अपना रक्षा बजट बजट बढ़ाएगा पाकिस्तान…. 100 अरब की कर सकता है बढ़ोतरी

इस्लामाबाद। पाकिस्तान सरकार (Pakistan Government) अगले वित्त वर्ष में रक्षा बजट (Defense Budget) में करीब 100 अरब पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) (International Monetary Fund – IMF) समर्थित सुधार कार्यक्रम के तहत अपना बजट तैयार कर रही है, जिसमें राजस्व में भारी वृद्धि का अनुमान लगाया गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। मालूम हो कि पाकिस्तान ने पिछले साल भारत के खिलाफ बड़ा युद्ध हारा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तानी सेना को बुरी तरह से पराजित करते हुए कई ठिकानों पर मिसाइलों से हमले किए थे। संघर्ष के दौरान पाकिस्तान भारत से बुरी तरह से ‘पिटा’ था। ऐसे में अब अगले साल से रक्षा बजट के इतना बढ़ाए जाने से आशंका जताई जा रही है कि क्या पाकिस्तानी सेना कोई बड़ी तैयारी तो नहीं कर रही है और भारत के लिए बड़ा खतरा तो नहीं पैदा होने जा रहा? माना जा रहा है कि इसके जरिए वह अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाएगा और हथियारों की खरीद भी बढ़ा सकता है, जिससे मुनीर की सेना की ताकत में इजाफा होगा। अखबार ‘डॉन’ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि 2026-27 के लिए रक्षा खर्च 2.66 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये रहने का अनुमान है, जो चालू वित्त वर्ष में 2.56 लाख करोड़ रुपये है। रिपोर्ट के अनुसार, आईएमएफ ने 2026-27 में पाकिस्तान की कुल संघीय आय 17.14 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये रहने का अनुमान लगाया है। यह मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में दो लाख करोड़ रुपये से अधिक और करीब 13.5 प्रतिशत ज्यादा है। रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान ने केंद्र और प्रांतीय सरकारों के कुल खर्च को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 0.2 प्रतिशत तक बढ़ाकर 4.23 लाख करोड़ रुपये करने का वादा किया है। साथ ही जून 2027 तक केंद्र और प्रांतीय सरकारों के सभी भुगतानों को डिजिटल माध्यम से करने की योजना है। आईएमएफ कार्यक्रम से जुड़े व्यापक सुधारों के तहत सरकार इस वर्ष के अंत तक सबसे अधिक भ्रष्टाचार प्रभावित 10 संस्थानों की पहचान कर उनका विस्तृत अध्ययन और लेखा जांच करेगी। प्रांतीय भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसियों को भी मजबूत किया जाएगा। 40 फीसदी आबादी आर्थिक रूप से कमजोररिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जो लोग घोर गरीबी में जी रहे हैं और जिन्हें सामाजिक सहायता मिल रही है, उनके अलावा भी लगभग 40 फीसदी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर बनी हुई है। IMF का एक मिशन इस समय पाकिस्तान में है, जो 2026-27 के बजट से पहले बजट पर होने वाली चर्चाओं को अंतिम रूप देने के लिए आया है। उम्मीद है कि यह बजट अगले महीने की शुरुआत में कैबिनेट और संसद के सामने पेश किया जाएगा।
“सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार ने खुद चुना उत्तराधिकारी”, ललन सिंह के बयान से बिहार की राजनीति में हलचल

पटना। बिहार की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई, जब जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने मुख्यमंत्री पद और राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने सार्वजनिक मंच से कहा कि सम्राट चौधरी केवल बीजेपी की पसंद नहीं हैं, बल्कि उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं अपना उत्तराधिकारी चुना है। ललन सिंह के इस बयान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। इसे जदयू-बीजेपी गठबंधन के भीतर सत्ता हस्तांतरण और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर अहम संकेत माना जा रहा है। लखीसराय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ललन सिंह ने कहा, “जब नीतीश कुमार जी ने पद छोड़ने का निर्णय लिया, तब उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में सम्राट चौधरी जी को चुना। सम्राट चौधरी ने यह संकल्प लिया है कि वे नीतीश कुमार द्वारा दिखाए गए विकास के रास्ते पर आगे बढ़ते हुए विकसित बिहार के निर्माण का काम करेंगे।” राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान उन अटकलों का जवाब है, जिनमें कहा जा रहा था कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाना बीजेपी का एकतरफा फैसला था। ललन सिंह के बयान ने यह स्पष्ट करने की कोशिश की है कि इस बदलाव को नीतीश कुमार की सहमति और समर्थन प्राप्त था। बिहार की राजनीति में लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार के विकास एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार किया जा रहा है। हालांकि, जदयू के किसी वरिष्ठ नेता की ओर से पहली बार इतनी स्पष्टता के साथ यह बात सार्वजनिक रूप से कही गई है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी भी यह संकेत दे चुके थे कि सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का आशीर्वाद प्राप्त है, लेकिन उन्होंने उन्हें सीधे तौर पर राजनीतिक उत्तराधिकारी नहीं बताया था। ललन सिंह ने अपने संबोधन में यह भी दोहराया कि सम्राट चौधरी “विकसित बिहार” के विजन को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और नीतीश कुमार के शासन मॉडल को जारी रखने का संकल्प ले चुके हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे सम्राट चौधरी को औपचारिक तौर पर नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत का चेहरा बताने की कोशिश साफ दिखाई देती है।
PM मोदी का नीदरलैंड दौरा… यूरोप की सबसे बड़ी कंपनी ASML से टाटा की डील, खुलेंगे रोजगार के अवसर

दिल्ली। एएसएमएल और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स (ASML and Tata Electronics) के बीच हुए समझौते से भारत (India) में सेमीकंडक्टर उत्पादन (Semiconductor production) को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) की नीदरलैंड्स यात्रा (Netherlands trip) के दौरान हुए इस करार से तकनीक, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है.नीदरलैंड्स की प्रमुख तकनीकी कंपनी एएसएमएल ने शनिवार को टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक समझौते पर दस्तखत किए हैं, जिसके तहत भारत में सेमीकंडक्टर संयंत्र के निर्माण और विस्तार में सहयोग किया जाएगा. यह समझौता प्रधान/मंत्री नरेंद्र मोदी की नीदरलैंड्स यात्रा के दौरान हुआ और इसे उनकी मौजूदगी में अंतिम रूप दिया गया.एएसएमएल सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए अत्याधुनिक मशीनें बनाती है. कंपनी ने कहा कि वह भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में स्थित धोलेरा संयंत्र की स्थापना और उसकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी. यह संयंत्र प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य में बनाया जा रहा है. कंपनी ने बताया कि वह इस परियोजना में अपनी अत्याधुनिक लिथोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल करेगी.ये उपकरण हाई टेक माइक्रोचिप के तेज और बड़े पैमाने पर उत्पादन में काम आते हैं, जो कारों से लेकर मोबाइल फोन तक, कई आधुनिक उपकरणों में उपयोग किए जाते हैं.भारत‑नीदरलैंड्स आर्थिक साझेदारीयह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब भारत और नीदरलैंड्स ने आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक नया समझौता किया है. हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ था, जिसे यूरोपीय संघ प्रमुख उर्सुला फोन डेर लाएन ने “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा था.बाजार पूंजीकरण के हिसाब से यूरोप की सबसे बड़ी तकनीकी कंपनी एएसएमएल ने कहा कि उसे भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में “कई महत्वपूर्ण अवसर” दिखाई दे रहे हैं.कंपनी के सीईओ क्रिस्टोफ फूके ने एक बयान में कहा कि एएसएमएल इस क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है.टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स का यह संयंत्र लगभग 11 अरब डॉलर के निवेश से विकसित किया जा रहा है.इसमें तैयार होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल उद्योग और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में उपयोग किए जाएंगे. यूरोपीय संघ को भारत उन्नत तकनीक और निवेश का एक महत्वपूर्ण स्रोत मानता है, जिसका इस्तेमाल वह अपने यहां तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए करना चाहता है.दूसरी ओर, यूरोपीय संघ भारत को एक तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में एक बड़े बाजार के रूप में देखता है. प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की प्रगति देश के युवाओं के लिए बड़े अवसर पैदा कर रही है.उन्होंने कहा, “यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें हम आने वाले समय में और अधिक ऊर्जा जोड़ते रहेंगे” नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रोब येटेन ने कहा कि डच कंपनियां आने वाले वर्षों में भारत में बड़े पैमाने पर निवेश कर सकती हैं और वहां रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं.उन्होंने कहा, “यह डच कंपनियों के लिए भारत में निवेश करने के लिए अवसर देता है और साथ ही भारतीय प्रतिभाओं को नीदरलैंड्स आकर्षित करने के मौका भी पैदा करता है”
MP: बैतूल के मुलताई और पाढुर्णा में महसूस किए गए 3.9 तीव्रता के भूकंप के झटके, दहशत में आए लोग

बैतूल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बैतूल जिले (Betul district) में शनिवार रात को भूकम्प (Earthquake) के हल्के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल (Richter scale) पर जिनकी तीव्रता 3.9 मापी गई। इस बारे में नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) की तरफ से दी गई जानकारी में बताया गया कि, ये झटके रात 9 बजकर 31 मिनट व 2 सेकंड पर दर्ज किए गए। इस दौरान बैतूल के अलावा मुलताई (Multai), पांढुर्णा (Pandhurna) और आसपास के अन्य क्षेत्रों में धरती में कंपन महसूस किया गया। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार भूकंप का केंद्र बैतूल जिले में मुलताई के मानीखापा गांव के पास स्थित था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह केंद्र पचमढ़ी से लगभग 68 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पूर्व दिशा में जमीन से करीब 10 किलोमीटर नीचे की तरफ था। हालांकि खबर लिखे जाने तक प्राप्त जानकारी के अनुसार इन झटकों की वजह से जिले में किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं थी। भूकंप की तीव्रता 3.9 रिक्टर स्केल होने के बाद भी केंद्र की गहराई कम होने के कारण धरती पर कंपन ज्यादा महसूस हुआ। इस दौरान मुलताई और पांढुर्णा सहित कई इलाकों में तो लोग डर की वजह से काफी देर तक घरों के बाहर खड़े रहे। इसके बाद लोगों ने एक-दूसरे को फोन कर जानकारी ली और सुरक्षा को लेकर उनका हालचाल जाना। हालांकि राहत की बात यह रही कि खबर लिखे जाने तक किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई थी। उधर प्रशासन ने भी भूकंप को लेकर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सतर्क रहने की अपील की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में हल्के कंपन महसूस हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स की संभावना बनी रहती है। इसलिए प्रशासन ने लोगों को जर्जर भवनों से दूर रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी महसूस हुए भूकंप के झटकेमध्य प्रदेश के अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय क्षेत्र में भी शनिवार देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप के कारण कुछ देर के लिए लोगों में हल्की दहशत का माहौल बन गया, हालांकि किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय से उत्तर-पूर्व दिशा में करीब चार किलोमीटर दूर जमीन से पांच किलोमीटर नीचे स्थित था। प्रशासन के मुताबिक भूकंप के झटके केवल जिला मुख्यालय क्षेत्र तक सीमित रहे और जनपद की अन्य तहसीलों में इन्हें महसूस नहीं किया गया। राहत की बात यह रही कि कहीं से भी किसी प्रकार की क्षति की सूचना सामने नहीं आई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित

छतरपुर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) में एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की (Minor Tribal Girl) के साथ गैंगरेप का दर्दनाक मामला सामने आया है। शुक्रवार की रात बस स्टैंड पर जब पीड़िता होटल ढूंढ रही थी तब दो युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। वहां पहले से मौजूद एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों आरोपियों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर मारपीट कर फरार हो गए। सुबह पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। रात 12 बजे की घटनाजानकारी के मुताबिक, यह घटना रात के करीब 12 बजे की है। लड़की अपने किसी जानने वाले के साथ बस स्टैंड आई थी। जब वह व्यक्ति चला गया तो लड़की रात गुजारने के लिए किसी होटल या लॉज को ढूंढने लगी। इसी बीच 2 लड़के वहां आए। लड़की के साथ मारपीट, किया अगवा; गैंगरेपआरोपी लड़कों ने लड़की के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। उस कमरे में पहले से ही एक और लड़का मौजूद था। वहां इन तीनों ने मिलकर नाबालिग लड़की के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी लड़की को पीटकर वहां से भाग गए। पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए बनाई 10 टीमेंसुबह होते ही पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। छतरपुर के सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि आरोपियों ने लड़की का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपियों पर घोषित किया इनामपुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए ईनाम घोषित किया है। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। दावा किया है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
ब्रिटेन में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल, पद छोड़ने को हुए तैयार PM कीर… जल्द दे सकते हैं इस्तीफा

लंदन। ब्रिटेन (Britain) में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से प्रधानमंत्री कीर स्टारमर (Prime Minister Keir Starmer) अपना पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने करीबियों से कहा है कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कीर स्टारमर अपने हिसाब से आगे का कदम उठाएंगे। उन्हें इस्तीफा कब देना है, इसका विचार भी वह खुद ही करेंगे। क्यों खतरे में है कीर स्टारमर की सरकारजानकारी के मुताबिक यूके की लेबर सरकार संकटों से जूझ रही है। लोगों की इस सरकार में विश्वास कम हो गया है। लेबर पार्टी के पीटर मैंडलसन (Peter Mandelson.) का नाम एपस्टीन फाइल्स ( Epstein Files) में आने के बाद लोगों ने लेबर पार्टी पर अविश्वास जताया और स्थानीय चुनावों में इसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से कीर स्टारमर पर भी इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है। गुरुवार को ब्रिटेन में क्षेत्रीय चुनाव हुए। यह चुनाव 136 क्षेत्रों में आयोजित किए गए। अंतिम नतीजों के अनुसार लेबर पार्टी ने परिषद की उन 2,200 से ज़्यादा सीटों में से लगभग 1,200 सीटें गंवा दीं, जिन पर पहले उसका कब्ज़ा था। दक्षिणपंथी ‘रिफॉर्म यूके ‘ पार्टी स्पष्ट विजेता के तौर पर उभरी और उसने लगभग 1,400 सीटें जीतीं। बता दें कि लेबर पार्टी के ही 80 से ज्यादा सांसदों ने उनसे पद छोड़ने की अपील की है। बीते दिनों सरकार के तीन सदस्यों के इस्तीफा देने की बात भी सामने आई थी। निगेल फराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके को चुनावों का सबसे बड़ा विजेता माना जा रहा है। स्काई न्यूज के अनुसार, इसने अब तक 1,422 सीटें जीती हैं। लेबर पार्टी 980 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स और कंजरवेटिव पार्टी क्रमशः 834 और 754 सीटों के साथ तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।प्लाइड सिमरु, जो वेल्स की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध एक मध्य-वामपंथी पार्टी है, 43 सीटों के साथ वेल्स सेनेड में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। रिफॉर्म यूके 34 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि लेबर पार्टी नौ सीटों के साथ बहुत पीछे तीसरे स्थान पर है। वेल्स में 27 साल सत्ता में रहने के बाद लेबर पार्टी ने पहले ही हार स्वीकार कर ली थी। स्टारमर ने इस्तीफा देने से कर दिया था इनकारवहीं स्कॉटलैंड में, स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने सबसे अधिक 58 सीटें जीतीं लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक 65 सीटों से पीछे रह गई। लेबर और रिफॉर्म यूके 17-17 सीटों पर बराबरी पर हैं जबकि कंजर्वेटिव पार्टी की सीटें घटकर 12 रह गईं। अपनी पार्टी के लिए निराशाजनक नतीजों के बावजूद, स्टारमर ने इस्तीफा देने से मना करते हुए कहा था कि वह पीछे नहीं हटेंगे और देश को अराजकता में नहीं धकेलेंगे।
Europe Tour: नीदरलैंड में समकक्ष रॉब-शाही परिवार से मिले PM Modi…. अब जाएंगे स्वीडन

एम्स्टर्डम। चार यूरोपीय देशों के दौरे (Europe Tour) पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) अपनी यात्रा के पहले चरण में नीदरलैंड (Netherlands) में हैं। पीएम मोदी (PM Modi ) ने यहां के राजा विलियम (King William) और रानी मैक्सिमा (Queen Maxima) से मुलाकात के बाद डच प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी की। उन्होंने भारतीय प्रवासियों को भी संबोधित किया। नीदरलैंड के बाद पीएम मोदी स्वीडन जाएंगे, जहां उनके स्वागत की तैयारियां शुरू हो गई हैं। भारत और नीदरलैंड के बीच रक्षा उद्योग, समुद्री सुरक्षा से लेकर अंतरिक्ष तक सहयोग पर बातचीतप्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ हुई विस्तृत बातचीत को पीएम मोदी ने सफल करार दिया। उन्होंने एक्स हैंडल पर द्विपक्षीय वार्ता और जेटेन के साथ अलग से हुई चर्चाओं की झलकियों को साझा कर लिखा, ‘कई विषयों पर चर्चा हुई। इनमें से एक विषय रक्षा और सुरक्षा था। मैंने रक्षा उद्योग के लिए जल्द से जल्द एक कार्य योजना तैयार करने की संभावना पर चर्चा की।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड अंतरिक्ष यात्रा, समुद्री प्रणालियों और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड यात्रा की झलकियों को एक्स पर साझा करते हुए एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘भारत-नीदरलैंड साझेदारी का जीवंत सेतु भारतीय प्रवासी हैं। सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय के लिए ओसीआई कार्ड की पात्रता को चौथी पीढ़ी से छठी पीढ़ी तक बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हमारे निर्णय का नीदरलैंड में प्रवासी समुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया है!’ पीएम के नीदरलैंड दौरे के बाद दोनों देशों में क्या बदलेगा?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए। तकनीक, शिक्षा, सेहत और खनिज के अलावा नवाचार को लेकर भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। नीदरलैंड दौरे पर सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पर भी साझेदारी का निर्णय हुआ है। इसके तहत डच कंपनी ASPL और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स आपसी सहयोग बढ़ाएंगी। पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए फैसलों को ठोस और महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के विकास और समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा। पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंड संबंधों में काफी प्रगति हुई है: पीएम मोदीडच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंड संबंधों में काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, ‘हम नीदरलैंड को भारत के सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक मानते हैं।लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और जिम्मेदार व्यवहार भारत और नीदरलैंड के साझा दृष्टिकोण का हिस्सा हैं।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमें हर क्षेत्र में नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की गति और कौशल को शामिल करना चाहिए। नवाचार और निवेश का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमें इनोवेशन, निवेश, स्थिरता और रक्षा के क्षेत्रों में भारत-नीदरलैंड सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जरूरत है। हमारे साझा दृष्टिकोण के तहत, हम भारत-नीदरलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं।’ पीएम मोदी उम्र में दोगुने, लेकिन उत्साह युवाओं से कम नहींनीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ मुलाकात और द्विपक्षीय वार्ता के समय पीएम मोदी को अपनी ट्रेडमार्क परिधान कुर्ते और पायजामे और हाफ जैकेट के साथ शॉल लिए देखा गया। उनकी उम्र की तुलना में लगभग आधे, 38 साल के जेटेन कोर्ट-पैंट और टाई लगाए दिखे। दोनों की मुताकाल के कई वीडियो सामने आए हैं, इसमें देखा जा सकता है कि पीएम मोदी अपने डच समकक्ष की तुलना में भले ही उम्र में दोगुने बड़े हैं, लेकिन उनका उत्साह युवाओं से कम नहीं है। पीएम मोदी ने नीदरलैंड के 38 वर्षीय समकक्ष से की मुलाकातपीएम मोदी ने नीदरलैंड के शाही परिवार से मुलाकात के बाद 38 वर्षीय डच समकक्ष से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड में अपने समकक्ष रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। दोनों की मुलाकात का वीडियो भी सामने आया है। नीदरलैंड के शाही परिवार से मिले पीएम मोदी, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चाअपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द हेग में नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात की, जहां दोनों देशों के बीच मजबूत होते कूटनीतिक और आर्थिक रिश्तों पर चर्चा हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान भारत और नीदरलैंड के बीच सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन हाइड्रोजन और जल प्रबंधन जैसे भविष्य के क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया। भारतीय राजदूत पीएम मोदी के स्वीडन आगमन पर क्या बोले?स्वीडन में भारत के राजदूत अनुराग भूषण ने पीएम मोदी के दौरे पर कहा, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री रविवार को आ रहे हैं। दोनों की मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्य भी मौजूद रहेंगे। इस औपचारिक चर्चा के बाद शाम को प्रधानमंत्री दो व्यावसायिक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। वे स्वीडन के चुनिंदा सीईओ के एक समूह के साथ दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे। इसके अलावा, यूरोपियन राउंडटेबल ऑफ इंडस्ट्रीज का एक कार्यक्रम भी निर्धारित है। ये यूरोप के 60 शीर्ष सीईओ का एक समूह है। प्रधानमंत्री भारत और यूरोप के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीईओ के समूह के साथ भी बातचीत करेंगे। पीएम के आगमन पर गोथेनबर्ग में विशेष उत्साहउन्होंने कहा, प्रधानमंत्री स्वीडन में बेहद लोकप्रिय हैं। विशेष रूप से गोथेनबर्ग में बहुत ऊर्जा महसूस हो रही है क्योंकि प्रधानमंत्री पहली बार गोथेनबर्ग आ रहे हैं। भारतीय प्रवासियों का केंद्र होने के अलावा गोथेनबर्ग स्वीडिश उद्योग का केंद्र और नवाचार आधारित पारिस्थितिकी तंत्र भी है। यहां कई विश्वविद्यालय, संस्थान, विज्ञान और प्रौद्योगिकी प्रतिष्ठान हैं। पीएम मोदी स्वीडन दौरे पर वोल्वो के मुख्यालय जा सकते हैंयूरोप दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वीडन के समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर इस देश का दौरा करेंगे। अपनी विदेश यात्रा के तीसरे चरण में स्वीडन आगमन के बाद पीएम मोदी गोथेनबर्ग में वोल्वो के मुख्यालय भी जा सकते हैं। दोनों देशों के बीच अहम समझौते होने की उम्मीद है। भारतीय प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर वोल्वो ग्रुप के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) जेन्स होल्टिंगर ने कहा, पीएम मोदी की यात्रा हमारे लिए बहुत
MP में गर्मी ने दिखाए तेवर, 15 शहरों में तापमान 43 डिग्री के पार, खंडवा सबसे गर्म

भोपाल । मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। प्रदेश के इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे ज्यादा गर्मी की चपेट में हैं। शनिवार को खंडवा और नौगांव में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के 15 शहरों में पारा 43 डिग्री या उससे ऊपर पहुंच गया। रतलाम में तेज धूप और गर्म हवाओं का असर रहा। वहीं, राजधानी भोपाल में दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा नजर आया और लोग घरों में रहने को मजबूर दिखे। मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार, रविवार को रतलाम, खरगोन और खंडवा में तीव्र लू चलने की संभावना है। इन इलाकों में तापमान 44 डिग्री के पार जा सकता है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, बुरहानपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज और सीधी समेत कई जिलों में लू का असर बना रहेगा। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, श्योपुर, मंदसौर, देवास, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, शहडोल और कटनी सहित कई जिलों में भी तेज गर्मी पड़ने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है। विभाग के मुताबिक 17, 18 और 19 मई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी का दौर जारी रह सकता है। गौरतलब है कि अप्रैल के आखिरी दिनों से मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ था। 10 मई तक लगातार बारिश का असर देखने को मिला। इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवात और टर्फ सिस्टम सक्रिय रहे। 11 मई को मौसम साफ हुआ, लेकिन 12 से 15 मई के बीच फिर कई इलाकों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मई के शुरुआती 16 दिनों में से 13 दिन प्रदेश में मौसम का असर बना रहा। हालांकि, रविवार के लिए मौसम विभाग ने कहीं भी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है।
17 मई: नॉर्वे का राष्ट्रीय दिवस (Norwegian Constitution Day)

17 मई को हर साल नॉर्वे का राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है, जिसे Constitution Day (संविधान दिवस) भी कहा जाता है। यह दिन नॉर्वे के इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी दिन साल 1814 में नॉर्वे का संविधान अपनाया गया था। यह दिन क्यों मनाया जाता है?17 मई 1814 को नॉर्वे ने अपना संविधान अपनाया और स्वतंत्र लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी। यह दिन नॉर्वे की आजादी, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। इतिहास क्या है?1814 में नॉर्वे ने अपना संविधान तैयार किया यह संविधान ईड्सवोल (Eidsvoll) नामक स्थान पर अपनाया गया इसी के बाद नॉर्वे ने अपनी स्वतंत्र राष्ट्रीय पहचान मजबूत की कैसे मनाया जाता है यह दिन?नॉर्वे में यह दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है: बच्चों की परेड (Children’s Parades) निकाली जाती हैं लोग पारंपरिक पोशाक “बुनाद” पहनते हैं स्कूल, शहर और गांवों में झंडे फहराए जाते हैं संगीत, झंडा यात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं राजधानी ओस्लो में शाही परिवार लोगों का अभिवादन करता है इस दिन का महत्वयह नॉर्वे की आजादी और लोकतंत्र का प्रतीक है यह देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है बच्चों की भागीदारी इसे और खास बनाती है यह दुनिया के सबसे खुशहाल राष्ट्रीय समारोहों में से एक माना जाता है 17 मई का दिन नॉर्वे के लिए सिर्फ एक राष्ट्रीय अवकाश नहीं, बल्कि स्वतंत्रता, संविधान और लोकतंत्र का उत्सव है। यह दिन नॉर्वे के लोगों को उनकी सांस्कृतिक जड़ों और राष्ट्रीय पहचान से जोड़ता है। -17 मई नॉर्वे का राष्ट्रीय दिवस
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (World Hypertension Day): क्यों मनाया जाता है, इतिहास, महत्व और पूरी जानकारी

हर साल 17 मई को विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (World Hypertension Day) मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को उच्च रक्तचाप यानी ब्लड प्रेशर (BP) के बारे में जागरूक करना है, क्योंकि यह एक “साइलेंट किलर” बीमारी है जो बिना लक्षण दिखाए दिल, किडनी और दिमाग को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस क्यों मनाया जाता है?इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि: उच्च रक्तचाप एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है समय पर जांच और इलाज से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम किया जा सकता है लोग अपनी जीवनशैली में सुधार करें जैसे सही खान-पान, व्यायाम और तनाव कम करना नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है उच्च रक्तचाप क्या है?जब किसी व्यक्ति की धमनियों (arteries) में खून का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहा जाता है।सामान्य BP: लगभग 120/80 mmHgहाई BP: 140/90 mmHg या उससे अधिकयह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता। विश्व उच्च रक्तचाप दिवस की शुरुआत कब और किसने की?इस दिवस की शुरुआत World Hypertension League (WHL) ने की थीपहली बार इसे 2005 में मनाया गया थाबाद में इसे वैश्विक स्तर पर मान्यता मिलीइसका उद्देश्य दुनिया भर में हाई BP के प्रति जागरूकता फैलाना था इस दिन का महत्व क्या है?विश्व उच्च रक्तचाप दिवस का महत्व बहुत बड़ा है क्योंकि: दुनिया में हर 3 में से 1 व्यक्ति उच्च रक्तचाप से प्रभावित है यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक का प्रमुख कारण है कई लोग इसकी जांच ही नहीं कराते समय पर पहचान से जीवन बचाया जा सकता है इस दिन अस्पतालों, स्वास्थ्य संगठनों और सरकारों द्वारा जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। उच्च रक्तचाप के कारणज्यादा नमक का सेवन तनाव और चिंता मोटापा शारीरिक गतिविधि की कमी धूम्रपान और शराब अनियमित जीवनशैली लक्षण (Symptoms)अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, लेकिन कुछ मामलों में: सिरदर्द चक्कर आना सांस फूलना छाती में दर्द नजर धुंधली होना बचाव और नियंत्रण कैसे करें?नमक कम खाएं रोजाना व्यायाम करें (कम से कम 30 मिनट) वजन नियंत्रित रखें तनाव कम करें (योग/ध्यान) धूम्रपान और शराब से बचें नियमित BP जांच कराएंविश्व उच्च रक्तचाप दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हाई ब्लड प्रेशर एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली बीमारी है। सही जानकारी, समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हम इस “साइलेंट किलर” से बच सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। -विश्व उच्च रक्तचाप दिवस