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तुला राशि पर सफलता की मेहरबानी, नौकरी, व्यापार और पारिवारिक मामलों में मिल सकते हैं बड़े सकारात्मक संकेत

नई दिल्ली । जून माह का यह सप्ताह तुला राशि के जातकों के लिए कई क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम लेकर आने वाला माना जा रहा है। करियर, व्यापार, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में प्रगति के संकेत दिखाई दे रहे हैं। सप्ताह के दौरान कई ऐसे अवसर सामने आ सकते हैं जो भविष्य की सफलता का आधार बन सकते हैं। हालांकि कुछ मामलों में सावधानी और संतुलित निर्णय लेना भी आवश्यक रहेगा। व्यापारिक गतिविधियों के लिहाज से यह समय लाभकारी माना जा रहा है। साझेदारी में व्यवसाय करने वाले लोगों के बीच चल रहे पुराने मतभेद समाप्त हो सकते हैं, जिससे नए निवेश और विस्तार की संभावनाएं मजबूत होंगी। पारंपरिक और पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने के संकेत हैं। कारोबार में नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों को शामिल करने से कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा लंबे समय से चली आ रही कुछ व्यावसायिक चुनौतियों का समाधान निकल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी सप्ताह उत्साहजनक रह सकता है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होने की संभावना है। पेशेवर जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने के कारण प्रतिष्ठा और प्रभाव में वृद्धि हो सकती है। कुछ लोगों को आधिकारिक यात्राओं का अवसर मिल सकता है, जो भविष्य में करियर के लिए लाभदायक साबित होगा। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को भी नए अवसर प्राप्त होने के संकेत मिल रहे हैं। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समय मेहनत के सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। अध्ययन में एकाग्रता बनी रहेगी और प्रतिस्पर्धी वातावरण में बेहतर प्रदर्शन की संभावना दिखाई दे रही है। खेल और अन्य प्रतिभा आधारित क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को भी अपनी क्षमता साबित करने का अवसर मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में सामंजस्य और सहयोग का वातावरण बना रह सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच लंबे समय से चले आ रहे कुछ विवादों का समाधान निकलने की संभावना है। संतान पक्ष से सुखद समाचार मिल सकते हैं, जिससे घर में प्रसन्नता का माहौल रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम की योजना भी बन सकती है। प्रेम संबंधों के मामले में यह सप्ताह अनुकूल संकेत दे रहा है। जीवनसाथी या प्रेमी के साथ संबंधों में मधुरता बढ़ सकती है। आपसी समझ और संवाद बेहतर होने से रिश्तों में मजबूती आएगी। भावनात्मक स्तर पर भी संतोष और स्थिरता महसूस हो सकती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामान्य रूप से स्थिति संतुलित रहने की संभावना है। मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास अच्छा बना रहेगा। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करने से बचना चाहिए। विशेष रूप से शरीर में संक्रमण या पानी की कमी से जुड़ी समस्याओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। सामाजिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए भी यह सप्ताह महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। समाज सेवा, नेतृत्व या जनसंपर्क के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को सम्मान और पहचान मिलने के संकेत हैं। इससे उनके प्रभाव और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। कुल मिलाकर यह सप्ताह तुला राशि के जातकों के लिए अवसरों, उपलब्धियों और सकारात्मक बदलावों का संकेत देता है। सही समय पर सही निर्णय लेने से कई महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं, जबकि छोटी लापरवाही संभावित लाभ को प्रभावित कर सकती है।

वैश्विक मानकों की ओर बढ़ा भारत, नई पीपीआई प्रणाली से उद्योग और महंगाई विश्लेषण को मिलेगी नई मजबूती

नई दिल्ली । देश में महंगाई मापन प्रणाली को आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने नए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स फ्रेमवर्क को लागू किया है। इस बदलाव का अर्थशास्त्रियों, उद्योग संगठनों और बाजार विशेषज्ञों ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि नई व्यवस्था से मूल्य परिवर्तनों की निगरानी अधिक व्यापक और सटीक तरीके से की जा सकेगी, जिससे आर्थिक नीतियों के निर्माण में भी बेहतर सहायता मिलेगी। नई प्रणाली के तहत संशोधित थोक मूल्य सूचकांक के साथ आउटपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स, इनपुट प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स और सेवा क्षेत्र के लिए प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स को भी लागू किया गया है। इसके लिए वर्ष 2022-23 को आधार वर्ष बनाया गया है। यह बदलाव देश की मूल्य मापन प्रणाली में व्यापक सुधार का हिस्सा माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अब तक महंगाई का आकलन मुख्य रूप से थोक मूल्य सूचकांक और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर किया जाता था। नई व्यवस्था उद्योगों द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य परिवर्तनों को अधिक गहराई से समझने का अवसर प्रदान करेगी। इससे उत्पादन लागत, आपूर्ति श्रृंखला और बाजार में कीमतों के रुझानों का अधिक प्रभावी विश्लेषण संभव होगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह पहल भारत की सांख्यिकीय प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार्य मानकों के करीब ले जाएगी। विकसित अर्थव्यवस्थाओं में प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है और इसे मूल्य दबावों का प्रारंभिक संकेतक माना जाता है। ऐसे में भारत में इसका विस्तार आर्थिक विश्लेषण की गुणवत्ता को मजबूत करेगा। नई व्यवस्था के साथ सरकार अगले पांच वर्षों तक पुरानी और नई दोनों प्रणालियों के आंकड़े समानांतर रूप से जारी करेगी। इससे उद्योग, शोध संस्थान, वित्तीय संस्थाएं और नीति निर्माता नई प्रणाली को समझने तथा उसके अनुरूप अपने विश्लेषण को ढालने में सक्षम होंगे। विशेषज्ञों के अनुसार यह संक्रमण अवधि किसी भी प्रकार की व्यावहारिक कठिनाइयों को कम करने में मदद करेगी। इस बीच जारी आंकड़ों के अनुसार मई महीने में थोक महंगाई दर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। ईंधन और ऊर्जा क्षेत्र में कीमतों में तेजी इसका प्रमुख कारण रही है। कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस और अन्य ऊर्जा उत्पादों की लागत बढ़ने से उत्पादन और परिवहन संबंधी खर्चों पर दबाव बढ़ा है, जिसका प्रभाव थोक कीमतों में दिखाई दिया। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता और भू-राजनीतिक परिस्थितियां अभी भी मूल्य दबाव का प्रमुख स्रोत बनी हुई हैं। हालांकि हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बाद ऊर्जा कीमतों में कुछ नरमी देखने को मिली है, लेकिन अनिश्चितता पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। ऐसे में आने वाले महीनों में महंगाई की दिशा काफी हद तक वैश्विक बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगी। नई सीरीज के तहत वस्तुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व पहले की तुलना में अधिक व्यापक होगा। साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया में आधुनिक पद्धतियों और उत्पादन आधारित आंकड़ों को शामिल किया गया है, जिससे परिणामों की विश्वसनीयता बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स प्रणाली का विस्तार केवल सांख्यिकीय सुधार नहीं बल्कि आर्थिक प्रबंधन को अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे उद्योगों में लागत दबावों की पहचान समय रहते हो सकेगी और महंगाई से संबंधित जोखिमों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।

जबलपुर में महिला बिजनेस पार्टनर की गोली मारकर हत्या, युवक ने खुद को भी शूट किया; दोनों की मौत

मध्यप्रदेश । जबलपुर में सोमवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक युवक ने अपनी महिला बिजनेस पार्टनर की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को भी गोली मार ली। इस वारदात में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। शुरुआती जांच में मामला कारोबार और पैसों के लेनदेन से जुड़े विवाद का बताया जा रहा है। घटना गोरखपुर थाना क्षेत्र के राजू डुप्लेक्स के पास की है। मृतकों की पहचान शक्ति कोहली और दीपेश राठौर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दोनों ने कुछ समय पहले मिलकर एक ब्यूटी पार्लर सेंटर शुरू किया था और पिछले कई महीनों से पार्टनरशिप में काम कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर शक्ति अपने कमरे पर मौजूद थी, तभी दीपेश वहां पहुंचा। किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया, जो देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दीपेश ने पिस्टल निकालकर शक्ति पर गोली चला दी। गोली लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने खुद को भी गोली मार ली, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और इलाके को सील कर दिया गया। घटनास्थल से पुलिस ने हथियार सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। दोनों के मोबाइल फोन और दस्तावेज भी जांच के लिए कब्जे में लिए गए हैं। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जो साक्ष्य जुटा रही है। परिजनों के अनुसार, दोनों पिछले 6–7 महीनों से बिजनेस को लेकर लगातार संपर्क में थे, लेकिन बाद में विवाद बढ़ने लगा था। बताया गया कि युवक के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज थे, जिसकी जानकारी बाद में सामने आई। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही घटना के पीछे की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी।

शुजालपुर में वंदे भारत के सामने आए 3 गोवंश, बड़ा हादसा टला; 10 मिनट रुकी ट्रेन, फाटक बंद

मध्यप्रदेश । शुजालपुर रेलवे स्टेशन के पास सोमवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के सामने अचानक तीन गोवंश ट्रैक पर आ गए। ट्रेन की रफ्तार और स्थिति को देखते हुए लोको पायलट ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए ट्रेन को समय रहते रोक दिया, जिससे संभावित दुर्घटना टल गई। घटना के कारण वंदे भारत एक्सप्रेस को करीब 10 मिनट तक स्टेशन के पास ही रोकना पड़ा। ट्रेन रुकने के साथ ही रेलवे फाटक भी बंद हो गया, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ और फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यात्रियों और आम लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के भीतर यह दूसरी घटना है जब रेलवे ट्रैक पर गोवंश आ जाने से ट्रेनों के संचालन में बाधा उत्पन्न हुई है। इस तरह की घटनाओं के कारण न केवल ट्रेनों की समय-सारणी प्रभावित हो रही है, बल्कि रेलवे फाटकों पर भी लंबा जाम लग रहा है। रेलवे विभाग द्वारा ट्रैक की सुरक्षा के लिए कई स्थानों पर मेटल बाउंड्री बनाई गई है, लेकिन इसके बावजूद खुले में घूम रहे गोवंश ट्रैक तक पहुंच जाते हैं, जिससे इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में वंदे भारत ट्रेनों के सामने गोवंश आने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसके बाद रेलवे ने अतिरिक्त सुरक्षा उपायों और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Ramayana Controversy: रामायण पर कथित टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद, अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ तिरुपति अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज

 Ramayana Controversy: नई दिल्ली । अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर अपने एक कथित बयान को लेकर विवादों के केंद्र में आ गए हैं। रामायण और हिंदू देवी-देवताओं से जुड़ी उनकी कथित टिप्पणियों के खिलाफ तिरुपति की एक अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अभिनेता द्वारा सार्वजनिक मंचों पर दिए गए कुछ बयान धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं और समाज में अनावश्यक विवाद तथा तनाव की स्थिति पैदा कर सकते हैं। मामला उस समय चर्चा में आया जब एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने लगी। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस वीडियो में अभिनेता रामायण और उससे जुड़े प्रमुख पात्रों के संबंध में ऐसी टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें हिंदू समुदाय के एक वर्ग ने आपत्तिजनक माना है। वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न स्तरों पर प्रतिक्रिया सामने आई और विवाद ने कानूनी रूप ले लिया। रामायण पर कथित टिप्पणी को लेकर बढ़ा विवाद, अभिनेता प्रकाश राज के खिलाफ तिरुपति अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज शिकायत में कहा गया है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े प्रभावशाली व्यक्तियों को धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर टिप्पणी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। आरोप लगाया गया है कि संबंधित बयान न केवल धार्मिक मान्यताओं को प्रभावित करते हैं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर भी प्रतिकूल असर डाल सकते हैं। शिकायतकर्ता ने अदालत से मामले को गंभीरता से लेने और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया है। अदालत में दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में धार्मिक आस्थाओं का सम्मान बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में यदि किसी सार्वजनिक टिप्पणी से किसी समुदाय की भावनाएं आहत होती हैं, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता का मानना है कि इस मामले में तथ्यों की पड़ताल कर यह निर्धारित किया जाना आवश्यक है कि संबंधित बयान कानून के दायरे में किस प्रकार आते हैं। विवाद का एक पहलू यह भी है कि शिकायत में अभिनेता पर ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विषयों को लेकर विवादास्पद बहस को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस प्रकार के बयान समाज में अनावश्यक वैचारिक टकराव उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए मामले को केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का प्रश्न मानने के बजाय उसके व्यापक सामाजिक प्रभावों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। CONGRESS SMART METER PROTEST: ग्वालियर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, बोले-शिकायतें दूर करो, फिर लगाओ स्मार्ट मीटर कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, अदालत अब शिकायत में प्रस्तुत तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया किस प्रकार संचालित होगी। यदि अदालत प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार पाती है, तो संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करने या अन्य आवश्यक कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन को लेकर चल रही व्यापक बहस को भी एक बार फिर चर्चा में ले आया है। देश में समय-समय पर सार्वजनिक हस्तियों की टिप्पणियों को लेकर ऐसे विवाद सामने आते रहे हैं, जिनमें कानूनी और सामाजिक दोनों पहलुओं पर विमर्श होता है। फिलहाल मामला न्यायिक विचाराधीन प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है और सभी पक्षों की नजर अदालत की आगामी कार्रवाई पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में होने वाले कानूनी घटनाक्रम पर व्यापक ध्यान रहने की संभावना है।

Shujalpur Road Accident: शुजालपुर-आष्टा हाईवे पर सड़क की दरार में फंसकर बाइक गिरी, पति-पत्नी घायल; ट्रैक्टर ने बचाया बड़ा हादसा

  Shujalpur Road Accident: मध्यप्रदेश । शुजालपुर-आष्टा नेशनल हाईवे क्रमांक 752सी पर रविवार शाम एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया, जबकि बाइक सवार पति-पत्नी घायल हो गए। ग्राम अमलाय पत्थर स्थित अजमेरा फ्लोर मिल के पास सड़क के बीच बनी गहरी दरार में बाइक का अगला पहिया फंस गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। जानकारी के अनुसार, ग्राम निपानियाकला निवासी संतोष खाती अपनी पत्नी अनीता खाती (46) के साथ शुजालपुर से इलाज कराकर बाइक से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे अमलाय पत्थर के पास पहुंचे, सड़क की खराब स्थिति के कारण बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय पीछे से एक ट्रैक्टर-ट्राली भी आ रही थी। अचानक हुए हादसे को देखकर ट्रैक्टर चालक ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए ब्रेक लगाए और वाहन को सड़क किनारे मोड़ दिया, जिससे एक बड़ा और गंभीर हादसा होने से बच गया। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। एम्बुलेंस के ईएमटी प्रेम नारायण प्रजापति और पायलट कृष्ण पाल ने घायलों को प्राथमिक उपचार देकर शुजालपुर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि शुजालपुर-आष्टा हाईवे पर कई जगह सड़क की हालत खराब है। जगह-जगह दरारें और गड्ढे होने से वाहन चालकों को लगातार जोखिम उठाना पड़ रहा है। अमलाय पत्थर क्षेत्र में सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है, जिससे पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस मार्ग पर नियमित टोल वसूली के बावजूद सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

Vidisha Wall Collapse: विदिशा में कच्चे मकान की दीवार गिरने से 12 वर्षीय बच्चे की मौत, आंधी-बारिश से हादसा

  Vidisha Wall Collapse: मध्यप्रदेश । विदिशा जिले के ग्राम पांझ में रविवार को मौसम के अचानक बिगड़ने से एक दर्दनाक हादसा हो गया। तेज हवा और बारिश के बीच एक कच्चे मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके मलबे में दबकर 12 वर्षीय बालक सुमित अहिरवार की मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया है। जानकारी के अनुसार, घटना के समय इलाके में तेज आंधी के साथ लगातार बारिश हो रही थी। इसी दौरान मकान की कमजोर दीवार अचानक ढह गई और वहां मौजूद सुमित अहिरवार मलबे की चपेट में आ गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि उसे बचने का मौका भी नहीं मिला। परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और बच्चे को मलबे से बाहर निकालकर इलाज के लिए विदिशा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी और उसने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक सुमित अपने परिवार में सबसे छोटा था और दो भाइयों व तीन बहनों में शामिल था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है, जहां उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के चलते कच्चा मकान पहले से ही कमजोर था। अचानक दीवार गिरने से पूरा घर क्षतिग्रस्त हो गया और बच्चा उसी की चपेट में आ गया। बहन मुस्कान ने बताया कि घटना के बाद परिवार ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। थाना प्रभारी राजपाल सिंह जादौन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।

CONGRESS SMART METER PROTEST: ग्वालियर में स्मार्ट मीटर के खिलाफ सड़कों पर उतरी कांग्रेस, बोले-शिकायतें दूर करो, फिर लगाओ स्मार्ट मीटर

CONGRESS PROTEST

CONGRESS SMART METER PROTEST: ग्वालियर। शहर में स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर बढ़ रही नाराजगी सोमवार को सड़कों पर दिखाई दी। कांग्रेस ने स्मार्ट मीटरों के विरोध में नदी गेट से रोशनी घर बिजली कार्यालय तक रैली निकालकर प्रदर्शन किया और बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब तक स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक इन्हें लगाने की प्रक्रिया रोक दी जानी चाहिए। सीहोर बस स्टैंड पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने किया नेतृत्व प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में ज्यादा आने लगे हैं, जिससे आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कई उपभोक्ता लगातार बिजली बिलों को लेकर शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। Zepto से खरीदी Apple Watch को लेकर विवाद, वीर दास ने नकली उत्पाद मिलने का किया दावा; ग्राहकों को सतर्क रहने की सलाह सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप भी लगाया। नेताओं का कहना था कि जिन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि ऊर्जा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में यह प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। President Murmu Visit: 21 जून को कूनो पहुंचेंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, नेशनल पार्क का करेंगी भ्रमण अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन रैली नदी गेट से शुरू होकर रोशनी घर बिजली कार्यालय पहुंची, जहां कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि स्मार्ट मीटरों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समाधान होने तक नए मीटर लगाने पर रोक लगाई जाए। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा और पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई। हालांकि, प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ता वापस लौट गए।

आंधी-तूफान से सीहोर के 25 गांवों में बिजली संकट, बार-बार फाल्ट से लोग परेशान

मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के बिलकिसगंज क्षेत्र में बरखेड़ी विद्युत केंद्र से जुड़े लगभग 25 गांवों में आंधी-तूफान के चलते बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। तेज हवाओं और मौसम के बदलाव के कारण बार-बार विद्युत लाइनों में फाल्ट आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को लंबे समय तक अंधेरे में रहना पड़ रहा है। चंदेरी, नई चंदेरी, पिपलिया, ताकीपुर, शेरपुर, भगवानपुर, बड़नगर, आलमपुरा और बरखेड़ी सहित कई गांवों में हाल ही में रात के समय आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। ग्रामीणों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, लेकिन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण मरम्मत कार्य में काफी समय लग गया। ग्रामीणों का आरोप है कि रात की ड्यूटी में केवल एक या दो लाइनमैन ही तैनात रहते हैं, जिससे एक साथ कई स्थानों पर फाल्ट होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान कई बार संबंधित अधिकारी फोन नहीं उठाते, जिससे समस्या के समाधान में और देरी होती है। इससे ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी समस्या को लेकर किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिलकिसगंज रोड स्थित नई चंदेरी में विद्युत ट्रांसफार्मर के पास प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों ने शासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि बरखेड़ी सब स्टेशन क्षेत्र में अतिरिक्त लाइनमैन तैनात किए जाएं और आपात स्थिति में त्वरित सुधार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में रात 8 बजे हुए एक फाल्ट को सुधारने में लगभग 7 घंटे लग गए और बिजली रात 3 बजे के बाद ही बहाल हो सकी। इस देरी के कारण ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में रहना पड़ा और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आंधी-तूफान या आपात स्थिति में विशेष टीम, अतिरिक्त स्टाफ और वाहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में बिजली संकट की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

सोमवती अमावस्या पर आंवली घाट में उमड़ा आस्था का सैलाब, कई किलोमीटर लंबा जाम; 2 घंटे से रेंग रहे वाहन

मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के प्रसिद्ध नर्मदा तट आंवली घाट पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नर्मदा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह रही कि सुबह से ही हजारों श्रद्धालु आंवली घाट पहुंचने के लिए रवाना हो गए। बढ़ती भीड़ और वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण घाट तक पहुंचने वाले मुख्य मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिछले कई घंटों से वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। स्थिति ऐसी हो गई कि दोपहिया वाहन चालकों को भी निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। आंवली घाट को जोड़ने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तपती धूप और उमस भरे मौसम के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे अपने वाहनों में घंटों फंसे रहे। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे सुबह से ही जाम में फंसे हुए हैं और घाट तक पहुंचने में अपेक्षा से कहीं अधिक समय लग रहा है। कुछ लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग व्यवस्था की पहले से बेहतर तैयारी की जानी चाहिए थी। धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या का दिन अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तर्पण और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं तथा पीपल वृक्ष की परिक्रमा करती हैं। इसी आस्था के चलते नर्मदा तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। घाट क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक अमला तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही नाविकों और बचाव दलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घाट क्षेत्र में स्नान और दर्शन की व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। हालांकि, सड़क मार्ग पर बढ़ते वाहनों के दबाव ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिसकर्मी लगातार यातायात को नियंत्रित करने और जाम को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ के अनुसार यातायात को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वहीं स्थानीय नागरिकों का मानना है कि भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।