जहां उन्हें कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था। हाल ही में तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में अपने पहले भाषण में उन्होंने एक बार फिर इस मुद्दे को उठाया, जिससे विवाद दोबारा भड़क गया। विपक्षी दलों ने उनके बयान को धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया, वहीं डीएमके ने इसे सामाजिक न्याय की लड़ाई करार दिया। अब बढ़ते राजनीतिक दबाव और आलोचनाओं के बीच उदयनिधि स्टालिन ने अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। हालांकि, उनके बयान के समर्थन और विरोध में राजनीतिक माहौल लगातार गरमाया हुआ है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में मध्य प्रदेश बना देश का अग्रणी राज्य

भोपाल। हर जरूरतमंद परिवार को पक्का घर उपलब्ध कराने के संकल्प को साकार करते हुए मध्य प्रदेश ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन में देशभर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। प्रदेश में 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं, जिससे आवास निर्माण एवं हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने में देश के अग्रणी राज्यों में मध्य प्रदेश ने अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) अंतर्गत मध्य प्रदेश ने आवासों की ग्राउंडिंग में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। प्रदेश में 98.04 प्रतिशत आवासों की ग्राउंडिंग पूर्ण हो चुकी है। यह प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली का परिणाम है। वहीं 9 लाख से अधिक आवार्सी का निर्माण पूर्ण कर पात्र हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है। योजना के माध्यम से हजारों परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है, जिससे उनके जीवन स्तर, सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग एवं मध्यम आय वर्ग के शहरी परिवारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। योजना अंतर्गत हितग्राहियों को आवास निर्माण हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे मूलभूत सुविधाओं से युक्त पक्के घर में जीवन यापन कर सकें। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निर्माण कार्यों के चलते प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र शहरी परिवार को आवास योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से प्रदेश में न केवल आवास निर्माण को गति मिली है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास, रोजगार सृजन एवं सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिला है। राज्य शासन द्वारा भविष्य में भी योजना के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हेतु निरंतर प्रयास किए जाते रहेंगे।

फातिमा सना का ऐतिहासिक धमाका: 15 गेंदों में फिफ्टी ठोक WT20I में रचा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

नई दिल्ली। पाकिस्तान महिला टीम की कप्तान फातिमा सना ने जिम्बाब्वे के खिलाफ खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मैच में विस्फोटक बल्लेबाज़ी करते हुए क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा दिया। इस मुकाबले में फातिमा ने सिर्फ 15 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया और महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। मैच में पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 223 रन बनाए। फातिमा सना ने 19 गेंदों में 62 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 2 शानदार छक्के शामिल रहे। उनकी इस आक्रामक बल्लेबाज़ी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाज़ों को पूरी तरह बेबस कर दिया। 224 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम पाकिस्तान की घातक गेंदबाज़ी के सामने टिक नहीं सकी और मात्र 90 रनों पर सिमट गई। पाकिस्तान ने यह मुकाबला 133 रनों से जीतकर सीरीज 3-0 से अपने नाम कर ली। इससे पहले पाकिस्तान ने वनडे सीरीज में भी जिम्बाब्वे को 3-0 से हराया था। फातिमा सना से पहले महिला टी20 इंटरनेशनल में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड भारत की ऋचा घोष, न्यूजीलैंड की सोफी डिवाइन और ऑस्ट्रेलिया की फोबे लिचफील्ड के नाम संयुक्त रूप से था, जिन्होंने 18 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। लेकिन अब यह रिकॉर्ड 15 गेंदों पर पहुंच गया है। फातिमा का यह कारनामा सिर्फ WT20I तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला टी20 क्रिकेट के इतिहास में भी वह संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी लगाने वाली खिलाड़ियों में शामिल हो गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड मैरी केली और लॉरा हैरिस के नाम था। पाकिस्तान के लिए इससे पहले सबसे तेज टी20 फिफ्टी का रिकॉर्ड निदा डार के नाम था, जिन्होंने 2019 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 20 गेंदों में अर्धशतक लगाया था। लेकिन फातिमा सना ने इस रिकॉर्ड को काफी पीछे छोड़ दिया।

तेल संकट की टेंशन खत्म? रणनीतिक भंडारण बढ़ाने की नई योजना

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बने अनिश्चित माहौल के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की प्रमुख ऊर्जा कंपनी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने भारत में कच्चे तेल का रणनीतिक भंडारण बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। भारत का कच्चा तेल रिजर्व 70% तक बढ़ेगानई डील के तहत ADNOC भारत में अपने क्रूड स्टोरेज को बढ़ाकर लगभग 3 करोड़ बैरल तक ले जाएगा। इससे भारत के कुल रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार में करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। फिलहाल भारत के पास:लगभग 5.3 मिलियन टन (करीब 38 मिलियन बैरल) का रणनीतिक तेल भंडार हैजो विशाखापत्तनम, मंगलुरु और पादुर जैसे स्थानों पर स्थित है नए समझौते के बाद इसमें कई मिलियन बैरल का अतिरिक्त तेल स्टोरेज जुड़ जाएगा। संकट के समय भारत को मिलेगी बड़ी सुरक्षायह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल आपूर्ति को लेकर अस्थिरता बनी हुई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम भारत को किसी भी वैश्विक संकट, युद्ध या सप्लाई बाधा के समय मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करेगा। यूएई पहले से ही भारत के शीर्ष तेल आपूर्तिकर्ता देशों में शामिल है, और अब यह साझेदारी और गहरी होती जा रही है। LPG और ऊर्जा सहयोग भी बढ़ासिर्फ कच्चे तेल ही नहीं, बल्कि यूएई की कंपनी ADNOC ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के साथ LPG (रसोई गैस) सप्लाई और ट्रेडिंग को लेकर भी समझौता किया है।इससे:भारत में LPG सप्लाई मजबूत होगीदीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित होगीगैस की उपलब्धता पर दबाव कम होगा आगे की बड़ी योजनाएंभारत सरकार पहले से ही रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत:ओडिशा (चंडीखोल)कर्नाटक (पादुर)में नए स्टोरेज प्रोजेक्ट्स तैयार किए जा रहे हैं।इसके साथ ही देश 20–30 दिनों का LPG रिजर्व बनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। वैश्विक ऊर्जा रणनीति में भारत की मजबूत स्थितिUAE की यह पहल दिखाती है कि भारत वैश्विक ऊर्जा साझेदारी में तेजी से एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है। आने वाले वर्षों में यह साझेदारी न केवल तेल आपूर्ति को स्थिर करेगी, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम साबित हो सकती है।

Multani Mitti: गर्मियों में स्किन को देगा नेचुरल ग्लो, जानिए इस्तेमाल के तरीके

नई दिल्ली । गर्मी के मौसम में त्वचा पर तेल, पसीना और धूल जमने से चेहरा dull और चिपचिपा लगने लगता है। ऐसे में मुल्तानी मिट्टी एक पारंपरिक और असरदार स्किनकेयर उपाय माना जाता है, जो त्वचा को साफ, ठंडा और फ्रेश रखने में मदद कर सकती है।  मुल्तानी मिट्टी के असली फायदे 1. अतिरिक्त तेल को कम करती हैमुल्तानी मिट्टी त्वचा से एक्स्ट्रा ऑयल (sebum) को सोख लेती है, जिससे चेहरा कम ऑयली और ज्यादा साफ दिखता है। 2. गहरी सफाई (Deep cleansing)यह स्किन पोर्स से धूल, गंदगी और टॉक्सिन्स को हटाने में मदद करती है, जिससे ब्लैकहेड्स और पिंपल्स की समस्या कम हो सकती है। 3. ठंडक का एहसासगर्मी में इसका कूलिंग इफेक्ट चेहरे को राहत देता है और जलन या रैशेज में भी आराम मिल सकता है। 4. स्किन टोन को बेहतर बनाती हैनियमित इस्तेमाल से स्किन ज्यादा फ्रेश और even-toned दिख सकती है। मुल्तानी मिट्टी इस्तेमाल करने के आसान तरीके 1. ऑयली स्किन फेस पैक2 चम्मच मुल्तानी मिट्टीगुलाब जल1 चुटकी हल्दी  2. ग्लो के लिए फेस पैकमुल्तानी मिट्टीशहददूध या मलाई  3. पिंपल कंट्रोल पैकमुल्तानी मिट्टीनींबू का रस (कुछ बूंदें)गुलाब जल  4. गर्मी में कूलिंग फेस पैकमुल्तानी मिट्टीखीरे का रस  जरूरी सावधानियांबहुत ड्राई स्किन वाले लोग इसे ज्यादा न लगाएंहफ्ते में 2–3 बार से ज्यादा इस्तेमाल न करेंलगाने के बाद मॉइस्चराइज़र जरूर लगाएंअगर एलर्जी हो तो तुरंत बंद करें मुल्तानी मिट्टी एक नेचुरल, सस्ता और असरदार उपाय है जो गर्मियों में त्वचा को साफ, ठंडा और फ्रेश रखने में मदद करता है। लेकिन यह कोई “मैजिक स्किन ट्रीटमेंट” नहीं है—इसे सही तरीके और संतुलन के साथ इस्तेमाल करना ही बेहतर परिणाम देता है।