लालच का वायरस, बना कारण जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग में 59 लाख की गड़बड़ी उजागर

जबलपुर । जबलपुर में स्वास्थ्य विभाग एक बड़े वित्तीय घोटाले को लेकर चर्चा में है, जहां करीब 59 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर विभाग में हड़कंप मच गया है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। यह मामला संजीवनी क्लीनिकों के कायाकल्प और NQAS सर्टिफिकेशन की तैयारियों के लिए जारी की गई राशि से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 58 संजीवनी क्लीनिकों को एक-एक लाख रुपये की राशि दी गई थी, ताकि रंगाई-पुताई और आवश्यक सुधार कार्य किए जा सकें, लेकिन आरोप है कि यह काम प्रस्तावित तरीके से पूरा नहीं हुआ। मामले के सामने आने के बाद यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि निर्धारित कार्यों के बिना ही पूरी राशि का उपयोग कर लिया गया। इसके चलते संजीवनी अस्पतालों और क्लीनिकों के सुधार कार्य अधूरे रह गए, जबकि सरकारी फंड खर्च हो चुका था। इस वित्तीय अनियमितता के उजागर होने के बाद राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सख्त रुख अपनाते हुए चार अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इनमें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. नवीन कोठारी, सहायक शहरी कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव, जिला क्वालिटी मॉनिटर शिखा गर्ग और लेखा प्रबंधक रेखा साहू शामिल हैं। अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि अगर तय मानकों के अनुसार NQAS सर्टिफिकेशन प्राप्त नहीं हुआ, तो संबंधित राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
IPL 2026 क्वालीफायर 1 में RCB का तूफान, विराट कोहली ने बनाया अनोखा रिकॉर्ड, गुजरात टाइटंस पर 92 रन की बड़ी जीत

नई दिल्ली । आईपीएल 2026 के क्वालीफायर 1 मुकाबले में धर्मशाला के मैदान पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुजरात टाइटंस को बड़े अंतर से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में टीम के प्रदर्शन के साथ-साथ विराट कोहली ने एक बार फिर अपने निरंतर खेल से इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। भले ही उनकी पारी लंबी नहीं रही, लेकिन उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया जो आईपीएल इतिहास में पहले कभी किसी बल्लेबाज ने हासिल नहीं किया था। विराट कोहली ने इस सीजन में 600 से अधिक रनों का आंकड़ा पार करते हुए लगातार चौथे सीजन में यह उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने चार लगातार सीजनों में 600 या उससे अधिक रन बनाए हैं। यह उपलब्धि उनके लंबे और स्थिर प्रदर्शन को दर्शाती है, जिसमें वह वर्षों से लगातार उच्च स्तर की बल्लेबाजी करते आ रहे हैं और टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देते रहे हैं। मैच के दौरान कोहली ने तेज शुरुआत करते हुए 25 गेंदों में 43 रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया और ऐसा लग रहा था कि वह एक बड़ी पारी खेल सकते हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के गेंदबाज जेसन होल्डर ने उन्हें क्लीन बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। इसके बावजूद उनकी छोटी लेकिन प्रभावशाली पारी ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए रजत पाटीदार ने जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने मात्र 33 गेंदों में नाबाद 93 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें चौकों और छक्कों की बरसात देखने को मिली। उनकी इस पारी ने गुजरात टाइटंस के गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में डाल दिया और टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ गई। पाटीदार के साथ क्रुणाल पांड्या ने भी 43 रनों की अहम पारी खेलकर टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में योगदान दिया। आरसीबी ने निर्धारित ओवरों में 254 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो आईपीएल प्लेऑफ इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बन गया। जवाब में गुजरात टाइटंस की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही और पूरी टीम 162 रनों पर सिमट गई। इस तरह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 92 रनों की बड़ी जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश कर लिया। विराट कोहली का यह रिकॉर्ड उनके करियर की निरंतरता और उत्कृष्टता का एक और प्रमाण है। लगातार चार सीजनों में 600 से अधिक रन बनाना यह दर्शाता है कि वह आज भी टी20 क्रिकेट में सबसे भरोसेमंद और प्रभावशाली बल्लेबाजों में से एक बने हुए हैं। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके प्रशंसकों के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे क्रिकेट जगत में भी चर्चा का विषय बन गई है।
Husband Wife Dispute: पत्नी की जिद से टूटा घर! पत्नी बोली – बॉयफ्रेंड के साथ इसी घर में रहूंगी

HIGHLIGHTS: ग्वालियर में पति ने पत्नी से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से मदद मांगी पत्नी पर बॉयफ्रेंड को घर में साथ रखने का दबाव बनाने का आरोप विरोध करने पर ईंट मारकर सिर फोड़ने का आरोप पत्नी बच्चों, पैसे और जेवर लेकर घर से भागी पुलिस महिला और बच्चों की तलाश में जुटी Husband Wife Dispute: मध्यप्रदेश। ग्वालियर से एक हैरान चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने अपनी ही पत्नी से जान का खतरा होने की आशंका जताई है। बता दें कि सिकंदर कंपू इलाके में रहने वाले राजकुमार कुशवाह ने एसपी ऑफिस पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि उसकी पत्नी पूनम कुशवाह उस पर अपने बॉयफ्रेंड को भी उसी के घर में रखने का दबाव बना रही थी। जब पती ने इसपर विरोध किया तो पत्नी ने उसके साथ मारपीट की और उसका सर फोड़कर फरार हो गयी। इसके बाद घायल हालत में राजकुमार सिर पर पट्टी बांधकर जनसुनवाई में पहुंचा और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान शादी के बाद थे 4 बच्चे राजकुमार के कहना है कि उसकी शादी साल 2008 में हुई थी, जिस्से उन्हें तीन बेटियां और एक बेटा है। शुरुआत म सबकुछ ठीक था लेकिन बा में दोनों के बिच झगडे़ होने लगे। अब पति ने आरोप लगाया है कि 22 जनवरी 2026 को उसकी पत्नी अचानक घर छोड़कर चली गई थी। काफी तलाश के बाद मार्च में वह वापस लौटी और उसने स्वीकार किया कि वह बॉयफ्रेंड कमल सेन के साथ गई थी। इसके बाद परिवार में विवाद और ज्यादा बढ़ गया। MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य पत्नी बोली बॉयफ्रेंड भी इसी घर में रहेगा पति ने आरोप लाया है कि जब पत्नी घर वापस लौटी तो उसने साफ शब्दों में कहा कि अगर मेरे साथ रहना है तो मेरे बॉयफ्रेंड को भी इसी घर में रखना होगा। जिसपर पति ने विरोध जताया तो पत्नी ने उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसके बाद विवाद बढ़ा तो पत्नी ने राजकुमार के सर पर ईंट से हमला करदिया जिससे उसे गंभीर चोटें आई। इसके बाद वह घर से सोने-चांदी के गहने, नकदी और चारों बच्चों को लेकर चली गई। उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ पुलिस कर रही महिला की तलाश मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सीएसपी अनुरागना सिरसाम ने बताया कि राजकुमार ने पत्नी और बच्चों के साथ जेवरात गायब होने की शिकायत की है। पति ने महिला के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और महिला व बच्चों की तलाश के लिए संबंधित थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं।
बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर

खंडवा । खंडवा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। इसी के तहत व्यापक कॉम्बिंग गश्त और विशेष कार्रवाई करते हुए करीब 200 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को जिला बदर भी किया गया है। पुलिस ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत थानों पर गुंडा परेड कराई जा रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस के सामने लाकर सख्त संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में करीब 450 से 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें पुलिस बल के साथ होमगार्ड और वन विभाग की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर क्षेत्र में नजर रखी जा सके। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। गली मोहल्लों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। इसके साथ ही साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। खंडवा एसपी अगम जैन ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है और शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई है, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भोपाल में IPS अधिकारी की बेटी ने की आत्महत्या , घर में फांसी लगाकर दी जान

भोपाल । भोपाल में एक दर्दनाक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है, जहां एक IPS अधिकारी की नाबालिग बेटी ने आत्महत्या कर ली। यह घटना हबीबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत पॉश इलाके चार इमली की बताई जा रही है, जहां छात्रा ने अपने घर पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी। जानकारी के अनुसार मृतिका 12वीं कक्षा की छात्रा थी और अपने परिवार के साथ रहती थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तत्काल हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतिका की पहचान IPS अधिकारी संजीव कंचन की बेटी के रूप में हुई है, जो वर्तमान में पुलिस मुख्यालय PHQ में AIG के पद पर पदस्थ हैं। इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोगों में गहरा शोक फैल गया है। पुलिस को शुरुआती जांच में मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हर एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है। जांच के तहत पुलिस मृतिका के मोबाइल फोन को खंगाल रही है, साथ ही उसके संपर्कों और हाल की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है ताकि घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही इस पूरे मामले में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। फिलहाल इस घटना ने पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
MP Police Bharti 2026: प्रधान आरक्षक और ASI भर्ती की फिजिकल परीक्षा 7 से 9 जून तक, आधार e-KYC अनिवार्य

भोपाल । भोपाल में मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती 2026 के तहत प्रधान आरक्षक कंप्यूटर और सहायक उप निरीक्षक कंप्यूटर के कुल 89 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण की घोषणा कर दी गई है। चयनित उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 7 से 9 जून तक आयोजित की जाएगी। यह फिजिकल टेस्ट भोपाल के लाल परेड ग्राउंड और जबलपुर के परेड ग्राउंड तथा 6वीं वाहिनी विसबल रांझी में संपन्न होगा। इस चरण में अभ्यर्थियों की 800 मीटर दौड़ सहित शारीरिक दक्षता से जुड़े अन्य परीक्षण किए जाएंगे। इसके साथ ही दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। सहायक पुलिस महानिरीक्षक चयन एवं भर्ती गोपाल सिंह धाकड़ ने जानकारी दी कि ऑनलाइन परीक्षा के बाद अगले चरण के लिए सूचना पत्र जारी कर दिए गए हैं। उम्मीदवार मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की आधिकारिक वेबसाइट से अपना सूचना पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी अभ्यर्थियों को तय तारीख और स्थान पर ही उपस्थित होना अनिवार्य होगा और इसमें किसी प्रकार का बदलाव संभव नहीं है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान आधार e-KYC का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सभी उम्मीदवारों को अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार नंबर लॉक न हो। इसके बिना सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा दस्तावेज परीक्षण के लिए अभ्यर्थियों को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी स्वयं प्रमाणित छायाप्रति साथ लाना जरूरी होगा। गौरतलब है कि इस भर्ती के लिए परीक्षा 24 और 25 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 8 मई 2026 को मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की वेबसाइट www.esb.mp.gov.in पर जारी किया जा चुका है। अब चयनित उम्मीदवार शारीरिक दक्षता परीक्षा के अगले चरण में शामिल होंगे, जो अंतिम चयन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
योग कार्यक्रम में चूक से विवाद , खजुराहो में VIP एंट्री पर NO ENTRY लिखने से मचा बवाल

खजुराहो । खजुराहो में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के काउंटडाउन के तहत आयोजित योग महोत्सव के दौरान उस समय बड़ी लापरवाही सामने आ गई जब कार्यक्रम स्थल पर VIP एंट्री गेट पर ही नो एंट्री का बैनर लगा दिया गया। यह घटना भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी ASI विभाग की ओर से की गई व्यवस्था में गंभीर चूक मानी जा रही है, जिसे लेकर मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई। यह पूरा मामला खजुराहो के विश्व प्रसिद्ध पश्चिमी समूह मंदिर परिसर का है, जहां योग महोत्सव के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। इसी परिसर में VIP प्रवेश के लिए बनाए गए गेट पर अचानक NO ENTRY का बैनर नजर आया, जो कैमरों में कैद हो गया। जैसे ही यह वीडियो सामने आया, विभागीय अधिकारियों की नींद उड़ गई और तुरंत आनन फानन में बैनर को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। स्थिति को संभालने के लिए उस बैनर को लाल कपड़े से ढक दिया गया और उसे वहां से हटा दिया गया। दिलचस्प बात यह रही कि इसी VIP गेट से बाद में केंद्रीय आयुष मंत्री प्रताप जाधव योग महोत्सव में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम Yoga for Healthy Aging थीम पर आधारित था और इसका उद्देश्य योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना था। लेकिन आयोजन से पहले हुई इस गलती ने पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कार्यक्रम में केंद्रीय आयुष मंत्री के अलावा प्रदेश के आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, सांसद वी.डी. शर्मा और राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से इस आयोजन से जुड़े। इसी कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश सरकार ने आयुष क्षेत्र के विस्तार और विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी साझा कीं। बताया गया कि राज्य में पिछले ढाई वर्षों में 9 नए आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी महाविद्यालय शुरू किए गए हैं, जो स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके साथ ही खजुराहो में 15 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का हाईटेक आयुष वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना भी सामने आई है। यह सेंटर न केवल देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए उपयोगी होगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी आधुनिक आयुष सुविधाएं प्रदान करेगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर ऐसे वेलनेस सेंटर एमपीटी के सहयोग से विकसित किए जा रहे हैं। पूरे मामले में जहां एक ओर आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे, वहीं दूसरी ओर आयुष और योग के विस्तार को लेकर सरकार ने अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।
व्रत-त्योहारों का विशेष संगम बनेगा जून 2026, निर्जला एकादशी और कामाख्या अंबुबाची मेला रहेंगे मुख्य आकर्षण

नई दिल्ली । जून 2026 का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान कई प्रमुख व्रत, पर्व और धार्मिक आयोजन एक साथ देखने को मिलेंगे। पूरे महीने श्रद्धालुओं के लिए उपवास, पूजा-पाठ और तीर्थ से जुड़े अवसरों की श्रृंखला रहेगी, जिससे यह अवधि भक्ति और परंपरा का विशेष संगम बन जाएगी। इस महीने का धार्मिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसमें कई ऐसे व्रत और पर्व शामिल हैं जिनका पालन देशभर में बड़ी आस्था के साथ किया जाता है। जून की शुरुआत से ही विभिन्न मासिक व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम शुरू हो जाएगा। श्रद्धालु इस दौरान उपवास रखकर भगवान की आराधना करेंगे और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होगा। महीने के मध्य में एकादशी, प्रदोष व्रत और अमावस्या जैसे महत्वपूर्ण पर्वों का संयोग देखने को मिलेगा, जिन्हें हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। इन अवसरों पर भक्तगण आध्यात्मिक शुद्धि और मन की शांति के लिए विशेष साधना करते हैं। मध्य जून में ज्येष्ठ मास से जुड़ी धार्मिक परंपराओं का विशेष महत्व रहेगा, जिसमें दान-पुण्य और व्रत का पालन प्रमुख रूप से किया जाता है। इस अवधि में विभिन्न देवताओं की आराधना के लिए विशेष अनुष्ठान किए जाते हैं और धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है। यह समय आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मचिंतन और साधना का माना जाता है, जिसमें लोग अपने जीवन में सकारात्मकता और संतुलन लाने का प्रयास करते हैं। जून 2026 का सबसे महत्वपूर्ण व्रत निर्जला एकादशी रहेगा, जिसे वर्ष की सबसे कठिन एकादशियों में से एक माना जाता है। इस व्रत में श्रद्धालु बिना जल ग्रहण किए उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की विशेष आराधना करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत के पालन से सभी एकादशियों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है, जिससे इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। इसी महीने असम के गुवाहाटी स्थित कामाख्या मंदिर में प्रसिद्ध अंबुबाची मेला भी आयोजित होगा, जो शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यह मेला 22 जून से 26 जून तक आयोजित होने की संभावना है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु शामिल होते हैं। मान्यता के अनुसार इस दौरान देवी कामाख्या का वार्षिक रजस्वला काल माना जाता है, जिसके चलते मंदिर कुछ दिनों के लिए बंद रहता है और बाद में विशेष पूजा के साथ पुनः दर्शन शुरू होते हैं। यह आयोजन तांत्रिक साधना और शक्ति आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। महीने के अंत में वट पूर्णिमा व्रत और शनि प्रदोष जैसे कई अन्य धार्मिक पर्व भी मनाए जाएंगे, जिनका विशेष महत्व परिवारिक सुख-समृद्धि और आस्था से जुड़ा होता है। वट पूर्णिमा विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला व्रत है, जिसमें वे वट वृक्ष की पूजा कर अपने परिवार की दीर्घायु और खुशहाली की कामना करती हैं। इस दौरान मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना का माहौल रहता है। इस प्रकार जून 2026 का पूरा महीना धार्मिक गतिविधियों, व्रत-त्योहारों और आध्यात्मिक आयोजनों से परिपूर्ण रहेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था, परंपरा और भक्ति का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करेगा।
उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ

उज्जैन । उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इलेक्ट्रिक साइकिल की सौगात दी। यह ई-साइकिलें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व निधि के तहत एक कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी क्योंकि इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल पर होने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में ई-साइकिल एक बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनकर सामने आई है, जो कामकाज को सरल और सुलभ बनाएगी। डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आई बहनों को यह ई-साइकिल उनके फील्ड वर्क में काफी मदद करेगी। उन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में देश ने सुशासन और विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में यह गति और तेज होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वे बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी तरह देश की सेवा करते रहें और देश को आगे बढ़ाते रहें। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राजस्थान के मांगणियार मुस्लिम कलाकारों की कृष्ण भक्ति परंपरा ने संगीत जगत में रचा सांस्कृतिक एकता का अनोखा अध्याय

नई दिल्ली । राजस्थान की लोकसंगीत परंपरा में मांगणियार समुदाय का नाम विशेष सम्मान और सांस्कृतिक गौरव के साथ लिया जाता है। यह समुदाय सदियों से अपनी अनोखी संगीत साधना और पारंपरिक गायन शैली के लिए जाना जाता है, जिसने उन्हें न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाई है। इन कलाकारों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इनकी संगीत यात्रा की शुरुआत धार्मिक सीमाओं से परे जाकर कृष्ण भजनों और मीराबाई के पदों से होती है, जो भारतीय संस्कृति की गहरी एकता और समरसता को दर्शाती है। मांगणियार समुदाय राजस्थान के उन क्षेत्रों से जुड़ा रहा है जहां लोकसंस्कृति और दरबारी परंपराओं का गहरा प्रभाव रहा है। ऐतिहासिक रूप से ये कलाकार राजपूत शासकों और जमींदार परिवारों के संरक्षण में रहते हुए दरबारी संगीतकार के रूप में अपनी सेवाएं देते थे। उस दौर में अधिकांश संरक्षक परिवार कृष्ण भक्ति से जुड़े थे, जिसके कारण सुबह के समय भजन गायन की परंपरा विकसित हुई। यह परंपरा समय के साथ केवल एक धार्मिक अभ्यास न रहकर एक सांस्कृतिक पहचान बन गई और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ती रही। आज भी यह परंपरा जीवित है जहां मांगणियार कलाकार अपने दैनिक अभ्यास की शुरुआत पारंपरिक रीति से करते हैं। वे अपने वाद्य यंत्रों के साथ जब रियाज शुरू करते हैं, तो सबसे पहले कृष्ण भक्ति और मीरा के पदों की गूंज सुनाई देती है। यह अभ्यास केवल संगीत की तैयारी नहीं बल्कि एक आध्यात्मिक अनुशासन भी माना जाता है, जो उनकी गायकी को गहराई और आत्मीयता प्रदान करता है। इसी परंपरा ने राजस्थान के लोकसंगीत को एक ऐसा स्वरूप दिया है जो धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं से ऊपर उठकर इंसानी भावनाओं को जोड़ता है। मांगणियार कलाकारों की यह संगीत परंपरा समय के साथ व्यापक मंचों तक पहुंची है। लोकधुनों और पारंपरिक गायकी की यह शैली अब फिल्मी संगीत और आधुनिक प्रस्तुतियों में भी अपनी जगह बना चुकी है। इस समुदाय के कई कलाकारों ने अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान बनाई है। उनकी गायकी में राजस्थान की मिट्टी की सादगी, लोकधुनों की गहराई और सांस्कृतिक विरासत की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। इस परंपरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ीगत शिक्षा प्रणाली है, जिसमें बच्चे बचपन से ही संगीत की बारीकियां सीखना शुरू कर देते हैं। घरों में ही उन्हें राग, ताल और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की शिक्षा दी जाती है, जिससे उनकी कला में स्वाभाविक निखार आता है। यह निरंतर अभ्यास और पारिवारिक परंपरा ही उनकी गायकी को विशिष्ट बनाती है और उसे वैश्विक मंचों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज मांगणियार संगीत केवल एक क्षेत्रीय परंपरा नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन चुका है। कृष्ण भजनों से शुरू होकर आधुनिक मंचों तक पहुंचने वाली यह यात्रा इस बात का प्रमाण है कि संगीत न केवल कला है, बल्कि यह समाज को जोड़ने और एकता का संदेश देने का भी माध्यम है।