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ईंधन महंगाई का असर: पेट्रोल-डीजल के बाद अब CNG के दाम भी बढ़े

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में CNG (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) के दाम एक बार फिर बढ़ा दिए गए हैं। शनिवार रात को थिंक एजेंसी द्वारा जारी नई दरों के मुताबिक CNG की कीमतों में ₹3 प्रति किलो तक की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद भोपाल में CNG का नया रेट ₹93.75 प्रति किलो तक पहुंच गया है। नई कीमतें आज से लागू हो चुकी हैं। भोपाल, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा जैसे जिलों में CNG की सप्लाई मुख्य रूप से THINK Gas द्वारा की जाती है। कंपनी की ओर से पिछले दो महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है, जिससे कुल मिलाकर CNG करीब ₹5 प्रति किलो तक महंगी हो चुकी है। लगातार बढ़ते ईंधन दामों से बढ़ी चिंतासीएनजी की कीमतों में यह बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब पहले ही पेट्रोल-डीजल और LPG के दामों में उछाल देखा जा चुका है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल के दामों में ₹3 से ₹3.50 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई थी। इसके अलावा घरेलू गैस सिलेंडर और दूध की कीमतों में भी पिछले महीनों में इजाफा हुआ है। भोपाल में पेट्रोल अब ₹109.71 प्रति लीटर और डीजल ₹94.88 प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। वहीं CNG की बढ़ी हुई कीमतों ने ऑटो, टैक्सी और CNG वाहनों की चलने लागत बढ़ा दी है। CNG वाहनों की बढ़ती संख्या पर असरपिछले तीन वर्षों में भोपाल में CNG वाहनों की बिक्री में लगभग 50% तक की बढ़ोतरी हुई थी। रोजाना 10 से 15 नए CNG वाहन सड़कों पर उतर रहे हैं। इसकी मुख्य वजह कम रनिंग कॉस्ट और पेट्रोल-डीजल की तुलना में सस्ता ईंधन था। लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों ने अब इस फायदे को कम कर दिया है। ऑटो चालकों और छोटे ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है, जिससे किराए बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। लगातार बढ़ती महंगाई का सिलसिलामार्च से मई 2026 के बीच मध्य प्रदेश में महंगाई का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले LPG सिलेंडर महंगा हुआ, फिर दूध, उसके बाद पेट्रोल-डीजल और अब CNG की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की रसोई और यात्रा दोनों का बजट बिगाड़ दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईंधन की कीमतों में यह बढ़ोतरी आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट, सब्जियों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर भी असर डाल सकती है। CNG की बढ़ती कीमतें आम उपभोक्ताओं के लिए एक और झटका साबित हो रही हैं। पहले से महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह बढ़ोतरी बजट और अधिक बिगाड़ सकती है।

होर्मुज संकट के बीच तेल बाजार में बढ़ा तनाव, रूस-अमेरिका से आई दो बड़ी खबरों ने बढ़ाई चिंता

नई दिल्ली। वैश्विक तेल बाजार पहले से ही होर्मुज स्ट्रेट में चल रहे तनाव के कारण दबाव में है, और अब दो नई घटनाओं ने स्थिति और गंभीर कर दी है। एक तरफ अमेरिका ने रूस के कच्चे तेल पर दी गई अस्थायी छूट (waiver) को समाप्त कर दिया है, तो दूसरी ओर रूस के रियाज़ान शहर में यूक्रेनी ड्रोन हमले ने एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी को नुकसान पहुंचाया है। अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले के बाद अब रूस से तेल खरीदने पर पहले जैसी राहत कई देशों को नहीं मिलेगी। मार्च और अप्रैल में दी गई सीमित छूट केवल पहले से लदे टैंकरों तक ही सीमित थी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक तेल आपूर्ति पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में पहले से ही अस्थिरता बनी हुई है। दूसरी ओर रूस के रियाज़ान में हुए ड्रोन हमले में एक बड़ी रॉसनेफ्ट रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जिससे भीषण आग लग गई। इस घटना में कम से कम चार लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर है। यह रिफाइनरी सालाना करोड़ों टन कच्चा तेल प्रोसेस करती है, जिससे इसकी क्षति को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और सैटेलाइट इमेज में आग और धुएं का विशाल गुबार देखा गया, जिसने तेल बाजार को और अधिक अस्थिर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन घटनाओं का असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों पर सीधे तौर पर पड़ सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच भारत समेत कई तेल-आयातक देशों पर दबाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि वैश्विक सप्लाई पहले से ही सीमित और अस्थिर बनी हुई है।

अमेरिका में भारतीय आम की धूम: Costco स्टोर्स तक पहुंचा केसर आम, कीमत और डिमांड दोनों ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली(New Delhi)। अमेरिका के सिएटल और आसपास के शहरों में इस समय भारतीय आमों की जबरदस्त एंट्री देखने को मिल रही है। खासकर केसर आम (Kesar Mangoes) अब सिर्फ छोटे इंडियन स्टोर्स तक सीमित नहीं रहे, बल्कि बड़े रिटेल चेन Costco में भी बिकने लगे हैं। इससे भारतीय आमों की ग्लोबल डिमांड और मजबूत होती दिख रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 के पैक में केसर आम करीब 19.99 डॉलर (लगभग ₹1,900) में बिक रहे हैं। सिएटल, लिनवुड, एडिसन और नॉर्थ ब्रंसविक जैसे शहरों में इनकी कीमत लगभग समान है। हालांकि भारत की तुलना में यह कीमत ज्यादा लगती है, लेकिन अमेरिका में यह प्रीमियम फ्रूट कैटेगरी में गिना जा रहा है। अमेरिका में भारतीय आमों की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए सिएटल स्थित भारतीय कॉन्सुल जनरल ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। हाल ही में उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भारतीय आमों को प्रमोट करते हुए बताया कि पिछले एक साल से लगातार प्रयास किए जा रहे थे ताकि भारतीय आम बड़े सुपरमार्केट नेटवर्क तक पहुंच सकें। अब इसका असर साफ दिख रहा है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, जहां से वैश्विक उत्पादन का करीब आधा हिस्सा आता है। केसर, अल्फांसो, दशहरी और लंगड़ा जैसे आम अपनी मिठास और खुशबू के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं। फिलहाल अमेरिकी बाजार में केसर आम सबसे पहले पहुंचे हैं और आने वाले समय में अन्य किस्मों के भी आने की संभावना है। अब तक भारतीय आम अमेरिका में केवल कुछ चुनिंदा एथनिक स्टोर्स में ही मिलते थे, लेकिन अब उनकी पहुंच मुख्यधारा के रिटेल बाजार तक बढ़ रही है। इसे विशेषज्ञ भारतीय कृषि निर्यात और ‘मैंगो डिप्लोमेसी’ के तौर पर भी देख रहे हैं, जिससे भारत के फलों की वैश्विक पहचान और मजबूत हो रही है।

आम आदमी पर बढ़ा बोझ: दिल्ली-एनसीआर में CNG के दाम बढ़े, कई शहरों में असर..

नई दिल्ली । दिल्ली-एनसीआर में एक बार फिर आम जनता को महंगाई का झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब CNG के दाम भी 2 रुपये प्रति किलो तक बढ़ा दिए गए हैं। इस फैसले के बाद दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत पूरे एनसीआर क्षेत्र में ईंधन के खर्च में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी और परिवहन लागत पर पड़ने की संभावना है। नई दरों के अनुसार, दिल्ली में CNG की कीमत बढ़कर लगभग 79 रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गई है। वहीं नोएडा और गाजियाबाद में यह दर बढ़कर करीब 87.70 रुपये प्रति किलो हो गई है। गुरुग्राम में भी कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यहां CNG लगभग 84 रुपये प्रति किलो के आसपास बिक रही है। इसके अलावा आसपास के कई शहरों में भी अलग-अलग दरों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में ईंधन की लागत बढ़ गई है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली जैसे शहरों में भी CNG के दाम बढ़कर लगभग 87 रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गए हैं। वहीं कानपुर, हमीरपुर और फतेहपुर जैसे क्षेत्रों में यह कीमत 90 रुपये प्रति किलो से भी ऊपर जा चुकी है। राजस्थान और यूपी के अन्य कई शहरों में भी 85 से 88 रुपये प्रति किलो के बीच नई दरें लागू हो गई हैं। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में बदलाव बताया जा रहा है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयातित गैस से पूरा करता है और वैश्विक स्तर पर आपूर्ति में कमी तथा मांग में वृद्धि के कारण लागत बढ़ गई है। इसी कारण इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड और महानगर गैस लिमिटेड जैसी कंपनियों की खरीद लागत बढ़ी, जिसका असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। हाल के समय में वैश्विक तनाव और आपूर्ति संबंधी बाधाओं के कारण ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है, जिससे ईंधन महंगा हो रहा है। सरकार की ओर से हालांकि यह कहा गया है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है। लेकिन CNG की कीमतों में यह बढ़ोतरी आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है, खासकर उन लोगों पर जो रोजाना सार्वजनिक परिवहन या गैस आधारित वाहनों का उपयोग करते हैं। इस बढ़ोतरी के बाद आने वाले दिनों में परिवहन लागत और सेवाओं के दामों पर भी असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई का दबाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इजरायल-ईरान तनाव चरम पर, लेबनान और गाजा में भीषण हमले, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता

नई दिल्ली(New Delhi)। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है, जहां इजरायल, ईरान, अमेरिका और हिजबुल्लाह के बीच हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए हैं। इजरायल में एक टेस्टिंग ग्राउंड पर हुए बड़े धमाके के बाद आसमान में उठे धुएं के बाद ‘मशरूम क्लाउड’ जैसे दृश्य देखे जाने से दहशत फैल गई, हालांकि इसे एक पहले से तय परीक्षण बताया जा रहा है। इसी बीच इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने दावा किया है कि उसने सीजफायर के बावजूद लेबनान में हिजबुल्लाह के करीब 100 ठिकानों पर हवाई और जमीनी हमले किए हैं। इन हमलों में आतंकी ढांचे, ऑब्जर्वेशन पोस्ट और हथियार डिपो को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर, हिजबुल्लाह भी इजरायली सेना पर ड्रोन और मोर्टार हमलों के वीडियो जारी कर रहा है, जिससे तनाव और गहराता जा रहा है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालिया संघर्ष में अब तक लगभग 2,969 लोगों की मौत और 9,000 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है। सिर्फ पिछले कुछ दिनों में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। गाजा पट्टी में भी हालात खराब हैं, जहां खान यूनिस से लेकर गाजा सिटी तक इजरायली सेना की भारी गोलाबारी और नौसैनिक हमले जारी हैं। शरणार्थी कैंप और रिहायशी इलाकों में भी फायरिंग से आम नागरिकों में दहशत का माहौल है। इधर ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा है कि नया ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा, जिसके तहत जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा और कुछ जहाजों पर प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अमेरिकी दबाव और नाकेबंदी की रणनीति का जवाब दिया जाएगा। अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि होर्मुज क्षेत्र में तनाव के कारण कई जहाजों को वापस लौटाया गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच खाड़ी देशों पर भी दबाव बढ़ रहा है, जहां ईरान ने कुछ देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल उसके विरोधियों के लिए न होने दें। वहीं क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और बयानबाजी ने हालात को बेहद संवेदनशील बना दिया है।

इंदिरा गांधी चाहती थीं कपूर परिवार से रिश्ता, राजीव गांधी के लिए देखी थी राज कपूर की बेटी

नई दिल्ली ।  फिल्म कलाकार और नेताओं के बीच दोस्ती और रिश्तेदारी का रिश्ता आम बात है। लेकिन क्या आप कपूर परिवार और गांधी परिवार की दोस्ती के बारे में जानते हैं? ये 60 के दशक के कुछ आखिरी सालों की बात है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राज कपूर के बीच दोस्ती और सम्मान का रिश्ता हुआ करता था। इंदिरा गांधी इस रिश्ते को इतना सम्मान देतीं थीं कि वो राजकपूर की बड़ी बेटी ऋतू कपूर को अपने घर की बहू बनाना चाहती थीं। बेटे राजीव गांधी की शादी राज कपूर की बेटी के साथ चाहती थीं इंदिरासीनियर जर्नलिस्ट रशीद किदवई ने अपनी किताब ‘नेता अभिनेता: बॉलीवुड स्टार पॉवर इन इंडियन पॉलिटिक्स’ में इंदिरा गांधी की इस ख्वाहिश का ज़िक्र किया है। उन्होंने अपनी किताब में बताया कि राज कपूर और इंदिरा गांधी के परिवार के बीच दोस्ती का रिश्ता था। लेकिन इंदिरा गांधी इस रिश्ते को रिश्तेदारी में बदलना चाहती थीं। वो बेटे राजीव गांधी की शादी राज कपूर की बड़ी बेटी ऋतू कपूर से करवाना चाहती थीं। ऋतू कपूर को बहू बनाना चाहती थीं इंदिरा गांधीरशीद किदवई ने अपनी किताब में आगे लिखा है कि इंदिरा गांधी को बॉलीवुड की बहू की तलाश नहीं थी और ना ही वो स्टार पॉवर से प्रभावित थीं। उनके मन में बस कपूर परिवार के लिए सम्मान और प्यार था। इसलिए वो दोस्ती रिश्तेदारी में बदलना चाहती थी। लेकिन ऋतू कपूर, इंदिरा गांधी की बहू नहीं बन सकी। इसकी वजह राजीव गांधी की जिंदगी में सोनिया की एंट्री थी। राजीव गांधी ने की सोनिया से शादीराजीव गांधी जब ब्रिटेन में अपनी पढ़ाई पूरी करने गए थे तब उनकी मुलाकात सोनिया गांधी से हुई। दोनों में प्यार हुआ और फरवरी 1968 में सोनिया और राजीव ने शादी कर ली। इस शादी के बाद हैदराबाद हाउस में ग्रैंड पार्टी रखी गई थी जिसमें राजीव के स्कूल और कॉलेज के दोस्त शामिल हुए। दूसरी तरफ 1969 में राज कपूर ने अपनी बेटी ऋतू कपूर की शादी उद्योगपति राजन नंदा से हो गई।कपूर परिवार राज कपूर ने अपने तीनों बेटों रंधीर, ऋषि और राजीव कपूर फिल्मों की राह दिखाई। तीनों बेटों ने सालों तक ऑडियंस को एंटरटेन किया। शानदार फिल्मों में काम किया। लेकिन सफल सिर्फ ऋषि कपूर ही हुए। वहीं एक्टर की दोनों बेटियां ऋतू और रीमा फिल्मों से दूर रही। शादी के बाद बच्चों और फिर ग्पोता-पोतियों में जीवन बीता। आज राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर, राजीव कपूर और बेटी ऋतू नंदा इस दुनिया में नहीं रहे। रणबीर कपूर फिल्मों में एक्टिव हैं। करिश्मा और करीना कपूर ने फिल्मों में अपनी कागा पहचान बनाई।

ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर संभव, विराट कोहली बन सकते हैं नंबर-1 या फिर साई सुदर्शन बरकरार

नई दिल्ली । आज आईपीएल 2026 में दो मैच खेले जाने हैं। पहला मैच पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होगा। वहीं दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स की टीम राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी। इस दौरान विराट कोहली, केएल राहुल, वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ी ऑरेंज कैप की रेस में आगे की तरफ बढ़ते हुए दिखाई देंगे। आईए एक नजर आईपीएल 2026 ऑरेंज कैप की लिस्ट पर डालते हैं- IPL 2026 ऑरेंज कैप लिस्टगुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन 554 रनों के साथ पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं जीटी के कप्तान शुभमन गिल 552 रनों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। हेनरिक क्लासेन इस सीजन 500 रन का आंकड़ा पार करने वाले तीसरे बल्लेबाज हैं, उनके नाम 508 रन है। ऑरेंज कैप की लिस्ट में चौथे पायदान पर आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैं। कोहली के नाम इस सीजन 484 रन दर्ज है। आज उनकी नजरें ऑरेंज कैप के साथ अपनी टीम को प्लेऑफ का टिकट दिलाने पर भी होगी। विराट कोहली को अगर ऑरेंज कैप हासिल करनी है तो कम से कम 71 रन बनाने होंगे, तभी वह साई सुदर्शन को लिस्ट में पछाड़ पाएंगे। लिस्ट में पांचवें पायदान पर अभिषेक शर्मा 481 रनों के साथ मौजूद हैं। ऑरेंज कैप की रेस में आज एक्शन में दिल्ली कैपिटल्स के केएल राहुल, राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी और पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह और कूपर कोनोली जैसे खिलाड़ी भी होंगे जो फिलहाल टॉप-5 से बाहर हैं। केएल राहुल के नाम इस सीजन अभी तक 477 रन दर्ज है, वह टॉप-5 से ज्यादा दूर नहीं है। वहीं वैभव सूर्यवंशी ने 11 मैचों में 440 रन बनाए हैं, उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स को 3 और मैच खेलने हैं। पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह 439 और कूपर कोनोली 436 रनों के साथ इस रेस में बने हुए हैं।इन सभी चारों बल्लेबाजों की नजरें आज टॉप-5 में अपनी जगह बनाने पर होगी। देखने वाली बात यह है कि इनमें से कौन कामयाब होता है और किसको इंतजार करना पड़ेगा।

KKR ने GT को 29 रन से हराया, हाईस्कोरिंग मुकाबले में प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा..

नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मैच नंबर-60 में शनिवार (16 मई) को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) का सामना गुजरात टाइटन्स (GT) से हुआ. कोलकाता के ईडन गार्डन्स में हुएइस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटन्स पर 29 रनों से जीत हासिल की. कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटन्स को जीत के लिए 248 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन वो 4 विकेट पर 218 रन ही बना सकी.इस जीत के चलते कोलकाता नाइट राइडर्स प्लेऑफ की रेस में अब भी बनी हुई है. मौजूदा सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. कोलकाता नाइट राइडर्स ने 12 में से 5 मुकाबले जीते हैं और उसके 11 अंक हैं. दूसरी ओर गुजरात टाइटन्स ने 13 मैच खेलकर 8 में जीत दर्ज की है. गुजरात टाइटन्स के 16 पॉइंट्स हैं. गुजरात की पारी की हाइलाइट्सरनचेज में गुजरात टाइटन्स की शुरुआत तूफानी रही. साई सुदर्शन और कप्तान शुभमन गिल ने मिलकर 42 रन जोड़े. जब सुदर्शन 23 रनों पर थे, तो उन्हें चोट की वजह से रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. इसके बाद क्रीज पर उतरे निशांत सिंधु (1 रन) कुछ खास नहीं कर पाए और उनका विकेट सुनील नरेन ने लिया. यहां से जोस बटलर और कप्तान शुभमन गिल ने मिलकर 128 रनों की साझेदारी कर गुजरात टाइटन्स को मैच में वापस लाने की कोशिश की. शुभमन ने 49 गेंदों पर 85 रन बनाए, जिसमें सात छक्के और पांच चौके शामिल रहे. शुभमन गिल स्पिनर सुनील नरेन की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में बाउंड्री लाइन पर अनुकूल रॉय के हाथों लपके गए. शुभमन के आउट होने के बाद साई सुदर्शन दोबारा बैटिंग के लिए उतरे, हालांकि उनकी इनिंग्स जरूरी रनरेट के हिसाब से रफ्तार नहीं पकड़ पाई. सुदर्शन ने 6 चौके और तीन छक्के की मदद से 28 बॉल पर 53* रनों का योगदान दिया. विकेटकीपर बल्लेबाज जोस बटलर का भी यही हाल रहा. बटलर ने 35 बॉल पर 57 रन बनाए, जिसमें 5 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. बटलर का विकेट तेज गेंदबाज सौरभ दुबे ने लिया. राहुल तेवतिया सिर्फ 2 रन बना सके और उनका विकेट कैमरन ग्रीन ने झटका. ऐसी रही कोलकाता नाइट राइडर्स की बैटिंगकोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए 2 विकेट पर 247 रन बनाए. कोलकाता नाइट राइडर्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही. कप्तान अजिंक्य रहाणे 14 रनों के निजी स्कोर पर चलते बने. रहाणे को तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने बोल्ड किया. इसके बाद फिन एलन और अंगकृष रघुवंशी ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 95 रनों की साझेदारी की. इस साझेदारी में फिन एलन का योगदान काफी ज्यादा रहा. एलन ने सिर्फ 35 बॉल पर 93 रन बनाए, जिसमें 10 छक्के और 4 चौके शामिल रहे. एलन को स्पिनर आर साई किशोर ने आउट किया.यहां से अंगकृष रघुवंशी और कैमरन ग्रीन के बीच तीसरे विकेट के लिए नाबाद 108 रनों की साझेदारी हुई, जिसने कोलकाता नाइट राइडर्स को विशाल स्कोर तक पहुंचाया. अंगकृष रघुवंशी ने 7 छक्के और 4 चौके की मदद से 44 बॉल पर नाबाद 82 रनों का योगदान दिया. वहीं कैमरन ग्रीन ने 28 बॉल पर 52* रनों की पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 4 छक्के शामिल रहे. कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटन्स के बीच इंडियन प्रीमियर लीग में अब तक 7 मुकाबले खेले गए हैं. इस दौरान कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2 मुकाबले जीते. जबकि गुजरात टाइटन्स को 4 मैचों में जीत हासिल हुई. इसके अलावा एक मुकाबला बारिश से भी धुला. मौजूदा सीजन में दोनों टीमों दूसरी बार आमने-सामने हुई हैं. 17 अप्रैल 2026 को खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटन्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को 5 विकेट से पराजित किया था. कोलकाता vs गुजरात h2hकुल IPL मैच: 7कोलकाता ने जीते: 2गुजरात ने जीते: 4बेनतीजा: 1कोलकाता नाइट राइडर्स की प्लेइंग-11: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरन ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, सौरभ दुबे और कार्तिक त्यागी. इम्पैक्ट सब: मथीशा पथिराना.गुजरात टाइटन्स की प्लेइंग-11: साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वॉशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, आर साई किशोर और मोहम्मद सिराज.इम्पैक्ट सब: राहुल तेवतिया.

घर का मुख्य द्वार: जहां छोटी-सी गलतियां रोक सकती हैं तरक्की, जानें वास्तु के जरूरी नियम

नई दिल्ली। घर का मुख्य द्वार वास्तु शास्त्र में सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है क्योंकि यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। माना जाता है कि अगर घर के प्रवेश द्वार के आसपास गलत चीजें रखी जाएं तो इसका सीधा असर परिवार की तरक्की, सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। इसलिए वास्तु में मुख्य द्वार को साफ, खुला और रोशनी से भरपूर रखने की सलाह दी जाती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, मुख्य द्वार पर कभी भी कूड़ा, टूटा-फूटा सामान या बेकार चीजें नहीं रखनी चाहिए। कई घरों में पुराने जूते-चप्पल या खराब सामान दरवाजे के पास रख दिया जाता है, जिसे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। इससे घर में तनाव और आर्थिक बाधाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए ऐसे सामान को तुरंत हटा देना चाहिए। इसके अलावा, मुख्य द्वार के सामने जूते-चप्पलों का ढेर लगाना भी शुभ नहीं माना जाता है। इससे घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है और वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। जूतों को हमेशा एक निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित रखना चाहिए ताकि घर का वातावरण साफ और संतुलित बना रहे। वास्तु के अनुसार, घर के प्रवेश द्वार पर सूखे या कांटेदार पौधे भी नहीं रखने चाहिए क्योंकि इन्हें अशुभ माना जाता है। इनके स्थान पर हरे-भरे और खुशबूदार पौधे जैसे तुलसी रखना शुभ माना जाता है। साथ ही, मुख्य दरवाजे पर पर्याप्त रोशनी होना भी जरूरी है, क्योंकि अंधेरा नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर की सुख-समृद्धि पर असर डाल सकता है।

भुवनेश्वर: ‘मंदिरों का शहर’ जहां पत्थरों में सांस लेता है इतिहास और हर मोड़ पर झलकती है आस्था

नई दिल्ली। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर को भारत का “टेंपल सिटी ऑफ इंडिया” कहा जाता है, जहां हर मोड़ पर आस्था और इतिहास की झलक देखने को मिलती है। यह शहर अपने प्राचीन मंदिरों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है, और यहां आने वाले पर्यटकों को एक अलग ही आध्यात्मिक अनुभव मिलता है। ऐतिहासिक तथ्यों के अनुसार, एक समय भुवनेश्वर में 2000 से भी अधिक मंदिर हुआ करते थे, हालांकि समय के साथ कई मंदिर नष्ट हो गए, लेकिन आज भी यहां 700 से ज्यादा प्राचीन मंदिर मौजूद हैं। इन मंदिरों में सबसे प्रमुख लिंगराज मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है और लगभग एक हजार साल पुराना माना जाता है। यह मंदिर कलिंग शैली की अद्भुत वास्तुकला का बेहतरीन उदाहरण है, जिसकी ऊंची मीनारें और पत्थरों पर की गई नक्काशी लोगों को आकर्षित करती है। भुवनेश्वर सिर्फ मंदिरों का शहर ही नहीं, बल्कि यहां की रोजमर्रा की जिंदगी भी धार्मिक परंपराओं से गहराई से जुड़ी हुई है। सुबह की शुरुआत मंदिरों की घंटियों और भजनों से होती है, जबकि फूल, दीपक और पूजा सामग्री से जुड़ा स्थानीय कारोबार भी इसी आस्था पर आधारित है। यहां के त्योहार पूरे शहर को आध्यात्मिक रंग में रंग देते हैं और ओडिया व्यंजनों में भी धार्मिक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। आज भुवनेश्वर आधुनिकता की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जहां नई इमारतें और बेहतर सुविधाएं विकसित हो रही हैं, लेकिन इसके बीच सदियों पुराने मंदिर आज भी अपनी पहचान बनाए हुए हैं। यही परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम भुवनेश्वर को एक खास और अद्वितीय शहर बनाता है, जहां हर आगंतुक इतिहास, संस्कृति और भक्ति का अनुभव एक साथ करता है।